Full Text
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
ͧसͪवल अपीलȣय अͬधकाǐरता
ͧसͪवल अपील संÉया 3340/2023
(@ͪव.अ.या. (ͧस) संÉया 9383/2023)
(@डायरȣ सं. 28392/2021)
Ǒदãलȣ ͪवकास Ĥाͬधकरण ...अपीलाथȸ(गण)
बनाम
नरɅġ क
ु मार जैन व अÛय ...Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
एम.आर. शाह, Ûया.
JUDGMENT
1. ǐरट याͬचका (ͧस) संÉया 9745/2015 मɅ नई Ǒदãलȣ मɅ िèथत Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य व आदेश से åयͬथत और असंतुçट महसूस करते हुए, िजसक े ɮवारा, उÍच Ûयायालय ने उÈत ǐरट याͬचका को 2023 INSC 501 अनुमǓत दȣ तथा घोͪषत ͩकया ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को भूͧम अज[न, पुनवा[सन और पुनåय[वèथापन मɅ उͬचत ĤǓतकर और पारदͧश[ता अͬधकार अͬधǓनयम, 2013 (इसक े बाद "अͬधǓनयम, 2013" क े Ǿप मɅ संदͧभ[त) कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाता है, Ǒदãलȣ ͪवकास Ĥाͬधकरण ने वत[मान अपील दायर कȧ है।
2. उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश से और यहां तक ͩक उÍच Ûयायालय क े सम¢ एलएसी कȧ ओर से दायर ĤǓतवाद से भी ऐसा Ĥतीत होता है ͩक एलएसी कȧ ओर से यह मामला था ͩक Ĥæनगत भूͧम का कÞजा Ǒदनांक 12.07.2004 को ͧलया गया था। एलएसी कȧ ओर से यह भी मामला था ͩक मूल ǐरट याचीगण - Ĥ×यथȸगण अͧभͧलͨखत èवामी नहȣं हɇ और वे पæचातवतȸ Đ े ता हɇ। हालांͩक, इसक े बाद, रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ सरकार बनाम मानव धम[ Ěèट (2017) 6 एससीसी 751 क े इस मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[य पर भरोसा करते हुए उÍच Ûयायालय ने इस आपͪƣ को खाǐरज कर Ǒदया है ͩक ǐरट याचीगण क े पæचातवतȸ Đ े ता होने क े नाते अͬधĒहण को चुनौती देने और/या अͬधĒहण क े åयपगत होने क े ͧलए Ĥाथ[ना करने का कोई अͬधकार नहȣं है, इसक े बाद, इस आधार पर ͩक मुआवजे का भुगतान / Ǔनͪवदा नहȣं कȧ गई है, उÍच Ûयायालय ने ǐरट याͬचका कȧ अनुमǓत दȣ है।
3. हालांͩक, यह Úयान Ǒदया जाना आवæयक है ͩक मानव धम[ Ěèट (पूवȾÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय का Ǔनण[य िजस पर उÍच Ûयायालय ɮवारा आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश पाǐरत करते समय भरोसा ͩकया गया है, को ͧशव क ु मार व अÛय बनाम भारत संघ व अÛय (2019) 10 एससीसी 229 और Ǒदãलȣ ͪवकास Ĥाͬधकरण बनाम गॉडĥ े ͩफͧलÜस (I) ͧलͧमटेड व अÛय ͧसͪवल अपील संÉया 3073/2022 मामले मɅ इस Ûयायालय क े बाद क े Ǔनण[य क े मɮदेनजर एक अÍछȤ ͪवͬध नहȣं माना गया है।
4. ͧशव क ु मार (पूवȾÈत) और गॉडĥ े ͩफͧलÜस (आई) ͧलͧमटेड (पूवȾÈत) क े मामलɉ मɅ यह ͪवशेष Ǿप से देखा और अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया गया है ͩक पæचातवतȸ Đ े ता क े पास अͬधĒहण को चुनौती देने और / या अͬधĒहण को åयपगत माने जाने क े ͧलए Ĥाथ[ना करने का कोई अͬधकार नहȣं है।
5. मामले को Úयान मɅ रखते हुए, उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत Ǔनण[य तथा आदेश पोषणीय नहȣं है और इसे अͧभखंͫडत तथा दरͩकनार ͩकया जाना चाǑहए और तदनुसार यह अͧभखंͫडत तथा दरͩकनार ͩकया जाता है। तदनुसार अपील को अनुमǓत Ĥदान कȧ जाती है। कोई जुमा[ना नहȣं। लंǒबत आवेदन, यǑद कोई हɉ, का भी Ǔनपटान ͩकया जाता है। ………………………..Ûया. [एम.आर. शाह] ………………………..Ûया. [अहसानुɮदȣन अमानुãलाह] नई Ǒदãलȣ; 4 मई, 2023 Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी। Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.