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भा त का सर्वो च्च्च न्या या लया
आपो धि का अपो ल या क्षेत्रा धि का
आपो धि का अपो ल या सख्या 1156/2023
(विर्वोशेष अनु+मधित या धिचका (आपो धि का) सख्या 2044/2022 स उत्पोन्नु)
जस्था नु ज्या - अपो लकात 6 (ओं)
बनु म
आशे म @आशे+मल - प्रधितर्वो दी; (ओं)
धिनुर्ण6या
सज र्वो खन्नु , न्या या शे
JUDGMENT
1. अनु+मधित दी; गई।
2. जस्था नु ज्या द्वा दी या काD गई र्वोत6म नु अपो ल मE जस्था नु उच्च न्या या लया, ज पो+ (सक्षेपो मE 'उच्च न्या या लया') द्वा दिदीनु का 10.02.2022 का पो रि त धिनुर्ण6या पो आपोविH व्याक्त काD गई हैL, जिजसमE दीड 2023 INSC 383 प्रदिOया सदिहैत, 1973 (सक्षेपो मE, 'स.आ.पो.स.') काD 391 का तहैत प्रत्याथाR-आशे म उर्फ 6 आशे+मल द्वा दी या आर्वोदीनु (ड;. ब. आपो धि का अपो ल सख्या 123/2018 मE ड;. ब. आपो धि का विर्वोविर्वो आर्वोदीनु सख्या 1/2021) का मजU; दी; गई हैL, औ अजया पो ल ल ब, ज अगस्त 2013 मE पो+धिलस उपो या+क्त (पोजिWम), ज पो+, जस्था नु का पोदी पो तLनु त था औ जिजन्है नुE 'गधिनुग र्फX दी गXडमLनुY आस म ब पोU काD सज का पो छे काD काहै नु ' (सक्षेपो मE 'पो+स्तका') नु मका पो+स्तका का धिलख, का तलब का नु औ स क्ष्या दीज[6] का नु का धिनुदीशे दिदीया गया था ।
3. प्रत्याथाR-आशे म उर्फ 6 आशे+मल पो दिदीनु का 06.11.2013 का आ पो-पोत्रा दी या दिकाया गया था औ लगभाग पो च स ल तका चलनु र्वो ल विर्वोच र्ण का ब दी, न्या या शे, विर्वोशेष न्या या लया, या\नु अपो ] स बच्च] का स क्षेर्ण अधि धिनुयाम, 2012 (सक्षेपो मE, 'पो क्स अधि धिनुयाम'), ज पो+, जस्था नु द्वा दिदीनु का 25.04.2018 का पो रि त धिनुर्ण6या का अनु+स, उस भा त या दीड सदिहैत, 1860, काD 370 (4), 342, 354-ए, 376 (2) (एर्फ), 376-ड;, 506, 509/34 औ 120-ब, दिकाशे न्या या (बच्च] काD दीखभा ल औ स क्षेर्ण) अधि धिनुयाम, 2000 (सक्षेपो मE, 'दिकाशे न्या या अधि धिनुयाम') काD 23 औ 26, औ पो क्स अधि धिनुयाम काD 5 (एर्फ)/6, 5(ज )/6 औ 8 का तहैत अपो ] का धिलए दी ष ठहै या गया हैL। उन्हैE अलग-अलग अर्वोधि या] का धिलए सश्रम का र्वो स काD सज स+नु ई गई औ उनुका शेष नुLसधिग6का ज र्वोनु का धिलए आज र्वोनु का र्वो स काD सज ज+म 6नु औ दिडफ़ॉXल्र्टे शेतd का स था स+नु ई गई हैL।
4. इसस पोहैल, पो दिfत नु 19 र्वो 20.08.2013 काD दी धिमया नु त का 11:55 बज एका हैस्तधिलजिखत धिशेका यात (प्रदीशे6 पो -4) दी; था, जिजसका अनु+स र्ण मE दिदीनु का 20.08.2013 का कामल म कार्टे पो+धिलस था नु, सण्ट्रल दिडस्ट्र;क्र्टे, दिदील्ल मE 2.30 बज 'ज ' प्र थाधिमकाD (प्रदीशे6 पो -11) दीज[6] काD गई। पो दिfत स ब त काD गई औ उसनु एका गL -स का; सगठनु (सक्षेपो मE, एनु. ज. ओं.) का स था ब तच त काD औ एनु. ज. ओं. द्वा एका प्रधितर्वोदीनु (प्रदीशे6 ड;-4) दिदीनु दिकात 20.08.2013 तLया दिकाया गया । उस दिदीनु, पो दिfत नुई दिदील्ल मE मट्र पो धिलर्टेनु मजिजस्ट्रर्टे का समक्षे उपोजिस्थात है+ई था औ दीड प्रदिOया सदिहैत काD 164 का तहैत उसका बया नु (प्रदीशे6 पो -7) दीज[6] दिकाया गया था । जLस दिका अपो ज पो+ मE दिकाया गया था, अतY ज च सक्षेम अधि का क्षेत्रा का पो+धिलस था नु का स्था नु तरि त का दी; गई था औ इसका पोरि र्ण मस्र्वोरूपो, दिदीनु का 21.08.2013 का शे म 6:15 बज प्र थाधिमकाD सख्या 122/2013 (प्रदीशे6 पो -106) पो+धिलस था नु मदिहैल पोजिWम, ज पो+ जिजल, जस्था नु मE दीज[6] काD गई।
5. म मल काD ज च चचल धिमश्र, तत्का ल नु सहै याका पो+धिलस आया+क्त (सक्षेपो मE, 'एस पो ') (पोजिWम), ज पो+, जस्था नु द्वा काD गई था, जिजन्है]नु पो.डब्ल्याU.-43 का रूपो मE गर्वो है; दी; हैL। अधिभाया जनु पोक्षे का अनु+स, ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) नु दिदीनु का 21.08.2013 का दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत पो दिfत का बया नु दीज[6] दिकाया था । दिकास का र्ण स, दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत 21.08.2013 का दीज[6] दिकाए गए पो दिfत का पोU बया नु का प्रदीशे6 ड;-2 (क्या दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का अ नु अधिभाधिलजिखत सपोUर्ण[6] काथानु का प्रदीधिशे6त दिकाया ज सकात हैL औ स क्ष्या मE पोढ़ा ज सकात हैL या नुहै;, याहै र्वोत6म नु अपो ल काD विर्वोषया र्वोस्त+ नुहै; हैL औ हैम इस पोहैलU पो का ई दिर्टेप्पोर्ण या विर्वोच नुहै; का है हैn।) का रूपो मE धिचदिoत दिकाया गया हैL। ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) स दिदीनु का 09.07.2015 औ 03.03.2016 का ब च का + ल ग्या है धितधिथाया] पो पो;क्षेर्ण औ प्रधित पो;क्षेर्ण दिकाया गया । पो दिfत, जिजसनु पो.डब्ल्याU.-5 का रूपो मE अधिभास क्ष्या दिदीया हैL, स दिदीनु का 11.04.2014 औ 13.06.2014 का ब च का + ल ग्या है धितधिथाया] पो पो;क्षेर्ण औ प्रधित पो;क्षेर्ण दिकाया गया ।
6. चUदिका हैम विर्वोच का धिलए एका स धिमत म+द्दा उठत हैL औ याहै ध्या नु मE खत है+ए दिका प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल द्वा काD गई अपो ल उच्च न्या या लया का समक्षे न्या याधिनुर्ण6यानु का धिलए लविबत हैL, हैम विर्वोस्तsत रूपो स स क्ष्या का उल्लख का नु स बचEग औ इसका ग+र्ण दी ष पो का ई या व्याक्त का नु स बचEग, है ल दिका हैम ख+दी का अपोनु स मनु उठ ए गए म+द्दा का रि काXड[6] तका है; स धिमत खEग।
7. 2021 मE (आर्वोदीनु दी जिखल का नु काD सहै; त;ख अधिभालख पो उपोलब् नुहै; हैL), प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल नु दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का तहैत एका आर्वोदीनु (सक्षेपो मE, 'आर्वोदीनु') दी या दिकाया, जिजसमE आक्षेविपोत धिनुर्ण6या पो रि त दिकाया गया हैL, उसमE आ पो लग या गया हैL दिका पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5 ) 'का + दिर्टेया ' का रूपो मE र्वोजिर्ण6त घ का अदी काभा नुहै; गई औ इसधिलए, प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल का जिखल र्फ पोU म मल दिका उसनु पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का या\नु शे षर्ण औ बल त्का दिकाया था, झूUठ औ मनुगढ़ात हैL। आर्वोदीनु मE दी र्वो दिकाया गया हैL दिका पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का पो+धिलस द्वा दिदीनु का 22.08.2013 का घर्टेनु स्थाल पोचनु म /नुक्शे म\का का धिलए पोहैल ब 'का + दिर्टेया ए' मE ल या गया था, जिजस दी\ का विर्वोधि र्वोत र्वो दिडया (प्रदीशे6 पो -70) बनु या गया था औ उसका ब दी, काXम्पोLक्र्टे दिडस्का (आदिर्टे6काल-16) द्वा एका प्रधितलखनु तLया दिकाया गया था, औ नुक्शे म\का (प्रदीशे6 पो -13 औ पो -14) तLया दिकाए गए था। याहै आ पो लग या गया हैL दिका दिदीनु का 22.08.2013 का जिजस दिदीनु पोचनु म घर्टेनु स्थाल /नुक्शे म\का तLया दिकाया गया, पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का उसस एका दिदीनु पोUर्वो6 दिदीख ए गए अपो स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD का आ पो प्रधिशेजिक्षेत दिकाया गया था । इस सदीभा6 मE, आर्वोदीनु मE दीज[6] हैL दिका जस्था नु का ज पो+ मE तत्का ल नु पो+धिलस उपो या+क्त (पोजिWम) अजया पो ल ल ब नु पो+स्तका मE ख+ल स दिकाया हैL दिका उन्है]नु दिदीनु का 21.08.2013 का जब 'का + दिर्टेया ' पो र्वो पोहैल ब गए उस दी\ नु अपोनु म ब इल र्फ नु स अपो स्थाल का एका र्वो दिडया रि काXड[6] दिकाया था, ज नुक्शे म\का (प्रदीशे6 पो -13 औ पो -14) बनु नु काD दिदीनु का 22.08.2013 स ठxका एका दिदीनु पोहैल का था । आर्वोदीनु मE दी र्वो दिकाया गया हैL दिका नुक्शे म\का (प्रदीशे6 पो -13 औ पो -14) गलत हैn औ उन्हैE ख रि ज का दिदीया ज नु च दिहैए। याहै आ पो लग या गया हैL दिका र्वो दिडया रि काXदिडyग (आदिर्टे6काल-15) औ दिदीनु का 21.08.2013 का दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत दीज[6] पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का बया नु (प्रदीशे6 ड;-2) का ब च विर्वोसगधित हैL। यादिदी 'का + दिर्टेया ' का विर्वोर्वो र्ण, जLस दिका पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) द्वा दिदीया गया हैL, ज अधिभाया जनु पोक्षे का र्वो दी का अनु+स, दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत पोहैल ब दिदीनु का 21.08.2013 का उसका बया नु (प्रदीशे6 ड;-2) मE दिदीया गया था, का झूUठ म नु का अस्र्वो का का दिदीया ज त हैL, त अधिभाया जनु पोक्षे दिदीनु का 15.08.2013 का अपो स्थाल पो पो दिfत (पो डब्लU-5) काD उपोजिस्थाधित का प्रधितर्वो दी;-आशे म @आशे+मल का स था ज fनु मE समथा6 नुहै; है ग, जिजस त;ख का अपो काधिथात रूपो स दिकाया गया था ।
8. आक्षेविपोत धिनुर्ण6या पो+स्तका का एका भा ग का उद्ध र्ण] का सदीधिभा6त का त हैL, जिजसमE अजया पो ल ल ब नु काहै हैL दिका 2022 काD अपो का ब मE ज नुका; है नु पो उन्है]नु त+ त का 6र्वो ई काD औ स्का L नु का नु औ घर्टेनु स्थाल काD ज च का नु का धिलए एका पो+धिलस दील भाज । अजया पो ल ल ब नु सब-इस्पोक्र्टे मदीनु बनु र्वो ल का ज च पोU; है नु तका पोU पोरि स का स ल औ स+ जिक्षेत का नु का धिलए काहै था । इसका स था है; दिदीनु का 10.02.2022 का दिदीए गए आक्षेविपोत र्फ L सल मE अजया पो ल ल ब का दी र्वो का उद्धsत दिकाया गया हैL- “दिकास भा जिस्थाधित मE, याहै म नुनु बहै+त गलत नुहै; है ग दिका प्र थाधिमकाD दीज[6] का नु मE है+ए विर्वोलब का का र्ण बहै+त अधि का र्फ Eधिसका स क्ष्या [अपो स्थाल पो ] नुहै; पो ए ज एग..., ” क्या]दिका अपो दिदीनु का 15.08.2013 का है+आ था, जबदिका प्र थाधिमकाD सख्या 122/2013 (प्रदीशे6 पो -106) दिदीनु का 21.08.2013 का दीज[6] काD गई था । दिर्फ भा, दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का तहैत अजया पो ल ल ब का तलब का नु औ स क्ष्या दीज[6] का नु का आर्वोदीनु का अनु+मधित म+ख्या रूपो स पो+स्तका मE अजया पो ल ल ब का धिनुम्नुधिलजिखत बया नु पो भा स का त है+ए दी; गई हैL:- "जब मn र्वोहै था, मnनु स च दिका म म ब इल र्फ नु पो उस स्था नु का एका र्वो दिडया बनु नु समझूदी; है ग, अग म+झू ज च का दी\ नु दिकास विबदी+ पो इसका उल्लख का नु काD आर्वोश्याकात है+ई, औ इसधिलए, मnनु याहै दिकाया ।"
9. आक्षेविपोत धिनुर्ण6या दीड प्रदिOया सदिहैत काD 311 औ 391 स सबधि त धिनुर्ण6या] का सदीधिभा6त का त हैL, याहै काहैनु दिका उच्च न्या या लया का धिलए याहै दिर्टेप्पोर्ण का नु जल्दीब ज है ग दिका क्या पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का अपो स्थाल काD का + छे र्वो दिडया रि काXदिडyग का आ पो धिसख या गया था, जLस दिका अजया पो ल ल ब द्वा धिलजिखत पो+स्तका मE उल्लख दिकाया गया हैL, उनुका पो;क्षेर्ण औ रि काXदिडyग स क्ष्या का त\ पो इस तथ्या का मद्दानुज महैत्र्वोपोUर्ण[6] हैL दिका बच र्वो पोक्षे नु पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) औ ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का धिनुजिWत स+झू र्वो दिदीए था दिका अपो स्थाल काD र्वो दिडया रि काXदिडyग पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का दिदीख ई गई था औ उसका आ पो पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का अपो स्थाल स पोरि धिचत का या गया था । आक्षेविपोत धिनुर्ण6या मE काहै गया हैL दिका बच र्वो पोक्षे नु 'ज ' प्र थाधिमकाD (प्रदीशे6 पो -11) मE पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) द्वा दिदीए गए पोहैल र्वोsत त औ दीड प्रदिOया सदिहैत काD 164 का तहैत पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का बया नु (प्रदीशे6 पो -7) का ब च विर्वो भा स] पो औ इस का सदीभा6 मE दिदीनु का 21.08.2013 का दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत है+ए बया नु (प्रदीशे6 ड;-2), जिजनुका ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) द्वा दीज[6] का नु बत या गया था, जिजसमE अपो का स्था नु/दृश्या का एका सज र्वो विर्वोर्वो र्ण शे धिमल हैL पो भा स दिकाया था । उच्च न्या या लया का म नुनु हैL दिका धिनुचल अदी लत नु बच र्वो पोक्षे का इस तका 6 का ख रि ज का दिदीया था दिका अपो स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD पो+धिलस द्वा दिदीनु का 21.08.2013 का काD गई था औ उस पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का दिदीख या गया था, औ इसका पोरि र्ण मस्र्वोरूपो पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का अपो स्थाल का विर्वोर्वो र्ण पो उसका बया नु, प्रदीशे6 ड;-2, ज ज च अधि का; - चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत दिदीया था का मद्दानुज भा स दिकाया । तदीनु+स, उच्च न्या या लया नु आर्वोदीनु का स्र्वो का का धिलया औ धिनुदीशे दिदीया दिका धिनुम्नुधिलजिखत का र्ण] स अजया पो ल ल ब का एका गर्वो है का रूपो मE समनु दिकाया ज एY “..... अब इस पो+स्तका का प्रका शेनु का स था, जिजस ऊपो सदीधिभा6त दिकाया गया हैL, बच र्वो पोक्षे का याहै दी र्वो का नु का अधि का हैL दिका अपो स्थाल का र्वो दिडया धिनुविर्वो6र्वो दी रूपो स रि काXड[6] दिकाया गया था, ज अदी लत का आश्वस्त का नु का धिलए पोया 6प्त हैL दिका न्या या का दिहैत मE औ म मल का न्या या सगत धिनुर्ण6या का धिलए दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का तहैत श्र अजया पो ल ल ब का तलब का नु औ इस म मल मE अदी लत का गर्वो है का रूपो मE पो;क्षेर्ण का नु औ बच र्वो पोक्षे का स था-स था अधिभाया जनु पोक्षे का भा प्रधित पो;क्षेर्ण का नु दीनु धिनुत त आर्वोश्याका हैL।"
10. हैम; या मE, आक्षेविपोत धिनुर्ण6या उधिचत नुहै; हैL, औ तथ्या] औ का नुUनु, दी नु] त है स गलत हैL। याहै तका 6 कार्वोल अर्टेकाल] पो आ रि त हैL, औ र्वोहै भा दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का दी या औ उद्दाश्या का समझू विबनु । जLस दिका ऊपो काहै गया हैL, हैम ग+र्ण दी ष का आ पो दिर्टेप्पोजिर्णया नुहै; का नु च हैत हैn, है ल दिका प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल द्वा धिलए गए रुख का ध्या नु मE खत है+ए, हैमE धिनुचल अदी लत का र्फ L सल मE काD गई प्र सधिगका दिर्टेप्पोजिर्णया] का पो+नुY प्रस्त+त का नु हैL, जिजसकाD ओं हैम ध्या नु आकाविष6त दिकाया गया था, औ प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल काD ओं स पोशे है नु र्वो ल विर्वोद्वा नु र्वोरि ष्ठ अधि र्वोक्त द्वा अपोनु दील ल] का समथा6नु मE धिनुभा6 त ख गई था । धिनुचल अदी लत का धिनुर्ण6या का प्र सधिगका दिहैस्स (हैम याहै दीख सकात हैn दिका विर्वोच र्ण न्या या लया का दिदीनु का 25.04.2018 का धिनुर्ण6या का अनु+च्छेदी] का सख्या अकानु गलत प्रत त है त हैL।) इस प्रका हैLY “298. म; विर्वोनुम्र या मE पोरि जिस्थाधितया, गर्वो है] स ज्या दी बया का त हैn। उल्लखनु या हैL दिका पो.डब्ल्याU.- 43 चचल धिमश्र ज च अधि का; नु अपोनु बया नु मE बत या हैL दिका घर्टेनु स्थाल का धिनु;क्षेर्ण का नु का ब दी घर्टेनु स्थाल का नुक्शे प्रदीशे6 पो -13, घर्टेनु स्थाल काD धिनु;क्षेर्ण र्फदी6 औ घर्टेनु स्थाल का नुक्शे म\का औ प्रदीशे6 पो -14 है ल त म\का पो दिfत काD धिनुशे दीहै; का आ पो तLया दिकाया गया । उनुका काहैनु हैL दिका उन्है]नु घर्टेनु स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD औ र्फ र्टे ग्रा र्फD का ई। घर्टेनु स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD का ब दी गर्वो है नु बत या दिका प्रधितलखनु स.ड;. आदिर्टे6काल-16 तLया दिकाया गया । पो.डब्ल्याU.-30 पोप्पो म नु काहै दिका उपो क्त पो दिfत द्वा बत ई गई पोरि जिस्थाधितया] काD र्वो दिडया ग्रा र्फD काD स ड; उनुकाD उपोजिस्थाधित मE तLया काD गई। उन्है]नु काहै दिका उन्है]नु लLपोर्टेXपो पो उपो क्त स. ड;. का चल या औ काप्याUर्टे पो पो दिfत द्वा बत ई गई पोरि जिस्थाधितया] का र्टे इपो दिकाया । उन्है]नु स लबदी स. ड;. का प्रधितलखनु र्फदी6 का OमशेY प्रदीशे6 पो.-69 औ प्रदीशे6 पो.-70 का रूपो मE स क्ष्या मE प्रदीधिशे6त का का स विबत दिकाया । गर्वो है पो.डब्ल्याU.-30 मदीर्वो नु भा उपो क्त गर्वो है] का बया नु] काD पो+वि‡ काD हैL। इस सब मE बच र्वो पोक्षे नु प्रदीशे6 ड;-103 औ प्रदीशे6 ड;-104 पो ज दीत है+ए तका 6 दिदीया हैL दिका सU स ग था नु का था नुदी श्र मदीनु बनु र्वो ल औ उनुका पो+धिलस काम6च; घर्टेनु स्थाल पो पोहै+च गए था। घर्टेनु स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD का नु का ब दी उन्है]नु अगल दिदीनु पो दिfत का दिदीख या । इसधिलए, पो दिfत नु स्पो‡ रूपो स का + दिर्टेया का अदी काD पोरि जिस्थाधितया] का उल्लख दिकाया । म; विर्वोनुम्र या मE इनु दील ल] मE का ई स नुहै; हैL। याहै सहै; हैL दिका प्रदीशे6 ड;.-103 औ प्रदीशे6 ड;.-104 स प्रत त है त हैL दिका सU स ग था नु का कामR औ था नुदी मदीनु बनु र्वो ल घर्टेनु स्थाल पो गए था, लदिकानु उन्है]नु घर्टेनु स्थाल काD र्वो दिडया ग्रा र्फD काD है ग या घर्टेनु स्थाल का अर्वोल कानु दिकाया है ग, ऐस उपो क्त दी नु] दीस्त र्वोज] स प्रत त नुहै; है त हैL।
299. हैमनु प्रधितलखनु काD र्फदी6 प्रदीशे6 पो -69 का ध्या नु स दीख हैL, जिजसका एका दिहैस्स प्रदीशे6 पो -70 विप्रर्टे आउर्टे हैL।
300. दिदीनु का 22.08.2013 का उपोया+6क्त र्फदी6 का अनु+स, काम का धिनु;क्षेर्ण का समया, घर्टेनु स्थाल का धिनु;क्षेर्ण का र्वोक्त, का + दिर्टेया का काक्षे औ ग+सलख नु काD र्वो दिडया ग्रा र्फD गर्वो है द्वा सच धिलत दिकाया गया औ पो दिfत द्वा बत ए गए अनु+स घर्टेनु का स्था नु काD पोरि जिस्थाधितया] का विर्वोर्वो र्ण र्टे इपो का नु का ब दी, काप्याUर्टे स विप्रर्टे आउर्टे धिलया गया औ प्रधितलखनु का विर्वोस्तsत दीस्त र्वोज कास र्फ इल मE शे धिमल दिकाया गया हैL। हैमनु प्रदीशे6 पो -70 प्रधितलखनु (प्रधितलखनु का विप्रर्टे आउर्टे) पोढ़ा ।
301. याहै स्पो‡ हैL दिका ज च अधि का; नु स र्वो नु ब तत है+ए पो दिfत का हैरि ओंम र्फ म[6] है उस मE ल ज का उसस उसका विर्वोर्वो र्ण पोUछे हैL, उस का + दिर्टेया का अदी ल ज ए विबनु औ उसकाD र्वो दिडया ग्रा र्फD काD हैL। विबनु अदी गए विर्वोर्वो र्ण का उपोया+6क्त र्वो दिडया का प्रधितलखनु प्रदीशे6 पो -70 हैL। उपोया+6क्त प्रधितलखनु प्रदीशे6 पो -70 मE हैमनु प्रदीशे6 पो -13 औ प्रदीशे6 पो -14 स औ र्फ र्टे ग्रा र्फ प्रदीशे6 पो -16 स प्रदीशे6 पो -32 स का + दिर्टेया का अदी ल ज नु का ब मE पो दिfत द्वा बत ए गए तथ्या] का धिमल नु दिकाया । का + दिर्टेया का अदी का विर्वोर्वो र्ण, ज विबनु अदी गए पो दिfत द्वा बत या गया हैL, र्वोहै; पोरि जिस्थाधितया नुक्शे म\का औ है ल त म\का स औ तस्र्वो ] स दिदीख ई दीत हैn औ उसस मल ख त हैL। म; विर्वोनुम्र या मE इस स क्ष्या स याहै स विबत है त हैL दिका पो दिfत काम का अदी गई था औ ब थारूम मE भा गई था । ऐस जिस्थाधित मE बच र्वो पोक्षे का याहै बया नु विर्वोश्वसनु या नुहै; हैL दिका पो दिfत नु का + दिर्टेया मE प्रर्वोशे भा नुहै; दिकाया है ग ।
301. बच र्वो पोक्षे नु काहै हैL दिका दिदीनु का 22.08.2013 का दीLधिनुका भा स्का मE काम काD तस्र्वो प्रका धिशेत काD गई था औ प्रधितपो;क्षे मE पो दिfत स पोUछे गया था दिका इस का र्ण र्वोहै काम का अदी का ब मE ज नुत था । याहै पो दिfत का स्पो‡ बया नु हैL दिका याहै काहैनु गलत हैL दिका सम च पोत्रा मE र्फ र्टे प्रका धिशेत है नु का का र्ण उस उस काम का ब मE पोत चल । उसनु बत या दिका काम मE क्या च जE था औ र्वोहै काहै था, जिजसका विर्वोर्वो र्ण प्र थाधिमकाD, एनुज ओं का प्रधितर्वोदीनु, औ दीण्ड प्रदिOया सदिहैत 164 का बया नु] मE नुहै; दिदीया गया हैL। स क्षे का काथानु याहै हैL दिका एनुज ओं काD रि पो र्टे6 मE विबस्त औ शेनु का सब मE धिलख हैL औ उसनु दीड प्रदिOया सदिहैत काD 164 मE काम काD शेनु औ विबस्त का ब मE भा बत या हैL औ काम मE त ल लग नु का विर्वोर्वो र्ण भा हैL। इस प्रका गर्वो है नु स्पो‡ रूपो स इस ब त स इनुका दिकाया हैL दिका उस सम च पोत्रा मE र्फ र्टे प्रका धिशेत का नु का ब दी काम काD अदीरूनु च ज] का ब मE पोत चल है ग ।
302. बच र्वो पोक्षे का बया नु हैL दिका दिकास का भा का + दिर्टेया का अदी ज नु काD अनु+मधित नुहै; था, जबदिका उपो क्त विर्वोच -विर्वोमशे6 स याहै स्पो‡ है गया हैL दिका का + दिर्टेया का अदी गए विबनु पो दिfत नु का + दिर्टेया का पोU आतरि का विर्वोर्वो र्ण का बत या हैL, ज पोUर्ण6तया सहै; पो या गया हैL। जिज है मE पो दिfत का याहै इधिगत दिकाया गया दिका उसनु आ पो आस म का शे हैजहै पो+ का हैरि द्वा जिस्थात का + दिर्टेया का दीख है ग, जिजसस उसनु इनुका दिकाया हैL। इस जिस्थाधित मE अब याहै स्पो‡ का र्ण दीनु काD जिजम्मदी; बच र्वो पोक्षे काD हैL दिका विबनु अदी गए पो दिfत का का + दिर्टेया काD सहै; औ र्वो स्तविर्वोका आतरि का जिस्थाधित का ब मE का L स पोत चल ? याहै का नुUनु का स्पो‡ धिसद्ध त हैL दिका का ई व्याविक्त झूUठ ब ल सकात हैL लदिकानु पोरि जिस्थाधितया काभा झूUठ नुहै; ब लत । उपो क्त उजिल्लजिखत पोरि जिस्थाधितया न्या या लया का समक्षे याहै सच्च ई व्याक्त का है; हैn दिका पो दिfत का उपोया+6क्त का + दिर्टेया का अदी भाज गया था, जबदिका बच र्वो पोक्षे का अनु+स दिकास का भा ज नु काD अनु+मधित नुहै; था ।
303. इसधिलए, अधिभाया जनु पोक्षे याहै स विबत का नु मE सर्फल है हैL दिका पो दिfत घर्टेनु का स्था नु पो जिस्थात उपोया+6क्त का + र्टे;या मE गई था, इसका अथा6 हैL दिका उपो क्त काम मE पो दिfत गई था याहै स क्ष्या द्वा स विबत है त हैL ।"
11. ऊपो दीज[6] दिकाए गए विर्वोधिशे‡ धिनुष्काषd का स्पो‡ का नु का धिलए, औ प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल द्वा उठ ए गए तका 6 औ उच्च न्या या लया द्वा दिदीए गए आ /तका 6 का अस्र्वो का का नु का धिलए, हैम धिनुचल अदी लत का धिनुर्ण6या का अनु+छेदी 62 का उल्लख का Eग, ज ज च अधि का;- चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) काD गर्वो है; का सदीधिभा6त का त हैL, दिका र्वोहै दिदीनु का 21.08.2013 का ज पो+ आया+क्त लया मE एस पो का रूपो मE तLनु त था । प्र थाधिमकाD सख्या 122/2013 (प्रदीशे6 पो -106) का दीज[6] है नु का ब दी, उस पो दिfत काD दी मदिडकाल रि पो र्टे6 (OमशेY प्रदीशे6 पो -1 स पो -3 औ प्रदीशे6 पो -12), दीड प्रदिOया सदिहैत काD 164 का तहैत पो दिfत (पो.डब्ल्याU.5) का बया नु (प्रदीशे6 पो -7) काD प्रधित आदिदी प्र प्त है+ए। इसका ब दी ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) नु दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत पो दिfत (पो.डब्ल्याU.5) का बया नु (प्रदीशे6 ड; -2) धिलया। इसका ब दी ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) नु घर्टेनु स्थाल का दी\ दिकाया । स्पो‡ हैL दिका याहै अधिभाया जनु पोक्षे का र्वो दी औ र्वोsH न्त नुहै; हैL दिका पो+धिलस दील/अधि का रि या] नु दिदीनु का 21.08.2013 का घर्टेनु स्थाल या अपो स्थाल का दी\ नुहै; दिकाया था । जब हैम विर्वोच र्ण अदी लत का धिनुर्ण6या मE उद्धsत अनु+छेदी] का सदीधिभा6त का त हैn, अनु+छेदी 301 मE विर्वोशेष रूपो स व्याक्त दिकाया गया हैL दिका जिजस काम मE काधिथात घर्टेनु है+ई था, उसकाD एका तस्र्वो दिदीनु का 22.08.2013 का दीLधिनुका भा स्का सम च पोत्रा मE प्रका धिशेत काD गई था, जिजसमE हैम एका पो+धिलस अधि का; का दीख सकात हैn। इसधिलए दिदीनु का 21.08.2013 का का + दिर्टेया मE पो+धिलस र्टे;म काD म\जUदीग विर्वोर्वो दिदीत नुहै; हैL, याहै एका स्र्वो का या6 जिस्थाधित हैL। जLस दिका ऊपो उद्धsत दिकाया गया हैL, विर्वोच र्ण अदी लत द्वा अनु+च्छेदी 298 स 303 मE अधिभाधिनु 6रि त अधिभाया जनु का र्वो दी याहै हैL दिका पो दिfत (पो.डब्ल्याU.5) का धिसख या नुहै; गया था औ इसधिलए, 'का + दिर्टेया ' का विर्वोर्वो र्ण का ब मE उसका द्वा पो+धिलस का काम या ग+सलख नु का अदी ल ज या विबनु बत या गया था । अधिभाया जनु पोक्षे का याहै र्वोsत त औ पोक्षे, जिजस दिका धिनुचल अदी लत नु स्र्वो का दिकाया हैL, इस आ पो नुहै; हैL दिका पो+धिलस दील दिदीनु का 21.08.2013 का काम या ग+सलख नु का अदी नुहै; गया था, बजिल्का इस तका 6 का ख रि ज का का हैL दिका दिकास पो+धिलस अधि का; या ज च अधि का; नु पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का काम औ ग+सलख नु का र्वोर्ण6नु औ विर्वोर्वो र्ण दीनु का धिलए उकास या या धिसख या था । धिनुचल अदी लत द्वा दीज[6] दिकाया गया याहै धिनुष्काष[6] पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का स था-स था ज च अधि का; चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का स क्ष्या काD विर्वोस्तsत ज च पो आ रि त हैL। क्या याहै धिनुष्काष[6] सहै; हैL, इस अपो ल मE इसका पो;क्षेर्ण दिकाया ज एग, याद्यविपो आक्षेविपोत आदीशे मE अदी लत का गर्वो है का रूपो मE अजया पो ल ल ब का तलब का नु औ उनुका पो;क्षेर्ण का नु का धिलए दिदीए गए तका 6 का इस आ पो स्र्वो का नुहै; दिकाया ज सकात हैL दिका अजया पो ल ल ब नु काधिथात त\ पो अपोनु म ब इल र्फ नु पो एका र्वो दिडया रि काXड[6] दिकाया था । पो+स्तका मE अजया पो ल ल ब द्वा दिदीए गए बया नु, जLस दिका ऊपो उद्धsत दिकाया गया हैL, जिजस पो प्रधितर्वो दी; - आशे म @आशे+मल का र्वोरि ष्ठ अधि र्वोक्त द्वा बहै+त अधि का भा स दिकाया गया हैL, मE काहै; भा उल्लख नुहै; दिकाया गया हैL दिका र्वो दिडया, जिजस उसनु काधिथात रूपो स अपोनु म ब इल र्फ नु पो रि काXड[6] दिकाया था, उस ज च अधि का;-चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का सŒपो दिदीया था, या याहै दिका उसनु इस पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) का दिदीख या था । हैम; या मE, जब अधिभाया जनु पोक्षे नु काहै दिका दिदीनु का 21.08.2013 का पो+धिलस दील नु घर्टेनु स्थाल अथा 6त 'का + दिर्टेया ' का दी\ दिकाया था, त अजया पो ल ल ब स इस आ पो पोUछेत छे का नु काD या धिचका दिका उन्है]नु काधिथात रूपो स अपोनु म ब इल र्फ नु पो 'का + दिर्टेया ' का एका र्वो दिडया रि काXड[6] दिकाया था, र्वोत6म नु म मल का तथ्या त्मका मLदिट्रक्स का धिलए पोU; त है स महैत्र्वोहै;नु औ अप्र सधिगका हैL। इसका अल र्वो, अदी लत मE शेपोथा का तहैत दिकास गर्वो है द्वा दिदीया गया बया नु स क्ष्या का रूपो मE शे धिमल है त हैL। ज च का दी\ नु दिकास पो+धिलस अधि का; द्वा दीड प्रदिOया सदिहैत काD 161 का तहैत दीज[6] दिकाए गए बया नु] का स क्ष्या का रूपो मE उपोया ग नुहै; दिकाया ज सकात हैL, है ल दिका आ पो दीड प्रदिOया सदिहैत काD 162 का प्र र्वो नु का सदीभा6 मE बया नु का एका दिहैस्स का उपोया ग का सकात हैL।
12. हैम इस ब त काD ज च नुहै; का है हैn दिका क्या प्रधितर्वो दी; - आशे म @आशे+मल काD दी षधिसविद्ध का बनु ए खनु का धिलए पोया 6प्त सबUत औ तत्र्वो हैL, ज धिनुचल अदी लत का र्फ L सल का अनु+च्छेदी 298 स 303 मE सदीधिभा6त स क्ष्या औ तत्र्वो स स्र्वोतत्रा हैL। हैम इनु पोहैल+ओं पो विर्वोच नुहै; का नु च हैत क्या]दिका या ग+र्ण-दी ष का प्रश्न हैn, जिजनु पो उच्च न्या या लया द्वा दी षधिसविद्ध का विर्वोरुद्ध आपो धि का अपो ल का न्या याधिनुर्ण6यानु का त समया विर्वोच दिकाया ज नु च दिहैए।
13. इस त है, अपो लकात 6- जस्था नु ज्या काD ओं स, याहै प्रस्त+त दिकाया गया दिका अजया पो ल ल ब नु एका विर्वोधिशे‡ अस्र्वो का र्ण दिदीया था औ काहै था दिका पो+स्तका घर्टेनु ओं का एका नु र्टेकाDया सस्का र्ण हैL। उपोया+6क्त धिनुष्काषd का ध्या नु मE खत है+ए हैमE इस पोहैलU काD ज च का नु काD आर्वोश्याकात नुहै; हैL।
14. जश्व प्रस दी धिमश्र बनु म पोजिWम बग ल ज्या औ अन्या (1966) 1 एस० स ० 178 मE इस न्या या लया नु याहै या व्याक्त काD हैL दिका चUदिका विर्वोधिभान्नु का र्ण] स अधितरि क्त स क्ष्या आर्वोश्याका है सकात हैL, इसधिलए विर्वो धियाका नु अपो ल या न्या या लया का ऐस विर्वोर्वोका धि का का काम का नु स पो हैज दिकाया हैL। अपो ल या स्त पो अधितरि क्त स क्ष्या का अधिभालख पो काब धिलया ज सकात हैL, इसकाD कास\र्टे; याहै नुहै; हैL दिका इसकाD अभा र्वो मE धिनुर्ण6या स+नु नु मE असभार्वोत या असमथा6त हैL, बजिल्का याहै हैL दिका क्या ऐस अधितरि क्त स क्ष्या का विबनु न्या या काD विर्वोर्फलत है ग । इस विर्वोर्वोका धि का का प्रया ग हैल्का मE नुहै; दिकाया ज नु च दिहैए, बजिल्का इसमE सतका 6 त औ स र्वो नु ब तनु काD आर्वोश्याकात हैL, क्या]दिका इसका प्रया ग कार्वोल उनु म मल] मE दिकाया ज नु च दिहैए, जहै अपो ल या न्या या लया, अच्छे औ न्या या धिचत आ पो, याहै पो त हैL दिका अधितरि क्त स क्ष्या का अधिभालख पो धिलए विबनु न्या या काD विर्वोर्फलत है ग । है ल •दिका एका ब याहै शेत[6] पोU; है ज नु का ब दी, प्र प्त स क्ष्या का प्रका पो का ई प्रधितब नुहै; हैL, ज औपोच रि का या स र्वो नु • है सकात हैL।
15. ज दिहै हैब ब+ल्ल एच. शेख औ अन्या बनु म ग+ज त ज्या औ अन्या (2004) 4 एसस स 158, मE इस न्या या लया नु विर्वोर्वोका धि का का प्रया ग का पोहैलU पो विर्वोस्त स विर्वोच दिकाया हैL, जिजसमE अदी लत] द्वा सत+लनु बनु ए खनु काD जरू त का ख दिकात दिकाया हैL त दिका न्या या का नु का धिलए अधितरि क्त स क्ष्या का अधि का स इनुका नु दिकाया ज सका, औ अधिभाया+क्त का स था-स था अधिभाया जनु पोक्षे काD धिनुष्पोक्षे स+नुर्वो ई का अधि का का महैत्र्वो का उज ग दिकाया गया हैL। धिनुष्पोक्षे स+नुर्वो ई का अधि का का नुUनु सम्याका प्रदिOया औ सत्या काD पो+वि‡ काD अर्वो र्ण मE धिनुदिहैत हैL। इस प्रका, न्या या काD विर्वोर्फलत है सकात हैL यादिदी अपो ल या स्त पो अधितरि क्त स क्ष्या काD अनु+मधित दीनु का इस विर्वोर्वोका धि का का उपोया ग धिनुयाधिमत औ उदी त;का स दिकाया ज त हैL, औ न्या या लया द्वा विबनु इस ब त काD सत+वि‡ दिकाए दिकाया ज त हैL दिका प्र था6नु मE रि काXड[6] पो ल ई ज नु र्वो ल तत्र्वो] का मUल्या, विर्वोश्वसनु यात औ स्र्वो का या6त पो विर्वोच का नु का धिलए आर्वोश्याका तका 6 सगतत औ र्वो स्तविर्वोकात का धिनुशे नु हैn।
16. दीड प्रदिOया सदिहैत काD 311 औ 391 दी नु] अधितरि क्त सबUत लनु का धिलए अदी लत काD शेविक्त स सबधि त हैL। पोहैल पो;क्षेर्ण का च र्ण मE औ धिनुर्ण6या स+नु ए ज नु स पोहैल; औ दीUस; धिनुचल अदी लत द्वा र्फ L सल स+नु ए ज नु का ब दी अपो ल या स्त पो । याहै काहैनु पोU; त है स सहै; नुहै; है सकात हैL दिका सम नु विर्वोच दी नु] जिस्थाधितया] का धिलए ल गU है ग क्या]दिका दी नु] च र्ण] मE अत है त हैL। दीड प्रदिOया सदिहैत काD 311 का दी भा ग हैn-पोहैल भा ग न्या या लया का ज च, विर्वोच र्ण या अन्या का या6र्वो दिहैया] का दिकास भा च र्ण मE, च है व्याविक्त स क्षे का रूपो मE सUच बद्ध हैL या उपोजिस्थात हैL पो स क्षे का रूपो मE उस तलब नुहै; दिकाया गया हैL, ऐस दिकास भा स क्षे का तलब का नु काD शेविक्त दीत हैL। दीUस, धिनुचल अदी लत का पो स पोहैल स पो;जिक्षेत दिकाए गए दिकास भा व्याविक्त का र्वो पोस ब+ल नु औ दिर्फ स पो;क्षेर्ण का नु काD शेविक्त हैL यादिदी उसका स क्ष्या म मल का न्या यासगत धिनुर्ण6या का धिलए आर्वोश्याका प्रत त है त हैL। दीUस; ओं, दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का अ नु विर्वोर्वोका धि का का दीड प्रदिOया सदिहैत काD 311 काD त+लनु मE का + छे अधि का स धिमत रूपो मE पोढ़ा ज नु च दिहैए, क्या]दिका अपो ल या न्या या लया विर्वोच र्ण न्या या लया द्वा म+कादीम चल नु र्वो ल व्याविक्त का सब मE दी ष है नु या अन्याथा धिनुष्काष[6] पो आनु का ब दी दिकास अपो ल पो विर्वोच का है हैL। अपो ल या न्या या लया स क्ष्या] काD गहै ई स औ विर्वोस्त स ज च का सकात हैL, दिर्फ भा उसका पो स धिनुचल अदी लत काD सभा शेविक्तया नुहै; हैn क्या]दिका र्वोहै उनु म मल] स धिनुपोर्टेत हैL जिजनुमE धिनुर्ण6या पोहैल है; स+नु या ज च+का हैL।
17. ज्या ( ष्ट्री या ज नु क्षेत्रा दिदील्ल ) बनु म धिशेर्वो का + म या दीर्वो औ अन्या (2016) 2 एसस स 402 इस ब त पो ज दीत हैL दिका दीड प्रदिOया सदिहैत काD 311 का तहैत विर्वोर्वोका धि का का उपोया ग का त है+ए, न्या या लया का, स क्षे का र्वो पोस ब+ल नु का धिलए आर्वोदीनु पो विर्वोच का त समया, इस तका 6 स प्रभा विर्वोत नुहै; है नु च दिहैए दिका कार्वोल र्वोहै अधिभाया+क्त ज अधिभा क्षे मE हैL, का या6र्वो दिहैया] का दी;घ 6र्वोधि स पो दिfत है ग, क्या]दिका याहै विर्वोधि म न्या नुहै; है ग औ न्या या का उद्दाश्या] काD पोUधित[6] नुहै; का ग । याहै नु कार्वोल विर्वोलब का म मल हैL बजिल्का जब पो दिfत/गर्वो है] का पो;क्षेर्ण का धिलए ब+ल या ज त हैL त उन्हैE कादिठनु ई है त हैL। यादिदी न्या या धिचत धिनुर्ण6या का धिलए आर्वोश्याका है त धिनुजिWत रूपो स प्रत्या ह्वा नु का नु काD अनु+मधित हैL औ जिजसका धिलए एका ठ स का र्ण है नु च दिहैए दिका इसका विबनु धिनुष्पोक्षे स+नुर्वो ई प्रभा विर्वोत है ग । न्या या काD विर्वोर्फलत का कानु का धिलए विर्वोर्वोका धि का का विर्वोर्वोकापोUर्ण[6] प्रया ग दिकाया ज नु च दिहैए औ इसका प्रया ग मनुम नु ढंग स नुहै; दिकाया ज नु च दिहैए। हैम; या मE, अपो ल या न्या या लया का अपो ल काD स+नुर्वो ई मE दी; का नु काD इच्छे या विर्वो भा स स क्ष्या काD सभा र्वोनु का पोत लग नु का धिलए अधितरि क्त स क्ष्या का प्रस्त+त का नु काD च‡ का प्रया स का ब मE अधि का नुहै; त सम नु रूपो स सतका 6 है नु च दिहैए। जबदिका अधितरि क्त स क्ष्या का धिलए प्र था6नु का र्वो स्तविर्वोका त्रा+दिर्टे या अन्याथा का ठxका का नु का धिलए काD अनु+मधित दी; ज नु च दिहैए औ एका पोक्षेका विर्वो पोक्षेका काD ओं स विबनु दिकास गलत का आग का अर्वोस का धिलए हैकादी है सकात हैL, र्वो पोस ब+ल नु का अनु+ र्वो स्तविर्वोका है नु च दिहैए औ स क्षे का है नु र्वो ल कादिठनु ई औ का या6र्वो है; मE दी;घ 6र्वोधि सदिहैत प्र सधिगका विर्वोच ] का स था स र्वो नु पोUर्वो6का सत+धिलत दिकाया ज नु च दिहैए। त्र्वोरि त स+नुर्वो ई का अधि का, जिजसमE अपो ल का त्र्वोरि त धिनुपोर्टे नु भा शे धिमल हैL, कार्वोल अधिभाया+क्त का विर्वोधिशे‡ अधि का नुहै; हैL, बजिल्का स म न्या रूपो स सम ज औ विर्वोशेष रूपो स पो दिfत का प्रधित न्या या लया का दी धियात्र्वो हैL। अधिभाया+क्त का धिनुष्पोक्षे स+नुर्वो ई का अधि का स समझू\त दिकाए विबनु एका आ पो का अधि का ] औ एका पो दिfत व्याविक्त औ सम ज का दिहैत] औ अधि का ] का ब च सत+लनु का इस न्या या लया नु धिग;शे का + म स+नुज बनु म का E द्री;या अन्र्वोषर्ण ब्याU (2017) 14 एसस स 809, पो. पो न्नु+स म बनु म तधिमलनु ड+ ज्या 2022 एसस स ऑनुल इनु एसस 1543 औ पोजिWम बग ल ज्या बनु म अधिमया का + म (2004) 13 एस. स. स. 671 मE ख दिकात दिकाया हैL। याहै काहै ज त हैL दिका प्रत्याका आपो धि का म मल, ख ज काD एका या त्रा हैL, जिजसमE सत्या काD ख ज काD ज त हैL। (दीजिखए रि तशे धितर्वो; औ अन्या बनु म उH प्रदीशे ज्या औ अन्या, (2010) 10 एसस स 677) सत्या का अधिभाधिनुजिWत का नु काD प्रदिOया मE प्रदिOया ओं औ स क्ष्या का धिनुयाम] का अनु+पो लनु काD आर्वोश्याकात है त हैL। एका अच्छेx त है स रूपो दिकात काD गई प्रर्ण ल मE, औपोच रि का का नुUनु सत्या का न्या धियाका धिनुष्काष[6] म\धिलका सत्या का स था मल ख नु च दिहैए। याहै तब है त हैL जब का नुUनु द्वा धिनु 6रि त प्रदिOया का अनु+स विर्वोर्वो दिदीत तथ्या] का का + शेलत स पोत लग या ज त हैL। इसका अल र्वो, आपो धि का म+कादीम मE, तथ्या का स्था विपोत का नु का धिलए सबUत का ब झू अधिभाया जनु पो हैL, जिजस उधिचत सदीहै स पो स विबत दिकाया ज नु हैL। अपो ल मE अधितरि क्त स क्ष्या लनु काD शेविक्त का प्रया ग अन्या या औ न्या या काD विर्वोर्फलत का कानु का धिलए दिकाया ज नु च दिहैए औ इस प्रका, प्र था6नु काD स्र्वो काs धित का आर्वोश्याका बनु नु र्वो ल अच्छे औ र्वोL का र्ण] का धिलए प्रया ग दिकाया ज नु च दिहैए।
18. जब हैम उपो क्त उविक्त का उपोया+6क्त अनु+च्छेदी 11 मE याथा धिनु 6रि त र्वोत6म नु म मल का तथ्या त्मका आव्याUहै औ पोsष्ठभाUधिम पो ल गU का त हैn, त हैम नुहै; स चत दिका याहै अधितरि क्त स क्ष्या काD अनु+मधित दीनु काD कास\र्टे; पो ख उत त हैL । दीUस; ओं, आपो धि का अपो ल, ज उच्च न्या या लया का समक्षे स+नु ज नु का धिलए तLया हैL, पो स+नुर्वो ई नुहै; है+ई औ दीड प्रदिOया सदिहैत काD 391 का अ नु घर्टेनु घदिर्टेत है नु का आठ स ल ब दी अधितरि क्त स क्ष्या का अधिभालखनु का धिलए आर्वोदीनु का का उसमE विर्वोलब दिकाया गया हैL। यादिदी हैम दिदीए गए का र्ण] का ध्या नु स दीखE, जिजन्हैE आक्षेविपोत धिनुर्ण6या मE समथा6नु धिमल हैL, त हैम आस नु स काल्पोनु का सकात हैn दिका म+ख्या गर्वो है], पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-5) औ /या ज च अधि का;-चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का अधितरि क्त स क्ष्या का दीज[6] का नु का धिलए औ आर्वोदीनु है सकात हैn, जिजनुका पो दिfत (पो.डब्ल्याU.-43) का स था-स था ज च अधि का;-चचल धिमश्र (पो.डब्ल्याU.-43) का म मल मE ग्या है अर्वोस ] पो लब अर्वोधि का धिलए पोहैल है; पो;क्षेर्ण दिकाया ज च+का हैL। याहै प्रया स पोU म मल का दिर्फ स ख लनु औ अपो ल या च र्ण मE इनु गर्वो है] काD दिर्फ स ज च काD म ग का नु का हैL।
19. प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल नु अन्या ब त] का स था स था, लगभाग 9 स ल औ 7 महै;नु का का र्वो स का स मनु का नु का आ पो सज का धिनुलबनु का धिलए एका आर्वोदीनु (ड;. ब. दिOधिमनुल धिमस.सज का तsत या धिनुलबनु आर्वोदीनु (अपो ल) सख्या 220/2022) दी या दिकाया था । उच्च न्या या लया नु दिदीनु का 07.07.2022 का आदीशे द्वा इस आर्वोदीनु का याहै काहैत है+ए ख रि ज का दिदीया था दिका बच र्वो पोक्षे नु अत त मE काई स्थागनु] काD म ग काD हैL, सज का धिनुलबनु का धिलए विपोछेल दी आर्वोदीनु ख रि ज का दिदीए गए हैn औ प्रधितर्वो दी;-आशे म @आशे म @आशे+मल ग+ज त मE एका अन्या म+कादीम मE अभा भा दिहै सत मE हैL। उच्च न्या या लया का दिदीनु का 07.07.2022 का आदीशे का च+नु\त दीनु र्वो ल ड या; सख्या 33636/2022 र्वो ल विर्वोशेष अनु+मधित या धिचका मE अपो लकात 6 द्वा धिलया गया एका आ याहै हैL दिका प्रत्याथाR-आशे म @आशे+मल द्वा दी या काD गई अपो ल काD स+नुर्वो ई तब तका नुहै; काD ज सकात हैL, जब तका दिका अजया पो ल ल ब का स क्ष्या दीज[6] नुहै; है ज त हैL, क्या]दिका उच्च न्या या लया नु काहै हैL दिका अपो ल का न्या यासगत धिनुर्ण6या का धिलए अधितरि क्त स क्ष्या धिनुत त आर्वोश्याका हैL।
20. उपो क्त धिनुष्काषd का ध्या नु मE खत है+ए, अपो ल स्र्वो का काD ज त हैL, औ आक्षेविपोत धिनुर्ण6या का द्दा का दिदीया ज त हैL। हैम उच्च न्या या लया स अपो ल पो त्र्वोरि त स+नुर्वो ई का धिलए विर्वोच का नु का अनु+ का त हैn, क्या]दिका प्रत्याथाR आशे म उर्फ 6 आशे+मल पोहैल है; लगभाग दीस र्वोषd स का L दी काD सज भा+गत च+का हैL। हैम याहै भा स्पो‡ का त हैn दिका र्वोत6म नु धिनुर्ण6या मE काD गई दिर्टेप्पोजिर्णया उठ ए गए म+द्दा] का धिनुपोर्टे नु का धिलए हैn, औ आपो धि का अपो ल का धिनुर्ण6या उच्च न्या या लया द्वा याहै दीज[6] दिकास भा दिर्टेप्पोजिर्णया] औ धिनुष्काषd स प्रभा विर्वोत है+ए विबनु दिकाया ज एग । न्या या शे (सज र्वो खन्नु ) न्या या शे (एम एम स+दी शे) नुई दिदील्ल 17 अप्रLल, 2023 याहै अनु+र्वो दी आदिर्टे6दिर्फधिशेयाल इर्टेधिलजEस र्टेUल 'स+र्वो स' का जरि ए अनु+र्वो दीका काD सहै यात स दिकाया गया हैL। अस्र्वो का र्ण: याहै धिनुर्ण6या पोक्षेका का उसकाD भा ष मE समझू नु का स धिमत उपोया ग का धिलए स्था नु या भा ष मE अनु+र्वो दिदीत दिकाया गया हैL औ दिकास अन्या उद्दाश्या का धिलए इसका उपोया ग नुहै; दिकाया ज सकात हैL। सभा व्या र्वोहै रि का औ आधि का रि का उद्दाश्या] का धिलए, धिनुर्ण6या का अग्राज सस्का र्ण है; प्र म जिर्णका है ग औ धिनुष्पो दीनु औ का या 6न्र्वोयानु का उद्दाश्या स भा अग्राज सस्का र्ण है; म न्या है ग ।