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भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपील संख्या 1446/2014
कल्लू ... अपीलक ा'
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य ... प्रति वादी
निनर्ण'य
न्यायमूर्ति राजेश बिंबदल,
JUDGMENT
1. दाण्डि67क अपील संख्या 2003/1982 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 31.8.2007 क े निनर्ण'य को चुनौ ी दे े हुए व 'मान अपील दायर की गई है जिजसक े द्वारा मलखान, कल्लू और मा ा दीन की दोषजिसतिL और सजा को बरकरार रखा गया था।
2. यह घटना 27 माच' 1982 को अपराह्न लगभग 3.10 बजे हुई। उपयु'क्त ीन अभिभयुक्तों क े निवरुL दुगा' की हत्या की प्राथनिमकी दज' की गई। निदनांक 6.8.1982 क े निनर्ण'य द्वारा निवचारर्ण न्यायालय ने उन्हें भार ीय दं7 संनिह ा की mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ारा 302 क े ह दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने निवचारर्ण न्यायालय क े निनर्ण'य और आदेश को बरकरार रखा।
3. अभिभयोजन का कथानक यह है निक मृ क मलखान क े पुत्र, उसक े पो े कल्लू और मा ा दीन ने दुगा' की हत्या की थी। राम प्रसाद, जेला और मृ क दुगा', भारोसे क े पुत्र थे। अभिभलेख पर उपलब् सामग्री क े अनुसार, झगड़े का कारर्ण संपत्तित्त निववाद है। अभिभयोजन क े अनुसार, 27.3.1982 को, मुल्लू पी7ब्ल्यू-1, फ ू ला पी7ब्ल्यू-2 और दुगा' लगभग 6-7 बजे फसल काटने क े त्तिलए कवार हार गए थे। उन्होनें सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे क खे में काम निकया। लगभग दोपहर में आरोपी मलखान, कल्लू और मा ा दीन क ु ल्हाड़ी और हंजिसया लेकर वहां आए और फसलों की कटाई शुरू कर दी। दुगा' द्वारा उनक े फसल काटने पर आपत्तित्त ज ाए जाने पर, मलखान ने अपनी क ु ल्हाड़ी से उसकी गद'न पर प्रहार निकया। जब दुगा' नीचे निगर गई, ो ीनों आरोनिपयों ने मृ क पर प्रहार करना शुरू कर निदया। हमले में उसकी मौ हो गई। (पोस्टमॉट'म रिरपोट')
4. अपीलक ा' क े निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक अपीलक ा' को गल रीक े से फ ं साने क े अच्छे कारर्ण हैं क्योंनिक निववाद मृ क दुगा' की पै ृक भूनिम से संबंति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है निक पूरी संपत्तित्त हड़पने क े त्तिलए मुल्लू ने खुद हत्या की है। प्रश्नग संपत्तित्त पै ृक होने से, अपीलक ा' क े पौत्र होने क े कारर्ण, संपत्तित्त उसे हस् ां रिर की जानी थी। इस कारर्ण से, मुल्लू, पी7ब्लू-1 द्वारा निकए गए परिरवाद पर, अपीलक ा' को भी दोषी ठहराया गया है, अन्यथा उसकी कोई भूनिमका नहीं थी।
5. उन्होंने पी7ब्ल्यू-2 श्रीम ी फ ू ला क े बयान का उल्लेख यह प्रस् ु करने क े त्तिलए निकया निक वह एक निह बL गवाह थी। व 'मान मामले में आरोपी मलखान और कल्लू भूनिमहीन मजदूर थे। पी7ब्लू-2, पी7ब्लू-1 मुल्लू क े साथ-साथ Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA मलखान की चचेरी बहन थी।वह गांव में बस जाना चाह ी थी जिजसक े त्तिलए पी7ब्लू-1 और उसक े निप ा सहायक हो सक े थे, न निक आरोपी पक्ष। उन्होंने आगे कहा निक चोरी क े एक मामले में जिजसमें पी7ब्लू-2 का भाई, जोगेश्वर शानिमल था, मलखान जोगेश्वर क े त्तिखलाफ गवाह क े रूप में पेश हुआ था। बदला लेने क े त्तिलए, वह व 'मान मामले में एक गवाह क े रूप में पेश हुई। पूव क्त निवसंगति यों को ध्यान में रख े हुए, अपीलक ा' की दोषजिसतिL और सजा को बरकरार नहीं रखा जा सक ा है।
6. दूसरी ओर, राज्य क े निवद्वान अति वक्ता ने कहा निक यह एक ऐसा मामला है जिजसमें दुगा' की क्र ू र हत्या निकसी और ने नहीं बण्डिल्क उनक े बेटे और पो े/अपीलक ा' ने मा ा दीन क े साथ की थी, जिजनक े खे में मलखान काम कर रहा था। इस निववाद का मूल कारर्ण यह था निक अभिभयुक्त इस कारर्ण से बदला लेना चाह ा था निक मृ क ने पंचाय में सहमति क े अनुसार कभिथ रूप से 2 बीघा भूनिम नहीं दी थी।यह एक चश्मदीद गवाह है। पी7ब्लू-1 की उपण्डिस्थति में, मृ क क े बेटे मलखान ने मृ क की गद'न पर कु ल्हाड़ी का प्रहार निकया था जो जमीन पर निगर गया था और उसक े बाद ीनों अभिभयुक्तों ने मृ दुगा' का जिसर काट निदया और उनक े द्वारा कटा हुआ जिसर शरीर से हटाकर बाहर फ ें क निदया गया। इसक े बाद वे चटेला जंगल की ओर भाग गए।पी7ब्लू-1 प्रति परीक्षा में अपने बयान पर कायम रहा। पी7ब्ल्यू-2, फ ू ला भी इस अपरा की चश्मदीद गवाह थी। वह भी प्रति -परीक्षा में अपने रूख पर कायम रही।
7. पक्षकारों क े निवद्वान अति वक्ता को सुना और पेपर बुक का परिरशीलन निकया।
8. अपीलक ा' द्वारा अपनी दोषजिसतिL को चुनौ ी देने का आ ार यह है निक उसे पै ृक सम्पत्तित्त पर अति कार है। उनका क ' है निक इस थ्य क े कारर्ण उन्हें इस मामले में झूठा फ ं साया गया है। हालांनिक अभिभलेख पर मौजूद सामग्री से प ा Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA चल ा है निक अपीलक ा' अपने निप ा मलखान क े साथ निपछले 11-12 वषx से परिरवार से दूर रह रहा था। यह उनका स्वीकाय' मामला है निक मलखान अन्य सह-अभिभयुक्त मा ा दीन क े खे ों में खे ी कर रहा था क्योंनिक उन्हें परिरवार से बेदखल कर निदया गया था। अपरा का उद्देश्य स्पष्ट रूप से जिसL हो चुका था। वह यह था निक मृ क दुगा' ने अपीलक ा' और उसक े निप ा मलखान को अपनी संपत्तित्त में कोई निहस्सा नहीं निदया था। मृ क क े पुत्र पी7ब्लू-1 मुल्लू, जो अपरा का चश्मदीद गवाह है, द्वारा निदया गया बयान प्रति परीक्षा की कसौटी पर खरा उ रा था। यह साक्ष्य में आया है निक मलखान द्वारा कु ल्हाड़ी क े एक प्रहार क े बाद मृ क जमीन पर निगर गया था, लेनिकन निफर भी अन्य अभिभयुक्तों ने सामूनिहक रूप से उस पर हमला निकया। इसकी पुनिष्ट पोस्टमॉट'म रिरपोट' से हुई है। यहां क निक उन्होंने उसका जिसर भी काट निदया और उसका कटा हुआ जिसर पास की एक जगह पर फ ें क निदया। जिजस रह से मृ क की हत्या की गई वह घृभिर्ण थी।यह उनक े आशय और आपराति क मानजिसक ा को दशा' ा है। यह निदन क े उजाले में की गई हत्या थी और प्रत्यक्षदश| गवाह ने इसका ब्यौरा निदया था।
9. यह क ' निक संपत्तित्त हड़पने क े त्तिलए मुल्लू ने स्वयं मृ क की हत्या की थी, क े वल ह ाशा में निदया गया है। यह साक्ष्य में आया है निक वह मृ क क े साथ रह रहा था, जबनिक आरोपी पक्ष को ईर्ष्याया' थी निक उन्हें संपत्तित्त में अपने निहस्से से वंतिच कर निदया गया था।
10. इसक े अलावा यह निबन्दु उठाया गया है निक पी7ब्लू-2 एक निह बL गवाह था, इसत्तिलए उसक े बयान पर भरोसा नहीं निकया जाना चानिहए। सूचनादा ा मुल्लू न क े वल मृ क का बेटा है, बण्डिल्क मलखान का सगा भाई और अपीलक ा', कल्लू का सगा चाचा भी है। पी7ब्ल्यू-2 फ ु ला मुल्लू और मलखान दोनों की चचेरी बहन है। इसत्तिलए, मृ क क े साथ मुल्लू और फ ू ला का संबं उसकी निवश्वसनीय ा को Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA प्रभानिव नहीं कर ा है। जोगेश्वर क े त्तिखलाफ चोरी क े एक मामले का संदभ' निदया गया था, जो पी7ब्ल्यू-2 फ ू ला का भाई है। उसकी प्रति परीक्षा में, पी7ब्लू-2 से एक सवाल पूछा गया था निक आरोपी मलखान ने उसक े भाई जोगेश्वर क े त्तिखलाफ गवाही दी थी। हालांनिक यह क े वल पी7ब्ल्यू-2 की प्रति परीक्षा क े दौरान पूछा गया एक सवाल था। इस दलील को सानिब करने क े त्तिलए अभिभलेख पर कोई दस् ावेज नहीं रखा गया है निक ऐसा कोई निववाद था जिजसमें आरोपी, मलखान एक गवाह क े रूप में पेश हुआ था। पी7ब्ल्यू-2, फ ू ला भी इस घटना की एक प्रत्यक्षदश| है। उसने भी पी7ब्लू-1 द्वारा कही गई बा ों की पुनिष्ट की। उनक े बयानों में कोई अं र नहीं था।
11. अभिभलेख पर मौजूद पूव क्त साक्ष्यों को ध्यान में रख े हुए, हमारे निवचार में, व 'मान अपील में हस् क्षेप क े त्तिलए कोई मामला नहीं बन ा है। उच्च न्यायालय क े निनर्ण'य में कोई त्रुनिट नहीं है। दनुसार अपील खारिरज की जा ी है। अपीलक ा' को इस न्यायालय द्वारा 11.7.2014 क े आदेश से जमान पर रिरहा कर निदया गया था। उसे आज से दो सप्ताह क े भी र निवचारर्ण न्यायालय क े सामने आत्मसमप'र्ण करना चानिहए ानिक वह अपनी सजा की शेष अवति काट सक े ।.........................................… (न्यायमूर्ति अभय एस. ओका).........................................… (न्यायमूर्ति राजेश बिंबदल) Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA नई निदल्ली; 15 मई 2023. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA