राज्य राजधानी दिल्ली सरकार v. भारत संघ

Supreme Court of India · 20 Jul 2023
Dhananjay Y. Chandrachud; P. S. Narasimha; Manoj Misra
रट यािचका (िस.) सं. 678/2023
constitutional petition_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court dismissed the challenge to the NCT Delhi (Amendment) Ordinance, 2023, holding that Parliament has plenary power under Article 239AA to legislate for Delhi, but referred key constitutional questions to a larger Bench.

Full Text
Translation output
ितवे
भारतीय सव च यायालय
िस वल मूल अिधका रता
रट यािचका (िस.) सं. 678/2023
रा ीय राजधानी े द ली सरकार ... यािचकाकता
बनाम
भारत संघ व अ य ... यथ गण
आदेश
JUDGMENT

1. दनांक 19 मई 2023 को, इस यायालय क सं वधान पीठ ारा िनणय सुनाए जाने क े आठ दन बाद रा ीय राजधानी े द ली सरकार बनाम भारत संघ ["2023 सं वधान पीठ िनणय"], रा पित ने सं वधान क े अनु छेद 123 क े तहत श य का योग करते हुए रा ीय राजधानी े द ली सरकार (संशोधन) अ यादेश 2023 ["एनसीट अ यादेश"] को या पत कया। एनसीट अ यादेश रा ीय राजधानी े द ली सरकार अिधिनयम 1991 ["जीएनसीट ड अिधिनयम"] म संशोधन करता है। अ यादेश क तावना म कहा गया है क अनु छेद 239-कक(3)(बी) व 239-कक(7) क े म ेनजर रा ीय राजधानी क े संबंध म संसद क े पास वशेष और पूण अिधका रता है: "और जब क, विभ न आयोग क विभ न रपोट को यान म रखते हुए और चूं क द ली देश क राजधानी है, इसिलए सं वधान ने सामा य प से अनु छेद 239-कक और वशेष प से अनु छेद 239-कक(7) क े साथ अनु छेद 239-कक(3)(ख) को शािमल करते हुए संसद म क ु छ वशेष और पूण अिधका रता को बरकरार रखा। [...] और जब क अनु छेद 239(I) सहप ठत अनु छेद 239कक और अनु छेद 239कक(3)(ख) क श य का योग करते हुए और भारत क े सं वधान क े अनु छेद 239कक(7), जसम अनु छेद 239-कक क े तहत ावधान को पूरक करने क श शािमल है, जसम उपयु संशोधन करने क श शािमल है, रा ीय राजधानी े द ली सरकार (संशोधन) अ यादेश, 2023 नामक एक अ यादेश एनसीट ड क े कामकाज और अ य संब मु म तैनात सेवाओं क े शासन क एक यापक योजना दान करने क े िलए ता वत है, जससे एनसीट ड म रहने वाले लोग क े थानीय और घरेलू हत को पूरे रा क लोकतां क इ छा क े साथ संतुिलत कया जा सक े ।" (जोर दया गया)

2. एनसीट अ यादेश जीएनसीट ड अिधिनयम, 1991 म धारा 3क स मिलत करता है। धारा 3क म यह िनधा रत कया गया है क कसी भी यायालय क े कसी िनणय, आदेश या ड म िन हत कसी भी बात क े बावजूद, वधान सभा को सं वधान क सातवीं अनुसूची क सूची II क व 41 को छोड़कर, अनु छेद 239-कक म िनधा रत विधय को अिधिनयिमत करने क श होगी। इस ावधान म सूची II क व 41 को एनसीट ड क वधायी मता से बाहर रखा गया है, इसक े अलावा सूची II क व 1, 2 और 18 को अनु छेद 239-कक ारा बाहर रखा गया है। वा तव म, धारा 3क अनु छेद 239कक म संशोधन करती है।

3. सूची II क व 41 क े संबंध म एनसीट ड क वधायी श को अपव जत करने क े अित र, एनसीट अ यादेश भारत संघ और एनसीट ड सरकार क े बीच सेवाओं पर कायकार श क े वतरण क े िलए एक नई योजना भी था पत करता है। योजना का एक सं वहंगावलोकन नीचे दया गया है: i. रा पित एनसीट ड म और उसक े िलए कसी ािधकरण, बोड, आयोग या सां विधक िनकाय का गठन करेगा, या िनकाय म कसी पदािधकार या सद य को िनयु या नािमत करेगा। [धारा 45घ] ii. रा ीय राजधानी िस वल सेवा ािधकरण [" ािधकरण"] ग ठत कया गया है। ािधकरण म एनसीट ड क े मु यमं ी, एनसीट ड सरकार क े मु य सिचव और एनसीट ड सरकार क े धान गृह सिचव शािमल ह गे। िनणय उप थत और मतदान करने वाले सद य क े बहुमत से िलया जाएगा। [धारा 45ङ] iii. ािधकरण क े पास श है, अ य बात क े साथ-साथ, एनसीट ड क े मामल म सेवारत दािन स क े अिधका रय और समूह क क े अिधका रय (सूची II क व 1,2,18 क े संबंध म सेवारत अिधका रय को छोड़कर) क े थानांतरण और तैनाती क िसफा रश करना, अनुशासना मक कायवाह क े उ े य से 'सतकता' और 'गैर-सतकता' क े वषय से संबंिधत और उसक े अंतगत आने वाले सभी मामल पर िसफा रश करना, थानांतरण और पो टंग पर िसफा रश करना, और थानांतरण पर अिधका रय क उपयु ता पर। [धारा 45ज] iv. उपरा यपाल ािधकरण ारा क गई िसफा रश को पुन वचार क े िलए वापस कर देगा य द वह ािधकरण क िसफा रश से असहमत है। उपरा यपाल और ािधकरण क े बीच मतभेद क े मामले म, उपरा यपाल का िनणय अंितम होगा। [धारा 45ज] v. ऐसे ताव जो, अ य बात क े साथ-साथ, एनसीट ड क शांित, अनुसूिचत जाितय, अनुसूिचत जनजाितय और सामा जक और शै क प से पछड़े समुदाय क े हत को भा वत करना, या उन मामल पर ताव जो क सरकार, रा य सरकार, भारत क े सव च यायालय या द ली उ च यायालय क े साथ एनसीट ड सरकार क े संबंध को भा वत करने वाले को राय क े िलए उपरा यपाल क े सम रखा जाएगा। [धारा 45ञ(4)] vi. मं प रषद या वभाग क े सिचव मं प रषद या संबंिधत वभाग क े एक ताव को उपरा यपाल क े यान म लाएंगे य द उनक राय है क ताव विध क े अनुसार नह ं है या यह ताव एनसीट ड को क सरकार, रा य सरकार, सव च यायालय या द ली उ च यायालय क े साथ " ववाद" म लाएगा। [धारा 45ट]

4. यािचकाकता ने 2023 क े अ यादेश क संवैधािनक वैधता को चुनौती देते हुए सं वधान क े अनु छेद 32 क े तहत कायवाह सं थत क है।

