Kallu v. State of Uttar Pradesh

High Court of Allahabad · 15 May 2023
Abhay S. Oka; Rajesh Bimbadel
Appeal No. 1446/2014
criminal appeal_dismissed

AI Summary

The Supreme Court dismissed the appeal and upheld the conviction and life sentence of the accused for the murder of Duga based on credible eyewitness and medical evidence despite defense claims of false implication.

Full Text
Translation output
[अप्रति वेद्य]
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपील संख्या 1446/2014
कल्लू ... अपीलक ा'
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य ... प्रति वादी
निनर्ण'य
न्यायमूर्ति राजेश बिंबदल,
JUDGMENT

1. दाण्डि67क अपील संख्या 2003/1982 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 31.8.2007 क े निनर्ण'य को चुनौ ी दे े हुए व 'मान अपील दायर की गई है जिजसक े द्वारा मलखान, कल्लू और मा ा दीन की दोषजिसतिL और सजा को बरकरार रखा गया था।

2. यह घटना 27 माच' 1982 को अपराह्न लगभग 3.10 बजे हुई। उपयु'क्त ीन अभिभयुक्तों क े निवरुL दुगा' की हत्या की प्राथनिमकी दज' की गई। निदनांक 6.8.1982 क े निनर्ण'य द्वारा निवचारर्ण न्यायालय ने उन्हें भार ीय दं7 संनिह ा की mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ारा 302 क े ह दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने निवचारर्ण न्यायालय क े निनर्ण'य और आदेश को बरकरार रखा।

3. अभिभयोजन का कथानक यह है निक मृ क मलखान क े पुत्र, उसक े पो े कल्लू और मा ा दीन ने दुगा' की हत्या की थी। राम प्रसाद, जेला और मृ क दुगा', भारोसे क े पुत्र थे। अभिभलेख पर उपलब् सामग्री क े अनुसार, झगड़े का कारर्ण संपत्तित्त निववाद है। अभिभयोजन क े अनुसार, 27.3.1982 को, मुल्लू पी7ब्ल्यू-1, फ ू ला पी7ब्ल्यू-2 और दुगा' लगभग 6-7 बजे फसल काटने क े त्तिलए कवार हार गए थे। उन्होनें सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे क खे में काम निकया। लगभग दोपहर में आरोपी मलखान, कल्लू और मा ा दीन क ु ल्हाड़ी और हंजिसया लेकर वहां आए और फसलों की कटाई शुरू कर दी। दुगा' द्वारा उनक े फसल काटने पर आपत्तित्त ज ाए जाने पर, मलखान ने अपनी क ु ल्हाड़ी से उसकी गद'न पर प्रहार निकया। जब दुगा' नीचे निगर गई, ो ीनों आरोनिपयों ने मृ क पर प्रहार करना शुरू कर निदया। हमले में उसकी मौ हो गई। (पोस्टमॉट'म रिरपोट')

4. अपीलक ा' क े निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक अपीलक ा' को गल रीक े से फ ं साने क े अच्छे कारर्ण हैं क्योंनिक निववाद मृ क दुगा' की पै ृक भूनिम से संबंति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है निक पूरी संपत्तित्त हड़पने क े त्तिलए मुल्लू ने खुद हत्या की है। प्रश्नग संपत्तित्त पै ृक होने से, अपीलक ा' क े पौत्र होने क े कारर्ण, संपत्तित्त उसे हस् ां रिर की जानी थी। इस कारर्ण से, मुल्लू, पी7ब्लू-1 द्वारा निकए गए परिरवाद पर, अपीलक ा' को भी दोषी ठहराया गया है, अन्यथा उसकी कोई भूनिमका नहीं थी।

5. उन्होंने पी7ब्ल्यू-2 श्रीम ी फ ू ला क े बयान का उल्लेख यह प्रस् ु करने क े त्तिलए निकया निक वह एक निह बL गवाह थी। व 'मान मामले में आरोपी मलखान और कल्लू भूनिमहीन मजदूर थे। पी7ब्लू-2, पी7ब्लू-1 मुल्लू क े साथ-साथ Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA मलखान की चचेरी बहन थी।वह गांव में बस जाना चाह ी थी जिजसक े त्तिलए पी7ब्लू-1 और उसक े निप ा सहायक हो सक े थे, न निक आरोपी पक्ष। उन्होंने आगे कहा निक चोरी क े एक मामले में जिजसमें पी7ब्लू-2 का भाई, जोगेश्वर शानिमल था, मलखान जोगेश्वर क े त्तिखलाफ गवाह क े रूप में पेश हुआ था। बदला लेने क े त्तिलए, वह व 'मान मामले में एक गवाह क े रूप में पेश हुई। पूव क्त निवसंगति यों को ध्यान में रख े हुए, अपीलक ा' की दोषजिसतिL और सजा को बरकरार नहीं रखा जा सक ा है।

6. दूसरी ओर, राज्य क े निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक यह एक ऐसा मामला है जिजसमें दुगा' की क्र ू र हत्या निकसी और ने नहीं बण्डिल्क उनक े बेटे और पो े/अपीलक ा' ने मा ा दीन क े साथ की थी, जिजनक े खे में मलखान काम कर रहा था। इस निववाद का मूल कारर्ण यह था निक अभिभयुक्त इस कारर्ण से बदला लेना चाह ा था निक मृ क ने पंचाय में सहमति क े अनुसार कभिथ रूप से 2 बीघा भूनिम नहीं दी थी।यह एक चश्मदीद गवाह है। पी7ब्लू-1 की उपण्डिस्थति में, मृ क क े बेटे मलखान ने मृ क की गद'न पर कु ल्हाड़ी का प्रहार निकया था जो जमीन पर निगर गया था और उसक े बाद ीनों अभिभयुक्तों ने मृ दुगा' का जिसर काट निदया और उनक े द्वारा कटा हुआ जिसर शरीर से हटाकर बाहर फ ें क निदया गया। इसक े बाद वे चटेला जंगल की ओर भाग गए।पी7ब्लू-1 प्रति परीक्षा में अपने बयान पर कायम रहा। पी7ब्ल्यू-2, फ ू ला भी इस अपरा की चश्मदीद गवाह थी। वह भी प्रति -परीक्षा में अपने रूख पर कायम रही।

7. पक्षकारों क े निवद्वान अति वक्ता को सुना और पेपर बुक का परिरशीलन निकया।

8. अपीलक ा' द्वारा अपनी दोषजिसतिL को चुनौ ी देने का आ ार यह है निक उसे पै ृक सम्पत्तित्त पर अति कार है। उनका क ' है निक इस थ्य क े कारर्ण उन्हें इस मामले में झूठा फ ं साया गया है। हालांनिक अभिभलेख पर मौजूद सामग्री से प ा Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA चल ा है निक अपीलक ा' अपने निप ा मलखान क े साथ निपछले 11-12 वषx से परिरवार से दूर रह रहा था। यह उनका स्वीकाय' मामला है निक मलखान अन्य सह-अभिभयुक्त मा ा दीन क े खे ों में खे ी कर रहा था क्योंनिक उन्हें परिरवार से बेदखल कर निदया गया था। अपरा का उद्देश्य स्पष्ट रूप से जिसL हो चुका था। वह यह था निक मृ क दुगा' ने अपीलक ा' और उसक े निप ा मलखान को अपनी संपत्तित्त में कोई निहस्सा नहीं निदया था। मृ क क े पुत्र पी7ब्लू-1 मुल्लू, जो अपरा का चश्मदीद गवाह है, द्वारा निदया गया बयान प्रति परीक्षा की कसौटी पर खरा उ रा था। यह साक्ष्य में आया है निक मलखान द्वारा कु ल्हाड़ी क े एक प्रहार क े बाद मृ क जमीन पर निगर गया था, लेनिकन निफर भी अन्य अभिभयुक्तों ने सामूनिहक रूप से उस पर हमला निकया। इसकी पुनिष्ट पोस्टमॉट'म रिरपोट' से हुई है। यहां क निक उन्होंने उसका जिसर भी काट निदया और उसका कटा हुआ जिसर पास की एक जगह पर फ ें क निदया। जिजस रह से मृ क की हत्या की गई वह घृभिर्ण थी।यह उनक े आशय और आपराति क मानजिसक ा को दशा' ा है। यह निदन क े उजाले में की गई हत्या थी और प्रत्यक्षदश| गवाह ने इसका ब्यौरा निदया था।

9. यह क ' निक संपत्तित्त हड़पने क े त्तिलए मुल्लू ने स्वयं मृ क की हत्या की थी, क े वल ह ाशा में निदया गया है। यह साक्ष्य में आया है निक वह मृ क क े साथ रह रहा था, जबनिक आरोपी पक्ष को ईर्ष्याया' थी निक उन्हें संपत्तित्त में अपने निहस्से से वंतिच कर निदया गया था।

10. इसक े अलावा यह निबन्दु उठाया गया है निक पी7ब्लू-2 एक निह बL गवाह था, इसत्तिलए उसक े बयान पर भरोसा नहीं निकया जाना चानिहए। सूचनादा ा मुल्लू न क े वल मृ क का बेटा है, बण्डिल्क मलखान का सगा भाई और अपीलक ा', कल्लू का सगा चाचा भी है। पी7ब्ल्यू-2 फ ु ला मुल्लू और मलखान दोनों की चचेरी बहन है। इसत्तिलए, मृ क क े साथ मुल्लू और फ ू ला का संबं उसकी निवश्वसनीय ा को Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA प्रभानिव नहीं कर ा है। जोगेश्वर क े त्तिखलाफ चोरी क े एक मामले का संदभ' निदया गया था, जो पी7ब्ल्यू-2 फ ू ला का भाई है। उसकी प्रति परीक्षा में, पी7ब्लू-2 से एक सवाल पूछा गया था निक आरोपी मलखान ने उसक े भाई जोगेश्वर क े त्तिखलाफ गवाही दी थी। हालांनिक यह क े वल पी7ब्ल्यू-2 की प्रति परीक्षा क े दौरान पूछा गया एक सवाल था। इस दलील को सानिब करने क े त्तिलए अभिभलेख पर कोई दस् ावेज नहीं रखा गया है निक ऐसा कोई निववाद था जिजसमें आरोपी, मलखान एक गवाह क े रूप में पेश हुआ था। पी7ब्ल्यू-2, फ ू ला भी इस घटना की एक प्रत्यक्षदश| है। उसने भी पी7ब्लू-1 द्वारा कही गई बा ों की पुनिष्ट की। उनक े बयानों में कोई अं र नहीं था।

11. अभिभलेख पर मौजूद पूव क्त साक्ष्यों को ध्यान में रख े हुए, हमारे निवचार में, व 'मान अपील में हस् क्षेप क े त्तिलए कोई मामला नहीं बन ा है। उच्च न्यायालय क े निनर्ण'य में कोई त्रुनिट नहीं है। दनुसार अपील खारिरज की जा ी है। अपीलक ा' को इस न्यायालय द्वारा 11.7.2014 क े आदेश से जमान पर रिरहा कर निदया गया था। उसे आज से दो सप्ताह क े भी र निवचारर्ण न्यायालय क े सामने आत्मसमप'र्ण करना चानिहए ानिक वह अपनी सजा की शेष अवति काट सक े ।.........................................… (न्यायमूर्ति अभय एस. ओका).........................................… (न्यायमूर्ति राजेश बिंबदल) Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA नई निदल्ली; 15 मई 2023. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA