Full Text
भारतीय सव च यायालय
िस वल अपीलीय अिधका रता
िस वल अपील सं. 2883-2885/2023
( व.अनु.या.(िस) सं. 6668-6670 2023)
सुनील एवं अ य ....अपीलाथ (गण)
बनाम
द ली उ च यायालय एवं अ य आ द .... यथ (गण)
क
े साथ
िस वल अपील सं. 2886/2023
( व.अनु.या. (िस) सं. 6675/2023)
दनेश िसंह नायल एवं अ य ....अपीलाथ (गण)
बनाम
द ली उ च यायालय
महािनबंधक और अ य क
े मा यम से .... यथ (गण)
िनणय
या. एम.आर.शाह
JUDGMENT
1. रट यािचका (िस) सं. 949/2019, 7893/2019 और 10668/2022 म नई द ली म द ली उ च यायालय ारा पा रत सामा य िनणय और आदेश से यिथत और असंतु महसूस करते हुए, मूल यथ (गण) ने वतमान अपील को ाथिमकता द है।
2. सं ेप म वतमान अपील पर यान क त कराने वाले त य इस कार ह:
2.1. द ली उ च यायालय ारा वष 2016 म िनजी सिचव क े 27 र पद को भरने क े िलए आवेदन आमं त कए गए थे। िल खत पर ा 04.07.2016 को आयो जत क गई थी, जसम 135 उ मीदवार उप थत हुए थे। कौशल और टाइ पंग पर ण 05.07.2016 पर आयो जत कया गया था और िल खत पर ा का प रणाम 22.12.2016 को घो षत कया गया था। अंितम यो यता सूची क घोषणा से पहले, तीन उ मीदवार ने अपनी उ र पु तकाओं क पुनः जांच क मांग करते हुए अ यावेदन दायर कए। चयन सिमित ने इन अ यावेदन को यह कहते हुए खा रज कर दया क द ली उ च यायालय (िनयु और सेवा क शत) िनयम, 1972 म उ र पु तकाओं क पुनः जांच/पुनमू यांकन का कोई ावधान नह ं है। सफल उ मीदवार का सा ा कार 19.01.2017/25.01.2017 पर आयो जत कया गया था।
2.2. ग रमा मदान ने अपनी उ र पु तका क ित ा क और स म ािधकार से िन त उ र का पुनमू यांकन/पुनः जांच करने और उ ह सा ा कार म उप थत होने का अवसर देने का अनुरोध करते हुए दनांक 27.01.2017 का अ यावेदन कया। इस दौरान, िल खत पर ा और सा ा कार क े अनुसार अंितम यो यता सूची कािशत क गई और इंटरनेट पर 30.01.2017 पर अपलोड क गई थी। उ च यायालय ारा उ च यायालय क े सम मूल रट यािचकाकताओं स हत 27 उ मीदवार क िनयु करने वाले िनजी सिचव क े पद पर क गई िनयु य को अिधसूिचत करते हुए अिधसूचना जार क गई थी। यथ - दनेश क ु मार को उनक े आवेदन क े अनुसार उनक उ र पु तका क एक ित भी दान क गई थी। 2.3.यो यता सूची क घोषणा क े बाद, क ु छ उ मीदवार, ज ह ने अपनी उ र पु तकाओं क ितयां ा क थीं, अथात ् सु ी ग रमा मदान; सु ी सपना सेठ, ी सुिमत घई और सु ी िशतु नागपाल ने फरवर, 2017 क े मह ने म अपनी उ र पु तकाओं क े पुनमू यांकन क मांग करते हुए अ यावेदन दायर कए।
2.4. रट यािचका (िस) सं. 4260/2017 म उ मीदवार ारा पुनमू यांकन क मांग करते हुए उ च यायालय क े सम दायर क गई थी। दनांक 17.05.2017 क े आदेश ारा, द ली उ च यायालय ने उ च यायालय क े कायवाहक मु य यायाधीश को मू यांकन / अंक क े संबंध म पुनमू यांकन का एक वतं िनणय लेने का िनदश दया। पर ा क े संबंध म क ु छ क े मू यांकन से संबंिधत मु े पर िनणय लेने क े िलए 23.05.2017 को कायवाहक मु य यायाधीश ारा एक वशेष सिमित का गठन कया गया था। जब ये कायवाह चल रह थी, उ मीदवार ारा पुनमू यांकन क े िलए आगे क े अ यावेदन दायर कए गए थे। क ु ल 13 उ मीदवार ने पुनमू यांकन क े िलए अ यावेदन तुत कए। इस तर पर, यह यान दया जाना आव यक है क 13 उ मीदवार म से 05 उ मीदवार को पहले ह अिधसूचना दनांक 02.02.2017 क े मा यम से िनयु कया जा चुका है और शेष 08 को िनयु नह ं कया गया था। 2.5.12.07.2017 को वशेष सिमित क एक बैठक बुलाई गई थी और यह िनणय दया गया था क पुनमू यांकन करने क े िलए एक वतं पर क िनयु कया जाएगा जो 13 उ मीदवार तक सीिमत होगा य क अ य उ मीदवार ने उ ह दए गए अंक को वीकार कर िलया है। उ च यायालय ने वचाराधीन रट यािचकाओं का िनपटान कया य क वशेष सिमित ने उ र पु तकाओं क े पुनमू यांकन क िसफा रश क थी। 13 उ मीदवार क े पुनमू यांकन क े आधार पर सभी 13 उ मीदवार क े अंक म वृ हुई। उ च यायालय ने रट यािचकाओं का िनपटारा करते हुए कहा क उ र पु तकाओं का पुनमू यांकन समा हो गया है और यह देखा गया क वशेष सिमित क े िलए पुनमू यांकन क रपोट पर वचार करना और आगे क कारवाई क िसफा रश करना उिचत होगा और उसक े बाद, प रणाम अिधसूिचत कया जाए।
