भार संघ v. अजय कुमार सिंसह @पप्पू

Supreme Court of India · 17 Oct 2023
वी. रामासुब्रमण्यन; पंकज क्रिमत्तल
एसएलपी (क्रि&.)संख्या 2351 वर्ष 2023
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court set aside the High Court's bail order for the main accused in a commercial quantity narcotics case, emphasizing strict compliance with Section 37 of the NDPS Act.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय क्षेत्राति कार
आपराति क अपील संख्या …………………. वर्ष 2023
[एसएलपी (क्रि&.)संख्या 2351 वर्ष 2023 से उत्पन्न]
भार संघ ... अपीलार्थी1
बनाम
अजय क
ु मार सिंसह @पप्पू … प्रति वादी
क्रिन र्ण य
न्यायमूर्ति पंकज क्रिमत्तल
JUDGMENT

1. अनुमति प्रदान की गई।

2. भार संघ की ओर से क्रिवद्वान अपर सॉलिलसिसटर जनरल सुश्री ऐश्वया भाटी, और प्रति वादी की ओर से क्रिवद्वान एडवोक े ट-ऑन रिरकॉड श्री क्रिदव्येश प्र ाप सिंसह उपस्थिWर्थी हुए।

3. भार संघ-अपीलार्थी1 ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर अंति म क्रिनर्णय और आदेश क्रिदनांक 17.10.2022 क े क्रिवरूद्ध यह अपील दायर की है, सिजसमें आपराति क प्रकीर्ण जमान आवेदन संख्या 21330/2022 की अनुमति दी गई है और प्रति वादी-आरोपी अजय क ु मार सिंसह उर्फ पप्पू को जमान पर रिरहा करने का क्रिनद_श क्रिदया गया है। उद्घोर्षर्णा “क्षेत्रीय भार्षा में अनुवाक्रिद क्रिनर्णय वादी क े अपनी भार्षा में समझने हे ु क्रिनबcति प्रयोग क े लिलए है और क्रिकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं क्रिकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, क्रिनर्णय का अंग्रेजी संWकरर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा क्रिनष्पादन और क्रि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"

4. प्रति वादी-आरोपी मुकदमा संख्या 1/2021 से उत्पन्न, मुकदमा संख्या 687/2021 में Wवापक और्षति और मन:प्रभावी पदार्थी अति क्रिनयम, 1985 (संक्षेप में 'एनडीपीएस एक्ट') की ारा 8/20/27-ए/29/32, पुलिलस र्थीाना- डी.आर.आई, वारार्णसी क े ह कणिर्थी रूप से शाक्रिमल है।

5. प्रति वादी-आरोपी को स ेंद्र क ु मार अंति ल बनाम क ें द्रीय जांच ब्यूरो और अन्य एसएलपी (क्रि&.)संख्या 5191/2021 (2022) एससीसी ऑनलाइन एससी 825 मामले में क्रिदनांक 11.07.2022 को पारिर इस न्यायालय क े र्फ ै सले क े आलोक में भार क े संक्रिव ान क े अनुच्छेद 21 क े बड़े शासनादेश को ध्यान में रख े हुए प्रति वादी-आरोपी को जमान पर रिरहा करने का क्रिनद_श क्रिदया गया है और मुख्य रूप से इस कारर्ण से क्रिक मुख्य आरोपी व्यक्रि{यों-ओम प्रकाश यादव और अक्रिम यादव को पहले ही जमान पर रिरहा क्रिकया जा चुका है।

6. चूंक्रिक प्रति वादी-आरोपी क्रिहरास में र्थीा और उसे जमान पर रिरहा करने का क्रिनद_श क्रिदया गया र्थीा, इस अदाल ने क्रिदनांक 13.02.2023 को क्रिवशेर्ष अनुमति यातिचका पर नोक्रिटस जारी कर े हुए एक अं रिरम आदेश पारिर क्रिकया सिजसमें उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेक्रिप आदेश Wर्थीक्रिग करने का क्रिनद_श क्रिदया गया र्थीा।

7. यह ध्यान रखना उतिच होगा क्रिक प्रति वादी-अणिभयु{ ने जांच में सहयोग नहीं क्रिकया और एक वर्ष से अति क समय क अपनी क्रिगरफ् ारी से बचा रहा र्थीा सिजसक े बाद उसे रायपुर क े एक रेW रां से क्रिगरफ् ार क्रिकया गया र्थीा।

8. संक्षेप में पृष्ठभूक्रिम क े थ्य यह हैं क्रिक राजWव खुक्रिर्फया क्रिनदेशालय (डीआरआई) वारार्णसी को क्रिदनांक 11.01.2021 को सूचना क्रिमली र्थीी क्रिक भारी मात्रा में नशीले पदार्थी "गांजा" को भद्राचलम (आंध्र प्रदेश) से वारार्णसी हो े हुए जौनपुर उत्तर प्रदेश क एक ट्रक में ले जाया जा सक ा है सिजसका रसिजWट्रेशन नंबर AP-05- W-8699 है। उ{ ति णिर्थी को शाम करीब 6 बजे उपरो{ ट्रक प्रयागराज की ओर जा ा हुआ क्रिदखाई क्रिदया और राजा ालाब क े पास से पकड़ लिलया गया। ट्रक चला रहे व्यक्रि{ ने अपना परिरचय सिजला बलिलया (उत्तर प्रदेश) क्रिनवासी ओम प्रकाश यादव क े रूप में क्रिदया। ट्रक में सवार दूसरे व्यक्रि{ ने अपना परिरचय अक्रिम यादव हेल्पर (खलासी) क े रूप में क्रिदया। शुरू में दोनों ने गांजे को ले जाने से इनकार क्रिकया और ब ाया क्रिक ट्रक में मवेणिशयों का चारा लदा हुआ है लेक्रिकन अति कारिरयों/पंचों और उपरो{ दो व्यक्रि{यों की मौजूदगी में लाशी लेने पर 6 पैक े ट और 135 प्लास्थिWटक की बोरी सिजसमें अलग-अलग आकार क े 1005 पैक े ट र्थीे, बरामद क्रिकए गए। उन्हें खोलने पर उनमें सूखे हरे भूरे रंग का घास जैसा पदार्थी क्रिमला जो गांजा प्र ी हो रहा र्थीा। जब् क्रिकए गए पैक े टों का वजन क्रिकया गया और उनका क ु ल वजन 3971.600 क्रिकलोग्राम पाया गया।

9. वाहन क े चालक ओम प्रकाश यादव ने खुलासा क्रिकया क्रिक वह जमशेदपुर क े क्रिबट्टू दादा क े खलासी क े रूप में सह-आरोपी अक्रिम यादव क े सार्थी ट्रक चला रहा र्थीा और बलिलया क े क्रिनवासी श्री राम प्रवेश यादव क े कहने पर वह जमशेदपुर गया र्थीा, जहां प्रति वादी-आरोपी क े परिरतिच ने उसे गांजा से लदा ट्रक की सुरतिक्ष तिडलीवरी क े बदले उसे 50,000/- रुपये क्रिदया र्थीा। उसने आगे ब ाया क्रिक प्रति वादी-आरोपी गांजे क े अवै व्यापार में लिलप्त है।

10. इसी रह की जानकारी खलासी अक्रिम यादव ने दी।

11. उपरो{ दो अणिभयु{ों द्वारा प्रकट की गई जानकारी से संक े क्रिमल ा है क्रिक वे दोनों प्रति वादी-आरोपी को जान े र्थीे और उन्होंने अवै गांजा ले जाने क े लिलए उससे सांठगांठ की र्थीी और वे प्रति वादी-आरोपी क े सार्थी उसक े मोबाइल पर सी े संपक में र्थीे।णिशकाय /एर्फआईआर और एनडीपीएस अति क्रिनयम की ारा 67 क े ह दज उपरो{ दो अणिभयु{ों क े बयानों से सामने आए थ्यों से प ा चल ा है क्रिक प्रति वादी-आरोपी गांजा में अवै व्यापार का सरगना और आयोजक है।

12. यह अणिभलिललिख है क्रिक प्रति वादी-अणिभयु{ अ ी में इसी रह क े अपरा ों में शाक्रिमल रहा है और उसक े लिखलार्फ कई मामले लंक्रिब हैं।

13. उपरो{ क े आलोक में, उपरो{ दोनों अणिभयु{ों - वाहन क े चालक और खलासी को जमान देना, प्रति वादी-अणिभयु{ को जमान देने का एक अच्छा और पयाप्त कारर्ण नहीं लग ा है।उपरो{ दो आरोपी मुख्य आरोपी नहीं हैं, बस्थिल्क प्रति वादी-अणिभयु{ क े प्रति क्रिनति एजेंट हैं, जो मादक पदार्थीŒ की Wकरी में मुख्य व्यक्रि{ हैं और उपरो{ अवै लेनदेन में शाक्रिमल र्थीे प्रति वादी-अणिभयु{ की भूक्रिमका चालक और खलासी, अन्य दो सह-अणिभयु{ों से Wपष्ट रूप से णिभन्न है।सह - आरोपी ओम प्रकाश यादव ने उच्च न्यायालय क े समक्ष अपनी जमान अज[1] क े समर्थीन में दायर अपने हलर्फनामे में प्रति वादी-अणिभयु{ की संलिलप्त ा और अवै व्यापार क े माWटरमाइंड क े रूप में उसकी भूक्रिमका को Wवीकार क्रिकया, जैसा क्रिक उसक े जमान पर रिरहा होने क े आदेश से Wपष्ट है।इसलिलए, अ: उ{ दोनों अणिभयु{ों को उसी रह जमान पर रिरहा करना उच्च न्यायालय द्वारा न्यायोतिच नहीं र्थीा।

14. इसक े अलावा, यह देखा गया है क्रिक उच्च न्यायालय ने जमान क े आक्षेक्रिप आदेश को पारिर कर े हुए एनडीपीएस अति क्रिनयम की ारा 37 को अनदेखा कर क्रिदया र्थीा, जो अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी यह प्राव ान कर ी है क्रिक वाणिर्णस्थिŽयक मात्रा से जुड़े क्रिकसी अपरा क े आरोपी व्यक्रि{ को ब क जमान पर रिरहा नहीं क्रिकया जाएगा जब क क्रिक उसमें क्रिन ारिर दोहरी श Œ को पूरा नहीं क्रिकया जा ा है, अर्थीा ्, (i) ) लोक अणिभयोजक को ज़मान आवेदन का क्रिवरो करने का अवसर क्रिदया गया हो; और (i) i) ) अदाल इस बा से सं ुष्ट है क्रिक यह मानने क े लिलए उतिच आ ार हैं क्रिक वह इस रह क े अपरा का दोर्षी नहीं है और जमान पर रह े हुए उसक े द्वारा ऐसा कोई अपरा करने की संभावना नहीं है।.

15. सुक्रिव ा क े लिलए ारा 37(1) को यहां नीचे पुन: प्रW ु क्रिकया जा रहा है:- "37. संज्ञेय और गैर-जमान ी होने वाले अपरा - (1) दंड प्रक्रि&या संक्रिह ा, 1973 (2/1974) में क्रिकसी बा क े हो े हुए भी - (क) इस अति क्रिनयम क े ह दंडनीय प्रत्येक अपरा संज्ञेय होगा; (ख) 2 [ ारा 19 या ारा 24 या ारा 27 क क े अ ीन अपरा ों और वाणिर्णस्थिŽयक मात्रा वाले अपरा ों क े लिलए भी] दंडनीय अपरा क े लिलए अणिभयु{ क्रिकसी व्यक्रि{ को जमान, उपक्रिनक्रिह करना पर या अपने बं पत्र पर ब क नहीं छोड़ा जाएगा जब क - (i) ) लोक अणिभयोजक को ऐसी रिरहाई क े लिलए आवेदन का क्रिवरो करने का अवसर क्रिदया गया हो, और जहां लोक अणिभयोजक आवेदन का क्रिवरो कर ा है, वहां न्यायालय का यह समा ान हो जा ा है क्रिक यह क्रिवश्वास करने क े लिलए युक्रि{यु{ आ ार हैं क्रिक वह इस रह क े अपरा का दोर्षी नहीं है और जमान पर रह े हुए उसक े द्वारा कोई अपरा करने की संभावना नहीं है।”

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16. उपरो{ प्राव ानों क े मद्देनजर, यह Wपष्ट है क्रिक नशीले पदार्थीŒ की व्यावसातियक मात्रा में व्यापार से जुड़े क्रिकसी अपरा का आरोपी व्यक्रि{ जमान पर रिरहा होने क े लिलए ब क उत्तरदायी नहीं है जब क क्रिक अदाल इस बा से सं ुष्ट न हो क्रिक यह क्रिवश्वास करने क े लिलए उतिच आ ार हैं क्रिक वह इस रह क े अपरा क े लिलए दोर्षी नहीं है और जमान पर रहने क े दौरान उसक े द्वारा कोई अपरा करने की संभावना नहीं है।

17. बरामद "गांजा" की मात्रा Wवीकाय रूप से व्यावसातियक मात्रा है। उच्च न्यायालय ने कोई क्रिनष्कर्ष दज नहीं क्रिकया है क्रिक प्रति वादी-आरोपी कणिर्थी अपरा का प्रर्थीम दृष्टया दोर्षी नहीं है और यह क्रिक जमान पर रिरहा होने पर उसक े उसी अपरा को करने की संभावना नहीं है, बस्थिल्क उसक े पूववृत्त इस बा का संक े हैं क्रिक वह एक क्रिनयक्रिम अपरा ी है।अदाल द्वारा इस रह की अणिभलेख क े अभाव में, हमारी राय है क्रिक उच्च न्यायालय ने प्रति वादी -आरोपी को जमान पर रिरहा करने में Wपष्ट रूप से गल ी की है।

18. पूव { थ्यों और परिरस्थिWर्थीति यों क े मद्देनजर और प्रति वादी अणिभयु{ को सौंपी गई भूक्रिमका और उसे जमान पर रिरहा करने में की गई अवै ा पर क्रिवचार कर े हुए, हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेक्रिप अंति म आदेश 17.10.2022 क्रिदनांक्रिक को अपाW कर े हैं और अपील की अनुमति दे े हैं।

19. अपील को अनुमति प्रदान की जा ी है। …………………………… [न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन] …………………………… [न्यायमूर्ति पंकज क्रिमत्तल] नई क्रिदल्ली;