Miss Super Label v. U India E Yours Company Limited

Supreme Court of India · 16 May 2023
A. S. Bopanna; D. Pankaj Daya
Civil Appeal No. 3673 of 2015
civil appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that the appellant is entitled to compensation for fire damage to machinery under the insurance policy, rejecting the insurer's contention that rusting caused the loss, and directed payment of Rs. 2.1 crore with interest.

Full Text
Translation output
अ ितवे
भारतीय सव च यायालय
िस वल अपीलीय अिधका रता
िस वल अपील सं. 3673/2015
मैसस सुपर लेबल मै यूफ
ै च रंग क
ं . ...अपीलाथ (गण)
बनाम
यू इं डया ए योरस क
ं पनी िलिमटेड. ... यथ (गण)
िनणय
या., ए.एस. बोप ना
JUDGMENT

1. अपीलाथ एक पंजीकृ त साझेदार क ं पनी है जो मु य प से दवा िनमाताओं और अ य क ं पिनय ारा अपनी पै क ं ग साम ी पर िचपकने वाले लेबल क े प म उपयोग कए जाने वाले उ च ौ ोिगक लेबल को छापने क े यवसाय म लगी हुई है। अपीलाथ ने ऐसे यापार को करने क े िलए काफ ज टल और महँगी मशीन आयात कर अपने प रसर म लगवाई है| लगाई गई उ मशीनर म कनाडा से ‘ए वा ले स’ ांड क मशीनर और व जरलड से ‘गैलस-अरसोमा’ भी शािमल ह जो ज टल मु ण मशीनर ह। उ मशीनर को कसी भी नुकसान और हािन से सुर त करने क े िलए अपीलाथ ने यथ बीमा क ं पनी से एक ‘मानक अ न और वशेष जो खम’ नीित ा क थी। उ पॉिलसी क ु ल 3,35,30,000/- पए (क े वल तीन करोड़ पतीस लाख तीस हजार पए) क े कवर हेतु और दनांक 15.05.2003 से 30.08.2004 क अविध क े िलए मा य थी|

2. अपीलाथ क े मामले क े अनुसार जब यह थित थी तब दनांक 28.02.2004 को सुबह क े लगभग 7:50 बजे पर कारखाने म आग लगने क घटना हुई थी। आग ने कारखाने क े क ु छ ह स को ित त और न कर दया था जसम लांट और मशीनर, ईमारत, क चा माल और तैयार माल शािमल थे। इसिलए, अपीलाथ ने पॉिलसी का उपयोग कया और यथ बीमा क ं पनी क े पास 3,02,75,000/- पए (क े वल तीन करोड़ दो लाख पचह र हजार पए) क रािश क े िलए दावा दायर कया। अपीलाथ ने मैसस लॉस वशन एसोिसएशन ऑफ इं डया िलिमटेड को भी सूिचत कया था और उनसे जाँच करने का अनुरोध कया था।

3. या क े अनुसार बीमा क ं पनी ने नुकसान का आकलन करने क े िलए एक सव क, मैसस भा एसोिसए स, मुंबई को िनयु कया था। उ सव कगण को बीमा िनयामक और वकास ािधकरण क े तहत िनयम क े अनुसार छह मह ने से कम समय म एक रपोट तुत करने क आव यकता थी। सव क ने कई बार प रसर का िनर ण कया और सव क क े कहने पर अपीलाथ ने व जरलड म िनमाताओं से एक इंजीिनयर को मशीन का भौितक प से िनर ण करने और अपनी राय देने क े िलए भी बुलाया। इस संबंध म, अपीलाथ को लगभग 4,86,665/- पए (क े वल चार लाख िछयासठ हजार छह सौ पसठ पए) का खच भी उठाना पड़ा था। अपीलाथ का तक है क हालां क सव क ने 1,81,35,810/- पए (क े वल एक करोड़ इकासी लाख पतीस हजार आठ सौ दस पए) क े नुकसान को वीकृ त कया और नुकसान का आकलन दनांक 13.09.2004 और 07.10.2004 क े प क े आधार पर और बढ़ा व रपोट जमा करने पर यथ ने ितपूित को 16,15,606/- पए (क े वल सोलह लाख पं ह हजार छह सौ छह पए) तक वाउचर दनां कत 16.05.2005 से सीिमत कर दया। अपीलाथ ने इसे वीकार करने से इनकार कर दया और इसक े बजाय रा ीय उपभो ा ववाद िनवारण आयोग (सं ेप म, ‘एन.सी.ड.आर.सी.’) क े सम एक उपभो ा िशकायत दज क जसम 5,20,91,724/- पए (क े वल पाँच करोड़ बीस लाख इ यानवे हजार सात सौ चौबीस पए) क रािश का दावा कया गया जसम 2,26,61,376/- पए (क े वल दो करोड़ छ बीस लाख इकसठ हजार तीन सौ िछह र पए) क रािश भी शािमल थी, जो क सव क ारा नुकसान क े प म िनधा रत रािश थी और विभ न बक को देय याज भी था।

