Ram v. Uttar Pradesh State

Supreme Court of India · 12 Apr 2023
Abhay S. Oka; Pankaj Nimmatal
Appeal No. 1029/2023
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court acquitted the appellant of murder charges due to unreliable eyewitness testimony and failure of the prosecution to examine independent witnesses, emphasizing the necessity of proving guilt beyond reasonable doubt.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपील संख्या 1029/2023
सी ा राम ... अपीलक ा#
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य ... प्रति वादी
निनर्ण#य
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका, थ्यात्मक पहलू
JUDGMENT

1. अपीलक ा# मूल अभिभयुक्त संख्या 9 है। अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 - राम बच्चन को, भार ीय दंड संनिह ा 1860, (संक्षेप में, 'आईपीसी') की ारा 302 सपनिF ारा 302 क े ह दंडनीय अपरा क े लिलए दोषी Fहराया गया था। अभिभयुक्त संख्या 1 से लेकर 8 क को भार ीय दंड संनिह ा की ारा 325 सपनिF ारा 149 क े ह दंडनीय अपरा क े लिलए दोषी Fहराया गया था। अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील क े निवचारा ीन रहने क े दौरान, अभिभयुक्त संख्या 10 की मृत्यु हो गई।

2. यह घटना 17 अगस् 1984 की है। अभिभयोजन पक्ष क े कथानक क े अनुसार, पीडब्लू 1 उदय राज मौय#, पीडब्लू 2 राम आ ार (पीडब्लू 1 का निप ा) और करम हुसैन (मृ क) पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े घर क े दरवाजे क े पास बैFे थे।वे खे ों की सिंसचाई क े बारे में चचा# कर रहे थे। अभिभयोजन पक्ष क े मामले क े अनुसार, एक रफ पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 था दूसरी रफ अभिभयुक्त व्यनिक्तयों क े बीच पूव# शत्रु ा थी। अभिभयुक्त संख्या 1 क े परिरवार क े लिखलाफ एक मामला दायर निकया गया था जिजसमें पी डब्लू 2 एक गवाह था। अभिभयोजन पक्ष क े मामले क े अनुसार, पीडब्ल्यू 1 और पी डब्ल्यू 2 क े पक्ष में था अभिभयुक्त संख्या 7 ूफानी क े निवरूद्ध एक तिडक्री पारिर की गई थी। इसक े अलावा, पीडब्लू 2 ने अभिभयुक्त संख्या 3 और अभिभयुक्त संख्या 4 क े लिखलाफ वाद दायर निकया था। जब पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क अपने खे ों की सिंसचाई क े मुद्दे पर चचा# कर रहे थे, ब अभिभयुक्त व्यनिक्त ई ं टें और बांस क े डंडे लेकर आए।अपीलक ा# क े पास एक क ु दाल थी। उस समय, अभिभयुक्त संख्या 4 और 6 तिचल्लाये निक पी डब्लू 1, पी डब्लू 2 और मृ क को मार निदया जाना चानिहए ानिक मुकदमा समाप्त हो जाए। यह सुनने क े बाद, पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क पीडब्लू 1 क े घर क े उत्तर की ओर भागे। अभिभयुक्तों ने उनका पीछा निकया और उन्हें घेर लिलया।अपीलक ा# ने मृ क क े जिसर पर कु दाल क े नुकीले निकनारे से हमला निकया। उसने उसी हभिथयार से पीडब्लू 2 पर भी हमला निकया। मृ क क े नीचे निगरने क े बाद, अभिभयुक्तों ने उक्त ीनों व्यनिक्तयों पर बांस क े डंडों से हमला करना जारी रखा। मृ क करम हुसैन ने अपीलक ा# और अभिभयुक्त संख्या 10 द्वारा निकए गए हमले क े कारर्ण लगी चोटों क े कारर्ण दम ोड़ निदया। अभिभयोजन पक्ष ने आF गवाहों का परीक्षर्ण निकया, जिजनमें से, पीडब्लू 1 और Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA पीडब्लू 2, च ुदशh साक्षी थे। सत्र न्यायालय ने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े साक्ष्य पर निवश्वास निकया और अभिभयुक्त को दोषी Fहराया। उच्च न्यायालय क े समक्ष अपील में, अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध की पुनिk की गई थी। हालांनिक अभिभयुक्त संख्या 1 और 2, जो अन्य जीनिव आरोपी थे, को बरी कर निदया गया था। दलीलें

3. अपीलक ा# की ओर से पेश निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक पी डब्लू 1 और पी डब्लू 2 दोनों ने प्रति -परीक्षा में स्वीकार निकया निक उन्होंने नहीं देखा था निक निकस अभिभयुक्त ने मृ क पर हमला निकया था। इसक े अलावा, ीन चश्मदीद गवाह जो घटना क े समय मौजूद थे, उनका परीक्षर्ण नहीं निकया गया। इसलिलए उन्होंने कहा निक अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध को बरकरार नहीं रखा जा सक ा है।

4. प्रत्यथh-उत्तर प्रदेश राज्य का प्रति निनति त्व करने निवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता ने ब ाया निक पी डब्लू-1 और पी डब्लू-2 दोनों ने स्पk रूप से कहा है निक अपीलक ा# ने क ु दाल क े नुकीले निकनारे से मृ क क े जिसर पर हमला निकया। उन्होनें कहा निक जहां क मृ क पर अपीलक ा# द्वारा निकए गए हमले का संबं है, तिचनिकत्सा साक्ष्य पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथानक का समथ#न कर ा है। उन्होंने कहा निक जहां क मृ क पर हमले का संबं है, दोनों न्यायालयों ने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 की गवाही पर निवश्वास निकया है और यह निक सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा निदए गए निनष्कषp में कोई निवक ृ ति नहीं थी। उन्होनें कहा निक अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध में कोई हस् क्षेप नहीं निकया जाना चानिहए। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA हमारा दृनिkकोंर्ण

5. हमने पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े साक्ष्य का परिरशीलन निकया है। हम यहां यह ध्यान दें कर सक े हैं निक उच्च न्यायालय ने उनक े कथनों को उस सीमा क अस्वीकार कर निदया है जहां क निक उन्होंने घटना में अभिभयुक्तों क े हाथों उन्हें हुई चोटों क े बारे में अभिभसाक्ष्य निदया था। वास् व में, एक निवभिशk निनष्कष# है निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 पर हमले क े बारे में पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथन आत्मनिवश्वास को प्रेरिर नहीं कर े हैं।

6. यह सच है निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 दोनों ने, अपनी मुख्य परीक्षा में कहा है निक अपीलक ा# ने मृ क क े जिसर पर क ु दाल क े नुकीले निकनारे से हमला निकया। मुख्य-परीक्षा में, पीडब्लू 1 ने कहा निक उसक े निप ा पी डब्लू 2 बांस क े डंडों से निकए गए हमले क े परिरर्णामस्वरूप लगी चोटों क े कारर्ण जमीन पर निगर गए। इसक े बाद, मृ क ने भागने की कोभिशश की जब उसे एक अभिभयुक्त व्यनिक्त ने पकड़ लिलया और उसक े बाद, अपीलक ा# ने मृ क पर हमला निकया। अपनी प्रति -परीक्षा क े प्रस् र 19 में, पीडब्लू 1 ने कहा निक वह और पीडब्लू 2 अभिभयुक्त व्यनिक्तयों द्वारा निकए गए हमले क े परिरर्णामस्वरूप निगर गए और इसलिलए उसने नहीं देखा निक निकस अभिभयुक्त ने उन पर निकस हभिथयार से हमला निकया। उसने स्वीकार निकया निक वह यह ब ाने में असमथ# हैं निक निकस अभिभयुक्त ने उस पर हमला निकया। मुख्य-परीक्षा में, पीडब्लू 1 ने यह नहीं कहा था निक जब उस पर और उसक े निप ा पर हमला निकया गया ो वह भी निगर गया था। उसक े निप ा पीडब्लू 2 का कथन है निक दोनों क े निगरने क े बाद, मृ क पर हमला हुआ था।

7. अब पीडब्लू 2 की गवाही पर आ े हैं, अपनी मुख्य-परीक्षा में, उसने कहा निक दो अभिभयुक्तों क े यह तिचल्लाने क े बाद निक पीडब्लू 1, पीडब्लू 2 और मृ क Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA को मार निदया जाना चानिहए, वह भागने लगा। उसने कहा निक वह अभिभयुक्तों द्वारा निकए गए हमले क े कारर्ण निगर गया और उसक े बाद, पीडब्लू 1 निगर गया। उसने कहा निक उसक े बाद, अपीलक ा# ने मृ क पर हमला निकया। पीडब्लू 2 की प्रति परीक्षा क े प्रस् र 10 में, उसने कहा निक उसे और उसक े बेटे पीडब्लू 1 को एक ही समय पीटा गया था। हालांनिक, उन्होंने स्वीकार निकया निक उन्होंने यह नहीं देखा था निक निकसने निकसपर हमला निकया था। प्रति परीक्षा में पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 का कथानक गंभीर संदेह पैदा कर ा है निक क्या उन्होंने निकसी निवशेष अभिभयुक्त को मृ क पर हमला कर े देखा था।

8. इस निवषय का एक और महत्वपूर्ण# पहलू है। पीडब्लू 1 ने अपनी मुख्य-परीक्षा में कहा निक जब उस पर व पीडब्लू 2 और मृ क पर हमला निकया जा रहा था, ो उनकी तिचल्लाहट सुनने क े बाद, मुनीफ, मु #जा और इल् ाफ वहां पहुंचे। वे फ ु न्नू क े घर क े पास रुक े और अभिभयुक्तों पर तिचल्ला े हुए कहा निक वह पी डब्लू- 1, पी डब्लू-2 और मृ क को छोड़ दे। इसक े बावजूद अभिभयुक्तों ने उन पर हमले जारी रखे। यहां क निक पी डब्लू ने कहा निक गवाह मुनीफ, मु #जा और इल् ाफ उस जगह पर आए जहां अन्य ग्रामीर्णों क े साथ उन पर हमला निकया जा रहा था। यहां यह भी ध्यान निदया जाना चानिहए निक प्रति -परीक्षा क े प्रस् र 20 में, पीडब्लू 1 ने कहा निक गवाह मुनीफ सनिह कई ग्रामीर्णों ने घटना देखी है। अपरा की निववेचना करने वाले पी डब्लू 6 भिशव नारायर्ण सिंसह ने अपनी मुख्य- परीक्षा में कहा निक उसने गवाहों मुनीफ, इल् ाफ और मु #जा क े बयान दज# निकए थे। हालांनिक, उन्होंने इन ीन स्व ंत्र चश्मदीद गवाहों की परीक्षा नहीं करने का कोई कारर्ण नहीं ब ाया है। वास् व में, पीडब्लू 2 की प्रति परीक्षा क े प्रस् र 15 में, उसने कहा निक गवाह मुनीफ उसी निदन अदाल में आया था जिजस निदन उसका साक्ष्य दज# निकया गया था, लेनिकन वह पक्षद्रोही हो गया था। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

9. जैसा निक पहले देखा गया है, इसमें गंभीर संदेह है निक क्या पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 ने वास् व में अपीलक ा# को क ु दाल क े नुकीले निकनारे से मृ क पर हमला कर े देखा था। दो चश्मदीद गवाहों और अभिभयुक्त क े बीच पहले से ही दुश्मनी थी। इसक े अलावा, कम से कम ीन स्व ंत्र चश्मदीद गवाह उपलब् थे जिजनक े बयान दंड प्रनिक्रया संनिह ा, 1973 (संक्षेप में, 'दंड प्रनिक्रया संनिह ा') की ारा 161 क े ह दज# निकए गए थे। उनमें से एक (मुनीफ) स्वीकाय# रूप से अदाल में उपस्थिस्थ हुआ लेनिकन उसकी परीक्षा नहीं की गई। यह सच है निक जब कई चश्मदीद गवाह हो े हैं, ो अभिभयोजन पक्ष क े मामले पर इस आ ार पर अनिवश्वास नहीं निकया जा सक ा निक क ु छ चश्मदीद गवाहों की परीक्षा नहीं की गई थी, निवशेष रूप से जब अदाल क े समक्ष परीतिक्ष चश्मदीद गवाहों का बयान निवश्वास पैदा कर ा हो। व #मान मामले में, पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 क े कथानक निवश्वास को प्रेरिर नहीं कर े हैं। इस रह ीन स्व ंत्र चश्मदीदों, जिजनक े बयान दज# निकए गए थे, की परीक्षा करने में अभिभयोजन पक्ष की निवफल ा बहु प्रासंनिगक हो जा ी है। इसक े अलावा, ीन गवाहों में से एक अदाल में उपस्थिस्थ हुआ, लेनिकन उसका परीक्षर्ण नहीं निकया गया। इस थ्य पर निवचार कर े हुए निक पीडब्लू 1 और पीडब्लू 2 की गवाही, जो कभिथ रूप से घायल गवाह थे, पर निवश्वास नहीं निकया जा सक ा है, अभिभयोजन पक्ष द्वारा ीन चश्मदीद गवाहों क े परीक्षर्ण में निवफल रहने क े कारर्ण प्रति क ू ल निनष्कष# निनकालना होगा।

10. इसलिलए, हम मान े है निक अभिभयोजन पक्ष अपीलक ा# क े अपरा को युनिक्तयुक्त संदेह से परे सानिब करने में निवफल रहा है। इसलिलए आक्षेनिप निनर्ण#य और आदेशों क े ह अपीलक ा# की दोषजिसतिद्ध को रद्द निकया जा ा है और अपीलक ा# को उसक े लिखलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर निदया जा ा है। इस न्यायालय द्वारा 8 फरवरी 2021 को पारिर आदेश में दज# है निक अपीलक ा# ने Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आत्मसमप#र्ण निकया है। इसलिलए हम निनदzश दे े हैं निक अपीलक ा# को ुरं स्व ंत्र कर निदया जाए, जब क निक निकसी अन्य मामले में उसकी आवश्यक ा न हो। दनुसार अपील को अनुमति प्रदान की जा ी है।.........……………………….. (न्यायमूर्ति अभय एस. ओका).........……………………….. (न्यायमूर्ति पंकज निमत्तल) नई निदल्ली; 12 अप्रैल 2023. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA