Full Text
भा त का सर्वो च्च न्यायालय
सिसविर्वोल अपीलीय क्षेत्राधि का
सिसविर्वोल अपील संख्या............./2023
(विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 16428/2022 से उत्पन्न)
साक्षी आढ़ा .......अपीलार्थी6 (गण)
बनाम
ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय र्वो अन्य ........ प्रधितर्वोादी (गण)
क
े सार्थी
सिसविर्वोल अपील संख्या.........../2023
(विर्वोशेष अनुमधित याधि*का संख्या (सिसविर्वोल)18296-18299/2022 से उत्पन्न)
सिसविर्वोल अपील संख्या.........../ 2023
(विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 21644/2022 से उत्पन्न)
सिसविर्वोल याधि*का संख्या................./ 2023
(विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 19179/2022 से उत्पन्न)
सिसविर्वोल याधि*का संख्या ................../2023
(विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 9544/2023 से उत्पन्न)
सिसविर्वोल याधि*का संख्या............../2023
स्तोगी, न्याया ीश
JUDGMENT
1. अनुमधित प्रदान की गई।
2. हमा े समक्ष अपीलकताAओं का र्वोतAमान बै* अन्य विपछड़ा र्वोगA (नॉन क्रीमी लेय अर्थीाAत् एनसीएल), अधि क विपछड़ा र्वोगA (एनसीएल) औ आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA (ईडब्ल्यूएस) क े सदस्य हैं, जो प्रधितर्वोादी द्वा ा 22 जुलाई, 2021 को जा ी विकए गए एक विर्वोज्ञापन क े अनुस ण में सिसविर्वोल न्याया ीश क े पद क े लिलए आयोसिजत *यन प्रविक्रया में अंधितम रूप से अहAता प्राप्त क *ुक े हैं, लेविकन उन्हें उस श्रेणी में नहीं माना गया है, सिजससे विक र्वोे संबन्धिन् त है। यह इस का ण से विक श्रेणी का प्रमाण-पत्र, जो प्रत्येक अपीलकताA द्वा ा प्रस्तुत विकया गया र्थीा, विर्वोज्ञापन में बताई गई अंधितम धितथिर्थी, अर्थीाAत् 31 अगस्त, 2021 क े बाद का है औ उनमें से प्रत्येक दुभाAग्यर्वोश अना धिक्षत श्रेणी में अहAता प्राप्त नहीं क सका, संविर्वो ान क े अनुच्छेद 226 क े अंतगAत एक रि र्टे याधि*का दाय की गई सिजसे उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने खारि ज क विदया, जो इस न्यायालय क े समक्ष *ुनौती का विर्वोषय है।
3. मामले क े संधिक्षप्त तथ्य अथिभलेख से उद्भूत होते हैं विक सिसविर्वोल न्याया ीश का पद, सिजससे हमा ा संबं है, ाजस्र्थीान न्याधियक सेर्वोा विनयम, 2010 (एतद्पश्चात् "विनयम, 2010"क े रूप में संदर्थिभत) से संलग्न अनुसू*ी में सन्धिlमलिलत है औ इसे विनयम, 2010 क े भाग 4 क े अ ीन यर्थीा उपबंधि त भत[6] प्राधि का ी द्वा ा आयोसिजत प्रधितयोगी प ीक्षा क े परि णाम क े आ ा प सी ी भत[6] द्वा ा ही भ ा जाना है।
4. भत[6] की पद्धधित क े अलार्वोा, यह देखा जा सकता है विक अनुसूधि*त जाधित/अनुसूधि*त जनजाधित/अन्य विपछड़ा र्वोगA/अधि क विपछड़ा र्वोगA/विर्वोकलांग व्यविoयों औ मविहला उlमीदर्वोा ों को विनयम, 2010 क े विनयम 10 क े तहत आ क्षण प्रदान विकया जा हा है। विनयम 10(2) एर्वों (5) क े तहत विन ाAरि त शतq क े सार्थी विक भत[6] क े विकसी विर्वोशेष र्वोषA में ओबीसी/एमबीसी क े बी* उपयुo उlमीदर्वोा ों की अनुपलब् ता की न्धिस्र्थीधित में, उनक े लिलए आ धिक्षत रि विoयां सामान्य प्रविक्रया क े अनुसा भ ी जाएंगी औ इस त ह न भ ी गई रि विoयों को बाद क े भत[6] र्वोषA क े लिलए आगे बढ़ाया जाएगा।
5. विनयम, 2010 क े विनयम 20 क े तहत विनर्दिदष्ट प ीक्षा की योजना क े अनुसा, सिसविर्वोल न्याया ीश क े पद प भत[6] क े लिलए भत[6] प्राधि का ी द्वा ा प्रधितयोगी प ीक्षा दो * णों में आयोसिजत की जाएगी अर्थीाAत् प्रा ंथिभक प ीक्षा क े बाद मुख्य प ीक्षा होगी, जो विक विनयम, 2010 क े भाग 4 में विनर्दिदष्ट योजना क े अनुसा होगी। इस शतA क े सार्थी विक मुख्य प ीक्षा में प्रर्वोेश क े लिलए योग्य घोविषत विकए गए उlमीदर्वोा ों द्वा ा प्रा ंथिभक प ीक्षा में प्राप्त अंकों को उनकी योग्यता का विन ाA ण क ने क े लिलए नहीं विगना जाएगा औ मुख्य प ीक्षा में योग्य घोविषत विकए गए उlमीदर्वोा ों को साक्षात्का क े लिलए बुलाया जाएगा औ मुख्य प ीक्षा औ साक्षात्का में प्राप्त अंक योग्यता का विन ाA ण क ने में शासी का क होंगे औ सिजन उlमीदर्वोा ों को अंधितम रूप से योग्यता सू*ी में खा जाएगा, उनक े नामों की अनुशंसा भत[6] प्राधि का ी द्वा ा विनयम 24 क े तहत विनयुविo क े लिलए की जाएगी औ विनयुविo प्राधि का ी द्वा ा न्यायालय क े प ामशA से विनयमार्वोली 2010 क े विनयम 26 अनुसा विनयुविo की जाएगी।
6. सिसविर्वोल न्याया ीश की र्वोषA 2020-21 की लगभग 120 रि विoयों का विर्वोज्ञापन विदनांक 22 जुलाई, 2021 प्रधितर्वोादी द्वा ा विर्वोज्ञाविपत विकया गया र्थीा औ विर्वोज्ञापन क े खंड 4 क े अंतगAत संदर्थिभत तालिलका *ार्टेA में श्रेणीर्वोा आ क्षण इंविगत विकया गया र्थीा, जो विनlनानुसा पुन: प्रस्तुत विकया गया है: क ु ल रि विoयों की संख्या र्वोषA सामान्य आ धिक्षत बें*माक A विर्वोकलांग व्यविo एससी एसर्टेी ओबीसी ईडबल्यूएस एमबीसी 89 2020 से विदसlब 2020 तक 35 पदों में से 10 पद मविहलाओं क े लिलए, 10 पदों में से 2 पद विर्वो र्वोाओं क े लिलए आ धिक्षत 14 पदों मे से 04 पद मविहलाओं क े लिलए, 4 पदों मे से 1 पद विर्वो र्वोा क े लिलए 10 पदों मे से 3 पद मविहलाओं क े लिलए 18 पदों मे 5 पद मविहलाओं क े लिलए, 5 पदों मे से 1 पद े लिलए 8 पदों मे से 02 पद मविहलाओं क े लिलए 04 पदों मे से 01 पद मविहला क े लिलए 89 रि विoयों मे से 04 पद बें*माक A अक्षमता र्वोाले व्यविoयों क े लिलए 31 2021 से विदसlब 2021 तक से 4 पद मविहलाओं क े लिलए, 4 पदों मे से 1 पद विर्वो र्वोा क े लिलए आ धिक्षत 4 पदों मे से 1 पद मविहला क े लिलए 03 06 पदों मे से 1 पद मविहला क े लिलए 03 01 31 रि विoयों मे से 01 पद बें*माक A े लिलए * बें*माक A विर्वोकलांग व्यविoयों क े लिलए आ धिक्षत 05 पदों में से, 01 (एक) दृविष्टहीन व्यविo औ कम दृविष्ट खने र्वोाले व्यविo क े लिलए आ धिक्षत है, 01 (एक) बधि औ कम सुनने क े र्वोाले व्यविo क े लिलए, 01 (एक) से ेब्रल पाल्सी क े सार्थी *लने-विy ने में असमर्थीA व्यविo क े लिलए, क ु ष्ठ ोग ठीक हुए व्यविo क े लिलए, बौनापन, एसिसड अर्टेैक पीविड़तों औ माँसपेथिशयों क े कम विर्वोकसिसत व्यविo क े लिलए औ 02 (दो) स्र्वोलीनता, बौधिद्धक अक्षमता, विर्वोथिशष्ट सीखने की अक्षमता औ मानसिसक बीमा ी औ एकाधि क विर्वोकलांगता क े लिलए खंड (ए) से (डी) क े अंतगAत प्रत्येक विर्वोकलांग क े लिलए धि*न्धिन्हत पदों में बधि औ दृविष्टहीनता सविहत।
7. विर्वोज्ञापन क े खंड 5 क े अंतगAत यह इंविगत विकया गया है विक यविद विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों क े लिलए आ धिक्षत रि विoयां खाली ह जाती है तो उन अपूणA रि विoयों को भ ने में एक संलग्न नोर्टे क े सार्थी यह त ीका अपनाना होगा विक र्वोे आर्वोेदक, जो ाजस्र्थीान ाज्य क े हैं र्वो अन्य विपछड़ा र्वोगA (क्रीमी लेय )/अधि क विपछड़ा र्वोगA (क्रीमी लेय ) क े सदस्य है औ र्वोे आर्वोेदक, जो ाजस्र्थीान ाज्य क े अलार्वोा अन्य ाज्यों क े हैं औ अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA (क्रीमी लेय / नॉन क्रीमी लेय ) औ अधि क विपछड़ा र्वोगA (क्रीमी लेय /नॉन क्रीमी लेय ) औ आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA (ईडब्ल्यूएस) क े सदस्य है, उन्हें सामान्य श्रेणी में माना जाएगा औ उन्हें आ क्षण की मांग क े लिलए विर्वोज्ञापन क े खंड 6(i) औ (iii) क े तहत संदर्थिभत, सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विन ाAरि त प्रारूप में विनयमानुसा जा ी विकया गया जाधित प्रमाण पत्र औ खंड 22(3) (अन्य महत्र्वोपूणA विनदश) क े तहत प्रस्तुत विकया जाना होगा। यह इंविगत विकया गया र्थीा विक आर्वोेदक को ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय या संबंधि त भत[6] प्राधि क ण द्वा ा आर्वोश्यक आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ते समय भत[6] प्राधि क ण की मांग प ऐसे सभी दस्तार्वोेजों/प्रमाणपत्रों को प्रस्तुत क ना होगा। विर्वोज्ञापन क े खंड 22(3) क े सार्थी सपविठत खंड 6(i) औ (iii) का उद्ध ण यहां पुन: प्रस्तुत विकए जाते है। "6. विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों क े प्रमाणपत्र क े संदभA में (i) अनुसूधि*त जाधित, अनुसूधि*त जनजाधित, अन्य विपछड़ा र्वोगA एर्वों अधित विपछड़ा र्वोगA में आ क्षण हेतु सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विन ाAरि त प्रारूप में विनयमानुसा जा ी जाधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (ii)....... (iii) आर्वोेदक क े आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA से संबंधि त होने की न्धिस्र्थीधित में सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विन ाAरि त प्रारूप में विनयमानुसा जा ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा। "22. अन्य महत्र्वोपूणA विनदश:- (1)-(2).................. (3) आर्वोेदकों क े लिलए यह अविनर्वोायA होगा विक र्वोे सभी संबंधि त मूल दस्तार्वोेज/प्रमाणपत्र प्रस्तुत क ें, सिजसक े आ ा प र्वोे ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय या संबंधि त विनयुविo प्राधि का ी द्वा ा मांग विकए जाने प कोई दार्वोा क ते हैं। (4)....”
8. विनदश इंविगत क ते हैं विक खंड 6 (i) औ (iii) क े सार्थी सपविठत खंड 22 (3) क े संदभA में, जो आर्वोेदक आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ते हैं, उन्हें उच्च न्यायालय या संबंधि त विनयुo प्राधि का ी की मांग प ऐसा प्रमाणपत्र/दस्तार्वोेज पेश क ना होगा। इस प्रका, यह स्पष्ट है विक आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ने र्वोाली श्रेणी का जाधित प्रमाण पत्र या तो आर्वोेदन पत्र भ ने क े * ण में या विकसी भी बड़े स्त प प्रस्तुत क ने की आर्वोश्यकता नहीं है, हालांविक, इसे भत[6] प्राधि का ी द्वा ा मांगे जाने प प्रस्तुत विकया जाना है। यह देखा जा सकता है विक एमबीसी (एनसीएल) औ ईडब्ल्यूसी क े लिलए आ क्षण को 22 जुलाई, 2021 क े एक विर्वोज्ञापन क े अनुस ण में आयोसिजत र्वोतAमान *यन प्रविक्रया में पहली बा पेश विकया गया है।
9. आ धिक्षत रि विoयों ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस श्रेणी, जैसा भी मामला हो, क े लिखलाy आ क्षण का दार्वोा क ने र्वोाले आर्वोेदक द्वा ा प्रस्तुत क ने क े लिलए प्रधितर्वोादी द्वा ा प्रासंविगक आर्वोश्यकता को इस शतA क े सार्थी अधि सूधि*त विकया गया र्थीा विक प्रमाण पत्र आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31 अगस्त, 2021 से एक र्वोषA से पहले की अर्वोधि का नहीं होना *ाविहए। इसकी सू*ना पहली बा विदनांक 04 अगस्त, 2022 सूधि*त विकया गया, सिजसका विक संदभA विदया गया है। श्रेणी से संबंधि त प्रमाणपत्र क े संदभA में प्रत्यर्थी6 द्वा ा मांगे गए दस्तार्वोेजों क े उद्ध ण को विनlनानुसा पुनः प्रस्तुत विकया गया हैः "(iii) श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र (क.)ओबीसी / एमबीसी (नॉन क्रीमी लेय ) प्रमाण पत्र आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 से एक र्वोषA से पहले जा ी विकया गया नहीं हो। (ख.)यविद 31.08.2018 से 30.08.2020 क े मध्य ओबीसी/एमबीसी (गै क्रीमी लेय ) प्रमाण पत्र जा ी विकया जाता है तो जाधित प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (ग.)ईडब्ल्यूएस श्रेणी क े मामले में- ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आ क्षण की मांग क ने क े लिलए आर्वोश्यक आय औ परि संपलिƒ प्रमाण पत्र 01.04.2021 से पहले जा ी नहीं विकया जाना *ाविहए। यविद आय औ परि संपलिƒ प्रमाण पत्र 01.04.2020 औ 31.03.2021 क े बी* जा ी विकया गया है, तो प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (घ.)एससी/एसर्टेी/ओबीसी/एमबीसी/ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जैसा भी मामला हो, आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 क े बाद का जा ी नहीं विकया गया नहीं हो।” (जो विदया गया)
10. प्रधितर्वोादी का यह मामला नहीं है, अपीलकताA में से कोई भी आ धिक्षत श्रेणी अर्थीाAत् ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस से संबंधि त नहीं है, लेविकन श्रेणी से संबंधि त उनका प्रमाण पत्र कर्टेऑy धितथिर्थी अर्थीाAत् 31 अगस्त, 2021 क े बाद की विदनांक का है। हालांविक प्रत्येक आर्वोेदक को उच्च न्यायालय क े अंतरि म आदेश क े तहत साक्षात्का में उपन्धिस्र्थीत होने की अनुमधित दी गई र्थीी, लेविकन उन्हें श्रेणी से संबंधि त उनक े प्रमाण पत्र क े लाभ का दार्वोा क ने की अनुमधित नहीं र्थीी, जो विक प्रस्तुत विकया गया र्थीा yलतः उन्हें अना धिक्षत श्रेणी में माना गया र्थीा।
11. जब अंधितम रूप से परि णाम प्रकाथिशत विकया गया, तो विनर्दिर्वोर्वोाद रूप से, प्रत्येक आर्वोेदक ने अपनी संबंधि त श्रेणी अर्थीाAत ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस, जैसा भी मामला हो, में उच्च अंक प्राप्त विकए, औ र्वो ीयता में उनसे विनlन उlमीदर्वोा ों को प्रधितर्वोादी द्वा ा *ुना गया लेविकन *ूंविक श्रेणी से संबंधि त उनका प्रमाण पत्र कर्टेऑy धितथिर्थी अर्थीाAत् 31 अगस्त, 2021 (आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी) क े बाद का है, आ क्षण का लाभ नहीं विदया गया है औ *ूंविक प्रत्येक आर्वोेदक अना धिक्षत श्रेणी में अहAता प्राप्त क ने में विर्वोyल हा है, अतः उन्हें सिसविर्वोल न्याया ीश क े पद प विनयुविo क े लिलए विर्वो*ा विकए जाने से अंतत: इनका क विदया गया। इस तथ्य को प्रधितर्वोादी द्वा ा विदनांक 30 अगस्त, 2022 क े नोविर्टेस द्वा ा प्रकाथिशत सिसविर्वोल जज क ै ड 2021 की भत[6] क े परि णाम से औ समर्थिर्थीत विकया जा सकता है, जो इंविगत क ता है विक र्वोतAमान अपीलकताAओं ने अपनी संबंधि त श्रेणी योग्यता में उच्च अंक प्राप्त विकए हैं सिजन्हें विनयुविo क े लिलए अंधितम रूप से अनुशंसिसत विकया गया है। ओबीसी-एनसीएल की श्रेणी में, एमबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस श्रेणी सिजससे र्वोतAमान अपीलकताAगण संबंधि त हैं सुविर्वो ा क े लिलए, प्रधितर्वोादी द्वा ा तैया विकए गए तुलनात्मक विर्वोर्वो ण को तालिलका क े रूप में विनlनानुसा पुन: प्रस्तुत विकया गया है। ओबीसी-एनसीएल श्रेणी-विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 5654/2023, विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 16428/2022, विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 18296-18299/2022 क्र.सं. नाम अंक सामान्य श्रेणी की कर्टे ऑy कर्टे ऑy अंक ओबीसी- एनसीएल- याधि*का कताA क े ओबीसी- एनसीएल प्रमाण पत्र उƒ दाताओं क े अनुसा आर्वोश्यक ओबीसी- एनसीएल प्रमाण पत्र की धितथिर्थी
1. ज्योधित बेनीर्वोाल 176 179.[5] 163.[5] 22.06.2016 औ 25.07.2022 31.08.2018 से 31.08.2021
2. साक्षी आ हा 166.[5] 179.[5] 163.[5] 22.07.2016,17.06.2022 औ 12.08.2022 उप ोo
3. विप्रयंका 170 179.[5] 163.[5] 23.04.2018 औ 20.06.2022 उप ोo
4. भव्य क ू ल्ह 165.[5] 179.[5] 163.[5] 19.09.2016 औ 16.06.2022 उप ोo
5. नेहा बता 165 179.[5] 163.[5] 28.06.2018 औ 21.06.2022 उप ोo
6. विनलिखल कर्टेारि या 171.[5] 179.[5] 163.[5] 16.07.2018 औ 09.06.2022 उप ोo एमबीसी-एनसीएल श्रेणी- सुनील गुजA विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या- 19179/22 औ क ु लदीप भाविर्टेया विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या- 21644/22 क्र.सं. याधि*का कताA का नाम प्राप्तांक कर्टे ऑy सामान्य श्रेणी कर्टे ऑy अंक एमबीसी- एनसीएल एमबीसी- एनसीएल क े प्रमाण पत्रों की विदनांक उƒ दाताओं क े अनुसा एमबीसी- एनसीएल प्रमाण पत्र की ता ीख
1. सुनील सिंसह गुजA 172 179.[5] 141 18.06.2018 औ 31.08.2018 से
2. क ु लदीप भाविर्टेया 141.[5] 179.[5] 141 03.08.2012 औ 09.03.2022 उप ोo “ईडबल्यूएस श्रेणी- पारुल जैन विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) डाय ी संख्या 1581/2023 नाम सामान्य श्रेणी कर्टे ऑy अंक ईडबल्यूएस ईडबल्यूएस क े विदनांक े अनुसा ईडबल्यूएस ता ीख
1. पारुल जैन 174.[5] 179.[5] 167.[5] 07.09.2021 31.08.2021 (1.4.2021- 31.03.2022 र्वोै एर्वोाई 2021-22)
12. प्रधितर्वोादी द्वा ा यह विर्वोर्वोाविदत नहीं है विक प्रत्येक आर्वोेदक क े पास उसकी संबंधि त श्रेणी का प्रमाण पत्र है औ यह प्रधितर्वोादी द्वा ा विदनांक 04 अगस्त, 2022 क े नोविर्टेस क े तहत मांगे जाने की पूर्वोA धितथिर्थी का है।
13. यह अथिभलेख प आया है विक सामासिजक न्याय एर्वों अधि कारि ता विर्वोभाग, जयपु द्वा ा विदनांक 09.09.2015 को जा ी ोजगा की मांग क े संदभA में श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र प्राप्त क ने क े उद्देश्य से ाजस्र्थीान ाज्य द्वा ा परि पत्र जा ी विकए जाते है। इसक े बाद 08 अक्र्टेूब, 2019 को ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल या ईबीसी क े प्रमाण पत्र की र्वोै ता का संक े त विदया गया औ *ूंविक बहुत भ्रम र्थीा औ परि पत्र बड़े पैमाने प लोगों क े लिलए सुलभ नहीं र्थीे औ मुकदमेबाजी अदालतों क े समक्ष लंविबत र्थीी, इसलिलए ाज्य स का ने हस्तक्षेप विकया औ इसक े आगे, अपना विनदश विदनांक 17 अक्र्टेूब, 2022 जा ी विकया औ स्पष्टीक ण क े सार्थी आया विक यविद विकसी का ण से, उlमीदर्वोा ने आर्वोेदन पत्र की अंधितम धितथिर्थी तक जा ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं विकया है औ आर्वोेदन भ ने की अंधितम धितथिर्थी क े बाद एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ता है तो उस मामले में उlमीदर्वोा को एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना *ाविहए विक र्वोह संबंधि त श्रेणी की पात्रता खता है औ यविद जानका ी गलत पाई जाती है, तो विनयुविo द्द की जा सकती है। स का द्वा ा 17 अक्र्टेूब, 2022 क े विनदश क े तहत मांग की गई अत्यार्वोश्यकता को पू ा क ने औ *ल ही मुकदमेबाजी को सुव्यर्वोन्धिस्र्थीत क ने क े लिलए विकए गए स्पष्टीक ण का उद्ध ण विनlनानुसा पुन: प्रस्तुत विकया जाता है: "यविद विकसी का ण से विकसी उlमीदर्वोा ने आर्वोेदन पत्र की अंधितम धितथिर्थी तक जा ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं विकया है औ एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ता है जो आर्वोेदन पत्र भ ने की अंधितम धितथिर्थी क े बाद जा ी विकया गया है, तो उस न्धिस्र्थीधित में उlमीदर्वोा को इस पहलू प एक शपर्थी पत्र लिलखना *ाविहए विक र्वोह संबंधि त र्वोगA की योग्यता खता हैं औ यविद जानका ी गलत पाई जाती है तो विनयुविo द्द क दी जाएगी।”
14. पुन ार्वोृलिƒ क े लिलए, यह देखा जा सकता है विक यह प्रधितर्वोादी का मामला यह नहीं है विक 22 जुलाई, 2021 क े विर्वोज्ञापन क े संदभA में या तो अपीलकताA उस संबंधि त श्रेणी की पात्रता नहीं खता है, सिजससे र्वोह संबंधि त है औ उनका एकमात्र दोष यह है विक श्रेणी से संबंधि त उनका प्रमाण पत्र आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी (अर्थीाAत 31 अगस्त,
2021) क े बाद की ता ीख का है, सिजसकी मांग नोविर्टेस विदनांक 04 अक्र्टेूब, 2022 क े संदभA में श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने क े लिलए की गई है तर्थीा उन्हें अनंधितम रूप से साक्षात्का क े लिलए बुलाया गया र्थीा।
15. अपीलकताAओं द्वा ा प्रधितर्वोादी की इस का Aर्वोाई का विर्वो ो क ते हुए विक उन्हें उस आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ने की अनुमधित नहीं दी गई है सिजस श्रेणी से र्वोे संबंधि त हैं औ उनमें से प्रत्येक ने संबंधि त श्रेणी क े कर्टेऑy से अधि क अंक हासिसल क ने क े बाद अहAता प्राप्त की है, एक रि र्टे याधि*का दाय की गई। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस आ ा प उनक े दार्वोे को खारि ज क विदया है विक उनमें से प्रत्येक आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31 अगस्त, 2021 तक अपनी श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हा र्थीा। उच्च न्यायालय ने अशोक क ु मा सोनक बनाम भा त संघ र्वो अन्य (2007) 4 एससीसी 54 प भ ोसा क ते हुए यह अथिभविन ाAरि त विकया विक आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी पात्रता विन ाAरि त क ने क े लिलए एक मापदंड है औ *ूंविक उनमें से प्रत्येक को 31 अगस्त, 2021 या उससे पहले अपनी श्रेणी संबंधि त प्रमाण पत्र को प्रस्तुत क ना र्थीा, सिजसमें र्वोे विर्वोyल हे हैं, इसलिलए उन्हें संबंधि त श्रेणी में माने जाने से अयोग्य माना जाता है औ *ूंविक उनमें से प्रत्येक विदनांक 18 अगस्त, 2022 क े आक्षेविपत विनणAय ज्योधित बेनीर्वोाल बनाम ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु की ओ से सिजस्र्टे्रा जन ल औ अन्य(डी.बी. सिसविर्वोल रि र्टे याधि*का संख्या 11784/2022) क े अंतगAत सिसविर्वोल जज क े पद प विनयुविo क े लिलए अनुपयुo मानी जाने र्वोाली सामान्य श्रेणी में अहAता प्राप्त क ने में सक्षम नहीं र्थीा, सिजसका विक बाद में दाय रि र्टे याधि*काओं में इसका उल्लेख विकया गया औ सभी को ज्योधित बेनीर्वोाल (पूर्वो o )क े विनणAय प भ ोसा क ते हुए विदनांक 06 सिसतंब, 2022 क े आक्षेविपत y ै सले से विनस्तारि त क विदया गया। अपीलकताA पारुल जैन क े मामले में, ज्योधित बेनीर्वोाल (पूर्वो o)में उच्च न्यायालय क े उसी विनणAय प भ ोसा क ते हुए 18 नर्वोंब, 2022 को अलग विनणAय पारि त विकया गया औ यह हमा े समक्ष अपील में *ुनौती का विर्वोषय बन गया।
16. अपीलार्थिर्थीयों क े विर्वोद्वान अधि र्वोoा संयुo रूप से तक A प्रस्तुत क ते हैं विक विकसी भी स्त प यह कहीं भी इंविगत नहीं विकया गया र्थीा विक आ क्षण का दार्वोा क ते समय आर्वोेदकों/उlमीदर्वोा ों द्वा ा विकस धितथिर्थी तक विकस श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया जाना है औ प्रत्येक अपीलकताA क े पास उनकी संबंधि त श्रेणी का प्रमाण पत्र है औ तदनुसा, उनमें से प्रत्येक ने अपने आर्वोेदन पत्र में उस श्रेणी क े संबं में उल्लेख विकया है, सिजसमें र्वोे *यन प्रविक्रया में भाग लेने का इ ादा खते हैं औ हालांविक प्रा ंथिभक प ीक्षा में उपन्धिस्र्थीत होने की अनुमधित अनंधितम र्थीी लेविकन विकसी ने भी विकसी भी स्त प जां* नहीं की विक आर्वोश्यकता क्या है औ *ूंविक विनयम, 2010 की व्यर्वोस्र्थीा में या 22 जुलाई, 2021 क े विर्वोज्ञापन में भी, उस श्रेणी क े लिलए कोई संदभA नहीं विदया गया है, सिजसक े लिलए अपीलार्थी6 ने दार्वोा विकया है विक उसे विकस र्वोषA या ता ीख को प्रस्तुत विकया जाना है। उनमें से प्रत्येक ने सदाशयतापूर्वोAक विनर्वोेदन विकया र्थीा विक सिजस श्रेणी का प्रमाण पत्र प्राप्त विकया जा हा है, र्वोह सक्षम प्राधि का ी द्वा ा सभी व्यार्वोहारि क उद्देश्यों क े अनुपालन क े बाद जा ी विकया जाता है औ विदए गए तथ्यों औ परि न्धिस्र्थीधितयों में उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वा ा आक्षेविपत विनणAय में श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने क े लिलए 31 अगस्त, 2021 को एक अलंघ्य धितथिर्थी क े रूप में लेते हुए कठो ता खी गई है। र्वोह न 2010 क े विनयमों क े तहत या न ही उस विर्वोज्ञापन में सिजससे हम संबंधि त हैं, कहीं भी विन ाAरि त नहीं विकया गया है, इसलिलए सिजस आ ा प उच्च न्यायालय ने कायAर्वोाही की है र्वोह पू ी त ह से गलत है।
17. विर्वोद्वान अधि र्वोoा आगे तक A देते हैं विक सिजस विनणAय प भ ोसा विकया गया है र्वोह र्वोतAमान मामले क े तथ्यों प विबल्क ु ल भी लागू नहीं होता है क्योंविक सिजन विनणAयों प भ ोसा विकया गया है र्वोे न्यूनतम शैक्षथिणक योग्यता से संबंधि त हैं औ उन मामलों में जहां विनयम मौन हैं या *यन प्रविक्रया शुरू होने से पहले सक्षम प्राधि का ी/भत[6] प्राधि का ी द्वा ा कोई प्रशासविनक विनदश जा ी नहीं विकया गया है, इस न्यायालय ने कदम उठाया है औ एक सिसद्धांत विन ाAरि त विकया है विक शैक्षथिणक योग्यता खने की आर्वोश्यकता को इंविगत क ने र्वोाले विनयमों की अनुपन्धिस्र्थीधित में, आर्वोेदन भ ने की अंधितम धितथिर्थी को आर्वोेदक क े लिलए न्यूनतम शैक्षथिणक योग्यता खने क े लिलए एक मानक माना जाता है।
18. लेविकन हम इस मामले में न्यूनतम शैक्षथिणक योग्यता या जन्म धितथिर्थी क े संबं में काम नहीं क हे हैं जो विक विनयमार्वोली, 2010 की योजना क े तहत परि भाविषत है। विदए गए तथ्यों औ परि न्धिस्र्थीधितयों में, सिजस आ ा प र्वोतAमान अपीलकताAओं का दार्वोा उच्च न्यायालय द्वा ा अनुपयुo विकया गया है विक र्वोे 31 अगस्त, 2021 को या उससे पहले श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हे, पू ी त ह से बुविनयाद/आ ा क े विबना है, सिजसका कोई संबं नहीं है औ उन सभी को आश्चयA में डाल विदया गया है जब उन्हें 31 अगस्त, 2021 को या उससे पहले श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की मांग क ते हुए अधि सूधि*त विकया गया र्थीा, जो विक आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी र्थीी, लेविकन यह पहली बा अधि सूधि*त विकया गया र्थीा जब साक्षात्का क े लिलए बुलाए जाने र्वोाले उlमीदर्वोा ों की अनंधितम सू*ी 04 अगस्त, 2022 को प्रकाथिशत की गई र्थीी।
19. विर्वोद्वत अधि र्वोoा आगे तक A प्रस्तुत क ते हैं विक र्वोे सभी ग्रामीण पृष्ठभूविम से आ हे हैं औ समाज क े ग ीब र्वोगA से संबंधि त हैं, उनक े पास उन्नत प्रौद्योविगकी को जानने का कोई सा न नहीं है, जो शह ों में उपलब् है औ उनक े पास न्यूनतम सुविर्वो ाएं उपलब् हैं, विy भी र्वोे प्रधितयोगी प ीक्षा में सyल होने में समर्थीA हैं औ जब यह प्रधितर्वोादी का मामला नहीं है विक अपीलकताAओं में से कोई भी उस श्रेणी का सदस्य नहीं है, सिजसे उसक े द्वा ा आर्वोेदन पत्र में इंविगत विकया गया र्थीा, जो मूल रूप से उस * ण में उन्हें अनुपयुo क ने क े लिलए दाय विकया गया र्थीा जब उन्होंने अंततः प्रधितस्प 6 प ीक्षा उƒीणA की र्थीी औ जैसा विक सूधि*त विकया जाता है विक उlमीदर्वोा ों द्वा ा शाविमल नहीं होने क े का ण रि विoयां उपलब् हैं, उन्हें इस प्राधि क ण द्वा ा सyल घोविषत विकए जाने र्वोाले व्यविoयों/उlमीदर्वोा ों क े अधि का ों को विर्वोक्षुब्द विकए विबना या उनक े अधि का ों को छीने विबना आसानी से भ ी हुई विर्वोज्ञाविपत रि विoयों क े विर्वोरुद्ध समायोसिजत विकया जा सकता है।
20. इसक े विर्वोप ीत, उच्च न्यायालय द्वा ा दजA विकए गए विनष्कषA का समर्थीAन क ते हुए, प्रधितर्वोादी क े विर्वोद्वान र्वोकील ने तक A प्रस्तुत विकया विक यह इस न्यायालय द्वा ा विनणAयों की कता में तय विकया जा हा है विक पात्रता को आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी या प्रासंविगक विनयमों में विनर्दिदष्ट कर्टेऑy धितथिर्थी प देखा जाना है। इस र्वोतAमान प्रक ण में, जब ऐसी परि न्धिस्र्थीधितयों में विनयम मौन हैं, तो इस न्यायालय द्वा ा इस विर्वोषय प कानून क्या विन ाAरि त विकया जा हा है औ आर्वोेदक की पात्रता को आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी प देखा जाना है, जो विक तत्काल मामले में 31 अगस्त, 2021 है। र्वोास्तर्वो में, प्रत्येक आर्वोेदक क े पास 31 अगस्त, 2021 से पहले की अर्वोधि की मांग क े अनुसा श्रेणी से संबंधि त अपना प्रमाण पत्र नहीं र्थीा औ तदनुसा, प्रधितर्वोादी द्वा ा कोई त्रुविर्टे नहीं की गई र्थीी औ उन्हें खुली श्रेणी में सही माना गया र्थीा औ यह अपीलकताA का मामला नहीं है विक कोई भी उlमीदर्वोा, सिजसकी सिसyारि श की गई है औ ओपन क ै र्टेेग ी में विनयुo विकया गया है, र्वोह विर्वोज्ञापन विदनांक 21 जुलाई, 2021 क े अनुसा औ उसक े समर्थीAन में प्रधितर्वोादी द्वा ा आयोसिजत *यन प्रविक्रया में योग्यता क े क्रम में नी*े है। प्रस्तुत क ते हुए, विर्वोद्वान अधि र्वोoा ने अशोक क ु मा सोनक (पूर्वो o )क े बाद ाक े श क ु मा शमाA बनाम ाज्य (विदल्ली एनसीर्टेी ) औ अन्य (2013) 11 एससीसी 58 बनाम क े सार्थी रि पोर्टेA विकए गए इस न्यायालय क े y ै सले प भ ोसा विकया है। र्वोे तक A देते है विक यह इस न्यायालय द्वा ा आयोसिजत एक स्र्थीाविपत कानून है औ उच्च न्यायालय द्वा ा भ ोसा विकया गया है, उच्च न्यायालय द्वा ा कोई त्रुविर्टे नहीं की गई है, सिजसक े लिलए इस न्यायालय क े हस्तक्षेप की आर्वोश्यकता हो सकती है।
21. हमने पक्षका ों क े विर्वोद्वान अधि र्वोoाओं को सुना है औ उनकी सहायता से अथिभलेख प उपलब् सामग्री का अर्वोलोकन विकया है।
22. इसमें कोई विर्वोर्वोाद नहीं है विक सिसविर्वोल न्याया ीश का पद विनयम, 2010 से संलग्न अनुसू*ी में शाविमल है औ इसे भाग 4 क े संदभA में सी ी भत[6] द्वा ा भ ा जाना है औ विर्वोज्ञापन को 22 जुलाई, 2021 को प्रधितर्वोादी द्वा ा अधि सूधि*त विकया गया र्थीा सिजसमें र्वोषA 2020 क े लिलए सिसविर्वोल न्याया ीश की 120 रि विoयों क े लिलए *यन विकया गया र्थीा।
23. यह विर्वोर्वोाविदत नहीं है विक 2010 क े विनयम एक पूणA संविहता है औ उस धितथिर्थी क े संदभA में मौन है, जब श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया जाना है औ जहां तक विर्वोज्ञापन का संबं है, यह कहीं भी यह संक े त नहीं देता है विक *यन प्रविक्रया में भाग लेने क े इच्छ ु क आर्वोेदकों द्वा ा जाधित संबं ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने क े उद्देश्य क े लिलए विनणाAयक धितथिर्थी क्या होनी *ाविहए औ विनधिश्चत रूप से प्रत्येक अपीलकताA श्रेणी का प्रमाण पत्र खता है औ विन:सन्देह यह प्रधितर्वोादी द्वा ा अधि सूधि*त धितथिर्थी से पहले का हो, जबविक साक्षात्का क े लिलए बुलाए जाने र्वोाले उlमीदर्वोा ों की उनकी अनंधितम सू*ी 4 अगस्त, 2022 को प्रकाथिशत की गई है।
24. यह ध्यान विदया जा सकता है विक एमबीसी (एनसीएल) औ ईडब्ल्यूएस श्रेणी क े लिलए आ क्षण पहली बा शुरू विकया गया है औ उlमीदर्वोा पू ी त ह से उस प्रविक्रया औ प्रारूप से अनथिभज्ञ हैं, सिजसमें उनकी श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया जाना है औ जहां तक ईडब्ल्यूएस कोर्टेे में उपन्धिस्र्थीत होने र्वोाले उlमीदर्वोा ों का संबं है, यह तक A प्रस्तुत विकया गया है विक अपीलकताA पारुल जैन क े विपता ने विपछले र्वोषq क े आयक रि र्टेनA जमा विकए र्थीे औ 16 अगस्त, 2021 को ई-विमत्र विकयोस्क प ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र क े लिलए आर्वोेदन विकया र्थीा औ अपीलकताA को आश्वासन विदया गया र्थीा विक र्वोह ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र 6-7 विदनों क े भीत प्राप्त क ेगी लेविकन अपीलकताA द्वा ा उसक े प्रमाण पत्र की मांग क े बार्वोजूद, यह 07 सिसतंब, 2021 को ई-विमत्र विकयोस्क द्वा ा जा ी विकया गया र्थीा। लेविकन प्रधितर्वोादी द्वा ा यह विर्वोर्वोाविदत नहीं है विक अपीलकताA ईडब्ल्यूएस श्रेणी से संबंधि त है।
25. यह भी विर्वोर्वोाविदत नहीं है विक या तो उस विर्वोज्ञापन में सिजसे प्रा ंभ में 22 जुलाई, 2021 को अधि सूधि*त विकया गया र्थीा या 11 जनर्वो ी, 2022 को आयोसिजत प्रा ंथिभक प ीक्षा क े * ण में औ उसक े बाद 30 अप्रैल, 2022 को आयोसिजत मुख्य प ीक्षा से 01 अप्रैल तक मई, 2022, यह कहीं भी अधि सूधि*त नहीं विकया गया र्थीा विक श्रेणी का प्रमाण पत्र 31 अगस्त, 2021 से पहले की अर्वोधि का प्रस्तुत विकया जाना है औ क े र्वोल तभी जब 04 अगस्त, 2022 को साक्षात्का क े लिलए अनंधितम रूप से योग्य उlमीदर्वोा ों की सू*ी प्रकाथिशत हुई हो। प्रधितर्वोादी ने ब*ार्वो में कहा विक जाधित संबं ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की कर्टेऑy धितथिर्थी अंधितम धितथिर्थी से एक र्वोषA पहले अर्थीाAत 31 अगस्त, 2021 से पहले होनी *ाविहए औ *ूँविक 04 अगस्त, 2022 को प्रकाथिशत अनंधितम सू*ी द्वा ा उनक े ध्यान में लाए जाने क े बाद ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल या े प्रत्येक आर्वोेदक ने श्रेणी क े अपने संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकए हैं औ जहाँ तक ईडब्ल्यूएस श्रेणी से संबंधि त उlमीदर्वोा का संबं है, अपीलकताA ने सात विदन की दे ी से अपना जाधित प्रमाण पत्र विदनांक 07 सिसतंब, 2021 प्रस्तुत विकया।
26. विनयमों की व्यर्वोस्र्थीा में, आर्वोेदन प्राप्त क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम ता ीख क े बाद जनर्वो ी की पहली ता ीख को आयु प विर्वो*ा विकया जाना *ाविहए, यविद कोई व्यविo विनयम 17 क े संदभA में आयु ा ण नहीं क हा है, तो आर्वोेदक को अयोग्य घोविषत क विदया जाता है यविद विनयुविo प्राधि का ी छ ू र्टे नहीं दी गई हो औ विनयम 18 शैक्षथिणक योग्यता विन ाAरि त क ता है औ यह कहीं भी इंविगत नहीं विकया गया है विक आर्वोेदक की शैक्षथिणक योग्यता को कब देखा जाना है औ यहाँ इस न्यायालय ने कदम बढ़ाया औ ेखा *तुर्वोदी (श्रीमती ) बनाम ाजस्र्थीान विर्वोश्वविर्वोद्यालय र्वो अन्य 1993 Supp (3) एससीसी 168 से इस विर्वोषय प कानून की व्याख्या की है जो सुसंगत है औ यह अब तक प ीधिक्षत नहीं है विक यविद विनयम मौन हैं औ कोई ता ीख अधि सूधि*त नहीं की जा ही है, सिजस प आर्वोेदक की योग्यता / पात्रता को देखा जाना है, सबसे अच्छा त ीका यह है विक आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी का ध्यान खा जाए। न्याधियक विर्टेप्पणी क े लिलए, ेखा *तुर्वोदी (पूर्वो o )का संदभA लिलया जा सकता है सिजसे आगे भूपिंपद पाल सिंसह र्वो अन्य बनाम पंजाब ाज्य र्वो अन्य (2000) 5 एससीसी 262, जसबी ानी र्वो अन्य बनाम पंजाब ाज्य औ अन्य (2002) 1 एससीसी 124, शंक क े. मंडल र्वो अन्य बनाम विबहा ाज्य र्वो अन्य (2003) 9 एससीसी 519 क े सार्थी अशोक क ु मा सोनक (पूर्वो o) औ ाक े श क ु मा शमाA (पूर्वो o ) का अनुस ण विकया है।
27. इस न्यायालय ने ेखा *तुर्वोदी (पूर्वो o)मामले में इस प्रका अथिभविन ाAरि त विकया हैः "10. यह तक A विक उlमीदर्वोा ों की अपेधिक्षत योग्यता का प ीक्षण *यन की धितथिर्थी क े संदभA में विकया जाना *ाविहए, न विक आर्वोेदन क ने की अंधितम धितथिर्थी क े संदभA में, खारि ज विकया जाता है। *यन की धितथिर्थी विनधिश्चत रूप से अविनधिश्चत है। ऐसी ता ीख की जानका ी क े अभार्वो में पदों क े लिलए आर्वोेदन क ने र्वोाले उlमीदर्वोा यह बताने में असमर्थीA होंगे विक र्वोे प्रश्नगत पदों क े लिलए योग्य हैं या नहीं, यविद उन्होंने अभी तक योग्यता हासिसल नहीं की है। जब तक विर्वोज्ञापन में एक विनधिश्चत धितथिर्थी का उल्लेख नहीं विकया जाता है, सिजसक े संदभA में योग्यता का विनणAय विकया जाना है, *ाहे र्वोह धितथिर्थी *यन की हो या अन्यर्थीा हो, यह उन उlमीदर्वोा ों क े लिलए संभर्वो नहीं होगा सिजनक े पास र्वोतAमान में पदों क े आर्वोेदन क े लिलए भी अपेधिक्षत योग्यता नहीं है धितथिर्थी की अविनधिश्चतता क े विर्वोप ीत परि णाम भी हो सकते हैं, अर्थीाAत यहां तक विक र्वोे उlमीदर्वोा भी सिजनक े पास र्वोतAमान में योग्यता नहीं है औ अविनधिश्चत भविर्वोष्य की ता ीख प उन्हें प्राप्त क ने की संभार्वोना है, र्वोे भी इन पदों क े लिलए आर्वोेदन क सकते हैं, सिजससे आर्वोेदनों की संख्या बढ़ जाती है। लेविकन इससे भी बु ा परि णाम हो सकता है, सिजसमें यह कदा*ा क े लिलए एक गुंजाइश छोड़ सकता है। *यन की ता ीख इस त ह से तय की जा सकती है या हे y े विकया जा सकता है विक क ु छ आर्वोेदकों को ध्यान में खा जाए औ दूस ों को मनमाने ढंग से अस्र्वोीका विकया जाए। इसलिलए, आर्वोेदन आमंवित्रत क ने र्वोाले विर्वोज्ञापन/अधि सू*ना में विनर्दिदष्ट धितथिर्थी की अनुपन्धिस्र्थीधित में, सिजसक े संदभA में अपेधिक्षत योग्यता तय की जानी *ाविहए, योग्यता की छानबीन क े लिलए एकमात्र विनधिश्चत धितथिर्थी आर्वोेदन क ने की अंधितम धितथिर्थी होगी। इसलिलए, हमें यह मानने में कोई संको* नहीं है विक जब र्वोतAमान मामले में *यन सविमधित ने, जैसा विक श्री मनोज स्र्वोरूप ने तक A विदया र्थीा, आर्वोेदन प्रस्तुत क ने कीकी अंधितम धितथिर्थी क े बजाय *यन की धितथिर्थी क े अनुसा अपेधिक्षत योग्यताओं प विर्वो*ा विकया, तो इसने स्पष्ट अर्वोै ता क े सार्थी कायA विकया, औ इस आ ा प ही विर्वो*ा ा ीन *यन द्द विकए जाने योग्य हैं। इस संबं में आंध्र प्रदेश लोक सेर्वोा आयोग, हैद ाबाद बनाम बी. श त*ंद्र [(1990) 2 एससीसी 669: 1990 एससीसी (एल एंड एस) 377: (1990) 4 एसएलआ 235: (1990) 13 एर्टेीसी 708] औ सिजला कलेक्र्टे र्वो अध्यक्ष, विर्वोजयनग म सोशल र्वोेलy े य ेजीडेंथिशयल स्क ू ल सोसाइर्टेी, विर्वोजयनग म बनाम एम. वित्रपु ा सुंद ी देर्वोी [(1990) 3 एससीसी 655: 1990 एससीसी (एल एंड एस) 520:(1990) 4 एसएलआ 237:(1990) 14 एर्टेीसी 766] में इस न्यायालय क े हाल क े दो विनणAयों का भी उल्लेख विकया जा सकता है।"(जो विदया गया)
28. बाद में इसका अनुस ण अशोक क ु मा सोनक (पूर्वो o ) क े मामले में विकया गया, सिजसमें इस न्यायालय ने इस प्रका अथिभविन ाAरि त विकया:- "17. भूपिंपद पाल सिंसह बनाम पंजाब ाज्य [(2000) 5 एससीसी 262: 2000 एससीसी (एल औ एस) 639] मामले में इस अदालत ने पंजाब ाज्य में साक्षात्का की ता ीख क े संदभA में पात्रता विन ाAरि त क ने क े लिलए प्र*लिलत प्रर्थीा को भी अस्र्वोीका क विदया। प स्प, बताते हुए: (एससीसी पीपी। 26768, पै ा 13) 13........अशोक क ु मा शमाA बनाम *ंद शेख [(1997) 4 एससीसी 18: 1997 एससीसी (एल एंड एस) 913], ए.पी. लोक सेर्वोा आयोग बनाम बी. श त *ंद्र [(1990) 2 एससीसी 669: 1990 एससीसी (एल एंड एस) 377: (1990) 13 एर्टेीसी 708], सिजला कलेक्र्टे औ अध्यक्ष, विर्वोजयनग म सोशल र्वोेलy े य ेसिजडेंथिशयल स्क ू ल सोसाइर्टेी बनाम एम. वित्रपु ा सुंद ी देर्वोी [(1990) 3 एससीसी 655: 1990 एससीसी (एलएंडएस) 520: (1990) 14 एर्टेीसी 766], ेखा *तुर्वोदी बनाम ाजस्र्थीान विर्वोश्वविर्वोद्यालय [1993 supp (3) एससीसी 168: 1993 एससीसी (एल एंड एस) 951: (1993) 25 एर्टेीसी 234], एम.र्वोी. नाय (डॉ.) बनाम भा त संघ [(1993) 2 एससीसी 429: 1993 एससीसी (एल एंड एस) 512: (1993) 24 एर्टेीसी 236] औ यू.पी. लोक सेर्वोा आयोग बनाम अल्पना [(1994) 2 एससीसी 723: 1994 SCC (L&S) 742: (1994) 27 AT C 101] प इस न्यायालय ने भ ोसा क ते हुए, उच्च न्यायालय ने अथिभविन ाAरि त विकया (i) विक कर्टेऑy धितथिर्थी सिजसक े संदभA में सार्वोAजविनक ोजगा की मांग क ने र्वोाले उlमीदर्वोा द्वा ा पात्रता की आर्वोश्यकता को पू ा विकया जाना *ाविहए, प्रासंविगक सेर्वोा विनयमों द्वा ा विन ाAरि त धितथिर्थी है औ यविद विनयमों द्वा ा विनयुo कोई कर्टेऑy धितथिर्थी नहीं है तो आर्वोेदन आमंवित्रत क ने र्वोाले विर्वोज्ञापन में इस प्रयोजन क े लिलए विनयत की गई ता ीख है। (ii) विक यविद ऐसी कोई धितथिर्थी विनयत नहीं की जाती है तो पात्रता मानदंड उस विनयत अंधितम धितथिर्थी क े संदभA में लागू विकया जाएगा सिजसक े द्वा ा सक्षम प्राधि का ी द्वा ा आर्वोेदन प्राप्त विकए जाने हैं। उच्च न्यायालय द्वा ा लिलया गया विर्वो*ा इस न्यायालय क े कई विनणAयों द्वा ा समर्थिर्थीत है औ इसलिलए अच्छी त ह से स्र्थीाविपत है औ इसलिलए इसमें गलती नहीं की जा सकती है।हालाँविक, इस मामले की क ु छ विर्वोशेष विर्वोशेषताएं हैं सिजन प ध्यान देने की आर्वोश्यकता है औ इस न्यायालय में विनविहत संविर्वो ान क े अनुच्छेद 142 क े तहत अधि का क्षेत्र को लागू क क े न्याय विकया जाना *ाविहए ताविक न्याय क े उद्देश्य को आगे बढ़ाया जा सक े ।”
29. उप ोo विनणAय से यह प्रकर्टे हुआ है औ *ुना गया है विक:. (i) कर्टे ऑy धितथिर्थी सिजसक े संदभA में सार्वोAजविनक ोजगा की मांग क ने र्वोाले आर्वोेदक द्वा ा अपेधिक्षत पात्रता की पूर्तित की जानी *ाविहए, र्वोह संबंधि त सेर्वोा विनयमों में अधि सूधि*त धितथिर्थी है। (ii) यविद विनयमों क े तहत कोई कर्टेऑy विनयत धितथिर्थी विनर्दिदष्ट नहीं है तो ऐसी धितथिर्थी र्वोही होगी जो आर्वोेदन आमंवित्रत क ने र्वोाले विर्वोज्ञापन में इस उद्देश्य क े लिलए विनयत की गई हो। (iii) यविद ऐसी कोई धितथिर्थी विन ाAरि त नहीं है तो पात्रता मानदंड अंधितम धितथिर्थी क े संदभA में लागू विकया जाएगा सिजसक े द्वा ा भत[6] प्राधि क ण द्वा ा आर्वोेदन प्राप्त विकए जाने र्थीे।
30. इन सिसद्धांतों को इस न्यायालय द्वा ा विन ाAरि त विकया गया है औ आगे की **ाA क े लिलए यह अविनण6त नहीं है विक जब विनयम मौन हैं औ विर्वोज्ञापन क े तहत पात्रता की आर्वोश्यकता को पू ा क ने क े लिलए कोई ता ीख अधि सूधि*त नहीं की गई है, तो पात्रता मानदंड आर्वोेदन की अंधितम ता ीख क े संदभA में लागू विकया जाएगा सिजसक े द्वा ा भत[6] प्राधि क ण द्वा ा आर्वोेदन प्राप्त विकया जाना है।
31. आइए हम विनयमों की योजना, 2010 की अन्य त ीक े से औ विर्वोशेष रूप से भाग IV की जां* क ें, जो सिसविर्वोल न्याया ीश क े संर्वोगA में भत[6] की पद्धधित प्रदान क ता है, विनयम 19 प्रस्ताविर्वोत क ता है विक उlमीदर्वोा को सी ी भत[6] में भाग लेने क े दौ ान एक *रि त्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा, जो उसे सेर्वोा में ोजगा क े लिलए अहAता प्राप्त क सकता है, आर्वोेदन की धितथिर्थी से छह महीने से पूर्वोA नहीं होना *ाविहए, सिजसे उlमीदर्वोा को *यन प्रविक्रया में भाग लेने क े लिलए आर्वोेदन पत्र भ ते समय संलग्न क ना होगा औ यविद हम पूर्वो o सिसद्धांतों प आगे बढ़ते हैं प्रश्न उठता है विक यविद अभ्यर्थी6 सिजसने विनयम 19 क े अनुसा आर्वोेदन पत्र क े सार्थी *रि त्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने क े बाद *यन प्रविक्रया में भाग लिलया है, यविद *यन की प्रविक्रया में बाद क े * ण में र्वोास्तर्वो में विनयुo होने से पहले नैधितक अ मता क े विकसी भी कायA में शाविमल होता है, तो क्या विनयुविo प्राधि का ी उसे विनयुविo देने क े लिलए बाध्य है, यविद उसका नाम योग्यता क े क्रम में अंधितम रूप से खा गया है, तो उƒ र्वोास्तर्वो में है नका ात्मक है औ का ण यह है विक विनयम 19 क े अनुसा आर्वोेदन पत्र भ ते समय आर्वोेदक द्वा ा संलग्न *रि त्र प्रमाण पत्र क े र्वोल आर्वोेदक/उlमीदर्वोा क े *रि त्र क े सन्दभA में संतुविष्ट क े उद्देश्य से है जो भाग लेने का इ ादा खता है। भत[6] की प्रविक्रया जो उसे सेर्वोा में ोजगा क े लिलए अहAता प्राप्त क सकती है, लेविकन अग र्वोह बाद में खुद को नैधितक अ मता क े विकसी भी कायA में शाविमल क ता है, हालांविक कोई प्रधितबं नहीं है, लेविकन प्राधि क ण हमेशा बाद क े घर्टेनाक्रमों प विर्वो*ा क ने क े लिलए सक्षम है औ विनयुविo की धितथिर्थी तक यविद अंधितम रूप से *यविनत उlमीदर्वोा विनयुविo क े लिलए अनुपयुo पाया जाता है, जो र्वोास्तर्वो में उसने आर्वोेदन पत्र भ ने क े समय नहीं विकया र्थीा औ र्वोह भी आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी प, लेविकन उसे हमेशा महत्र्वोपूणA माना जा सकता है विनयुविo क े लिलए विर्वो*ा विकए जाने क े लिलए उlमीदर्वोा की उपयुoता का न्याय क ने क े लिलए औ दी गई न्धिस्र्थीधित में आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी का सिसद्धांत पू ी त ह से विनष्प्रभार्वोी हो जाता है।
32. यह सत्य है विक सामान्य विनयम यह है विक भत[6] प्रविक्रया में भाग लेते समय, व्यविo क े पास ऐसे प्रयोजन क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी को पात्रता योग्यता होनी *ाविहए जब तक विक इसक े विर्वोप ीत कोई स्पष्ट प्रार्वो ान न हो औ विन ाAरि त धितथिर्थी तक अपेधिक्षत पात्रता योग्यता खने क े मामले में कोई छ ू र्टे नहीं दी जा सकती है औ जैसा भी मामला हो, आर्वोश्यक प्रमाण पत्र या उपाधि प्रस्तुत क स्र्थीाविपत विकया जा सकता है। लेविकन, सार्थी ही, आ क्षण या भा ांक का लाभ उठाने क े लिलए, आर्वोश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने होंगे, लेविकन र्वोे आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ने क े लिलए पात्रता प्राप्त क ने क े उद्देश्य से प्रमाण क े रूप में हैं, लेविकन इसका आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी से कोई संबं नहीं है औ इसक े विर्वोप ीत विकसी विनयम क े अभार्वो में कोई कठो सिसद्धांत लागू क ना उधि*त नहीं होगा। सार्वो ानी क े तौ प, आ क्षण का लाभ लेने क े लिलए प्रमाण प्रस्तुत क ने से संबंधि त विनयम क े ह उल्लंघन क े परि णामस्र्वोरूप उlमीदर्वोा ी को अस्र्वोीका नहीं विकया जा सकता है।
33. इसी त ह की परि न्धिस्र्थीधितयों में, विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों अर्थीाAत अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA / अधित विपछड़ा र्वोगA / विर्वोकलांग व्यविoयों औ मविहला उlमीदर्वोा ों क े लिलए विनयम, 2010 की योजना क े तहत रि विoयां आ धिक्षत हैं औ सिजन्हें विर्वोज्ञापन विदनांक 22 क े भाग 4 क े तहत श्रेणीर्वोा अधि सूधि*त विकया गया है। दूस ा जुलाई, 2021 सिजससे हमा ा संबं है, औ यह विबना कहे *ला जाता है विक उlमीदर्वोा को उस समय आ धिक्षत श्रेणी का सदस्य होना *ाविहए जब आर्वोेदन पत्र प्रश्न में विर्वोज्ञापन क े अनुसा भ ा जाता है, लेविकन उसी समय तक जब तक प ीक्षा की योजना औ पाठ्यक्रम, जैसा विक विनयम, 2010 क े विनयम 20 में प्रदान विकया गया है, भत[6] प्राधि क ण द्वा ा आयोसिजत सिसविर्वोल जज क े पद क े लिलए प्रधितयोगी प ीक्षा आयोसिजत क ने क े लिलए सभी क े लिलए सामान्य है औ प्रत्येक उlमीदर्वोा *ाहे र्वोह विकसी भी श्रेणी का हो उसे प्रा ंथिभक प ीक्षा क े बाद मुख्य प ीक्षा औ साक्षात्का उƒीणA क ने की प्रविक्रया गुज ना होगा, सिसर्वोाय इसक े विक उlमीदर्वोा ों को श्रेणीर्वोा रि विoयों की क ु ल संख्या क े संदभA में मुख्य प ीक्षा क े बाद साक्षात्का में प्रर्वोेश विदया जाता है।
34. विनयम 10 में विनर्दिदष्ट विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों की रि विoयों का आ क्षण *यन प्रविक्रया में भाग लेने क े लिलए उlमीदर्वोा की पात्रता की शतA नहीं है क्योंविक आ क्षण का दार्वोा क ने क े उद्देश्य से श्रेणी का प्रमाण पत्र उस * ण में उत्पन्न नहीं होगा जब आर्वोेदन *यन प्रविक्रया में भाग लेने क े लिलए व्यविoगत उlमीदर्वोा द्वा ा स्र्वो-घोषणा क ते हुए आर्वोेदन पत्र भ ा जाता है, लेविकन यह उस * ण में लागू होगा जब *यन प्रविक्रया में भाग लेने र्वोाले उlमीदर्वोा ों की *यन सू*ी तैया की जाती है, क्योंविक अंधितम *यन सू*ी को श्रेणीर्वोा उlमीदर्वोा ों आ क्षण का लाभ देते हुए प्रकाथिशत विकया जाना है सिजन्होंने *यन की प्रविक्रया में भाग लिलया है औ विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए नहीं औ जब प्रधितर्वोादी ने आर्वोेदक से उस श्रेणी क े अपने संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की मांग की सिजसमें विकसी ने इसक े नोविर्टेस विदनांविकत 04 अगस्त, 2022 क े तहत *यन प्रविक्रया में भाग लिलया र्थीा विनर्दिर्वोर्वोाद रूप से प्रत्येक आर्वोेदक ने अपनी श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया र्थीा सिजसमें र्वोह विर्वोज्ञापन क े समय संबंधि त र्थीा, जब विर्वोज्ञापन विदनांक 22 जुलाई, 2021 क े खंड 22(3) क े सार्थी पविठत खंड 6(i) औ (iii) क े संदभA में भत[6] प्राधि क ण द्वा ा इसकी मांग की गई र्थीी।
35. इस न्यायालय ने डॉली छंडा बनाम अध्यक्ष, जी र्वो अन्य (2005) 9 एस. सी. सी. 779 क े मामले में उस न्धिस्र्थीधित प विर्वो*ा विकया है जहां पद-ग्राही आ क्षण का लाभ *ाहने र्वोाला प्रमाणपत्र प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हा है औ योजना का प ीक्षण क ने क े पश्चात्, इस न्यायालय ने दी गई परि न्धिस्र्थीधितयों में इस प्रका अथिभविन ाAरि त विकया:- “7. सामान्य विनयम यह है विक अध्ययन विकसी भी पाठ्यक्रम या पद क े लिलए आर्वोेदन क ते समय, जैसा भी मामला हो, जब तक विक इसक े विर्वोप ीत कोई स्पष्ट प्रार्वो ान न हो, विकसी व्यविo क े पास इस उद्देश्य क े लिलए या तो प्रर्वोेश विर्वोर्वो थिणका में या आर्वोेदन पत्र में विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी प पात्रता योग्यता होनी *ाविहए। इस संबं में कोई छ ू र्टे नहीं दी जा सकती अर्थीाAत विन ाAरि त धितथिर्थी तक अपेधिक्षत पात्रता विन ाAरि त क ने क े मामले में कोई छ ू र्टे नहीं दी जा सकती। इसे आर्वोश्यक प्रमाण पत्र, धिडग्री या माक A शीर्टे प्रस्तुत क क े स्र्थीाविपत विकया जाना है। इसी प्रका आ क्षण या भा ांक आविद का लाभ लेने क े लिलए आर्वोश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने होते हैं। ये दस्तार्वोेज विकसी विर्वोशेष योग्यता या प्राप्त अंकों का प्रधितशत या आ क्षण क े लाभ क े हकदा होने क े प्रमाण की प्रक ृ धित क े हैं। विकसी मामले क े तथ्यों क े आ ा प, सबूत प्रस्तुत क ने क े मामले में क ु छ छ ू र्टे दी जा सकती है औ विकसी कठो सिसद्धांत को लागू क ना उधि*त नहीं होगा क्योंविक यह प्रविक्रया क े क्षेत्र से संबंधि त है।प्रमाण प्रस्तुत क ने से संबंधि त विनयम क े प्रत्येक उल्लंघन क े परि णामस्र्वोरूप उlमीदर्वोा ी को अस्र्वोीका क ने की आर्वोश्यकता नहीं है।"
36. बाद में, ाम क ु मा विगज ॉय बनाम विदल्ली अ ीनस्र्थी सेर्वोा *यन बोडA र्वो अन्य (2016) 4 एससीसी 754, इस न्यायालय ने इस प्रश्न की जां* की है विक क्या कोई उlमीदर्वोा जो ओबीसी श्रेणी क े तहत एक प ीक्षा में उपन्धिस्र्थीत होता है औ विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत अंधितम धितथिर्थी क े बाद प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ता है ओबीसी श्रेणी क े तहत पद क े लिलए *यन क े लिलए पात्र है औ उसने इसका सका ात्मक उƒ विनlनानुसा विदया: "18. हमा े सुविर्वो*ारि त विर्वो*ा में, पुष्पा बनाम स का ( ाष्ट्रीय ाज ानी क्षेत्र विदल्ली), 2009 एस. सी. सी. ऑनलाइन डेल 281 में विदया गया विर्वोविनश्चय इस न्यायालय द्वा ा अथिभविन ाAरि त विर्वोधि की न्धिस्र्थीधित क े अनुरूप है, सिजसे ऊप विनर्दिदष्ट विकया गया है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इंद्रा साहनी [इंद्रा साहनी बनाम भा त संघ 1992 पू क (3) एससीसी 217: 1992 एससीसी (एल एंड एस) पू क 1: (1992) 22 एर्टेीसी 385] औ र्वोलसlमा पॉल [र्वोलसlमा पॉल बनाम को*ीन विर्वोश्वविर्वोद्यालय, (1996) 3 एससीसी 545: 1996 एससीसी (एल एंड एस) 772: (1996) 33 एर्टेीसी 713] में इस न्यायालय की संविर्वो ान पीठों द्वा ा विन ाAरि त प्रश्न प बाध्यका ी नजी प ध्यान विदए विबना, विर्वोद्वान एकल न्याया ीश द्वा ा विदए गए y ै सले औ आदेश को पलर्टेने में गलती की र्थीी सिजसमें इस न्यायालय ने अनुच्छेद 14, 15, 16 औ 39 क ाज्य नीधित क े विनदशक सिसद्धांतों क े विनर्वोA*न क े बाद यह अथिभविन ाAरि त विकया विक अनुसूधि*त जाधित/अनुसूधि*त जनजाधित औ समाज क े शैधिक्षक औ सामासिजक रूप से विपछड़े र्वोगq को आ क्षण प्रदान क ने का उद्देश्य सार्वोAजविनक ोजगा में असमानता को दू क ना है क्योंविक सविदयों क े उत्पीड़न औ अर्वोस क े अभार्वो का सामना क ने क े परि णामस्र्वोरूप इन श्रेथिणयों क े उlमीदर्वोा सामान्य र्वोगA क े उlमीदर्वोा ों क े सार्थी प्रधितस्प ाA क ने में असमर्थीA हैं। संविर्वो ान की प्रस्तार्वोना क े सार्थी-सार्थी अनुच्छेद 14, 15, 16 औ 39 क ाज्य नीधित क े विनदशक सिसद्धांतों में परि कन्धिल्पत आ क्षण की संर्वोै ाविनक अर्वो ा णा समाज क े सभी र्वोगq को समान अर्वोस देने की अर्वो ा णा को प्राप्त क ना है। इस प्रका, खंडपीठ ने विर्वोद्वान एकल न्याया ीश द्वा ा पारि त विनणAय औ आदेश को पलर्टे क गलती की है। इसलिलए, 2011 क े लेर्टेसA पेर्टेेंर्टे अपील संख्या 562 में खंडपीठ द्वा ा पारि त आक्षेविपत विनणAय औ आदेश न क े र्वोल त्रुविर्टेपूणA है, बन्धिल्क कानून की त्रुविर्टे से भी ग्रस्त है क्योंविक यह इंद्रा साहनी [इंद्र साहनी बनाम भा त संघ, 1992 पू क (3) एससीसी 217: 1992 एससीसी (एल एंड एस) पू क 1: (1992) 22 एर्टेीसी 385] औ र्वोलसlमा पॉल [र्वोलसlमा पॉल बनाम को*ीन विर्वोश्वविर्वोद्यालय, (1996) 3 एससीसी 545: 1996 एससीसी (एल एंड एस) 772: (1996) 33 एर्टेीसी 713] क े मामले में इस न्यायालय क े विनणAयों की बाध्यका ी नजी का पालन क ने में विर्वोyल हा है। इसलिलए, उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वा ा पारि त आक्षेविपत विनणAय औ आदेश [विदल्ली अ ीनस्र्थी सेर्वोा *यन बोडA बनाम ाम क ु मा विगज ोया, 2012 एससीसी ऑनलाइन डेल 472: (2012) 128 डीआ जे 124] अपास्त विकए जाने योग्य है औ तद्नुसा अपास्त विकया जाता है। विर्वोद्वान एकल न्याया ीश द्वा ा पारि त विनणAय औ आदेश विदनांक 24.11.2010 ाम क ु मा विगज ोया बनाम स का (विदल्ली ाष्ट्रीय ाज ानी क्षेत्र) [ ाम क ु मा विगज ोया बनाम स का (एनसीर्टेी ऑy विदल्ली), डब्ल्यूपी (सी) सं।"ख्या 382 ऑy 2009, आदेश विदनांक 24.11.2010 (डीईएल)] एतदद्वा ा बहाल विकया जाता है।"
37. यह विनणAय बाद में कणA सिंसह यादर्वो बनाम विदल्ली स का र्वो अन्य (एसएलपी (सी) संख्या 14948/2016)में इस न्यायालय की दो मुख्य न्याया ीशों की पीठ क े समक्ष विर्वो*ा क े लिलए आया औ न्यायालय को क ु छ आपलिƒयां हैं औ उसने 24 जनर्वो ी, 2020 क े आदेश द्वा ा मामले को तीन न्याया ीशों की पीठ क े समक्ष पेश क ने क े लिलए विनर्दिदष्ट विकया औ इस न्यायालय की तीन न्याया ीशों की पीठ ने ाम क ु मा विगज ोया (पूर्वो o )प भ ोसा क ते हुए 28 सिसतंब, 2022 क े अपने आदेश क े तहत अपील का विनस्ता ण क विदया, ऐसा प्रतीत होता है विक इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों द्वा ा विकए गए संदभA प कोई ध्यान नहीं विदया गया। जैसा भी हो, आज की न्धिस्र्थीधित यह है विक इस न्यायालय की तीन न्याया ीशों की खंडपीठ ने अपने आदेश विदनांक 28 सिसतंब, 2022 क े तहत इस न्यायालय की दो न्याया ीशों की खंडपीठ द्वा ा ाम क ु मा विगज ोया (पूर्वो o )में व्यo विकए गए दृविष्टकोण की पुविष्ट की है।
38. इसक े अलार्वोा, विनयमार्वोली, 2010 क े प्रार्वो ान को ध्यान में खते हुए, जो विनर्दिर्वोर्वोाद रूप से इस विर्वोषय प मौन है औ 22 जुलाई, 2021 क े विर्वोज्ञापन में कहीं भी यह संक े त नहीं विमलता है विक र्वोतAमान मामले में आर्वोेदन की अंधितम ता ीख (31 अगस्त,
2021) से पहले की अर्वोधि का जाधित प्रमाण पत्र/श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया जाना है। इसक े विर्वोप ीत, विर्वोज्ञापन क े खंड 6(i) औ (iii) सपविठत खंड 22(3), श्रेणी का ऐसा प्रमाणपत्र जो विकसी ने आ क्षण का लाभ लेने का दार्वोा विकया हो, भत[6] प्राधि का ी द्वा ा मांग विकए जाने प प्रस्तुत विकया जाना *ाविहए।
39. विदए गए तथ्यों औ परि न्धिस्र्थीधितयों में, जब विनयम मौन हैं औ ऐसा कोई विनदश नहीं है विक श्रेणी का प्रमाण पत्र विर्वोज्ञापन क े तहत आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी को या उससे पहले प्रस्तुत विकया जाना है औ प्रत्येक आर्वोेदक ने उlमीदर्वोा ों की सू*ी प्रकाथिशत होने प भत[6] प्राधि का ी द्वा ा मांग विकए जाने प श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया है, सिजन्हें 4 अगस्त, 2022 को अनंधितम रूप से साक्षात्का क े लिलए बुलाया गया र्थीा, प्रत्येक आर्वोेदक ने विनर्दिर्वोर्वोाद रूप से उस श्रेणी का अपना प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकया है, सिजसक े र्वोे विर्वोज्ञापन क े समय से संबंधि त र्थीे औ सिजन्होंने *यन की प्रविक्रया में भाग लिलया र्थीा। इस स्त प, हमा े विर्वो*ा में, उच्च न्यायालय गलत विदशा में *ला गया औ आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी प देखी जाने र्वोाली पात्रता की शतA से प्रभाविर्वोत र्थीा, उस श्रेणी क े उत्पलिƒ की जां* क ते समय सिजसमें उlमीदर्वोा संबंधि त र्थीा औ *यन प्रविक्रया में भाग लिलया है, विकसी भी त ह से पात्रता की शतq से सहसंबद्ध नहीं है औ अपीलकताAओं क े दार्वोे प भ ोसा न क ने र्वोाले विनणAयों का मौजूदा मामले क े तथ्यों में कोई उपयोग नहीं है।
40. गधितशीलता को समझने क े लिलए, स का पहले 9 सिसतंब, 2015 क े परि पत्र क े सार्थी 08 अक्र्टेूब, 2019 क े सार्थी सामने आई है, सिजसका संदभA विदया गया है, लेविकन यह हमेशा *यन की प्रविक्रया क े अनुरूप होना *ाविहए जब विर्वोज्ञापन भत[6] अधि कारि यों द्वा ा खुले *यन क े लिलए प्रकाथिशत विकया गया है औ भत[6] प्राधि क ण द्वा ा अधि सूधि*त प्रत्येक विर्वोज्ञापन में, आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी थिभन्न होने क े लिलए बाध्य है औ यह उस प्रमाण पत्र की पू ी गधितशीलता को बदल सकती है जो आर्वोेदक क े पास है औ र्वोह नहीं माना जाता है प्रत्येक विर्वोज्ञापन क े अनुरूप श्रेणी का प्रमाण पत्र प्राप्त क ना औ यह व्यार्वोहारि क रूप से संभर्वो नहीं हो हा है औ ऐसा प्रतीत होता है क्योंविक ऐसी कोई योजना या विनदश नहीं र्थीा जो आर्वोेदक को विकस प्रविक्रया का पालन क ना है, उसे विर्वोविनयविमत औ सुव्यर्वोन्धिस्र्थीत क सक े । विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों क े लिलए आ क्षण का लाभ उठाने क े इच्छ ु क *यन प्रविक्रया में भाग लेने औ *ल ही मुकदमेबाजी को दू क ने क े लिलए, ाज्य स का ने 17 अक्र्टेूब, 2022 क े अपने विनदशों क े तहत कदम उठाया औ स्पष्ट विकया विक यविद आर्वोेदक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हा है आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी प या आर्वोेदन की अंधितम धितथिर्थी क े बाद की ता ीख को प्रस्तुत क ने प, उसे एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना होगा विक यविद यह गलत पाया जाता है, तो ऐसी विनयुविo द्द क दी जाएगी। हमा े विर्वो*ा से, यह स का द्वा ा र्वोतAमान अत्यार्वोश्यकता को पू ा क ने क े लिलए देखी गई एक तदर्थीA न्धिस्र्थीधित हो सकती है, लेविकन भत[6] प्राधि क ण या स का, जैसा भी मामला हो, को इस मुद्दे की समग्रता से जां* क नी होगी औ उन थिशकायतों प विर्वो*ा क ना होगा जो न्यायालय द्वा ा विर्वोथिभन्न * णों में उठाई जा ही हैं औ विर्वो*ा विकया जा हा है औ व्यापक प्रसा क े सार्थी स्पष्ट विदशाविनदश जा ी क ने होंगे, सिजनका उlमीदर्वोा ों को पालन क ना होगा जो मुकदमेबाजी से ब*ने/दू क ने क े लिलए आ क्षण का लाभ उठाना *ाहते हैं।
41. आगे मूल्यांकन क ने क े लिलए, जैसा विक इस न्यायालय द्वा ा देखा गया, 120 *यविनत उlमीदर्वोा ों की अंधितम योग्यता सू*ी उƒ दाताओं द्वा ा अधि सूधि*त की गई र्थीी जैसा विक 30 अगस्त, 2022 क े नोविर्टेस में दशाAया गया है औ विनयमार्वोली, 2010 योजना क े अंतगAत कोई प्रतीक्षा सू*ी/आ धिक्षत सू*ी होने का कोई प्रार्वो ान नहीं है। इस प्रका, 120 उlमीदर्वोा ों की अंधितम *यन सू*ी समाप्त होने क े बाद या उlमीदर्वोा ों क े शाविमल न होने या विकसी अन्य का ण से आगे कोई विनयुविo नहीं की जा सकी।
42. इस न्यायालय को सूधि*त विकया जाता है विक विनयुविo क े लिलए अनुशंसिसत 120 उlमीदर्वोा ों में से 119 उlमीदर्वोा ों को 09 मा*A, 2023 को विनयुविo आदेश जा ी विकए गए र्थीे औ पां* उlमीदर्वोा ों ने कायAभा ग्रहण नहीं विकया है औ एमबीसी (एनसीएल) श्रेणी क े अलार्वोा, पां* रि विoयां आ धिक्षत र्थीी औ क े र्वोल दो उlमीदर्वोा ों को विनयुo विकया गया है औ तीन रि विoयों को खुली श्रेणी से भ ा गया है। तथ्य की न्धिस्र्थीधित क े समग्र विर्वोस्ता को देखते हुए विक उlमीदर्वोा जो योग्यता क े क्रम में र्वोतAमान अपीलकताAओं की तुलना में कम हो सकते हैं, शाविमल हो गए हैं औ प्रथिशक्षण क े लिलए भेजे गए हैं, लेविकन उनकी कभी गलती नहीं र्थीी, सार्थी ही, र्वोतAमान अपीलकताAओं को भी शाविमल होने की आर्वोश्यकता है अंधितम रूप से *यविनत होने क े बाद विनयुविo क े लिलए विर्वो*ा विकया जा हा है औ विनर्दिर्वोर्वोाद रूप से उनकी संबंधि त श्रेणी में कर्टेऑy से अधि क अंक प्राप्त विकए हैं औ इस तथ्य को उƒ दाताओं द्वा ा भी विर्वोर्वोाविदत नहीं विकया गया है, क ु छ आर्वोेदकों को उपलब् विर्वोज्ञाविपत रि विoयों क े विर्वोरुद्ध समायोसिजत विकया जा सकता है औ संविर्वो ान क े अनुच्छेद 142 क े तहत हमा ी शविo का प्रयोग क ते हुए, विर्वोशेष तथ्यों औ परि न्धिस्र्थीधितयों में, भत[6] प्राधि क ण द्वा ा विनयुo विकए गए उlमीदर्वोा ों क े अधि का ों को प ेशान या छीने विबना समायोसिजत विकया जा सकता है। पक्षका ों क े सार्थी पूणA न्याय क ने क े लिलए, विनयमार्वोली, 2010 की योजना क े तहत उनकी उपयुoता क े अ ीन भविर्वोष्य की रि विoयों क े लिखलाy सिसविर्वोल जज की विर्वोज्ञाविपत रि विoयों क े लिखलाy समायोसिजत नहीं विकए जा सकने र्वोाले प्रत्येक अपीलकताA प विनयुविo क े लिलए विर्वो*ा क ने क े लिलए प्रधितर्वोाविदयों को विनदश देना उधि*त हो सकता है।
43. अपीलें सyल होती है औ तदनुसा स्र्वोीका की जाती है। उच्च न्यायालय क े आक्षेविपत विनणAय को इसक े एतदद्वा ा द्द औ विन स्त विकया जाता है औ प्रधितर्वोादी को 22 जुलाई, 2021 क े विर्वोज्ञापन क े अनुस ण में आयोसिजत *यन प्रविक्रया में उनकी भागीदा ी प सिसविर्वोल न्याया ीश क े पद प र्वोरि ष्ठता सविहत पारि णाविमक लाभों क े सार्थी विनयुविo क े लिलए प्रत्येक अपीलकताA की उlमीदर्वोा ी प विर्वो*ा क ने का विनदश विदया जाता है। आदेश दो महीने क े भीत उनकी उपयुoता क े अध्य ीन पारि त विकया जा सकता है। कोई हजाA ख*ाA नहीं ।
44. लंविबत आर्वोेदन, यविद कोई हो, विनस्तारि त समझे जाएंगे। न्याया ीश (अजय स्तोगी ) नई विदल्ली 18 मई, 2023 रि पोर्टेबल सिसविर्वोल याधि*का संख्या.............../2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 16428/2022) बनाम क े सार्थी सिसविर्वोल याधि*का संख्या............./2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 18296-18299/2022) विप्रयंका र्वोगै ह...अपीलार्थी6 (गण) बनाम सिजस्र्टे्रा प ीक्षा र्वोगै ह....प्रधितर्वोादी (गण) क े सार्थी सिसविर्वोल याधि*का संख्या............/2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 21644/2022) क ु लदीप भाविर्टेया....अपीलार्थी6 (गण) बनाम सिजस्र्टे्रा प ीक्षा, ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु...प्रधितर्वोादी (गण) क े सार्थी सिसविर्वोल याधि*का संख्या................/2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 19179/2022) सुनील सिंसह गुजA....अपीलार्थी6 (गण) बनाम सिजस्र्टे्रा प ीक्षा, ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु... प्रधितर्वोादी (गण) क े सार्थी (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 9544/2023) पारुल जैन... अपीलार्थी6 (गण) बनाम ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय र्वो अन्य....प्रधितर्वोादी (गण) क े सार्थी सिसविर्वोल याधि*का संख्या................./2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल ) संख्या 5654/2023) ज्योधित बेनीर्वोाल...अपीलार्थी6 (गण) बनाम ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय र्वो अन्य....प्रधितर्वोादी (गण) विनणAय बेला एम. वित्रर्वोेदी, न्याया ीश
1. मुझे अपने आद णीय भाई न्याया ीश अजय स्तोगी द्वा ा व्यo की गई ाय को पढ़ने का अर्वोस विमला है, हालांविक मैं उo ाय में व्यo विकए गए विर्वो*ा ों से सहमत होने में अपनी असमर्थीAता व्यo क ती हूं औ अपनी ाय विनlनानुसा व्यo क ती हूंः-
2. अनुमधित दी गई।
3. इन सभी अपीलों में शाविमल तथ्यों औ कानूनी मुद्दों की प्रासंविगक समानता को ध्यान में खते हुए समान न्यायविनणAयन विकया जा हा है।सभी अपीलों में अपीलकताAओं ने ाजस्र्थीान क े उच्च न्यायालय द्वा ा पारि त आक्षेविपत आदेशों को *ुनौती दी है, सिजसमें उच्च न्यायालय ने उनक े द्वा ा दाय रि र्टे याधि*काओं को खारि ज क विदया है। उच्च न्यायालय क े समक्ष रि र्टे याधि*काओं में, प्रत्यर्थी6-उच्च न्यायालय द्वा ा 04.08.2022 को अधि सू*ना जा ी क ने की कायAर्वोाही को प्रार्थीविमक *ुनौती दी गई र्थीी, सिजसमें उlमीदर्वोा ों से, सिजन्होंने सिसविर्वोल न्याया ीशों क े पद क े लिलए मुख्य प ीक्षा में सyलतापूर्वोAक अहAता प्राप्त क ली र्थीी, आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 से एक र्वोषA पूर्वोA की अर्वोधि क े भीत जा ी अन्य विपछड़ा र्वोगA/अधित विपछड़ा र्वोगA-नॉन क्रीमी लेय औ आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA आविद श्रेथिणयों से संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की अपेक्षा की गई र्थीी उo धितथिर्थी क े पश्चात नहीं। अपीलकताAओं ने संबंधि त आ धिक्षत श्रेणी में अपनी न्धिस्र्थीधित विदखाने र्वोाले प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकए, जो विक उo विदनांक 31.08.2021 क े बाद जा ी विकए गए र्थीे, उन्हे प्रधितर्वोादी उच्च न्यायालय द्वा ा उo पद क े लिलए योग्य नहीं पाया गया र्थीा। तथ्यात्मक न्धिस्र्थीधित
4. अपील क े र्वोतAमान बै* क े अथिभलेख से उत्पन्न र्वोाले संधिक्षप्त तथ्य यह हैं विक प्रधितर्वोादी-उच्च न्यायालय ने 22.07.2021 को एक विर्वोज्ञापन जा ी विकया सिजसमें ाजस्र्थीान न्याधियक सेर्वोा विनयम, 2010 (इसक े बाद विनयम, 2010 क े रूप में संदर्थिभत) क े अनुसा र्वोषA 2021 में रि विoयों क े लिलए सिसविर्वोल न्याया ीशों की भत[6] क े लिलए आर्वोेदन आमंवित्रत विकए गए र्थीे। संबंधि त मुद्दों की बेहत समझ क े लिलए उo विर्वोज्ञापन क े प्रासंविगक भाग को यहां प्रस्तुत विकया गया हैः ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु विर्वोज्ञापन संख्याः- ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु / प ीक्षा प्रकोष्ठ / आ.जे.एस / सिसविर्वोल जज क ै ड / 2021 / 780 विदनांक 22.07.2021 सिसविर्वोल जज संर्वोगA में सी ी भत[6] हेतु प्रधितयोगी प ीक्षा, 2021
1. ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय, जो पु द्वा ा ाजस्र्थीान न्याधियक सेर्वोा विनयम, 2010 (यर्थीा संशोधि त) क े अंतगAत ग्रेड पे 27700-770-33090-920-40450-1080- 44770 में सिसविर्वोल न्याया ीश संर्वोगA में परि र्वोीक्षा प सिसविर्वोल न्याया ीश औ न्याधियक मसिजस्र्टे्रेर्टे क े क ु ल 120 रि o पदों (र्वोषA 2020 क े 89 पद औ र्वोषA 2021 क े 31 पद) प सी ी भत[6] क े लिलए ऑनलाइन आर्वोेदन आमंवित्रत विकए जाते हैं। 2 से 3...
4. रि o पदों की संख्या औ आ क्षण क ु ल रि विoयों की संख्या र्वोषA सामान्य आ धिक्षत बें*माक A विर्वोकलांग व्यविo एससी एसर्टेी ओबीसी ईडबल्यूएस एमबीसी 89 2020 से विदसlब 2020 तक 35 पदों में से 10 पद मविहलाओं क े लिलए, 10 पदों में से 2 पद विर्वो र्वोाओं क े लिलए आ धिक्षत से 04 पद मविहलाओं क े लिलए, 4 पदों मे से 1 पद े लिलए 10 पदों मे से 3 पद मविहलाओं क े लिलए 18 पदों मे 5 पद मविहलाओं क े लिलए, 5 पदों मे से 1 पद े लिलए 8 पदों मे से 02 पद मविहलाओं क े लिलए 04 पदों मे से 01 पद मविहला क े लिलए 89 रि विoयों मे से 04 पद बें*माक A े लिलए 31 2021 से विदसlब 2021 तक से 4 पद मविहलाओं क े लिलए, 4 पदों मे से 1 पद विर्वो र्वोा क े लिलए आ धिक्षत 4 पदों मे से 1 पद मविहला क े लिलए 03 06 पदों मे से 1 पद मविहला क े लिलए 03 01 31 रि विoयों मे से 01 पद बें*माक A े लिलए * बें*माक A विर्वोकलांगता र्वोाले व्यविoयों क े लिलए आ धिक्षत 05 पदों में से 01 (एक) पद दृविष्टहीनता औ कम दृविष्ट क े लिलए आ धिक्षत है, 01 (एक) पद बह े औ सुनने में कविठनाई क े लिलए, 01 (एक) मन्धिस्तष्क पक्षाघात, क ु ष्ठ ोग उप*ारि त, बौनापन, तेजाब से हमले क े थिशका औ मांसपेशी अपविर्वोकास सविहत लोकोमोर्टे विर्वोकलांगता क े लिलए औ 02 (दो) स्र्वोलीनता, बौधिद्धक अक्षमता, विर्वोथिशष्ट सीखने की अक्षमता औ मानसिसक बीमा ी औ बहु अक्षमताओं क े लिलए व्यविoयों क े बी* खंड (ए) से (डी) क े तहत प्रत्येक विर्वोकलांगता क े लिलए पह*ाने गए पदों में बधि अं ापन शाविमल है। नोर्टे -उप ोo रि o पदों की संख्या को विनयमों क े अनुसा कमी या बढ़ोत ी की जा सकती है, सिजसक े लिलए कोई पुनः विर्वोज्ञापन या शुधिद्धपत्र प्रकाथिशत नहीं विकया जाएगा।
5. विर्वोथिभन्न र्वोगq क े आ क्षण क े संदभA में - (i.)मविहलाओं (विर्वो र्वोा एर्वों विर्वोन्धिच्छन्न-विर्वोर्वोाह मविहला सविहत) हेतु आ धिक्षत पदों का आ क्षण प्रर्वोगAर्वोा रि o पदों क े विर्वोरूद्ध क्षैधितज रूप से होगा अर्थीाAत् सिजस प्रर्वोगA (अनुसूधि*त जाधित/अनुसूधि*त जनजाधित/अन्य विपछड़ा र्वोगA/अधित विपछड़ा र्वोगA/आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA/सामान्य र्वोगA) की मविहला आर्वोेदक *यविनत होगी उसे सlबन्धिन् त प्रर्वोगA, सिजसकी र्वोह आर्वोेदक है, में समायोसिजत विकया जायेगा । (ii.)विदव्यागजन हेतु आ धिक्षत पदों का आ क्षण क ु ल रि o पदों क े विर्वोरुद्ध क्षैधितज रूप से होगा अर्थीाAत् सिजस प्रर्वोगA (अनुसूधि*त जाधित /अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछडा र्वोगA / अधित विपछडा र्वोगA / आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA / सामान्य र्वोगA) का विदव्यांग आर्वोेदक *यविनत होगा, उसे संबंधि त प्रर्वोगA सिजसका र्वोह आर्वोेदक है, में समायोसिजत विकया जायेगा। (iii.) ाजस्र्थीान की अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA / अधित विपछड़ा र्वोगA / आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA / मविहलाओं (विर्वो र्वोा एर्वों विर्वोन्धिच्छन्न विर्वोर्वोाह मविहला सविहत) / विदव्यांगजन क े लिलए आ धिक्षत पदों हेतु पात्र एर्वों उपयुo अभ्यर्थी6 उपलब् नहीं होने प इन पदों को ाजस्र्थीान न्याधियक सेर्वोा विनयम 2010 (यर्थीासंशोधि त) में विर्वोवि¬त प्रविक्रया एर्वों ीधित से भ ा जायेगा। (iv.) सामान्य र्वोगA क े पदों क े विर्वोरूद्ध *यन हेतु आ धिक्षत र्वोगA क े अभ्यर्थिर्थीयों को सामान्य र्वोगA क े अभ्यर्थी6 क े रूप में पात्र होना आर्वोश्यक होगा । नोर्टे: - ाजस्र्थीान ाज्य क े अन्य विपछड़ा र्वोगA एर्वों अधित विपछड़ा र्वोगA की क्रीमीलेय श्रेणी क े आर्वोेदक तर्थीा ाजस्र्थीान ाज्य से थिभन्न ाज्यों की अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोग ( क्रीमीलेय एर्वों नॉन क्रीमीलेय )/अधित विपछड़ा र्वोगq (क्रीमीलेय एर्वों नॉन क्रीमीलेय ) / आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA क े आर्वोेदक सामान्य र्वोगA क े अन्तगAत आते हैं
6. विर्वोथिभन्न श्रेथिणयों क े प्रमाण - पत्रों क े सन्दभA में - (i.)विर्वोथिभन्न र्वोग क े प्रमाण-पत्र क े सन्दभA में - अनुसूधि*त जाधित, अनुसूधि*त जनजाधित, अन्य विपछड़ा र्वोगA एर्वों अधित विपछडा र्वोगA में आ क्षण हेतु सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विर्वोविहत प्रारूप में विनयमानुसा जा ी विकया गया जाधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत क ना होगा । (ii.)विदव्यांगजन की श्रेणी में आने र्वोाले आर्वोेदकों को ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय द्वा ा मांगे जाने प अपनी विनःशoता क े संबं में समुधि*त स का द्वा ा प्राधि क ृ त प्रमाणन प्राधि का ी द्वा ा विर्वोविहत प्रारूप में जा ी विनःशoता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत क ना होगा । इस संबं में प्रर्वोृƒ सुसंगत विनयमों क े अनुसा विनःशoता प्रमाण-पत्र ा क आर्वोेदक ही विदव्यांगजन हेतु आ धिक्षत पदों क े विर्वोरुद्ध *यन एर्वों विनयुविo क े लिलए पात्र माना जायेगा । (iii.) आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA क े अभ्यर्थी6 की दशा में सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विर्वोविहत प्रारूप में विनयमानुसा जा ी विकया गया प्रमाण-पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (iv.)अनुसूधि*त जाधित एर्वों अनुसूधि*त जनजाधित की विर्वोर्वोाविहत मविहला अभ्यर्थी6 को आ धिक्षत प्रर्वोगA का लाभ प्राप्त क ने हेतु अपने विपता क े नाम र्वो विनर्वोास स्र्थीान क े आ ा प विर्वोविहत प्रारूप में विनयमानुसा जा ी जाधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा । पधित क े नाम र्वो विनर्वोास स्र्थीान क े आ ा प जा ी जाधित प्रमाण-पत्र मान्य नहीं होगा । (v.)अन्य विपछडा र्वोगA एर्वों अधित विपछड़ा र्वोगA की विर्वोर्वोाविहत मविहला अभ्यर्थी6 को आ धिक्षत प्रर्वोगA का लाभ प्राप्त क ने हेतु अपने विपता क े नाम विनर्वोास स्र्थीान एर्वों आय क े आ ा प विर्वोविहत प्रारूप में विनयमानुसा जा ी जाधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा । पधित क े नाम विनर्वोास स्र्थीान एर्वों आय क े आ ा प जा ी जाधित प्रमाण-पत्र मान्य नहीं होगा। (vi.)विर्वो र्वोा मविहला अभ्यर्थी6 क े मामले में उसे सक्षम प्राधि का ी द्वा ा जा ी अपने पधित की मृत्यु का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत क ना होगा तर्थीा विर्वोन्धिच्छन्न विर्वोर्वोाह मविहला अभ्यर्थी6 क े मामले में उसे विर्वोर्वोाह विर्वोच्छेद का प्रमाण प्रस्तुत क ना होगा। 7 से 9.…
10. आयु:- आर्वोेदक 1 जनर्वो ी, 2022 को 21 र्वोषA की आयु पूणA क *ुका हो विकन्तु 40 र्वोषA की आयु पूणA नहीं क *ुका होना *ाविहए, लेविकन (1). ाजस्र्थीान क े अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA / अधित विपछड़ा र्वोगA / आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA एर्वों मविहला आर्वोेदकों क े मामले में ऊप ी आयु सीमा को 5 र्वोषA तक थिशथिर्थील विकया जायेगा । 11 से 16....
17. आर्वोेदन क ने की समय सीमाः - क्र.स. विर्वोर्वो ण विदनांक
1. ऑनलाइन आर्वोेदन क ने की समय सीमा 30.07.2021 (शुक्रर्वोा ) 1.00 पीएम से 31.08.2021 (मंगलर्वोा ) 5.00 पीएम तक
18. आर्वोेदन क ने क े लिलए महत्र्वोपूणA विनदश:-
1. कोई भी आर्वोेदक सिजस श्रेणी क े अन्तगAत आर्वोेदन क ने का पात्र है, यह उसी श्रेणी में ही आर्वोेदन क े। आर्वोेदन पत्र में भ ी गयी श्रेणी आर्वोेदक की प्रार्थीAना प विकसी भी परि न्धिस्र्थीधित में परि र्वोर्तितत नहीं की जायेगी।
2. आर्वोेदक ऑनलाईन आर्वोेदन क ने क े पूर्वोA यह सुविनधिश्चत क ले विक र्वोह विर्वोज्ञापन में अंविकत शतq र्वो सुसंगत विनयमों क े अन्तगAत पात्रता की समस्त शत¯ पू ी क ता है तर्थीा ऑनलाईन आर्वोेदन-पत्र में आर्वोश्यक समस्त सू*नाएं सlबन्धिन् त कॉलम में सही एर्वों पूणA रूप से भ ी गई है। ऑनलाईन आर्वोेदन-पत्र में भ ी गई सू*ना को सही मानते हुए प ीक्षा में अनन्धिन्तम रूप से प्रर्वोेश विदया जायेगा। अतः ऑनलाईन आर्वोेदन-पत्र में भ ी गयी सू*नाओं क े लिलए आर्वोेदक स्र्वोय उƒ दायी होगा।
3. ऑनलाईन आर्वोेदन की अन्धिन्तम विदनांक तक भ े जाने र्वोाले आर्वोेदन ही स्र्वोीका विकये जाएंगे । समस्त प्रविर्वोविष्टया पूणA एर्वों सही नहीं होने की न्धिस्र्थीधित में ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय द्वा ा आर्वोेदन अस्र्वोीक ृ त क विदया जाएगा ।
4. एक बा अन्धिन्तम रूप से ऑनलाईन आर्वोेदन में प्रविर्वोष्ट की गयी प्रविर्वोविष्टयों में विकसी भी प्रका का परि र्वोतAन नहीं विकया जा सक े गा औ ना ही इस सlबन् में कोई प्रार्थीAना पत्र विर्वो*ा ार्थीA ग्रहण विकया जाएगा । 19 से 21...........…
22. अन्य महत्र्वोपूणA विनदश:- 1.... 2...
3. अभ्यर्थिर्थीयों को सभी संबंधि त मूल दस्तार्वोेज/प्रमाण-पत्र, सिजनक े आ ा प र्वोे विकसी भी प्रका का दार्वोा क ते हैं, ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय अर्थीर्वोा संबंधि त विनयुविo प्राधि का ी द्वा ा मांगे जाने प प्रस्तुत क ने अविनर्वोायA होंगे। 4 से 8..…
9. ऐसे आर्वोेदक, सिजनक े द्वा ा अन्धिन्तम विदनांक तक ऑनलाईन आर्वोेदन क सyलतापूर्वोAक प ीक्षा शुल्क जमा क ा विदया गया है, उनको ही ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय द्वा ा अनन्धिन्तम रूप से प ीक्षा में बैठने विदया जायेगा। विकसी आर्वोेदक को प ीक्षा में बैठने क े लिलए क े र्वोल मात्र प्रर्वोेश-पत्र जा ी क विदये जाने का यह अथिभप्राय नहीं होगा विक ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय द्वा ा उसकी अभ्यर्थिर्थीता अन्धिन्तम रूप से सही मान ली गई है अर्थीर्वोा आच्च न्यायालय द्वा ा आर्वोेदक की मूल प्रलेखों से र्वो विनयमानुसा पात्रता की जां* क ते समर्वोेदक द्वा ा आर्वोेदन-पत्र में की गयी प्रविर्वोविष्टयां सही औ सत्य मान ली गई है। ाजस्र्थीान उय यविद आयु, शैक्षथिणक योग्यता तर्थीा अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA / अधित विपछड़ा र्वोगA / आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA / विदव्यांगजन / मविहला / विर्वो र्वोा / परि त्यoा (तलाकशुदा) आविद क े रूप में पात्रता की अन्य आर्वोश्यक शतq को पू ा नहीं क ने क े आ ा प उसकी अपात्रता का पता *लता है तो इस प ीक्षा हेतु उसकी अभ्यर्थिर्थीता विकसी भी स्त प द्द की जा सकती है, सिजसका उƒ दाधियत्र्वो स्र्वोयं आर्वोेदक का होगा ।”
5. सभी अपीलकताA जो ओबीसी/एमबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस क े सदस्य होने का दार्वोा क ते हैं, प्रधितर्वोादी द्वा ा आयोसिजत मुख्य प ीक्षाओं में उपन्धिस्र्थीत हुए औ सyलतापूर्वोAक उƒीणA विकया। विदनांक 04.08.2022 का नोविर्टेस क े माध्यम से, उन्हें साक्षात्का क े लिलए अस्र्थीायी रूप से योग्य होने क े का ण प्रधितर्वोादी द्वा ा 20.08.2022 से 27.08.2022 क े बी* साक्षात्का क े लिलए आमंवित्रत विकया गया र्थीा। उo नोविर्टेस में यह विनदथिशत विकया गया र्थीा विक उlमीदर्वोा ों को साक्षात्का क े समय सभी मूल दस्तार्वोेजों की सत्याविपत/प्रमाथिणत yोर्टेोकॉपी क े सार्थी लाना होगा। उo नोविर्टेस में विनविहत सर्टेीक विनदशों को विनlनानुसा पुन: प्रस्तुत विकया गया है: "उlमीदर्वोा ों क े लिलए आर्वोश्यक है विक र्वोे साक्षात्का क े लिलए उपयुAo धितथिर्थी औ विनयत समय प अपने मूल दस्तार्वोेजों/प्रमाणपत्रों क े सार्थी ाजस्र्थीान ाज्य न्याधियक अकादमी जो पु, झालामंड सर्दिकल, ओल्ड पाल ोड, जो पु ( ाजस्र्थीान) में सिजस्र्टे्रा (प ीक्षा) क े अस्र्थीायी कायाAलय में उपन्धिस्र्थीतहो। उlमीदर्वोा ों को प्रत्येक दस्तार्वोेज की दो सत्याविपत/प्रमाथिणत yोर्टेो प्रधितयों क े सार्थी विनlनलिललिखत सभी मूल दस्तार्वोेज लाने का विनदश विदया जाता हैःi.. ii. iii. श्रेणी से संबंधि त प्रमाण पत्र:- (क) ओबीसी/एमबीसी (नॉन क्रीमी लेय ) प्रमाणपत्र जो आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 से एक र्वोषA से पूर्वोA का जा ी नहीं विकया गया हो। (ख) यविद ओबीसी/एमबीसी (नॉन क्रीमी लेय ) प्रमाण पत्र 31.08.2018 औ 30.08.2020 क े बी* जा ी विकया गया है, तो जाधित प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (ग) ईडब्ल्यूएस श्रेणी क े मामले में-ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आ क्षण की मांग क ने क े लिलए आर्वोश्यक आय औ संपलिƒ प्रमाण पत्र 01.04.2021 से पहले जा ी नहीं विकया गया हो। यविद 01.04.2019 औ 31.03.2021 क े बी* आय औ परि संपलिƒ प्रमाण पत्र जा ी विकया जाता है, तो प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना होगा। (घ) एससी/एसर्टेी/ओबीसी/एमबीसी/ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जैसा भी मामला हो, आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 क े बाद जा ी नहीं विकया गया नहीं हो।”
6. अपीलकताA ज्योधित बेनीर्वोाल (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या- 5654/2023), सिजन्होंने सिसविर्वोल जज क े उo पद क े लिलए ओबीसी-एनसीएल श्रेणी क े तहत आर्वोेदन विकया र्थीा, ने अन्य बातों क े सार्थी सार्थी सार्थी-सार्थी विदनांक 04.08.2022 क े कथिर्थीत नोविर्टेस में अधि ोविपत की गई शतq को *ुनौती देते हुए रि र्टे याधि*का संख्या 11784/2022 दाय की र्थीी, सिजसमें उlमीदर्वोा ों से 31.08.2018 से 31.08.2021 क े बी* जा ी ओबीसी-एनसीएल प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की मांग की गई र्थीी औ घोषणा की गई र्थीी विक 31.08.2021 क े बाद जा ी विकए गए प्रमाण पत्र स्र्वोीका नहीं विकए जाएंगे। उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ ने विदनांक 18.08.2022 क े विनणAय औ आदेश क े माध्यम से उo याधि*का को खारि ज क विदया, जो इस न्यायालय क े समक्ष आक्षेविपत है।
7. अपीलकताA क ु लदीप भाविर्टेया (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 21644/ 2022) ने भी उच्च न्यायालय क े समक्ष रि र्टे याधि*का संख्या 12022/2022 विदनांक 04.08.2022 क े उo नोविर्टेस को *ुनौती देते हुए दाय की र्थीी, सिजसमें आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी से एक र्वोषA पहले की अर्वोधि का ओबीसी (एनसीएल) प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की आर्वोश्यकता विन ाAरि त की गई है।उo याधि*का भी उच्च न्यायालय द्वा ा विदनांक 06.09.2022 क े आदेश द्वा ा खारि ज क दी गई र्थीी, जो अपीलों क े इस र्वोगA में हमा े समक्ष भी आक्षेविपत है। अन्य अपीलकताAओं-रि र्टे याधि*काकताAओं द्वा ा दाय इसी त ह की रि र्टे याधि*काओं को उच्च न्यायालय ने ज्योधित बेनीर्वोाल औ क ु लदीप भाविर्टेया क े मामले में y ै सलों प भ ोसा क ते हुए अलग-अलग आदेश पारि त क क े खारि ज क विदया।
8. बेहत समझ औ सुविर्वो ा क े लिलए, प्रत्येक अपीलकताA क े मामले में तथ्यों को दशाAने र्वोाला एक तुलनात्मक विर्वोर्वो ण प्रस्तुत विकया जा हा है: (I)ओबीसी-एनसीएल श्रेणी-विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 5654/2023, विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 16428/2022, विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 18296-18299/2022 क्र.सं. नाम अंक सामान्य श्रेणी की कर्टे ऑy कर्टे ऑy अंक ओबीसी- एनसीएल- याधि*का कताA क े ओबीसी- एनसीएल प्रमाण पत्र उƒ दाताओं क े अनुसा आर्वोश्यक ओबीसी- एनसीएल धितथिर्थी
1. ज्योधित बेनीर्वोाल 176 179.[5] 163.[5] 22.06.2016 औ 25.07.2022 31.08.2018 से
2. साक्षी आ हा 166.[5] 179.[5] 163.[5] 22.07.2016,17.06.2022 औ 12.08.2022 उप ोo
3. विप्रयंका 170 179.[5] 163.[5] 23.04.2018 औ 20.06.2022 उप ोo
4. भव्य क ू ल्ह 165.[5] 179.[5] 163.[5] 19.09.2016 औ उप ोo
5. नेहा बता 165 179.[5] 163.[5] 28.06.2018 औ 21.06.2022 उप ोo
6. विनलिखल कर्टेारि या 171.[5] 179.[5] 163.[5] 16.07.2018 औ 09.06.2022 उप ोo (ii) एमबीसी-एनसीएल श्रेणी- सुनील गुजA विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या-19179/22 औ क ु लदीप भाविर्टेया विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या- 21644/22 नाम सामान्य श्रेणी कर्टे ऑy अंक एमबीसी- एनसीएल एमबीसी- एनसीएल क े विदनांक े अनुसा एमबीसी- एनसीएल प्रमाण पत्र की ता ीख
1. सुनील सिंसह गुजA 172 179.[5] 141 18.06.2018 औ 31.08.2018 से
2. क ु लदीप भाविर्टेया 141.[5] 179.[5] 141 03.08.2012 औ 09.03.2022 उप ोo (iii) ईडबल्यूएस श्रेणी- पारुल जैन विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) डाय ी संख्या 1581/2023 नाम सामान्य श्रेणी कर्टे ऑy अंक ईडबल्यूएस े विदनांक े अनुसा ईडबल्यूएस ता ीख
1. पारुल जैन 174.[5] 179.[5] 167.[5] 07.09.2021 31.08.2021 (1.4.2021- 31.03.2022 र्वोै एर्वोाई 2021-22)
9. यह उल्लेख क ना उधि*त है विक विदनांक 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत महत्र्वोपूणA विनदशों क े सार्थी पविठत खंड-6 क े अनुसा, विर्वोथिभन्न आ धिक्षत श्रेथिणयों क े उlमीदर्वोा ों को सक्षम प्राधि का ी द्वा ा जा ी कानूनी रूप से र्वोै प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना र्थीा। उल्लेखनीय है विक सामासिजक न्याया ीश औ अधि कारि ता विर्वोभाग, ाजस्र्थीान स का अनुसूधि*त जाधित, अनुसूधि*त जनजाधित, अन्य विपछड़ा र्वोगA, अधित विपछड़ा र्वोगA औ आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगq को जाधित प्रमाण पत्र जा ी क ने क े लिलए समय-समय प विदशा-विनदश औ विनदश जा ी क ता हता है। संबंधि त समय में प्र*लिलत परि पत्र विदनांक 09.09.2015 औ 08.08.2019 क े परि पत्र र्थीे। जाधित प्रमाण पत्र जा ी क ने क े संबं में विदनांक 09.09.2015 क े परि पत्र का प्रासंविगक पै ाग्राy 4 इस प्रका हैः "4. जाधित प्रमाण पत्र की र्वोै ता अर्वोधि ः -
1. अनुसूधि*त जाधित/अनुसूधि*त जनजाधित क े लिलए जा ी जाधित प्रमाण पत्रों की र्वोै ता आजीर्वोन होगी जबविक अन्य विपछड़ा र्वोगA क े लिलए प्रमाण पत्र क े र्वोल एक बा जा ी विकया जाएगा, लेविकन यह तथ्य विक र्वोह व्यविo जो क्रीमी लेय में नहीं है, को तीन र्वोषA तक क े र्वोै शपर्थी पत्र क े आ ा प मान्यता दी जाएगी।
2. नॉन -क्रीमी लेय का प्रमाण पत्र एक र्वोषA क े लिलए र्वोै होगा। एक बा नॉन क्रीमी लेय का प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाने प यविद आर्वोेदक अगले र्वोषA भी क्रीमी लेय में नहीं हता है तो ऐसी न्धिस्र्थीधित में उससे एक शपर्थी पत्र (परि थिशष्ट-डी) प्राप्त विकया जायेगा, सिजसमें पूर्वोA में जा ी नॉन-क्रीमी लेय प्रमाण पत्र को र्वोै माना जाएगा, यह अधि कतम तीन साल की अर्वोधि क े लिलए विकया जा सकता है। ”
10. विदनांक 09.09.2015 क े परि पत्र में विनविहत उo विनदश को स्पष्ट क ने र्वोाले विदनांक 08.08.2019 क े परि पत्र का संबंधि त भाग विनlनानुसा है: " ाजस्र्थीान स का सामासिजक न्याय एर्वों अधि कारि ता विर्वोभाग संख्या एy-11/एस.सी.एस.र्टेी.ओबीसी/एस.बी.सी विदनांक: 08.08.2019 इसलिलए, इस संबं में एक बा विy स्पष्ट विकया जाता है विक अन्य विपछड़ा र्वोगA का जाधित प्रमाण पत्र एक र्वोषA क े लिलए मान्य होगा, हालांविक, ऐसी न्धिस्र्थीधित में जहां आर्वोेदक को क्रीमी लेय श्रेणी में नहीं आने क े लिलए एक प्रमाण पत्र जा ी विकया गया है औ यविद ऐसा आर्वोेदक बाद क े र्वोषA में भी क्रीमी लेय क े भीत नहीं आता है, तो उस न्धिस्र्थीधित में, पहले से जा ी गै -क्रीमी लेय क े भीत आने का प्रमाण पत्र आर्वोेदक से एक सत्याविपत शपर्थी पत्र प्राप्त क ने क े बाद मान्य माना जाएगा, जो अधि कतम तीन र्वोषA की अर्वोधि क े लिलए विकया जा सकता है।”
11. उप ोo परि पत्रों का सा यह र्थीा विक विकसी व्यविo को जा ी विकया गया ओबीसी- एनसीएल का प्रमाण पत्र एक र्वोषA क े लिलए र्वोै होगा, हालांविक बाद क े र्वोषA में भी यविद र्वोह "नॉन-क्रीमी लेय "श्रेणी में बना हता है, तो पहले जा ी विकए गए प्रमाण पत्र को ऐसे व्यविo से प्रमाथिणत शपर्थी पत्र प्राप्त क ने क े बाद र्वोै माना जाएगा, औ ऐसी प्रविक्रया अधि कतम तीन र्वोषq क े लिलए अपनाई जा सकती है। तक A:-
12. अपीलार्थिर्थीयों की ओ से उपन्धिस्र्थीत विर्वोद्वान अधि र्वोoाओं ने विनlनलिललिखत तक A प्रस्तुत विकए है:- (i) अपीलकताAओं ने yॉमA क े सार्थी-सार्थी सा रूप में सभी आर्वोश्यकताओं का अनुपालन विकया है, गलत त ीक े से सिसविर्वोल न्याया ीश क े पद क े लिलए विर्वो*ा नहीं विकया गया है औ उo पद क े लिलए संबंधि त श्रेथिणयों में कम मे ार्वोी उlमीदर्वोा ों का *यन विकया गया है। (ii) विदनांक 22.07.2021 क े भत[6] विर्वोज्ञापन में या 2010 क े उo विनयमों में आ धिक्षत श्रेथिणयों क े तहत आर्वोेदन क ने र्वोाले उlमीदर्वोा ों द्वा ा प्रस्तुत विकए जाने र्वोाले प्रमाणपत्रों की धितथिर्थी क े संबं में विकसी विर्वोविनदश क े अभार्वो में, विदनांक 14 04.08.2022 क े नोविर्टेस में विनविहत अनुदेश क े तहत उlमीदर्वोा ों को इसक े खंड 3 क े अनुसा प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की आर्वोश्यकता होती है जो भत[6] प्रविक्रया क े बी* में खेल क े विनयमों को बदलने क े समान है, जो कानून की दृविष्ट में स्र्वोीकायA नहीं है। (iii) प्रधितर्वोाविदयों द्वा ा विदनांक 04.08.2022 क े नोविर्टेस में अपीलकताAओं क े *यन की संभार्वोना को सीविमत क ने र्वोाली शत¯ पू ी त ह से अनुधि*त औ मनमानी र्थीीं। (iv) आ क्षण का लाभ उठाने क े लिलए, अपीलकताAओं को प्रासंविगक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की आर्वोश्यकता र्थीी, हालांविक आ क्षण क े लाभ का दार्वोा क ने क े उद्देश्य क े लिलए प्रमाण पत्र की ता ीख क े संबं में विकसी भी कठो सिसद्धांत का आर्वोेदन प्रस्तुत क ने की अंधितम धितथिर्थी क े सार्थी कोई संबं नहीं र्थीा। (v) डॉली छंडा बनाम अध्यक्ष, जेईई र्वो अन्य(2005)9 एससीसी 779 क े मामले में इस न्यायालय क े विनणAय भ ोसा क ते हुए, यह तक A प्रस्तुत विकया विक प्रमाणपत्रों/दस्तार्वोेजों क े सबूत प्रस्तुत क ने क े मामले में क ु छ छ ू र्टे दी जा सकती है औ विकसी कठो सिसद्धांत को लागू क ना उधि*त नहीं होगा। प्रमाण प्रस्तुत क ने से संबंधि त विनयम क े प्रत्येक उल्लंघन का परि णाम उlमीदर्वोा ी की अस्र्वोीक ृ धित क े रूप में हो आर्वोश्यक नहीं है। (vi) ाम क ु मा विगज ॉय बनाम विदल्ली अ ीनस्र्थी सेर्वोा *यन बोडA र्वो अन्य(2016) 4 एससीसी 754 क े मामले मे भ ोसा विकया गया है यह तक A देने क े लिलए विक विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत अंधितम धितथिर्थी क े बाद प्रमाण पत्र जमा क ना आ धिक्षत श्रेणी क े तहत उlमीदर्वोा क े *यन क े लिलए मान्य र्थीा। अपीलार्थिर्थीयों क े अनुसा, कणA सिंसह यादर्वो बनाम ाष्ट्रीय ाज ानी क्षेत्र विदल्ली स का औ अन्य (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) 14948/2016) 2022 एससीसी ऑनलाइन एससी 1341 क े मामले में तीन न्याया ीशों की पीठ द्वा ा उo विर्वो*ा की पुविष्ट की गई र्थीी। (vii) अशोक क ु मा सोनक बनाम भा त संघ र्वो अन्य(2007) 4 एससीसी 54 क े विनणAय को अलग क ते हुए, सिजस प प्रत्यर्थी6 द्वा ा भ ोसा विकया गया, यह प्रस्तुत विकया गया विक कथिर्थीत विनणAय में अधि कथिर्थीत अनुपात की र्वोतAमान अपीलों क े तथ्यों से कोई प्रासंविगकता नहीं है क्योंविक कथिर्थीत मामला *यन क े समय उlमीदर्वोा ों की योग्यता से संबंधि त र्थीा, जबविक इस अपील में मुद्दा प्रमाण पत्र जा ी क ने की ता ीख से संबंधि त है जो क े र्वोल प्रविक्रयात्मक मामला है।
13. प्रधितर्वोादी क े लिलए विर्वोद्वान अधि र्वोoा ने विनlनलिललिखत तक A विदये:- (i) अपीलकताA विदनांक 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन औ विदनांक 04.08.2022 क े नोविर्टेस में उसिल्ललिखत र्वोै प्रमाणपत्रों को पुन: प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हे र्थीे। (ii) ाज्य स का ने विदनांक 09.09.2015 एर्वों 08.08.2019 क े परि पत्र जा ी विकये र्थीे सिजसमें स्पष्ट विकया गया र्थीा विक अन्य विपछड़ा र्वोगA का प्रमाण पत्र एक बा ही जा ी विकया जायेगा तर्थीा नॉन क्रीमी लेय का प्रमाण पत्र भी एक र्वोषA क े लिलये ही मान्य होगा। हालांविक, यविद आर्वोेदक बाद क े र्वोषA में "नॉन क्रीमी लेय "की न्धिस्र्थीधित को जा ी खता है, तो विपछले र्वोषA में जा ी विकए गए प्रमाण पत्र को उlमीदर्वोा क े एक शपर्थी पत्र क े सार्थी र्वोै माना जाएगा। र्वोतAमान अपीलों में ओबीसी-एनसीएल से संबंधि त होने का दार्वोा क ने र्वोाले अपीलकताAओं ने ना तो अपेधिक्षत र्वोै प्रमाण पत्र औ ना ही इस संबं में शपर्थी पत्र प्रस्तुत विकया र्थीा। (iii) जैसा विक अशोक क ु मा सोनक (पूर्वो o) में अथिभविन ाAरि त विकया गया है, इस संबं में विर्वोज्ञापन या विनयमों में विनर्दिदष्ट विकसी ता ीख की अनुपन्धिस्र्थीधित में में आर्वोेदन दालिखल क ने की अंधितम धितथिर्थी कर्टे-ऑy धितथिर्थी मानी जानी *ाविहए। (iv) ाक े श क ु मा शमाA बनाम ाज्य ( ाष्ट्रीय ाज ानी क्षेत्र विदल्ली) र्वो अन्य (2013
11) एससीसी 58 प भ ोसा क ते हुए यह तक A प्रस्तुत विकया गया है विक आर्वोेदन प्राप्त होने की अंधितम ता ीख को पात्रता मानदंड/शतq की जां* की जानी *ाविहए। अपीलार्थिर्थीयों ने आर्वोेदन प्रस्तुत क ने की अंधितम धितथिर्थी की कर्टे ऑy धितथिर्थी क े बाद अपेधिक्षत प्रमाण पत्र प्राप्त क लिलए र्थीे, प्रश्नगत पद प उनक े *यन क े लिलए उधि*त रूप से विर्वो*ा नहीं विकया गया र्थीा। (v) ओबीसी-एनसीएल औ ईडब्ल्यूएस की श्रेणी क े तहत आ क्षण उlमीदर्वोा ों की र्वोतAमान आर्थिर्थीक न्धिस्र्थीधित क े आ ा प है, जबविक व्यविo की जाधित न्धिस्र्थीधित अर्थीाAत, एससी, एसर्टेी या ओबीसी क े उlमीदर्वोा की जाधित की न्धिस्र्थीधित उस व्यविo क े जन्म प विनभA क ेगी जो का क न्धिस्र्थी हता है। अत: अन्य विपछड़ा र्वोगA-एनसीएल एर्वों ईडब्ल्यूएस श्रेणी की गधितशील न्धिस्र्थीधित को देखते हुए स का ने विदनांक 08.08.2009 एर्वों 09.09.2015 को सक्षम प्राधि का ी द्वा ा अपेधिक्षत प्रमाण पत्र जा ी क ने हेतु परि पत्र जा ी विकया र्थीा, सिजसक े अनुसा अपीलकताAओं को ऐसे सक्षम प्राधि कारि यों द्वा ा उo परि पत्रों क े अनुसा जा ी विकया गए र्वोै प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने र्थीे सिजन्हें अपीलकताA र्वोतAमान मामलों में प्रस्तुत क ने में विर्वोyल हे र्थीे। विर्वोश्लेषण औ तक A:-
14. शुरुआत में, यह ध्यान देने योग्य है विक एससी/एसर्टेी/ओबीसी- एनसीएल/एमबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस जैसे आ धिक्षत श्रेथिणयों से संबंधि त व्यविoयों को प्रमाण पत्र भा त क े संविर्वो ान में विनविहत प्रार्वो ानों औ इस न्यायालय द्वा ा समय- समय प विन ाAरि त विदशाविनदशों/सिसद्धांतों को ध्यान में खते हुए संबंधि त ाज्य स का ों क े सक्षम प्राधि कारि यों द्वा ा जा ी विकए जा हे हैं। विकसी व्यविo की न्धिस्र्थीधित इस बात प विनभA क ती है विक र्वोह अनुसूधि*त जाधित या अनुसूधि*त जनजाधित श्रेणी से संबंधि त है या नहीं, औ इस त ह की न्धिस्र्थीधित अपरि र्वोर्तितत हेगी औ न्धिस्र्थी हेगी, हालांविक, विकसी व्यविo की न्धिस्र्थीधित *ाहे र्वोह ओबीसी-एनसीएल/एमबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस से संबंधि त हो, यह उसकी सामासिजक औ आर्थिर्थीक न्धिस्र्थीधित प विनभA क ेगा औ इस त ह की न्धिस्र्थीधित उसकी आय क े आ ा प बदलती हेगी औ इसलिलए गधितशील होगी। कानून की यह बहुत अच्छी त ह से स्र्थीाविपत न्धिस्र्थीधित है विक अनुसूधि*त जाधित औ अनुसूधि*त जनजाधित क े व्यविoयों को एक अलग श्रेणी क े रूप में माना जाता र्थीा औ माना जाता है, औ "क्रीमी लेय "का सिसद्धांत उo श्रेथिणयों प लागू नहीं होता है। यह क े र्वोल सामासिजक औ आर्थिर्थीक रूप से विपछड़े र्वोगq से संबंधि त व्यविoयों प लागू होता है। yलस्र्वोरूप, ओबीसी-एनसीएल/एमबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस श्रेथिणयों से संबंधि त व्यविoयों को प्रमाण पत्र जा ी क ने की धितथिर्थी यह सुविनधिश्चत क ने क े उद्देश्य से महत्र्वोपूणA हो जाती है विक क्या विकसी विर्वोशेष आ धिक्षत श्रेणी से संबंधि त होने का दार्वोा क ने र्वोाला उlमीदर्वोा र्वोास्तर्वो में इस श्रेणी क े तहत पद क े लिलए आर्वोेदन क ने की धितथिर्थी को या विर्वोज्ञापन में विन ाAरि त धितथिर्थी को इस श्रेणी से संबंधि त र्थीा ।
15. इस संबं में, पक्षका ों क े लिलए विर्वोद्वान अधि र्वोoाओं द्वा ा विकए गए तकq प ध्यान देने से पहले, हम आ क्षण क े संधिक्षप्त इधितहास में झांकते हैं, विर्वोशेष रूप से "अन्य विपछड़े र्वोगq"औ "आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगq"की श्रेणी क े लिलए, सिजसक े मैं संबन्धिन् त हूँ।"अन्य विपछड़ा र्वोगA"श्रेणी क े लिलए आ क्षण क े मुद्दे प सबसे ऐधितहासिसक विनणAय इंविद ा साहनी र्वो अन्य बनाम भा त संघ र्वो अन्य 1992 एसयूपीपी (3) 217 क े मामले में नौ- न्याया ीशों की खंडपीठ का विनणAय है। सिजसमें यह देखा गया विक विपछड़े र्वोगA में विपछड़े र्वोगA का एक तबका है जो समाज क े संपन्न तबक े से ताल्लुक खता है औ जीर्वोन में आगे बढ़ने क े लिलए विकसी त ह क े आ क्षण क े योग्य नहीं है। बहुमत क े y ै सले में न्याया ीश बी.पी. जीर्वोन ेड्डी द्वा ा, "जीविर्वोका सा न की जां*"औ "क्रीमी लेय "शीषAक क े तहत इस मुद्दे प विर्वो*ा विकया गया विक "जीविर्वोका सा न की जां*'विपछड़े र्वोगA क े व्यविoयों को बाह क ने क े उद्देश्य से एक आय सीमा लागू क ने का प्रतीक है, सिजनकी आय उo सीमा से ऊप है, (क्रीमी लेय से संबंधि त व्यविoयों क े रूप में भी संदर्थिभत)। आगे यह ाय व्यo की गई विक क्रीमी लेय का अपर्वोजAन सामासिजक उन्नधित क े आ ा प होना *ाविहए न विक क े र्वोल आर्थिर्थीक मानदंडों क े आ ा प ।इसक े सार्थी ही व्यविo द्वा ा ारि त संपलिƒ की सीमा तक आय को सामासिजक प्रगधित क े एक उपाय क े रूप में लिलया जा सकता है औ उस आ ा प सभी दी गई जाधित/समुदाय/व्यार्वोसाधियक समूह की क्रीमी लेय को एक र्वोास्तविर्वोक विपछड़े र्वोगA में पहुं*ने क े लिलए बाह खा जा सकता है।यह आगे भी ाय व्यo की गई विक ाज्य क े लिलए विपछड़े र्वोगq को उनक े सापेक्ष सामासिजक विपछड़ेपन क े आ ा प विपछड़े औ अधि क विपछड़े र्वोगq में र्वोग6क ृ त क ना अस्र्वोीकायA नहीं है।बहुमत द्वा ा विनपर्टेाए गए विर्वोथिभन्न प्रश्नों का उƒ देते हुए अंत में यह विनष्कषA विनकाला गया विक अन्य बातों क े सार्थी-सार्थी (i) 'क्रीमी लेय 'को अपर्वोर्जिजत विकया जा सकता है औ विकया जाना *ाविहए; (ii) र्वोगA को विपछड़े र्वोगA क े रूप में नाविमत क ने क े लिलए यह आर्वोश्यक नहीं है विक र्वोह अनुसूधि*त जाधित/अनुसूधि*त जनजाधित क े समान न्धिस्र्थीत हो; (iii) नागरि कों क े विपछड़े र्वोगA की पह*ान क े र्वोल औ विर्वोशेष रूप से आर्थिर्थीक मानदंडों क े संदभA में नहीं की जा सकती है।विनधिश्चत रूप से स का या अन्य प्राधि क ण क े लिलए जाधित क े संदभA क े विबना व्यर्वोसाय-सह-आय क े आ ा प नागरि कों क े विपछड़े र्वोगA की पह*ान क ने की अनुमधित है, यविद ऐसा सलाह दी जाती है; (iv) नागरि कों क े विपछड़े र्वोगq को विपछड़े या अधि क विपछड़े र्वोगq में र्वोग6क ृ त क ने क े लिलए कोई संर्वोै ाविनक ोक नहीं है; (v) भा त स का औ ाज्य स का ों क े पास आयोग आविद की प्रक ृ धित में एक स्र्थीायी तंत्र बनाने की शविo है औ उन्हें ऐसा क ना *ाविहए।
16. एम. नाग ाज र्वो अन्य बनाम भा त संघ र्वो अन्य (2006) 8 एससीसी 212 क े मामले में एक अन्य महत्र्वोपूणA विनणAय में, संविर्वो ान पीठ ने "औप*ारि क समानता"औ "आनुपाधितक समानता"की अर्वो ा णाओं को लाभ औ भा ों क े विर्वोत ण क े आ ा क े रूप में प्रधितपाविदत क ते हुए, इंद्र साहनी (सुप्रा) क े मामले में विर्वोकसिसत "क्रीमी लेय "की अर्वो ा णा को संदर्थिभत विकया, औ विनlनलिललिखत रूप में ाय दीः- "120. इस स्त प, एक पहलू का उल्लेख क ने की आर्वोश्यकता है।सामासिजक न्याय लाभ औ भा ों क े विर्वोत ण से संबंधि त है। विर्वोत ण का आ ा अधि का ों, आर्वोश्यकताओं औ सा नों क े बी* संघषA का क्षेत्र है। इन तीन मानदंडों को समानता की दो अर्वो ा णाओं अर्थीाAत औप*ारि क समानता औ आनुपाधितक समानता क े अंतगAत खा जा सकता है।औप*ारि क समानता का अर्थीA है विक कानून सभी क े सार्थी समान व्यर्वोहा क ता है। समतार्वोादी समानता की अर्वो ा णा आनुपाधितक समानता की अर्वो ा णा है औ यह उlमीद क ती है विक ाज्य लोकतांवित्रक ाजनीधित क े ढां*े क े भीत समाज क े र्वोंधि*त र्वोगq क े पक्ष में सका ात्मक का Aर्वोाई क ेंगे। इंविद ा साहनी [1992 सप. (3) एससीसी 217: 1992 एससीसी (एल एंड एस) सप. 1: (1992) 22 एर्टेीसी 385] में पांधिडयन को छोड़क सभी न्याया ीशों ने कहा विक क्रीमी लेय को आ क्षण क े लिलए विन ाAरि त सं धिक्षत समूह से बाह क ने क े लिलए "जीविर्वोका सा न प ीक्षण"को अपनाया जाना *ाविहए। इंविद ा साहनी [1992 सप (3) एससीसी 217:1992 एससीसी (एल एंड एस) सप 1: (1992) 22 एर्टेीसी 385] में इस न्यायालय ने इसलिलए, जाधित को विपछड़ेपन क े विन ाA क क े रूप में स्र्वोीका विकया औ विy भी इसने मAविन पेक्षता क े सिसद्धांत क े सार्थी एक संतुलन बनाया है जो विक क्रीमी लेय की अर्वो ा णा को लाक संविर्वो ान की मूल विर्वोशेषता है..."
17. अशोक क ु मा ठाक ु बनाम यूविनयन ऑy इंधिडया र्वो अन्य (2008) 6 एससीसी 1 क े मामले में संविर्वो ान पीठ क े एक अन्य महत्र्वोपूणA y ै सले में,इंद्रा साहनी (उप ोo) में पेश विकए गए "क्रीमी लेय "क े सिसद्धांत का सिजक्र क ते हुए, विy से यह ाय दी गई विक: "168. जैसा विक पहले देखा गया है, विपछड़े र्वोगA का विन ाA ण विर्वोशेष रूप से जाधित प आ ारि त नहीं हो सकता है। ग ीबी, सामासिजक विपछड़ापन, आर्थिर्थीक विपछड़ापन, ये सभी विपछड़ेपन क े विन ाA ण क े मापदंड हैं। इंद्रा साहनी [1992 सप (3) एससीसी 217: 1992 एससीसी (एल एंड एस) सप 1: (1992) 22 एर्टेीसी 385] क े मामलें मे यह ध्यान विदया गया है विक विपछड़े र्वोगA क े बी*, विपछड़े र्वोगA का एक र्वोगA समाज क े समृद्ध र्वोगA का सदस्य है। र्वोे जीर्वोन में आगे की प्रगधित क े लिलए विकसी प्रका क े आ क्षण क े पात्र नहीं हैं। र्वोे अन्य उlमीदर्वोा ों क े सार्थी सामान्य सीर्टेों क े लिलए प्रधितस्प ाA क ने क े लिलए सामासिजक औ शैधिक्षक रूप से काyी उन्नत हैं। 169.…
170. यह समझना है विक क्रीमी लेय सिसद्धान्त क े र्वोल इस आ ा प विकसी विर्वोथिशष्ट जाधित क े एक खंड को अपर्वोर्जिजत क ने क े लिलए लागू विकया गया है विक र्वोे आर्थिर्थीक रूप से उन्नत या शैधिक्षक रूप से आगे हैं। उन्हें बाह खा गया है क्योंविक जब तक जाधित क े इस खंड को उस जाधित समूह से बाह नहीं विकया जाता है, तब तक विपछड़े र्वोगA की उधि*त पह*ान नहीं हो सकती है। यविद क्रीमी लेय क े सिसद्धांत को लागू नहीं विकया जाता है, तो यह आसानी से कहा जा सकता है विक सामासिजक औ शैधिक्षक रूप से विपछड़े र्वोगq में शाविमल सभी जाधितयों को विर्वोशेष रूप से जाधित क े आ ा प शाविमल विकया गया है। क े र्वोल जाधित क े आ ा प अनुच्छेद 15 (4), 15 (5) या 16 (4) क े प्रयोजन क े लिलए एसईबीसी की पह*ान इस न्यायालय क े विर्वोथिभन्न विनणAयों द्वा ा स्पष्ट रूप से विनविषद्ध है औ यह संविर्वो ान क े अनुच्छेद 15 (1) औ अनुच्छेद 16 (1) क े लिखलाy भी है।इन शतq को पू ा क ने औ सही मायने में यह पता लगाने क े लिलए विक सामासिजक औ शैधिक्षक रूप से विपछड़ा र्वोगA क्या है, "क्रीमी लेय "का अपर्वोजAन आर्वोश्यक है। 171-185..… यह आगे अथिभविन ाAरि त विकया गया र्थीा:
186. इसक े अलार्वोा, शुरू से ही, अनुसूधि*त जाधितयों औ अनुसूधि*त जनजाधितयों को एक अलग श्रेणी क े रूप में माना जाता र्थीा औ विकसी ने कभी भी ऐसे र्वोगq की पह*ान प विर्वोर्वोाद नहीं विकया। जबतक "क्रीमी लेय "को समानता क े सिसद्धांतों में से एक क े रूप में लागू नहीं विकया जाता है, तब तक इसे अनुसूधि*त जाधितयों औ अनुसूधि*त जनजाधितयों प लागू नहीं विकया जा सकता है।अब तक, यह क े र्वोल सामासिजक औ शैधिक्षक रूप से विपछड़े र्वोगq की पह*ान क ने क े लिलए लागू विकया जाता है।हम यह स्पष्ट क ते हैं विक आ क्षण क े उद्देश्य से क्रीमी लेय क े सिसद्धांत अनुसूधि*त जाधितयों औ अनुसूधि*त जनजाधितयों प लागू नहीं होते हैं।”
18. जहां तक आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA की श्रेणी का संबं है, संसद ने 103 र्वोें संशो न द्वा ा भा त क े संविर्वो ान क े अनुच्छेद 15 में खंड (6) औ अनुच्छेद 16 में खंड (6) अंतःस्र्थीाविपत विकया गया र्थीा।उo संशो न क े उद्देश्यों औ का णों क े विर्वोर्वो ण में, यह कहा गया र्थीा विक नागरि कों क े आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगA आ क्षण क े लाभ क े पात्र नहीं हैं औ अनुच्छेद 46 क े अधि देश को पू ा क ने औ यह सुविनधिश्चत क ने क े लिलए विक आर्थिर्थीक रूप से कमजो र्वोगq को उच्च थिशक्षा प्राप्त क ने औ ाज्य की सेर्वोाओं में ोजगा में भागीदा ी का उधि*त अर्वोस प्राप्त हो, भा त क े संविर्वो ान में संशो न क ने का विनणAय लिलया गया र्थीा। उo 103 र्वोें संशो न की संर्वोै ाविनक र्वोै ता को जनविहत अथिभयान बनाम भा त संघ डबल्यू.पी.(सी) 55/2019 क े मामले में इस न्यायालय क े समक्ष *ुनौती दी गई र्थीी औ विदनांक 07.11.2022 क े विनणAय द्वा ा 3:2 द्वा ा उo संशो न की र्वोै ता को ब क ा खा गया र्थीा।
19. उप ोo विनणAयों को उद्धृत क ने का का ण क े र्वोल यह प्रदर्थिशत क ना है विक श्रेणी एससी औ एसर्टेी क े तहत आ क्षण का दार्वोा क ने र्वोाले उlमीदर्वोा ों की न्धिस्र्थीधित न्धिस्र्थी होगी, जबविक ओबीसी-एनसीएल, एमबीसी-एनसीएल औ ईडब्ल्यूएस श्रेणी क े तहत आ क्षण का दार्वोा क ने र्वोाले उlमीदर्वोा ों की न्धिस्र्थीधित प्रर्वोाही, गधितशील औ न्धिस्र्थी नहीं होगी। इन परि न्धिस्र्थीधितयों में, ाज्य स का ें विकसी व्यविo की आर्थिर्थीक न्धिस्र्थीधित औ ओबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस श्रेथिणयों से संबंधि त व्यविoयों को प्रमाण पत्र जा ी क ने क े लिलए अपनाई जाने र्वोाली पद्धधित या प्रविक्रया तय क ने क े लिलए पात्रता मानदंड विन ाAरि त क ते हुए समय-समय प विदशा-विनदश जा ी क ही हैं।
20. र्वोतAमान मामले में, ाजस्र्थीान ाज्य ने जाधित प्रमाण पत्र की र्वोै ता अर्वोधि क े संबं में विदनांक 09.09.2015 का परि पत्र जा ी विकया र्थीा, सिजसमें अन्य बातों क े सार्थी सार्थी सार्थी-सार्थी यह कहा गया र्थीा विक एससी/एसर्टेी क े लिलए जा ी विकए गए जाधित प्रमाण पत्रों की र्वोै ता आजीर्वोन होगी, जबविक ओबीसी क े लिलए क े र्वोल एक बा ही प्रमाण पत्र जा ी विकया जाएगा, औ नॉन-क्रीमी लेय का प्रमाण पत्र एक र्वोषA क े लिलए मान्य होगा। हालांविक, एक बा नॉन-क्रीमी लेय का प्रमाण पत्र जा ी होने क े बाद औ यविद आर्वोेदक बाद क े र्वोषA में भी गै -क्रीमी लेय की श्रेणी में बना हता है, तो ऐसी न्धिस्र्थीधित में उसक े द्वा ा विन ाAरि त प्रपत्र में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत विकया जाएगा, सिजसक े मामले में पहले जा ी विकया गया गै -क्रीमी लेय प्रमाण पत्र र्वोै माना जाएगा औ ऐसी प्रविक्रया का अधि कतम तीन साल की अर्वोधि क े लिलए पालन विकया जा सकता है। उo परि पत्र 09.09.2015 को आगे परि पत्र विदनांक 08.08.2019 द्वा ा स्पष्ट विकया गया र्थीा सिजसमें यह कहा गया र्थीा विक अन्य विपछड़ा र्वोगA का जाधित प्रमाण पत्र एक र्वोषA क े लिलए र्वोै होगा, हालांविक ऐसी न्धिस्र्थीधित में जहां आर्वोेदक को "क्रीमी लेय में नहीं आने"का प्रमाण पत्र जा ी विकया गया है, औ यविद ऐसा आर्वोेदक बाद क े र्वोषA में भी "क्रीमी लेय "क े अंतगAत नहीं आता है, तो उस न्धिस्र्थीधित में, पहले जा ी विकया गया प्रमाण पत्र "नॉन-क्रीमी लेय "क े अंतगAत आने र्वोाले को उनक े द्वा ा सत्याविपत शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ने प र्वोै माना जाएगा, सिजसका पालन अधि कतम तीन र्वोषA की अर्वोधि क े लिलए विकया जा सकता
21. जहां तक र्वोतAमान मामले क े तथ्यों का संबं है, जैसा विक विदनांक 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन खंड 6 में कहा गया है, अनुसूधि*त जाधित / अनुसूधि*त जनजाधित / अन्य विपछड़ा र्वोगA-एनसीएल / एमबीसी-एनसीएल / ईडब्ल्यूएस की श्रेथिणयों क े तहत आ क्षण का दार्वोा क ने र्वोाले उlमीदर्वोा ों को विन ाAरि त प्रारूप में विनयमों क े अनुसा सक्षम प्राधि का ी द्वा ा विर्वोधि र्वोत जा ी र्वोै प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ना होगा। विर्वोज्ञापन क े महत्र्वोपूणA विनदशों में यह भी कहा गया र्थीा विक आर्वोेदन में भ ी गई श्रेणी विकसी भी परि न्धिस्र्थीधित में नहीं बदली जाएगी, औ उlमीदर्वोा ों को ाजस्र्थीान उच्च न्यायालय या संबंधि त विनयुविo प्राधि का ी द्वा ा आर्वोश्यक होने प सभी मूल दस्तार्वोेजों/प्रमाणपत्रों का उत्पादन क ने की आर्वोश्यकता होगी, सिजसक े आ ा प उन्होंने आ क्षण का दार्वोा विकया र्थीा।
22. विदनांक 22.07.2021 क े उo विर्वोज्ञापन में विनविहत उo विनदशों क े संबं में, इसमें कोई संदेह नहीं है विक यविद विकसी उlमीदर्वोा ने आ धिक्षत श्रेथिणयों में से विकसी क े तहत आर्वोेदन विकया र्थीा, तो उसक े पास इस श्रेणी क े तहत आर्वोेदन क ने क े लिलए अपनी पात्रता विदखाने क े लिलए विन ाAरि त प्रारूप में सक्षम प्राधि का ी द्वा ा जा ी र्वोै प्रमाण पत्र होने की अपेक्षा र्थीी। उo विर्वोज्ञापन क े खंड 17 में र्वोर्थिणत इस त ह क े आर्वोेदन क ने की समय सीमा 31.08.2021 को शाम 5 बजे तक र्थीी। इन परि न्धिस्र्थीधितयों में, उlमीदर्वोा क े पास आर्वोेदन क ने की धितथिर्थी या आर्वोेदन जमा क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 को यह विदखाने क े लिलए अपेधिक्षत प्रमाण पत्र होना *ाविहए विक र्वोह संबंधि त आ धिक्षत श्रेणी से संबंधि त है। संबंधि त उlमीदर्वोा द्वा ा प्रस्तुत विकए जाने र्वोाले इस त ह क े प्रमाण पत्र को ाज्य स का द्वा ा विदनांक 09.09.2015 को जा ी परि पत्रों क े अनुरूप सक्षम प्राधि का ी द्वा ा जा ी एक र्वोै प्रमाण पत्र होना *ाविहए औ जैसा विक परि पत्र विदनांक 08.08.2019 में स्पष्ट विकया गया है। जो इस त ह क े प्रमाणपत्रों की र्वोै ता क े संबं में मुद्दे को विनयंवित्रत क ता है।
23. विन:सन्देह, सभी अपीलकताAओं क े पास उनक े आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 क े बाद जा ी विकए गए प्रमाण पत्र र्थीे। जहां तक ओबीसी- एनसीएल श्रेणी का संबं र्थीा, अपीलकताA ज्योधित बेनीर्वोाल ने विदनांक 25.07.2022 को ओबीसी-एनसीएल प्रमाणपत्र प्रस्तुत विकया र्थीा, अपीलकताA साक्षी अ हा क े पास विदनांक 12.08.2022 का प्रमाणपत्र र्थीा, अपीलकताA विप्रयंका क े पास विदनांक 20.06.2022 का प्रमाणपत्र र्थीा, अपीलकताA भव्य क ु ल्हड़ क े पास विदनांक 16.06.2022 का प्रमाणपत्र र्थीा, अपीलकताA नेहा बता क े पास विदनांक 21.06.2022 का प्रमाणपत्र र्थीा औ अपीलकताA विनलिखल कर्टेारि या क े पास विदनांक 09.06.2022 का प्रमाणपत्र र्थीा। जहां तक एमबीसी-एनसीएल का संबं है, अपीलकताA सुनील सिंसह गुजA क े पास 16.06.2022 का प्रमाण पत्र र्थीा औ अपीलकताA क ु लदीप भाविर्टेया क े पास 09.03.2022 का प्रमाण पत्र र्थीा.जहां तक ईडब्ल्यूएस श्रेणी का संबं है, अपीलकताA पारुल जैन क े पास 07.09.2021 को प्रमाण पत्र र्थीा।इस प्रका, सभी अपीलार्थिर्थीयों ने अपने संबंधि त प्रमाण पत्र प्रस्तुत विकए र्थीे, जो उनक े द्वा ा आर्वोेदन प्रस्तुत क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 क े बाद प्राप्त विकए गए र्थीे औ उन्होंने 09.09.2015 औ 08.08.2019 क े परि पत्रों क े अनुपालन में इसक े समर्थीAन में दस्तार्वोेज/शपर्थी पत्र भी प्रस्तुत नहीं विकए र्थीे। इसलिलए, साक्षात्का क े समय अपीलार्थिर्थीयों द्वा ा प्रस्तुत प्रमाण पत्र को र्वोै प्रमाण पत्र नहीं कहा जा सकता र्थीा, जैसा विक प्रधितर्वोादीगण द्वा ा विदनांक 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन में अविनर्वोायA विकया गया र्थीा।
24. अपीलार्थिर्थीयों क े विर्वोद्वान अधि र्वोoा द्वा ा यह तक A प्रस्तुत क ने का अनु ो विकया गया र्थीा विक अपीलार्थिर्थीयों द्वा ा प्रस्तुत विकए जाने र्वोाले प्रमाणपत्रों की र्वोै ता अर्वोधि क े बा े में विदनांक 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन में कोई विर्वोथिशष्ट धितथिर्थी का उल्लेख नहीं विकया गया र्थीा, औ बाद में विदनांक 04.08.2022 क े नोविर्टेस सिजसमें अपीलार्थिर्थीयों को प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने का विनदश विदया गया र्थीा, अत्यधि क अनुधि*त र्थीा, औ *यन की प्रविक्रया शुरू होने क े बाद खेल क े विनयमों को बदलने क े समान र्थीा। न्यायालय को उo तक A में कोई सा नहीं विमला। जैसा विक पहले बताया गया है, विर्वोज्ञापन में विर्वोथिशष्ट विनदश विदए गए र्थीे विक आ धिक्षत श्रेथिणयों क े तहत आर्वोेदन क ने र्वोाले उlमीदर्वोा ों को सक्षम प्राधि का ी द्वा ा जा ी विकए गए र्वोै प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने होंगे, औ इसलिलए ऐसे प्रमाण पत्र ाज्य स का क े विदनांक 09.09.2015 औ 08.08.2019 क े परि पत्रों क े अनुरूप होने *ाविहए, जो ऐसे प्रमाणपत्रों की र्वोै ता अर्वोधि को विनयंवित्रत क ते र्थीे। इसक े बाद प्रधितर्वोादी-उच्च न्यायालय द्वा ा विदनांक 04.08.2022 को विदया गया नोविर्टेस सिजसमें ओबीसी/एमबीसी (एनसीएल) से संबंधि त उlमीदर्वोा ों से यह अपेक्षा की गई र्थीी विक र्वोे आर्वोेदन पत्र जमा क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 से एक र्वोषA से पहले जा ी प्रमाण पत्र प्रस्तुत न क ें, जो ाज्य स का द्वा ा जा ी विकए गए उo े पूणAतया अनुरूप र्थीा।विदनांक 04.08.2022 क े उo नोविर्टेस में यह भी उल्लेख विकया गया र्थीा विक यविद ओबीसी/एमबीसी (एनसीएल) प्रमाण पत्र 31.08.2018 औ 30.08.2020 क े बी* जा ी विकया गया र्थीा, तो जाधित प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना र्थीा। ईडब्ल्यूएस श्रेणी क े लिलए, यह कहा गया र्थीा विक ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आ क्षण की मांग क े लिलए आर्वोश्यक आय औ संपलिƒ प्रमाण पत्र 01.04.2021 से पहले जा ी नहीं विकया गया होना *ाविहए र्थीा औ यविद आय औ संपलिƒ प्रमाण पत्र 01.04.2019 औ 31.03.2021 क े बी* जा ी विकया गया र्थीा, तो प्रमाण पत्र क े सार्थी विन ाAरि त प्रारूप में एक शपर्थी पत्र प्रस्तुत क ना र्थीा। इसमें विर्वोशेष रूप से उल्लेख विकया गया र्थीा विक एससी/एसर्टेी/ओबीसी/एमबीसी/ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जैसा भी मामला हो, आर्वोेदन पत्र जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी अर्थीाAत 31.08.2021 क े बाद जा ी नहीं विकया गया होना *ाविहए।आ धिक्षत श्रेणी क े उlमीदर्वोा ों से अपेधिक्षत प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने की अपेक्षा क ने र्वोाले ऐसे अनुदेशों को न तो अनुधि*त कहा जा सकता है औ न ही *यन प्रविक्रया शुरू होने क े बाद खेल क े विनयमों को बदलने क े रूप में समझा जा सकता है, र्वोे 22.07.2021 क े विर्वोज्ञापन में विदए गए अपेधिक्षत अनुदेशों क े अनुरूप हैं औ जाधित प्रमाण पत्रों की र्वोै ता अर्वोधि क े संबं में ाज्य स का द्वा ा जा ी े अनुरूप हैं।
25. यह कहना अनार्वोश्यक है विक जब कोई उlमीदर्वोा विकसी विर्वोशेष आ धिक्षत श्रेणी क े तहत आर्वोेदन क ता है, तो उसक े पास उस विर्वोशेष श्रेणी का प्रमाण पत्र होना आर्वोश्यक है, सिजस ता ीख को र्वोह उo श्रेणी क े तहत आर्वोेदन क ने क े लिलए अपनी पात्रता को विदखाने क े लिलए आर्वोेदन क ता है।यविद ऐसे प्रमाण पत्र उनक े आर्वोेदन की धितथिर्थी क े बाद या विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी क े बाद प्राप्त विकए जाते हैं, तो ऐसे प्रमाणपत्रों को र्वोै प्रमाण पत्र नहीं कहा जा सकता है, विर्वोशेष रूप से उन मामलों में जहां उlमीदर्वोा ओबीसी-एनसीएल क े तहत आर्वोेदन क ता है। या ईडब्ल्यूएस, कौन सी श्रेणी अत्यधि क गधितशील है औ न्धिस्र्थी नहीं है, क्योंविक उlमीदर्वोा की आय क े आ ा प उlमीदर्वोा की आर्थिर्थीक न्धिस्र्थीधित बदलती हती है
26. अपीलार्थिर्थीयों क े विर्वोद्वान अधि र्वोoा द्वा ा प्रस्तुत विकया गया तक A विक विर्वोज्ञापन में विनर्दिदष्ट एक विनधिश्चत धितथिर्थी क े अभार्वो में औ विनयमों में विकसी प्रार्वो ान की अभार्वो में, साक्षात्का की ता ीख प प्रस्तुत विकए गए प्रमाणपत्रों को र्वोै माना जाना *ाविहए, स्र्वोीका नहीं विकया जा सकता है।यद्यविप, अपीलार्थिर्थीयों क े विर्वोद्वान अधि र्वोoा द्वा ा डॉली छंदा बनाम अध्यक्ष, जेईई र्वो अन्य (उप ोo), ाम क ु मा विगज ोया बनाम विदल्ली अ ीनस्र्थी सेर्वोा *यन बोडA र्वो अन्य (उप ोo) औ कणA सिंसह यादर्वो बनाम स का विदल्ली (एनसीर्टेी) र्वो अन्य (एसएलपी (सी) संख्या 14948/2016)प भ ोसा क ने की मांग की गई र्थीी र्वोे अपीलकताAओं की शायद ही कोई मदद क हे हैं। डॉली छंदा (उप ोo) में, इस न्यायालय ने यह मत व्यo क ते हुए विक सबूत प्रस्तुत क ने से संबंधि त विनयम क े प्रत्येक उल्लंघन का परि णाम आर्वोश्यक रूप से उlमीदर्वोा ी की अस्र्वोीक ृ धित नहीं है, इस बात प जो विदया र्थीाः “7. सामान्य विनयम यह है विक विकसी भी पाठ्यक्रम या पद क े लिलए आर्वोेदन क ते समय, विकसी व्यविo क े पास इस उद्देश्य क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी को पात्रता होनी *ाविहए, या तो प्रर्वोेश विर्वोर्वो थिणका में या आर्वोेदन पत्र में, जैसा भी मामला हो, जब तक विक इसक े विर्वोप ीत कोई व्यo प्रार्वो ान न हो। इस संबं में अर्थीाAत विन ाAरि त धितथिर्थी तक पात्रता योग्यता खने क े मामले में कोई छ ू र्टे नहीं दी जा सकती है।इसे आर्वोश्यक प्रमाण पत्रों, उपाधि यों या अंकतालिलकाओं को प्रस्तुत क क े स्र्थीाविपत विकया जाना है।इसी प्रका आ क्षण या भा ांक आविद का लाभ लेने क े लिलए आर्वोश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत क ने होते हैं। ये र्वोे दस्तार्वोेज हैं जो विकसी विर्वोशेष योग्यता या प्राप्त अंकों क े प्रधितशत या आ क्षण क े लाभ क े हकदा होने क े प्रमाण क े रूप में हैं।"
27. ाम क ु मा विगज ोया (पूर्वो o) मामले में, इस न्यायालय की दो न्याया ीशों की पीठ ने उlमीदर्वोा को ओबीसी श्रेणी क े तहत संबंधि त पद प *यन क े लिलए पात्र पाया र्थीा, हालांविक इस संबं में प्रमाण पत्र विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत अंधितम धितथिर्थी क े बाद प्रस्तुत विकया गया र्थीा, हालांविक, इस न्यायालय क े दो अन्य न्याया ीशों की पीठ ने कणA सिंसह यादर्वो (पूर्वो o) में इस संबं में आपलिƒ व्यo की र्थीी औ मामले को विदनांक 24.01.2020 क े आदेश द्वा ा तीन न्याया ीशों की पीठ क े पास भेज विदया र्थीा। तीन न्याया ीशों की पीठ ने कणA सिंसह यादर्वो (उपयुAo) क े कथिर्थीत मामले में, हालांविक ाम क ु मा विगज ोया (उपयुAo) प भ ोसा क ते हुए, उo मामले में दो न्याया ीशों की पीठ द्वा ा विकए गए संदभA प ध्यान विदए विबना, विदनांक 28.09.2022 क े आदेश द्वा ा अपील का विनस्ता ण क विदया। विy भी, इन दोनों मामलों में से विकसी में भी कोई मुद्दा नहीं र्थीा विक क्या उlमीदर्वोा विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत आर्वोेदनों को जमा क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी क े बाद जा ी अपनी आ धिक्षत श्रेणी को दशाAने र्वोाला अपेधिक्षत प्रमाण पत्र प्रस्तुत क सकता र्थीा, जैसा विक र्वोतAमान अपीलों में विकया गया है।
28. इसक े अलार्वोा, विकसी भी अपीलकताA ने अपनी रि र्टे याधि*काओं में ऐसा कोई तक A नहीं विदया र्थीा विक उन्होंने समय प आर्वोेदन विकया र्थीा औ प्रमाण पत्र जा ी क ने में दे ी सक्षम अधि कारि यों की ओ से हुई र्थीी। माना जाता है विक विदनांक 09.09.2015 औ 08.08.2019 क े परि पत्रों में अनुध्यात ऐसा कोई शपर्थी पत्र या तो प्रमाण पत्र जा ी क ने र्वोाले सक्षम प्राधि का ी क े समक्ष या साक्षात्का क े समय संबंधि त उच्च न्यायालय क े समक्ष दाय नहीं विकया गया र्थीा, हालांविक, 04 अगस्त, 2022 क े नोविर्टेस में इंविगत क विदया गया र्थीा। विनष्कषA:-
29. यह अब पूणA नहीं है विक विर्वोज्ञापन में विन ाAरि त धितथिर्थी क े अभार्वो में आर्वोेदन आमंवित्रत क ना, सिजसक े संदभA में अपेधिक्षत पात्रता का विनणAय विकया जाना है, औ जब विनयम मौन हैं, तो क े र्वोल जां* की विनधिश्चत धितथिर्थी उlमीदर्वोा की पात्रता आर्वोेदन क ने की अंधितम धितथिर्थी होगी। यह नहीं कहा जा सकता है विक साक्षात्का या *यन की धितथिर्थी हमेशा अविनधिश्चत होगी औ धितथिर्थी की अविनधिश्चतता क े का ण विर्वोषम न्धिस्र्थीधित पैदा हो सकती है, यहां तक विक उन उlमीदर्वोा ों क े लिलए भी जो विनयुविo की धितथिर्थी प आ धिक्षत र्वोगA क े तहत आर्वोेदन क ने क े पात्र नहीं र्थीे। आर्वोेदन, आ धिक्षत श्रेणी क े तहत आर्वोेदन क सकते हैं औ बाद में साक्षात्का आयोसिजत होने तक प्रमाण पत्र प्राप्त क सकते हैं। ऐसी परि न्धिस्र्थीधित में, रि विष्ट क ने की संभार्वोना से भी इंका नहीं विकया जा सकता। र्वोतAमान मामले में, आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी 31.08.2021 र्थीी औ साक्षात्का अगस्त 2022 में विन ाAरि त की गई र्थीी। इसलिलए, आर्वोेदन जमा क ने की अंधितम धितथिर्थी औ साक्षात्का की धितथिर्थी क े बी* एक साल का अंत र्थीा, सिजस अर्वोधि क े दौ ान उlमीदर्वोा ों की क्रीमी लेय /नॉन-क्रीमी लेय /ईडब्ल्यूएस की आर्थिर्थीक एर्वों परि णामी न्धिस्र्थीधित भी बदल सकती है। इसलिलए, इस न्यायालय द्वा ा तय कानून की व्याख्या यह है विक विर्वोज्ञापन में विनर्दिदष्ट एक विनधिश्चत धितथिर्थी की अनुपन्धिस्र्थीधित में, औ जब विनयम भी मौन हैं, तो आर्वोेदन प्रस्तुत क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी उlमीदर्वोा ों की पात्रता की जां* की धितथिर्थी होगी।
30. इस न्यायालय क े तीन न्याया ीशों की खंडपीठ ने डॉ. एम.र्वोी. नाय बनाम भा त संघ र्वो अन्य, (1939) सी 429 2 एससी ने अन्य बातों क े सार्थी-सार्थी यह अथिभविन ाAरि त विकया विक आर्वोेदन प्राप्त क ने की अंधितम धितथिर्थी क े संदभA में अहAता औ पात्रता प विर्वो*ा विकया जाना *ाविहए, जब तक विक आर्वोेदन आमंवित्रत क ने र्वोाली अधि सू*ना में ही कोई धितथिर्थी विर्वोविनर्दिदष्ट न हो।
31. ेखा *तुर्वोदी बनाम ाजस्र्थीान विर्वोश्वविर्वोद्यालय र्वो अन्य 1993 सप्लीमेंर्टे (3) एससीसी 168 में, इस न्यायालय ने विनlनानुसा अथिभविन ाAरि त विकया: "10. यह तक A विक उlमीदर्वोा ों की आर्वोश्यक योग्यताओं की जां* *यन की ता ीख क े संदभA में की जानी *ाविहए, न विक आर्वोेदन क ने की अंधितम धितथिर्थी क े संदभA में, क े र्वोल अस्र्वोीका विकए जाने क े लिलए कहा गया है। *यन की ता ीख हमेशा अविनधिश्चत होती है। ऐसी धितथिर्थी की जानका ी क े अभार्वो में पदों क े लिलए आर्वोेदन क ने र्वोाले उlमीदर्वोा यह बताने में असमर्थीA होंगे विक र्वोे प्रश्नगत पदों क े लिलए योग्य हैं या नहीं, यविद उन्होंने अभी तक अहAता प्राप्त नहीं की है।जब तक विर्वोज्ञापन में योग्यता का विनणAय क ने क े लिलए एक विनधिश्चत धितथिर्थी का उल्लेख नहीं विकया जाता है, *ाहे र्वोह धितथिर्थी *यन की हो या अन्यर्थीा, तब तक उन उlमीदर्वोा ों क े लिलए पदों क े लिलए आर्वोेदन क ना भी संभर्वो नहीं होगा सिजनक े पास अपेधिक्षत योग्यता नहीं है। धितथिर्थी की अविनधिश्चतता भी एक विर्वोप ीत परि णाम का का ण बन सकती है, अर्थीाAत यहां तक विक र्वोे उlमीदर्वोा सिजनक े पास र्वोतAमान में योग्यता नहीं है औ भविर्वोष्य की अविनधिश्चत धितथिर्थी प उन्हें प्राप्त क ने की संभार्वोना है, र्वोे पदों क े लिलए आर्वोेदन क सकते हैं, इस प्रका आर्वोेदनों की संख्या बढ़ सकती है।लेविकन इससे भी बु ा परि णाम हो सकता है, सिजसमें यह कदा*ा क े लिलए एक गुंजाइश उत्पन्न क सकता है। *यन की ता ीख इस त ह से तय की जा सकती है या हे y े विकया जा सकता है विक क ु छ आर्वोेदकों को ध्यान में खा जाए औ दूस ों को मनमाने ढंग से अस्र्वोीका विकया जाए। इसलिलए, विर्वोज्ञापन/अधि सू*ना में विनर्दिदष्ट एक विनधिश्चत धितथिर्थी क े अभार्वो में आर्वोेदन आमंवित्रत क ने क े लिलए सिजसक े संदभA में अपेधिक्षत योग्यता का आकलन विकया जाना, योग्यता की जां* क े लिलए एकमात्र विनधिश्चत धितथिर्थी आर्वोेदन क ने की अंधितम धितथिर्थी होगी। इसलिलए, हमें यह मानने में कोई संको* नहीं है विक जब र्वोतAमान मामले में *यन सविमधित ने, जैसा विक श्री मनोज स्र्वोरूप ने तक A विदया र्थीा, आर्वोेदन प्रस्तुत क ने की अंधितम धितथिर्थी क े बजाय *यन की धितथिर्थी क े अनुसा अपेधिक्षत योग्यताओं प विर्वो*ा विकया, तो इसने की स्पष्ट अर्वोै ता क े सार्थी कायA विकया, औ इस आ ा प ही विर्वो*ा ा ीन *यन द्द विकए जाने योग्य हैं।इस संबं में यह न्यायालय क े हाल ही क े दो विनणAय ए. पी. लोक सेर्वोा आयोग, हैद ाबाद बनाम बी. श त *ंद्र [(1990) 2 एससीसी 669:1990 एससीसी (एल एंड एस) 377: (1990) 4 एसएलआ 235: (1990) 13 एर्टेीसी 708] औ सिजला कलेक्र्टे र्वो अध्यक्ष, विर्वोजयनग म समाज कल्याण आर्वोासीय विर्वोद्यालय सोसायर्टेी, विर्वोजयनग म बनाम एम. वित्रपु ा सुंद ी देर्वोी [(1990) 3 एससीसी 655:1990 एससीसी (एल एंड एस) 520: (1990) 4 एसएलआ 237:(1990) एर्टेीसी 766]। का भी संदभA ले सकता है।"
32. अशोक क ु मा शमाA र्वो अन्य बनाम *ंद शेख र्वो अन्य (1997) 4 एससीसी 18 में इस न्यायालय की तीन-न्याया ीशों की पीठ ने इस प्रका अथिभविन ाAरि त विकया:- "6. यह प्रस्तार्वो विक जहां आर्वोेदन दालिखल क ने की अंधितम धितथिर्थी क े रूप में विकसी विर्वोशेष धितथिर्थी को विन ाAरि त क ने क े लिलए आर्वोेदन आमंवित्रत विकए जाते हैं, उlमीदर्वोा ों की पात्रता को उस धितथिर्थी क े संदभA में आंका जाना *ाविहए औ क े र्वोल र्वोह धितथिर्थी ही एक सुस्र्थीाविपत धितथिर्थी है। एक व्यविo जो ऐसी विन ाAरि त धितथिर्थी क े बाद विन ाAरि त योग्यता प्राप्त क ता है, उस प विबल्क ु ल भी विर्वो*ा नहीं विकया जा सकता है।आर्वोेदन आमंवित्रत क ने क े लिलए जा ी विकया गया विर्वोज्ञापन या प्रकाथिशत अधि सू*ना जनता का प्रधितविनधि त्र्वो क ती है औ इसे जा ी क ने र्वोाला प्राधि का ी इस त ह क े प्रधितविनधि त्र्वो से बाध्य है। र्वोह इसक े विर्वोप ीत काम नहीं क सकता।इस प्रस्तार्वो क े पीछे एक का ण यह है विक यविद यह ज्ञात होता विक सिजन व्यविoयों ने विन ाAरि त धितथिर्थी क े बाद योग्यता प्राप्त की है, लेविकन साक्षात्का की धितथिर्थी से पहले उन्हें साक्षात्का क े लिलए उपन्धिस्र्थीत होने की अनुमधित दी जाएगी, तो अन्य समान रूप से खे गए व्यविo भी आर्वोेदन क सकते र्थीे।क े र्वोल इसलिलए विक क ु छ व्यविoयों ने इस बात क े बार्वोजूद आर्वोेदन विकया र्थीा विक उन्होंने विन ाAरि त धितथिर्थी तक विन ाAरि त योग्यताएं प्राप्त नहीं की र्थीीं, उन्हें प्रार्थीविमकता क े आ ा प नहीं माना जा सकता र्थीा।”
33. यह भी ध्यान देना प्रासंविगक है विक यविद अपीलकताAओं को विर्वोज्ञापन में उसिल्ललिखत आर्वोेदनों को जमा क ने क े लिलए विन ाAरि त अंधितम धितथिर्थी यानी 31.08.2021 क े बाद जा ी विकए गए प्रमाणपत्रों को पेश क ने की अनुमधित दे दी गई होती, तो अन्य उlमीदर्वोा समान रूप से प्रभाविर्वोत होते क्योंविक अपीलकताA उन्हें ऐसा अर्वोस नहीं देने क े लिलए थिशकायत क सकते हैं। अपीलकताA जो *ूककताA हैं, उन्हें उनक े द्वा ा प्रस्तुत विकए गए प्रमाणपत्रों को र्वोै क े रूप में स्र्वोीका क क े प्रार्थीविमकता नहीं दी जा सकती र्थीी, हालांविक उन्हें विर्वोज्ञापन में विन ाAरि त आर्वोेदन प्रस्तुत क ने की अंधितम धितथिर्थी क े बाद प्राप्त विकया गया र्थीा। स का ी परि पत्रों विदनांक 09.09.2015 औ 08.08.2019 क े अनुसा उo प्रमाणपत्रों क े सार्थी अपेधिक्षत शपर्थी-पत्र भी नहीं र्थीे।
34. मामले क े पूर्वो o तथ्यात्मक औ कानूनी पहलुओं क े मद्देनज, मुझे नहीं लगता विक उच्च न्यायालय द्वा ा आक्षेविपत विनणAय औ आदेश पारि त क ते समय कोई त्रुविर्टे की गई है। इस मामले को ध्यान में खते हुए, अपीलें गुणहीन होने क े का ण खारि ज की जाती है। न्याया ीश [बेला एम. वित्रर्वोेदी ] नई विदल्ली;
18. 05. 2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 16428/2022 से उत्पन्न) बनाम क े सार्थी सिसविर्वोल याधि*का संख्या............./ 2023 (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 18296-18299/2022 से उत्पन्न) (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 21644/2022 से उत्पन्न) (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 19179/2022 से उत्पन्न) (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 9544/2023 से उत्पन्न) (विर्वोशेष अनुमधित याधि*का (सिसविर्वोल) संख्या 5654/2023 से उत्पन्न) आदेश र्वोतAमान अपीलों में हमा े द्वा ा व्यo विकए गए विर्वोभासिजत दृविष्टकोण को देखते हुए, इस मामले को भा त क े माननीय मुख्य न्याया ीश क े समक्ष खा जाए ताविक मामले को एक उपयुo पीठ क े समक्ष खा जा सक े । हम आशा क ते हैं विक मामले की अविर्वोलंविबता को देखते हुए अपीलों की सुनर्वोाई में तेजी लाई जायेगी। न्याया ीश [अजय स्तोगी] न्याया ीश [बेला एम. वित्रर्वोेदी ] नई विदल्ली; 18 मई, 2023 यह अनुर्वोाद आर्दिर्टेविyथिशयल इंर्टेेलिलजेंस र्टेूल 'सुर्वोास'क े जरि ए अनुर्वोादक की सहायता से विकया गया है। अस्र्वोीक ण: यह विनणAय पक्षका को उसकी भाषा में समझाने क े लिलए सीविमत उपयोग क े लिलए स्र्थीानीय भाषा में अनुर्वोाविदत विकया गया है औ विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए इसका उपयोग नहीं विकया जा सकता है। सभी व्यार्वोहारि क औ आधि कारि क उद्देश्यों क े लिलए, विनणAय का अंग्रेजी संस्क ण प्रमाथिणक होगा औ विनष्पादन औ कायाAन्र्वोयन क े उद्देश्य से अंग्रेजी संस्क ण ही मान्य होगा ।