State of Rajasthan v. Dayanand & Ors.

Supreme Court of India · 13 Mar 2023 · 2023 INSC 219
M. R. Shah; C. T. Ravikumar
Civil Appeal No. 481 of 2023 @ SLP (Crl) No. 1865 of 2023
2023 INSC 219
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court clarified that under Section 24(2) of the 2013 Land Acquisition Act, acquisition of vested land is deemed complete only if possession was taken or compensation was paid/deposited within five years prior to the Act's commencement, and non-payment or non-collection of compensation alone does not suffice for deemed acquisition.

Full Text
Translation output
ĤǓतवेɮय
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
ͧसͪवल अपीलȣय अͬधकाǐरता
ͧसͪवल अपील सं. 481/2023
(@ͪव.अ.या.(ͧस) 1865/2023)
(@डायरȣ सं 28109/2021)
रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ सरकार व अÛय ....अपीलाथȸ(गण)
बनाम
दयानंद व अÛय ....Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
Ûया., एम.आर. शाह
JUDGMENT

1. नई Ǒदãलȣ िèथत Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा ǐरट याͬचका (ͧस) सं. 1754/2015 मɅ पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य एवं आदेश से असंतुçट तथा åयͬथत होकर, िजसक े ɮवारा उÍच Ûयायालय ने उÈत ǐरट याͬचका को मंजूर ͩकया है और घोषणा कȧ है ͩक Ĥæनगत भूͧम का अͬधĒहण भूͧम अज[न, पुनवा[सन और पुनåय[वèथापन मɅ उͬचत 2023 INSC 219 ĤǓतकर और पारदͧश[ता का अͬधकार अͬधǓनयम 2013 (िजसे इसमɅ इसक े बाद अͬधǓनयम, 2013 क े Ǿप मɅ संदͧभ[त ͩकया गया है) कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाएगा, रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ सरकार व अÛय ने वत[मान अपील दायर कȧ है।

2. उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश से और उÍच Ûयायालय क े सम¢ भूͧम अज[न कलेÈटर (एलएसी) ɮवारा दाͨखल ĤǓत-शपथपğ से, िजसे उÍच Ûयायालय ɮवारा आ¢ेͪपत Ǔनण[य क े अनुÍछेद 3 मɅ पुनः Ĥèतुत ͩकया गया है, एलएसी कȧ ओर से यह ͪवͧशçट मामला था ͩक खसरा संÉया 115 (1-0) मɅ शाͧमल क ु ल भूͧम मɅ से 19 ǒबèवा का कÞजा ͧलया गया था, लेͩकन शेष 01 ǒबèवा का कÞजा Ǔनमा[ण क े कारण नहȣं ͧलया जा सका। एलएसी कȧ ओर से यह भी मामला था ͩक अͬधǓनण[य घोͪषत ͩकए जाने क े बाद मूल ǐरट याͬचकाकता[ को भूͧम अज[न अͬधǓनयम, 1894 (भू.अ. अͬधǓनयम) कȧ धारा 12(2) क े तहत मुआवजा राͧश एकğ करने क े ͧलए 27.02.2009 Ǒदनांͩकत पंजीकृ त पोèट सं. 4065 क े ɮवारा नोǑटस जारȣ ͩकया गया था, और जब वह मुआवजा लेने नहȣं आया, तो इसे राजèव जमा क े ͧलए भेजा गया था। इस Ĥकार, एलएसी क े अनुसार अͬधĒǑहत भूͧम क े अͬधकांश Ǒहèसे का कÞजा उपरोÈत क े बावजूद Ǒदनांक 13.04.2009 को कÞजे कȧ काय[वाहȣ करक े और पुणे नगर Ǔनगम और एक अÛय बनाम हरकचंद ͧमͧसǐरमल सोलंकȧ और अÛय, (2014) 3 एससीसी 183 क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े पहले क े Ǔनण[य पर भरोसा करक े ͧलया गया था, उÍच Ûयायालय ने ǐरट याͬचका मंजूर कȧ और यह कहते हुए ͩक “यɮयͪप Ĥ×यथȸ संÉया 2/एलएसी का दावा है ͩक भूͧम क े बड़े Ǒहèसे, अथा[त 19 ǒबèवा, क े संबंध मɅ कÞजा ͧलया गया था, इस बात का कोई èपçट बयान नहȣं है ͩक मुआवजे का भुगतान कानून, जो लागू होने योÊय घोͪषत है अथा[त पुणे नगर Ǔनगम (पूवȾÈत) क े मामले मɅ, क े अनुसार ͩकया गया था” घोषणा कȧ ͩक भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाता है। 2.[1] पुणे नगर Ǔनगम (पूवȾÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[य, िजस पर उÍच Ûयायालय ɮवारा आ¢ेͪपत Ǔनण[य व आदेश पाǐरत करते समय भरोसा जताया गया है, को इस Ûयायालय कȧ संͪवधान पीठ ɮवारा (2020) 8 एससीसी 129 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण बनाम मनोहरलाल व अÛय क े मामले मɅ उलट Ǒदया गया है। अनुछेद 365 और 366 मɅ इस Ûयायालय ɮवारा Ǔनàनͧलͨखत Ǿप से मत åयÈत ͩकया गया और अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया गया है:- "365. पǐरणामतः, पुणे नगर Ǔनगम [पुणे नगर Ǔनगम बनाम हरकचंद ͧमͧसǐरमल सोलंकȧ, (2014) 3 एससीसी 183] मɅ Ǒदए गए Ǔनण[य को एतɮ ɮवारा पलट Ǒदया जाता है तथा अÛय सभी Ǔनण[य, िजनमɅ पुणे नगर Ǔनगम [पुणे नगर Ǔनगम बनाम हरकचंद ͧमͧसǐरमल सोलंकȧ, (2014) 3 एससीसी 183] का अनुसरण ͩकया गया है, को भी पलट Ǒदया जाता है। Įी बालाजी नगर आवासीय संगठन [Įी बालाजी नगर आवासीय संगठन बनाम तͧमल नाडु राÏय, (2015) 3 एस. सी. सी. 353] क े Ǔनण[य वाले मामले मɅ यह नहȣं कहा जा सकता ͩक यह Ǔनण[य अÍछȤ ͪवͬध अͬधकͬथत कर रहा है, उसे उलट Ǒदया गया है और इसका अनुसरण करते अÛय Ǔनण[य भी पलटे जाते हɇ। इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण बनाम शैलेÛġ [(2018) 3 एससीसी 412] क े मामले मɅ, धारा 24(2) क े परंतुक क े संबंध क े पहलू मɅ और Èया 'या' को “न तो” क े Ǿप मɅ पढ़ा जाना चाǑहए अथवा 'या' 'क े Ǿप मɅ पढ़ा जाना चाǑहए को ͪवचार क े ͧलए नहȣं रखा गया था। इसͧलए, यह Ǔनण[य भी वत[मान Ǔनण[य मɅ चचा[ क े आलोक मɅ माÛय नहȣं हो सकता है।

366. उपयु[Èत चचा[ को Úयान मɅ रखते हुए, हम Ĥæनɉ का Ǔनàनͧलͨखत उƣर देते हɇ:-

366.1. धारा 24(1)(क) क े Ĥावधानɉ क े अंतग[त यǑद 2013 क े अͬधǓनयम क े लागू होने कȧ तारȣख 1-1- 2014 को अͬधǓनण[य नहȣं ͩकया जाता है तो काय[वाहȣ मɅ कोई åयपगमन नहȣं होगा। मुआवजे का Ǔनधा[रण 2013 क े Ĥावधानɉ क े तहत ͩकया जाना होगा।

366.2. यǑद अͬधǓनण[य Ûयायालय क े अंतǐरम आदेश क े दायरे मɅ आने वालȣ अवͬध को छोड़कर पांच साल कȧ अवͬध क े भीतर पाǐरत ͩकया गया है, तो 1894 अͬधǓनयम क े तहत 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(1)(ख) क े तहत काय[वाहȣ जारȣ रहेगी ऐसा मानते हुए ͩक इसे Ǔनरèत नहȣं ͩकया गया हो।

366.3. धारा 24(2) मɅ कÞजे और मुआवजे क े बीच उपयोग ͩकए गए "या" शÞद को "न हȣ" क े Ǿप मɅ अथवा "और" क े Ǿप मɅ पढ़ा जाना चाǑहए। वष[ 2013 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत भूͧम अͬधĒहण कȧ कार[वाई का åयपगमन उस िèथǓत मɅ समझा जाता है, जब उÈत अͬधǓनयम क े लागू होने से पहले पांच वष[ या उससे अͬधक समय तक अͬधकाǐरयɉ कȧ ǓनिçĐयता क े कारण भूͧम का कÞजा नहȣं ͧलया गया हो और न हȣ मुआवजा Ǒदया गया हो। दूसरे शÞदɉ मɅ, यǑद कÞजा ले ͧलया गया है, मुआवजा नहȣं Ǒदया गया है तो कोई åयपगमन नहȣं होता है। इसी तरह, अगर मुआवजा Ǒदया गया है, कÞजा नहȣं ͧलया गया है तो कोई åयपगमन नहȣं होता है। 366.[4] 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े मुÉय भाग मɅ "भुगतान" शÞद मɅ Ûयायालय मɅ मुआवजे को जमा करना शाͧमल नहȣं है। धारा 24(2) क े परंतुक मɅ जमा नहȣं करने क े पǐरणाम का Ĥावधान है, यǑद अͬधकांश भूͧम जोतɉ क े संबंध मɅ इसे जमा नहȣं ͩकया गया है तो 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 4 क े तहत भूͧम अͬधĒहण क े ͧलए अͬधसूचना कȧ तारȣख तक सभी लाभाथȸ (भूͧम माͧलक) 2013 अͬधǓनयम क े Ĥावधानɉ क े अनुसार मुआवजे क े हकदार हɉगे। यǑद भूͧम अͬधĒहण अͬधǓनयम, 1894 कȧ धारा 31 क े तहत बाÚयता पूरȣ नहȣं कȧ गई है, तो उÈत अͬधǓनयम कȧ धारा 34 क े तहत Þयाज Ǒदया जा सकता है। मुआवजा जमा न करने (Ûयायालय मɅ) क े पǐरणामèवǾप भूͧम अͬधĒहण कȧ काय[वाहȣ का åयपगमन नहȣं होता है। पांच वष[ या उससे अͬधक अवͬध क े ͧलए अͬधकांश जोत क े संबंध मɅ जमा न करने कȧ िèथǓत मɅ, 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 4 क े तहत भूͧम अͬधĒहण क े ͧलए अͬधसूचना कȧ तारȣख तक "भूèवाͧमयɉ" को 2013 अͬधǓनयम क े तहत मुआवजे का भुगतान ͩकया जाए।

366.5. यǑद ͩकसी åयिÈत को 1894 अͬधǓनयम कȧ धारा 31(1) क े Ĥावधान क े अनुसार मुआवजा Ǒदया गया है, तो वह यह दावा करने क े ͧलए èवतंğ नहȣं है ͩक मुआवजे का भुगतान न करने या Ûयायालय मɅ मुआवजा जमा न करने क े कारण धारा 24(2) क े तहत अͬधĒहण का åयपगमन हो गया है। भुगतान करने कȧ बाÚयता धारा 31(1) क े तहत राͧश को Ĥदान करक े पूरȣ हो जाती है। िजन भू-èवाͧमयɉ ने मुआवजा लेने से इनकार कर Ǒदया था या िजÛहɉने अͬधक मुआवजे क े ͧलए ͧसफाǐरश ͩकए कȧ मांग कȧ थी, वे यह दावा नहȣं कर सकते ͩक 2013 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत अͬधĒहण कȧ ĤͩĐया का åयपगमन हो गया था।

366.6. 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े परÛतुक को धारा 24(2) क े भाग क े Ǿप मɅ माना जाना है, धारा 24(1)(ख) का भाग नहȣं।

366.7. 1894 अͬधǓनयम क े तहत और जैसा ͩक धारा 24(2) क े तहत Ĥèताͪवत है, कÞजा लेने का तरȣका पंचनामा/£ापन Ĥèतुत करने क े ɮवारा है। एक बार 1894 क े अͬधǓनयम कȧ धारा 16 क े तहत कÞजा लेने पर अͬधǓनण[य पाǐरत हो जाने क े बाद, भूͧम राÏय मɅ ǓनǑहत हो जाती है, 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) क े तहत कोई ǓनǓनǑह[तीकरण का Ĥावधान नहȣं है, Èयɉͩक एक बार कÞजा लेने क े बाद धारा 24(2) क े तहत कोई åयपगमन नहȣं है।

366.8. काय[वाǑहयɉ क े समझे गए åयपगमन को Ĥèताͪवत करने वाले धारा 24(2) क े Ĥावधान उस िèथǓत मɅ लागू होते हɇ जब Ǒदनांक 1-1-2014 तक संबंͬधत Ĥाͬधकारȣ क े पास भूͧम अͬधĒहण हेतु लंǒबत एक काय[वाहȣ मɅ Ĥाͬधकारȣगण अपनी ǓनिçĐयता क े कारण 2013 क े लागू होने से पूव[ पांच साल या उससे अͬधक समय तक कÞजा लेने और मुआवजे का भुगतान करने मɅ ͪवफल रहे हɉ। Ûयायालय ɮवारा पाǐरत अंतǐरम आदेशɉ क े अिèत×व कȧ अवͬध को पांच वष[ कȧ गणना मɅ न जोड़ा जाए।

366.9. 2013 अͬधǓनयम कȧ धारा 24(2) भूͧम अͬधĒहण कȧ पूण[ हो चुकȧ काय[वाहȣ कȧ वैधता पर सवाल उठाने क े ͧलए नए वाद हेतुक को जÛम नहȣं देती है। धारा 24, 2013 अͬधǓनयम क े लागू होने कȧ Ǔतͬथ अथा[त 1-1-2014 को लंǒबत ͩकसी काय[वाहȣ क े ͧलए लागू होती है। यह न तो पुराने और समयबɮध दावɉ को पुनजȸͪवत करती है और न हȣ पूण[ हो चुकȧ काय[वाहȣ को ͩफर से शुǾ करती है और न हȣ भूͧम माͧलकɉ को अͬधĒहण को अवैध घोͪषत करने क े ͧलए अदालत क े बजाय Ěेजरȣ मɅ मुआवजे को जमा करने क े तरȣक े कȧ वैधता पर सवाल उठाने कȧ अनुमǓत देती है।”

3. अÛयथा भी, यह Úयान Ǒदए जाने कȧ आवæयकता है ͩक वत[मान मामले मɅ भूͧम क े बड़े Ǒहèसे क े संबंध मɅ कÞजा ͧलया गया था, अथा[त् 20 ǒबèवा मɅ से 19 ǒबèवा और एक (01) ǒबèवा का कÞजा Ǔनमा[ण क े कारण नहȣं ͧलया जा सका था। यहां तक ͩक मूल ǐरट याͬचकाकता[ को भू.अ. अͬधǓनयम कȧ धारा 12(2) क े तहत पंजीकृ त पोèट सं. 4065 Ǒदनांͩकत 27.02.2009 क े ɮवारा नोǑटस जारȣ ͩकया गया था, हालांͩक, जब मूल ǐरट याͬचकाकता[ मुआवजा एकğ करने क े ͧलए नहȣं आया, तो इसे राजèव जमा क े ͧलए भेज Ǒदया गया। एक बार जब भू.अ. अͬधǓनयम कȧ धारा 12(2) क े तहत नोǑटस जारȣ कर Ǒदया गया और मूल ǐरट याͬचकाकता[ पर तामील ͩकया गया और उसे मुआवजा एकğ करने क े ͧलए कहा गया और उसक े बाद, जब वह मुआवजा एकğ करने नहȣं आया और तब मुआवजा राजèव जमा क े ͧलए भेज Ǒदया गया, उसक े बाद मूल ǐरट याͬचकाकता[ यह तक [ देने क े ͧलए èवतंğ नहȣं होगा ͩक Èयɉͩक मुआवजे का भुगतान नहȣं ͩकया गया है, अͬधĒहण कȧ काय[वाहȣ åयपगत मानी जाए। मूल ǐरट याͬचकाकता[ को अपने èवयं क े आचरण/दोष का लाभ उठाने कȧ अनुमǓत नहȣं दȣ जा सकती है।

4. इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (उपरोÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय ɮवारा अͬधकͬथत ͪवͬध को लागू करते हुए और उपरोÈत तØयɉ पर ͪवचार करते हुए और ͪवशेष Ǿप से, जब Ĥæनगत भूͧम का अͬधकांश Ǒहèसा Ǒदनांक 13.04.2009 को कÞजे कȧ काय[वाहȣ, जो इंदौर ͪवकास Ĥाͬधकरण (पूवȾÈत) क े मामले मɅ उͬचत मानी गई हɇ, करक े ले ͧलया गया था और इस तØय को Úयान मɅ रखते हुए ͩक भू.अ. अͬधǓनयम कȧ धारा 12(2) क े तहत नोǑटस जारȣ ͩकया गया था और मूल ǐरट याͬचकाकता[ पर तामील ͩकया गया था, लेͩकन उसने मुआवजा नहȣं ͧलया और इसͧलए, इसे ͩफर से राजèव जमा क े ͧलए भेजा गया था, उÍच Ûयायालय ɮवारा यह घोͪषत करते हुए ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को åयपगत माना जाता है पाǐरत ͩकया गया आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश Ǒटकाऊ नहȣं है।

5. उपरोÈत को Úयान मɅ रखते हुए और ऊपर बताए गए कारणɉ से, वत[मान अपील सफल होती है। उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत ͩकए गए आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश िजसमɅ ǐरट याͬचका को अनुमǓत Ĥदान कȧ गई है और यह घोͪषत ͩकया गया है ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाए, को एतɮ ɮवारा अपाèत व दरͩकनार ͩकया जाता है। उÍच Ûयायालय क े सम¢ मूल ǐरट याͬचका खाǐरज कȧ जाती है। अͬधǓनयम, 2013 कȧ खंड 24(2) क े तहत Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को åयपगत नहȣं माना जाएगा। तदनुसार वत[मान अपील को मंजूर ͩकया जाता है। कोई जुमा[ना नहȣं। लंǒबत आवेदन, यǑद कोई हɉ, का भी Ǔनपटान ͩकया जाता है।.............................Ûया. [एम. आर. शाह].............................Ûया. [सी. टȣ. रͪवक ु मार] नई Ǒदãलȣ; 13 माच[, 2023। (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।