5. 2023 क े अ यादेश को तीन यापक आधार पर चुनौती द गई है: i. धारा 3क, सूची II क व 41 पर एनसीट ड क वधायी श को अपव जत कर, वा तव म एक संवैधािनक ावधान म संशोधन करती है, अथात ्, अनु छेद 239-कक(3)(क); ii. एनसीट अ यादेश क े ावधान, एनसीट ड सरकार म िन हत रा ीय राजधानी क े दैिनक शासन क कायकार श को एनसीट ड क िनवािचत सरकार से हटा देता है और इसे वशेष प से उपरा यपाल, एक नािमत मुख म, िन हत कर देता है। सेवाओं क े विश संदभ म 2023 क े सं वधान पीठ क े िनणय म पाया गया है क लोग अंितम सं भु ह और कायपािलका "जवाबदेह क पल ृंखला" क े मा यम से जनता क े ित जवाबदेह है। जवाबदेह क पल चेन क े िलए थायी अिधका रय का िनवािचत सरकार क े ित ज मेदार होना, िनवािचत सरकार का वधाियका क े ित ज मेदार होना और वधाियका का जनता क े ित ज मेदार होना आव यक है। 2023 का अ यादेश सामू हक ज मेदार क े िस ांत और जवाबदेह क पल चेन को िनर त करता है जो एनसीट ड क े शासन ढांचे क े मह वपूण पहलू ह; iii. संवैधािनक योजना म अनु छेद 239-कक(7)(ख) एक विश (सुई जेने रस) ावधान नह ं है। सं वधान क े अ य ावधान (जैसे अनु छेद 4, 169, 239क, 244क, 312, पांचवीं अनुसूची का भाग घ तथा छठ अनुसूची का पैरा 21) म यह भी कहा गया है क संसद ारा बनाए गए क ु छ कानून को संवैधािनक संशोधन नह ं माना जाएगा, हालां क इसम सं वधान म संशोधन का भाव है। अनु छेद 239-कक(7)(ख) संसद को अनु छेद 239-कक म एनसीट ड क े िलए प रक पत शासन क संवैधािनक योजना को समा करने क े िलए यापक श यां दान नह ं करता है; और iv. रा पित अनु छेद 123 क े तहत अ यादेश जार करने क श का योग नह ं कर सकते थे य क ऐसी प र थितयां मौजूद नह ं थीं जनक े िलए त काल कारवाई क आव यकता थी। जब क ु छ मह न म संसद का मानसून स शु होने वाला था तो अ यादेश को लागू करने क कोई ता कािलकता नह ं थी।

6. रा ीय राजधानी े सरकार ने भी एनसीट अ यादेश पर इस आधार पर रोक लगाने क मांग क है क यह एनसीट ड सरकार को अपने लोक य अिधदेश को पूरा करने से रोकता है। ी अिभषेक मनु िसंघवी, व ान व र अिधव ा ने ऐसे उदाहरण पर काश डाला जहां व र नौकरशाह ने द ली म बाढ़ क थित से िनपटने क े िलए रा ीय आपदा राहत बल को बुलाने क े संबंिधत मं ी क े आदेश क अनदेखी क है, सतकता िनदेशालय ने भार मं ी क े पूव आदेश का सीधा उ लंघन करते हुए काय आवंटन आदेश जार कया है, और उपरा यपाल ने िनवािचत सरकार क े साथ कसी भी परामश क े बना एनसीट ड सरकार क े विभ न वभाग म कायरत 437 सलाहकार क े अनुबंध को समा कर दया है। इसक े अित र, 5 जुलाई 2023 को उपरा यपाल ारा जार कए गए प पर भी रोक लगाने क मांग क गई है, जसम वशेष /साथी/सलाहकार क िनयु को समा कर दया गया है।

7. भारत सरकार क ओर से पेश होने वाले महा सॉिलिसटर ी तुषार मेहता ने 2023 क े सं वधान पीठ क े िनणय क े पैरा 95 का हवाला दया। उ पैरा म, इस यायालय ने िन नानुसार पाया: "संघ क वधायी श संघ सूची क े अलावा रा य सूची और समवत सूची क े तहत सभी व य तक व तृत है। संघ क कायपािलका श, रा य सूची म कसी वषय से संबंिधत कायकार श पर कानून क े अभाव म, क े वल उन तीन व य से संबंिधत मामल को कवर करेगी जो एनसीट ड क े वधायी े से बाहर ह। प रणाम व प, सं वधान क विध या ावधान क े अभाव म, क सरकार क ओर से काय करने वाले उपरा यपाल क कायकार श क े वल अनु छेद 239कक(3)(क) म उ ल खत तीन व य से संबंिधत मामल तक व ता रत होगी, जो अनु छेद 73 म प रसीमन क े अधीन है। [...] हालां क, अगर संसद एनसीट ड क े अिधकार े म आने वाले कसी भी वषय पर कायकार श दान करने वाला कानून बनाती है, तो उपरा यपाल क कायकार श को उस सीमा तक संशोिधत कया जाएगा, जैसा क उस कानून म ावधान कया गया है।

8. उपरा यपाल क ओर से पेश होने वाले व र अिधव ा ी हर श सा वे ने तुत कया क सलाहकार को इसिलए बखा त कर दया गया य क उनक िनयु मनमानी थी।

9. अनु छेद 239-कक(3)(क) म यह िनधा रत कया गया है क एनसीट ड क वधान सभा को रा य सूची और समवत सूची म उ ल खत मामल क े संबंध म कानून बनाने क श है, जहां तक क ऐसा मामला सूची II क व 1, 2, और 18 और सूची II क व 64, 65 और 66 को छोड़कर संघ शािसत देश पर लागू होता है, जहां तक वे उपरो व य से संबंिधत ह। 2023 क सं वधान पीठ क े सम वचार करने का मु ा यह था क या अनु छेद 239-कक(3)(क), सूची 2 क व 41 पर एनसीट ड क वधायी मता को िन हताथ से अपव जत करता है। सं वधान पीठ ने अिभिनधा रत कया क अनु छेद 239-कक प प से अपव जत क गई व य क े अलावा कसी भी व य पर एनसीट ड क वधायी श को अपव जत नह ं करता है। इस यायालय ने यह भी अिभिनधा रत कया क एनसीट ड क े पास सूची II क व 41 पर कायकार श होगी य क कायकार श वधायी श क े सह- यापक है।

10. चूं क अनु छेद 239-कक(3)(ख) क े म ेनजर, संसद क े पास सूची II क व 41 पर वधायी श भी है, तो उन मामल पर भारत संघ और एनसीट ड सरकार क कायकार श क े व तार पर एक संबंिधत मु ा उ ूत होता है, जस पर संसद और एनसीट ड क वधानसभा दोन को कानून बनाने क श है।

11. अनु छेद 73 और 162 क े िस ांत से ेरणा पा, 2023 क सं वधान पीठ ने अिभिनधा रत कया क जन व य पर संसद क वधायी मता है, एनसीट ड क कायकार श सं वधान क े ावधान ारा या संसद ारा बनाया गए कानून ारा भारत संघ को प प से दान क गई कायकार श क े “अधीन और सीिमत” होगी। इस कार, विध क थित यह है क संसद ारा अिधिनयिमत कानून "सेवाओं" पर एनसीट ड क कायकार श को सीिमत कर सकता है।

12. सेवाओं पर भारत संघ को कायकार श दान करने क े िलए कानून बनाने क संसद क श ववाद म नह ं है। यह अब विध क एक सु था पत थित है। हालां क, 2023 क े अ यादेश क संवैधािनक वैधता पर फ ै सला करते समय इस यायालय को यह तय करना होगा क या ऐसी श का योग वैध है।

13. इस तर पर दो ारंिभक वचार उ प न होते ह। पहला मु ा धारा 3क क े आयात से संबंिधत है। धारा 3क सूची II क व 41 को एनसीट ड क वधायी मता से हटाती है। एनसीट ड क वधायी श से व 41 को अपव जत करने पर, एनसीट ड क सरकार का सेवाओं पर कायकार श होना समा हो जाता है य क कायकार श वधायी श क े सह-समापन है। इसिलए, यह मु ा क या कोई कानून व 41 पर एनसीट ड क कायकार श को पूर तरह से हटा सकता है, धारा 3क क वैधता क े साथ पर पर जुड़ा हुआ है।

14. 2023 क े अ यादेश क तावना म कहा गया है क कानून अनु छेद 239-कक(3)(ख) और अनु छेद 239-कक(7) क े तहत श य का योग करक े बनाया गया है। अनु छेद 239-कक(3)(ख) म कहा गया है क संसद क े पास एनसीट ड क े िलए " कसी भी मामले" क े संबंध म कानून बनाने क श है। अनु छेद 239-कक(7)(क) संसद को अनु छेद 239-कक क े ावधान को “ भावी बनाने या पूरक करने” क े िलए और इसक े िलए आनुषांिगक सभी मामल क े िलए कानून बनाने क श देता है। अनु छेद 239-कक(7)(ख) म कहा गया है क इस तरह क े कानून को सं वधान म संशोधन नह ं माना जाएगा, भले ह कानून सं वधान म संशोधन करता हो या सं वधान म संशोधन का भाव रखता हो। अनु छेद 239-कक(7) िन निल खत प से उ ृत कया गया है: “(7)(क) संसद, विध ारा, पूवगामी ख ड म अंत व उपब ध को भावी करने या उनक े अनुपूरक क े िलए और उसक े आनुषंिगक या प रणामी सभी वषय क े िलए उपबंध कर सक े गी। (ख) उपखंड (क) म िन द ऐसी कोई विध अनु छेद 368 क े योजनाथ इस सं वधान का संशोधन नह ं समझी जाएगी, भले ह उसम ऐसा कोई उपबंध हो जो इस सं वधान म संशोधन करता हो या उसका भाव संशोधन का हो।”

15. जब क अनु छेद 239-कक(7)(क) म व णत है क कानून को क े वल अनु छेद 239-कक को भाव या पूरक करना होगा, अनु छेद 239-कक(7)(ख) क े ावधान म कहा गया है क कानून को सं वधान म संशोधन नह ं माना जाएगा, भले ह इसम अनु छेद 239-कक क े संशोधन का भाव हो। अनु छेद 239-कक(7)(क) क े ाथिमक पठन से संक े त िमलता है क कानून अनु छेद 239-कक म एनसीट ड क े िलए प रक पत मौजूदा संवैधािनक संरचना को नह ं बदलेगा। हालां क, अनु छेद 239-कक(7)(ख) क े थम या पठन से पता चलता है क अनु छेद 239-कक(7)(क) क े तहत अिधिनयिमत कानून एनसीट ड क े शासन क े मौजूदा संवैधािनक ढांचे को बदल सकता है। एनसीट ड क े शासन क े संवैधािनक ढांचे से स बंिधत कानून बनाने क श क कृ ित पर दो खंड क े बीच इस प संघष को इस यायालय ारा हल करने क आव यकता है।

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16. न ह 2018 क सं वधान पीठ क े िनणय और न ह 2023 क े सं वधान पीठ क े िनणय म अनु छेद 239-कक(7) क या या से िनपटा गया है। हमार सु वचा रत राय है क रट यािचका क े िनपटान हेतु इस यायालय को सं वधान क या या क े प म कानून क े एक मह वपूण का उ र देने क आव यकता है। तदनुसार हम िन निल खत को सं वधान पीठ को अ े षत करते ह: i. अनु छेद 239-कक(7) क े अंतगत कानून बनाने क े िलए संसद क श क परेखा या है; और ii. या संसद अनु छेद 239कक(7) क े तहत अपनी श का योग करते हुए एनसीट ड क े िलए शासन क े संवैधािनक िस ांत को िनर त कर सकती है।

17. हमार यह भी राय है क एनसीट ड क े शासन पर भारत संघ और एनसीट ड सरकार क े बीच लंबी कानूनी लड़ाई क े कारण सं वधान पीठ क े िलए रट यािचका का िनपटान करना उिचत होगा। हम र ज को िनदश देते ह क वह इस यािचका क े कागजात को शासिनक प म भारत क े मु य यायाधीश क े सम रखे ता क ऊपर िच त क े उ र देने और यािचका क े िनपटान हेतु सं वधान पीठ का गठन कया जा सक े । आईए नं। एनसीट अ यादेश पर रोक लगाने क मांग करने वाली अ.आ. सं. 130505/2023 खा रज क जाती है।...............................................मु. या. [डॉ धनंजय वाई चं चूड़].................................................. या. [पिम दघ तम ी नरिस हा]................................................... या. [मनोज िम ा] नई द ली; 20 जुलाई, 2023 -सीक े बी- (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी। Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose for all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.