2.6. वशेष सिमित ने 12.09.2017 को पुनमू यांकन प रणाम क ित 13 उ मीदवार क े साथ-साथ पहले से िनयु 27 िनजी सिचव को भी देने का िनदश दया। यह भी िनदश दया गया क इसे इं ानेट पर अपलोड कया जाए और नो टस बोड पर भी दिशत कया जाए। 2.7.इसक े बाद सफलता भाट ने पुनमू यांकन क े िलए उ च यायालय क े सम रट यािचका (िस) सं. 8255/2017 दायर क, जसे उ च यायालय ने 15.09.2017 क े आदेश ारा वंलब अथवा देर क े आधार पर खा रज कर दया। समी ा आवेदन भी दनांक 27.10.2017 क े आदेश ारा खा रज कर दया गया था। इसक े बाद 01.03.2018 को, कायवाहक मु य यायाधीश ने िनणय दया क जन उ मीदवार क े अंक बढ़ा दए गए ह और उनक े अंक पहले से िनयु उ मीदवार क तुलना म अिधक पाए गए ह, उ ह पहले से िनयु 27 उ मीदवार को परेशान म डाले बना िनजी सिचव क र 22 र य क े खलाफ िनयु कया जा सकता है। इस तर पर, यह यान दया जाना आव यक है क दनांक 01.03.2018 क े शासिनक लेख म, कायवाहक मु य यायाधीश ारा यह पाया गया था क क े वल 13 उ मीदवार क े सीिमत े कारण, वह भी सीिमत क े िलए, एक खेदजनक थित उ प न हुई है। हालां क, य द सभी पेपर का पुनमू यांकन अब कया जाता है, तो इसक े प रणाम व प अनुिचत देर होगी और िनयु यां एक साल पहले भावी हो गई ह, इसिलए समय को पीछे ले जाना मु कल है। इसिलए, कायवाहक मु य यायाधीश ने िनणय िलया क 08 उ मीदवार जनक े अंक को पुनमू यांकन पर बढ़ाया गया है और पहले से िनयु उ मीदवार क तुलना म अिधक अंक पाए जाते ह, उ ह र 22 र य क े खलाफ िनयु कया जा सकता है य क वे 08 उ मीदवार पुनमू यांकन पर यो य ह गे। कायवाहक मु य यायाधीश ने यह भी कहा क जस मु े पर वचार करने क आव यकता है, वह यह है क व र ता क ै से तय क जाए और इसिलए, मामले को व र ता क े िनधारण क े पहलू पर वशेष सिमित को भेजा गया था।
2.8. वशेष सिमित ने 07.03.2018 पर आयो जत अपनी बैठक म िसफा रश क क पहले से ह चुने गए 05 उ मीदवार जनक े पेपर का पुनमू यांकन कया गया था, अब भी अ य िनजी सिचव क तुलना म व र ता का लाभ देने क े हकदार ह गे और जो नए चुने गए थे, वे व र ता म सबसे नीचे ह गे (नए चुने गए 06 क े मामले म) पुनमू यांकन प रणाम घो षत कया गया था और इंटरनेट पर अपलोड कया गया था जैसा क 12.03.2018 को सूचना प ट पर भी दिशत कया गया था । इसक े बाद, 06 नव चयिनत उ मीदवार क िनयु क िसफा रश करने वाली दनांक 14.03.2018 क अिधसूचना 12.03.2018 से जार क गई।
2.9. इसक े बाद यथ – मूल रट यािचकाकता – दनेश क ु मार ने 25.05.2018 को पुनमू यांकन क मांग करते हुए एक अ यावेदन दायर कया, यानी 20.02.2017 को उ र पु तका क ित ा करने क तार ख से 15 मह ने क अविध क े बाद। इसी तरह क अ य रट यािचकाएं थीं वह भी देर से दायर क गयी थी। इसक े बाद अपीलकताओं - उ मीदवार, जो बढ़े हुए अंक क े अनुसार व र ता क े इनकार करने से असंतु थे, ने 16.07.2018 को इस अनुरोध क े साथ अ यावेदन दायर कया क उनक व र ता को संशोिधत अंक क े अनुसार माना जाए और उ ह यो यतानुसार पर व र ता सूची / चयन सूची म रखा जाए। सभी अ यावेदन 20.07.2018 को वशेष सिमित क े सम रखे गए थे। वशेष सिमित ने यथ दनेश क ु मार क े अ यावेदन को खा रज कर दया, जसम कहा गया था क पुनमू यांकन क देर से और सफलता भाट (पूव ) क े मामले क े आदेश क े आलोक म नह ं द जा सकती है। हालां क, इसक े बाद अपीलािथय और अ य ारा कए गए अ यावेदन पर उ मीदवार म, जो बढ़े हुए अंक क े अनुसार व र ता से इनकार करने से असंतु थे, दनांक 01.10.2018 क बैठक म, वशेष सिमित ने उ मीदवार को संशोिधत अंक क े अनुसार क पत व र ता देने का िनणय िलया। तदनुसार, संशोिधत यो यता सूची तैयार क गई और 23.10.2018 पर इं ानेट पर अपलोड क गई। येक अ यथ ारा ा अंक क े संदभ म व र ता घो षत करने वाली अंितम अिधसूचना 15.01.2019 को अपलोड क गई थी।
2.10. इसक े बाद, इस बीच, सु ी सपना सेठ ने एक रट यािचका (िस) सं. 2863/2018 उ च यायालय क े सम िनदश देता है क उसक े मामले पर वशेष सिमित ारा वचार कया जाए। 21.02.2019 पर आयो जत बैठक म, वशेष सिमित ने सु ी सपना सेठ क े मामले पर वचार कया, जो पहले एक असफल अ यथ थीं, और उ ह 3.[5] अंक अित र ा हुए। इसक े बाद, इसम यथ - मूल रट यािचकाकता - दनेश क ु मार ने संशोिधत यो यता सूची जार करने से यिथत होकर रट यािचका (िस) सं. 949/2019 उ च यायालय क े सम दायर क, रट यािचका म उ ह ने उ र क े पुनमू यांकन क े िलए भी अनुरोध कया।
2.11. 21 उ मीदवार ( यथ ) का एक समूह, ज ह पहले ह िनयु कया जा चुका था, ने रट यािचका (िस) सं. 7893/2019 दायर क, जसम इन बात क े साथ-साथ अ य आधार यह भी था क 23.10.2018 क यो यता सूची क े प रणाम व प उनक रक भा वत हुई है। सु ी सपना सेठ क े नाम को शािमल करने क े बाद 17.12.2021 को उ च यायालय ारा फर से एक और संशोिधत सूची जार क गई। यथ – दनेश क ु मार ने 17.12.2021 क संशोिधत यो यता सूची से यिथत होकर रट यािचका (िस) सं या 10668/2022 भी दायर क ।
2.12. ववा दत सामा य िनणय और आदेश ारा, उ च यायालय ने उपरो रट यािचकाओं को अनुमित द है और दनांक 23.10.2018 और 17.12.2021 क यो यता सूची को र कर दया है और िनदश दया है क 30.01.2017 को जार अंितम यो यता सूची म उ ल खत उ मीदवार क व र ता और ज ह पुनमू यांकन का लाभ दया गया था, उ ह 30.01.2017 को िनयु माना जाएगा। हालां क, उनक व र ता और थित क गणना अंितम िनयु े बाद क जाएगी। सामा य िनणय और आदेश ारा, उ च यायालय ने उपरो रट यािचकाओं को वीकार कर िलया है और दनां कत 23.10.2018 और 17.12.2021 क यो यता सूिचय को अलग कर दया है और िनदश दया है क 30.01.2017 पर जार अंितम यो यता सूची म उ ल खत अ यथ ओं क व र ता और ज ह पुनमू यांकन का लाभ दया गया था, उ ह 30.01.2017 पर िनयु माना जाएगा, हालां क, उनक व र ता और थित क गणना अंितम िनयु अ यथ क े बाद क जाएगी। इसिलए वतमान अपील।
3. िस.अ. सं. 2883-85/2023 म अपीलाथ (गण) क ओर से उप थत व ान व र अिधव ा ी सी.यू िसंह ने तुत कया है क संबंिधत अपीलाथ पहले गलत अंकन क े कारण चयन सूची म नह ं थे। यह तुत कया जाता है क इसक े बाद पुनमू यांकन पर उ ह ने अंितम चयिनत अ यथ क तुलना म अिधक अंक ा कए और इसिलए, वे न क े वल िनयु क े हकदार थे, ब क रक भी पाने क े हकदार थे यो यता सूची म संशोिधत अंक क े अनुसार जो भ व य म पदो नित क े िलए उनक व र ता िनधा रत करता है।
3.1. यह तुत कया जाता है क पुनमू यांकन पर अंकन म प रवतन क े कारण यो यता सूची को संशोिधत करने पर, पहले वशेष सिमित ने ा अंक क े अनुसार अपीलाथ (गण) को व र ता देने का सह िनणय िलया था। यह तुत कया जाता है क अब उ च यायालय ारा ऐसा नह ं कया गया है और अपीलकताओं को व र ता सूची म सबसे नीचे रखने का िनदश दया गया है, इस त य क े बावजूद क 30.01.2017 से उनक िनयु यां यानी पहली यो यता सूची क े काशन क ितिथ को बरकरार रखा गया है। 3.[2] यह तुत कया गया है क ु टपूण अंकन और इस त य से अवगत होने क े बावजूद क उ च यायालय 13 उ मीदवार ारा दायर अ यावेदन और रट यािचकाओं क े आधार पर पुनमू यांकन क े मु े पर वचार कर रहा था, यथ (गण) ने पुनमू यांकन क मांग करने क े िलए नवंबर, 2018 तक कोई यास नह ं कया। यह तुत कया गया है क यथ अ छ तरह से जानते थे क द ली उ च यायालय ारा 20.07.2017 क े अपने आदेश म एक िनदश पा रत कया गया था क पुनमू यांकन 13 उ मीदवार ारा य क गई िशकायत तक ह सीिमत होगा। यह तुत कया जाता है क दनांक 30.08.2017 क े आदेश ारा पुनमू यांकन बंद कर दया गया था, ितवा दय ने जानबूझकर आदेश को चुनौती देने या पुनमू यांकन क मांग करने क े िलए कोई कारवाई शु नह ं करने का वक प चुना, जब क उ ह पता था क उ अ यास कया जा रहा है और इसक े प रणाम उ ह 12.09.2017 को तुत कए गए थे। यह तुत कया गया है क शु म चयिनत 27 उ मीदवार म से 5 ने पुनमू यांकन क मांग करने म त परता दखाई, शेष 22 पहले से चयिनत उ मीदवार क े वपर त।
3.3. यह तुत कया जाता है क इसक े अलावा, सफलता भाट (पूव ) क े मामले म उ च यायालय ने देर और बाधाओं क े आधार पर पुनमू यांकन से इनकार कर दया, जसने अंितमता ा क । यह तुत कया जाता है क यथ गण अवरोध पैदा करने वाले थे और यह थायी कानून है क सावजिनक कानून क े अिधकार े का योग करते समय, यायालय क े पुराने दाव को बढ़ावा नह ं देना चा हए, वशेषतः जब तीसरे प क े अिधकार को उस समय प कया गया हो।
3.4. यह आगे तुत कया जाता है क उ च यायालय ने ववा दत आदेश क े पैरा ाफ 68 म 30.01.2017 से अपीलाथ गण क िनयु को प तः बरकरार रखा है जसे यथ गण ारा चुनौती नह ं द गई थी। यह तुत कया जाता है क इसिलए, यथ गण का तक है क िनयु 12.03.2018 से भावी होनी चा हए थी, जो क गलत है। यह तुत कया जाता है क एक बार अपीलाथ गण को 30.01.2017 से िनयु कए जाने क े बाद उ ह उनक े प रशोिधत अंक का लाभ दया जाना चा हए था य क 30.01.2017 से क े वल िनयु अपीलाथ गण को कोई लाभ दान नह ं करता है।
3.5. यह तुत कया जाता है क यो यता क े आधार पर चयन होने क े कारण, यो यता सूची म रक उ मीदवार क व र ता िनधा रत करेगी और क े वल 30.01.2017 क े क े वल क पत व र ता दान करने का कोई असर नह ं होगा। सेवा क अविध मह वह न है य क यह यो यता सूची म अ जत थित क े आधार पर थी क एक उ मीदवार भ व य म िनयु का हकदार बन जाता है।
3.6. यह तुत कया जाता है क क पत व र ता कसी भी पछले वेतन, बकाया और अ य लाभ क े बना व र ता का लाभ दान करना है जैसा क वतमान मामले म कया जाना चा हए था। यह तुत कया जाता है क अपीलाथ (गण), हालां क गलत अंकन क े प रणाम व प उनक अपनी कोई गलती नह ं थी, उ ह 30.01.2017 क चयन सूची म उनक थित से वंिचत कर दया गया था और अंकन क े सुधार म यो यता क े आधार पर क पत व र ता का लाभ दया जाना चा हए था।
3.7. यह आगे तुत कया जाता है क पर ा का पूरा आधार ा अंक क े आधार पर एक यो यता सूची तैयार करना था। क ु ल 13 उ मीदवार क े िलए पुनमू यांकन का अ यास कया गया, जनम से 5 उ मीदवार पहले से ह 30.01.2017 पर अिधसूिचत चयन सूची म थे।
3.8. यह तुत कया जाता है क 13 उ मीदवार क े पुनमू यांकन क े स पादन को पूरा करना, जसम वे उ मीदवार शािमल थे जो पहले से ह िनजी सिचव क े पद पर चुने गए थे, क े वल यो यता क े आधार पर रक का लाभ देने क े इरादे से कया जा सकता था। यह तुत कया जाता है क य द अंक क े आधार पर पार प रक व र ता दान करने का कोई इरादा नह ं था, तो पहले से ह चयिनत 5 उ मीदवार को पुनमू यांकन क या म वेश देने का कोई कारण नह ं होता, जससे पूर या िनरथक हो जाती। 3.9.यह तुत कया जाता है क वशेष सिमित क सभी िसफा रश और िनणय को दनांक 01.10.2018 कायवाह ारा ित था पत कर दया गया है, जसे उ च यायालय ने बरकरार रखा है। यह तुत कया जाता है क क पत व र ता दान करने का अथ क े वल उ मीदवार को उनक यो यता क े अनुसार िनयु करना हो सकता है। उ गलत अंकन को दनांक 30.01.2017 क उ चयन सूची जार करने से पहले चुनौती द गई थी और इस कार यह अंितम प नह ं ले पाया था।
3.10. यह तुत कया जाता है क यथ (गण) का यह तक क अपीलाथ (गण) को अित र र य क े खलाफ समायो जत कया जाना गलत है। यह तुत कया जाता है क कायवाहक मु य यायाधीश ने 01.03.2018 क े नोट क े पैरा 31 म कहा था क "आज क तार ख म हमार यायालय म 75% प र ण कोटा क े तहत िनजी सिचव क े पद पर 22 र यां ह। इसिलए, उन लोग क िनयु क े संबंध म कोई क ठनाई नह ं है जो पहले क गई िनयु य को भा वत कए बना सीिमत पुनमू यांकन पर यो य ह। जस मु े पर वचार करने क आव यकता है, वह यह है क इन य य क व र ता क ै से तय क जाए और या कोई पुनिनधारण आव यक है।" यह तुत कया जाता है क इस कार, कायवाहक मु य यायाधीश का वचार था क र यां नह ं होने क थित म, पुनमू यांकन पहले से क गई िन त िनजी सिचव क िनयु य को बािधत करने का प रणाम हो सकता है, जनक े अंक अब अपीलाथ (गण) क तुलना म कम ह।
3.11. यह आगे तुत कया जाता है क यहाँ यथ गण क े आ ह पर रट यािचकाओं म ाथनाएँ एक दूसरे क े साथ वरोध म थीं। यथ गण ने एक ओर पुनमू यांकन क मांग क और दूसर ओर सफल उ मीदवार को खा रज करने वाली प रशोिधत यो यता सूची को र करने क मांग क । पुनमू यांकन का लाभ वशेष प से जब वचाराधीन पद एक चयन-सह-यो यता पद था।
3.12. यह तुत कया जाता है क कायवाहक मु य यायाधीश को गलत मू यांकन क े प रणाम व प एक असाधारण और आक मक थित क े साथ तुत कया गया था और क गई कारवाई काय े क े भीतर थी य क इसम कोई दुभावना या प पात नह ं था। यह तुत कया जाता है क वा तव म अित र र य क े खलाफ उ मीदवार क े पुनमू यांकन और समायोजन को भी ववा दत आदेश क े मा यम से बरकरार रखा गया है जसे यथ गण ारा चुनौती नह ं द गई है।
3.13. यह तुत कया जाता है क चूं क पुनमू यांकन को बरकरार रखने वाले उ च यायालय क े िन कष को चुनौती नह ं द है, इसिलए पुनमू यांकन क े प रणाम को ता कक अंत अथात ्, यो यता क े आधार पर अपीलाथ गण को अंतः व र ता दान क जानी चा हए।
3.14. आगे यह तुत कया जाता है क क े. मेघचं िसंह और अ य बनाम िनंगम िसरो और अ य (2020) 5 एससीसी 689 क े मामल म और सटर फॉर प लक इंटरे ट िल टगेशन बनाम र ज ार जनरल ऑफ द ली हाई कोट र.या. (िस) सं. 712/2015 क े मामले म इस यायालय का िनणय जस पर यथ गण क ओर से पेश होने वाले व ान अिधव ा ारा भरोसा कया गया था, मामले क े त य पर लागू नह ं होगा।
3.15. उपरो तुितयाँ करते हुए यह मांग क जाती है क वतमान अपील को अनुमित द जाए।
4. िस.अ. सं. 2886/2023 म 5 अपीलाथ गण क ओर से उप थत व र अिधव ा ी मिनंदर िसंह, जो पहले से ह 30.01.2017 क पहली चयन सूची म िनयु कये गए थे, ले कन उ ह ने पुनमू यांकन क े िलए आवेदन कया था, उ ह ने वह तुितयां द ं जो व र अिधव ा ी सीयू िसंह ारा द गई ह।
4.1. यह तुत कया जाता है क संबंिधत अपीलकताओं ने उ र क े े िलए आवेदन करने म शी ता दखाई थी, हालां क उ ह दनांक 30.01.2017 क पहली यो यता सूची म चुना गया था और पुनमू यांकन पर उनक े अंक बढ़ाए गए थे। यह तुत कया जाता है क इसिलए, संबंिधत अपीलकता संशोिधत अंक क े लाभ क े हकदार ह गे और उ ह चयन सूची/यो यता सूची म उिचत थान पर उिचत प से रखा जाना चा हए। यह तुत कया जाता है क इस तरह क राहत न देना पुनमू यांकन पर अंक क वृ का कोई लाभ न देने क े समान होगा। 4.2.उपरो तुितयाँ करते हुए यह मांग क जाती है क वतमान अपील- िस.अ. सं. 2886/2023 को अनुमित द जाए। ।
5. व ान व र अिधव ा ी सी.ए. सुंदरम और ी पी.एस. पटवािलया, मूल रट यािचकाकताओं क ओर से उप थत हुए ह। संबंिधत यथ गण क ओर से उप थत व ान व र अिधव ाओं ारा यह तुत कया जाता है क िन निल खत कारण से यथ गण को नुकसान पहुँचाने क े िलए यो यता सूची क े संशोधन को बनाए रखना, य प से अवैध होने क े अलावा, अ यिधक याय व और अ यंत अ यायपूण होगाः-
5.1. यथ गण को कभी भी अपनी उ र पु तकाओं क े पुनमू यांकन का अवसर नह ं िमला जैसा क यहाँ अपीलाथ गण को दया गया है। उनक े पास पहले पुनमू यांकन क मांग करने का कोई अवसर नह ं था य क उ ह पहले कािशत यो यता सूची क े अनुसार 30.01.2017 पर ह चुना और िनयु कया गया था। अपीलकताओं का पुनमू यांकन संबंिधत िनयम म े ावधान क े अभाव म भी यायालय क े आदेश और वशेष सिमित क े िनणय क े कारण हुआ था। यह एक वशेष रयायत थी। यह मानते हुए क पुनमू यांकन का ावधान था, तो उसी या को हर उ मीदवार क े िलए बढ़ाया जाना चा हए था जो भा वत होने वाला था; 5.2.एक वतं और अलग-अलग पर क ारा उ मीदवार क उ र पु तकाओं का पुनमू यांकन करने क े बाद, सभी 13 क े अंक बढ़ गए और य द वह अवसर वतमान यथ गण को दया गया होता, तो उनक े अंक भी बढ़ सकते थे। आंिशक पुनमू यांकन क े प रणाम व प वसंगित हुई है। उदाहरण क े िलए, िल खत पर ा म 3 (क) (vi) क े िलए दनेश क ु मार (आर 2) का उ र ' लेवर ' था और उ ह इसक े िलए 0 अंक दए गए थे। तथा प, पुनमू यांकन पर, अपीलाथ गण को एक ह उ र क े िलए 2 अंक दए गए। इस कार, 2 अित र अंक क े िलए पा होने क े बावजूद, दनेश क ु मार को दूसर और तीसर यो यता सूची म पदावनत कर दया गया। नतीजतन, उ र देने वाले यथ गण को उनसे अिधक मेधावी होने क े बावजूद कम मेधावी उ मीदवार से नीचे रखा गया और एक बेतुक थित पैदा हो गई। इस कार, उ च यायालय को दूसर और तीसर यो यता सूची को दर कनार करने म उिचत ठहराया गया। 5.3.यहां तक क कायवाहक मु य यायाधीश ने 01.03.2018 क े आदेश क े तहत राय द क क े आंिशक पुनमू यांकन क े कारण एक दुभा यपूण थित उ प न हुई थी य क सभी 13 उ मीदवार क े अंक बढ़ गए थे और आदश प से सभी पेपर को समान मानक पर फर से मू यांकन कया जाना चा हए था। इसक े अलावा, वशेष सिमित ने 07.03.2018 को िनणय िलया क पहली यो यता सूची ारा दान कए गए रक म बदलाव नह ं कया जाएगा और नव चयिनत उ मीदवार को चयन सूची म सबसे नीचे रखा जाएगा य क पुनमू यांकन व र ता का कोई लाभ दान नह ं कर सकता है, जो सिमित क े अनुसार, सभी उ मीदवार को पूण और यायसंगत याय सुिन त करने का एकमा तर का था। इसिलए, अपीलाथ गण क िनयु का िनदश देने वाली 14.03.2018 क अिधसूचना म कहा गया है क उ ह पहली यो यता सूची म अंितम सफल उ मीदवार क े बाद चयन सूची म सबसे नीचे रखा जाएगा। अपीलाथ गण क िनयु क पृ भूिम होने क े कारण, ऐसा नह ं होना चा हए था। इसे बाद म बािधत नह ं कया जाए । दनांक 23.10.2018 क संशोिधत यो यता सूची 07.03.2018 को वशेष सिमित ारा क गई िसफा रश का उ लंघन था, जसे 14.03.2018 को त कालीन कायवाहक मु य यायाधीश ारा विधवत अनुमो दत कया गया था; 5.4.अपीलाथ गण ने आज तक दनांक 14.03.2018 क अिधसूचना को चुनौती नह ं द है, जसने उ ह सशत िनयु दान क है, अथात ्, वे मूल प से चयिनत उ मीदवार क व र ता को भंग कए बना िनयु पर मूल चयन सूची क े नीचे रखे जाने क े िलए सहमत हुए ह। इस कार, सशत िनयु वीकार करने क े बाद, अपीलाथ गण को मूल प से चयिनत उ मीदवार को गु प से अनुमित नह ं द जा सकती है; 5.5.अपीलाथ गण को द गई वशेष रयायत इस त य से था पत होती है क उ ह भ व य क र य क े खलाफ िनयु द गई थी, न क 2016 म व ा पत लोग क े खलाफ अपीलाथ गण क े प म सा या को यथ गण क े प म सा या को हराने क े िलए नह ं बढ़ाया जा सकता है। वशेष रयायत िन हत अिधकार पर हावी नह ं हो सकता है।
5.6. यह आगे तुत कया गया है क कानून क े था पत िस ांत क े अनुसार एक उ मीदवार को क े वल उस तार ख से व र ता द जा सकती है जब वह क ै डर म वहन कया गया है, न क पूव यापी प से। क े. मेघचं िसंह (पूव ) (पैरा 37-39), नानी शाह और अ य बनाम अ णाचल देश रा य और अ य, (2007) 15 एससीसी 406 (पैरा 16) और उ र देश रा य और अ य बनाम अशोक क ु मार ीवा तव, (2014) 14 एससीसी 720 (पैरा 24) क े मामले म इस यायालय क े िन निल खत िनणय को भरोसे क े प म रखा गया है।
5.7. उपरो तुितयाँ करते हुए, वतमान अपील को खा रज करने का अनुरोध कया जाता है क ववा दत िनणय और आदेश ारा उ च यायालय ने अपीलाथ गण क िनयु य क े साथ-साथ यथ गण क व र ता का संर ण करक े प क े बीच याय करने का यास कया है।
6. संबंिधत प कार क ओर से लंबे समय तक उप थत व ान अिधव ा को सुना है।
6.1. वचार क े िलए इस यायालय क े सम मु ा हैः या यहाँ अपीलाथ जनक े अंक पुनमू यांकन क े अ यास क े अनुसार बढ़ाए गए थे, वे यो यता सूची म संशोिधत अंक क े अनुसार रक पाने क े हकदार ह जो भ व य म पदो नित क े िलए उनक व र ता िनधा रत करता है? 6.2.शु आत म, यह यान रखना आव यक है क िल खत पर ा का प रणाम 22.12.2016 पर घो षत कया गया था। यो यता सूची क घोषणा से पहले, 3 उ मीदवार ने 22.12.2016 से 18.01.2017 क े बीच अपनी उ र पु तकाओं क फर से जांच करने क े िलए अ यावेदन दायर कया था जसे अ वीकार कर दया गया था। सफल उ मीदवार का सा ा कार 19/25.01.2017 पर आयो जत कया गया था। िल खत पर ा और सा ा कार क े अनुसार अंितम यो यता सूची कािशत क गई और इंटरनेट पर 30.01.2017 पर अपलोड क गई। िनजी सिचव क े प म 27 उ मीदवार क िनयु को 02.02.2017 पर अिधसूिचत कया गया। यथ - दनेश क ु मार को 13.02.2017 पर उनक े आवेदन क े अनुसार उनको उ र पु तका क एक ित भी दान क गई थी। यो यता सूची क घोषणा क े बाद, 4 उ मीदवार ने पुनमू यांकन क मांग क, जसे अ वीकार कर दया गया। अपीलाथ गण ारा दायर यािचकाओं स हत 8 रट यािचकाएं दायर क ग पुनमू यांकन क े संबंध म उ च यायालय क े सम दायर उ च यायालय ने एक आदेश पा रत कया क विश वशेषताओं को यान म रखते हुए, कायवाहक मु य यायाधीश एक वतं िनणय लेने पर वचार कर सकते ह क या इन यािचकाओं म शािमल क े संबंध म अंक क े अिधिनणय का वतं प से पुनमू यांकन करने क आव यकता है। इसक े बाद, पुनमू यांकन क े मु े पर िनणय लेने क े िलए 3 यायाधीश वाली वशेष सिमित का गठन कया गया। जब क ये कायवाह चल रह थी, उ मीदवार ारा पुनमू यांकन क े िलए आगे क े अ यावेदन दायर कए गए थे। क ु ल 13 उ मीदवार ने पुनमू यांकन क े िलए रट यािचकाएं/अ यावेदन दायर कए थे। 10.07.2017 पर आयो जत वशेष सिमित क बैठक म िनणय िलया गया क एक वतं पर क िनयु कया जाएगा और पुनमू यांकन जो 13 उ मीदवार तक सीिमत होगा य क अ य उ मीदवार ने उ ह दए गए अंक को वीकार कर िलया है। वशेष सिमित ने यह भी िनणय िलया क पुनमू यांकन क े वल उ ह ं का कया जाएगा ज ह रट यािचकाकताओं/पुनः तुतकताओं ारा चुनौती द गई थी। े दनांक 10.07.2017 क े िनणय ने अंितमता ा क । इस तर पर, यह यान दया जाना आव यक है क 13 उ मीदवार म से, ज ह ने रट यािचकाएं/अ यावेदन दायर कए थे, 5 उ मीदवार पहले से ह िन निल खत पूववत चयन सूची/यो यता सूची दनांक 30.01.2017 क े अनुसार िनयु कए गए थे। फर भी उ ह ने पुनमू यांकन/पुनःजांच क े िलए आवेदन कया। इसक े बाद, 13 उ मीदवार क े बाद, सभी 13 े अंक बढ़ गए थे वशेष सिमित ने 12.09.2017 पर आयो जत अपनी बैठक म िनदश दया क पुनमू यांकन प रणाम क ित 13 े साथ-साथ पहले से िनयु िनजी सिचव को भी द जाए और इसे इंटरनेट पर अपलोड करने और नो टस बोड पर दिशत करने का भी िनदश दया। इस कार, प रणाम पहले से ह चयिनत उ मीदवार को बताए गए थे। इस बीच, सफलता भाट नामक य ने उ च यायालय क े सम रट यािचका दायर कर पुनमू यांकन क ाथना क, जसे देर व वलंब क े आधार पर खा रज कर दया गया था। इसक े बाद उठा क पुनमू यांकन पर अंक बढ़ाने क े िलए या कया जाना चा हए। जैसे क पुनमू यांकन क े आधार पर अंक बढ़ाने पर, उन 8 उ मीदवार को िनयु करने क आव यकता थी जो पहले अपनी िनयु य से वंिचत थे और 27 उ मीदवार म से, पहले से ह िनयु क ु छ उ मीदवार क े भा वत होने क संभावना थी, इसिलए, कायवाहक मु य यायाधीश ारा पुनमू यांकन पर यो य लोग को िनयु करने और उनक िनयु य को अित र र य क े खलाफ समायो जत करने क े िलए एक मह वपूण िनणय िलया गया था। इस तर पर, शासिनक अिभलेख कायवाहक मु य यायाधीश को संदिभत कया जाना आव यक है जो िन नानुसार हैः- “क े सीिमत पुनमू यांकन क े कारण एक असहज थित पैदा हो गई है। हालाँ क, य द अब सभी पेपर का पुनमू यांकन कया जाता है, तो इसक े प रणाम व प अनुिचत देर होगी और िनयु याँ 1 साल पहले क गई थीं, इसिलए समय को पीछे ले जाना मु कल है। चूं क 75% पर ा कोटे क े तहत िन.स. क 22 र यां ह, इसिलए पुनमू यांकन पर यो य होने वाल क िनयु क े संबंध म कोई क ठनाई नह ं है। जस मु े पर वचार करने क आव यकता है, वह यह है क इन य य क व र ता को क ै से तय कया जाए और या कोई पुनिनधारण आव यक है। वशेष सिमित को भेजा गया मामला व र ता क े िनधारण क े आधार पर है।"
6.3. ऐसा तीत होता है क कायवाहक मु य यायाधीश का वचार यह था क य द र यां नह ं थीं, तो पुनमू यांकन का प रणाम पहले से क गई क ु छ िनजी सिचव क िनयु य को बािधत करने का प रणाम हो सकता है, जनक े अंक अब अपीलाथ गण क तुलना म कम ह। इस कार, यह देखा जा सकता है क यह अपीलाथ नह ं ह, ज ह अित र र य क े खलाफ समायो जत कया जाना था, ब क वे उ मीदवार जनक रक अपीलाथ गण और अ य समान प से रखे गए उ मीदवार क े अंक क े संशोधन क े प रणाम व प कम हो गई थी। यह यान दया जाना चा हए क शासिनक अिभलेख म, कायवाहक मु य यायाधीश ने यह भी वशेष प से कहा क इसक े बाद जस मु े पर वचार करने क आव यकता है, वह यह मु ा है क इन य य क व र ता क ै से तय क जाए और या कोई पुन: िनधारण आव यक है। व र ता िनधारण क े पहलू क े मामले को वशेष सिमित को भेजा गया था। इसक े बाद, वशेष सिमित ने शु म नव चयिनत उ मीदवार को व र ता क े िन न पायदान पर रखने का िनणय िलया। हालां क, इसक े बाद, े आधार पर व र ता का लाभ पाने क े िलए अपीलाथ गण ारा कए गए अ यावेदन पर, वशेष सिमित ने 01.10.2018 क बैठक म उ मीदवार को संशोिधत अंक क े अनुसार का पत व र ता दान करने का िनणय िलया। उ ह ं िसफा रश को मु य यायाधीश ने मंजूर द थी। मु य यायाधीश ारा अनुमो दत वशेष सिमित क े िनणय ने उ मीदवार को े अनुसार सै ांितक व र ता दान करने का िनणय ा कया। तदनुसार, संशोिधत यो यता सूची तैयार क गई थी जो उ च यायालय क े सम वषय व तु थी।
7. संबंिधत प कार क ओर से उप थत हुए व ान अिधव ा को सुनने और इस त य को यान म रखते हुए क 13 उ मीदवार क े पहले क े िनणय को अंितम प दया गया था और उसक े बाद, 13 उ मीदवार क े अंक बढ़ाए गए थे, वशेष सिमित ने 01.10.2018 क े अपने फ ै सले म संशोिधत अंक / यो यता सूची क े अनुसार क पत व र ता दान करने क े अपने फ ै सले म ब क ु ल उिचत था। संबंिधत समयानुसार, चयिनत उ मीदवार म से कसी ने भी (22 उ मीदवार - यथ गण) पुनमू यांकन क े िलए आवेदन नह ं कया और यहां तक क क े अंक क े े िलए वशेष सिमित क े फ ै सले को चुनौती द । क े वल 13 े पहले क े फ ै सले को चुनौती देने म वफल रहने और यहां तक क ासंिगक समय पर पुनमू यांकन क े िलए आवेदन नह ं करने क े बावजूद, तथा प उसक े बाद पुनमू यांकन क या चल रह थी, यथ गण क े िलए बाद म िशकायत करना मा य नह ं था क 13 उ मीदवार क े अंक का पुनमू यांकन उ ह हािन नह ं पहुँचा सकता है। एक बार े आधार पर, अंक बढ़ जाते ह और संबंिधत उ मीदवार जनक े अंक बढ़े, उ ह यो यता सूची म उिचत थान पर रखना होगा। इस कार, े आधार पर व र ता दान नह ं करने से पुनमू यांकन क या िनरथक हो जाएगी। जन अ यिथय क े अंक बढ़ाए गए ह, उ ह दनांक 30.01.2017 क चयन सूची म उनक े थान से वंिचत नह ं कया जा सकता है और ु ट सुधार पर, उ ह यो यता क े आधार पर सै ांितक व र ता अथात पार प रक व र ता का लाभ दया जाना आव यक था। अपीलकतागण क ओर से कोई गलती नह ं थी। यह ासंिगक समय पर गलत अंकन क े कारण था क वे िनयु य से वंिचत थे और उ ह यो यता सूची म नह ं रखा गया था और इस कार पुनमू यांकन पर अंक क े संशोधन पर सुधार कया जाना आव यक था। इसिलए, वशेष सिमित ने 01.10.2018 को उ मीदवार को े अनुसार सै ांितक व र ता दान करने का िनणय लेने म ब क ु ल उिचत था। उ च यायालय क खंडपीठ ने उ मीदवार को संशोिधत अंक क े अनुसार सै ांितक व र ता दान करने क े िलए वशेष सिमित ारा िलए गए सचेत िनणय को र करक े ु ट क है।
8. अब, जहाँ तक ऊपर िन द यथ गण क ओर से िनणय िलए गए ह, वे मामले क े त य पर लागू नह ं ह गे। क े. मेघचं िसंह (पूव ) क े मामले म वचाराधीन मु ा यह था क या पदो नित और सीधी भत क े बीच पार प रक व र ता तय करते समय, सीधी भत को व र ता उस तार ख से द जा सकती है जस तार ख को र यां उ प न हुई थी / भत शु करने क तार ख से वतमान मामले म, 30.01.2017 से अपीलाथ गण क िनयु को बरकरार रखा गया है, जसे यथ गण ारा चुनौती नह ं द गई है। 30.01.2017 से अपीलाथ गण को पार प रक व र ता का अनुदान इसिलए दया गया है य क पुनमू यांकन का अ यास अिनवाय प से 30.01.2017 क चयन सूची म सुधार था।
9. उपयु को यान म रखते हुए और ऊपर बताए गए कारण क े िलए, वतमान अपील को अनुमित द जाती है। उ च यायालय ारा पा रत आ े पत िनणय और आदेश को र कया जाता है। दनांक 01.10.2018 क े े िनणय को बहाल कया जाता है और यह माना जाता है क संबंिधत अपीलकता पुनमू यांकन पर संशोिधत अंक क े अनुसार 30.01.2017 से अनुमािनत व र ता क े हकदार ह गे। तदनुसार वतमान अपील क अनुमित द जाती है। कोई जुमाना नह ं।............................. या. [एम.आर. शाह] ….………................ या. [संजय करोल] नई द ली; 28 अ ैल, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।