Full Text
सव च्च न्यायालय क
े समक्ष
आपराति क अपीलीय क्षेत्राति कार
आपराति क अपील संख्या - .............. वर्ष 2023
(एस.एल.पी.(आ०) संख्या - 376/2023 से उत्पन्न)
महदूम बावा अपीलार्थी1 (गण)
बनाम
क
ें द्रीय अन्वेर्षण ब्यूरो प्रति वादी (गण)
क
े सार्थी
आपराति क अपील संख्या - ...........................वर्ष 2023
(एस.एल.पी.(आ०) संख्या - 1534/2023 से उत्पन्न)
(एस.एल.पी.(आ०) संख्या - 3002/2023 से उत्पन्न)
(एस.एल.पी.(आ०) संख्या - 3002/2023 से उत्पन्न) vLohdj.k
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
निनणय
माननीय न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन
अनुमति अनुदत्त की गई।
JUDGMENT
2. क ें द्रीय अन्वेर्षण ब्यूरो 1 द्वारा जांच की गई प्रार्थीनिमकी संख्या RC 219 2019 E0006 में आरोपी संख्या 2,3,10 और 14 ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय क े अनिOम जमान आवेदन को खारिरज करने वाले आदेश को चुनौ ी दे े हुए उपरोक्त अपीलें दायर की है।
3. हमने अपीलार्थिर्थीयों क े निवद्वान अति वक्ता एवं प्रत्यर्थी1-सीबीआई की ओर से उपस्थिZर्थी हुए निवद्व अपर सॉलिलसिसटर जनरल श्री निवक्रमजी बनज[1] को सुना।
4. इस वाद में प्रर्थीम सूचना रिरपोट 2 निदनांक 29.06.2019 को काप रेट बैक क े कहने पर भार ीय दण्ड संनिह ा की ारा 420,467,468,471 को ारा 120B क े सार्थी पनिe एवं भ्रष्टाचार निनवारण अति निनयम, 1988 की ारा 13 (1) (डी) क े ह कथिर्थी अपरा ों क े लिलए दज कराई की गई र्थीी। प्रार्थीनिमकी में निननिह आरोपों की गंभीर ा यह र्थीी निक मैसस नाफ्टोगैज इंतिडया प्राइवेट लिलनिमटेड नाम की एक क ं पनी भार ीय Zटेट बैंक क े ने ृत्व में बैंकों क े एक संघ से कु छ क्र े तिडट, सुनिव ाएं प्राप्त की; यह निक उक्त फ ै सिसलिलटी चल संपलित्तयों मूल्य क े रूप में और क ु छ अचल संपलित्तयों क े बं क क े रूप में बैक क े पास सुरतिक्ष र्थीीं; यह निक उक्त क ं पनी का खा ा 27.07.2012 क eीक से संचालिल निकया गया र्थीा, लेनिकन उसक े बाद अनिनयनिम ाएं निदखने लगी; यह निक खा े को 22.11.2012 को एनपीए क े रूप में वग1क ृ निकया गया, सिजसमें 92 करोड़ रुपये से अति क का 1 संक्षेप में सीबीआई 2 संक्षेप में, एफआईआर vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd बकाया शेर्ष र्थीा; यह निक बैंक द्वारा खा े को 03.02.2015 को ोखा ड़ी वाले खा े क े रूप में वग1क ृ कर निदया गया; ीसरे पक्ष क े गारंटरों द्वारा बैंक को निगरवी रखी गई संपलित्तयों में से एक बाद में गारंटरों क े दोर्षपूण दावा क े कारण मुकदमेबाजी में शानिमल पाई गई; यह निक एक और संपलित्त को लगभग मूल्य से कम पाया गया; यह निक क ं पनी ने बैंकों क े अध्यक्ष द्वारा काम पर रखे गए वैल्यूअस एवं अति वक्ताओं क े सार्थी सांeगांe क े द्वारा सासिजश रची गयी र्थीी; और इसलिलए क ं पनी क े प्रमोटरों/निनदेशकों, गारंटरों क े सार्थी-सार्थी ऋण की मंजूरी में शानिमल लोग थिशकाय निकए गए अपरा ों क े लिलए दोर्षी र्थीे।
5. हालांनिक प्रार्थीनिमकी 29.06.2019 को दज की गई र्थीी, लेनिकन निकसी भी आरोपी को कभी भी प्रति वादी-सीबीआई द्वारा निहरास में नहीं लिलया गया र्थीा। एैसा प्र ी हो ा है निक सभी अथिभयुक्त जाँच में सस्थिyमलिल हो गये है एवं प्रत्यर्थी1 क े सार्थी क े सार्थी सहयोग कर रहे है।इसलिलए जांच पूरी होने क े बाद सीबीआई ने 31.12.2021 को अंति म रिरपोट दालिखल की।
6. सीबीआई द्वारा 31.12.2021 को अंति म रिरपोट दालिखल करने क े बाद, निवशेर्ष अदाल ने 07.03.2022 को आरोपी की उपस्थिZर्थीति ी क े लिलए सyमन जारी निकया।इसलिलए निगरफ् ारी की आशंका में, अपीलक ाओं ने अनिOम जमान क े लिलए आवेदन निकया।निवशेर्ष अदाल ने इन आवेदनों को खारिरज कर निदया र्थीा और उच्चन्यायालय ने भी खारिरज करने क े आदेश की पुनिष्ट की र्थीी।इसलिलए अपीलक ा इस न्यायालय क े समक्ष हैं।
7. आरोपी संख्या 2, अर्थीा ् श्री महदूम बावा, जो इन अपीलों में से एक में अपीलक ा है को क ं पनी का प्रव क/निनदेशक कहा गया गया है और वह कथिर्थी रूप से सरगना कहा गया गया है।आरोपी संख्या 3, अर्थीा ् श्री दीपक गुप्ता एक ीसरा पक्ष है सिजसने कथिर्थी रूप से अपनी निनजी गारंटी दी है.सिजस अचल संपलित्त vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd पर श्री दीपक गुप्ता ने दावा निकया र्थीा, उसे प्रति भूति क े रूप में पेश निकया गया र्थीा। अथिभयोजन क े अनुसार, श्री दीपक गुप्ता ने फज[1] दZ ावहजों क े आ ार पर संपलित्त पर मालिलकाना हक का दावा निकया और यह निक वह निगरवी रखने से पहले ही उनक े क े द्वारा संपलित्त क े क ु छ निहZसों को बेचा जा चुका र्थीा।
8. आरोपी संख्या 10 क े रूप में श्री आकाश गुप्ता पर आरोप है निक उसने आरोपी संख्या 2 क े सार्थी निमलकर फज[1] निबल और नकली लॉरी रसीदें बनाई, ानिक क ं पनी को निबलों में छ ू ट निमल सक े ।आरोपी है निक श्री य ीश शमा ने एक मेसस श्री रा े ट्रेडस का खा ा संचालिल निकया र्थीा, सिजसे अOवाल ट्रेडस नाम अर्थीा ् एक अन्य फम क े खा े से एक बड़ी राथिश हZ ां रिर की गई र्थीी।यह आरोप लगाया गया र्थीा निक सिजन मोबाइल फोन क े नंबरों का उल्लेख मेसस अOवाल ट्रेडस क े रसीद में निकया गया र्थीा, उनका उपयोग श्री य ीश शमा द्वारा निकया जा रहा र्थीा।
9. पूव क्त आरोपों क े बल पर, जो निनति} रूप से गंभीर प्रक ृ ति क े हैं, अनिOम जमान क े लिलए अति वक्ता की प्रार्थीना का निवद्व अति रिरक्त सॉलिलसिसटर जनरल द्वारा जोरदार निवरो निकया जा ा है।लेनिकन हमारे निवचार में कम से कम ीन कारक हैं जो यहां अपीलार्थिर्थीयों पक्ष में हैं।वे हैंः- - (i) यह Zवीकार निकया जा ा है निक सीबीआई को 29 जून, 2019 (प्रार्थीनिमकी दज करने की ति थिर्थी) से लेकर 31 निदसंबर, 2021 (अंति म रिरपोट दालिखल करने की ति थिर्थी ) क की जांच अवति क े दौरान अपीलक ाओं से निहरास में पूछ ाछ करने की आवश्यक ा नहीं र्थीी। इसलिलए इस क को Oहण करना करना मुस्थिश्कल है निक इस Z र पर अपीलार्थिर्थीयों की निगरफ ारी की आवश्यक ा हो सक ी है (ii) उच्च न्यायालय क े समक्ष दालिखल जवाब/प्रत्युत्तर में सीबीआई ने Zपष्ट रुख अपनाया र्थीा निक न्यायालय ने क े वल सyमन जारी निकया र्थीा न निक vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd आरोपी की उपस्थिZर्थीति क े लिलए वारंट जारी निकया र्थीा। श्री दीपक गुप्ता क े मामलें में सीबीआई ने निवशेर्ष अदाल क े समक्ष अपना पक्ष रखा र्थीा वहां जांच क े समय आरोपी की उपस्थिZर्थीति आवश्यक नहीं है लेनिकन निवचारण की सुनवायी क े लिलए आवश्यक है एवं उसक े प}ा उसे उपस्थिZर्थी रहना चानिहए। इसलिलए सीबीआई चाह ी र्थीी निक निवचारण में आरोपी को पेश निकया जाए। ऐसी परिरस्थिZर्थीति यों में, इस Z र पर अनिOम जमान अनुरो का निवरो करना उतिच नहीं हो सक ा है और ऐसा प्र ी हो ा है निक ये आवेदन 2009-10 से 2012-13 की अवति क े दौरान निकए गए। (iii) सभी लेन-देन, सिजनमें से थिशकाय की गई र्थीी, रिरकाड में उपस्थिZर्थी अथिभलेख से प्रमाथिण हो े हैं। जब प्रारस्थिyभक ध्यान दZ ावेज़ी प्रमाण पर है ो हम यह समझने में निवफल हैं निक अपीलक ाओं को अब निगरफ् ार क्यों निकया जाना चानिहए।
10. इससे भी महत्वपूण बा यह है निक अपीलक ा को निगरफ़् ार करना, सीबीआई क े आज्ञा पर नहीं बस्थिल्क निवचारण न्यायालय की आज्ञा पर पकड़ना चानिहए। यही कारण है निक देश क े क ु छ निहZसों में ऐसा प्र ी हो ा है निक अदाल ों द्वारा अथिभयुक्तों को सिजस क्षण वे सyमन आदेश क े जवाब में उपस्थिZर्थी हो े हैं उसी समय निहरास में भेजने की प्रर्थीा का पालन निकया जा ा है। इस रह की शनिक्त की यर्थीार्थी ा का परीक्षण उतिच मामले में निकया जाना चानिहए। उपस्थिZर्थी लोगों क े लिलए यह अंनिक करना पयाप्त है निक यह सीबीआई नहीं है जो उनकी निहरास की मांग कर रही है, लेनिकन अपीलक ाओं को आशंका है निक उन्हें निवचारण न्यायालय द्वारा निहरास में भेजा जा सक ा है और इसलिलए वे सुरक्षा चाह े हैं। इन अपीलों क े भाग्य का निनणय कर े समय हमें इसे ध्यान में रखना चानिहए। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd
11. मुख्य अति वक्ता महदूम बावा क े मामला में, निवद्व अपर महासालिलसिसटर द्वारा निदया गया एक अति रिरक्त क यह र्थीा निक वह ग्यारह अन्य मामलों में शानिमल र्थीा। लेनिकन उन ग्यारह मामलों की सारणी से प ा चल ा है निक उन ग्यारह मामलों में से सा परक्राyय लिलख अति निनयम, 1881 की ारा 138 क े अं ग थिशकाय ें हैं और उन सा मामलों में से ीन वाZ व में अं -पक्षीय हैं और बैंक क े कहने पर नहीं है। आeवां मामला आयकर अति ाकरी द्वारा दायर की गई थिशकाय का है और यह टीडीएस मात्रा का भुग ान नहीं करने से संबंति है। बचे हुए ीन मामले सीबीआई द्वारा दायर निकए गए मामले हैं, सभी उत्पन्न अपीलों से ही उसकी निवर्षय वZ ु है।
12. पूव क्त को ध्यान में रख े हुए, हमारा यह सुनिवचारिर म है निक अपीलार्थी1 उस स्थिZर्थीति में जमान पर छोड़े जाने का हकदार है जब न्यायालय उन्हें जेल वापसी में प्रति प्रेनिर्ष करने का निवकल्प चुन ा है, जब वे समन करने क े आदेश क े उत्तर में उपस्थिZर्थी हो े हैं।इसलिलए, अपील को अनुमति दी जा ी है और अपीलक ाओं को उनकी निगरफ् ारी की स्थिZर्थीति में जमान पर रिरहा करने का निनदˆश निदया जा ा है, जो निक निवशेर्ष न्यायालय द्वारा लगाए गए निनयमों और श ‰ क े अ ीन है, सिजसमें पासपोट क े समपण की श भी शानिमल है। यनिद कोई लंनिब आवेदन (आवेदनों) है ो उसका निनZ ारण दनुसार निकया जा ा है। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ………………………………. (न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन) ………………………………. (न्यायमूर्ति पंकज निमत्तल) नई निदल्ली, 20 माच, 2023. vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd मद संख्या 1501 न्यायालय संख्या 15 अनुभाग – Ii भ ा र ी य स व च्च न् य ा य ल य कायवाही क े अथिभलेख अपील (आपराति क) सं. 376/2023 क े लिलए निवेशेर्ष अनुमति यातिचका (इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर सीआरएमएबीए संख्या 4251/2022 में निदनांक 14-12-2022 क े आक्षेनिप अंति म निनणय और आदेश से उत्पन्न) महदूम बावा यातिचकाक ा (गण) बनाम क ें द्रीय अन्वेर्षण ब्यूरो प्रति वादी (गण) (आई.ए नं. 4828/2023 में आक्षेनिप आदेश क े लिलए सी/सी को दालिखल करने से छ ू ट आइ.ए नं - 7526/2023 फाइल करने की अति रिरक्त दZ ावेजों/ थ्यों/अनुलग्नकों को अनुमति ) आइ.ए नं. - 7530/2023 फाइल करने की अति रिरक्त क े सार्थी एस.एल.पी (आ०) संख्या - 1534/2023(II) vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd (आई.ए नं. 23014/2023-फाइल करने की अति रिरक्त एस.एल.पी (आ०) संख्या 3002/2023 (II) दालिखल करने क े लिलए एवं आइ.आर. एवं आइ ए संख्या - 46726/2023 आक्षेनिप आदेश क े लिलए सी/सी फाइल करने क े लिलए छ ू ट एस.एल.पी (आ०) संख्या 3027/2023 (II) दालिखल करने क े लिलए एवं आइ.आर. एवं आइ ए संख्या - 47085/2023 आक्षेनिप आदेश क े लिलए सी/सी फाइल करने क े लिलए छ ू ट ारीखः 20-03-2023 में इन मामलों को आज निनणय सुनाने क े लिलए बुलाया गया र्थीा। यातिचकाक ा (गण) क े लिलए श्री नागेंद्र सिंसह, अति वक्ता श्री आशीर्ष पांडे, अति वक्ता श्री आकाश, अति वक्ता श्री नमन राज सिंसह, अति वक्ता श्री आकाश चौ री, अति वक्ता श्री आशु ोर्ष भारद्वाज, अति वक्ता श्री प्र ीक राय, अति वक्ता श्री शुभम सक्सेना, अति वक्ता श्री निवश्वपाल सिंसह, एओआर vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd श्री अंशुमान सिसन्हा, अति वक्ता श्री निवजय क ु मार पांडे, अति वक्ता श्री निवनय प्रकाश, अति वक्ता श्री निनति न क ु मार सिसन्हा, एओआर श्री उदयन सिसन्हा, अति वक्ता श्री हेमं मोर, अति वक्ता श्री निववेक शमा, एओआर श्री सिसद्धार्थी खट्टर, अति वक्ता श्री वीरेश बी. सहारिरया, एओआर श्री अक्ष अOवाल, अति वक्ता श्री आकाश जैन, अति वक्ता प्रत्यर्थी1(गण) क े लिलए - श्री अरविंवद क ु मार शमा, ए.ओ.आर माननीय न्यायमूर्ति श्री वी. रामासुब्रमण्यन ने पीe का अप्रति वेद्य निनणय सुनाया सिजसमें माननीय न्याया ीश महोदय Zवयं एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री पंकज निमत्तल र्थीे। अनुमति अनुदत्त की गई। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd अपीलों को हZ ाक्षरिर गैर-प्रति वेद्य क े संदभ में अनुमति दी जा ी है। निनणय का प्रभावी भाग इस प्रकार है-"इसलिलए, अपीलों को अनुमति दी जा ी है एवं अपीलार्थिर्थीयों को जमान में छोड़ने क े लिलए निनदˆथिश निकया जा ा है जो निवशेर्ष न्यायालय द्वारा अति रोनिप निनयमों एवं स्थिZर्थीति क े अ ीन है सिजसक े ह उन्हें पासपोट कायालय में जमा करना होगा। लंनिब आवेदन, यनिद कोई हो, निनZ ारिर निकए जा े है। (रा ा शमा) (रेणु बाला गंभीर) कोट माZटर (एसएच) कोट माZटर (एनएसएच) (हZ ाक्षरिर अप्रति वेद्य निनणय फाइल पर रखा गया है) vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd