Full Text
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपील संख्या 1029/2023
सी ा राम ... अपीलक ा#
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य ... प्रति वादी
निनर्ण#य
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका, थ्यात्मक पहलू
JUDGMENT
1. अपीलक ा# मूल अभिभयुक्त संख्या 9 है। अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 - राम बच्चन को, भार ीय दंड संनिह ा 1860, (संक्षेप में, 'आईपीसी') की ारा 302 सपनिF ारा 302 क े ह दंडनीय अपरा क े लिलए दोषी Fहराया गया था। अभिभयुक्त संख्या 1 से लेकर 8 क को भार ीय दंड संनिह ा की ारा 325 सपनिF ारा 149 क े ह दंडनीय अपरा क े लिलए दोषी Fहराया गया था। अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील क े निवचारा ीन रहने क े दौरान, अभिभयुक्त संख्या 10 की मृत्यु हो गई।
2. यह घटना 17 अगस् 1984 की है। अभिभयोजन पक्ष क े कथानक क े अनुसार, पीडब्लू 1 उदय राज मौय#, पीडब्लू 2 राम आ ार (पीडब्लू 1 का निप ा) और करम हुसैन (मृ क) पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े घर क े दरवाजे क े पास बैFे थे।वे खे ों की सिंसचाई क े बारे में चचा# कर रहे थे। अभिभयोजन पक्ष क े मामले क े अनुसार, एक रफ पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 था दूसरी रफ अभिभयुक्त व्यनिक्तयों क े बीच पूव# शत्रु ा थी। अभिभयुक्त संख्या 1 क े परिरवार क े लिखलाफ एक मामला दायर निकया गया था जिजसमें पी डब्लू 2 एक गवाह था। अभिभयोजन पक्ष क े मामले क े अनुसार, पीडब्ल्यू 1 और पी डब्ल्यू 2 क े पक्ष में था अभिभयुक्त संख्या 7 ूफानी क े निवरूद्ध एक तिडक्री पारिर की गई थी। इसक े अलावा, पीडब्लू 2 ने अभिभयुक्त संख्या 3 और अभिभयुक्त संख्या 4 क े लिखलाफ वाद दायर निकया था। जब पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क अपने खे ों की सिंसचाई क े मुद्दे पर चचा# कर रहे थे, ब अभिभयुक्त व्यनिक्त ई ं टें और बांस क े डंडे लेकर आए।अपीलक ा# क े पास एक क ु दाल थी। उस समय, अभिभयुक्त संख्या 4 और 6 तिचल्लाये निक पी डब्लू 1, पी डब्लू 2 और मृ क को मार निदया जाना चानिहए ानिक मुकदमा समाप्त हो जाए। यह सुनने क े बाद, पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क पीडब्लू 1 क े घर क े उत्तर की ओर भागे। अभिभयुक्तों ने उनका पीछा निकया और उन्हें घेर लिलया।अपीलक ा# ने मृ क क े जिसर पर कु दाल क े नुकीले निकनारे से हमला निकया। उसने उसी हभिथयार से पीडब्लू 2 पर भी हमला निकया। मृ क क े नीचे निगरने क े बाद, अभिभयुक्तों ने उक्त ीनों व्यनिक्तयों पर बांस क े डंडों से हमला करना जारी रखा। मृ क करम हुसैन ने अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 द्वारा निकए गए हमले क े कारर्ण लगी चोटों क े कारर्ण दम ोड़ निदया। अभिभयोजन पक्ष ने आF गवाहों का परीक्षर्ण निकया, जिजनमें से, पीडब्लू 1 और Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA पीडब्लू 2, च ुदशh साक्षी थे। सत्र न्यायालय ने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े साक्ष्य पर निवश्वास निकया और अभिभयुक्त को दोषी Fहराया। उच्च न्यायालय क े समक्ष अपील में, अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध की पुनिk की गई थी। हालांनिक अभिभयुक्त संख्या 1 और 2, जो अन्य जीनिव आरोपी थे, को बरी कर निदया गया था। दलीलें
3. अपीलक ा# की ओर से पेश निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक पी डब्लू 1 और पी डब्लू 2 दोनों ने प्रति -परीक्षा में स्वीकार निकया निक उन्होंने नहीं देखा था निक निकस अभिभयुक्त ने मृ क पर हमला निकया था। इसक े अलावा, ीन चश्मदीद गवाह जो घटना क े समय मौजूद थे, उनका परीक्षर्ण नहीं निकया गया। इसलिलए उन्होंने कहा निक अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध को बरकरार नहीं रखा जा सक ा है।
4. प्रत्यथh-उत्तर प्रदेश राज्य का प्रति निनति त्व करने निवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता ने ब ाया निक पी डब्लू-1 और पी डब्लू-2 दोनों ने स्पk रूप से कहा है निक अपीलक ा# ने क ु दाल क े नुकीले निकनारे से मृ क क े जिसर पर हमला निकया। उन्होनें कहा निक जहां क मृ क पर अपीलक ा# द्वारा निकए गए हमले का संबं है, तिचनिकत्सा साक्ष्य पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथानक का समथ#न कर ा है। उन्होंने कहा निक जहां क मृ क पर हमले का संबं है, दोनों न्यायालयों ने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 की गवाही पर निवश्वास निकया है और यह निक सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा निदए गए निनष्कषp में कोई निवक ृ ति नहीं थी। उन्होनें कहा निक अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध में कोई हस् क्षेप नहीं निकया जाना चानिहए। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA हमारा दृनिkकोंर्ण
5. हमने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े साक्ष्य का परिरशीलन निकया है। हम यहां यह ध्यान दें कर सक े हैं निक उच्च न्यायालय ने उनक े कथनों को उस सीमा क अस्वीकार कर निदया है जहां क निक उन्होंने घटना में अभिभयुक्तों क े हाथों उन्हें हुई चोटों क े बारे में अभिभसाक्ष्य निदया था। वास् व में, एक निवभिशk निनष्कष# है निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 पर हमले क े बारे में पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथन आत्मनिवश्वास को प्रेरिर नहीं कर े हैं।
6. यह सच है निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 दोनों ने, अपनी मुख्य परीक्षा में कहा है निक अपीलक ा# ने मृ क क े जिसर पर क ु दाल क े नुकीले निकनारे से हमला निकया। मुख्य-परीक्षा में, पीडब्लू 1 ने कहा निक उसक े निप ा पी डब्लू 2 बांस क े डंडों से निकए गए हमले क े परिरर्णामस्वरूप लगी चोटों क े कारर्ण जमीन पर निगर गए। इसक े बाद, मृ क ने भागने की कोभिशश की जब उसे एक अभिभयुक्त व्यनिक्त ने पकड़ लिलया और उसक े बाद, अपीलक ा# ने मृ क पर हमला निकया। अपनी प्रति -परीक्षा क े प्रस् र 19 में, पीडब्लू 1 ने कहा निक वह और पीडब्लू 2 अभिभयुक्त व्यनिक्तयों द्वारा निकए गए हमले क े परिरर्णामस्वरूप निगर गए और इसलिलए उसने नहीं देखा निक निकस अभिभयुक्त ने उन पर निकस हभिथयार से हमला निकया। उसने स्वीकार निकया निक वह यह ब ाने में असमथ# हैं निक निकस अभिभयुक्त ने उस पर हमला निकया। मुख्य-परीक्षा में, पीडब्लू 1 ने यह नहीं कहा था निक जब उस पर और उसक े निप ा पर हमला निकया गया ो वह भी निगर गया था। उसक े निप ा पीडब्लू 2 का कथन है निक दोनों क े निगरने क े बाद, मृ क पर हमला हुआ था।
7. अब पीडब्लू 2 की गवाही पर आ े हैं, अपनी मुख्य-परीक्षा में, उसने कहा निक दो अभिभयुक्तों क े यह तिचल्लाने क े बाद निक पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA को मार निदया जाना चानिहए, वह भागने लगा। उसने कहा निक वह अभिभयुक्तों द्वारा निकए गए हमले क े कारर्ण निगर गया और उसक े बाद, पीडब्लू 1 निगर गया। उसने कहा निक उसक े बाद, अपीलक ा# ने मृ क पर हमला निकया। पीडब्लू 2 की प्रति परीक्षा क े प्रस् र 10 में, उसने कहा निक उसे और उसक े बेटे पीडब्लू 1 को एक ही समय पीटा गया था। हालांनिक, उन्होंने स्वीकार निकया निक उन्होंने यह नहीं देखा था निक निकसने निकसपर हमला निकया था। प्रति परीक्षा में पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 का कथानक गंभीर संदेह पैदा कर ा है निक क्या उन्होंने निकसी निवशेष अभिभयुक्त को मृ क पर हमला कर े देखा था।
8. इस निवषय का एक और महत्वपूर्ण# पहलू है। पीडब्लू 1 ने अपनी मुख्य-परीक्षा में कहा निक जब उस पर व पीडब्लू 2 और मृ क पर हमला निकया जा रहा था, ो उनकी तिचल्लाहट सुनने क े बाद, मुनीफ, मु #जा और इल् ाफ वहां पहुंचे। वे फ ु न्नू क े घर क े पास रुक े और अभिभयुक्तों पर तिचल्ला े हुए कहा निक वह पी डब्लू- 1, पी डब्लू-2 और मृ क को छोड़ दे। इसक े बावजूद अभिभयुक्तों ने उन पर हमले जारी रखे। यहां क निक पी डब्लू ने कहा निक गवाह मुनीफ, मु #जा और इल् ाफ उस जगह पर आए जहां अन्य ग्रामीर्णों क े साथ उन पर हमला निकया जा रहा था। यहां यह भी ध्यान निदया जाना चानिहए निक प्रति -परीक्षा क े प्रस् र 20 में, पीडब्लू 1 ने कहा निक गवाह मुनीफ सनिह कई ग्रामीर्णों ने घटना देखी है। अपरा की निववेचना करने वाले पी डब्लू 6 भिशव नारायर्ण सिंसह ने अपनी मुख्य- परीक्षा में कहा निक उसने गवाहों मुनीफ, इल् ाफ और मु #जा क े बयान दज# निकए थे। हालांनिक, उन्होंने इन ीन स्व ंत्र चश्मदीद गवाहों की परीक्षा नहीं करने का कोई कारर्ण नहीं ब ाया है। वास् व में, पीडब्लू 2 की प्रति परीक्षा क े प्रस् र 15 में, उसने कहा निक गवाह मुनीफ उसी निदन अदाल में आया था जिजस निदन उसका साक्ष्य दज# निकया गया था, लेनिकन वह पक्षद्रोही हो गया था। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
9. जैसा निक पहले देखा गया है, इसमें गंभीर संदेह है निक क्या पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 ने वास् व में अपीलक ा# को क ु दाल क े नुकीले निकनारे से मृ क पर हमला कर े देखा था। दो चश्मदीद गवाहों और अभिभयुक्त क े बीच पहले से ही दुश्मनी थी। इसक े अलावा, कम से कम ीन स्व ंत्र चश्मदीद गवाह उपलब् थे जिजनक े बयान दंड प्रनिक्रया संनिह ा, 1973 (संक्षेप में, 'दंड प्रनिक्रया संनिह ा') की ारा 161 क े ह दज# निकए गए थे। उनमें से एक (मुनीफ) स्वीकाय# रूप से अदाल में उपस्थिस्थ हुआ लेनिकन उसकी परीक्षा नहीं की गई। यह सच है निक जब कई चश्मदीद गवाह हो े हैं, ो अभिभयोजन पक्ष क े मामले पर इस आ ार पर अनिवश्वास नहीं निकया जा सक ा निक क ु छ चश्मदीद गवाहों की परीक्षा नहीं की गई थी, निवशेष रूप से जब अदाल क े समक्ष परीतिक्ष चश्मदीद गवाहों का बयान निवश्वास पैदा कर ा हो। व #मान मामले में, पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथानक निवश्वास को प्रेरिर नहीं कर े हैं। इस रह ीन स्व ंत्र चश्मदीदों, जिजनक े बयान दज# निकए गए थे, की परीक्षा करने में अभिभयोजन पक्ष की निवफल ा बहु प्रासंनिगक हो जा ी है। इसक े अलावा, ीन गवाहों में से एक अदाल में उपस्थिस्थ हुआ, लेनिकन उसका परीक्षर्ण नहीं निकया गया। इस थ्य पर निवचार कर े हुए निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 की गवाही, जो कभिथ रूप से घायल गवाह थे, पर निवश्वास नहीं निकया जा सक ा है, अभिभयोजन पक्ष द्वारा ीन चश्मदीद गवाहों क े परीक्षर्ण में निवफल रहने क े कारर्ण प्रति क ू ल निनष्कष# निनकालना होगा।
10. इसलिलए, हम मान े है निक अभिभयोजन पक्ष अपीलक ा# क े अपरा को युनिक्तयुक्त संदेह से परे सानिब करने में निवफल रहा है। इसलिलए आक्षेनिप निनर्ण#य और आदेशों क े ह अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध को रद्द निकया जा ा है और अपीलक ा# को उसक े लिखलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर निदया जा ा है। इस न्यायालय द्वारा 8 फरवरी 2021 को पारिर आदेश में दज# है निक अपीलक ा# ने Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आत्मसमप#र्ण निकया है। इसलिलए हम निनदzश दे े हैं निक अपीलक ा# को ुरं स्व ंत्र कर निदया जाए, जब क निक निकसी अन्य मामले में उसकी आवश्यक ा न हो। दनुसार अपील को अनुमति प्रदान की जा ी है।.........……………………….. (न्यायमूर्ति अभय एस. ओका).........……………………….. (न्यायमूर्ति पंकज निमत्तल) नई निदल्ली; 12 अप्रैल 2023. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA