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भा त का सर्वो च्च न्यायालय
सिसविर्वोल अपीलीय क्षेत्राधि का
सिसविर्वोल अपील संख्या 5392/2017
ाजस्थान र्वो अन्य - अपीलाथ, (गण)
बनाम
डॉ. हमी सिंसह चौहान (मृत) की ओ से विर्वोधि क प्रधितविनधि गण र्वो अन्य
- प्रधितर्वोादी (गण)
क
े साथ
सिसविर्वोल अपील संख्या 5393/2017
सिसविर्वोल अपील संख्या 5391/2017
सिसविर्वोल अपील संख्या 5394/2017
विनण?य
एम .आ . शाह , न्याया ीश
JUDGMENT
1. खंडपीठ सिसविर्वोल विर्वोशेष अपील (याधिचका) संख्या 50/2015 र्वो अन्य संबद्ध अपीलों में ाजस्थान उच्च न्यायालय, जो पु की खंडपीठ द्वा ा पारि त विकए गए 2023 INSC 449 आक्षेविपत विनण?य औ आदेशों से व्यथिथत औ असंतुष्ट होक, सिजनक े द्वा ा उच्च न्यायालय की खण्ड-पीठ ने यहां अपीलकता? ाजस्थान ाज्य द्वा ा प्रस्तुत उक्त अपीलों को खारि ज क विदया जो विर्वोद्वान एकल न्याया ीश द्वा ा पारि त सामान्य विनण?य औ आदेश क े खिखलाफ दाय की गई थीं, सिजसमें प्रधितर्वोादीयों को ाजस्थान सहका ी डेय ी संघों (सिजसे इसमें इसक े बाद "डेय ी संघों" क े रूप में संदर्भिभत विकया गया है) क े साथ उनक े स्थायी समार्वोेशन की ता ीख तक ाज्य स का क े साथ उनकी सेर्वोा को जा ी मानते हुए सा रूप में पेंशन संबं ी लाभ प्राप्त क ने का हकदा माना गया था, ाजस्थान ाज्य ने र्वोत?मान अपीलें प्रस्तुत की है।
2. यह विक इसमें प्रधितर्वोादीगणों को शुरू में पशुपालन विर्वोभाग में र्वोष? 1971 में पशुपालन विर्वोस्ता अधि का ी या पशु धिचविकत्सा सहायक शल्य धिचविकत्सक क े रूप में विनयुक्त विकया गया था। डेय ी संघों में 1976 से 1978 क े बीच उधिचत चयन प्रविdया का पालन क ने क े बाद उन सभी का बाद में चयन विकया गया। प्रासंविगक स का ी आदेश औ प्रासंविगक विनयमों क े अनुसा, उत्त दाताओं का मूल विर्वोभाग/ ाज्य स का क े साथ सेर्वोा का अधि का बना हा। विक प्रधितर्वोादी गणों क े नाम डेय ी संघों की र्वोरि ष्ठता सूची में विदखाई विदए औ उन सभी को र्वोष? 1983 या 1989 में डेय ी संघों में पदोन्नत विकया गया था। ये सभी 1999 से 2003 क े बीच डेय ी संघों क े कम?चारि यों क े रूप में सेर्वोाविनर्वोृत्त हुए। उन सभी को डेय ी संघों से सेर्वोाविनर्वोृखित्त लाभ प्राप्त हुए। 2.[1] तत्पश्चात्, डेय ी परि संघों से अधि र्वोर्षिषता की ता ीख से लगभग छह से नौ र्वोष? की अर्वोधि क े पश्चात् औ डेय ी परि संघों से सेर्वोाविनर्वोृखित्त क े सभी लाभ प्राप्त क ने क े पश्चात्, संबंधि त प्रधितर्वोादीगणों ने उच्च न्यायालय क े विर्वोद्वान एकल न्याया ीश क े समक्ष रि र्टे याधिचकाएं दाय की औ ाज्य स का से पेंशन संबं ी लाभों का दार्वोा विकया जो उनकी सेर्वोा को ाज्य क े साथ जा ी खते हैं। उक्त विर्वोद्वान एकल न्याया ीश ने रि र्टे याधिचकाओं को स्र्वोीका विकया। 2.[2] इस स्त प, यह ध्यान विदया जाना आर्वोश्यक है विक संबंधि त प्रधितर्वोादीयों का ा णाधि का र्वोष? 1988/1993 डब्ल्यू. ई. एफ.में समाप्त हो गया। र्वोह ता ीख सिजस प उन्हें डेय ी संघों में समाविहत / स्थायी विकया गया था। 2.[3] विर्वोद्वान एकल न्याया ीश द्वा ा पारि त विनण?य औ आदेश से व्यथिथत औ असंतुष्ट महसूस क ते हुए, ाज्य ने खंडपीठ क े समक्ष र्वोत?मान अपीलों को पेश विकया। आक्षेविपत विनण?यों औ आदेशों द्वा ा, उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ ने उक्त अपीलों को खारि ज क विदया है। इसखिलए र्वोत?मान अपीलें प्रस्तुत की गई है।
3. डॉ. मनीष सिंसघर्वोी, विर्वोद्वान र्वोरि ष्ठ अधि र्वोक्ता ाज्य की ओ से उपस्थिस्थत हुए हैं औ श्री उदय गुप्ता, विर्वोद्वान अधि र्वोक्ता संबंधि त प्रधितर्वोादीगण -मूल रि र्टे याधिचकाकता?ओं की ओ से उपस्थिस्थत हुए हैं।
4. ाज्य की ओ से उपस्थिस्थत विर्वोद्वान र्वोरि ष्ठ अधि र्वोक्ता डॉ. मनीष सिंसघर्वोी ने संर्वोेगपूण? त ीक े से तक ? विदया है विक सभी संबंधि त प्रधितर्वोादीगणों को डेय ी संघों में 1976 औ 1978 क े बीच चयन प्रविdया का पालन क ने क े बाद चुना गया था। यह तक ? विदया गया है विक उन सभी को स्थायी रूप से डेय ी संघों में समाविहत क खिलया गया था औ र्वोे डेय ी संघों क े रूप में डेय ी संघों में तब तक काम क ते हे जब तक विक र्वोे सेर्वोाविनर्वोृखित्त की आयु प्राप्त नहीं क ली औ सेर्वोाविनर्वोृत्त नहीं हो गए। 4.[1] यह तक ? विदया है विक विदनांक 30.01.1976 क े स का ी आदेश क े अनुसा, संबंधि त प्रधितर्वोादीगण, जो डेय ी संघों में शाविमल हुए थे, उनका ा णाधि का (सेर्वोा मे बने हने का अधि का ) दो र्वोष? की अर्वोधि क े खिलए या विनगम/संघ में उनका स्थायीक ण, जो भी पहले हो, क े खिलए खा गया था। यह तक ? प्रस्तुत विकया जाता है विक इसखिलए, डेय ी संघों में उनक े स्थायीक ण क े बाद, संबंधि त प्रधितर्वोादीगण कहीं औ कोई सेर्वोा मे बने हने क े हकदा नहीं थे। यह तक ? प्रस्तुत विकया जाता है विक इसखिलए ा णाधि का को दो र्वोष? की अर्वोधि से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता था। 4.[2] आगे यह तक ? विदया जाता है विक इसखिलए, ाजस्थान सेर्वोा विनयम, 1951 क े विनयम 18 (2) क े अनुसा भी, एक बा प्रधितर्वोादीगण डेय ी संघों क े कम?चा ी बन जाने क े बाद, उनका उस पद को ा ण क ने का अधि का समाप्त हो गया, सिजस प र्वोे पहले ाज्य स का क े साथ काम क हे थे। 4.[3] यह तक ? प्रस्तुत विकया जाता है विक ाजस्थान ाज्य औ अन्य बनाम S.N. धितर्वोा ी र्वो अन्य (2009) 4 एस. सी. सी. 700 क े र्वोाद मे, यह स्पष्ट रूप से अथिभविन ा?रि त विकया गया है विक जब पद क े विर्वोरुद्ध ा ण का अधि का खने र्वोाले व्यविक्त को विकसी अन्य पद प मूल रूप से विनयुक्त विकया जाता है, तो र्वोह बाद क े पद क े साथ ा ण का अधि का प्राप्त क लेता है। एक व्यविक्त को एक साथ दो मूल पदों प विनयुक्त नहीं विकया जा सकता है। यह तक ? प्रस्तुत विकया है विक यह संपूण? सेर्वोा न्यायशास्त्र का आ ा है। यह तक ? विदया है विक उप ोक्त को ध्यान में खते हुए, ाजस्थान सेर्वोा विनयम, 1951 क े विनयम 18(2) में प्रार्वो ान है विक "एक स का ी कम?चा ी का पद क े खिलए ा णाधि का एक स्थायी पद प एक ा णाधि का प्राप्त क ने प समाप्त हो जाता है, जो संर्वोग? पद क े बाह है।” 4.[4] उप ोक्त तकy को प्रस्तुत क ते हुए, यह दलील दी जाती है विक प्रधितर्वोादी स का ी कम?चारि यों क े रूप में विकसी भी पेंशन लाभ क े हकदा नहीं होंगे, क्योंविक र्वोे उस पद प ाज्य स का में ा णाधि का नहीं खते थे सिजस प र्वोे पहले काम क हे थे।
5. संबंधि त प्रधितर्वोादी की ओ से पेश हुए विर्वोद्वान अधि र्वोक्ता श्री उदय गुप्ता ने इन सभी अपीलों का जो दा विर्वो ो विकया है। 5.[1] प्रधितर्वोादीगणों की ओ से उपस्थिस्थत विर्वोद्वान अधि र्वोक्ता ने पु जो तक ? विदया विक इस प्रका संबंधि त प्रधितर्वोादी को डेय ी संघों में प्रधितविनयुविक्त प भेजा गया था औ इसखिलए, उनका स का में सेर्वोा मे बने हने का अधिकार बना रहा। यह तर्क का बना हा। यह तक प्रस्तुत विकया है विक विकसी भी प्रधितर्वोादी ने नए विनयोक्ता, अथा?त डेय ी संघों क े साथ अपने समार्वोेशन की ता ीख से पहले स का में अपना सेर्वोा मे बने हने का अधि का नहीं खोया था 5.[2] यह तक ? विदया है विक अथिभलेखों से यह स्थाविपत होता है विक प्रत्येक मामले में र्वोे सभी प्रा ंभ में ाजस्थान स का द्वा ा विनयुक्त विकए गए थे औ स का ी सेर्वोा में उनका स्थायीक ण हुआ था, विफ उन्हें डेय ी संघों से संबंधि त स्थानों प पोस्टिंस्र्टेग में शाविमल होने क े खिलए काय?मुक्त क विदया गया था। 5.[3] यह तक ? विदया है विक ाजस्थान स का ने उप सधिचर्वो, ाजस्थान स का, क ृ विष विर्वोभाग, जयपु द्वा ा जा ी पत्र/जी.ओ. विदनांक 30.01.1976 में विनविहत विदशा-विनदशों का हर्वोाला विदया है। यह तक ? विदया जाता है विक उक्त दस्तार्वोेज विर्वोभाग क े एक अधि का ी द्वा ा जा ी विदशा-विनदशों र्वोाला एक पत्र है औ ये विदशाविनदश विनयमों की स्थिस्थधित को अधि भार्वोी/अधि dविमत नहीं क सकते हैं औ इसखिलए, उस प कोई भ ोसा नहीं विकया जा सकता है। 5.[4] यह तक ? प्रस्तुत विकया है विक जहां तक विनयमों की स्थिस्थधित का संबं है, सेर्वोा मे बने हने क े अधि का क े प्रश्न का विनण?य ाजस्थान सेर्वोा विनयम, 1951 क े विनयम 15 औ 18 क े संदभ? में विकया जाना है। यह तक ? विदया है विक विकसी स का ी कम?चा ी द्वा ा अर्जिजत सेर्वोा मे बने हने का अधि का को उसकी सहमधित से भी समाप्त नहीं विकया जा सकता है यविद उसे सेर्वोा मे बने हने क े अधि का क े विबना छोड़ विदया जाता है। यह तक ? विदया है विक र्वोत?मान मामले क े तथ्यों में, स का क े अ ीन प्रत्येक प्रधितर्वोादी द्वा ा अधि ग्रहीत सेर्वोा मे बने हने का अधि का संबंधि त दुग् संघों में उनक े पदस्थापन औ समायोसिजत होने से समाप्त नहीं हो सकता जब तक उन्हे समाविहत नहीं क खिलया जाता। यह तक ? विदया है विक जब तक र्वोे समाविहत नहीं विकए गए तब तक र्वोे स का ी कम?चा ी बने हे औ इसखिलए, विनयमों क े अनुसा पेंशन क े हकदा थे। यह तक ? प्रस्तुत विकया जाता है विक विनयम 158 उन लोगों क े पेंशन क े मामलों को विनयंवित्रत क ता है जो स्थानीय विनकायों क े तहत काम क हे हैं औ ाजस्थान स का द्वा ा प्रशासिसत स्थानीय विनधि यों द्वा ा भुगतान विकया जाता है, लेविकन जहां तक प्रधितर्वोादी का संबं है, र्वोे अपने संबंधि त संघों में स्थायीक ण क े विबना स्थायीक ण विकए गए स का ी कम?चारि यों क े रूप में काय? त थे औ इसखिलए विदनांक 30.01.1976 क े विदशाविनदश सेर्वोा मे बने हने क े अधि का से संबंधि त विनयमों क े संचालन को अधि भार्वोी नहीं क सक े । यह तक ? प्रस्तुत विकया है विक कानूनी स्थिस्थधित यह है विक स का ी कम?चा ी की सहमधित से भी सेर्वोा मे बने हने क े अधि का को समाप्त नहीं विकया जा सकता है, यविद उसे सेर्वोा मे बने हने क े अधि का क े विबना छोड़ विदया जाता है। 5.[5] उप ोक्त विनर्वोेदन क ते हुए, र्वोत?मान अपीलों को खारि ज क ने की प्राथ?ना की जाती है।
6. संबंधि त पक्षों क े विर्वोद्वान अधि र्वोक्ताओं को विर्वोस्ता पूर्वो?क सुना गया।
7. प्रा ंभ में, यह ध्यान विदया जाना आर्वोश्यक है औ यह विर्वोर्वोाविदत नहीं हो सकता है विक सभी उत्त दाताओं को प्रा ंभ में र्वोष? 1971 में ाजस्थान ाज्य क े पशुपालन विर्वोभाग में पशुपालन विर्वोस्ता अधि का ी या पशु धिचविकत्सा सहायक शल्य धिचविकत्सक क े पद प विनयुक्त विकया गया था। हालांविक, इसक े बाद, उन सभी ने आर्वोेदन क क े ाजस्थान ाज्य डेय ी विर्वोकास विनगम खिलविमर्टेेड में विनयुविक्त क े खिलए आर्वोेदन विकया औ उनक े साक्षात्का क े बाद, उन्हें 1976 से 1978 क े बीच डेय ी संघों क े तहत संबंधि त दुग् संघों में विनयुक्त विकया गया। उनक े आर्वोेदनों औ साक्षात्का ों क े बाद, प्रधितर्वोादीयों को उन विनयमों औ शतy क े बा े में सूधिचत विकया गया था सिजन प उन्हें ाजस्थान ाज्य डेय ी विर्वोकास विनगम खिलविमर्टेेड में समायोसिजत/विनयुक्त विकया जाता है, जो विनम्नानुसा हैंः- "सहायक अधि का ी क े पद क े खिलए आपक े आर्वोेदन औ साक्षात्का क े संदभ? में आपको सूधिचत विकया जाता है विक विनयुविक्त से पहले विनम्नखिलखिखत विनयमों औ शतy क े खिलए आपकी स्र्वोीक ृ धित आर्वोश्यक है।
1. आपको 375-850 क े ग्रेड में विनयुक्त विकया जाएगा औ आपक े मौजूदा र्वोेतन को उधिचत रूप से सु धिक्षत खने प जुमा?ना लगाया जाएगा।
2. अन्य भत्ते जैसे महंगाई भत्ता, मकान विक ाया भत्ता औ यात्रा भत्ता आविद ाज्य स का की सेर्वोा में स्र्वोीकाय? भत्तों क े ब ाब होंगे।
3. यद्यविप भत, विनगम द्वा ा की जा ही है, आपका अंधितम विनयोक्ता सिजला स्त प स्थाविपत सहका ी सविमधितयों का संघ हो सकता है।
4. आपकी विपछली सेर्वोा क े संबं में मामला आपक े औ ाज्य स का क े बीच सुलझाना होगा। जहां तक विनगम का संबं है, यह एक नई विनयुविक्त होगी। यविद शत‡ स्र्वोीकाय? हैं, तो क ृ पया नीचे दी गई पार्वोती में स्र्वोीक ृ धित 16 अगस्त 1975 तक भेजें, ऐसा न क ने प यह मान खिलया जाएगा विक आप नौक ी में रुधिच नहीं खते हैं।” 7.[1] इस प्रका, उन सभी को विर्वोशेष रूप से सूधिचत विकया गया था विक उनकी विपछली सेर्वोा क े संबं में, मामले को उनक े औ ाज्य स का क े बीच सुलझाना होगा औ जहां तक विनगम का संबं है, विनयुविक्त एक नई विनयुविक्त होगी। तत्पश्चात, उन सभी को ाजस्थान ाज्य डेय ी विर्वोकास विनगम खिलविमर्टेेड क े तहत संबंधि त डेय ी फ े ड ेशन / संघों में ाजस्थान ाज्य डेय ी विर्वोकास विनगम खिलविमर्टेेड की चयन सविमधित द्वा ा की गई सिसफारि शों क े आ ा प प्रा ंथिभक रूप से एक र्वोष? की अर्वोधि क े खिलए परि र्वोीक्षा प विनयुक्त विकया गया था। सिजस समय ाजस्थान डेय ी विर्वोकास विनगम तथा विर्वोथिभन्न दुग् उत्पादक सहका ी संघों में क ु छ पदों प ाजस्थान पशुपालन सेर्वोाओं क े अधि कारि यों का चयन होना था, ाजस्थान पशुपालन सेर्वोाओं में काय? त इन अधि कारि यों में से क ु छ अधि कारि यों ने स का क े समक्ष प्रधितविनधि त्र्वो विकया विक उनक े प्रस्तार्वोों को स्र्वोीका क ने क े बा े में अपना मन बनाने से पहले, र्वोे जानना चाहेंगे विक स का में उनकी सेर्वोा क े संबं में उन्हें क्या लाभ उपलब् होंगे। इसक े खिलए, संबंधि त कम?चारि यों को सम्प्रेषण/शासकीय आदेश विदनांक 30.01.1976 क े माध्यम से सूधिचत विकया गया था विक उनका ा णाधि का (खिलयन) दो र्वोष? की अर्वोधि क े खिलए या उनक े स्थायीक ण तक, जो भी पहले हो, खा जाएगा। इसखिलए, शुरू से ही, संबंधि त प्रधितर्वोादीयों को बताया गया था विक उनका ा णाधि का दो साल की अर्वोधि क े खिलए या विनगम/संघ में उनक े स्थायीक ण तक, जो भी पहले हो, खा जाएगा। अत्यन्त सार्वो ानी से, संबंधि त प्रधितर्वोादीयों ने डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों में अपनी विनयुविक्तयों को स्र्वोीका विकया था। इसक े बाद उन सभी ने डेय ी विर्वोकास विनगम क े तहत अपने-अपने दुग् संघों में काम क ना जा ी खा। इन सभी को डेय ी विर्वोकास विनगम क े तहत विर्वोथिभन्न दुग् संघों में काम क ते हुए पदोन्नधित विमली थी। ये सभी डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों क े कम?चारि यों क े रूप में सेर्वोाविनर्वोृत्त हुए थे। उन सभी को सेर्वोाविनर्वोृखित्त लाभ का भुगतान तब विकया गया जब र्वोे अधि र्वोर्षिषता की आयु प्राप्त क ने प सेर्वोाविनर्वोृत्त हुए थे। इसक े बाद डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों से उनकी सेर्वोाविनर्वोृखित्त क े छह से नौ र्वोष? की अर्वोधि क े बाद, उन्होंने उच्च न्यायालय क े समक्ष रि र्टे याधिचकाएं दाय कीं, सिजसमें ाज्य स का से पेंशन संबं ी लाभों का दार्वोा विकया गया था विक अन्य बातों क े साथ-साथ ाजस्थान स का की सेर्वोा में एक स का ी कम?चा ी क े रूप में उनका सेर्वोा मे बने हने का अधि का (खिलयन) जा ी खा गया है। एक बा जब प्रधितर्वोादीयों को चयन क े बाद समायोसिजत क खिलया गया औ डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों में चयन प्रविdया क े बाद, उन्होंने इस त ह काम विकया औ यहां तक विक पदोन्नधित भी प्राप्त की, उसक े बाद, संबंधि त प्रधितर्वोादीयों को स का ी सेर्वोा को ा ण क ने का अधि का समाप्त हो गया। विदनांक 30.01.1976 का पत्र बहुत स्पष्ट है।यहां तक विक ाजस्थान सेर्वोा विनयम, 1951 क े विनयम 18 क े अनुसा, जो ा णाधि का की समाविप्त का प्रार्वो ान क ता है, "विकसी पद प स का ी कम?चा ी का ग्रहणाधि का उस संर्वोग? क े बाह एक स्थायी पद प ग्रहणाधि का प्राप्त क ने प समाप्त हो जाता है सिजस प र्वोह है"। इसखिलए, एक बा जब संबंधि त प्रधितर्वोादीयों को ाजस्थान डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् फ े ड ेशन संघों में चयन औ साक्षात्का क े बाद विनयुक्त विकया गया, तो उनका स का में ग्रहणाधि का समाप्त हो गया। 7.[2] जैसा विक ाज्य की ओ से सही तक ? विदया गया है, दो मूल पदों प दो ग्रहणाधि का नहीं हो सकते हैं। प्रधितर्वोादीयों की ओ से तक ? विदया गया विक यह डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् फ े ड ेशन संघों में स्थायी विनयुविक्त का मामला नहीं था, स्र्वोीका नहीं विकया जा सकता है। अथिभलेख प उनकी विनयुविक्त क े आदेश बहुत स्पष्ट हैं।उन्हें उधिचत चयन, साक्षात्का औ उधिचत चयन प्रविdया का पालन क ने क े बाद ही विनयुक्त विकया गया था औ इससे पहले भी जब उन्हें संदेह था, तो विदनांक 30.01.1976 क े संप्रेषण में इसे स्पष्ट रूप से स्पष्ट विकया गया था। इसखिलए, एक बा जब प्रधितर्वोादीयों को स्थायी रूप से समाविहत क खिलया गया औ र्वोे डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों क े कम?चा ी बन गए, तो उनका ाज्य स का क े साथ ग्रहणाधि का समाप्त हो गया औ इसखिलए, र्वोे डेय ी विर्वोकास विनगम/दुग् संघ संघों से सेर्वोाविनर्वोृखित्त लाभ प्राप्त क ने क े बाद भी र्वोे ाज्य स का क े रूप में पेंशन संबं ी लाभों क े हकदा नहीं होंगे।
8. उप ोक्त को ध्यान में खते हुए औ ऊप बताए गए का णों से, विर्वोद्वान एकल न्याया ीश क े साथ-साथ खण्ड पीठ द्वा ा पारि त विनण?य औ आदेश अस्थिस्थ हैं औ उन्हें अथिभखंधिडत औ अपास्त विकए जाने क े योग्य हैं औ तदनुसा अथिभखंधिडत औ अपास्त विकए जाते हैं।यह मत व्यक्त विकया गया है औ अथिभविन ा?रि त विकया गया है विक संबंधि त प्रधितर्वोादीगण ाज्य स का से पेंशन संबं ी लाभों क े हकदा नहीं होंगे जैसा विक विर्वोद्वान एकल न्याया ीश औ खण्ड पीठ द्वा ा विनदथिशत विकया गया है। तदनुसा र्वोत?मान अपीलों को स्र्वोीका विकया जाता है। कोई हजा? खचा? नहीं। लंविबत आर्वोेदन, यविद कोई हो, विनस्तारि त विकया जाता है। न्याया ीश, [एम.आ. शाह] न्याया ीश, [सी.र्टेी. विर्वोक ु मा ] नई विदल्ली अप्रैल 28, 2023 यह अनुर्वोाद आर्षिर्टेविफथिशयल इंर्टेेखिलजेंस र्टेूल 'सुर्वोास' क े जरि ए अनुर्वोादक की सहायता से विकया गया है। अस्र्वोीक ण: यह विनण?य पक्षका को उसकी भाषा में समझाने क े खिलए सीविमत उपयोग क े खिलए स्थानीय भाषा में अनुर्वोाविदत विकया गया है औ विकसी अन्य उद्देश्य क े खिलए इसका उपयोग नहीं विकया जा सकता है। सभी व्यार्वोहारि क औ आधि कारि क उद्देश्यों क े खिलए, विनण?य का अंग्रेजी संस्क ण प्रमाथिणक होगा औ विनष्पादन औ काया?न्र्वोयन क े उद्देश्य से अंग्रेजी संस्क ण ही मान्य होगा ।