4. यथ गण ने अपीलाथ ारा कए गए दावे पर ववाद करते हुए अपना िल खत कथन दायर कया। यथ क े अनुसार, उनक े ारा द गई 16,15,606/- पए (क े वल सोलह लाख पं ह हजार छह सौ छह पए) क रािश का मू यांकन सव क ारा कया गया था और इस तरह यह अपीलाथ ारा दावे का पूण और अंितम िनपटान होगा। यथ ारा यह आरोप लगाया जाता है क अपीलाथ ने सव क ारा कए जा रहे मू यांकन क े समय सव कगण क े साथ सहयोग नह ं कया था। यह उनका मामला है क आयाितत मशीन क े संबंध म, िनमाताओं क े थानीय ितिनिध तकनीक प से मशीनर को हुए नुकसान को सा बत करने म असमथ थे य क उनक े पास इसे पूरा करने क े िलए कोई तकनीक वशेष ता या ान नह ं था। वदेश से आए मैसस गैलस क े इंजीिनयर ने त वीर क े आधार पर मशीन को पूण प से हािन बताया और प प से नह ं कहा क मशीन क मर मत नह ं क जा सकती है। यथ गण ने तक दया क इंजीिनयर यह नह ं बता सक े क आग क े कारण नुकसान क ै से हुआ था। वा तव म, यथ गण ने वशेष ारा तुत क गई रपोट पर ववाद कया था, ले कन उनक े ारा िनयु सव क और मैसस मैटे रयल टे नोलॉजी डेवलपमट सटर (सं ेप म, ‘एम.ट.ड.सी.’) क रपोट पर भरोसा करने क मांग क थी। उस संदभ म, उ ह ने 16,19,209/- पए (सोलह लाख उ नीस हजार दो सौ नौ पए मा ) क रािश जो उनक े ारा तुत क गई को उिचत ठहराने क कोिशश क है। जहां तक 2,26,61,376/- पए (क े वल दो करोड़ छ बीस लाख इकसठ हजार तीन सौ िछह र पए) क े दावे और नुकसान का आकलन है और यह तक दया गया था क यह अ मा णत है।

5. ित वरोध क पृ भूिम म, एन.सी.ड.आर.सी. ने सव क क रपोट को यान म रखा है और उसी क े आधार पर मशीनर क े भार जंग लगने से संबंिधत पहलू पर वचार कया है और इस बात पर यान क त कया है क या 4 से 5 घंटे क े भीतर जंग लगना तकनीक प से संभव है। इस संबंध म, एन.सी.ड.आर.सी. ने ‘ व कपी डया’ वेबसाइट म रण क े संबंध म राय का उ लेख कया है, जैसा क उसम समझाया गया है और जस क े आधार पर िनणय ारा इस िन कष पर पहुँचे ह क मशीनर म जंग लगना कई वष म हुआ था, न क आग क एक घटना और इसे बुझाने क े िलए हुए पानी क े िछड़काव क े कारण। उस कोण से, एन.सी.ड.आर.सी. ने अपीलाथ क े इस तक को साख नह ं द है क सव क ने पहले 2,26,61,376/- पए (दो करोड़ छ बीस लाख इकसठ हजार तीन सौ िछह र पए) क े नुकसान का आकलन कया था ले कन दूसर ओर उसने यथ क े इस तक को वीकार कया क अपीलाथ उनक े ारा ता वत 16,19,209/- पए (सोलह लाख उ नीस हजार दो सौ नौ पए) क क ु ल रािश का हकदार है। इसिलए, एन.सी.ड.आर.सी. ने अपने दनांक 24.02.2015 क े आदेश ारा राहत क 16,19,209/- पए (सोलह लाख उ नीस हजार दो सौ नौ पए) क उ रािश तक सीिमत कर 12 ितशत वा षक याज क े साथ िशकायत का िनपटान कया। अतः अपीलाथ ारा यिथत होने का दावा इस अपील म इस यायालय क े सम है।

6. हमने अपीलाथ क े व ान व र अिधव ा ी अ नभ चौधर और यथ क े व ान अिधव ा ी एस.एल. गु ा को व तृत प से सुना है और एन.सी.ड.आर.सी. ारा पा रत आदेश दनां कत 24.02.2015 स हत अपील क े पेपर का अ ययन कया है जो इसम आ े पत है।

7. शु आत म, यह यान देना आव यक है क जहां तक यथ ने ‘मानक अ न और वशेष जो खम’ क नीित जार क है जो दनांक 15.05.2003 से 30.08.2004 क अविध क े िलए वैध थी जसम 3,35,30,000/- पए (तीन करोड़ पतीस लाख तीस हजार पए) तक का नुकसान कवर हो रहा है जो क वीकृ त थित है। यह त य भी िन ववाद है क पॉिलसी क वैधता क े दौरान दनांक 28.02.2004 पर आग लगने क दुघटना हुई थी। आग लगने क े कारण हुआ क ु छ नुकसान जो ितपूित क े िलए नीित क े तहत आता है पर भी ववाद नह ं कया जा सकता है। यह त य क यथ गण ने नुकसान क मा ा िनधा रत क है और क ु ल 16,19,209/- पए (क े वल सोलह लाख उ नीस हजार दो सौ नौ पए) क रािश का भुगतान करने क पेशकश क है जो उनक े अनुसार लांट व मशीनर और अ य व तुओं को हुआ नुकसान/ ित थी जो यह इंिगत करता है क एकमा मु ा जो एन.सी.ड.आर.सी. ारा िनधा रत कया जाना था और अब इस यायालय ारा िनधा रत कया जाना है वह नुकसान क सीमा और मुआवजे क रािश क े संबंध म है जो पॉिलसी क े तहत दान क गई कवरेज क रािश क े भीतर यथ बीमा क ं पनी ारा भुगतान और ितपूित क जानी थी।

8. यथ बीमा क ं पनी ारा िनयु सव क मैसस भा एसोिसए स क रपोट दनां कत 28.03.2005 से पता चलता है क दनांक 28.02.2004 क उप थित पर यह दज कया गया है क अ नशमन दल क े वाहन सुबह 8:15 बजे पहुंचे थे और सुबह 10:30 बजे तक पानी का उपयोग करक े आग बुझाई थी। इस संबंध म, यह भी दज कया गया है क आग से हुए नुकसान क तुलना म पूरे थान पर हुए पानी क े िछड़काव से मशीनर को नुकसान हुआ था। सव क ारा दज अवलोकन यह है क तार क े नीचे मु त ‘ए वा ले स’ ं टंग ेस भा वत पाया गया था। इसक े अलावा ‘गैलस’ ं टंग मशीन, ‘ पगलर’ मशीन और ए.वी. ले सो लेट काउंटर सभी पानी से भा वत थे। रपोट म यह भी देखा गया क ‘गैलस’ और ‘ए वा ले स’ मशीन पर सभी मशीन और धातु क े रोलस पर पानी क े िनशान पाए गए थे, जन पर पानी क े िछड़काव क े कारण जंग लग गई थी। रपोट म यह भी संक े त दया गया था क आग लगने का संभा वत कारण शॉट स कट है और फायर गेड ने प रसर म थत सभी मशीन पर पानी का िछड़काव करक े इसे बुझा दया था। यह देखा गया है क जब उ ह ने प रसर का दौरा कया, तो ‘गैलस’ मशीन क े संबंध म लोहे क े सभी ह स म अलग-अलग मा ा म जंग लग गई थी और मशीन क े संचालन प म थत यां क और व ुत भाग पर पानी था। मशीन का पछला ह सा अ ु ण पाया गया। इसिलए यह िन कष िनकाला गया क जंग पानी क े िछड़काव क े कारण लगी थी।

9. जहां तक ‘ए वा ले स’ मशीन का संबंध है, यह संक े त दया गया था क मशीन आग क े ोत क े बहुत कर ब थत थी और यह पाया गया क ला टक क घु डयाँ आंिशक प से पघल गई थी; बजली क े तार जल गए थे और मु य िनयं ण क म पानी क े िनशान नह ं थे। इस तरह क रपोट क े अनुसरण म अपीलाथ और सव क क े बीच प ाचार का आदान- दान हुआ जसम अपीलाथ ारा मशीनर क मर मत क दशा म कए गए यास क े संबंध म ववरण तुत कए गए थे और मैसस ा फक टे नोलॉजी इंक. ने दनांक 17.04.2004 क े संचार ारा अपीलाथ को सूिचत कया था क मशीन क मर मत क लागत उिचत सीमा से अिधक होगी और मर मत क े बावजूद सव कृ मु ण गुणव ा क गारंट देने म समथ नह ं हो सकती है य क मु य े म पर धातु क वकृ ित को वापस से ठ क नह ं कया जा सकता है। मशीन क े खुले भाग म अित र पुज क आव यकता पर भी काश डाला गया था। यह उस पृ भूिम म है क मामले क े इस पहलू पर यान देते हुए सव क, ज ह ने दनांक 06.09.2004 पर 1,81,35,810/- पए (क े वल एक करोड़ इ यासी लाख पतीस हजार आठ सौ दस पए) का आकलन कया था और बीिमत य नामतः अपीलाथ क वीकृ ित क े िलए भेजा गया था ता क रपोट को अंितम प दया जा सक े, प ाचार क े आगे क े आदान- दान पर नुकसान क े आकलन को संशोिधत कया गया था।

10. यथ ने उस पृ भूिम म लॉस वशन एसोिसएशन ऑफ इं डया िलिमटेड से भी एक रपोट मांगी, जसने संभागीय बंधक और वकास अिधकार क े साथ दनांक 12.03.2004 पर साइट का दौरा करक े जांच क, इसक े अलावा व ुत क े बल आ द को नुकसान क े बल पर वचार करने क े संबंध म उपचारा मक उपाय का सुझाव दया था। यह यान दया गया क गम, धुएं और आग बुझाने वाले पानी क े कारण दो मु ण मशीन आंिशक प से ित त पाई ग । ले कन, हालाँ क यह देखा गया था क आग और उसक े बुझने क थित म 4 से 5 घंटे क समयाविध क े भीतर भार जंग लगना तकनीक प से संभव नह ं था। इसिलए यथ ने उ रपोट को यान म रखते हुए ितपूित को ऊपर बताए गए हद तक सीिमत कर दया था।

11. इस पहलू पर यान देते हुए, मैसस गैलस/ह डलबग इं डया ाइवेट िलिमटेड ारा आग लगने क े क ु छ घंट क े भीतर दनांक 29.02.2004 पर उप थित क े अनुसार तुत क गई रपोट को भी यान म रखा जाना चा हए। उ रपोट ने संक े त दया क मशीन को क ु ल नुकसान हुआ था और उिचत लागत क े साथ मर मत यो य नह ं थी। इसक े बाद व जरलड से आने वाले इंजीिनयर ने भी दनांक 05.10.2004 पर साइट का दौरा कया। दनांक 06.10.2004 क रपोट क े अनुसार, आग क े प रणाम व प मशीन को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा था और न तो इसे चालू कया जा सकता था, न ह साइट पर नवीनीकृ त/मर मत क जा सकती थी। उनक यह भी राय थी क ित का िनर ण करने क े िलए मशीन को पूर तरह से खोलना होगा और य द क ु छ बदलने क आव यकता है तो यह अ यिधक महंगा होगा। उ रपोट िनःसंदेह ह सव क क े सम उपल ध थी और सव क ने मु ण क सट कता और भारत म मर मत य नह ं क जा सकती थी क े संबंध म क ु छ उठाए थे। मैसस ह डलबग इं डया ाइ. िलिम. ने दनांक 05.01.2005 पर अपना उ र तुत कया जसम संक े त दया गया क प रसर आग से जल गया था और आग बुझाने क े िलए उपयोग कया जाने वाला मा यम पानी था। लेट और इ ेशन िसलडर, स यण तं, मशीन लाइ डंग सतह, ेस क लंबाई और चौड़ाई म विभ न थान पर बीय रंग जैसे गम ट ल क े भाग पर जंग क भार परत बन गई थी। यह तकनीक श द म संक े त दया गया था क मशीन सुधार यो य नह ं है|

12. जैसा क पहले उ लेख कया गया है यथ ने मैसस हेडलबग क रपोट क े बाद एम.ट.ड.सी. से भी रपोट ा क थी। एम.ट.ड.सी. ने अपनी रपोट दनां कत 06.01.2005 क े मा यम से देखा क आग और उसक े बुझने क थित म 4 से 5 घंटे क अविध क े भीतर भार जंग लगना तकनीक प से संभव नह ं है। यह संक े त कया गया क तकनीक प से वे आग और उसे बुझाने क े कारण 4 से 5 घंटे क े भीतर मह वपूण मा ा म जंग लगने क पु नह ं कर सक े ।

13. दूसर ओर अपीलाथ ने एम.ट.ड.सी. स हत मौजूदा रपोट क पृ भूिम म एक रपोट ा करने क े िलए भारतीय ौ ोिगक सं थान, पवई क सहायता मांगी। आई.आई.ट., पवई ने अपनी रपोट दनां कत 12.08.2006 ारा देखा क 4 से 5 घंटे क े भीतर जंग लगने क यवहायता का पर ण करने क े िलए थितय का अनुकरण उिचत नह ं था और इसे व सनीय नह ं माना जा सकता है। एम.ट.ड.सी. क रपोट म कहा गया था क आग लगने से पहले जंग लगी हुई थी जस पर ट पणी क गई और यह संक े त दया गया था क यह उनक अपनी ट प णय पर गलत या या थी। भारतीय ौ ोिगक सं थान (आई.आई.ट.), पवई ने अपनी रपोट म यह भी संक े त दया था क जंग और रण क े िलए आव यक सात शत वा तव म मौजूद थीं। रपोट ने उसक े काश म सुझाव दया क आग क दुघटना क े कारण मशीन का जंग लगना और रण हुआ है। यह सुझाव दया गया था क सव क क रपोट वै ािनक नह ं है और यह अिनणायक है।

14. विभ न चरण पर ा विभ न रपोट को नोट करने क े बाद, इस त य क े प म है क एक सव क ारा नुकसान क े मू य का आकलन करने क े िलए एक िन कष पर पहुंचने क आव यकता वीकृ त थित है। हालाँ क, बीमा क ं पनी ारा िनयु सव क क रपोट क े वपर त य द अिभलेख पर कोई अ य साम ी है तो उसे नजरअंदाज नह ं कया जा सकता है ले कन दावे क े िनपटान क े उ े य से भी नोट कया जाना आव यक है। इस संबंध म, अपीलाथ क े व ान व र अिधव ा ने रा ीय बीमा क ं पनी िलिमटेड बनाम हरे र एंटर ाइजेज (पी) िलिम. और अ य (2021) एससीसी ऑनलाइन एससीसी 628 म इस यायालय क े िनणय पर भरोसा कया है। जसम, अ य बात क े साथ-साथ यह देखा गया है क:- एक अनुमो दत सव क ारा नुकसान का आकलन दावे क े भुगतान या िनपटान क े िलए एक पूव शत है, ले कन सव क क रपोट आ खर और अंितम श द नह ं है। यह इतना अलंघनीय नह ं है क इसे अलग नह ं कया जा सकता है और यह िनणायक नह ं है। बीिमत य को हुए नुकसान क े संबंध म बीमाकता ारा दावे क े िनपटान क े िलए अनुमो दत सव क क रपोट आधार या नीव हो सकती है ले कन ऐसी रपोट न तो बीमाकता पर बा यकार है और न ह बीिमत य पर। उ ताव पर, हम िन त ह क कोई ववाद नह ं हो सकता है। सव क क रपोट को िन त प से सबूत क े एक भाग क े प म यान दया जा सकता है जब तक क सव क क रपोट क साम ी का खंडन करने क े िलए अिधक व सनीय सबूत अिभलेख पर नह ं लाए जाते|

15. उस पृ भूिम म, त काल त य म जहां प कार ारा कोई मौ खक सा य नह ं दया गया है और अंततः वचार उन रपोट पर आधा रत है जो अिभलेख पर उपल ध ह, रपोट क कृ ित और जस तरह से आग क दुघटना हुई थी और दावे क ओर ले जाने वाली थित का मू यांकन यायिनणायक यायालय ारा व तुिन तर क े से कया जाना है। इस संबंध म अपनी दलील क पु करने क े िलए व ान व र अिधव ा ने यू इं डया ए योरस क ं पनी िलिमटेड बनाम ज़ुआर इंड ज िलिमटेड और अ य (2009) 9 एससीसी 70 क े मामले म िनणय का उ लेख कया है जसम यह यायालय पहले क े िनणय का उ लेख करते हुए इस िन कष पर पहुंचा है क हजाने क े दावे पर वचार करते समय घटनाओं क ृंखला पर यान द जाना है। इस संबंध म नीचे उ लेख कया गया है:-

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14. य तः िनकट थ कारण क े अथ क े बारे म इस बंदु पर इस यायालय का कोई य िनणय नह ं है, ले कन वदेशी यायालय क े िनणय ह, और मुख कोण यह तीत होता है क िनकट थ कारण वह कारण नह ं है जो समय या थान म िनकटतम है, ब क स य और भावी कारण है जो एक िसलिसला या घटनाओं क ृंखला को गित देती है जो एक वतं ोत से काय कर रहे कसी अ य बल क े ह त ेप क े बना अंितम प रणाम लाता है।

16. इस कार, िलन गैस एंड इले क क ं. बनाम मे रडेन फायर इं योरस क ं. क े मामले म मैसाचुसे स सव च यायालय एक ऐसे मामले से संबंिधत था जहां वाद क इमारत क े तार टावर म आग लग गई थी, जसक े ारा बजली क तार को इमारत से ले जाया गया था। आग को तेजी से इमारत क े अ य ह स और साम ी क े साथ संपक क े बना बुझा दया गया और टावर व इसक साम ी को मामूली नुकसान हुआ था। हालां क, आग से दूर और उससे अछ ू ते इमारत क े एक ह से म, इंजन क े लाई ह ल क े अपक बल और उससे जुड़ उनक िघिनय से यवधान हुआ और इस यवधान से वाद क इमारत और मशीनर को काफ नुकसान पहुंचा।

17. िलन गैस एंड इले क क ं. म यह माना गया था क िनकट थ कारण समय या थान म िनकटतम कारण नह ं था और यह िमक उपकरण ारा काम कर सकता है, य क एक ृंखला क े अंत म एक व तु को दूसरे छोर पर लगाए गए बल ारा थानांत रत कया जा सकता है। हमेशा यह होता हैः या गलत कृ य और ित क े बीच एक अटूट संबंध था, एक िनरंतर चलन? दूसरे श द म, या त य घटनाओं क े िनरंतर म का गठन करते ह, जो एक ाकृ ितक सम बनाने क े िलए एक साथ जुड़े हुए ह, या गलत और ित क े बीच कोई नया और वतं कारण था?

22. वतमान मामले म, घटनाओं क कड़ से यह प है क आग नुकसान का सुघड़ और स य कारण थी। अगर आग नह ं लगी होती तो नुकसान भी नह ं होता और कोई ह त ेप करने वाला मा यम नह ं था जो नुकसान का एक वतं ोत हो। इसिलए हम सव कगण क े इस िन कष से सहमत नह ं हो सकते क आग दावेदार क मशीनर को नुकसान का कारण नह ं थी। इसक े अलावा, जनरल ए योरस सोसाइट िलिमटेड बनाम चांदमुल जैन म इस यायालय क एक सं वधान पीठ ारा यह ट पणी क गई थी क बीमा अनुबंध म अ प ता क े मामले म अ प ता का समाधान दावेदार क े प म और बीमा क ं पनी क े खलाफ कया जाना चा हए|

16. उपरो पृ भूिम म, त काल मामले म हम यान देते ह क दावे क े क े वल एक ह से को वीकार करने से पहले यथ ारा कया गया पूरा वचार और एन.सी.ड.आर.सी. ारा कया गया अंितम वचार मशीनर क े रण क े संबंध म संक ण मु े पर तीत होता है और इस संबंध म क या रण 4 से 5 घंटे क छोट अविध क े भीतर हो सकता है। हमार राय म, त काल त य म इस तरह क े वचार को गलत दशा द गई थी और इसिलए इसक े प रणाम व प गलत िन कष िनकला।

17. हम यान दते ह क वतमान मामले म, गत नीित एक ‘मानक आग और वशेष जो खम’ नीित है जो अनुल नक पी-2 से पी-5 म उपल ध है। इस नीित म इसम दए गए अपवाद को छोड़कर आग क े कारण होने वाले वनाश या ित क े संबंध म कवरेज शािमल है। यह त य क त काल मामले म आग दुघटना पॉिलसी क े िनवाह क े दौरान हुई थी और ऐसी दुघटना दुघटनावश हुई थी और इसने अपीलाथ गण क संप को नुकसान पहुंचाया था जसम वचाराधीन मशीनर भी शािमल है, ववाद म नह ं है। सव क क रपोट क े साथ मशीन से संबंिधत त वीर इंिगत करती ह क मशीनर पर जंग है। यह त य ववा दत नह ं है क उ मशीनर सट क मु ण क े िलए अ यिधक प र कृ त आयाितत मशीनर है। ऐसी थित म, जब इस तरह क आक मक आग क े कारण और इस तरह क आग को बुझाने क े िलए फायर गेड क सहायता मांगी गई और सव क क रपोट क े अनुसार भी फायर गेड ने उस मशीनर पर पानी और ऐसी अ य आग बुझाने वाली साम ी का िछड़काव कया था जो आग लगने वाले कमरे म रखी थी और फायर गेड ने सुबह 8:15 बजे से 10:30 क े बीच आग बुझाने का यास कया है जससे मशीनर को नुकसान हुआ है। वशेष क रपोट से यह ात होता है क उ मशीनर ारा कए जाने वाले सट क काम को यान म रखते हुए मशीनर मर मत से परे थी और इस बात क कोई गारंट नह ं थी क मशीन को खोलने क े बाद भी इसे ठ क करने का यास कया जाए तो यह अ छा प रणाम देगा।

18. इसक े वपर त त य यह है क यथ ने यह इंिगत करने क े िलए कोई सबूत नह ं दया है क वा तव म उसी मशीनर का उपयोग अपीलाथ गण ारा आग क दुघटना क े बाद या तो उसी तर क े से कया जा रहा है जैसा इसका उपयोग आग क दुघटना से पहले कया जा रहा था या मर मत क े बाद कया जा रहा था। एम.ट.ड.सी. को छोड़कर यह मानते हुए क रण क ु छ समय क े िलए हुई है, अ य सभी रपोट से पता चलता है क रण आग बुझाने क े िलए हुए पानी क े िछड़काव क े कारण हुई है। यह त य क अपीलाथ आग दुघटना क तार ख पर यवसाय चालू रख रहे थे ववा दत नह ं है। इसक े अलावा, कसी भी घटना म सव कगण क रपोट से यह नह ं पता चलता है क संबंिधत ितिथ पर मशीनर का उपयोग नह ं कया गया था। दूसर ओर, अपीलाथ गण ने ितवाद दया था क आग दुघटना से तुरंत पहले लेबल को छापने क े िलए उ ह ं मशीन का उपयोग कया जा रहा था और इसक े ाहक से मु त लेबल क गुणव ा क े संबंध म कोई िशकायत नह ं थी। यथ ने उ थित का वरोध करने क े िलए कोई वपर त साम ी नह ं रखी है। ऐसी पर थित म, हमार राय है क वतमान कृ ित क े त य म इस िन कष पर पहुंचने पर जोर देना क या 4 से 5 घंटे क अविध क े भीतर रण हो सकता है और उस संबंध म, एन.सी.ड.आर.सी. उस पहलू पर वचार करना जो क े वल सामा य श द म रण क प रभाषा पर आधा रत है, उिचत नह ं है।

