Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation Limited v. Honeywell International (India) Private Limited

High Court of Punjab and Haryana · 11 Apr 2023
M. R. Shah; C. T. Rivkumar
Civil Appeal No 2052 of 2023
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that acquisition proceedings under the 1894 Act cannot be deemed complete under Section 24(2) of the 2013 Act and remanded challenges for fresh adjudication excluding the 2013 Act's applicability.

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2023 क िसिवल अपील सं याएँ 2098-2105
2023 क िसिवल अपील सं या 2137
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2023 क िसिवल अपील सं या 2150
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2023 क िसिवल अपील सं या 2143
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2023 क िसिवल अपील सं या 2119
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2023 क िसिवल अपील सं या 2147
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2023 क िसिवल अपील सं या 2118
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2023 क िसिवल अपील सं या 2124
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2023 क िसिवल अपील सं याएँ 2114-2117
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2023 क िसिवल अपील सं या 2125
2023 क िसिवल अपील सं या 2157
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2023 क िसिवल अपील सं या 2056
2023 क िसिवल अपील सं या 2059
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2023 क िसिवल अपील सं या 2078
2023 क िसिवल अपील सं या 2079
2023 क िसिवल अपील सं या 2065
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2023 क िसिवल अपील सं या 2053
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2023 क िसिवल अपील सं या 2109
2023 क िसिवल अपील सं या 2110
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2023 क िसिवल अपील सं या 2149
(एसएलपी
एसएलपी
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िसिवल
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िसिवल) सं या 6292/2023 @
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2023 क िसिवल अपील सं या 2054
2023 क िसिवल अपील सं या 2060
2023 क िसिवल अपील सं या 2074
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2023 क िसिवल अपील सं या 2096
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2023 क िसिवल अपील सं या 2107
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JUDGMENT

1. सी. ड यू. पी. सं या 4015/2006 म पा रत आ ेिपत आम (कॉमन) िनणय और आदेश से िथत और असंतु महसूस करते ए, िजसके ारा उ यायालय ने घोिषत कया है क संबंिधत भूिम के संबंध म अिध हण/अिध हण क कायवाही भूिम अिध हण, पुनवास और पुन थापन अिधिनयम, 2013 म उिचत मुआवजा और पारद शता के अिधकार (इसके बाद 'अिधिनयम 2013' के प म संद भत), क धारा 24(2) के तहत समा हो गई है, ह रयाणा रा य औ ोिगक और बुिनयादी ढांचा िवकास िनगम िलिमटेड (सं ेप म, 'एचएसआईआईडीसी') और ह रयाणा रा य ने वतमान अपील को ाथिमकता दी है। कुछ अपील म उ यायालय ारा पा रत संबंिधत िनणय और आदेश को चुनौती दी गई है िजसम यह घोषणा क गई है क गत भूिम के संबंध म अिध हण को अिधिनयम, 2013 क धारा 24 (2) के तहत पगत माना गया है।

2. शु आत म, यह यान देने क आव यकता है क अपील के वतमान समूह को दो ेिणय म िवभािजत कया जा सकता है, अथात्, (1) उ यायालय के सम संबंिधत मूल रट यािचकाकता जैसे सी.ड यू.पी. सं या 4015/2006 और अ य संब रट यािचका ने भूिम अिध हण अिधिनयम, 1894 (सं ेप म, 'अिधिनयम, 1894') के तहत कई आधार पर अिध हण क कायवाही को भी चुनौती दी, और (2) रट यािचकाएँ जो केवल इस घोषणा के िलए दायर क गई थ क िवचाराधीन भूिम के संबंध म अिध हण को अिधिनयम, 2013 क धारा 24(2) के तहत पगत/ समा माना जाता है (डी ड टू हैव लै सड), िजसम अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण को चुनौती नह दी गई थी। िसिवल अपील सं याएँ 2052/2023, 2108/2023, 2111/2023, 2097/2023, 2144/2023, 2146/2023, 2145/2023, 2129/2023, 2153/2023, 2062/2023, 2063/2023, 2071/2023, 2084/2023, 2085/2023, 2086/2023, 2090/2023, 2088/2023, 2148/2023, 2147/2023, 2056/2023, 2059/2023, 2058/2023, 2068/2023, 2073/2023, 2078/2023, 2079/2023, 2065/2023, 2067/2023, 2072/2023, 2077/2023, 2082/2023, 2053/2023, 2055/2023, 2064/2023, 2070/2023, 2057/2023, 2083/2023, 2106/2023, 2094/2023, 2095/2023, 2089/2023, 2092/2023, 2093/2023, 2087/2023, 2091/2023, 2109/2023, 2110/2023, 2054/2023, 2060/2023, 2074/2023, 2061/2023, 2080/2023, 2081/2023, 2066/2023, 2075/2023, 2076/2023, 2096/2023, 2069/2023, 2107/2023, 2126/2023, 2140/2023, 2152/2023, 2130/2023, 2131/2023, 2133/2023, 2134/2023, 2132/2023, 2098- 2105/2023, 2150/2023, 2138/2023, 2143/2023, 2119/2023, 2141/2023, 2122/2023, 2114-2117/2023,2113/2023, 2121/2023, 2157/2023, 2120/2023 और 2149/2023 (कुल 80 मामले)

3. इन सभी अपील म, मु ा थम ेणी से संबंिधत है, अथात्, जहां उ यायालय के सम, मूल रट यािचकाकता ने अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण/अिध हण क कायवाही को चुनौती दी थी, जो क, इस कार, अिधिनयम, 2013 के लागू होने से ब त पहले दायर क गई थी और अिधिनयम, 2013 क धारा 24(2) के तहत अिध हण क डी ड लै स क राहत (समझी/मानी गई पगत/ समाि क राहत) के िलए संशोधन आवेदन इस आधार पर तुत कए गए थे क न तो क जा िलया गया था और न ही मुआवजे का भुगतान/पेश कया गया था।अ य आधार पर गुण के आधार पर रट यािचका का िनणय कए िबना, िवशेष प से उन आधार पर िजन पर अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण/अिध हण क कायवाही को चुनौती दी गई थी, केवल पुणे नगर िनगम बनाम हरकचंद िम ीमल सोलंक, (2014) 3 एससीसी 183 म रपोट क गई, के मामले म इस यायालय के िनणय पर िनभर करते ए, उ यायालय ने रट यािचका क अनुमित दी है और घोिषत कया है क िवचाराधीन भूिम के संबंध म अिध हण को अिधिनयम, 2013 क धारा 24 (2) के तहत पगत/ समा माना जाता है (डी ड टू हैव लै सड)। िसिवल अपील सं याएँ 2135-2136/2023, 2142/2023, 2139/2023, 2128/2023, 2127/2023, 2155/2023, 2156/2023, 2154/2023, 2151/2023, 2137/2023, 2118/2023, 2124/2023, 2123/2023, 2125/2023 और 2112/2023 (कुल 15 मामले)

4. ये सभी अपील अ य ेणी म आती ह, अथात्, िजसम केवल अिधिनयम, 2013 क धारा 24 (2) के तहत राहत मांगी गई थी, उ यायालय ने उ रट यािचका को अनुमित दी है और घोिषत कया है क गत भूिम के संबंध म अिध हण को माना जाता है (डी ड टू हैव लै सड), जो केवल पुणे नगर िनगम (उपयु उपयु उपयु उपयु ) के मामले म इस यायालय के िनणय पर िनभर करता है।

5. जहाँ तक उ यायालय ारा पा रत आ ेिपत िनणय (िनणय ) और आदेश (आदेश ) का संबंध है, िजसमे यह घोषणा है क गत भूिम के संबंध म अिध हण को अिधिनयम, 2013 क धारा 24(2) के तहत पगत/ समा माना जाता है (डी ड टू हैव लै सड), का संबंध है, इ दौर िवकास ािधकरण बनाम मनोहरलाल व अ य आ द के मामले म संिवधान पीठ के िनणय मनोहरलाल व अ य आ द के मामले म संिवधान पीठ के िनणय, (2020) 8 एससीसी 129 म ितवे दत, के आलोक म रट यािचका म जो क केवल ऐसी राहत के िलए दायर क गई थी और जो अिधिनयम, 2013 के लागू होने के बाद म दायर क गई थी का संबंध है, उ यायालय ारा अिधिनयम, 2013 क धारा 24(2) के तहत राहत दान करने वाले िववा दत िनणय और आदेश टकाऊ नह है। कुछ मामल म, मूल रट यािचकाकता, िजनक रट यािचका को खा रज कर दया गया है, क ओर से उपि थत िव ान अिधव ा ने तुत कया है क चूं क क जा रपोट तुत नह क गई थी, उ ह ने िववाद कया क उनके मामल म वा तिवक भौितक क जा नह िलया गया था।हालां क, अिध हण करने वाले िनकाय/लाभाथ ारा िलए गए िविश टड ( ख) और इस यायालय ारा इंदौर िवकास ािधकरण (पूव ) के मामले म िनधा रत कानून के म ेनजर, कुछ मूल रट यािचकाकता क ओर से तुत कया गया यह िनवेदन क क जा रपोट रकॉड पर नह रखी गई थी और इसिलए वा तिवक क जा नह िलया गया था, इसे वीकार नह कया जा सकता है।

6. यहां तक क सीड यूपी सं या 4015/2006 के संबंिधत मूल रट यािचकाकता और अ य संब रट यािचका क ओर से पेश होने वाले िव ान वक ल - सीड यूपी सं या 4015/2006 म उ यायालय ारा पा रत आ ेिपत िनणय और आदेश से उ प िसिवल अपील म ितवादीगण, ने िन प प से/ व छता से वीकार कया है (fairly conceded) क इंदौर िवकास ािधकरण (उपयु उपयु उपयु उपयु ) के मामले म इस यायालय ारा िनधा रत कानून के म ेनजर, अिधिनयम 2013 क धारा 24 (2) के तहत राहत दान करने वाला उ यायालय ारा पा रत आ ेिपत िनणय और आदेश टकाऊ नह है। तथािप, यह ाथना क जाती है क चूं क उ यायालय ने अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण/अिध हण क कायवाही को चुनौती देने वाले अ य आधार पर गुण के आधार पर िवचार नह कया है, य िप यह रट यािचका क िवषय व तु थी और केवल अिधिनयम, 2013 क धारा 24 (2) के अधीन पगत / समा समझे जाने पर ही (डी ड लै स) रट यािचका का िनपटान कया है, अतः अ य आधार पर अथात् अिधिनयम, 1894 के अधीन अिध हण/अिध हण क कायवाही को गुण- दोष के आधार पर चुनौती देने वाली रट यािचका पर िवचार करने के िलए उ यायालय को ित ेिषत कए जाने क आव यकता है।हालाँ क, एचएसआईआईडीसी और ह रयाणा रा य क ओर से तुत कया गया है क एक बार जब भू- वािमय / रट यािचकाकता के संबंध म, गत भूिम का क जा पहले ही ले िलया गया है और यहां तक क मुआवजे का भुगतान / जमा कर दया गया है तो अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण/अिध हण क कायवाही को र करने और अपा त करने क आव यकता नह है। हालां क, यो यता के आधार पर अ य मु पर िवचार करते समय उ पहलू पर उ यायालय ारा िवचार कया जाना आव यक है, िवशेष प से अिधिनयम, 1894 के तहत अिध हण क कायवाही को दी गयी चुनौती को।

7. उपरो को यान म रखते ए और उपरो कारण से, इस िनणय के पैरा 3 के अनुसार सभी िसिवल अपील को, सीड यूपी नं. 4015/2006 म चंडीगढ़ म पंजाब और ह रयाणा उ यायालय ारा पा रत आ ेिपत सामा य िनणय और आदेश से उ प होने वाली सभी िसिवल अपील और अ य संब रट यािचका को अनुमित दी जाती है।उ यायालय ारा पा रत आ ेिपत िनणय (िनणय ) और आदेश (आदेश ), िजसम यह घोषणा क गई थी क िववा दत भूिम के संबंध म अिध हण को माना जाता है (डी ड टू हैव लै सड), को एत ारा र और अपा त कया जाता है।तथािप, मु य रट यािचका को नए िसरे से कानून के अनुसार और अिधिनयम, 2013 क धारा 24 (2) क यो यता को छोड़कर अ य मु पर उनके गुण-दोष के आधार पर िनपटाने के िलए मामले उ यायालय को वापस भेजे जाते ह।हम उ यायालय से अनुरोध करते ह क वह ज द से ज द और अिधमानतः वतमान आदेश क ाि क तारीख से नौ महीने क अविध के भीतर, रमांड पर भेजी गयी ( ित ेिषत) रट यािचका पर, अंितम प से िनणय ल और उनका िनपटारा करे।सभी तक और ितवाद जो संबंिधत प कार को उपल ध ह, उ ह उ यायालय ारा कानून के अनुसार और उनक अपनी यो यता के आधार पर िवचार करने के िलए खुला रखा गया है (अिधिनयम, 2013 क धारा 24(2) क यो यता को तुत करने को छोड़कर)।

8. जहां तक इस फैसले के पैरा 4 म उि लिखत िसिवल अपील का संबंध है, इन सभी अपील को वीकार कया जाता है।उ यायालय के आ ेिपत िनणय और आदेश, िजसमे यह घोषणा क गई है क िववा दत भूिम के संबंध म अिध हण को (डी ड टू हैव लै सड) माना जाता है, को र और अपा त/िनर त कया जाता है।उन मामल म भी अिध हण क पगित/ समाि (डी ड लै स) नह मानी जाएगी जैसा क उ यायालय ने अवलो कत और अिभिनधा रत कया।

9. उपरो के अनुसार वतमान अपील का िन तारण कया जाता है। ………………………………जे. [एम. आर. शाह] ………………जे. [सी.टी. रिवकुमार] नई द ली 11 अ ैल, 2023 vLohdj.k%& LFkkuh; Hkk’kk esa vuqokfnr fu.k;Z oknh ds lhfer mi;ksx ds fy, gS rkfd og viuh Hkk’kk esa bls le> lds vkSj fdlh vU; m|s”; ds fy, bldk mi;ksx ugha fd;k tk ldrk gSA lHkh O;ogkfjd vkSj vkf/kdkfjd m|s”;ks ds fy, fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd gksxk vkSj fu’iknu vkSj dk;kZUo;u ds m)s”; ds fy, mi;qDr jgsxkA