Uttar Pradesh State v. Rachna Wills & Ors.

Supreme Court of India · 27 Apr 2023
Nanjay Y. Chandrachud; Narasimha
Civil Appeal Nos. 1882/2023, 1883/2023, 1884/2023
administrative appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that teacher appointments in minority institutions require DIOS approval and that amendments to selection rules apply prospectively, protecting vested rights of candidates selected before the amendments.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील संख्या- 1882/2023
उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य ........अपीलकत्ता)गण
बनाम
रचना वि0ल्स व अन्य ..........प्रति वादीगण

े साथ
सिसविवल अपील संख्याः 1883/2023
उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य ..............अपीलकत्ता)गण
बनाम
रचना वि0ल्स व अन्य .................प्रति वादीगण

े साथ
सिसविवल अपील संख्याः 1884/2023
उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य .............अपीलकत्ता)गण
बनाम
अंजली व एक अन्य ............प्रति वादीगण
विनण)य
न्यायमूर्ति पाविमविदगं म श्री नरसिसम्0ा
उद्घोषणा
“क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क
े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क
े लिलए 0ै और विकसी अन्य
उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी
संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क
े उद्देश्यों क
े लिलए मान्य 0ोगा।"
JUDGMENT

1. उत्तर प्रदेश राज्य क े विवद्यालय एवं इण्टरमीतिXएट शैक्षणिणक संस्थान, उत्तर प्रदेश इण्टरमीतिXएट णिशक्षा अति विनयम, 1921[1] द्वारा एवं उसक े 0 बनाये गये विनयमों और विवविनयमों द्वारा शासिस 0ैं। अल्पसंख्यक संस्थानों क े प्रमुखों और णिशक्षकों क े चयन और विनयुवि] की प्रविSया अति विनयम और विवविनयम की ारा 16 था 17 में प्रदान की गयी 0ै। जबविक चयन क े लिलए विवस् ृ प्रविSया विवविनयम 172 में विन ा)रिर की गयी 0ै, अति विनयम की ारा 16- एफएफ की उप ारा (3) में य0 आदेश विदया गया 0ै विक णिशक्षक क े रूप में चयविन विकसी भी व्यवि] को ब क विनयु] न0ीं विकया जायेगा जब क विनयुवि] क े प्रस् ाव को सिजला विवद्यालय विनरीक्षक द्वारा मंजूरी न0ीं दी जा ी3 ।

2. व )मान मामले में दो अल्पसंख्यक संस्थानों ने णिशक्षकों क े चयन की प्रविSया शुरू की और उनक े प्रस् ावों क े अनुमोदन क े लिलए Xीआईओएस को अग्रेसिस विकया। आवश्यक अनुमोदन प्रदान करने से प0ले सरकार ने चयन क े लिलए एक नयी प्रविSया विन ा)रिर कर े 0ुए विवविनयम 17 में संशो न विकया। Xीआईओएस ने नयी प्रविSया क े अनुपालन क े प्रस् ाव को वापस कर विदया। संस्थानों ने संविव ान क े अनुच्छेद 226 क े 0 रिरट यातिचका दायर करक े प्रबन् न को नये विनयमों का पालन करने की आवश्यक ा वाले Xीआईओएस क े फ ै सले को चुनौ ी दी।

3. 0मारे समक्ष आक्षेविप आदेशों क े अनुसार, उच्च न्यायालय ने क0ा विक एक बार जब प्रबन् न Xीआईओएस क े अनुमोदन क े लिलए नामों को अग्रेसिस कर ा 0ै ो चयन प्रविSया समाप्त 0ो जा ी 0ै और प्रस् ाविव उम्मीदवार को विनयु] 0ोने का 1 एतदमि नपश्चात अमि मिनय 2 ाध्यमि क शिक्षा अधिनियम मि क्षा अमि मिनय 1921 क शिक्षा अधिनियम े अन्तर्गत विनियम अन्तर्गत मि मिनय, अध्याय द्मि तीय, मि मिनय 17, एतदमि नपश्चात मि मिनय 17 3 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम प्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम दे अन्तर्गत विनियम ाध्यमि क शिक्षा अधिनियम मि क्षा अमि मिनय 1921, ार प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ा 16 चच (3) सपमि त ार प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ा 2 (खख), एतदमि नपश्चात डीआईओएस। उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" विनवि0 अति कार प्राप्त 0ो जा ा 0ै। उच्च न्यायालय ने एक सिसद्धान् का उल्लेख भी विकया और इस पर भरोसा विकया विक विनयमों में संशो न से प0ले उत्पन्न 0ोने वाली रिरवि]यों को उन विनयमों द्वारा शासिस विकया जाना चावि0ए जो ऐसी रिरवि]यों क े समय अस्तिस् त्व में थे। उत्तर प्रदेश राज्य 0मारे समक्ष अपील में 0ै। उच्च न्यायालय क े विनण)यों का समथ)न कर े 0ुए प्रति वादी ने 0मारे सामने य0 क ) भी विदया विक यविद Xीआईओएस प्रस् ाव प्राप्त 0ोने क े 15 विदनों क े भी र विनयुवि] की पुविt न0ीं कर ा 0ै ो विवविनयम ‘Xीम्X विनयुवि]‘ पर विवचार करेंगे। 0मने ीनों प्रश्नों क े जवाब दे विदये 0ैं।

4. राज्य की अपील को स्वीकार कर े 0ुए 0मने माना 0ै विक Xीआईओएस की अविनवाय) स्वीक ृ ति क े पश्चा ् 0ी चयन प्रविSया समाप्त 0ो ी 0ै। अ ीनस्थ कानून क े साथ-साथ वै ाविनक शासन की जाँच क े बाद 0मने पाया विक Xीम्X विनयुवि] क े लिलए कोई स्थान न0ीं 0ै। य0 भी स्पt विकया विक पूव) रिरवि]यों क े लिलए पुराने विनयमों को लागू करने क े लिलए उच्च न्यायालय द्वारा सिजस सिसद्धान् पर भरोसा विकया गया 0ै ना ो व0 व )मान मामलों क े थ्यों पर लागू 0ो ा 0ै और ना 0ी अच्छे कानून पर।

5. अब 0म पक्षकारों क े विनवेदन दज) करने से प0ले आवश्यक थ्यों का उल्लेख करेंगे, कारणों व अपने विनण)य का उल्लेख करेंगे।

6. वष) 2023 की सिसविवल अपील संख्या 1882 एवं 1883 क े थ्य में राखा बालिलका इण्टर कॉलेज, फ े0गढ़, यू0 पी0 सिजसे इसक े बाद प्रति वादी कॉलेज क े रूप में सन्दर्भिभ विकया गया 0ै, एक मान्य ा प्राप्त स0ाय ा प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान 0ै, जो इण्टरमीतिXएट स् र क णिशक्षा प्रदान कर ा 0ै। विदनांक 04.10.2017 को कॉलेज ने स0ायक अध्यापकों क े ीन पदों पर चयन और विनयुवि] क े लिलए आवेदन आमंवित्र करने क े लिलए एक विवज्ञापन जारी विकया। कॉलेज द्वारा गवि€ चयन सविमति ने आवेदनों पर काय)वा0ी की और अपनी काय)वा0ी उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" विदनांक 17.01.2018 द्वारा प्रति वादीगण 1 से 3 क क े नामों को सूचीबद्ध विकया और कॉलेज प्रबन् न को अनुशंसिस विकया।

7. प्रबन् न ने सिसफारिरश को स्वीकार कर लिलया और अपने पत्र विदनांक 10.02.2018 द्वारा प्रति वादी संख्या 1 से 3 को स0ायक णिशक्षक क े रूप में विनयुवि] क े लिलए Xीआईओएस, फरू ) खाबाद की अनुमोदन माँगा। Xीआईओएस ने अपने पत्र विदनांक 08.03.2018 द्वारा प्रबन् न को सूतिच विकया विक अनुमोदन क े लिलए प्रस् ाव अ ूरा 0ै और इसलिलए सुझाव विदया गया 0ै विक अनुमोदन प्रदान करने क े लिलए स0ायक दस् ावेजों क े साथ आवश्यक जानकारी प्रस् ु की जाय।

8. इससे प0ले विक प्रति वादी कॉलेज आवश्यक जानकारी प्रेविष कर पा ा, विनयुवि] की प्रविSया विन ा)रिर करने वाले विवविनयमों में संशो न विकया गया। संशोति प्राव ान 12.03.2018 से प्रभावी 0ो गये। परिरणामस्वरूप Xीआईओएस ने अपने पत्र विदनांक 14.03.2018 द्वारा आवेदनों को संशोति विवविनयमों क े अनुसार प्रस् ाव को संशोति करने क े अनुरो क े साथ प्रति वादी कॉलेज को वापस कर विदया।

9. प्रति वादी उम्मीदवारों ने इला0ाबाद उच्च न्यायालय क े समक्ष रिरट यातिचका दायर करक े Xीआईओएस क े उपयु)] विनण)य को चुनौ ी दी 4 । विवद्वान एकल न्याया ीश ने विदनांक 07.05.2018 क े एक आदेश द्वारा विनण)य को रद्द कर विदया और Xीआईओएस को विनद•श विदया विक विनण)य पर पुनर्विवचार इस आ ार पर करे विक संशोति विवविनयम लागू न0ीं 0ोंगे क्योंविक चयन प्रविSया अस्तिन् म रूप ले चुकी 0ै।

10. एकल न्याया ीश क े विनद•शों क े उपरान् Xीआईओएस ने मामले पर पुनर्विवचार विकया और 11.10.2018 को एक आदेश्या पारिर विकया सिजसमें क0ा 4 मिर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ट अपील संख्या अपील संख्या संख्या 11283/2018 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" गया विक चयन प्रविSया अति विनयम की ारा 16-एफएफ क े 0 अनुमोदन प्रदान करने में समाप्त न0ीं 0ुई और इस प्रकार चयन अस्तिन् म न0ीं 0ै। Xी.आई.ओ.एस. ने देखा विक प्रत्यर्भिथयों की विनयुवि] को मंजूरी देने से पूव), चयन क े लिलए नई प्रविSया क े अनुपालन की आवश्यक ा को देख े 0ुए विनयमों में संशो न विकया गया। Xी.आई.ओ.एस. क े इस फ ै सले को प्रत्यथ„- उम्मीदवारों ने एक रिरट यातिचका द्वारा पुनः चुनौ ी दी5 । विवद्वान एकल न्यायमूर्ति ने क0ा विक Xी.आई.ओ.एस. का आदेश विदनांक 11.10.2018 न्यायालय क े प0ले क े विनद•श विदनांक 07.05.2018 का उल्लंघन था और इसलिलए Xी.आई.ओ.एस. फरू ) खाबाद की व्यवि]ग उपस्तिस्थति का विनद•श विदया गया। अगले विदन, 16.01.2019 को, एकल न्यायमूर्ति ने Xीआईओएस को न्यायालय क े मूल विनद•श विदनांक 07.05.2018 का अनुपालन करने का विनद•श विदया।

11. उत्तर प्रदेश राज्य ने एकल न्यायमूर्ति क े मूल आदेश विदनांक 07.05.2018[6] क े विवरुद्ध रिरट अपील दायर की। य0ां आक्षेविप आदेश द्वारा उच्च न्यायालय की खंXपी€ ने देरी क े आ ार पर और साथ 0ी विववाद क े गुण- दोष क े आ ार पर रिरट अपील को खारिरज कर विदया। गुण- दोष क े आ ार पर, खंXपी€ ने क0ा विक रिरवि]यों क े संबं में चयन प्रविSया, जो विवविनयमों क े संशो न से प0ले उत्पन्न 0ुई थी, असंशोति विवविनयमों द्वारा शासिस 0ोगी। दनुसार, य0 अवेक्षा विकया गया विक विवविनयम 17 क े संशो न का Xी.आई.ओ.एस. द्वारा अनुमोदन क े अनुरो पर कोई प्रभाव न0ीं पड़ेगा। विदनांक 16.01.2019 क े इस आदेश क े विवरुद्ध उत्तर प्रदेश राज्य ने प्रथम सिसविवल अपील संख्या 1882 सन् 2023 दायर की। संबंति सिसविवल अपील संख्या 1883 सन् 2023 एकल न्याया ीश क े बाद क े आदेश विदनांक 16.01.2019 से उत्पन्न 0ो ी 0ै सिजसमें Xी.आई.ओ.एस. को आदेश 5 मिर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ट अपील संख्या अपील संख्या संख्या 27341/2018 6 मि े अन्तर्गत विनियमष अपील डिफेक्टिव संख्या अपील संख्या मिडफ े अन्तर्गत विनियम मि*ट अपील संख्या संख्या 42/2019 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" विदनांक 07.05.2018[7] क े 0 मूल विनद•शों का पालन करने का विनद•श विदया गया था।

12. सिसविवल अपील संख्या 1884 सन् 2023 में थ्य: मैसस) फरु ) खाबाद सिसटी गल्स) इंटर कॉलेज एक मान्य ा प्राप्त स0ाय ा प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान 0ै। इस कॉलेज ने 04.12.2017 को स0ायक णिशक्षक क े पद पर चयन क े लिलए आवेदन आमंवित्र कर े 0ुए एक विवज्ञापन जारी विकया। इसी र0 घटनाओं क े Sम में, इससे प0ले विक Xी.आई.ओ.एस. अनुमोदन देने पर विवचार कर पा ा, संशोति विवविनयम 12.03.2018 को लागू 0ो गए। परिरणामस्वरूप, Xी.आई.ओ.एस. ने विदनांक 19.03.2018 क े एक आदेश द्वारा कॉलेज को संशोति विवविनयमों क े अनुसार चयन प्रविSया आयोसिज करने क े बाद प्रस् ाव को अनुमोदन क े लिलए विफर से भेजने का विनद•श विदया। अनुशंसिस उम्मीदवारों ने एक रिरट यातिचका8 दायर की, सिजसे उच्च न्यायालय क े विवद्वान एकल न्यायमूर्ति ने विदनांक 01.11.2018 को अनुमति दी। उ] आदेश क े लिखलाफ राज्य की रिरट अपील[9] को खण्Xपी€ ने 18.01.2019 को क े वल प0ले मामले श्रीम ी रचना वि0ल्स10 क े विनण)य का पालन कर े 0ुए खारिरज कर विदया था। खण्Xपी€ क े इस आदेश क े विवरूद्ध राज्य द्वारा ृ ीय सिसविवल अपील संख्या 1884 सन् 2023 दायर की गई 0ै।

13. पक्षकारों क े क ): अपर सॉलिलसिसटर जनरल, श्री विवSमजी बनज„ और श्री वीक े शुक्ला वरिरष्ठ अति व]ा एवं उनक े स0ायक अति व]ा श्री 0रीश पांXे ए.ओ.आर. उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश 0ुए। उन्0ोंने क ) विकया विक एकल न्यायमूर्ति क े साथ- साथ खंXपी€ ने य0 मानने में गंभीर त्रुविट की 0ै विक चयन 7 मिर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ट अपील संख्या अपील संख्या संख्या 27341/2018 8 मिर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ट अपील संख्या अपील संख्या संख्या 1969/2018 9 मि े अन्तर्गत विनियमष अपील डिफेक्टिव संख्या अपील संख्या मिडफ े अन्तर्गत विनियम मि*ट अपील संख्या संख्या 38/2019 10 मि े अन्तर्गत विनियमष अपील डिफेक्टिव संख्या अपील संख्या मिडफ े अन्तर्गत विनियम मि*ट अपील संख्या संख्या 42/2019 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" प्रविSया संशो न विदनांक 12.03.2018 क े लागू 0ोने से प0ले पूरी 0ो गई थी। चूंविक Xी.आई.ओ.एस. का अनुमोदन प्रदान न0ीं विकया गया था, प्रति वाविदयों क े पक्ष में विनयुवि] का कोई विनवि0 अति कार सृसिज न0ीं विकया गया था। न ीज न, उन्0ोंने दलील पेश विकया विक चयन प्रविSया को नए संशोति विवविनयमों द्वारा शासिस 0ोना 0ोगा। उन्0ोंने य0 भी क ) विदया 0ै विक संशोति विवविनयम विदनांक 12.03.2018 की वै ा को उत्तरदा ाओं द्वारा चुनौ ी न0ीं दी गई थी, Xी.आई.ओ.एस. क े आदेश विदनांक 14.03.2018, 11.10.2018 और 19.03.2018 क़ानून क े साथ- साथ विवविनयमों क े पूण) अनुपालन में 0ैं।

14. दूसरी ओर, सिसविवल अपील संख्या 1882 और 1883 सन् 2023 में उत्तरदा ाओं की ओर से उपस्तिस्थ विवद्वान अति व]ाओं श्री शैन्की अग्रवाल, श्री विवकास सिंस0, सुश्री जयक ृ ति एस जXेजा, श्री श्रेयांस रानीवाला, और सिसविवल अपील संख्या 1884 सन् 2023 में प्रति वाविदयों की ओर से उपस्तिस्थ विवद्वान अति व]ा श्री गौरव अग्रवाल, सुश्री सृविt गुप्ता और श्री अणिभषेक शमा) ने उच्च न्यायालय क े विनण)यों का समथ)न विकया। उन्0ोंने क ) विदया विक चयन प्रविSया को उस समय पूरा माना जाना चावि0ए जब प्रबं न सविमति ने Xी.आई.ओ.एस. को अनुमोदन क े लिलए नामों का प्रस् ाव विदया था। उन्0ोंने आगे विनवेदन विकया विक अति विनयम की ारा 16-एफएफ की उप- ारा (4) क े 0, Xी.आई.ओ.एस. क े पास अनुमोदन को रोकने का अति कार न0ीं 0ै, सिसवाय उन मामलों में ज0ां चयविन उम्मीदवारों क े पास न्यून म योग्य ा न0ीं 0ै। वे विवविनयम 18 का अवलम्ब दे े 0ैं विक अति कारी चयन सविमति की सिसफारिरश प्राप्त 0ोने क े 15 विदनों क े भी र अनुमोदन देने क े लिलए बाध्य 0ैं, सिजसमें विवफल 0ोने पर विनयुवि] मान ली जाएगी। उन्0ोंने य0 क ) देने क े लिलए इस न्यायालय क े क ु छ विनण)यों का अवलम्ब लिलया विक सिजस ति णिथ को रिरवि] उत्पन्न 0ुई थी, उस ति णिथ पर मौजूदा विनयम चयन प्रविSया उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" को विनयंवित्र करेंगे। इसलिलए, वे विनवेदन करेंगे विक विवविनयमों में संशो न व )मान प्रत्यर्भिथयों की विनयुवि] पर प्रति क ू ल प्रभाव न0ी Xाल सक ा 0ै।

15. विववाद्यः विनम्नलिललिख विववाद विवचार 0े ु उत्पन्न 0ो े 0ैः- (i) क्या चयन प्रविSया समाप्त 0ो गई 0ै, और उम्मीदवारों ने विवविनयमों क े संशो न से प0ले विनयु] 0ोने का विनवि0 अति कार प्राप्त कर लिलया 0ै ? (ii) क्या अति विनयम, उसक े 0 बनाए गए विनयमों और विवविनयमों क े साथ पढ़ा जा ा 0ै, यविद 15 विदनों की अवति क े भी र Xीआईओएस द्वारा स्वीक ृ ति न0ीं दी जा ी 0ै ो विनयुवि] 0ुई मान ली जा ी 0ै? (iii) क्या णिशक्षकों क े पदों को रिरवि]यों क े समय मौजूद विनयमों और विवविनयमों क े अनुसार भरा जा सक ा 0ै न विक संशोति विवविनयमों क े अनुसार?

32,382 characters total

16. अति विनयम की ारा 16- ए11 क े 0 मान्य ा प्राप्त प्रबं न सविमति क े माध्यम से प्रत्यथ„ कॉलेजों जैसे शैतिक्षक संस्थानों का संचालन विकया जा ा 0ै। प्रबं न को अति विनयम में विन ा)रिर प्रविSया और उसक े 0 बनाए गए विनयमों क े अनुसार णिशक्षकों क े साथ- साथ संस्थान क े प्रमुख12 की विनयुवि] करने का अति कार 0ै। अल्पसंख्यकों द्वारा स्थाविप और प्रशासिस संस्थानों क े मामले में, उम्मीदवारों को शाट)लिलस्ट करने एवं उनकी विनयुवि]यों क े लिलए प्रबं न को अनुशंसा करने क े लिलए, प्रबं न एक पांच सदस्यीय चयन सविमति का ग€न कर ा 0ै13 । चयन सविमति की अनुशंसा प्राप्त 0ोने क े उपरां, प्रबं न अनुमोदन 0े ु नामों का प्रस् ाव Xी.आई.ओ.एस. को कर ा 0ै। 11एतदमि नपश्चात प्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम बं न 12उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम प्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम दे अन्तर्गत विनियम उच्चतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ाध्यमि क शिक्षा अधिनियम मि क्षा अमि मिनय 1921, ार प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ा 16-ई 13उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम प्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम दे अन्तर्गत विनियम उच्चतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ाध्यमि क शिक्षा अधिनियम मि क्षा अमि मिनय 1921, ार प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ा 16-ई सपमि त उपबन् ार प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम ा 16- चच(1) उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।"

17. 12.03.2018 को, उत्तर प्रदेश सरकार ने अध्याय II क े विवविनयम, सस्तिम्मलिल विवविनयम 17, में संशो न अति सूतिच विकया, जो अब अल्पसंख्यक संस्थानों में णिशक्षकों क े चयन क े लिलए एक लिललिख परीक्षा विन ा)रिर कर ा 0ै। विववाद्य सं० 1: क्या चयन प्रविSया सम्पन्न 0ो गई, और उम्मीदवारों ने विवविनयमों में संशो न से पूव) विनयु] 0ोने का विनवि0 अति कार प्राप्त कर लिलया?

18. प्रत्यर्भिथयों की दलील विक उन उम्मीदवारों, सिजनक े नाम प्रबं न द्वारा Xी.आई.ओए.स से अनुमोदन क े लिलए अनुशंसिस 0ै, को णिशक्षक क े रूप में विनयु] विकए जाने का विनवि0 अति कार प्राप्त 0ै, उसपर विवचार करने क े लिलए ारा 16- चच का अवलोकन करना आवश्यक 0ै: 16-चच- अल्पसंख्यक संस्थाओं क े प्रति अपवाद “16 चच- (1) ारा 16-ङ की उप ारा (4) में और 16-च में विकसी बा क े 0ो े 0ुये भी, संविव ान क े अनुच्छेद 30 क े खण्X (1) मे विनर्विदt अल्पसंख्यक द्वारा स्थाविप और प्रशासिस संस्था क े प्र ान या अध्यापक की विनयुवि] क े लिलये चयन सविमति मे प्रबन् सविमति द्वारा नाम-विनर्विदt (सभापति को सस्तिम्मलिल कर े 0ुये) पांच सदस्य 0ोंगे: प्रति बन् य0 0ै विक चयन सविमति क े सदस्यों में से एक- (क) संस्था क े प्र ान की विनयुवि] क े मामले में विनदेशक द्वारा विवशेषज्ञों की ैयार की गई नाविमका मे से प्रबन् सविमति क े द्वारा चुना गया विवशेषज्ञ 0ोगा; (ख) अध्यापक की विनयुवि] क े मामले मे सम्बद्ध संस्था का प्र ान 0ोगा । उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" (2) उप ारा (1) में विनर्विदt चयन सविमति क े द्वारा अनुसरणीय प्रविSया व0 0ोगी जो विववि0 की जाय । (3) इस ारा क े अ ीन चुने गये विकसी व्यवि] को ब क विनयु] न0ी विकया जायगा, जब क -- (क) संस्था क े प्र ान क े मामले में सम्भागीय णिशक्षा उपविनदेशक ने विनयुवि] क े प्रस् ाव का अनुमोदन न कर विदया 0ो; और (ख) अध्यापक क े मामले में विनरीक्षक ने ऐसे प्रस् ाव का अनुमादे न कर विदया 0ो। (4) सम्भागीय णिशक्षा उप-विनदेशक या विनदेशक, यथास्तिस्थति, इस ारा क े अ ीन चयन का अनुमोदन न0ीं रोक े गा जबविक चुना गया व्यवि] विववि0 न्यून म अ0) ाओं से यु] और अन्यथा पात्र 0ो । (5) ज0ाँ सम्भागीय णिशक्षा उप-विनदशक या विनरीक्षक, यथास्तिस्थति, इस ारा क े अ ीन चुने गये अभ्यथ„ का अनुमोदन न0ीं कर ा 0ै व0ां प्रबन् सविमति ऐसे अनुमोदन की प्राविप्त क े विदनांक से ीन सप्ता0 क े भी र संस्था क े प्र ान क े मामले में विनदेशक को और अध्यापक क े मामले में सम्भागीय णिशक्षा उप विनदेशक को अभ्यावेदन कर सक ी 0ै । (6) उप ारा (5) क े अ ीन अभ्यावेदन पर विनदेशक या सम्भागीय णिशक्षा उपविनदेशक द्वारा पारिर आदेश अस्तिन् म 0ोगा।" (प्रभाव वर्ति )

19. अति विनयम की ारा 16-चच की उप- ारा (3) प्राव ान कर ी 0ै विक प्रबं न द्वारा णिशक्षक क े रूप में चयविन और प्रस् ाविव विकसी भी व्यवि] को ब उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" क विनयु] न0ीं विकया जाएगा जब क विक Xी.आई.ओ.एस द्वारा प्रस् ाव को मंजूरी न0ीं दी जा ी 0ै। यविद उप- ारा (3) में प्रयु] वाक्यांश ‘कोई भी व्यवि]’, 'विनयु] न0ीं विकया जाएगा’, और ‘जब क’ को उनका सामान्य अथ) प्रदान विकया जाए, जो विव ान् क े विनमा)ण क े भाषाई सिसद्धां ों में सबसे म0त्वपूण) 0ै, ो 0में य0 मानने में कोई संकोच न0ीं 0ै विक विनयुवि] Xी.आई.ओ.एस क े अविनवाय) अनुमोदन क े अ ीन 0ै। Xी.आई.ओ.एस की अविनवाय) स्वीक ृ ति प्राप्त विकए विबना य0 न0ीं क0ा जा सक ा 0ै विक विनयुवि] की प्रविSया संपन्न 0ो गई 0ै, और इस प्रकार, विनयु] विकए जाने वाले उम्मीदवार का कोई अति कार न0ीं 0ै या ब0ु कम विनवि0 अति कार 0ै।

20. इस न्यायालय क े पास राज क ु मारी सेसिसल (श्रीम ी) बनाम प्रबं सविमति लक्ष्मी नारायण भगव ी देवी विवद्या मंविदर गल्स) 0ाई स्क ू ल14 में Xी.आई.ओ.एस द्वारा अनुमोदन क े प्रभाव की जांच करने का अवसर था, य0 मान े 0ुए विक व0ां यातिचकाक ा) की विनयुवि] अपोषणीय और अ ूरी थी क्योंविक विनयुवि] क े लिलए वै ाविनक पूव)-श ) अथा) Xीआईओएस से अनुमोदन प्राप्त न0ीं विकया गया था, य0 देखा गया: “4. इसमें कोई विववाद न0ीं 0ै विक अपीलक ा) क े पास उच्च र माध्यविमक विवद्यालय क े प्र ानाचाय) क े रूप में विनयु] 0ोने की योग्य ा न0ीं थी। य0 भी विववाविद न0ीं 0ै विक विनयुवि] इंटरमीतिXएट णिशक्षा अति विनयम क े 0 सक्षम प्राति कारी क े अनुमोदन क े अ ीन 0ै। य0 स0ी 0ै विक सक्षम प्राति कारी क े पास योग्य ा में छ ू ट देने की शवि] 0ै, लेविकन पुनः य0 विववाविद न0ीं 0ै विक सक्षम प्राति कारी ने प्रति वादी क े उच्च माध्यविमक विवद्यालय क े प्र ानाचाय) क े रूप में अपीलक ा) की विनयुवि] क े लिलए योग्य ा में छ ू ट न0ीं दी।" 14(1998)2 एस सी सी 461. उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।"

13. प्रति वाविदनी क े विवद्यालय को उच्च माध्यविमक विवद्यालय में Sमोन्न करने पर अपीलक ा) प्र ानाध्याविपका न0ीं र0ी क्योंविक पद का उन्नयन विकया गया था। व0 उच्च र माध्यविमक विवद्यालय क े प्र ानाध्यापक क े रूप में विनयु] 0ोने की योग्य ा ारिर न0ीं कर ी थी। उसकी योग्य ा में छ ू ट न0ीं दी गई थी। इंटरमीतिXएट एजुक े शन एक्ट क े 0 सक्षम प्राति कारी ने प्र ानाचाय) क े रूप में उनकी विनयुवि] क े लिलए मंजूरी न0ीं दी, जो विवति क े 0 एक पूव)- श ) 0ै। चूँविक विनयुवि] अपना आप में 0ी स्वीक ृ न0ीं थी, इसलिलए स्क ू ल की प्रबं सविमति क े लिलए प्र ानाध्यापक क े रूप में उसकी सेवाओं को समाप्त करने क े लिलए संबंति प्राति कारी की स0मति प्राप्त करना आवश्यक न0ीं था। (प्रभाव वर्ति )

21. अति विनयम की ारा 16-चच (3) क े 0 स्पt वै ाविनक आदेश क े दृविtग, 0मारी राय 0ै विक उच्च न्यायालय ने इस विनष्कष) पर प0ुंचने में त्रुविट की 0ै विक प्रति वादी सं० 1 से 3 ने विनयु] 0ोने का विनवि0 अति कार प्राप्त कर लिलया 0ै। विववाद्य सं० 2: यविद 15 विदनों की अवति क े भी र Xी.आई.ओ.एस द्वारा स्वीक ृ ति न0ीं दी जा ी 0ै, ो क्या अति विनयम, सपवि€ उसक े 0 बनाए गए विनयम और विवविनयम, ‘Xीम्X विनयुवि]’ पर विवचार कर ा 0ै?

22. प्रत्यर्भिथयों ने क ) देने क े लिलए विवविनयम 1815 का अवलंब लिलया 0ै विक यविद Xी.आई.ओ.एस प्रबं न द्वारा विकए गए प्रस् ाव क े 15 विदनों क े भी र अपना 15 ाध्यमि क शिक्षा अधिनियम मि क्षा अमि मिनय 1921 क शिक्षा अधिनियम े अन्तर्गत विनियम अन्तर्गत मि मिनय, अध्याय द्मि तीय, मि मिनय 18, एतदमि नपश्चात मि मिनय 18 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" अनुमोदन देने में विवफल र0 ा 0ै, ो प्रस् ाविव उम्मीदवारों को विनयु] माना जाएगा। विवविनयम 18, विनम्नानुसार 0ै: "(1) ारा 16-च की उप- ारा (1) या (2) क े 0 गवि€ चयन सविमति की सिसफारिरश की प्राविप्त क े पंद्र0 विदनों क े भी र एवं ारा 16-चच में विनर्विदt संस्था क े मामले में, उसमें विवविनर्विदt प्राति कारी की अनुमोदन से, प्रबं क, प्रबं न सविमति क े प्रस् ाव क े 0 प्राति करण पर, परिरणिशt 'ख' में विदए गए फॉम) में उम्मीदवार को पंजीक ृ Xाक द्वारा विनयुवि] का आदेश जारी करेगा, सिजसमें उम्मीदवार को ऐसा आदेश प्राप्त 0ोने क े दस विदनों क े भी र ड्यूटी ज्वाइन करना 0ोगा। ऐसा न करने पर, उम्मीदवार की विनयुवि] रद्द की जा सक ी 0ै।" (2) पदोन्नति और दथ) विनयुवि]यों क े मामले में भी यथासंभव खंX (1) में विनर्विदt प्रपत्र क े सदृश प्रारूप में पदोन्नति या विनयुवि] का एक औपचारिरक आदेश प्रबं क क े 0स् ाक्षर से संबंति व्यवि] को जारी विकया जाएगा। (3) खण्X (1) एवं (2) में विनर्विदt प्रत्येक आदेश की एक प्रति विनरीक्षक को भेजी जायेगी था संस्थान क े प्रमुख की विनयुवि] की दशा में उस आदेश की एक प्रति क्षेत्रीय णिशक्षा उपविनदेशक को भी भेजी जायेगी।”

23. 0मने अवलोकन विकया 0ै विक अति विनयम की ारा 16-ङ क े 0 विनयुवि]यां की जानी 0ैं। अति विनयम की ारा 16-च चयन सविमति यों क े ग€न और अनुशंसा क े लिलए प्राव ान कर ी 0ै और इसमें ारा 16-चच विवशेष रूप से अल्पसंख्यक संस्थानों से संबंति 0ै। विवविनयम 18(1) उस समयावति क े लिलए प्राव ान कर ा 0ै सिजसक े भी र चयविन उम्मीदवार को प्रबं क द्वारा विनयुवि] आदेश जारी विकया जाना 0ै। सिजसक े अनुसार, ज0ां अति विनयम की ारा 16-च की उप- ारा (1) या (2) क े 0 गवि€ उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" चयन सविमति द्वारा अनुशंसा की जा ी 0ै, व0ां चयन सविमति की अनुशंसा प्राप्त 0ोने क े 15 विदवस क े भी र विनयुवि] आदेश जारी विकया जाना 0ै। जबविक, अति विनयम की ारा 16-चच में विनर्विदt संस्थान, अथा) अल्पसंख्यक संस्थान, जैसा विक व )मान मामले में 0ै, क े मामले में इसे उसमें विनर्विदt प्राति करण क े अनुमोदन की प्राविप्त क े 15 विदनों क े भी र जारी विकया जाना 0ै। न ो अति विनयम की ारा 16-चच और न 0ी विवविनयम 18 उस अवति का प्राव ान कर ा 0ै, सिजसक े भी र अनुमोदन प्रदान विकया जाना 0ै। इसक े अति रिर], अनुमोदन प्रदान करने में विवलम्ब की स्तिस्थति में दोनों में से कोई भी प्राव ान Xीम्X विनयुवि] क े लिलए प्राव ान न0ीं कर े 0ैं। इसलिलए, जब क विक ारा 16-चच(3) क े 0 अपेतिक्ष अनुमोदन न0ीं प्रदान विकया जा ा 0ै, ब क कोई विनयुवि] न0ीं 0ो सक ी 0ै।

24. जब णिशक्षक क े पद पर विनयुवि] 0े ु प्रासंविगक सांविवति क प्राव ान, अथा) ारा 16-चच(3), Xीआईओएस द्वारा अनुमोदन को स्वयं अविनवाय) बना ा 0ै, ो विकसी भी दशा में, अति विनयम क े 0 बनाए गए विवविनयम में Xीम्X विनयुवि] क े लिलए प्राव ान न0ीं विकया जा सक ा था। अ ीनस्थ विव ान एक सांविवति क प्राव ान क े विनदेश से बढ़कर न0ीं 0ो सक ा 0ै।

25. इसक े अति रिर], अति विनयम की ारा 16-चच की उप- ारा (4) को ारा 16- चच (2) क े साथ पढ़ा जाना 0ै, जो प्राव ान कर ी 0ै विक ‘‘उप- ारा (1) में संदर्भिभ चयन सविमति द्वारा अपनाई जाने वाली प्रविSया ऐसी 0ोगी जैसा विक विन ा)रिर विकया जाये।’’ क े वल उन मामलों में, ज0ां विवविनयमों में विन ा)रिर चयन प्रविSया का पालन विकया जा ा 0ै, ब उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" क अस्वीक ृ ति न0ीं 0ो सक ी 0ै जब क विक व0ां अपेतिक्ष पात्र ा एवं योग्य ा की कमी न 0ो। इस प्रकार, अति विनयम की ारा 16-चच(4) क े 0 Xीम्X विनयुवि] का प्रश्न न0ीं उ€ ा 0ै।

26. यविद सांविवति क प्राव ानों क े साथ पवि€ प्रासंविगक विवविनयमों में Xीम्X विनयुवि] क े लिलए प्राव ान करना 0ो ा, ो Xीआईओएस क े अस्वीक ृ ति क े आदेश क े विवरूद्ध कोई और उपाय न0ीं 0ो ा। ारा 16-चच की उप- ारा (5) Xीआईओएस द्वारा अनुमोदन प्रदान न0ीं करने की स्तिस्थति में कॉलेज प्रबं न को उपचार प्रदान कर ी 0ै। इसक े अनुसार, प्रबं न अस्वीक ृ ति प्राप्त 0ोने की ति णिथ से ीन सप्ता0 क े भी र, क्षेत्रीय णिशक्षा उपविनदेशक को अभ्यावेदन दे सक ा 0ै।

27. अति विनयम की ारा 16-चच, सपवि€ विवविनयम 18, क े 0 प्राप्त कानूनी प्राव ान को ध्यान में रख े 0ुए, 0म प्रति वाविदयों क े इन क› विक य0 विवविनयम 18 क े 0 ‘Xीम्X विनयुवि]’ का चयन 0ै, को अस्वीक ृ कर े 0ैं। विववाद्य सं0 3: क्या णिशक्षकों क े पदों को उन विनयमों और विवविनयमों क े अनुसार भरा जा सक ा 0ै जो रिरवि]यां 0ोने क े समय मौजूद थे था संशोति विवविनयमों क े अनुसार न0ीं? 28.उच्च न्यायालय की खंXपी€ क े साथ-साथ एकल न्याया ीश ने चयविन उम्मीदवारों क े इस विनवेदन को स्वीकार विकया विक णिशक्षकों क े पद की रिरवि]यां क े वल उन विनयमों और विवविनयमों क े अनुसार भरी जा सक ी 0ैं जो उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" रिरवि]यां 0ोने क े सयम पर संचालन में थीं एवं न विक उसक े बाद संशोति विकए गए विनयमों क े अनुसार।

29. 0म पूव) में 0ी अणिभविन ा)रिर कर चुक े 0ैं विक Xीआईओएस का अनुमोदन अविनवाय) 0ै और य0 अति विनयम ऐसी मंजूरी क े विबना णिशक्षक की विनयुवि] को रोक ा 0ै। 0मने य0 भी अणिभविन ा)रिर विकया 0ै विक यविद Xीआईओएस 15 विदनों क े भी र प्रस् ाव पर विनण)य न0ीं ले ा 0ै ो णिशक्षकों की विनयुवि] से संबंति कानूनी व्यवस्था Xीम्X विनयुवि] की विकसी भी अव ारणा पर विवचार न0ीं कर ी 0ै। इन परिरस्तिस्थति यों में, इस सिसद्धां का संदभ) और अवलंब लेना अनुतिच 0ै विक रिरवि]यां 0ोने क े समय विवद्यमान विनयम, विनयुवि]यों को विनयंवित्र करेंगे।

30. विकसी भी दशा में, य0 अब कानून का एक स्थाविप सिसद्धां 0ै विक एक उम्मीदवार को मौजूदा विनयमों अथा) – विवचारण की ति णिथ को प्रभावी विनयम, क े आलोक में विवचार विकये जाने का अति कार 0ै। इस सिसद्धां की पुविt इस न्यायालय द्वारा दीपक अग्रवाल व अन्य बनाम उ०प्र० राज्य व अन्य में विनम्नानुसार की गयी 0ै: ‘’26. य0 अब कानून का एक स्थाविप सिसद्धां 0ै विक एक उम्मीदवार को मौजूदा विनयमों अथा) – विवचार करने की ति णिथ को प्रभावी विनयम, क े आलोक में विवचार विकये जाने का अति कार 0ै। साव)भौविमक या पूण) अनुप्रयोग वाला ऐसा कोई विनयम न0ीं 0ै विक रिरवि]यों को रिरवि] उत्पन्न 0ोने की ति णिथ पर मौजूद कानून द्वारा अविनवाय) रूप से भरा जाना 0ै। पुराने विनयमों क े 0 पुरानी रिरवि]यों को भरने की आवश्यक ा पदोन्नति क े लिलए विवचारण का अति कार प्राप्त करने वाले उम्मीदवार क े साथ जुड़ी 0ुई 0ै। पदोन्नति क े लिलए विवचार करने का अति कार, पात्र उम्मीदवारों पर विवचार करने की ारीख से प्राप्त 0ो ा 0ै। विनःसंदे0, जब क विक उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" लागू विनयम में, जैसा विक वाई.वी.रंगैया वाद में ऐसे विकसी विवशेष समय-सीमा को अणिभविन ा)रिर न0ीं विकया गया 0ो सिजसक े भी र चयन प्रविSया पूरी की जानी 0ै। व )मान मामले में, पदोन्नति पर विवचार संशो न क े लागू 0ोने क े बाद 0ुआ। इस प्रकार, य0 स्वीकार न0ीं विकया जा सक ा 0ै विक अपीलक ा)ओं को विकसी उपार्जिज या विनवि0 अति कार को संशो न द्वारा छीन लिलया गया 0ै।

31. एक अनुव „ मामले राजस्थान राज्य खेल परिरषद व अन्य बनाम उमा द ीच व अन्य में उपरो] संदर्भिभ सिसद्धां की पुविt कर े 0ुए (सिजसमें 0म में से एक सदस्य, त्कालीन न्यायमूति Xॉ. Xी.वाई. चन्द्रचूड़ थे)। इस न्यायालय नें नोट विकया:

5. अपीलक ा)ओं की ओर से प्रस् ु विकये गये विनवेदन में गुण 0ै विक प्रत्यथ„ क े पास पदोन्नति का कोई विनवि0 अति कार न0ीं था, बस्तिल्क पदोन्नति 0े ु उ€ाये गये मामले क े विदनांक को विवद्यमान विनयमों क े अनुसार क े वल विवचार विकये जाने का अति कार था। इस सिसद्धां को इस न्यायालय क े कई विनण)यों में दो0राया चुका 0ै। (एचएस ग्रेवाल बनाम भार संघ, दीपक अग्रवाल बनाम यूपी राज्य, वित्रपुरा राज्य बनाम विनलिखल रंजन चSव „ और भार संघ बनाम क ृ ष्ण क ु मार देखें।) (जोर विदया गया)

32. 0ाल क े एक फ ै सले, वि0माचल प्रदेश राज्य बनाम राज क ु मार व अन्य, में एक 0ी विवषय पर कई विनण)यों की समीक्षा करने क े बाद, इस न्यायालय ने विनम्नलिललिख सिसद्धां प्रति पाविद विकए: ‘’70 उन पंद्र0 मामलों, सिजनमें प्रति विष्ठ रंगैया सस्तिम्मलिल 0ै, की समीक्षा में य0 विनरूविप 0ुआ विक य0 न्यायालय रंगैया में प्रति पाविद विकए गए व्यापक उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।" प्रस् ाव क े अपवादों को लगा ार राश र0ा 0ै। इन विनण)यों क े विनष्कष), सिजनका रंगैया द्वारा ैयार विकए गए प्रस् ाव पर सी ा असर पड़ ा 0ै, विनम्नानुसार 0ैं:

1. साव)भौविमक अनुप्रयोग का कोई विनयम न0ीं 0ै विक रिरवि]यों को आवश्यक रूप से उस विवति क े आ ार पर भरा जाना चावि0ए जो उनक े जारी 0ोने की ति णिथ पर मौजूद थी, रंगैया क े मामले को उसमें शाविमल विनयमों क े संदभ) में समझा जाना चावि0ए।

2. य0 अब कानून का एक स्थाविप सिसद्धां 0ै विक एक उम्मीदवार को मौजूदा विनयमों, अथा) – विवचार करने की ति णिथ को प्रभावी विनयम, क े आलोक में विवचार विकये जाने का अति कार 0ै। पदोन्नति 0े ु विवचार करने का अति कार, पात्र उम्मीदवारों पर विवचार करने की ारीख से प्राप्त 0ो ा 0ै।

3. विनयमों में संशो न से पूव) उत्पन्न 0ोने वाली रिरवि]यों को न भरने क े लिलए सरकार एक सचे नीति ग विनण)य लेने की 0कदार 0ै। सरकार द्वारा लिलये गये नीति ग विनण)य क े मद्देनजर, विनरस् विनयमों क े अनुसार पदोन्नति 0े ु विवचार विकए जाने का कम)चारी कोई विनवि0 अति कार प्राप्त न0ीं कर ा 0ै। इकाई क े कु शल काय) क े लिलए संवग) क े पुनग)€न की स्तिस्थति में सरकार पुराने विनयमों क े अनुसार विनयुवि]यां करने क े लिलए बाध्य न0ीं 0ै। क े वल आवश्यक ा य0 0ै विक सरकार क े नीति ग विनण)य विनष्पक्ष और उतिच 0ोने चावि0ए और अनुच्छेद 14 की कसौटी पर न्यायोतिच 0ोना चावि0ए।

4. रंगैया मामले क े सिसद्धां को मात्र इसलिलए लागू करने की आवश्यक ा न0ीं 0ै क्योंविक पद सृसिज विकए गए थे, और विनयुवि] प्राति कारी क े लिलए पदों को ुरं भरना अविनवाय) न0ीं 0ै। उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।"

5. जब संशो न से प0ले मौजूद रिरवि]यों पर विनयुवि]यों पर विवचार करने क े लिलए राज्य पर कोई सांविवति क क )व्य न0ीं 0ै, ो राज्य को मामलों पर विवचार करने क े लिलए विनद•णिश न0ीं विकया जा सक ा 0ै। (जोर विदया गया)

33. कानून की स्पt व्याख्या क े मद्देनजर, 0में प्रत्यर्भिथयों क े विवद्वान अति व]ाओं द्वारा विकए गए विनवेदन को अस्वीक ृ करने में कोई संकोच न0ीं 0ै, विक अध्याय 2 क े विवविनयम 17 क े संशो न से पूव) मौजूद रिरवि]यों को असंशोति विनयमों द्वारा शासिस विकया जाना चावि0ए।

34. उपरो] कारणों से, सिसविवल अपील सं० 1882/2023, सिसविवल अपील सं० 1883/2023 और सिसविवल अपील सं० 1884/2023 को स्वीक ृ विकया जा ा 0ै। दनुसार, इला0ाबाद उच्च न्यायालय क े विनम्नलिललिख विनण)य रद्द विकए जा े 0ैं: विवशेष अपील तिXफ े स्तिक्टव सं० 42/2019 में विनण)य विदनांक 16.01.2019; रिरट अपील संख्या 27341/2018 में विनण)य विदनांक 16.01.2019; विवशेष अपील तिXफ े स्तिक्टव सं० 38/2019 में विनण)य विदनांक 18.01.2019।

35. लाग क े संबं में कोई आदेश न0ीं। ………………………….. भार क े मुख्य न्याय ीश Xॉ. नंजय वाई चंद्रचूड़, ……………………………. न्यायमूर्ति पाविमविदगं म श्री नरसिसम्0ा नई विदल्ली; 27 अप्रैल 2023 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण)य वादी क े अपनी भाषा में समझने 0े ु विनबCति प्रयोग क े लिलए 0ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न0ीं विकया जा सक ा 0ै। सभी व्याव0ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण)य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा था विनष्पादन और विSयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य 0ोगा।"