19. त काल मामले क े सम मू यांकन म, जब दनांक 28.02.2004 पर आक मक आग वीकृ त थित है और मशीनर को हुए नुकसान क कृ ित को दज करने वाले सव क क रपोट दनां कत 28.03.2005 म भी वीकृ त थित है, तो एन.सी.ड.आर.सी. ारा क गई संक ण संरचना अ वीकाय है। दूसर ओर, घटनाओं क कड़ इस िन कष पर पहुंचेगी क आग क दुघटना से नुकसान हुआ है।

20. य द यह थित है, तो मु ा इस संबंध म होगा क अपीलाथ क े दावे को कस हद तक वीकार कया जाना आव यक है और यथ को उसी क ितपूित करने का िनदश दया जाए। इस संबंध म, हालां क अपीलाथ ारा 5,20,91,724/- पए (क े वल पांच करोड़ बीस लाख इ यानवे हजार सात सौ चौबीस पए) क रािश क े िलए दावा कया गया है और अपीलाथ क े व ान व र अिधव ा इंिगत करगे क अपीलाथ वतमान म दावे को 2,26,61,376/- पए (क े वल दो करोड़ छ बीस लाख इकसठ हजार तीन सौ िछह र पए) तक सीिमत करेगा। उस पृ भूिम म, य द पहली बार म सव क ारा कए गए मू यांकन क कृ ित को यान म रखा जाए तो उसम इंिगत रािश 1,81,35,810/- पए (एक करोड़ इ यासी लाख पतीस हजार आठ सौ दस पए मा ) क थी। हालाँ क, सव क और अपीलाथ क े बीच प ाचार क े आदान- दान पर, जो सव क क े सम अित र साम ी अिभलेख पर लाए थे ता क यह बताया जा सक े क मशीनर क मर मत नह ं क जा सकती है उसमे िनधा रत रािश 2,32,02,000/- पए (क े वल दो करोड़ ब ीस लाख दो हजार पए) थी।

21. इसिलए, य द इन सभी पहलुओं को यान म रखा जाता है तो इस समय अपीलाथ ारा सीिमत दावा अपीलाथ को हुई वा त वक हािन है। इसिलए हमार राय है क अपीलाथ 2,26,61,376/- पए (क े वल दो करोड़ छ बीस लाख िछयासठ हजार तीन सौ िछह र पए) क रािश का हक़दार होगा जसमे से 16,19,209/- पए (क े वल सोलह लाख उ नीस हजार दो सौ नौ पए) क रािश को घटाना होगा जो पहले बीमा क ं पनी ारा द गई थी और कायवाह क े वचाराधीन रहने क े दौरान बना कसी पूवा ह क े ा क गई थी, याज क े साथ, य द कोई ा हुआ हो। 2,10,42,167/- पए (क े वल दो करोड़ दस लाख बयालीस हजार एक सौ साठ पए) क शेष रािश का 6 ितशत वा षक याज क े साथ यथ ारा एन.सी.ड.आर.सी. क े सम िशकायत दज करने क तार ख से भुगतान कया जाएगा। इस िनणय क ित ा होने क तार ख से 8 स ाह क े भीतर इसका भुगतान कया जाएगा।

22. तदनुसार अपील को आंिशक प से अनुमित द जाती है।

23. लं बत आवेदन, य द कोई हो, का िनपटान कया जाता है।...................... या., (ए.एस. बोप ना)...................... या., (द पांकर द ा) नई द ली; 16 मई, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।