Full Text
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
ͧसͪवल अपीलȣय अͬधकाǐरता
ͪवशेष अनुमǓत याͬचका (ͧसͪवल) सं. 5263/2023
मेसस[ यूǓनवस[ल सोàपो जनरल
इंæयोरɅस क
ं पनी ͧलͧमटेड ....अपीलाथȸ
बनाम
सुरेश चंद जैन व अÛय ....Ĥ×यथȸ
Ǔनण[य
जे. बी. पारदȣवाला, Ûया.:
JUDGMENT
1. संͪवधान क े अनुÍछेद 136 क े तहत अपील करने कȧ अनुमǓत कȧ मांग करने वालȣ यह याͬचका Ĥथम अपील संÉया 376/2016 मɅ राçĚȣय उपभोÈता ͪववाद Ǔनवारण आयोग (सं¢ेप मɅ, 'एनसीडीआरसी') क े सम¢ मूल अपीलकता[ मेसस[ यूǓनवस[ल सोàपो जनरल इंæयोरɅस क ं पनी ͧलͧमटेड क े आĒह पर है, िजसक े ɮवारा एनसीडीआरसी ने याͬचकाकता[, यहां, ɮवारा दायर अपील को खाǐरज कर Ǒदया, िजससे राÏय उपभोÈता ͪववाद Ǔनवारण आयोग सं¢ेप मɅ, Ǒदãलȣ क े 'एससीडीआरसी') ɮवारा पाǐरत आदेश कȧ यह कहते हुए पुिçट कȧ गई ͩक Ĥ×यथȸ सं. 1/ͧशकायतकता[ याͬचकाकता[ और उसक े संयुÈत उɮयम भागीदार अथा[त इलाहाबाद बɇक (Ĥ×यथȸ सं. 2) से पǐरसर से चोरȣ ͩकए गए सामान क े ͧलए दावा राͧश और उͬचत मुआवजा ĤाÜत करने का हकदार था। तØया×मक सांचा
2. अͧभलेख पर मौजूद सामĒी से ऐसा Ĥतीत होता है ͩक Ĥ×यथȸ बɇक ने मÚयèथ क े Ǿप मɅ काय[ करते हुए यहां याͬचकाकता[ क े माÚयम से ͧशकायतकता[ क े प¢ मɅ Ǒदनांक 05.12.2011 को एक मानक अिÊन और ͪवशेष जोͨखम पॉͧलसी जारȣ कȧ। इसी Ĥकार, ͧशकायतकता[ क े प¢ मɅ Ǒदनांक 08-12-2011 को एक सɅधमारȣ संबंधी बीमा पॉͧलसी भी जारȣ कȧ गई थी। दोनɉ पॉͧलͧसयɉ मɅ आग और सɅधमारȣ क े जोͨखम क े ͧलए 50 लाख ǽपये कȧ राͧश शाͧमल थी। ये पॉͧलͧसयां 25-11-2011 और 24- 11-2012 क े बीच कȧ अवͬध क े ͧलए थीं।
3. Ǒदनांक 28.03.2012 क े पğ क े माÚयम से, ͧशकायतकता[ ने Ĥ×यथȸ बɇक को सूͬचत ͩकया ͩक बवाना, Ǒदãलȣ मɅ उसक े नए पǐरसर का Ǔनमा[ण पूरा हो गया है और उसने राजगढ़ एÈèट, गांधी नगर, Ǒदãलȣ और भागीरथ पैलेस, चांदनी चौक, Ǒदãलȣ िèथत पǐरसर से बवाना मɅ िèथत उपरोÈत पǐरसर मɅ अपना èटॉक èथानांतǐरत कर Ǒदया है। इस पğ मɅ ͧशकायतकता[ ने बɇक को याͬचकाकता[ को सूͬचत करने का भी Ǔनदȶश Ǒदया था।
4. Ĥ×यथȸ बɇक ने पूवȾÈत सूचना ĤाÜती को èवीकार ͩकया और 31.03.2012 क े पğ क े माÚयम से याͬचकाकता[ को सूͬचत करने का दावा ͩकया। बɇक का दावा है ͩक उसने ͧशकायतकता[ क े Ǒदनांक 28.03.2012 क े पğ को भी याͬचकाकता[ को अĒेͪषत कर Ǒदया है।
5. 29.06.2012 को बवाना पǐरसर मɅ एक चोरȣ हुई और इसक े ͧलए 30.06.2012 को थाना बवाना मɅ Ĥाथͧमकȧ सं. 213/2012 दज[ कȧ गई। याͬचकाकता[ और बɇक दोनɉ को भी चोरȣ क े बारे मɅ सूͬचत ͩकया गया था। पǐरसर का Ǔनरȣ¢ण करने क े ͧलए याͬचकाकता[ ɮवारा एक सवȶ¢क ǓनयुÈत ͩकया गया था और 01.07.2012 को ͧशकायतकता[ ɮवारा याͬचकाकता[ क े पास एक औपचाǐरक ͧशकायत दज[ कȧ गई थी।
6. चोरȣ क े बाद, ͧशकायतकता[ ने सूͬचत ͩकया ͩक 18.10.2012 को बवाना मɅ पǐरसर मɅ आग भी लगी थी, और उस संबंध मɅ अिÊनशमन ͪवभाग ɮवारा िèथǓत ǐरपोट[ जारȣ कȧ गई थी। इसक े बाद, ͧशकायतकता[ ने चोरȣ और आग दोनɉ क े ͧलए 49 लाख ǽपये क े दावे दायर ͩकए। याͬचकाकता[ ने Ǒदनांक 22.08.2013 क े पğ क े माÚयम से चोरȣ क े दावे को अèवीकार कर Ǒदया और ͧशकायतकता[ ɮवारा दèतावेज Ĥèतुत नहȣं करने क े कारण अिÊन दावे को बंद कर Ǒदया गया।
7. Ǒदनांक 03.06.2013 को, याͬचकाकता[ कȧ ओर से ǓनिçĐयता से åयͬथत ͧशकायतकता[ ने ͧशकायत संÉया 357/2013 क े माÚयम से उपभोÈता संर¢ण अͬधǓनयम, 1986 (सं¢ेप मɅ, 'अͬधǓनयम 1986') कȧ धारा 17 क े तहत एससीडीआरसी, Ǒदãलȣ से संपक [ ͩकया। उÛहɉने 49 लाख ǽपये क े उनक े दावे पर कार[वाई करने क े साथ-साथ 20 लाख ǽपये क े मुआवजे और Ĥ×यथȸ बɇक ɮवारा ͧशकायतकता[ से वसूलȣ जा रहȣ दर पर Þयाज क े साथ ͧशकायत कȧ लागत क े ͧलए Ĥाथ[ना कȧ।
8. Ǒदनांक 18.03.2016 क े आदेश ɮवारा, एससीडीआरसी ने आंͧशक Ǿप से ͧशकायत कȧ अनुमǓत देते हुए कहा ͩक याͬचकाकता[ और Ĥ×यथȸ बɇक ͧशकायतकता[ को सेवाएं Ĥदान करने मɅ कͧमयɉ क े ͧलए संयुÈत Ǿप से और अलग-अलग उƣरदायी थे और ͧशकायतकता[ दावे कȧ तारȣख से ĤǓत वष[ 12% क े Þयाज क े साथ 41,31,180/- ǽपये क े सामान कȧ चोरȣ क े ͧलए मुआवजा पाने का हकदार था। याͬचकाकता[ और बɇक को मानͧसक पीड़ा, उ×पीड़न और सेवाएं Ĥदान करने मɅ कमी क े ͧलए ͧशकायतकता[ को मुआवजे क े Ǿप मɅ 2 लाख ǽपये का भुगतान करने का भी Ǔनदȶश Ǒदया गया था। याͬचकाकता[ को ͧशकायतकता[ क े 4 लाख ǽपये क े आग लगने क े दावे को अंǓतम Ǿप देने का भी Ǔनदȶश Ǒदया गया।
9. एससीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश से åयͬथत याͬचकाकता[ ने अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 19 क े तहत 2016 कȧ Ĥथम अपील संÉया 376 दायर करक े एनसीडीआरसी क े सम¢ इसे चुनौती दȣ। याͬचकाकता[ ने एनसीडीआरसी क े सम¢ अपने अपीलȣय ¢ेğाͬधकार का Ĥयोग करते हुए एससीडीआरसी क े आदेश को रɮद करने और याͬचकाकता[ क े प¢ मɅ ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ जुमा[ना Ĥदान करने का अनुरोध ͩकया।
10. Ǒदनांक 16.01.2023 क े आदेश ɮवारा, याͬचकाकता[, इसमɅ, ɮवारा दायर Ĥथम अपील को खाǐरज कर Ǒदया गया।
11. उपरोÈत उिãलͨखत पǐरिèथǓतयɉ मɅ, याͬचकाकता[ वत[मान याͬचका क े साथ इस Ûयायालय क े सम¢ है, िजसमɅ संͪवधान क े तहत अपील करने क े ͧलए ͪवशेष अनुमǓत मांगी गई है। चचा[
12. इस मामले कȧ सुनवाई क े दौरान, दोनɉ प¢ɉ कȧ ओर से कई दलȣलɅ उठाई गɃ। हालांͩक, हमारे ͪवचाराथ[ Ĥèतुत Ĥæन यह है ͩक Èया हमɅ एनसीडीआरसी ɮवारा अपने अपीलȣय ¢ेğाͬधकार का Ĥयोग करते हुए पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ सीधे संͪवधान क े तहत अपील करने कȧ ͪवशेष अनुमǓत कȧ मांग करने वालȣ इस याͬचका पर ͪवचार करना चाǑहए या याͬचकाकता[ को संͪवधान क े अनुÍछेद 226 क े तहत ǐरट याͬचका दायर करने या संͪवधान क े अनुÍछेद 227 क े तहत अͬधकार ¢ेğ वाले उÍच Ûयायालय क े पय[वे¢ी ¢ेğाͬधकार को लागू करने वालȣ याͬचका का लाभ उठाने क े ͧलए बाÚय करना चाǑहए।
13. इससे पहले ͩक हम उपरोÈत Ĥæन का उƣर देने क े ͧलए आगे बढ़Ʌ, हमɅ अͬधǓनयम 1986 क े क ु छ Ĥासंͬगक Ĥावधानɉ को देखना चाǑहए।
14. अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 21(क) का शीष[क 'राçĚȣय आयोग का ¢ेğाͬधकार' है। वह इस Ĥकार है:- "21. राçĚȣय आयोग का ¢ेğाͬधकार - इस अͬधǓनयम क े अÛय उपबंधɉ क े अधीन रहते हुए, राçĚȣय आयोग का ¢ेğाͬधकार होगा - (क) Ǔनàन पर ͪवचार करना - (i) ऐसी ͧशकायतɅ जहां वèतुओं या सेवाओं का मूãय और मुआवजे, यǑद कोई हो, का दावा एक करोड़ ǽपये से अͬधक है; और (ii) ͩकसी राÏय आयोग क े आदेशɉ क े ͪवǽɮध अपील;...."
15. अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 23 मɅ ‘अपील’ का Ĥावधान है। वह इस Ĥकार है:- "23. अपील.- कोई भी åयिÈत, जो धारा 21 क े खंड (क) क े उप-खंड (i) ɮवारा Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए राçĚȣय आयोग ɮवारा ͩकए गए आदेश से åयͬथत है, आदेश कȧ तारȣख से तीस Ǒदनɉ कȧ अवͬध क े भीतर उÍचतम Ûयायालय मɅ ऐसे आदेश क े ͨखलाफ अपील कर सकता है: बशतȶ ͩक उÍचतम Ûयायालय तीस Ǒदनɉ कȧ उÈत अवͬध कȧ समािÜत क े बाद अपील पर ͪवचार कर सकता है यǑद वह संतुçट है ͩक उस अवͬध क े भीतर इसे दायर नहȣं करने का पया[Üत कारण था: इसक े अǓतǐरÈत बशतȶ ͩक उस åयिÈत, िजससे राçĚȣय आयोग क े आदेश क े अनुसार ͩकसी राͧश का भुगतान ͩकए जाने कȧ अपे¢ा है, कȧ ͩकसी भी अपील पर उÍचतम Ûयायालय ɮवारा तब तक ͪवचार नहȣं ͩकया जाएगा जब तक ͩक उस åयिÈत ने Ǔनधा[ǐरत तरȣक े से उस राͧश मɅ से पचास ĤǓतशत या पचास हजार ǽपये, जो भी कम हो जमा नहȣं ͩकया हो। (जोर Ǒदया गया)
16. उपभोÈता संर¢ण अͬधǓनयम, 1986 को 20.07.2020 को Ǔनरèत कर Ǒदया गया (धारा 106, अͬधǓनयम 1986) और उपभोÈता संर¢ण अͬधǓनयम, 2019 (सं¢ेप मɅ, 'अͬधǓनयम 2019') लागू हुआ। इस मामले मɅ, ͧशकायतɅ अͬधǓनयम 1986 क े तहत दायर कȧ गई थीं। हालांͩक, हमɅ अͬधǓनयम 2019 क े Ĥासंͬगक Ĥावधानɉ पर Ĥकाश डालना चाǑहए, जो े Ĥावधानɉ क े अनुǾप हɇ। "58. राçĚȣय आयोग का ¢ेğाͬधकार. - (1) इस अͬधǓनयम क े अÛय उपबÛधɉ क े अधीन रहते हुए, राçĚȣय आयोग का ¢ेğाͬधका होगा- (क) Ǔनàन पर ͪवचार करना- (i) ऐसी ͧशकायतɅ िजनमɅ भुगतान कȧ गई वèतुओं या सेवाओं का मूãय दस करोड़ ǽपये से अͬधक है:- परÛतु जहाँ क े Ûġȣय सरकार ऐसा करना आवæयक समझे, वहाँ वह ऐसा अÛय मूãय Ǔनधा[ǐरत कर सक े गी, जो वह उͬचत समझे; (ii) अनुͬचत ठेकɉ क े ͪवǽɮध ͧशकायतɅ जहां भुगतान कȧ गई वèतुओं या सेवाओं का मूãय दस करोड़ ǽपये से अͬधक है; (iii) ͩकसी राÏय आयोग क े आदेशɉ क े ͪवǽɮध अपील; (iv) क े Ûġȣय Ĥाͬधकरण क े आदेशɉ क े ͪवǽɮध अपील;..... XXX xxx xxx
67. राçĚȣय आयोग क े आदेश क े ͪवǽɮध अपील. - कोई भी åयिÈत, जो धारा 58 कȧ उपधारा (1) क े खंड (क) क े उपखंड (i) या (ii) ɮवारा Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए राçĚȣय आयोग ɮवारा Ǒदए गए आदेश से åयͬथत है, आदेश कȧ तारȣख से तीस Ǒदनɉ कȧ अवͬध क े भीतर उÍचतम Ûयायालय मɅ ऐसे आदेश क े ͪवǽɮध अपील कर सकता है: बशतȶ ͩक उÍचतम Ûयायालय तीस Ǒदनɉ कȧ उÈत अवͬध कȧ समािÜत क े बाद अपील पर ͪवचार कर सकता है यǑद वह संतुçट है ͩक उस अवͬध क े भीतर इसे दायर नहȣं करने का पया[Üत कारण था: इसक े अǓतǐरÈत बशतȶ ͩक उस åयिÈत, िजससे राçĚȣय आयोग क े आदेश क े अनुसार ͩकसी राͧश का भुगतान ͩकए जाने कȧ अपे¢ा है, कȧ ͩकसी भी अपील पर उÍचतम Ûयायालय ɮवारा तब तक ͪवचार नहȣं ͩकया जाएगा जब तक ͩक उस åयिÈत ने Ǔनधा[ǐरत तरȣक े से उस राͧश का पचास ĤǓतशत जमा नहȣं ͩकया हो।”
17. अͬधǓनयम 1986 और अͬधǓनयम 2019 क े उपरोÈत Ĥावधानɉ को पढ़ने से यह पता चलता है ͩक इस Ûयायालय मɅ अपील का उपाय क े वल अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 21(क)(i) और अͬधǓनयम 2019 कȧ धारा 58(1)(क)(i) या 58(1)(क)(ii) ɮवारा Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेशɉ क े संबंध मɅ उपलÞध है। दूसरे शÞदɉ मɅ, दोनɉ अͬधǓनयमɉ मɅ इस Ûयायालय मɅ क े वल उन आदेशɉ क े संबंध मɅ अपील करने का Ĥावधान है जो एनसीडीआरसी ɮवारा अपने मूल ¢ेğाͬधकार मɅ या Ĥथम Ǻçटया Ûयायालय (मूल आदेश) क े Ǿप मɅ पाǐरत ͩकए गए हɇ और एनसीडीआरसी ɮवारा अपने अपीलȣय या पुनरȣ¢ण ¢ेğाͬधकार का Ĥयोग करते हुए पाǐरत आदेशɉ क े ͪवǽɮध कोई अǓतǐरÈत अपील नहȣं है।
18. वत[मान मामले पर Úयान देते हुए, एनसीडीआरसी क े सम¢ अपील अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 17(1)(क)(i) क े तहत एससीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ थी। एनसीडीआरसी मɅ इस तरह कȧ अपील सुनवाई योÊय थी, जैसा ͩक अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 21(क)(ii) क े तहत Ĥावधान ͩकया गया है। अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 23 क े अनुसार, कोई भी åयिÈत, जो धारा 21(क)(i) ɮवारा Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए एनसीडीआरसी ɮवारा ͩकए गए आदेश से åयͬथत है, इस तरह क े आदेश क े ͨखलाफ इस Ûयायालय मɅ अपील कर सकता है। इसͧलए, इस Ûयायालय मɅ एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ अपील क े वल तभी सुनवाई योÊय होगी जब एनसीडीआरसी ɮवारा अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 21(क)(i) क े तहत Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए आदेश पाǐरत ͩकया गया हो। अͬधǓनयम 1986 कȧ धारा 21(क)(ii) क े तहत Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ इस Ûयायालय मɅ कोई और अपील Ĥदान नहȣं कȧ गई है। एससीडीआरसी क े आदेश क े ͨखलाफ दायर अपील पर पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ आगे कोई अपील दायर करने का कोई Ĥावधान नहȣं है। ऐसी पǐरिèथǓतयɉ मɅ, याͬचकाकता[ संͪवधान क े अनुÍछेद 136 क े तहत इस Ûयायालय क े सम¢ आया है। संͪवधान क े तहत ͪवशेष अनुमǓत का दायरा और अनुदान
19. इस Ûयायालय ने 1950 एससीसी 189: 1950 एससीआर 453 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत Ĥीतम ͧसंह बनाम राÏय मɅ पृçठ 459 पर कहा है ͩक: "आम तौर पर यह Ûयायालय ͪवशेष अनुमǓत नहȣं देगा, जब तक ͩक यह नहȣं Ǒदखाया जाता है ͩक असाधारण और ͪवशेष पǐरिèथǓतयां मौजूद हɇ, ͩक वाèतͪवक और गंभीर अÛयाय ͩकया गया है और ͪवचाराधीन मामले मɅ पया[Üत गंभीरता क े त×व हɇ जो उस Ǔनण[य कȧ समी¢ा को आवæयक बनाता है िजसक े ͨखलाफ अपील कȧ गई है। उस मामले मɅ यह भी कहा गया था ͩक यह ͪवचार गलत है ͩक एक बार ͪवशेष अनुमǓत से अपील èवीकार कर ͧलए जाने क े बाद पूरा मामला ͪवचार करने क े ͧलए èवतंğ हो जाता है और अपीलकता[ तØयɉ क े सभी Ǔनçकषɟ को चुनौती देने और उÍच Ûयायालय मɅ उठाए जा सकने वाले हर ǒबंदु को उठाने क े ͧलए èवतंğ है। अपील कȧ अंǓतम सुनवाई मɅ क े वल उÛहȣं ǒबंदुओं पर आĒह ͩकया जा सकता है जो Ĥारंͧभक चरण मɅ आĒह ͩकए जाने क े ͧलए उपयुÈत हɇ जब अपील करने कȧ अनुमǓत मांगी जाती है। यह सच है, यह ͧसɮधांत एक आपराͬधक मामले मɅ, कहा गया था, लेͩकन यह ͧसͪवल मामलɉ मɅ उतना हȣ मह×व रखता है िजतना ͩक आपराͬधक अपीलɉ क े ͪवचारण मɅ। [देखɅ: (1970) 3 एससीसी 876 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत मुत[जा एंड संस और एक अÛय वी नजीर मो. खान और अÛय]।
20. इस Ûयायालय कȧ एक संͪवधान पीठ ने (1955) 1 एससीआर 941: एआईआर 1955 एससी 65 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत ढाक े æवरȣ कॉटन ͧमãस ͧलͧमटेड आयकर आयुÈत, पिæचम बंगाल मɅ Ǔनàनͧलͨखत ǑटÜपͨणयां कȧ थीं:- "7.... अनुÍछेद 136 मɅ ͩकए गए संवैधाǓनक Ĥावधान ɮवारा इस Ûयायालय मɅ ǓनǑहत ͪववेकाधीन ¢ेğाͬधकार क े Ĥयोग पर सीमाओं को ͩकसी भी सटȣकता क े साथ पǐरभाͪषत करना संभव नहȣं है। सीमाएं, जो भी हɉ, शिÈत कȧ Ĥकृ Ǔत और चǐरğ मɅ हȣ अंतǓन[Ǒहत हɇ। यह एक असाधारण और अͧभभावी शिÈत होने क े नाते, èवाभाͪवक Ǿप से इसका Ĥयोग संयम से और सावधानी क े साथ और क े वल ͪवशेष और असाधारण पǐरिèथǓतयɉ मɅ हȣ ͩकया जाना चाǑहए। इसक े अलावा ͩकसी भी Ǔनधा[ǐरत सूğ या Ǔनयम ɮवारा इस शिÈत क े Ĥयोग को रोकना संभव नहȣं है। इतना हȣ कहा जा सकता है ͩक संͪवधान ने इस मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ûयायाधीशɉ क े ͪववेक और सɮबुɮͬध पर भरोसा ͩकया है, यह अपने आप मɅ एक पया[Üत र¢ोपाय और गारंटȣ है ͩक शिÈत का उपयोग क े वल Ûयाय क े उɮदेæय को आगे बढ़ाने क े ͧलए ͩकया जाएगा, और यह ͩक इसका अßयास अÍछȤ तरह से èथाͪपत ͧसɮधांतɉ ɮवारा शाͧसत होगा जो संवैधाǓनक शिÈतयɉ क े Ĥयोग को Ǔनयंǒğत करते हɇ। हालांͩक, यह èपçट है ͩक जब Ûयायालय इस Ǔनçकष[ पर पहुंचता है ͩक ͩकसी åयिÈत क े साथ मनमाने ढंग से åयवहार ͩकया गया है या भारत क े ¢ेğ क े भीतर एक Ûयायालय या अͬधकरण ने एक वादȣ से उͬचत åयवहार नहȣं ͩकया है, तो ͩकसी भी Ĥकार कȧ कोई भी तकनीकȧ बाधा जैसे तØयɉ को खोजने कȧ अंǓतमता या अÛयथा इस शिÈत क े Ĥयोग क े राèते मɅ बाधा नहȣं बन सकती है Èयɉͩक इस अनुÍछेद का पूरा इरादा और उɮदेæय यह है ͩक इस Ûयायालय का कत[åय है ͩक वह यह सुǓनिæचत करे ͩक Ûयायालयɉ और अͬधकरणɉ क े Ǔनण[यɉ ɮवारा अÛयाय को कायम न रखा जाए या गलत न ͩकया जाए क े वल इसͧलए Èयɉͩक क ु छ कानूनɉ ने इन Ûयायालयɉ या अͬधकरणɉ क े Ǔनण[यɉ को अंǓतम और Ǔनणा[यक बना Ǒदया है।..."
21. उजागर ͧसंह और अÛय बनाम राÏय (Ǒदãलȣ Ĥशासन) (1979) 4 एससीसी 530, मɅ पीठ कȧ ओर से बोलते हुए Įी वाई. वी. चंġचूड़, मु.Ûया. ɮवारा Ǔनàनͧलͨखत मत åयÈत ͩकया गया:- "1.... ͧसͪवल या ͩĐͧमनल शायद हȣ कोई ऐसा मामला हो, जो कानून या दूसरे पर कोई सवाल न खड़ा करता हो। लेͩकन इन याͬचकाओं मɅ सामाÛय साव[जǓनक मह×व क े कानून का कोई सवाल शाͧमल नहȣं है। अब समय आ गया है ͩक यह महसूस ͩकया जाए ͩक अपील करने क े ͧलए ͪवशेष अनुमǓत देने क े ͧलए इस Ûयायालय क े अͬधकार ¢ेğ को बहुत हȣ असाधारण पǐरिèथǓतयɉ मɅ लागू ͩकया जा सकता है। सामाÛय साव[जǓनक मह×व क े कानून का Ĥæन या Ûयायालय कȧ अंतरा×मा को झकझोरने वाला Ǔनण[य ͪवशेष अनुमǓत Ĥदान करने क े ͧलए क ु छ Ĥमुख आवæयकताएं हɇ।... "
21. एस.जी. क े ͧमकãस एंड डाइज Ěेͫडंग एàÜलॉइज यूǓनयन बनाम एसजी क े ͧमकãस एंड डाइज Ěेͫडंग ͧलͧमटेड और अÛय, (1986) 2 एससीसी 624 क े मामले मɅ, इस Ûयायालय ने पैरा 6 मɅ Ǔनàनानुसार ǑटÜपणी कȧ:- "6. संघ उÈत आदेश को चुनौती देने क े उɮदेæय से संͪवधान क े अनुÍछेद 226 या 227 क े तहत उÍच Ûयायालय से संपक [ ͩकए ǒबना औɮयोͬगक Ûयायालय क े उÈत आदेश क े ͨखलाफ अपील मɅ सीधे इस Ûयायालय मɅ आया है। अनुÍछेद 136 क े तहत इस Ûयायालय कȧ शिÈतयां बहुत åयापक हɇ, लेͩकन जैसा ͩक उस अनुÍछेद क े खंड (1) मɅ हȣ कहा गया है, अपील करने क े ͧलए ͪवशेष अनुमǓत देना Ûयायालय क े ͪववेक पर है। इसͧलए, अनुÍछेद 136 इस Ûयायालय को उन मामलो मɅ सीधी पहुंच कȧ अनुमǓत देने क े ͧलए नहȣं बनाया गया है, जहां अÛय समान Ǿप से Ĥभावो×पादक उपाय उपलÞध हɇ और जहां सवाल साव[जǓनक मह×व का नहȣं है।
23. इस Ûयायालय नेÏयोǓतÛġͧसंहजी वी.एस.आई. ǒğपाठȤ और अÛय) 1993 एसयूपीपी (3) एससीसी 389 मɅ पैरा 16 मɅ Ǔनàनानुसार मत åयÈत ͩकया है; "16. यह सच है ͩक धारा 245-I मɅ ǓनǑहत अंǓतम खंड अनुÍछेद 226 क े तहत उÍच Ûयायालय क े अͬधकार ¢ेğ या अनुÍछेद 32 क े तहत या अनुÍछेद 136 क े तहत इस Ûयायालय क े अͬधकार ¢ेğ पर रोक नहȣं लगा सकता है, जैसा भी मामला हो। लेͩकन इसका मतलब यह नहȣं है ͩक इस Ûयायालय मɅ सीधे दायर कȧ गई अपील मɅ इस Ûयायालय का अͬधकार ¢ेğ उस िèथǓत से अलग है यǑद Ǔनधा[ǐरती ने पहले अनुÍछेद 226 क े तहत उÍच Ûयायालय का दरवाजा खटखटाया था और ͩफर अनुÍछेद 136 क े तहत इस Ûयायालय मɅ अपील कȧ थी। एक प¢ अनुÍछेद 226 क े तहत उÍच Ûयायालय का दरवाजा खटखटाने क े बजाय अनुÍछेद 136 क े तहत सीधे इस Ûयायालय से संपक [ करक े कोई लाभ ĤाÜत नहȣं करता है और न हȣ ĤाÜत कर सकता है। यह अनुÍछेद 136 मɅ ǓनǑहत सीमा नहȣं है; यह एक सीमा है िजसे यह Ûयायालय आयोग ɮवारा ͩकए गए काय[ कȧ Ĥकृ Ǔत को Úयान मɅ रखते हुए और ÛयाǓयक समी¢ा क े ͧसɮधांतɉ को Úयान मɅ रखते हुए èवयं पर लगाता है।...”
24. इस Ĥकार, इस Ûयायालय क े उपयु[Èत Ǔनण[यɉ से जो समझ मɅ आता है वह यह है ͩक अपील करने क े ͧलए ͪवशेष अनुमǓत देने क े ͧलए सवȾÍच Ûयायालय क े अͬधकार ¢ेğ को बहुत हȣ असाधारण पǐरिèथǓतयɉ मɅ लागू ͩकया जा सकता है। सामाÛय साव[जǓनक मह×व क े कानून का सवाल या एक Ǔनण[य जो Ûयायालय कȧ अंतरा×मा को झकझोर देता है, ͪवशेष अनुमǓत Ĥदान करने क े ͧलए क ु छ Ĥमुख आवæयकताएं हɇ। संͪवधान क े अनुÍछेद 136 क े Ĥावधान ͩकसी भी सीमा ɮवारा सीͧमत नहȣं हɇ। लेͩकन जब पीͫड़त प¢ क े पास उÍच Ûयायालय क े सम¢ जाने का वैकिãपक उपाय है, तो अपने ǐरट ¢ेğाͬधकार या पय[वे¢ी ¢ेğाͬधकार का उपयोग करते हुए, इस Ûयायालय को ͪवशेष अनुमǓत कȧ मांग करने वालȣ याͬचका पर ͪवचार नहȣं करना चाǑहए, िजससे Ǔनधा[ǐरत कानूनी ĤͩĐया को ͪवफल ͩकया जा सक े । सीमाएं, जो भी हɉ, वे सƣा कȧ Ĥकृ Ǔत और चǐरğ मɅ ǓनǑहत हɇ। इसका एक असाधारण और अͧभभावी शिÈत होने क े नाते, èवाभाͪवक Ǿप से इसका Ĥयोग संयम से और सावधानी क े साथ और क े वल बहुत हȣ असाधारण पǐरिèथǓतयɉ मɅ ͩकया जाना चाǑहए। शिÈत का उपयोग क े वल Ûयाय क े उɮदेæय को आगे बढ़ाने क े ͧलए ͩकया जाएगा और इसका अßयास अÍछȤ तरह से èथाͪपत ͧसɮधांतɉ ɮवारा शाͧसत होगा जो अͧभभावी संवैधाǓनक शिÈतयɉ क े Ĥयोग को Ǔनयंǒğत करते हɇ।
25. लगभग छह दशक पहले, बॉàबे राÏय बनाम मैसस[ रǓतलाल वाडीलाल और Ħदस[ (1961) 2 एससीआर 367 मɅ इस Ûयायालय कȧ ओर से बोलते हुए Įी एम. Ǒहदायतुãलाह, Ûया. ɮवारा Ǔनàनानुसार मत åयÈत ͩकया गया:- "3.... हमने अÈसर देखा है ͩक अपीलकता[ क े ͧलए खुले सभी उपाय इस Ûयायालय क े सम¢ आने से पहले समाÜत नहȣं होते हɇ। आम तौर पर, यह Ûयायालय उÍच Ûयायालय को इस तरह से दरͩकनार ͩकए जाने कȧ अनुमǓत नहȣं देगा, और एक अपीलकता[ क े ͧलए उͬचत तरȣका अनुÍछेद 136 क े तहत इस Ûयायालय क े अͬधकार ¢ेğ को लागू करने से पहले अपने सभी उपायɉ का उपयोग करना है।..."
26. अब हम इĦत फ ै जान बनाम ओमैÈस ǒबãडहोम Ĥाइवेट ͧलͧमटेड 2022 आईएनएससी 573 मामले मɅ इस Ûयायालय कȧ एक बहुत हȣ हाͧलया घोषणा को देखɅगे। उÈत मामले मɅ, अपीलकता[ ने Ĥ×यथȸ ɮवारा शुǾ कȧ गई पǐरयोजना मɅ एक Ýलैट बुक ͩकया था। अपीलकता[ ने इस ͧलहाज कȧ पूरȣ राͧश का भुगतान ͩकया लेͩकन Ĥ×यथȸ ने समझौते मɅ Ǔनधा[ǐरत समय क े भीतर Ýलैट नहȣं सɋपा। इसͧलए, अपीलकता[ ने 10.08.2013 को एससीडीआरसी क े सम¢ एक उपभोÈता ͧशकायत दायर कȧ, िजसमɅ Ĥ×यथȸ कȧ ओर से सेवा कȧ कमी का आरोप लगाया गया। एससीडीआरसी ने अपने Ǒदनांक 16.10.2020 क े आदेश क े तहत अपीलकता[ ɮवारा दायर ͧशकायत को अनुमǓत दȣ। एससीडीआरसी ने Ĥ×यथȸ को Ǔनदȶश Ǒदया ͩक वह Ýलैट को अपीलकता[ क े कÞजे मɅ सɋप दे, बशतȶ ͩक वे आवæयकताओं को पूरा करɅ। एससीडीआरसी ने Ĥ×यथȸ को Ĥ×यथȸ ɮवारा सेवा मɅ कमी क े ͧलए अपीलकता[ क े कÞजे वाले Ýलैट कȧ ͫडलȣवरȣ कȧ तारȣख तक नौ ĤǓतशत साधारण Þयाज क े Ǿप मɅ मुआवजे का भुगतान करने का Ǔनदȶश Ǒदया।
27. अपीलकता[ ने Ĥ×यथȸ क े ͨखलाफ Ǔनçपादन और अवमानना याͬचका दायर कȧ Èयɉͩक उसने एससीडीआरसी क े आदेश का पालन नहȣं ͩकया। एससीडीआरसी ने अपने Ǒदनांक 12.03.2021 क े आदेश क े माÚयम से Ĥ×यथȸ को बɇक खातɉ या संपͪƣयɉ को क ु क [ करने और एससीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश को लागू करने क े उɮदेæय से उनका ͪववरण Ĥèतुत करने का Ǔनदȶश Ǒदया।
28. Ĥ×यथȸ ने एनसीडीआरसी क े सम¢ अपील दायर कȧ। 30.03.2021 को, एनसीडीआरसी ने एससीडीआरसी क े आदेश पर रोक लगा दȣ, जो एससीडीआरसी कȧ रिजèĚȣ मɅ आज तक भुगतान कȧ गई राͧश पर नौ ĤǓतशत Þयाज क े साथ पूरे Ýलैट कȧ लागत जमा करने क े अधीन है।
29. Ĥ×यथȸ ने एनसीडीआरसी क े आदेश से åयͬथत होकर एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश को चुनौती देते हुए उÍच Ûयायालय क े सम¢ एक ǐरट याͬचका दायर कȧ। उÍच Ûयायालय क े सम¢ Ĥ×यथȸ ने तक [ Ǒदया ͩक एनसीडीआरसी को Ĥ×यथȸ ǒबãडर को एससीडीआरसी ɮवारा Ǒदए गए मुआवजे क े साथ अपाट[मɅट कȧ पूरȣ लागत जमा करने का Ǔनदȶश नहȣं देना चाǑहए था। उÍच Ûयायालय ने अपने Ǒदनांक 25.05.2021 क े आदेश क े माÚयम से राçĚȣय आयोग क े आदेश पर रोक लगा दȣ। उÈत èथगन आदेश इस शत[ क े अधीन जारȣ ͩकया गया था ͩक Ĥ×यथȸ को उÍच Ûयायालय ɮवारा जारȣ èथगन आदेश कȧ तारȣख से चार सÜताह क े भीतर मुआवजे क े ͧलए Þयाज क े Ǿप मɅ जमा करने क े ͧलए Ǔनदȶͧशत राͧश का पचास ĤǓतशत राÏय आयोग क े पास जमा करना होगा।
30. इस बीच, एनसीडीआरसी ने अपने Ǒदनांक 09.12.2021 क े आदेश क े तहत राÏय आयोग ɮवारा पाǐरत आदेश कȧ पुिçट करते हुए अंǓतम आदेश पाǐरत ͩकया। Ĥ×यथȸ ने एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत अंǓतम आदेश को चुनौती देते हुए उÍच Ûयायालय क े सम¢ एक ǐरट याͬचका भी दायर कȧ। उÍच Ûयायालय ने इस याͬचका मɅ अपने Ǒदनांक 22.12.2021 क े आदेश क े तहत अंतǐरम रोक भी लगा दȣ। इस आदेश क े ͨखलाफ अपीलकता[ ने इस Ûयायालय क े सम¢ एक एसएलपी दायर कȧ। इस Ûयायालय ने अपने Ǒदनांक 21.03.2022 क े आदेश क े तहत उÍच Ûयायालय को Ǔनदȶश Ǒदया ͩक वह एनसीडीआरसी ɮवारा 18.04.2022 को या उससे पहले पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ संͪवधान क े अनुÍछेद 227 क े तहत ¢ेğाͬधकार क े मुɮदे पर फ ै सला करे और इस Ûयायालय को पǐरणाम से अवगत कराए। उÍच Ûयायालय ने अपने Ǒदनांक 31.03.2022 क े आदेश क े तहत कहा ͩक एनसीडीआरसी क े आदेश क े ͨखलाफ उÍच Ûयायालय क े सम¢ ǐरट याͬचका सुनवाई योÊय थी। इस आदेश को अपीलकता[ ɮवारा इस Ûयायालय क े सम¢ चुनौती दȣ गई थी।
31. अपीलकता[ ने इस Ûयायालय क े सम¢ Ǔनàनͧलͨखत Ĥèतुत ͩकया:- (क) एनसीडीआरसी क े आदेश क े ͨखलाफ, संͪवधान क े अनुÍछेद 227 क े सम¢ एक याͬचका सुनवाई योÊय नहȣं है। (ख) उपभोÈता संर¢ण अͬधǓनयम क े अनुसार एनसीडीआरसी क े आदेश क े ͪवǽɮध इस Ûयायालय क े सम¢ क े वल अपील हȣ ͪवचारणीय है। (ग) अपीलȣय उपाय का उपयोग ͩकए ǒबना, उÍच Ûयायालय को संͪवधान क े तहत याͬचका पर ͪवचार नहȣं करना चाǑहए था। (घ) उÍच Ûयायालय को संͪवधान क े तहत उपलÞध सीͧमत अͬधकार ¢ेğ मɅ एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश पर रोक नहȣं लगानी चाǑहए थी।
32. Ĥ×यथȸ ने इस Ûयायालय क े सम¢ Ǔनàनͧलͨखत Ĥèतुत ͩकया:- (क) अͬधǓनयम 2019 क े Ĥावधानɉ मɅ अपीलȣय/पुनरȣ¢ण ¢ेğाͬधकार का Ĥयोग करते हुए पाǐरत एनसीडीआरसी क े आदेश क े ͨखलाफ अपील क े Ĥावधान नहȣं हɇ और इसͧलए अनुÍछेद 226 क े तहत ǐरट याͬचका या अनुÍछेद 227 क े तहत याͬचका, जैसा भी मामला हो, एनसीडीआरसी क े आदेश क े ͨखलाफ उÍच Ûयायालय क े सम¢ सुनवाई योÊय है। (ख) उपरोÈत उɮदेæय क े ͧलए Ĥ×यथȸ ने Ǔनàनͧलͨखत Ǔनण[यɉ पर भरोसा ͩकया:- एसोͧसएटेड सीमɅट क ं पनीज ͧलͧमटेड बनाम पीएन शमा[, एआईआर 1965 एससी 1595; और एल. चÛġ कु मार वी. भारत संघ, (1997) 3 एससीसी 261।
33. इस Ûयायालय ने अपने Ǔनण[य क े ͧलए इस Ĥæन पर ͪवचार ͩकया ͩक Èया अͬधǓनयम 2019 कȧ धारा 58 (1)(क)(iii) क े तहत अपील मɅ एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ, भारत क े संͪवधान क े े सम¢ याͬचका सुनवाई योÊय होगी।
34. अͬधǓनयम 2019 क े उͬचत ͪवæलेषण क े बाद, जो े अनुǾप हɇ, इस Ûयायालय ने इĦत फ ै जान (पूवȾÈत) मɅ Ǔनàनानुसार अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया:- "11......इसͧलए, इस Ûयायालय मɅ राçĚȣय आयोग ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ अपील क े वल तभी सुनवाई योÊय होगी जब राçĚȣय आयोग ɮवारा 2019 अͬधǓनयम कȧ धारा 58(1)(क)(i) या धारा 58(1)(क)(ii) क े तहत Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए आदेश पाǐरत ͩकया गया हो। 2019 अͬधǓनयम कȧ धारा 58 (1)(क)(iii) या धारा 58(1)(क)(iv) क े तहत Ĥदƣ अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हुए राçĚȣय आयोग ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ इस Ûयायालय मɅ कोई और अपील Ĥदान नहȣं कȧ गई है। इस मामले को देखते हुए, अपील मɅ धारा 58(1)(क)(iii) या धारा 58(1)(क)(iv) क े तहत राçĚȣय आयोग ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ पीͫड़त प¢ क े ͧलए उपलÞध उपाय भारत क े अनुÍछेद 227 क े तहत अͬधकार ¢ेğ वाले संबंͬधत उÍच Ûयायालय क े सम¢ जाना होगा। xxx xxx xxx
14. भारत क े तहत शिÈतयɉ का Ĥयोग करते समय, उÍच Ûयायालय खुद को संͪवधान क े अनुÍछेद 227 कȧ कठोरता क े अधीन करता है और उÍच Ûयायालय को अनुÍछेद 227 क े तहत अͬधकार ¢ेğ का उपयोग उन मापदंडɉ क े भीतर करना होता है िजनक े भीतर इस तरह क े अͬधकार ¢ेğ का उपयोग ͩकया जाना आवæयक है।
35. इĦत फ ै जान (उपरोÈत) मɅ, इस Ûयायालय ने Ǔनàनͧलͨखत एसोͧसएटेड सीमɅट (उपरोÈत) मɅ अपने पहले क े Ǔनण[य पर Úयान Ǒदया, िजसमɅ एक संͪवधान पीठ ने Ǔनàनानुसार अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया था:- "9.... ͪवशेष मामलɉ और Ĥæनɉ को उनक े Ǔनण[य क े ͧलए सɋपा जाता है और इस अथ[ मɅ, वे Ûयायालयɉ क े साथ एक समान ͪवशेषता साझा करते हɇ; Ûयायालय और अͬधकरण दोनɉ "राÏय ɮवारा गǑठत ͩकए जाते हɇ और ͪवशुɮध Ǿप से ĤशासǓनक या काय[कारȣ कायɟ से अलग ÛयाǓयक कायɟ क े साथ Ǔनवेश ͩकए जाते हɇ", [दुगा[ शंकर मेहता बनाम रघुराज ͧसंह, 1955 1 एससीआर 267 पृçठ 272 पर: (एआईआर 1954 एससी 520 पृçठ 522 पर) देखɅ]। वे दोनɉ Ǔनणा[यक Ǔनकाय हɇ और वे उन प¢ɉ क े बीच ͪववादɉ से Ǔनपटते हɇ और अंत मɅ Ǔनधा[ǐरत करते हɇ जो उनक े अͬधकार ¢ेğ को सɋपे गए हɇ। Ûयायालयɉ ɮवारा अपनाई जाने वालȣ ĤͩĐया Ǔनयͧमत Ǿप से Ǔनधा[ǐरत कȧ जाती है और अपने कृ ×यɉ का Ǔनव[हन करने और अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग करने मɅ Ûयायालयɉ को उस ĤͩĐया का अनुपालन करना होता है। अͬधकरणɉ को िजस ĤͩĐया का पालन करना होता है, वह हमेशा इतनी सÉती से Ǔनधा[ǐरत नहȣं हो सकती है, लेͩकन Ûयायालयɉ और अͬधकरणɉ दोनɉ ɮवारा अपनाया गया Ǻिçटकोण काफȧ हद तक समान है, और उनक े ɮवारा Ǔनव[हन ͩकए जाने वाले कायɟ क े बीच कोई आवæयक अंतर नहȣं है। जैसा ͩक Ûयायालयɉ क े मामले मɅ होता है, वैसे हȣ अͬधकरणɉ क े मामले मɅ, यह राÏय कȧ अंतǓन[Ǒहत ÛयाǓयक शिÈत है िजसे हèतांतǐरत ͩकया गया है और उÈत शिÈत क े आधार पर, यह राÏय का अंतǓन[Ǒहत ÛयाǓयक काय[ है िजसका वे Ǔनव[हन करते हɇ। ÛयाǓयक काय[ और ÛयाǓयक शिÈतयां एक संĤभु राÏय कȧ आवæयक ͪवशेषताओं मɅ से एक हɇ, और नीǓत क े ͪवचार पर, राÏय अपने ÛयाǓयक कायɟ और शिÈतयɉ को मुÉय Ǿप से संͪवधान ɮवारा èथाͪपत Ûयायालयɉ को हèतांतǐरत करता है; लेͩकन यह उͬचत उपायɉ ɮवारा राÏय कȧ ¢मता को Ĥभाͪवत नहȣं करता है, जो अपनी ÛयाǓयक शिÈतयɉ और कायɟ का एक Ǒहèसा अͬधकरणɉ को ͪवशेष मामलɉ और प¢कारɉ क े बीच ͪववादɉ पर Ǔनण[य लेने का काय[ सɋपकर हèतांतǐरत करता है। अͬधकरणɉ और Ûयायालयɉ क े ͧलए समान ͪवशेषताओं और ͪवͧशçट और पृथक ͪवशेषताओं का ͪवèतृत Ǿप से वण[न करने का Ĥयास करना वाèतव मɅ संभव या समीचीन नहȣं है। मूल और मूलभूत ͪवशेषता जो Ûयायालयɉ और अͬधकरणɉ दोनɉ क े ͧलए समान है, वह यह है ͩक वे ÛयाǓयक कायɟ का Ǔनव[हन करते हɇ और ÛयाǓयक शिÈतयɉ का Ĥयोग करते हɇ जो èवाभाͪवक Ǿप से एक संĤभु राÏय मɅ ǓनǑहत हɇ।
44. एक Ûयायालय क े अलावा एक अÛय Ĥाͬधकरण को åयापक Ǿप से ͪवͧभÛन पǐरिèथǓतयɉ मɅ ÛयाǓयक शिÈत क े साथ क़ानून ɮवारा ǓनǑहत ͩकया जा सकता है, िजसे åयापक Ǿप से पǐरभाͪषत करने का Ĥयास करना असंभव और वाèतव मɅ अनुͬचत होगा। उͬचत बात यह है ͩक Ĥ×येक मामले कȧ जांच कȧ जाए जैसा ͩक यह उ×पÛन होता है, और यह पता लगाने क े ͧलए ͩक Èया Ĥाͬधकरण मɅ ǓनǑहत शिÈतयɉ को वाèतव मɅ ÛयाǓयक कायɟ या राÏय कȧ ÛयाǓयक शिÈतयɉ क े Ǿप मɅ वͨण[त ͩकया जा सकता है। इस मामले क े Ĥयोजन क े ͧलए, यह कहना पया[Üत है ͩक राÏय ɮवारा उनक े बीच ͪववाद मɅ ͩकसी भी मामले क े संबंध मɅ दो या दो से अͬधक दावेदार प¢ɉ क े अͬधकारɉ को Ǔनणा[यक Ǿप से Ǔनधा[ǐरत करने क े ͧलए राÏय ɮवारा सशÈत कोई भी बाहरȣ Ĥाͬधकरण राÏय कȧ ÛयाǓयक शिÈतयɉ क े साथ ǓनǑहत Ĥाͬधकरण कȧ कसौटȣ को पूरा करता है और अनुÍछेद 136 क े अथ[ क े भीतर एक अͬधकरण क े Ǿप मɅ माना जा सकता है। अͬधǓनण[य कȧ ऐसी शिÈत का अथ[ है ͩक Ĥाͬधकारȣ को ÛयाǓयक Ǿप से काय[ करना चाǑहए और उसक े सम¢ मौजूद सामͬĒयɉ पर Ĥासंͬगक तØयɉ का पता लगाकर और उन तØयɉ पर संबंͬधत कानून को लागू करक े ͪववाद का Ǔनधा[रण करना चाǑहए। एक अͬधकरण का यह परȣ¢ण संपूण[ नहȣं है, और यह हो सकता है ͩक इस परȣ¢ण को पूरा नहȣं करने वाले अÛय Ǔनकाय भी अͬधकरण हɉ। एक अͬधकरण होने क े ͧलए, यह आवæयक है ͩक Ǔनण[य कȧ शिÈत एक क़ानून या वैधाǓनक Ǔनयम से ĤाÜत कȧ जानी चाǑहए। प¢ɉ क े समझौते से Ǔनण[य लेने कȧ अपनी शिÈत ĤाÜत करने वाला Ĥाͬधकरण या Ǔनकाय जैसे औɮयोͬगक ͪववाद अͬधǓनयम, 1947 कȧ धारा 10क क े तहत काम करने वाला Ǔनजी मÚयèथ या अͬधकरण अनुÍछेद 136 क े भीतर एक अͬधकरण क े परȣ¢ण को पूरा नहȣं करता है। इससे कोई फक [ नहȣं पड़ता ͩक ऐसा Ǔनकाय या Ĥाͬधकारȣ को Ûयायालय क े दाǓय×व ĤदाǓनत हɇ। मÚयèथता अͬधǓनयम, 1940 एक मÚयèथ को Ûयायालय क े क ु छ दाǓय×वɉ क े साथ ǓनǑहत करता है, ऐसा हȣ औɮयोͬगक ͪववाद अͬधǓनयम, 1947 भी अͬधǓनयम कȧ धारा 10क क े तहत काय[ करने वाले Ĥाͬधकरण को इस तरह क े कई Ĥावधानɉ क े साथ ǓनǑहत करता है, और ͩफर भी, ऐसे Ǔनकाय और Ĥाͬधकरण अͬधकरण नहȣं हɇ।
45. "अͬधकरण" शÞद संͪवधान क े अनुÍछेद 227 मɅ भी जगह पाता है, और मɇ समझता हूं ͩक वहां भी इस शÞद का वहȣ अथ[ है जो अनुÍछेद 136 मɅ है।"
36. पूवȾÈत को Úयान मɅ रखते हुए, इस Ûयायालय ने इĦत फ ै जान (पूवȾÈत) मɅ Ǔनàनानुसार मत åयÈत ͩकया:- "12.... इसͧलए, राçĚȣय आयोग को एक 'अͬधकरण' कहा जा सकता है, िजसेमɅ क़ानून ɮवारा उन दो या दो से अͬधक दावेदार प¢ɉ क े बीच ͪववाद मɅ ͩकसी भी मामले क े संबंध मɅ उनक े अͬधकारɉ को Ǔनणा[यक Ǿप से Ǔनधा[ǐरत करने कȧ शिÈतयां ǓनǑहत हɇ। इसͧलए, जैसा ͩक उपरोÈत Ǔनण[य मɅ ऊपर देखा गया है, यह राÏय कȧ ÛयाǓयक शिÈतयɉ क े साथ ǓनǑहत Ĥाͬधकरण कȧ कसौटȣ को पूरा करता है और इसͧलए इसे भारत क े अनुÍछेद 227 और / या 136 क े अथ[ क े भीतर 'अͬधकरण क े Ǿप मɅ माना जा सकता है।..."
37. इĦत फ ै जान (पूवȾÈत) मɅ इस Ûयायालय ने उÍच Ûयायालय का ǽख करने क े मह×व को समझाते हुए, ͪवशेष Ǿप से जब संͪवधान क े अनुÍछेद 226 क े तहत एक ǐरट याͬचका क े माÚयम से या संͪवधान क े अनुÍछेद 227 (पय[वे¢ी अͬधकार ¢ेğ) क े तहत एक याͬचका क े माÚयम से एक उपाय उपलÞध है, Ǔनàनानुसार मत åयÈत ͩकया:- "12...... इसक े अलावा, ͩकसी Ǒदए गए मामले मɅ, भारत क े तहत संबंͬधत उÍच Ûयायालय क े सम¢ पीͫड़त प¢ क े ͧलए संभवतः उपलÞध उपाय क े मɮदेनजर यह Ûयायालय भारत क े संͪवधान क े तहत अपनी शिÈतयɉ का Ĥयोग संभवतः न करे, Èयɉͩक यह उͬचत है ͩक पीͫड़त प¢ भारत क े तहत ǐरट याͬचका क े माÚयम से संबंͬधत उÍच Ûयायालय से संपक [ करे।
13. अब जहां तक भारत क े अनुÍछेद 136 क े तहत उपलÞध उपाय का संबंध है, इस बात पर ͪववाद नहȣं ͩकया जा सकता है ͩक भारत क े संͪवधान क े तहत ͪवशेष अनुमǓत ɮवारा अपील क े माÚयम से उपाय बहुत महंगा हो सकता है और जैसा ͩक एल चंġ क ु मार (पूवȾÈत) क े मामले मɅ इस Ûयायालय ɮवारा देखा और माना जाता है, उÈत उपाय को वाèतͪवक और Ĥभावी होने क े ͧलए दुग[म कहा जा सकता है। इसͧलए, जब संबंͬधत उÍच Ûयायालय क े सम¢ भारत क े अनुÍछेद 227 क े तहत उपाय Ĥदान ͩकया जाता है, तो उस िèथǓत मɅ, यह संͪवधान क े तहत अपील करने कȧ ͪवशेष अनुमǓत क े बजाय कम लागत पर संबंͬधत उÍच Ûयायालय से संपक [ करने हेतु पीͫड़त प¢, जो ͧशकायतकता[ हो सकता है, क े Ûयाय तक पहुंच क े अͬधकार को आगे बढ़ाएगा।
14.1. संͪवधान क े अͬधकार ¢ेğ क े अͧभĤाय और दायरे को इस Ûयायालय ɮवारा एèĚाला रबर बनाम दास एèटेट (पी) ͧलͧमटेड, (2001) 8 एससीसी 97 क े मामले मɅ समझाया गया है, िजसका इस Ûयायालय ɮवारा लगातार पालन ͩकया गया है (गारमɅट ĐाÝट बनाम Ĥकाश चंद गोयल 2022 एससीसी ऑनलाइन एससी 29 क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े हाͧलया फ ै सले को देखɅ)। इसͧलए, संͪवधान क े तहत शिÈतयɉ का Ĥयोग करते समय, उÍच Ûयायालय को संͪवधान क े े तहत शिÈतयɉ का उपयोग करने क े ͧलए मापदंडɉ क े भीतर काय[ करना होगा। यह कहने कȧ आवæयकता नहȣं है ͩक भारत क े े तहत एक ǐरट याͬचका मɅ अंतǐरम èथगन/राहत देने पर ͪवचार करते समय भी, उÍच Ûयायालय को संͪवधान क े तहत अधी¢ण क े सीͧमत अͬधकार ¢ेğ को Úयान मɅ रखना होगा। इसͧलए, संͪवधान क े तहत एक ǐरट याͬचका मɅ राçĚȣय आयोग ɮवारा पाǐरत आदेश क े ͨखलाफ कोई अंतǐरम èथगन/ राहत देते समय इसे हमेशा भारत क े अनुÍछेद 227 क े तहत Ĥयोग कȧ जाने वालȣ शिÈतयɉ कȧ कठोरता क े अधीन होना होगा।
38. मामले क े पूवȾÈत Ǻिçटकोण मɅ, हम इस Ǔनçकष[ पर पहुंचे हɇ ͩक हमɅ इस याͬचका पर गुणागुण क े आधार पर Ǔनण[य नहȣं लेना चाǑहए। हमɅ याͬचकाकता[, यहां, से कहना चाǑहए ͩक वह पहले संͪवधान क े अनुÍछेद 226 क े तहत एक ǐरट आवेदन क े माÚयम से या संͪवधान क े अनुÍछेद 227 क े तहत अͬधकाǐरता उÍच Ûयायालय क े पय[वे¢ी ¢ेğाͬधकार को लागू करक े अͬधकाǐरता उÍच Ûयायालय क े सम¢ जाए। बेशक, उÍच Ûयायालय ɮवारा Ǔनण[य लेने और अंǓतम आदेश पाǐरत ͩकए जाने क े बाद, दोनɉ प¢ɉ मɅ से ͩकसी क े ͧलए भी संͪवधान क े तहत अपील करने कȧ अनुमǓत मांगते हुए ͪवशेष अनुमǓत याͬचका दायर करक े इस Ûयायालय क े सम¢ आने का माग[ हमेशा खुला रहता है।
39. हम इस Ûयायालय ɮवारा Ǒदनांक 29.03.2023 को पाǐरत आदेश का सं£ान लेते हɇ जो इस Ĥकार है:- "2. इस बीच, ĤदाǓनत राͧश का 50 ĤǓतशत इस Ûयायालय मɅ जमा करने क े अधीन, आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश पर रोक होगी।”
40. हालांͩक, उपरोÈत संदभ[ मɅ, हमारे ͧलए Ǒदनांक 03.07.2023 कȧ काया[लय ǐरपोट[ को देखना भी आवæयक है, जो इस Ĥकार है:- “यह आगे Ĥèतुत ͩकया जाता है ͩक Ĥ×यथȸ सं. 1 क े अͬधवÈता डॉ. एस.क े. वमा[ ने 28.06.2023 को याͬचकाकता[ ɮवारा जमा कȧ गई राͧश को जारȣ करने क े ͧलए एक आवेदन दायर ͩकया है। हालांͩक, यह दोषपूण[ है Èयɉͩक संपͪƣ क े मूल कागजात दायर नहȣं ͩकए गए हɇ। इसक े अलावा, संपͪƣ क े मूãयांकन से संबंͬधत दèतावेज दायर नहȣं ͩकए जाते हɇ Èयɉͩक पɪटे क े कागजात मɅ उिãलͨखत राͧश 6,30,000/- ǽपये है। इसͧलए, Ĥ×यथȸ सं. 1 को रकम नहȣं दȣ गई।”
41. उपरोÈत से ऐसा Ĥतीत होता है ͩक ͧशकायतकता[ याͬचकाकता[, यहां, ɮवारा जमा कȧ गई पचास ĤǓतशत राͧश को वापस लेने कȧ िèथǓत मɅ नहȣं था। आगे ऐसा Ĥतीत होता है ͩक याͬचकाकता[, यहां, ɮवारा जमा कȧ गई राͧश अभी भी इस Ûयायालय कȧ रिजèĚȣ क े पास है। चूंͩक हम गुणागुण क े आधार पर इस याͬचका पर ͪवचार नहȣं कर रहे हɇ, इसͧलए हम रिजèĚȣ को उͬचत और संगत स×यापन क े बाद याͬचकाकता[ को राͧश वापस करने का Ǔनदȶश देते हɇ।
42. पǐरणामèवǾप, इस याͬचका का Ǔनपटान याͬचकाकता[ को अͬधकाǐरता उÍच Ûयायालय से संपक [ करने और कानून क े अनुसार एनसीडीआरसी ɮवारा पाǐरत आदेश को चुनौती देने कȧ èवतंğता क े साथ ͩकया जाता है।
43. यह èपçट करने कȧ आवæयकता नहȣं है ͩक हमने मामले क े गुणागण पर कोई राय åयÈत नहȣं कȧ है। मामले क े गुणागुण पर अͬधकाǐरता उÍच Ûयायालय ɮवारा ͪवचार ͩकया जाएगा।.......................Ûया. (जे.बी. पारदȣवाला).......................Ûया. (मनोज ͧमĮा) नई Ǒदãलȣ; 26 जुलाई, 2023। (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।