Commissioner of Trade Tax v. Kumar Paints and Vimal Store

Supreme Court of India · 02 Mar 2023 · 2023 INSC 193
S. Ravindra Bhat; Deepankar Datta
Civil Appeal Nos. 5937, 5938, 5939 of 2011
tax appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that mixing base paint with colorants does not amount to manufacture under the Uttar Pradesh Trade Tax Act, dismissing the state's appeal and affirming the High Court's ruling.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
दीवानी अपील संख्या 5937 वर्ष% 2011
व्यापार कर आयुक्त .....अपीलार्थी/(गण)
बनाम
मैसस% क
ु मार पेंट्स और विमल स्टोर द्वारा प्रोपराइटर ..... प्रत्यर्थी/ (गण)

े सार्थी
दीवानी अपील संख्या 5938 वर्ष% 2011
दीवानी अपील संख्या 5939 वर्ष% 2011
विनण%य
न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट
JUDGMENT

1. इन सभी अपीलों में सिEस प्रश्न का विनवेदन विकया गया है, वह उच्च न्यायालय क े दृविKकोण की सत्य ा है विक व %मान मामले में उत्पाद सिEस प्रविMया से गुEरा - यानी, विवभिभन्न रंगों क े सार्थी बेस पेंट का विमश्रण-एक 'नया' उत्पाद नहीं र्थीा, और इसलिलए उत्तर प्रदेश व्यापार कर अति विनयम, 1948 ("अति विनयम") की ारा 2 (ई) (आई) क े ह परिरभाविर्ष 'विनमा%ण' की प्रविMया का परिरणाम नहीं र्थीा। अस्वीकरण: “क्षेत्रीय भार्षा में अनुवाविद विनण%य वादी क े अपनी भार्षा में समझने हे ु विनब^ति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया Eा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण%य का अंग्रेEी संस्करण प्रामाभिणक माना Eाएगा र्थीा विनष्पादन और विMयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" 2023 INSC 193

2. अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी इन सभी मामलों में थ्य यह है विक विन ा%रिर ी पेंट क े व्यापारी हो े हैं। राEस्व ने क % विदया विक रंगों की विबMी Eो विमश्रण (डी. टी. एस. मशीन की सहाय ा से एक कम्प्यूटरीक ृ प्रविMया क े माध्यम से) से गुEरी र्थीी 'विनमा%ण' क े बराबर र्थीी, सिEसक े परिरणामस्वरूप एक नया उत्पाद हुआ, Eो करा ान की एक नई घटना र्थीी। दूसरी ओर विन ा%रिर ी ने क % विदया विक प्रति विमश्रण 'विनमा%ण' क े बराबर नहीं है, और स्र्थीाविप सिसद्धां ों क े अनुप्रयोग पर, इस प्रविMया से कोई नया पहचानने योग्य उत्पाद या वस् ु सामने नहीं आई है।यह अभिभलेख में है विक बेस पेंट और कलरेंट दोनों पर अलग-अलग कर लगाया Eा ा है।

3. उच्च न्यायालय ने विपछली बार विन ा%रिर ी की दलीलों को स्वीकार विकया र्थीा और कहा र्थीा विक यह प्रविMया 'विनमा%ण' क े बराबर नहीं है। क ु छ मामलों में राEस्व की अपील पर, इस न्यायालय ने विवशेर्षज्ञ की राय को ध्यान में रख े हुए मामले को नए सिसरे से विवचार क े लिलए भेE विदया र्थीा। प्रविMया का अवलोकन विकया गया और हरकोट% बटलर कनीकी विवश्वविवद्यालय, कानपुर द्वारा रिरपोट% 20.01.2004 विदनांविक Eारी की गई। उक्त रिरपोट% में यह कहा गया हैः- “इसलिलए, "पॉइंट ऑफ़ सेल" टिंटटिंटग सिसस्टम में उपयोग विकया Eाने वाला बेस पेंट, वांभिछ शेड या रंग प्राप्त करने क े लिलए विकसी भी रंग को Eोड़ने क े बावEूद एक पेंट है। यह पेंट क े रूप में है और इसमें बुविनयादी सामग्री और विवशेर्ष ाएँ हैं। टिंटटिंटग कोई नया या अलग उत्पाद नहीं बना ा है।बेस पेंट का उपयोग पेंट क े रूप में भी विकया Eा सक ा है।"

4. आक्षेविप आदेश में, उच्च न्यायालय ने महाराK्र राज्य बनाम महालक्ष्मी स्टोर (2003) 1 एस. सी. सी. 70 मामले में इस न्यायालय क े एक विनण%य को नोविटस अस्वीकरण: करने क े बाद अव ारिर विकया विक व %मान मामले में शाविमल प्रविMया 'विनमा%ण' क े बराबर नहीं है। उच्च न्यायालय ने सोनभद्र फ्यूल्स बनाम आयुक्त व्यापार कर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ (2006) 7 एस. सी. सी. 322 मामले में भी विनण%य को स्पK विकया। इसलिलए, उच्च न्यायालय ने उसक े समक्ष दायर संशो नों की अनुमति दी।

5. राEस्व ने विनवेदन विकया विक आक्षेविप आदेश में विनष्कर्ष% गल हैं, और यह क % देने क े लिलए सोनभद्र फ्यूल्स (उपरोक्त) पर अवलम्ब लिलया विक उच्च न्यायालय इस न्यायालय क े विनण%य से बाध्य र्थीा क्योंविक यह सी े उसी अति विनयम में 'विनमा%ण' अभिभव्यविक्त की व्याख्या पर र्थीा। सोनभद्र फ्यूल्स मामले में, न्यायालय ने विवचार विकया र्थीा विक क्या कोयले की ई ं टें 'कोयले' क े सामान्य विववरण क े सार्थी आ ी हैं। इस न्यायालय ने अव ारिर विकया विक इस प्रविMया में विमक्स विकये हुए कोयले को वि„क े टिंटग प्रेस में अच्छी रह दबाकर और उपयुक्त रीक े से बाँ कर विमलाया Eा ा र्थीा, सिEससे विनयविम आकार क े वि„क े ट को उपयुक्त रूप से काब%नीक ृ विकया Eा ा र्थीा।इस प्रविMया को 'विनमा%ण' क े बराबर माना Eा ा र्थीा।

6. अति विनयम क े ह 'विनमा%ण' की परिरभार्षा इस प्रकार हैः- "2 (ई-1) 'विवविनमा%ण' का अर्थी% है विकसी भी वस् ु का उत्पादन, विनमा%ण, खनन, संग्रह, विनष्कर्ष%ण, परिरव %न, अलंकरण, परिरष्करण या अन्यर्थीा प्रसंस्करण, उपचार या अनुक ू लन करना; लेविकन इसमें ऐसी विवविनमा%ण या विवविनमा%ण प्रविMयाएं शाविमल नहीं हैं Eो विन ा%रिर की Eाएं।"

7. महालक्ष्मी स्टोर (उपरोक्त) मामले में इस न्यायालय द्वारा विदये गये विपछले विनण%य Eैसे विक विबMी कर आयुक्त बनाम विपयो फ ू ड पैकस% (1980) सप्लीमेंट्री अस्वीकरण: एससीसी 174, और चौगुले एंड क ं पनी (पी) लिलविमटेड बनाम यूविनयन ऑफ इंतिडया (1981) 1 एससीसी 653 पर अवलम्ब लिलया है विक विनमा%ण प्रविMया अलग-अलग हो सक ी है, और हर प्रकार की विवविव ा क े उत्पादन की प्रविMया, या माल की विफविनशिंशग, क़ानून में विनविह 'विनमा%ण' की श्रेणी में नहीं आएगी, Eब क विक इसक े परिरणामस्वरूप एक नई वाभिणज्यिज्यक वस् ु का उदय न हो।

8. सोनभद्र मामले में, इस न्यायालय ने अपने समक्ष मामले क े थ्यों का फ ै सला कर े हुए 'विनमा%ण' क े संदभ% में विदए गए बड़ी संख्या में विनण%यों का हवाला विदया। इस अदाल ने विवशेर्ष रूप से यूविनयन ऑफ इंतिडया वी विदल्ली क्लॉर्थी एंड Eनरल विमल्स (1963) सप्लीमेंट्री 1 एससीआर 586 में अव ारिर विकया विक 'विनमा%ण' का म लब एक 'नया' पदार्थी% बनाना है और इसका म लब क े वल पदार्थी% में कु छ बदलाव लाना नहीं है। महालक्ष्मी स्टोर मामले में, यह अव ारिर विकया गया र्थीा विक माल का प्रसंस्करण या परिरव %न/परिरष्करण स्वयं विनमा%ण क े बराबर नहीं होगा Eब क विक इसक े परिरणामस्वरूप एक नई वाभिणज्यिज्यक वस् ु सामने ना आये। एज्यिस्पनवॉल एंड क ं पनी लिलविमटेड बनाम आयकर आयुक्त, एना%क ु लम (2001) 7 एस. सी. सी. 525 में विनण%य इसी सिसद्धां का पालन कर ा है।न्यायालय ने अव ारिर विकया विक विनमा%ण को आम बोलचाल की भार्षा में समझा Eाना चाविहए और इसका म लब कच्चे या ैयार माल से उपयोग क े लिलए वस् ुओं को रूप, गुण या संयोEन देकर उत्पादन करना है। हालांविक, महत्वपूण% रूप से यह अव ारिर विकया गया र्थीा विक यविद वस् ु में विकए गए परिरव %न क े परिरणामस्वरूप 'नया' और 'अलग' वस् ु हो ा है, ो यह 'विनमा%ण' क े सम ुल्य होगा।इसलिलए विनणा%यक टिंबदु यह है विक प्रविMया का परिरणाम ('विनमा%ण' क े बराबर) एक व्यावसातियक रूप से पहचाने Eाने योग्य नई वस् ु का उद्भव होना चाविहए, न विक क े वल मौEूदा वस् ु क े परिरव %न से। अस्वीकरण:

9. व %मान मामले में, विवशेर्षज्ञ क े साक्ष्य क े आ ार पर विनष्कर्ष% यह है विक बेस पेंट को एक संयोEक क े रूप में रंग क े सार्थी विमलाया गया र्थीा। इन दोनों पर कर लग ा र्थीा। परिरणामी वस् ु यानी एक अलग प्रकार का रंग, एक नए वाभिणज्यिज्यक उत्पाद में परिरणाम नहीं दे ा है।आम बोलचाल में, नया उत्पाद 'पेंट' क े अलावा और क ु छ नहीं र्थीा, और एक अलग वस् ु नहीं र्थीा।

10. इस न्यायालय की राय में, इन परिरज्यिस्र्थीति यों में उच्च न्यायालय ने त्रुविट नहीं की।इसलिलए अपीलें विवफल हो ी हैं और खारिरE की Eा ी हैं।लंविब आवेदन, यविद कोई हों, का विनस् ारण कर विदया Eाएगा। लाग क े बारे में कोई आदेश नहीं होगा। ………………………………….. [न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट] ………………………………….. [न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता] नई विदल्ली 02 माच%, 2023 अस्वीकरण: