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भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील सं. 8388 वर्ष 2017
शांति भूर्षण (मृ ) द्वारा विवति क प्रति वि+ति एवं अन्य ...... अपीलक ागण
ब+ाम
उ.प्र. राज्य एवं अन्य ...... प्रत्यर्थी3गण
वि+णय
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका
थ्यात्मक पहलू
JUDGMENT
1. यह अपील अपीलक ागण द्वारा हरिर मोह+ दास टंड+ (विवक्र े ा) से पंजीक ृ विबक्री विवलेख विद+ांविक 29 +वंबर 2010 (विबक्री विवलेख) क े ह इलाहाबाद में खरीदी गई संपत्तिD क े बाजार मूल्य क े वि+ ारण से संबंति विववाद क े बारे में है। संपत्तिD का विववरण विबक्री विवलेख की अ+ुसूची में विदया गया है जो इस प्रकार है: "संपत्तिD की अ+ुसूची" फ्री होल्ड साइट संख्या 49 का विहस्सा सिसविवल स्टेश+, इलाहाबाद सिजसका +गर वि+गम संख्या 19 पुरा+ा, 77/29 +या और 19-ए पुरा+ा 79/31 +या, लाल बहादुर शास्त्री माग ( एल्गिल्ग+ रोड), इलाहाबाद उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ+ुवाविद वि+णय वादी क े अप+ी भार्षा में समझ+े हे ु वि+ब]ति प्रयोग क े त्तिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े त्तिलए प्रयोग +हीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े त्तिलए, वि+णय का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा+ा जाएगा र्थीा वि+ष्पाद+ और विक्रयान्वय+ क े उद्देश्यों क े त्तिलए मान्य होगा।" 2023 INSC 425 सिजसकी माप 7818.00 वग मीटर है सिजस पर वि+माण और अति संरच+ा है, संलग्न +क्शे में लाल रंग से दशायी गयी है जो वि+म्+ा+ुसार तिघरी है: सीमाएँ पूव: फ्री होल्ड साइट संख्या 49 सिसविवल स्टेश+, इलाहाबाद का विहस्सा जो स्ट्रेची रोड की रफ है जो विवक्र े ा - समझौ े क े अ+ुसार पहला पक्ष, क े पक्ष में वि+ग विकया गया है। पतिmम: साइट +ंबर 50 सिसविवल स्टेश+, इलाहाबाद उDर: एल्गिल्ग+ रोड (लाल बहादुर शास्त्री माग) दतिक्षण: साइट +ंबर 30 सिसविवल स्टेश+, इलाहाबाद " इस संपत्तिD को ए ल्गिश्म+पmा विबक्री विवलेख संपत्तिD क े रूप में संदर्भिभ विकया गया है।
2. अपीलक ागण क े पक्ष क े अ+ुसार बंगला +ंबर 19 और कॉटेज +ंबर 19-ए वृहDर संपत्तिD पर मौजूद र्थीे। उ+क े अ+ुसार, वर्ष 1939 में बंगला +ंबर 19, संलग्न भूविम और आउटहाउस क े सार्थी-सार्थी कॉटेज संख्या 19- ए, प्रर्थीम अपीलक ा क े विप ा द्वारा विकराए पर त्तिलया गया र्थीा। अपीलक ाओं +े संयुक्त प्रां (अस्र्थीायी) विकराया और बेदखली अति वि+यम, 1947 और बाद में उ.प्र. शहरी भव+ (विकराए पर दे+े, विकराया और बेदखली का विववि+यम+) अति वि+यम 1972 क े ह संरतिक्ष विकरायेदार हो+े का दावा विकया। अपीलार्थी3 द्वारा रखे गए पक्ष क े अ+ुसार, 2 सिस ंबर 1966 और 10 सिस ंबर 1966 विद+ांविक दो पत्रों द्वारा, विवक्र े ा विबक्री विवलेख संपत्तिD को पहले अपीलार्थी3 क े विप ा को क ु ल 1 लाख रुपये क े प्रति फल पर बेच+े क े त्तिलए सहम हो गया। रू. 5000/- का भुग ा+ विवक्र े ा को बया+ा राणिश क े रूप में विकया गया र्थीा। यह जमी+ पट्टे पर ली गई र्थीी। इसे 8 जू+ 2000 को विवक्र े ा क े पक्ष में वि+ष्पाविद फ्रीहोल्ड विवलेख क े आ ार पर एक फ्रीहोल्ड भूविम में परिरवर्ति कर विदया गया र्थीा। पहले अपीलक ा +े उसी वर्ष विववि+र्दिदष्ट अ+ुपाल+ क े त्तिलए एक मुकदमा दायर विकया।
3. 29 सिस ंबर 2010 को, विवक्र े ा और अपीलार्थी3 क े बीच एक समझौ ा हुआ, सिजसक े ह अपीलक ा लगभग 1/3 भूविम को दे+े क े त्तिलए सहम हुए, जो उपरोक्त दो पत्रों द्वारा कवर की गई विबक्री क े त्तिलए मूल समझौ े का एक विहस्सा र्थीा, और 7818 वग मीटर की भूविम ले+े क े त्तिलए सहम हुए। उसी विवचार क े त्तिलए मौजूदा संरच+ाओं क े सार्थी मीटर जो वर्ष 1966 में य विकया गया र्थीा। लंविब मुकदमे में समझौ ा दज कर+े क े त्तिलए 5 अक्टूबर 2010 को एक आवेद+ विकया गया। उक्त समझौ े क े आ ार पर, 12 अक्टूबर 2010 को, पक्षकारों द्वारा और उ+क े बीच विबक्री क े त्तिलए एक समझौ े को वि+ष्पाविद विकया गया। 16 +वंबर 2010 को सिसविवल कोट द्वारा एक समझौ ा तिडक्री पारिर की गई।
4. विबक्री क े त्तिलए एक +ए समझौ े क े वि+ष्पाद+ से पहले, 29 सिस ंबर 2010 को, अपीलार्थी3 +े प्रस् ाविव विबक्री विवलेख की एक प्रति अग्रेविर्ष करक े विबक्री विवलेख पर देय स्टांप शुल्क क े वि+ ारण क े त्तिलए भार ीय स्टांप अति वि+यम, 1899 की ारा 31 सपविy ारा 32 (संक्षेप में 'स्टांप अति वि+यम' ) क े ह एक आवेद+ दायर विकया। हालांविक, कोई फ ै सला +हीं विकया गया। 29 +वंबर 2010 को, विवक्र े ा द्वारा अपीलार्थी3 क े पक्ष में विवक्रय विवलेख वि+ष्पाविद विकया गया र्थीा।
5. सहायक स्टाम्प आयुक्त द्वारा स्टाम्प अति वि+यम की ारा 47 क क े ह शविक्तयों का प्रयोग कर े हुए 8 फरवरी 2011 और 15 अप्रैल 2011 को अपीलार्थी3 को दो +ोविटस जारी विकए गए र्थीे, सिजसमें अपीलार्थी3 को सूतिच विकया गया र्थीा विक सहायक स्टाम्प कलेक्टर विबक्री विवलेख पर उतिच स्टाम्प शुल्क क े भुग ा+ क े प्रश्न पर विवचार कर रहा र्थीा।
6. हम यहाँ +ोट कर सक े हैं विक विकराया पूंजीकरण विवति का उपयोग करक े, अपीलार्थी3 +े विबक्री विवलेख संपत्तिD क े रूप में Rs.6,67,200/- की गण+ा की और उक्त बाजार मूल्य पर वि+ ारिर स्टाम्प शुल्क रू. 46, 700/- का भुग ा+ विकया। 15 अप्रैल 2011 विद+ांविक +ोविटस में, यह आरोप लगाया गया र्थीा विक स्टाम्प शुल्क में रू.1,33,07,900/- की कमी र्थीी। अपीलार्थी3 +े त्तिलत्तिख प्रस् ुति याँ दात्तिखल करक े +ोविटसों का विवरो विकया। सहायक स्टाम्प कलेक्टर +े विद+ांक 6 ज+वरी 2012 क े आदेश द्वारा वि+ ारिर विकया विक 7818 वग मीटर क्षेत्रफल वाली भूविम का बाजार मूल्य रुपये 24,000 / प्रति वग मीटर की दर से आंक+ा होगा। सहायक कलेक्टर +े पाया विक वर्ष 2010 में उसी संपत्तिD क े एक विहस्से क े संबं में चार विबक्री हुई र्थीी, सिजसका बाजार मूल्य ₹.24,000/प्रति वग मीटर र्थीा। भूविम क े बाजार मूल्य की गण+ा ₹. 24,000/प्रति वग मीटर की दर से कर े हुए सहायक स्टाम्प कलेक्टर +े संरच+ाओं क े सार्थी-सार्थी आम क े पेड़ों क े मूल्य को भी जोड़ा। कलेक्टर इस वि+ष्कर्ष पर पहुंचे विक विबक्री विवलेख की ति णिर्थी पर, विबक्री विवलेख संपत्तिD का बाजार मूल्य रुपये 19,23,08,305/-र्थीा सिजस पर स्टाम्प शुल्क रु. 1,34,61,630/- देय र्थीा। अपीलक ाओं द्वारा का भुग ा+ की गई रुपये 46,700/- की स्टाम्प ड्यूटी को ध्या+ में रख े हुए,उन्हें रुपये 1,34,14,930/- क े स्टांप शुल्क का भुग ा+ कर+े का वि+दƒश विदया गया। अपीलक ाओं पर रुपये 27,00,000/- का जुमा+ा लगाया गया। इसक े अलावा, उन्हें विबक्री की ारीख से राणिश क े भुग ा+ क शेर्ष स्टांप शुल्क पर 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज का भुग ा+ कर+े का वि+दƒश विदया गया।
7. अपीलक ाओं क े पक्ष क े अ+ुसार, 1 फरवरी 2012 को, उन्हों+े तिडमांड ड्राफ्ट द्वारा 70 लाख रुपये का स्टांप शुल्क का भुग ा+ विकया क्योंविक उ+क े त्तिखलाफ कyोर कारवाई की जा सक ी र्थीी। अपीलक ाओं +े 6 ज+वरी 2012, विद+ांविक आदेश क े त्तिखलाफ अपील की र्थीी, सिजसे अपीलीय प्राति कारी द्वारा खारिरज कर विदया गया। अपीलक ाओं +े 9 +वंबर 2012 को स्टैंप ड्यूटी क े त्तिलए 30 लाख रुपये की अति रिरक्त राणिश जमा की। अपीलक ाओं द्वारा सहायक कलेक्टर और अपीलीय प्राति कारी क े आदेश को संविव ा+ क े अ+ुच्छेद 226 क े ह रिरट क्षेत्राति कार का प्रयोग कर े हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय क े समक्ष चु+ौ ी दी गई। प्राति कारिरयों द्वारा वि+ ारिर बाजार मूल्य की अणिभपुविष्ट कर े हुए,उच्च न्यायालय +े अपीलक ाओं को 23 ज+वरी 2013 विद+ांविक वि+णय द्वारा सीविम राह प्रदा+ की। सीविम राह रू. 27,00,000/- क े जुमा+े की मांग को अपास् कर+े की र्थीी। व मा+ अपील उच्च न्यायालय क े वि+णय एवं आदेश क े विवरुद्ध की गई है। क
8. विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता,श्री जयं भूर्षण, जो अपीलक ा सं. 3 हैं, व्यविक्तग रूप से उपल्गिस्र्थी हुए और उन्हों+े अप+ी ओर से और सार्थी ही अन्य अपीलक ाओं की ओर से क विदया। उन्हों+े हमें उ+ थ्यों से अवग कराया सिजसक े आ ार पर यह रिरट यातिचका दायर की गई है। विवद्वा+ वरिरष्ठ वकील +े क विदया विक हालांविक अपीलक ा विबक्री क े समझौ े क े अ+ुसार 11428 वग मीटर की क ु ल भूविम खरीद+े क े हकदार र्थीे, वे 3614 वग मीटर क े क्षेत्र को छोड़कर 7814 वग मीटर क े अपेक्षाक ृ कम क्षेत्र को खरीद+े क े त्तिलए सहम हुए। हालांविक, सहम मौविŒक प्रति फल को कम +हीं विकया गया।
9. विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता +े क विदया विक पहले अपीलक ा क े विप ा को पहले से ही विबक्री विवलेख संपत्तिD में एक विकरायेदार क े रूप में शाविमल विकया गया र्थीा। उन्हों+े कहा विक जब कोई संपत्तिD विकरायेदार क े कब्जे में हो ी है, ो बाजार मूल्य काफी कम हो जा ा है। उन्हों+े कहा विक जब कोई इच्छ ु क खरीदार विकसी विकरायेदार क े कब्जे वाली संपत्तिD का अति ग्रहण कर ा है, ो वह जा+ ा है विक उसे विकराएदार को बेदखल कर+े में लम्बी का+ू+ी प्रविक्रया का पाल+ कर+ा होगा। इसत्तिलए, ऐसी संपत्तिD का मूल्य ऐसी ही अन्य संपत्तिD क े बाजार मूल्य से कम हो ा है जो मात्तिलकों क े कब्जे में हो। उन्हों+े कहा विक इस ल्गिस्र्थीति में विबक्री एक बाति संपत्तिD का र्थीा जो "जहाँ है जैसा है" क े आ ार पर र्थीा।
10. विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता +े कहा विक विकसी संपत्तिD का बाजार मूल्य का वि+ ारण इस आ ार पर विकया जा ा है विक कोई इच्छ ु क खरीदार विक +ा भुग ा+ करेगा। उन्हों+े कहा विक जब एक विकरायेदार क े कब्जे वाली संपत्तिD बेची जा ी है ो उसक े बाजार मूल्य का वि+ ारण कर े समय, अति ग्रहण अति वि+यम, 1894 क े ह अति ग्रविह भूविम क े संबं में इस न्यायालय क े विवणिभन्न वि+णयों में वि+ ारिर सिसद्धां ों क े अ+ुसार विकया जा+ा चाविहए। उन्हों+े इस न्यायालय क े वि+णयों का अवलंब त्तिलया। उन्हों+े इस न्यायालय द्वारा विवशेर्ष भूविम अति ग्रहण एवं पु+वास अति कारी, सागर ब+ाम एम.एस. शेर्षविगरी राव एवं अन्य[1] और मंग राम एवं अन्य ब+ाम हरिरयाणा राज्य एवं अन्य[2] क े मामले में विदए गए वि+णयों का अवलंब त्तिलया। उन्हों+े कहा विक बाजार मूल्य घट जाएगा यविद संपत्तिD पर विकसी प्रकार का प्रभाय है। बाजार मूल्य वास् विवक बाजार मूल्य में प्रभाय या दे+दारिरयों का मूल्य घटाकर प्राप्त होगा। उन्हों+े ओ.ए+. लवार ब+ाम द कलेक्टर ऑफ स्टैम्प्स[3] क े मामले में विदल्ली उच्च न्यायालय द्वारा विदए गए एक फ ै सले पर अवलंब त्तिलया। 1 (1968) 2 SCR 892
11. उन्हों+े आगे कहा विक संपत्तिD का बाजार मूल्य इस थ्य क े कारण और कम हो जा ा है विक अपीलक ाओं क े पक्ष में पहले से ही विबक्री का एक समझौ ा र्थीा सिजसक े ह विवक्र े ा संपत्तिD को रुपये 1 लाख की कीम पर बेच+े क े त्तिलए सहम हो गया र्थीा।
12. उन्हों+े कहा विक यद्यविप प्रस् ाविव विबक्री विवलेख पर देय स्टाम्प शुल्क क े अति वि+णय+ क े त्तिलए एक आवेद+ प्रस् ु विकया गया र्थीा, उक्त आवेद+ का कोई जवाब +हीं आया और उस आ ार पर, सहायक कलेक्टर द्वारा लगाए गए दंड क े आदेश को उच्च न्यायालय द्वारा अपास् कर विदया गया।
13. उन्हों+े कहा विक विवक्र े ा और अपीलक ाओं क े बीच समझौ े क े अ+ुसार, अपीलक ाओं द्वारा भुग ा+ विकए जा+े क े त्तिलए सहम प्रति फल 1 लाख रुपये र्थीा और संपत्तिD का 1/3 भाग मुक्त विकया जा+ा र्थीा। उन्हों+े कहा विक अपीलक ा को वास् विवक संप्रेविर्ष संपत्तिD भूविम का 2/3 भाग र्थीा सिजसक े संबं में वे विकरायेदार र्थीे। इसत्तिलए, 2/3 भूविम का मूल्य 2/3 x (पूरी भूविम क े मूल्य का 1/3 + (+) 1 लाख रुपये) होगा। उन्हों+े कहा विक बाजार मूल्य की गण+ा उसी क े अ+ुसार कर+ी होगी।
14. विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता +े यह भी कहा विक स्टाम्प अति वि+यम की ारा 47- ए (4 ए) क े ह प्रति माह 1.5% की दर से ब्याज का भुग ा+ कर+े का वि+दƒश भी उतिच +हीं र्थीा क्योंविक विबक्री विवलेख क े वि+ष्पाद+ से पहले भी, अपीलक ाओं +े स्वेच्छा से ड्राफ्ट सेल डीड पर स्टांप ड्यूटी क े रूप में देय राणिश क े अति वि+णय की याच+ा की र्थीी। इसक े अलावा, उन्हों+े ब ाया विक 23 सिस ंबर 2013 क े अं रिरम आदेश द्वारा, उच्च न्यायालय +े रिरकवरी कायवाही पर रोक लगा दी र्थीी। अं में, उन्हों+े ब ाया विक अपीलक ाओं द्वारा क ु ल राश एक करोड़ रुपये पहले ही जमा करा विदये गये हैं।
15. विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता श्री आर.क े. रायजादा +े राज्य की ओर से क विदया है विक अपीलक ाओं द्वारा देय स्टाम्प शुल्क की गण+ा विबक्री विवलेख क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर विबक्री विवलेख भूविम क े प्रचत्तिल बाजार मूल्य क े अ+ुसार की जा+ी चाविहए। उन्हों+े कहा विक विबक्री क े समझौ े क े ह पक्षकारों द्वारा वि+ ारिर े मूल्य का बाजार मूल्य क े त्तिलए कोई प्रासंविगक ा +हीं है। विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता +े कहा विक समझौ ा तिडक्री में विदखाई गई प्रति फल राणिश की भी कोई प्रासंविगक ा +हीं है। उन्हों+े कहा विक जब कोई विकरायेदार एक अचल संपत्तिD खरीद ा है, वह संपत्तिD का पूण मात्तिलक ब+ जा ा है, और वह विब+ा विकसी प्रभाय क े संपत्तिD ले ले ा है। विवद्वा+ वरिरष्ठ अति वक्ता +े कहा विक संपत्तिD कर क े वि+ ारण क े प्रयोज+ों क े त्तिलए कर योग्य मूल्य का वि+ ारण हमेशा अणिभकल्गिल्प विकराए क े आ ार पर विकया जा ा है जो संपत्तिD का विमल सक ा है। उन्हों+े कहा विक +गरपात्तिलका का+ू+ों क े ह वि+ ारिर कर योग्य मूल्य स्टाम्प अति वि+यम क े प्रयोज+ों क े त्तिलए बाजार मूल्य +हीं है। उन्हों+े क विदया विक सहायक कलेक्टर, अपीलीय प्राति कारी और उच्च न्यायालय +े यह मा+ा है विक अपीलक ा शेर्ष स्टाम्प शुल्क का भुग ा+ कर+े क े त्तिलए उDरदायी हैं। उक्त आदेशों में हस् क्षेप की आवश्यक ा +हीं है।
16. जहां क बाजार मूल्य क े वि+ ारण का संबं है, अपीलक ाओं की ओर से प्रस् ु वरिरष्ठ अति वक्ता +े द कविमश्नर ऑफ वेल्र्थी टैक्स मैसूर, बैंगलोर ब+ाम वी.सी. रामचंŒ+4 क े मामले में क+ाटक उच्च न्यायालय द्वारा विदए गए वि+णय का अवलंब त्तिलया है। क› पर विवचार और हमारा दृविष्टकोण 4 (1966) 60 ITR 103.
17. इसमें विववाद +हीं है विक हस् ां रण पर स्टांप शुल्क का भुग ा+ उस बाजार मूल्य क े अ+ुसार विकया जाएगा, जो विक हस् ां रण की ति णिर्थी को प्रचत्तिल हो। वास् व में, अपीलक ाओं +े स्वयं स्टाम्प अति वि+यम की अ+ुसूची आईबी क े अ+ुच्छेद 23 पर भरोसा विकया है जो विक उDर प्रदेश राज्य क े त्तिलए प्रयोज्य है। उन्हों+े सहायक कलेक्टर क े समक्ष दायर त्तिलत्तिख प्रकर्थी+ों में उक्त प्राव ा+ पर अवलंब त्तिलया है। उ+क े त्तिलत्तिख प्रकर्थी+ों क े पैराग्राफ 2 से 4 वि+म्+व हैं: "2. विबक्री विवलेख पर देय स्टाम्प शुल्क भार ीय स्टाम्प अति वि+यम की अ+ुसूची I क े अ+ुच्छेद 23 द्वारा शासिस हो ा है। क ें Œीय अति वि+यम, अ+ुच्छेद 23 में इस रह क े हस् ां रण क े प्रति फल क े मूल्य पर स्टाम्प शुल्क देय हो ा है जैसा विक विवक्रय विवलेख में वि+ ारिर विकया गया हो। विवक्रय विवलेख में वि+विह प्रति फल 1 लाख रुपये है और इसत्तिलए, यविद विबक्री विवलेख क े वल क ें Œीय अति वि+यम द्वारा शासिस हो ा, ो उ.प्र. संशो + क े विब+ा स्टाम्प शुल्क 1 लाख रुपये की राणिश पर देय हो ा।
3. हालांविक, उDर प्रदेश में प्रयोज्य ा क े संदभ में भार ीय स्टाम्प अति वि+यम में उ.प्र. (स्टाम्प संशो + अति वि+यम 1952) द्वारा संशो + विकया गया है और अ+ुसूची IB क े अ+ुच्छेद 23 उDर प्रदेश में यर्थीा प्रयोज्य वि+म्+व है: "अ+ुच्छेद 23 हस् ां रण (जैसा विक ारा 2 (10) द्वारा परिरभाविर्ष विकया गया है) सं. 62 क े ह स्र्थीा+ां रण शुल्क या छ ू ट + हो+े क े कारण। जहां इस रह क े प्रति फल की राणिश या मूल्य जैसा उसमें वि+ ारिर विकया गया हो या संपत्तिD का बाजार मूल्य जो विक ऐसे हस् ां रण का विवर्षय है, जो भी अति क हो......"
4. इस प्रकार यह प्राव ा+ जो मौजूदा मामले पर लागू हो ा है, उपबं कर ा है विक यविद अचल संपत्तिD का बाजार मूल्य हस् ां रण क े विवलेख में वि+ ारिर प्रति फल क े मूल्य से अति क है, ो स्टांप शुल्क ऐसी अचल े बाजार मूल्य पर देय होगा जो हस् ां रण विवलेख का विवर्षय है। " (प्रभाव वर्ति ) अ+ुसूची IB का अ+ुच्छेद 23,जो उDर प्रदेश राज्य पर प्रयोज्य है,इस प्रकार है: - दस् ावेज का विववरण उतिच स्टाम्प-ड्यूटी
23. हस् ां रण [ ारा 2 (10) द्वारा यर्थीा परिरभाविर्ष जो सं. 60 क े अन् ग प्रभारिर या उन्मुक्त अं रण + हो साy रूपये (ए) यविद अचल संपत्तिD से संबंति है जहां इस रह क े प्रति फल की राणिश या मूल्य या अचल संपत्तिD का बाजार मूल्य जो इस रह क े हस् ां रण का विवर्षय है, जो भी अति क हो 500 रुपये से अति क +हीं है। जहां यह 500 रुपये से अति क लेविक+ 1,000 रू. से अ+ति क है। और प्रत्येक 1,000 रुपये क े त्तिलए या उसक े विहस्से में अति क या 1,000 रुपये। एक सौ पचीस रूपये एक सौ पचीस रूपये बश ƒ विक देय शुल्क दस रुपए क े अगले गुणक में पूणा]विक विकया जाएगा। (बी) यविद चल संपत्तिD से संबंति है, जहां इस रह क े प्रति फल की राणिश या मूल्य रुपये 1,000 से अति क +हीं है। और प्रत्येक 1,000 रुपये या उसक े विहस्से क े त्तिलए 1,000 रुपये से अति क। बीस रुपये बीस रुपये
18. इस स् र पर, हम ध्या+ दे सक े हैं विक स्टाम्प अति वि+यम एक करा ा+ क़ा+ू+ है। इस रह क े क़ा+ू+ की व्याख्या में, समरूविपक प्रति फल लागू +हीं विकए जा सक े हैं। एक करा ा+ क़ा+ू+ की व्याख्या उसक े अ+ुसार की जा+ी चाविहए जो उसमें स्पष्ट रूप से व्यक्त विकया गया है। इस रह क े क़ा+ू+ की व्याख्या और कर का भुग ा+ कर+े क े दातियत्व का वि+ ारण कर े समय, प्राव ा+ों को सख् ी से लागू कर+े की आवश्यक ा हो ी है। दूसरे शब्दों में, करा ा+ क़ा+ू+ की व्याख्या कर े समय शाल्गिब्दक वि+वच+ क े वि+यम को लागू विकया जा+ा चाविहए।। इसकी व्याख्या इस् ेमाल विकए गए शब्दों क े प्राक ृ ति क संदभ में की जा+ी चाविहए। ऐसी विकसी भी चीज को लागू कर+े की गुंजाइश +हीं है सिजसका स्पष्ट रूप से उपबंति +हीं विकया गया है।
19. स्टाम्प अति वि+यम की अ+ुसूची I क े अ+ुच्छेद 23 क े मद्दे+जर, विकसी हस् ां रण पर देय स्टांप शुल्क, हस् ां रण की ति णिर्थी पर विवर्षयग संपत्तिD क े बाजार मूल्य क े अ+ुसार होगा, जब क विक उसमें विदखाया गया प्रति फल प्रचत्तिल बाजार मूल्य से अति क + हो। राजस्र्थीा+ राज्य एवं अन्य ब+ाम खंडका जै+ ज्वैलस[5] क े मामले में इस न्यायालय क े एक वि+णय से उपयोगी संदभ ब+ाया विदया जा सक ा है। उक्त वि+णय का पैराग्राफ 18 और 19 को इस प्रकार है:
"18. राज्य की ओर से उपल्गिस्र्थी विवद्वा+ अति वक्ता का क है विक अति वि+यम की ारा 17 क े अ+ुसार, बाजार मूल्य को ध्या+ में रखा जा+ा चाविहए क्योंविक ारा 17 वि+ ारिर कर ी है विक शुल्क क े सार्थी प्रभाय और भार क े व्यविक्त द्वारा वि+ष्पाविद सभी दस् ावेजों पर स्टांप "वि+ष्पाद+ क े समय" या पहले लगेगी। "वि+ष्पाद+" शब्द को अति वि+यम की ारा 2 (12) में परिरभाविर्ष विकया गया है जो कह ा है विक "वि+ष्पाद+" का उपयोग दस् ावेजों क े संदभ में विकया जा ा है, सिजसका अर्थी है "हस् ाक्षरिर " और "हस् ाक्षर"। इसत्तिलए, यह दशा ा है विक दस् ावेज़ जो मांगा गया है पंजीक ृ हो+ा चाविहए और दो+ों पक्षों द्वारा हस् ाक्षरिर हो+ा चाविहए। उस समय क प्रपत्र पंजीकरण क े त्तिलए एक दस् ावेज +हीं ब+ ा है। ारा 2 (12) को ारा 17 क े सार्थी पढ़+े से स्पष्ट रूप से विवचार हो ा है विक दस् ावेज़ उस समय सभी प्रकार से पूण हो+ा चाविहए जब दो+ों पक्ष अचल संपत्तिD क े संबं में इस पर हस् ाक्षर कर े हैं। यह अप्रासंविगक है विक मामला मुकदमेबाजी में गया र्थीा या +हीं।
19. यह उल्लेख विकया जा सक ा है विक बेच+े क े समझौ े और विबक्री क े बीच अं र है। विबक्री पर स्टांप शुल्क का आकल+ विबक्री क े समय े बाजार मूल्य पर विकया जा+ा चाविहए, + विक बेच+े क े पूवव 3 समझौ े क े समय, + ही वाद दायर कर+े क े समय। यह अति वि+यम की ारा 17 से स्पष्ट है। यह सच है विक ारा 3 क े अ+ुसार विवलेख को उसमें प्रकट विकए गए मूल्यांक+ क े आ ार पर पंजीक ृ विकया जा+ा चाविहए। लेविक+ राजस्र्थीा+ (संशो +) स्टाम्प शुल्क अति वि+यम की ारा 47-ए में यह परिरकल्गिल्प है विक यविद यह पाया जा ा है विक संपत्तिDयों का मूल्य कम है ो सही बाजार मूल्य का आकल+ कर+े क े त्तिलए कलेक्टर (स्टाम्प) क े पास विवकल्प हो ा है। इसत्तिलए, व मा+ मामले में जब पंजीकरण प्राति कारी +े पाया विक संपत्तिD का मूल्यांक+ सही +हीं र्थीा जैसा विक दस् ावेज में उल्लेख विकया गया है, ो उस+े े सही बाजार मूल्य का प ा लगा+े क े त्तिलए कलेक्टर को दस् ावेज भेजा। " अं ः पैरा 22 में, इस न्यायालय +े इस प्रकार कहा: "22. इस पृष्ठभूविम में, यविद हम ारा 17 को ारा 2 (12) क े सार्थी पढ़ े हैं, ो इसमें कोई संदेह +हीं है विक पंजीकरण क े समय, पंजीकरण प्राति कारी उस समय सही बाजार मूल्य का प ा लगा+े क े त्तिलए बाध्य है, और विवलेख में उसिल्लत्तिख मूल्य क े अ+ुसार +हीं जा+ा चाविहए।"
20. इसत्तिलए, जब विकसी विबक्री विवलेख को पंजीकरण क े त्तिलए प्रस् ु विकया जा ा है, ो पंजीकरण प्राति कारी को दस् ावेज़ क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर दस् ावेज़ की विवर्षयग संपत्तिD क े सही बाजार मूल्य का प ा लगा+ा चाविहए। ऐसे बाजार मूल्य क े आ ार पर स्टांप शुल्क देय हो ा है + विक दस् ावेज में उसिल्लत्तिख प्रति फल पर। यविद उसिल्लत्तिख प्रति फल बाजार मूल्य से अति क है, ो विदखाए गए प्रति फल पर स्टांप शुल्क देय होगा। इसक े अलावा, विबक्री क े त्तिलए समझौ े में उसिल्लत्तिख बाजार मूल्य या समझौ े की ारीख पर प्रचत्तिल बाजार मूल्य या सिजस ारीख को सौदेबाजी की गई र्थीी, उस विद+ प्रचत्तिल बाजार मूल्य का स्टांप शुल्क वि+ ारण कर+े में त्तिलए कोई प्रासंविगक ा +हीं है। प्रासंविगक बाजार मूल्य वह है जो हस् ां रण क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर हो ा है। इसत्तिलए, हमें इसमें कोई संदेह +हीं है विक अपीलक ा पर विबक्री विवलेख संपत्तिD क े संदभ में विबक्री की ति णिर्थी पर प्रचत्तिल बाजार मूल्य पर गण+ा विकए गए स्टांप शुल्क का भुग ा+ कर+े का दातियत्व र्थीा।
21. जैसा विक पहले कहा गया है, अपीलक ाओं द्वारा विबक्री विवलेख संपत्तिD का बाजार मूल्य 6,67,200/- रूपए लेकर स्टांप शुल्क का भुग ा+ विकया गया र्थीा। यह बाजार मूल्य +गरपात्तिलका का+ू+ों क े ह संपत्तिD कर लगा+े क े त्तिलए इस् ेमाल की जा+े वाली विवति को अप+ाकर य विकया गया र्थीा। इस रह क े मूल्य को अ+ुच्छेद 23 क े प्रयोज+ों क े त्तिलए बाजार मूल्य वि+ ारिर कर+े क े आ ार क े रूप में +हीं त्तिलया जा सक ा है।
22. अब हम त्समय उDर प्रदेश राज्य क े त्तिलए लागू स्टाम्प अति वि+यम की ारा 47-ए क े प्राव ा+ों पर आ े हैं। ारा 47-ए इस प्रकार है: "47 ए. हस् ां रण दस् ावेज इत्याविद, यविद मूल्य कम आंका गया हो ो विकस प्रकार व्यवहाय है: (1) (ए) यविद विकसी संपत्तिD का बाजार मूल्य जो विकसी भी दस् ावेज का विवर्षय है, सिजस पर संपत्तिD क े बाजार मूल्य पर शुल्क प्रभाय है जैसा विक इस रह क े दस् ावेज में अति वि+यम क े ह ब+ाए गए वि+यमों क े अ+ुसार वि+ ारिर न्यू+ म मूल्य से भी कम है, पंजीकरण अति वि+यम, 1908 क े ह वि+युक्त पंजीकरण अति कारी, उक्त अति वि+यम में वि+विह विकसी भी बा क े बावजूद, इस रह क े दस् ावेज की प्रस् ुति क े ुरं बाद और उक्त अति वि+यम की ारा 52 क े ह पंजीकरण क े त्तिलए इसे स्वीकार कर+े और कोई कारवाई कर+े से पहले, ारा 29 क े ह स्टांप शुल्क का भुग ा+ कर+े क े त्तिलए उDरदायी व्यविक्त से अपेक्षा करेगा विक वह शेर्ष स्टांप शुल्क का भुग ा+ करे, जैसा विक उक्त वि+यम क े ह वि+ ारिर न्यू+ म मूल्य क े आ ार पर गण+ा की गई है और पंजीकरण अति वि+यम, 1908 की ारा 23 क े अ+ुसार दस् ावेज को विफर से प्रस् ु कर+े क े त्तिलए वापस करेगा। (बी) जब खंड (ए) क े ह भुग ा+ कर+े क े त्तिलए अपेतिक्ष शेर्ष स्टांप शुल्क, विकसी भी दस् ावेज क े संबं में भुग ा+ विकया जा ा है और पंजीकरण क े त्तिलए दस् ावेज विफर से प्रस् ु विकया जा ा है, ो पंजीकरण अति कारी अ+ुमोद+ द्वारा प्रमाणिण करेगा, विक शेर्ष स्टांप शुल्क का भुग ा+ विकया गया है और उन्हें भुग ा+ कर+े वाले व्यविक्त का +ाम और वि+वास स्र्थीा+ दज करेगा। (सी) इस अति वि+यम क े विकसी भी अन्य प्राव ा+ों में वि+विह कु छ भी हो+े क े बावजूद, शेर्ष स्टांप शुल्क का भुग ा+ खंड (ए) क े ह लागू स्टाम्प क े रूप में विकया जा सक ा है, सिजसमें ऐसी उद्घोर्षणा हो सक ी है जो विवविह की जाए। (घ) यविद कोई व्यविक्त खण्ड (क) में वि+र्दिदष्ट आदेश प्राप्त कर+े क े बाद स्टाम्प ड्यूटी की शेर्ष राणिश का भुग ा+ +हीं कर ा है और पंजीकरण क े त्तिलए विफर से दस् ावेज प्रस् ु कर ा है, ो पंजीकरण अति कारी, दस् ावेज को पंजीक ृ कर+े से पहले, संपत्तिD क े बाजार मूल्य और उस पर देय उतिच शुल्क क े त्तिलए उसे कलक्टर को संदर्भिभ करेगा। (2) उप- ारा (1) क े प्राव ा+ों पर प्रति क ू ल प्रभाव डाले विब+ा, यविद ऐसा पंजीकरण अति कारी, विकसी ऐसे विवलेख को पंजीक ृ कर े समय, सिजस पर संपत्तिD क े बाजार-मूल्य पर शुल्क प्रभाय है, क े पास यह विवश्वास कर+े का कारण है विक दस् ावेज की संपत्तिD का सही बाजार मूल्य दस् ावेज में उसिल्लत्तिख +हीं विकया गया है, वह इस रह क े दस् ावेज को पंजीक ृ कर+े क े बाद, उसे, ऐसी संपत्तिD क े बाजार मूल्य और उस पर देय उतिच शुल्क क े त्तिलए, कलेक्टर को संदर्भिभ कर सक ा है। (3) उप- ारा (1) या उप- ारा (2) क े ह एक संदभ प्राप्त हो+े पर, कलेक्टर, पक्षकारों को सु+वाई का उतिच अवसर दे+े क े बाद और इस रह से जांच कर+े क े बाद जैसा इस अति वि+यम क े ह वि+यमों द्वारा विवविह विकया गया हो, दस् ावेज की संपत्तिD क े बाजार मूल्य और उस पर शुल्क का वि+ ारिर करेगा। शुल्क की राणिश में कोई अं र, शुल्क का भुग ा+ कर+े क े त्तिलए उDरदायी व्यविक्त द्वारा देय होगा। स्पष्टीकरण- उप- ारा (1) क े ह पंजीकरण अति कारी क े विकसी आदेश क े ह विकसी भी व्यविक्त द्वारा स्टाम्प शुल्क की शेर्ष राणिश का भुग ा+ कलेक्टर को उप- ारा (3) क े ह विकसी भी विवलेख पर कायवाही शुरू कर+े से +हीं रोक े गा। (4) कलेक्टर स्वप्रेरणा से या विकसी न्यायालय क े वि+दƒश पर या स्टाम्प आयुक्त या स्टाम्प क े अपर आयुक्त, या स्टाम्प उपायुक्त या स्टाम्प क े सहायक आयुक्त या राजस्व बोड द्वारा इस प्रयोज+ क े त्तिलए अति क ृ विकसी अति कारी क े संदभ पर, विकसी भी दस् ावेज क े पंजीकरण की ारीख से चार साल क े भी र, सिजस पर संपत्तिD क े बाजार मूल्य पर शुल्क प्रभाय है, जो पहले से ही उसे उप- ारा (1) या उप- ारा (2) क े ह संदर्भिभ +हीं विकया गया है, ऐसे दस् ावेज की संपत्तिD क े बाजार मूल्य और उस पर देय ड्यूटी की शुद्ध ा क े संबं में खुद को सं ुष्ट कर+े क े उद्देश्य क े त्तिलए दस् ावेज को मंगाकर उसकी जांच करेगा और यविद ऐसे परीक्षण क े बाद, उसक े पास यह विवश्वास कर+े का कारण है विक ऐसी संपत्तिD का बाजार मूल्य विवलेख में सही माय+े में वि+ ारिर +हीं विकया गया है, ो वह उप- ारा (3) में उपबंति प्रविक्रया क े अ+ुसार ऐसी संपत्तिD का बाजार मूल्य और उस पर देय शुल्क वि+ ारिर कर सक ा है। ड्यूटी शुल्क में कोई अं र, यविद कोई हो, शुल्क का भुग ा+ कर+े क े त्तिलए उDरदायी व्यविक्त द्वारा देय होगा। बश ƒ विक, राज्य सरकार की पूव अ+ुमति से, इस उप- ारा क े ह एक कारवाई चार साल की अवति क े बाद की जा सक ी है, लेविक+ उस दस् ावेज क े पंजीकरण की ारीख से आy साल की अवति से पहले सिजस पर संपत्तिD क े बाजार मूल्य पर ड्यूटी शुल्क प्रभाय है। स्पष्टीकरण उप- ारा (1) क े ह पंजीकरण अति कारी क े विकसी भी आदेश द्वारा विकसी भी व्यविक्त द्वारा स्टाम्प शुल्क की शेर्ष राणिश का भुग ा+ कलेक्टर को उप- ारा (3) क े ह विकसी भी त्तिलख पर कायवाही शुरू कर+े से +हीं रोक े गा। (4) यविद उप- ारा (2) क े ह जांच और उप- ारा (3) क े ह परीक्षण पर कलेक्टर संपत्तिD का बाजार मूल्य पा ा है- (i) सही माय+े में वि+ ारिर और दस् ावेज विवति व स्टांप युक्त, वह अ+ुमोद+ द्वारा प्रमाणिण करेगा विक इस पर विवति व स्टांप लगाई गई है और इसे संदर्भिभ कर+े वाले व्यविक्त को लौटा विदया देगा; ii) सही माय+े में वि+ ारिर +हीं विकया गया और सही माय+े में स्टांप +हीं लगाई गई है, उतिच शुल्क क े भुग ा+ की मांग करेगा या उसमें कमी को पूरा कर+े क े त्तिलए आवश्यक राणिश क े सार्थी उतिच शुल्क की राणिश क े चार गु+ा से अ+ति क या शेर्ष राणिश क े विहस्से क े सार्थी। (4 ए) उप- ारा (4) क े खंड (ii) क े ह भुग ा+ विकए जा+े वाले शेर्ष स्टांप शुल्क या दंड क े सार्थी-सार्थी कलेक्टर विवलेख क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी से वास् विवक भुग ा+ की ति णिर्थी क परिरकत्तिल शेर्ष स्टाम्प शुल्क की राणिश पर प्रति माह डेढ़ प्रति श की दर से सा ारण ब्याज का भुग ा+ कर+े की भी मांग करेगा: बश ƒ विक इस उप- ारा क े ह ब्याज की राणिश की पु+गण+ा की जाएगी यविद शेर्ष स्टाम्प ड्यूटी की राणिश अपील या पु+रीक्षण पर या विकसी सक्षम न्यायालय या प्राति करण क े विकसी आदेश द्वारा णिभन्न हो ी है। (4 बी) उप- ारा (4 ए) क े ह देय ब्याज की राणिश को देय राणिश में जोड़ा जाएगा और सभी उद्देश्यों क े त्तिलए भुग ा+ की जा+े वाली आवश्यक राणिश का विहस्सा मा+ा जाएगा। (4 सी) जहां विकसी न्यायालय या प्राति करण क े विकसी भी आदेश से शेर्ष स्टांप शुल्क की वसूली रुकी हुई है और इस रह क े रोक क े आदेश को बाद में रद्द कर विदया जा ा है, उप- ारा (4 ए) में वि+र्दिदष्ट ब्याज भी ऐसी विकसी भी अवति क े त्तिलए देय होगा, सिजसक े दौरा+ स्र्थीग+ आदेश लागू रहा। (4 डी) इस अति वि+यम क े प्राव ा+ क े ह विकसी व्यविक्त द्वारा भुग ा+ की गई या जमा की गई, या उससे वसूल की गई, या उसे वापस की जा+े वाली कोई भी राणिश, पहले उसक े त्तिखलाफ बकाया स्टांप शुल्क या जुमा+ा, यविद कोई हो, क े सापेक्ष समायोसिज की जाएगी और उससे बच+े वाली राणिश उसक े द्वारा देय ब्याज, यविद कोई हो, पर समायोसिज की जाएगी।"
23. द्नुसार, इस प्रकरण में सहायक स्टाम्प कलेक्टर द्वारा अति वि+णय+ विकया गया। विवक्रय विवलेख सम्पत्तिD का वि+रीक्षण कर+े क े पmा ् सहायक स्टाम्प कलेक्टर इस वि+ष्कर्ष पर पहुँचे विक विवक्रय विवलेख में सम्पत्तिD का विववरण गल र्थीा। सहायक कलेक्टर +े पाया विक विवक्रय विवलेख में भूविम का आच्छाविद क्षेत्र 970 मीटर विदखाया गया है, लेविक+ वास् व में यह 995 वग मीटर पाया गया। सहायक कलेक्टर +े वर्ष 2010 क े चार विबक्री ले+दे+ का उल्लेख विकया जो विक ऐसी संपत्तिDयां से संबंति र्थीी जो उसी बड़ी संपत्तिD का एक विहस्सा र्थीीं सिजसमें विदखाया गया बाजार मूल्य रू. 24,000/-प्रति वग मीटर र्थीा। बाजार मूल्य रू. 24,000/- प्रति वग मीटर लेकर विकया गया बाजार मूल्य का वि+ ारण सहायक कलेक्टर, अपीलीय प्राति कारी एवं उच्च न्यायालय द्वारा अ+ुमोविद विकया गया है।
24. यह एक स्वीक ृ ल्गिस्र्थीति प्र ी हो ी है विक अपीलक ा विबक्री विवलेख संपत्तिD क े संबं में विवक्र े ा क े विकरायेदार र्थीे। बाजार मूल्य क े त्तिलए कसौटी बहु सरल है। बाजार मूल्य वह है जो एक प्रामाणिणक और इच्छ ु क खरीदार पेश करेगा। यह स्पष्ट है विक यविद विबक्री की विवर्षयग संपत्तिD विवर्षय स्वयं विवक्र े ा क े कब्जे में है ो वास् विवक क्र े ा संपत्तिD क े त्तिलए उस कीम से अति क मूल्य की पेशकश करेगा जो वह एक समा+ संपत्तिD पर उस समय पेश कर ा जब विबक्री की विवर्षयग संपत्तिD विकरायेदार क े कब्जे में हो ी। इसमें कोई संदेह +हीं है विक एक विकरायेदार या विकरायेदारों क े कब्जे वाली संपत्तिD क े त्तिलए विवक्र े ा क े कब्जे वाली े बाजार मूल्य की ुल+ा में कम बाजार मूल्य विमलेगा। कारण यह है विक खरीदार को विकरायेदार क े विहस्से का वास् विवक कब्जा +हीं विमलेगा।
25. विकरायेदारों क े मामले में भी ुल+ा पद्धति द्वारा बाजार मूल्य वि+ ारिर विकया जा सक ा है। उदाहरण क े त्तिलए, यविद विकसी विकरायेदार क े कब्जे वाली संपत्तिD का विबक्री ले+दे+ हो ा है जो ऐसी संपत्तिD है सिजसे मूल्यांविक विकया जा+ा है और यविद उक्त विबक्री ले+दे+ को वास् विवक ले+दे+ मा+ा जा ा है, ो विबक्री ले+दे+ क े आ ार पर बाजार मूल्य य विकया जा सक ा है। यविद कोई ुल+ीय संपत्तिD का उदाहरण +हीं है ो ऐसी संपत्तिD जो विकराएदार क े कब्जे में है का बाजार मूल्य ऐसी संपत्तिD क े बाजार मूल्य से घटाकर प्राप्त विकया जा सक ा है जो विकराएदार क े कब्जे में + हो।
26. त्तिलत्तिख दलीलों में, व्यविक्तग रूप से पेश हो+े वाले विवद्वा+ अति वक्ता +े बाजार मूल्य की गण+ा क े त्तिलए विबक्री क े समझौ े की ारीख (1966) क े बाजार मूल्य और अपीलक ाओं द्वारा समझौ े क े माध्यम से दी गई भूविम क े एक ति हाई क े बाजार मूल्य को ध्या+ में रख े हुए एक सूत्र का सुझाव विदया है। हालांविक, यह क स्पष्ट रूप से स्वीकाय +हीं है क्योंविक बेची गई संपत्तिD का बाजार मूल्य विबक्री विवलेख क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर वि+ ारिर कर+ा होगा।
27. सहायक कलेक्टर, अपीलीय प्राति कारी, और उच्च न्यायालय +े इस मुद्दे का फ ै सला हमारे द्वारा ऊपर ारिर विकए गए क े संदभ में +हीं विकया है। भले ही मागदश+ मूल्य रु. 24,000/- प्रति वग मीटर को विबक्री विवलेख भूविम क े बाजार मूल्य क े रूप में त्तिलया जा ा है, बाजार मूल्य से आवश्यक कटौ ी कर+ी होगी क्योंविक अपीलक ा पहले से ही विबक्री विवलेख भूविम क े विकरायेदारों क े रूप में काविबज र्थीे। सिजस सीमा क कटौ ी की जा सक ी है, वह विकरायेदारी की प्रक ृ ति और अन्य भौति क कारकों पर वि+भर करेगा। क ु छ विकरायेदारी प्रासंविगक विकराया वि+यंत्रण का+ू+ क े ह संरतिक्ष हो सक ी हैं, जबविक क ु छ संरतिक्ष +हीं भी हो सक ी हैं। यह सब साक्ष्य का मामला है।
28. विवक्रय विवलेख क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर विवक्रय विवलेख भूविम क े बाजार मूल्य से संबंति मुद्दे को विववाद क े पक्षकारों को मौत्तिखक और दस् ावेजी साक्ष्य प्रस् ु कर+े की अ+ुमति देकर वि+ण[3] विकया जा+ा चाविहए। सहायक कलेक्टर को यह सुवि+तिm कर+ा होगा विक क्या विकरायेदारों क े कब्जे वाली संपत्तिD का ुल+ीय विबक्री उदाहरण उपलब् है। यविद यह उपलब् +हीं है, ो सहायक कलेक्टर को संबंति ति णिर्थी को पु+: ुल+ात्मक विवति द्वारा ऐसी ुल+ीय संपत्तिD का बाजार मूल्य लेकर, सिजसमें विकरायेदारी की बा ा +हीं है, विबक्री विवलेख संपत्तिD का बाजार मूल्य सुवि+तिm कर+ा होगा। त्पmा, उसे इस मामले क े थ्यों क े मद्दे+जर बाजार मूल्य में की जा+े वाली कटौ ी का प्रति श वि+ ारिर कर+ा होगा। ये प्रश्न सहायक कलेक्टर द्वारा रिरकॉड पर लाए गए साक्ष्य क े आ ार पर वि+ ारिर विकए जा+े चाविहए। इसत्तिलए, जो हम+े वि+णय में ारिर विकया है उसे अति +, हम विबक्री विवलेख क े वि+ष्पाद+ की ति णिर्थी पर विबक्री विवलेख भूविम क े वि+ ारण क े त्तिलए मामले को सहायक स्टाम्प कलेक्टर को वापस भेज+े का प्रस् ाव कर े हैं।
29. अपीलक ाओं +े पहले ही अप+े द्वारा देय राणिश क े त्तिलए 1 करोड़ रुपये की राणिश जमा कर दी है। क ु ल राणिश सहायक स्टाम्प कलेक्टर द्वारा अंति म अति वि+णय क े अ ी+ होगी। यविद सहायक स्टाम्प कलेक्टर इस वि+ष्कर्ष पर पहुँच े हैं विक बाजार भूविम एवं ढांचों का मूल्य सहायक स्टाम्प कलेक्टर द्वारा पूव में वि+ ारिर मूल्य से कम है ो अपीलार्थी3 भुग ा+ की ति णिर्थी से रिरफ ं ड की ति णिर्थी क की अवति क े त्तिलए भुग ा+ की गयी अति रिरक्त राणिश को 8 प्रति श प्रति वर्ष की दर से ब्याज सविह वापस पा+े क े पात्र होंगे। यविद यह पाया जा ा है विक शेर्ष स्टांप शुल्क राणिश 1 करोड़ रुपये से अति क है, ो अपीलक ाओं को उक्त राणिश की भरपाई कर+ी होगी। ारा 47A की उप- ारा 4A अवि+वाय ा कारक है। 'करेगा' शब्द क े प्रयोग से यह स्पष्ट हो जा ा है विक कलेक्टर क े पास घाटे की राणिश पर 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज लगा+े क े अलावा कोई विवकल्प +हीं है। हम उच्च न्यायालय क े फ ै सले में जहां क यह जुमा+े से संबंति है, हस् क्षेप +हीं कर रहे हैं क्योंविक राज्य सरकार +े उस विहस्से को चु+ौ ी +हीं दी है।
30. इसत्तिलए, हम उच्च न्यायालय क े आक्षेविप वि+णय क े सार्थी-सार्थी सहायक स्टाम्प कलेक्टर और अपीलीय प्राति कारी क े वि+णय को अपास् कर े हैं और मामले को +ए सिसरे से विवचार कर+े क े त्तिलए सहायक स्टाम्प कलेक्टर को वापस भेज े हैं। हालाँविक, हम उच्च न्यायालय क े आक्षेविप वि+णय क े उस विहस्से की पुविष्ट कर े हैं सिजसक े द्वारा यह ारिर विकया गया है विक अपीलक ा शाल्गिस् का भुग ा+ कर+े क े त्तिलए उDरदायी +हीं हैं। सहायक स्टाम्प कलेक्टर अपीलक ाओं को मूल्यांक+ क े मुद्दे पर साक्ष्य का दे+े की अ+ुमति देंगे। सहायक स्टाम्प कलेक्टर को कायवाही जल्द से जल्द, अति मा+ ः आज से छह मही+े की अवति क े भी र पूरी कर+े का वि+दƒश विदया जा ा है।
31. अपील को, द+ुसार, उपरोक्त श › पर लाग क े आदेश क े विब+ा,अ+ुमति दी जा ी है।..............................… न्यायमूर्ति अभय एस. ओका..............................… न्यायमूर्ति राजेश बिंबदल +ई विदल्ली;