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Delhi High Court · 01 Mar 2023
Sudhanshu Dhulia; Manoj Misra
Criminal Appeal Nos. 657-664/2023
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that a complaint under Section 138 NI Act cannot be dismissed solely for complainant's absence if sufficient evidence is on record, and remanded the matter for fresh consideration applying the proviso to Section 256(1) CrPC.

Full Text
Translation output
ĤǓतवेɮय
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
आपराͬधक अपीलȣय अͬधकाǐरता
आपराͬधक अपील सं. 657-664/2023
(ͪव.अ.या.(आपराͬधक)सं.867-874/2020 से उɮभूत)
मैसस[ बीएलएस इÛĥाèĚÈचर ͧलͧमटेड ....अपीलाथȸ(गण)
बनाम
मैसस[ राजवंत ͧसंह और अÛय ....Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
Ûया., मनोज ͧमĮा
JUDGMENT

1. अनुमǓत ĤदाǓनत|

2. ये अपीलɅ ͪवशेष अनुमǓत याͬचकाओं क े माÚयम से Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा महानगर मिजèĚेट-04 (एनआई अͬधǓनयम)/दͯ¢ण पूव[, साक े त Ûयायालय, नई Ǒदãलȣ (संͯ¢Üत ‘ͪवɮवत मिजèĚेट’ क े ͧलए) क े Ǒदनांक 25.01.2019 क े ͧशकायतकता[ (यहाँ अपीलकता[) कȧ गैर उͪपिèथǓत क े ͧलए आपराͬधक ͧशकायत संÉया 621744/16,1718/16, 1276/16, 1277/16, 621743/16, 621742/16, 12742/17, 12744/17 खाǐरज करने क े आदेश क े ͨखलाफ अपीलकता[ ɮवारा दायर 2019 क े आप.अनु.या. संÉया 315 से 322 को खाǐरज करने वाले Ǒदनांक 07.11.2019 क े Ǔनण[य और आदेश क े ͨखलाफ Ǔनदȶͧशत हɇ।

3. इन अपीलɉ मɅ हमारे ͪवचार क े ͧलए जो छोटा सवाल उठता है वह यह है ͩक Èया मामले क े तØयɉ मɅ, ͪवɮवत मिजèĚेट ɮवारा ͧशकायतकता[ कȧ गैर-हािजरȣ क े ͧलए आपराͬधक ͧशकायतɉ को खाǐरज करना उͬचत था, भले हȣ ͧशकायतकता[ का बयान दज[ ͩकया गया था और Ǒदनांक 26.10.2017 क े ͪवɮवत मिजèĚेट क े आदेश ɮवारा, ͧशकायतकता[ क े साêय को र¢ा साêय को अͧभͧलͨखत करने क े ͧलए मामले को सूचीबɮध करने क े Ǔनदȶश क े साथ और साथ हȣ ͧशकायतकता[ ɮवारा दायर ͩकये गए दंड ĤͩĐया संǑहता, 1973 (सं¢ेप मɅ संǑहता) कȧ धारा 311 क े तहत आवेदन पर ͪवचार करने क े ͧलए भी बंद कर Ǒदया गया था।

4. उपयु[Èत मुɮदे का समुͬचत Ǿप से समाधान करने क े ͧलए, इन अपीलɉ को जÛम देने वाले तØयɉ का संͯ¢Üत खाका देना उपयुÈत होगा।

5. सभी मɅ अपीलकता[ ने परĐाàय ͧलखत अͬधǓनयम, 1881 कȧ धारा 138 क े तहत Ĥ×यथȸ क े ͨखलाफ आठ ͧशकायतɅ दज[ कȧं। वष[ 2011 मɅ तीन, वष[ 2013 मɅ तीन और शेष दो ͧशकायतɅ वष[ 2017 मɅ दज[ कȧ गई थीं। उपयु[Èत आठ ͧशकायतɉ मɅ से ͧशकायत मामला संÉया 621742/16, 621743/16 और 621744/16 मɅ ͧशकायतकता[ से ĤǓतपरȣ¢ा कȧ गई। 26.10.2017 को, अͧभयुÈत क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने ͪवɮवत मिजèĚेट क े सम¢ एक बयान Ǒदया ͩक उपयु[Èत तीन मामलɉ मɅ कȧ गई ͧश.सा.-1 (ͧशकायतकता[) कȧ ĤǓतपरȣ¢ा को शेष ͧशकायतɉ मɅ अपनाया जाएगा। उपयु[Èत बयान क े आधार पर ͧशकायतकता[ क े साêय को बंद कर Ǒदया गया और मामलɉ को र¢ा साêय दज[ करने क े ͧलए सूचीबɮध करने का Ǔनदȶश Ǒदया गया।उस èतर पर, क ु छ गवाहɉ को समन करने क े ͧलए संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत ͧशकायतकता[ ɮवारा एक आवेदन दायर ͩकया गया थाl जब मामला उस èतर पर लंǒबत था, अपीलकता[ क े अनुसार, अपीलकता[ क े अͬधवÈता ने अपीलकता[ को इस ͪवæवास मɅ गुमराह ͩकया ͩक अपीलकता[ कȧ उपिèथǓत कȧ आवæयकता नहȣं है Èयɉͩक एक समझौते पर बातचीत चल रहȣ थी। यह अपीलकता[ का मामला है ͩक इन पǐरिèथǓतयɉ मɅ, अपीलकता[ उपिèथत नहȣं हुआ और अंततः ͧशकायतɉ को Ǒदनांक 25.01.2019 क े आदेश ɮवारा पेश नहȣं होने क े ͧलए खाǐरज कर Ǒदया गया.

6. गैर-अͧभयोजन कȧ ͧशकायतɉ को खाǐरज करने क े आदेश को Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय क े सम¢ आठ अलग-अलग याͬचकाओं ɮवारा से चुनौती दȣ गई थी, िजÛहɅ इन अपीलɉ मɅ Ǒदनांक 07.11.2019 क े एक सामाÛय आदेश ɮवारा खाǐरज कर Ǒदया गया था।

7. हमने Įी मǓनंदर ͧसंह, अपीलाथȸ कȧ ओर से उपिèथत वǐरçठ अͬधवÈता और Įी सĨाट Ǔनगम, Ĥ×यथȸगण क े ͧलए ͪवɮवान अͬधवÈता को सुना है।

8. अपीलकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने Ĥèतुत ͩकया ͩक ͪवɮवत मिजèĚेट ने गैर-अͧभयोजन क े ͧलए ͧशकायतɉ को खाǐरज करते हुए संǑहता कȧ धारा 256 कȧ उप-धारा (1) क े परंतुक कȧ अनदेखी कȧ। यह Ĥèतुत ͩकया जाता है ͩक उÈत परंतुक मिजèĚेट को ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत को समाÜत करने और उस मामले क े साथ आगे बढ़ने मɅ स¢म बनाता है जहां ͧशकायतकता[ का ĤǓतǓनͬध×व एक अͬधवÈता अथवा अͧभयोजन का संचालन करने वाले अͬधकारȣ ɮवारा ͩकया जाता है अथवा जहां मिजèĚेट कȧ राय है ͩक ͧशकायतकता[ कȧ åयिÈतगत उपिèथǓत आवæयक नहȣं है. यह Ĥèतुत ͩकया जाता है ͩक चूंͩक ͧशकायतकता[ का बयान दज[ ͩकया गया था और ͧशकायतकता[ कȧ ĤǓतपरȣ¢ा भी कȧ गई थी, इसͧलए ͧशकायत मामले क े समथ[न मɅ ǐरकॉड[ पर èवीकाय[ साêय मौजूद थे. इन पǐरिèथǓतयɉ मɅ, भले हȣ ͧशकायतकता[ अनुपिèथǓत था, ͪवɮवान मिजèĚेट गुण-दोष क े आधार पर मामले का फ ै सला कर सकते थेl इस Ĥकार, ͪवɮवत मिजèĚेट का आदेश इस बात पर Úयान देने मɅ ͪवफल रहने क े ͧलए ͪवकृ त हो जाता है ͩक संǑहता कȧ धारा 256 कȧ उप-धारा (1) क े परंतुक क े तहत ͧशकायतकता[ कȧ अनुपिèथǓत मɅ भी मामले को आगे बढ़ाने मɅ स¢म बनाने क े ͧलए अͧभलेख पर साêय मौजूद था l यह आĒह ͩकया जाता है ͩक उÍच Ûयायालय भी उपरोÈत पहलू पर Úयान देने मɅ ͪवफल रहा; िजसक े पǐरणामèवǾप, उÍच Ûयायालय क े साथ-साथ ͪवɮवत मिजèĚेट क े आदेश (ओं) को रɮद ͩकया जा सकता है और मामले को उस èतर पर बहाल ͩकया जा सकता है िजस पर ͪवɮवान मिजèĚेट ने ͧशकायत को खाǐरज कर Ǒदया था। अपनी ĤèतुǓतयɉ क े समथ[न मɅ, अपीलकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने इस एसोͧसएटेड सीमɅट क ं पनी ͧलͧमटेड बनाम क े शवानंद, एस. आनंद बनाम वसुमǓत चंġशेखर; तथा एस. राम कृ çण बनाम एस. रामी रेɬडी (मृत) उनक े एल. आर. ɮवारा और अÛय मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[यɉ पर Ǔनभ[रता रखी l

9. इसक े ͪवपरȣत, Ĥ×यथȸ (गण) क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने Ĥèतुत ͩकया ͩक संǑहता कȧ धारा 256 कȧ उपधारा (1) मिजèĚेट को अͧभयुÈत को दोषमुÈत करने क े ͧलए अͬधदेश देती है यǑद अͧभयुÈत कȧ हािजरȣ क े ͧलए Ǔनयत Ǒदन अथवा उसक े पæचात् ͩकसी Ǒदन, िजस पर सुनवाई èथͬगत कȧ जा सकती है, ͧशकायतकता[ उपिèथत नहȣं होता है। यह Ĥèतुत ͩकया जाता है ͩक चूंͩक यह ͪववाद मɅ नहȣं है ͩक ͧशकायतकता[ ने संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत एक आवेदन दायर ͩकया था और ͧशकायतकता[ काय[वाहȣ से अनुपिèथǓत रहा, इसͧलए ͧशकायतकता[ कȧ अनुपिèथǓत क े ͧलए ͧशकायत(ओं) को खाǐरज करना ͪवɮवत मिजèĚेट क े ͧलए उͬचत था l यह भी आĒह ͩकया गया है ͩक यǑद ͧशकायतकता[ क े उͪपिèथत न होने पर ͧशकायत(ओं) को खाǐरज करने मɅ कोई तकनीकȧ खामी है तो ͧशकायतकता[ को संǑहता कȧ धारा 256 कȧ उप-धारा (1) क े Ĥावधानɉ क े अनुसार दोषमुिÈत क े आदेश क े Ǿप मɅ माना जाएगा।

10. ĤǓतɮवंɮवी ĤèतुǓतयɉ को Úयान मɅ रखते हुए, आगे बढ़ने से पहले, संǑहता कȧ धारा 256 क े Ĥावधानɉ पर Úयान देना उपयोगी होगा, जो Ǔनàन Ǒदए गए हɇ “256. ͧशकायतकता[ कȧ गैर हािजरȣ या मृ×यु.- (1) यǑद समन ͧशकायत पर जारȣ ͩकया गया है और अͧभयुÈत कȧ हािजरȣ क े ͧलए Ǔनयत Ǒदन को अथवा उसक े पæचात् ͩकसी Ǒदन िजस पर सुनवाई èथͬगत कȧ जा सकती है, ͧशकायतकता[ उपिèथत नहȣं होता है तो मिजèĚेट, इसमɅ इसक े पूव[ अंतͪव[çट ͩकसी बात क े होते हुए भी, अͧभयुÈत को दोषमुÈत कर दɅगे, जब तक ͩक ͩकसी कारण से वह मामले कȧ सुनवाई को ͩकसी अÛय Ǒदन क े ͧलए èथͬगत करना उͬचत नहȣं समझते है। बशतȶ ͩक जहां ͧशकायतकता[ का ĤǓतǓनͬध×व अͧभयोजन का संचालन करने वाले अͬधकारȣ ɮवारा ͩकया जाता है अथवा जहां मिजèĚेट कȧ राय है ͩक ͧशकायतकता[ कȧ åयिÈतगत उपिèथǓत आवæयक नहȣं है, वहां मिजèĚेट उसकȧ उपिèथǓत को समाÜत कर सकते है और मामले को आगे बढ़ा सकते है। (2) उपधारा (1) क े Ĥावधान, जहां तक हो सक े, उन मामलɉ को भी लागू हɉगे जहां ͧशकायतकता[ कȧ गैर-हािजरȣ उसकȧ मृ×यु क े कारण है।" धारा 256 कȧ उपधारा (1) क े परÛतुक क े पठन से यह संक े त ͧमलेगा ͩक जहां मिजèĚेट संतुçट हो जाते है ͩक ͧशकायतकता[ कȧ åयिÈतगत उपिèथǓत आवæयक नहȣं है, वहां वह ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत को समाÜत कर सकते है और मामले को आगे बढ़ा सकते है। ऐसी िèथǓत उ×पÛन हो सकती है जहां ͧशकायतकता[/अͧभयोजन का साêय अͧभͧलͨखत ͩकया गया हो और मामले का गुण-दोष क े आधार पर Ǔनण[य करने क े ͧलए ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत आवæयक नहȣं है।

11. एस. आनंद (उपयु[Èत) क े मामले मɅ, एक ऐसी िèथǓत को संबोͬधत करते हुए जहां ͧशकायतकता[ अनुपिèथǓत था लेͩकन पहले से हȣ उसक े गवाहɉ कȧ जांच कर चुका था, इस Ûयायालय ने Ǔनàनͧलͨखत मत åयÈत ͩकयाः “12. संǑहता कȧ धारा 256 åयǓतĐम मɅ ͧशकायत क े Ǔनपटान का Ĥावधान करती है।इसमɅ दोषमुिÈत शाͧमल है।लेͩकन, जो सवाल ͪवचार क े ͧलए उठता है, वह यह है ͩक Èया कͬथत Ĥावधान का सहारा मामले क े तØयɉ मɅ ͧलया जा सकता था Èयɉͩक ͧशकायतकता[ कȧ ओर से गवाहɉ कȧ पहले हȣ जांच कȧ जा चुकȧ है l

13. बचाव प¢ क े गवाहɉ कȧ जांच क े ͧलए तारȣख तय कȧ गई थी।अपीलकता[ यǑद चाहता तो गवाहɉ कȧ जांच कर सकता था । उस मामले मɅ, ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत आवæयक नहȣं थी l बचाव प¢ कȧ ओर से जांचे गए गवाहɉ से ĤǓत परȣ¢ा करना उनका काम था।” उपरोÈत मत åयÈत करने क े पæचात्, अनुÍछेद 15 मɅ इसे इस Ĥकार अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया गया था: “15..….जब अͧभयोजन प¢ ने अपना मामला बंद कर Ǒदया है और दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत आरोपी कȧ जांच कȧ गई है, तो अदालत को मामले कȧ योÊयता क े आधार पर Ǔनण[य देना आवæयक था।”

12. एसोͧसएटेड सीमɅट क ं पनी ͧलͧमटेड (उपयु[Èत) मɅ, संǑहता कȧ धारा 256 जैसे Ĥावधान अंतःèथाͪपत करने क े बारे मɅ चचा[ कȧ गई और उसक े आलोक मɅ, अनुÍछेद 16 मɅ Ǔनàनͧलͨखत Ǿप मɅ यह मत åयÈत ͩकया गयाः “16. पुरानी संǑहता मɅ धारा 247 (अथवा नई संǑहता मɅ धारा 256) जैसे Ĥावधान को शाͧमल करने का Èया उɮदेæय था l यह ͧशकायतकता[ कȧ ओर से ͪवलंबकारȣ रणनीǓत क े ͨखलाफ क ु छ Ǔनवारक Ĥदान करता है िजसने अपनी ͧशकायत ɮवारा से कानून को गǓत दȣ।ͩकसी अͧभयुÈत को, जो ǓनयुिÈत क े सभी Ǒदनɉ मɅ Ûयायालय मɅ उपिèथत होने क े ͧलए ͪववश है, ͧशकायतकता[ ɮवारा बहुत उ×पीड़न ͩकया जा सकता है यǑद वह ऐसे अवसरɉ पर जब उसकȧ उपिèथǓत आवæयक हो, Ûयायालय मɅ उपिèथत नहȣं होता है।अतः यह धारा ͧशकायतकता[ कȧ ऐसी युिÈतयɉ क े ͪवǽɮध अͧभयुÈत को संर¢ण Ĥदान करती है।लेͩकन इसका मतलब यह नहȣं है ͩक अगर ͧशकायतकता[ अनुपिèथत है, तो अदालत का कत[åय है ͩक वह आमंǒğत èथान पर अͧभयुÈत को दोषमुÈत करे।" उपरोÈत मत åयÈत करने क े बाद, यह Ǔनण[य Ǒदया गया ͩक जहां ͧशकायतकता[ कȧ मामले मɅ एक गवाह क े Ǿप मɅ पहले हȣ जांच कȧ जा चुकȧ है, वहां अदालत क े ͧलए यह उͬचत नहȣं होगा ͩक वह क े वल ͧशकायतकता[ क े पेश न होने पर दोषमुिÈत का आदेश पाǐरत करे। इस Ĥकार, दोषमुिÈत क े आदेश को अपाèत कर Ǒदया गया था और यह Ǔनदेश Ǒदया गया था ͩक अͧभयोजन उस ĤĐम से आगे बढ़ेगा जहां वह दोषमुिÈत का आदेश पाǐरत ͩकए जाने से पहले पहुंचा था।

13. त×काͧलक मामले मɅ, हम देखते हɇ ͩक ͪवशेष अनुमǓत याͬचका(ओं) मɅ एक ͪवͧशçट Ĥकथन है ͩक अपीलकता[ ने मामले मɅ अपने साêय का नेतृ×व ͩकया था और उसक े बाद संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत एक आवेदन आगे गवाहɉ को समन करने और जांच करने क े ͧलए Ǒदया था। अनुÍछेद 5 (यू) मɅ, यह कहा गया है ͩक Ǔनचलȣ अदालत क े साथ-साथ उÍच Ûयायालय ने यह Úयान मɅ नहȣं रखा ͩक ͧशकायत मामला संÉया 621742/16, 621743/16 और 621744/16 मɅ ͧशकायतकता[ कȧ ĤǓतपरȣ¢ा पूरȣ हो गई थी और अÛय मामलɉ मɅ कोई ĤǓतपरȣ¢ा नहȣं मांगी गई थी। बिãक, उपरोÈत तीन ͧशकायत मामलɉ मɅ ͧश.सा.- 1 कȧ ĤǓतपरȣ¢ा को अपनाया गया था। उपयु[Èत तØया×मक िèथǓत का कोई ͪवͧशçट खंडन Ĥतीत नहȣं होता है। तथाͪप, हम पाते हɇ ͩक न तो उÍच Ûयायालय और न हȣ ͪवɮवत मिजèĚेट ने पूवȾÈत िèथǓत पर Úयान Ǒदया है l इस Ĥकार नीचे क े दोनɉ Ûयायालय इस पर ͪवचार करने मɅ ͪवफल रहे ͩक Èया धारा 256 कȧ उपधारा (1) क े परंतुक क े अधीन मामले क े तØयɉ मɅ, Ûयायालय ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत से छ ू ट क े पæचात् मामले को आगे बढ़ा सकता है। इसक े अलावा, यǑद ͧशकायतकता[ संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत आवेदन पर दबाव डालने क े ͧलए उपिèथत नहȣं होता, तो ͪवɮवत मिजèĚेट संǑहता कȧ धारा 311 क े तहत आवेदन को अèवीकार कर सकता था और उपलÞध साêय क े आधार पर मामले को आगे बढ़ा सकता था l इसͧलए, हमारा मानना है ͩक ͪवɮवत मिजèĚेट ɮवारा ͧशकायतɉ को सीधे खाǐरज करना और ͧशकायतकता[ कȧ उपिèथǓत न होने पर अͧभयुÈत को दोषमुिÈत का आदेश देना उͬचत नहȣं था l उÍच Ûयायालय भी उपयु[Èत पहलुओं पर Úयान देने मɅ ͪवफल रहा। इस Ĥकार, आ¢ेͪपत आदेश रɮद ͩकए जाने क े ͧलए उƣरदायी हɇ।

14. उपयु[Èत कारणɉ से, उÍच Ûयायालय क े साथ-साथ ͪवɮवत मिजèĚेट क े आदेश (ओं) को रɮद ͩकया जाता है। ͪवɮवत मिजèĚेट कȧ फाइल पर काय[वाǑहयɉ को उनक े मूल संÉया मɅ बहाल कर Ǒदया जाएगा और अͧभयोजन अब उस चरण से आगे बढ़ेगा जहां ͧशकायतɉ को दोषमुिÈत /खाǐरज करने का आदेश पाǐरत ͩकया गया था।

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15. उपयु[Èत शतɟ क े तहत अपीले èवीकार कȧ जाती है।.............................Ûया. (सुधांशु धूͧलया).............................Ûया. (मनोज ͧमĮा) नई Ǒदãलȣ; 01 माच[, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी। Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.