Bhoomi Adhijan Collector v. Ashok Kumar

Supreme Court of India · 13 Mar 2023
M. R. Shah; C. T. Ravikumar
Civil Appeal No. 482 of 2023
(2020) 8 SCC 129
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that acquisition proceedings pending under the 1894 Act are not deemed to have lapsed under Section 24(2) of the 2013 Act if possession was prevented by stay orders before the new Act's commencement.

Full Text
Translation output
ĤǓतवेɮय
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
ͧसͪवल अपीलȣय अͬधकाǐरता
ͧसͪवल अपील सं. 482/2023
(@ͪव.अ.या.(ͧस) 1866/2023)
(@डायरȣ सं 29470/2021)
भूͧम अज[न कलेÈटर व अÛय ....अपीलाथȸ(गण)
बनाम
अशोक क
ु मार व अÛय ....Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
Ûया., एम.आर. शाह
JUDGMENT

1. नई Ǒदãलȣ िèथत Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा ǐरट याͬचका (ͧस) सं. 3581/2015 मɅ पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य एवं आदेश से असंतुçट तथा åयͬथत होकर, िजसक े ɮवारा उÍच Ûयायालय ने उÈत ǐरट याͬचका को मंजूर ͩकया है और घोषणा कȧ है ͩक Ĥæनगत भूͧम का अͬधĒहण भूͧम अज[न, पुनवा[सन और पुनåय[वèथापन मɅ उͬचत ĤǓतकर और पारदͧश[ता का अͬधकार अͬधǓनयम 2013 (िजसे इसमɅ इसक े बाद अͬधǓनयम, 2013 क े Ǿप मɅ संदͧभ[त ͩकया गया है) कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाएगा, भूͧम अज[न कलेÈटर व अÛय ने वत[मान अपील दायर कȧ है।

2. संबंͬधत प¢कारɉ कȧ ओर से पेश होने वाले ͪवɮवान अͬधवÈता को सुनकर तथा उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश को पढ़ने पर यह देखा जा सकता है ͩक उÍच Ûयायालय ने इस आधार पर ͩक न तो Ĥæनगत भूͧम का कÞजा ͧलया गया था और न हȣ मुआवजा Ǒदया गया था/भुगतान ͩकया गया था और (2014) 3 एससीसी 183 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत पुणे नगर Ǔनगम व अÛय बनाम हरकचंद ͧमͧसǐरमल सोलंकȧ व अÛय, क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े पहले क े Ǔनण[य और ǐरट याͬचका (ͧस) सं. 1393/2014 मɅ Ǒदनांक 23.09.2014 को Ǔनͨण[त £ानेÛġ ͧसंह व अÛय बनाम भारत संघ व अÛय क े मामले मɅ उÍच Ûयायालय क े Ǔनण[य पर भरोसा करते हुए आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश ɮवारा यह घोͪषत ͩकया है ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण åयपगत माना जाता है।

3. हालांͩक, यह Úयान Ǒदए जाने कȧ आवæयकता है ͩक उÍच Ûयायालय क े सम¢ यह अपीलाथȸ(गण) कȧ ओर से ͪवͧशçट मामला था और आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश क े अनुÍछेद 4 मɅ उÍच Ûयायालय ɮवारा इस Ĥकार अͧभͧलͨखत ͩकया गया था ͩक ǐरट याͬचकाओं, िजनमɅ रोक आदेश जारȣ था, मɅ पाǐरत रोक आदेश क े Ĥवत[न क े कारण भौǓतक कÞजा नहȣं ͧलया जा सका था। उÍच Ûयायालय ने यह भी कहा है ͩक “यह एक èवीकृ त िèथǓत है ͩक रोक आदेश Ǒदनांक 01.01.2014 तक लागू रहा, जब 2013 अͬधǓनयम Ĥभावी हुआ।” (2020) 8 एससीसी 129 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण बनाम मनोहरलाल व अÛय क े मामले मɅ इस Ûयायालय कȧ संͪवधान पीठ ɮवारा अनुछेद 366 मɅ Ǔनàनͧलͨखत Ǿप से मत åयÈत ͩकया गया है:- "366. उपयु[Èत चचा[ को Úयान मɅ रखते हुए, हम Ĥæनɉ का Ǔनàनͧलͨखत उƣर देते हɇ:-

366.1. धारा 24(1)(क) क े Ĥावधानɉ क े अंतग[त यǑद 2013 क े अͬधǓनयम क े लागू होने कȧ तारȣख 1-1- 2014 को अͬधǓनण[य नहȣं ͩकया जाता है तो काय[वाहȣ मɅ कोई åयपगमन नहȣं होगा। मुआवजे का Ǔनधा[रण 2013 क े Ĥावधानɉ क े तहत ͩकया जाना होगा।

366.2. यǑद अͬधǓनण[य Ûयायालय क े अंतǐरम आदेश क े दायरे मɅ आने वालȣ अवͬध को छोड़कर पांच साल कȧ अवͬध क े भीतर पाǐरत ͩकया गया है, तो 1894 अͬधǓनयम क े तहत 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(1)(ख) क े तहत काय[वाहȣ जारȣ रहेगी ऐसा मानते हुए ͩक इसे Ǔनरèत नहȣं ͩकया गया हो।

366.3. धारा 24(2) मɅ कÞजे और मुआवजे क े बीच उपयोग ͩकए गए "या" शÞद को "न हȣ" क े Ǿप मɅ अथवा "और" क े Ǿप मɅ पढ़ा जाना चाǑहए। वष[ 2013 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत भूͧम अͬधĒहण कȧ कार[वाई का åयपगमन उस िèथǓत मɅ समझा जाता है, जब उÈत अͬधǓनयम क े लागू होने से पहले पांच वष[ या उससे अͬधक समय तक अͬधकाǐरयɉ कȧ ǓनिçĐयता क े कारण भूͧम का कÞजा नहȣं ͧलया गया हो और न हȣ मुआवजा Ǒदया गया हो। दूसरे शÞदɉ मɅ, यǑद कÞजा ले ͧलया गया है, मुआवजा नहȣं Ǒदया गया है तो कोई åयपगमन नहȣं होता है। इसी तरह, अगर मुआवजा Ǒदया गया है, कÞजा नहȣं ͧलया गया है तो कोई åयपगमन नहȣं होता है। 366.[4] 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े मुÉय भाग मɅ "भुगतान" शÞद मɅ Ûयायालय मɅ मुआवजे को जमा करना शाͧमल नहȣं है। धारा 24(2) क े परंतुक मɅ जमा नहȣं करने क े पǐरणाम का Ĥावधान है, यǑद अͬधकांश भूͧम जोतɉ क े संबंध मɅ इसे जमा नहȣं ͩकया गया है तो 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 4 क े तहत भूͧम अͬधĒहण क े ͧलए अͬधसूचना कȧ तारȣख तक सभी लाभाथȸ (भूͧम माͧलक) 2013 अͬधǓनयम क े Ĥावधानɉ क े अनुसार मुआवजे क े हकदार हɉगे। यǑद भूͧम अͬधĒहण अͬधǓनयम, 1894 कȧ धारा 31 क े तहत बाÚयता पूरȣ नहȣं कȧ गई है, तो उÈत अͬधǓनयम कȧ धारा 34 क े तहत Þयाज Ǒदया जा सकता है। मुआवजा जमा न करने (Ûयायालय मɅ) क े पǐरणामèवǾप भूͧम अͬधĒहण कȧ काय[वाहȣ का åयपगमन नहȣं होता है। पांच वष[ या उससे अͬधक अवͬध क े ͧलए अͬधकांश जोत क े संबंध मɅ जमा न करने कȧ िèथǓत मɅ, 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 4 क े तहत भूͧम अͬधĒहण क े ͧलए अͬधसूचना कȧ तारȣख तक "भूèवाͧमयɉ" को 2013 अͬधǓनयम क े तहत मुआवजे का भुगतान ͩकया जाए।

366.5. यǑद ͩकसी åयिÈत को 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 31(1) क े Ĥावधान क े अनुसार मुआवजा Ǒदया गया है, तो वह यह दावा करने क े ͧलए èवतंğ नहȣं है ͩक मुआवजे का भुगतान न करने या Ûयायालय मɅ मुआवजा जमा न करने क े कारण धारा 24(2) क े तहत अͬधĒहण का åयपगमन हो गया है। भुगतान करने कȧ बाÚयता धारा 31(1) क े तहत राͧश को Ĥदान करक े पूरȣ हो जाती है। िजन भू-èवाͧमयɉ ने मुआवजा लेने से इनकार कर Ǒदया था या िजÛहɉने अͬधक मुआवजे क े ͧलए ͧसफाǐरश ͩकए कȧ मांग कȧ थी, वे यह दावा नहȣं कर सकते ͩक 2013 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत अͬधĒहण कȧ ĤͩĐया का åयपगमन हो गया था।

366.6. 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े परÛतुक को धारा 24(2) क े भाग क े Ǿप मɅ माना जाना है, धारा 24(1)(ख) का भाग नहȣं।

366.7. 1894 अͬधǓनयम क े तहत और जैसा ͩक धारा 24(2) क े तहत Ĥèताͪवत है, कÞजा लेने का तरȣका पंचनामा/£ापन Ĥèतुत करने क े ɮवारा है। एक बार 1894 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 16 क े तहत कÞजा लेने पर अͬधǓनण[य पाǐरत हो जाने क े बाद, भूͧम राÏय मɅ ǓनǑहत हो जाती है, 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत कोई ǓनǓनǑह[तीकरण का Ĥावधान नहȣं है, Èयɉͩक एक बार कÞजा लेने क े बाद धारा 24(2) क े तहत कोई åयपगमन नहȣं है।

366.8. काय[वाǑहयɉ क े समझे गए åयपगमन को Ĥèताͪवत करने वाले धारा 24(2) क े Ĥावधान उस िèथǓत मɅ लागू होते हɇ जब Ǒदनांक 1-1-2014 तक संबंͬधत Ĥाͬधकारȣ क े पास भूͧम अͬधĒहण हेतु लंǒबत एक काय[वाहȣ मɅ Ĥाͬधकारȣगण अपनी ǓनिçĐयता क े कारण 2013 क े लागू होने से पूव[ पांच साल या उससे अͬधक समय तक कÞजा लेने और मुआवजे का भुगतान करने मɅ ͪवफल रहे हɉ। Ûयायालय ɮवारा पाǐरत अंतǐरम आदेशɉ क े अिèत×व कȧ अवͬध को पांच वष[ कȧ गणना मɅ न जोड़ा जाए।

366.9. 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) भूͧम अͬधĒहण कȧ पूण[ हो चुकȧ काय[वाहȣ कȧ वैधता पर सवाल उठाने क े ͧलए नए वाद हेतुक को जÛम नहȣं देती है। धारा 24, 2013 अͬधǓनयम क े लागू होने कȧ Ǔतͬथ अथा[त 1-1-2014 को लंǒबत ͩकसी काय[वाहȣ क े ͧलए लागू होती है। यह न तो पुराने और समयबɮध दावɉ को पुनजȸͪवत करती है और न हȣ पूण[ हो चुकȧ काय[वाहȣ को ͩफर से शुǾ करती है और न हȣ भूͧम माͧलकɉ को अͬधĒहण को अवैध घोͪषत करने क े ͧलए अदालत क े बजाय Ěेजरȣ मɅ मुआवजे को जमा करने क े तरȣक े कȧ वैधता पर सवाल उठाने कȧ अनुमǓत देती है।”

4. इस Ĥकार, इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (उपरोÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय कȧ संͪवधान पीठ क े Ǔनण[य क े अनुसार उस अवͬध को िजस दौरान रोक आदेश लागू था बाहर रखा जाना है।

5. इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (उपरोÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय ɮवारा अͬधकͬथत ͪवͬध को मामले क े तØयɉ पर लागू करते हुए और ͪवशेष Ǿप से, जब अͬधǓनयम, 2013 लागू हुआ, तब भी रोक आदेश का Ĥवत[न जारȣ रहा और िजसक े कारण Ĥæनगत भूͧम का कÞजा नहȣं ͧलया जा सका, अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 24(2) क े तहत कोई åयपगमन नहȣं माना जाएगा।

6. अब जहां तक उÍच Ûयायालय ɮवारा पुणे नगर Ǔनगम (उपरोÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[य और £ानेÛġ ͧसंह (उपरोÈत) क े मामले मɅ उÍच Ûयायालय क े Ǔनण[य पर Ǔनभ[रता का संबंध है, पुणे नगर Ǔनगम (उपरोÈत) क े Ǔनण[य को इस Ûयायालय कȧ संͪवधान पीठ ने इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (उपरोÈत) क े मामले मɅ उलट Ǒदया है। £ानेÛġ ͧसंह (उपरोÈत) क े मामले मɅ उÍच Ûयायालय का Ǔनण[य इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (उपरोÈत) क े Ǔनण[य क े ठȤक ͪवपरȣत है। इसͧलए, उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य व आदेश Ǒटकाऊ नहȣं है तथा इसे अपाèत व दरͩकनार ͩकया जाना चाǑहए।

7. उपरोÈत को Úयान मɅ रखते हुए और ऊपर बताए गए कारणɉ से, वत[मान अपील सफल होती है। उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत ͩकए गए आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश िजसमɅ ǐरट याͬचका को अनुमǓत Ĥदान कȧ गई है और यह घोͪषत ͩकया गया है ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाए, को एतɮ ɮवारा अपाèत व दरͩकनार ͩकया जाता है। उÍच Ûयायालय क े सम¢ मूल ǐरट याͬचका खाǐरज कȧ जाती है। अͬधǓनयम, 2013 कȧ खंड 24(2) क े तहत Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को åयपगत नहȣं माना जाएगा। तदनुसार वत[मान अपील को मंजूर ͩकया जाता है। कोई जुमा[ना नहȣं। लंǒबत आवेदन, यǑद कोई हɉ, का भी Ǔनपटान ͩकया जाता है।.............................Ûया. [एम. आर. शाह].............................Ûया. [सी. टȣ. रͪवक ु मार] नई Ǒदãलȣ; 13 माच[, 2023। (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।