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High Court of Madhya Pradesh · 12 Jul 2023
A. S. Barpanna; M. M. Samandarkesh
Criminal Appeal No 1651 of 2023
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the conviction under the NDPS Act, emphasizing mandatory compliance with Section 52A procedural safeguards for seizure and handling of narcotic drugs to preserve evidentiary integrity.

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Translation output
çfros|
भभारत क
के सररर्वोच्च न्यभायभालय ममें
आपरभाधधिक अपपीलपीय कके=k धधिकभार
धक
क रधमनल अपपील क
क रमभामांक १६५१@२०२३
मभामांगपीलभाल
अपपीलभारर
बनभाम
मध्य ç दकेश शभासन
ç धतरभादपी
धनरर्वोय
एम-एम- ससमांदकरकेश ज-
JUDGMENT

1. अपपीलकतभार्वो पर नभारकरधटिक Mª ग्स एमांड सभाइकरटिकररॉधपक सब्सटिमेंस एक्टि, 1985 (इसक के बभाद "एनडपीपपीएस अधधिधनयम" क के रूप ममें समांदधभर्वोत) कपी धिभारभा 15 (सपी ) सहपधठित धिभारभा 8 (बपी) क के तहत आररधपत धकयभा गयभा और दरषपी ठिहरभायभा गयभा। अधतधरक्त सतकर न्यभायभाधिपीश, धरशकेष न्यभायभालय एनडपीपपीएस, जभाररभा, धजलभा रतलभाम, मध्य iz दकेश नके अपपीलकतभार्वो कर दरषपी ठिहरभायभा और उसके 10 सभाल क के कठिरर कभारभारभास कपी सजभा ससनभाई। तदनससभार, मध्य ç दकेश उच्च न्यभायभालय दभारभा इसकपी पसधषटि कपी गई। व्यधरत हरकर रतर्वोमभान अपपील दभायर कपी गयपी हहै। अधभयरजन कभा मभामलभा समांककेप ममें:

2. पसधलस स्टिकेशन कभाललखकेडभा ममें तहैनभात सहभायक उप धनरपीकक एच.एस समेंगर कर 20.05.2010 कर एक टिकेलपीफरन समांदकेश क के मभाध्यम सके सलचनभा धमलपी धक अपपीलकतभार्वो और सह-अधभयसक्त मरसरभालभाल, धजनक के धखलभाफ उनकपी ममत्यस क के कभारर मसकदमभा समभाप्त हर गयभा रभा, परस्त भलसके कपी ç क म धत ममें मभादक पदभारर्वो कपी आपलधतर्वो करनके कपी ç धक क रयभा ममें रके। सलचनभा कर डकेलपी डभायरपी ममें दजर्वो करनके और ç धक क रयभात्मक अनसपभालन पर समय बबभार्वोद धकए धबनभा, पसधलस बल नके एक टिकरहैक्टिर कर ररकभा धजसममें पकरधतबमांधधित सभामगकरपी सके भरके बहैग जब्त धकए गए रके। अधभयसक्तरमां कर एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 50 कभा अनसपभालन करनके पर तलभाशपी क के बभारके ममें बतभायभा गयभा। घटिनभा स्रल पर पमांचनभामभा धलखभा गयभा। आररधपयरमां सके धगरफ्तभारपी कभा कभारर बतभानके क के सभार हपी ससैंपल धलए गए। अपरभाधि dz मभामांक 53/10 ममें एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 8 (बपी) सहपधठित धिभारभा 15 (सपी), धिभारभा 25 और 29 क के तहत ç रम सलचनभा धरपरटिर्वो दजर्वो कपी गई रपी। 13.09.2010 कर कके=k धधिकभार न्यभायभालय क के समक एक अमांधतम धरपरटिर्वो दभायर कपी गई रपी। Vªk यल करटिर्वो क के समक अधभयरजन पक दभारभा जभामांच कपी जभानके रभालपी गरभाहरमां कपी सलचपी ममें 48 ç दशर्शों कर धचधह्नित करतके हसए 16 अधभयरजन गरभाहरमां कर दशभार्वोयभा गयभा हहै।

3. इन गरभाहरमां ममें सके, सभारर्वोजधनक गरभाह, अरभार्वोतक पपी.डब्लल.2, पपी.डब्लल.3, पपी.डब्लल.[4] और पपी.डब्लल.[6] मसकर गए। उनममें सके पपी.डब्ल्यल.[2] और पपी.डब्ल्यल.[6] पभामांच गरभाह रके। इन दर गरभाहरमां नके अधधिकभामांश ç दशर्शों पर हस्तभाकर धकए। हभालभामांधक P.W.[5] कर पक nzksgh घरधषत नहपीमां धकयभा गयभा हहै, लकेधकन उसनके स्पषटि शब्दरमां ममें कहभा हहै धक कधरत घटिनभा सके पहलके भपी पसधलस स्टिकेशन ममें मभादक पदभारर्वो ममौजलद रभा। गरभाहपी क के इस भभाग पर अधभयरजन पक दभारभा सरभाल नहपीमां उठिभायभा गयभा हहै। दरनरमां अदभालतरमां नके सजभा ससनभानके ममें पसधलस गरभाहरमां क के सभार-सभार एफएसएल धरपरटिर्वो पर भररसभा जतभायभा। ध्यभान दकेनके यरग्य बभात यह हहै धक धगरफ्तभारपी मकेमर कपी गरभाहपी दकेनके रभालके दर गरभाहरमां सके अधभयरजन पक दभारभा उन कभारररमां सके पलछतभाछ नहपीमां कपी गई हहै, जर उसके अच्छके सके जभात हसैं। एनडपीपपीएस अधधिधनयम, 1985 कपी धिभारभा 52 ए कभा धरस्तभार धिभारभा 52A एनडपीपपीएस एक्टि — अधभगमहपीत स्रभापक औषधधियरमां और मननç भभारपी पदभारर्शों कभा व्ययन- (1) क में nzh; सरकभार, धकन्हपीमां स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांf=त पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमां क के समांबमांधि ममें, पधरसमांकटिमय ç क म धत, चररपी क के धलए अधतसमांरकेदनशपीलतभा, ç धतस्रभापन, समसधचत भमांडभारर स्रभान कपी धरषमतभा यभा धकसपी अन्य सससमांगत महत्र कर ध्यभान ममें रखकर, रभाजप= ममें अधधिसलचनभा दभारभा, ऐसपी स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांधतकरत पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमां अररभा स्रभापक औषधधियरमां कभा रगर्वो, मननç भभारपी पदभारर्शों कभा रगर्वो, धनयमांf=त पदभारर्शों कभा रगर्वो यभा हस्तभामांतरररमां कभा रगर्वो धरधनधदर्वोषटि कर सक के गपी, धजनकभा, उनक के अधभxz हर क के पश्चभातक, यरभाशपी?kz, ऐसके अधधिकभारपी दभारभा और ऐसपी रपीधत ममें, जर सरकभार, समय-समय पर, इसममें इसक के पश्चभातक धरधनधदर्वोषटि ç धक क रयभा कभा पभालन करनके क के पश्चभातक अरधिभाधरत करके, व्ययन धकयभा जभाएगभा । (2) जहभामां करई स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांf=r पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमां कर अधभगमहपीत कर धलयभा गयभा हहै और धनकटितम पसधलस रभानके क के भभारसभाधिक अधधिकभारपी यभा धिभारभा 53 क के अधिपीन सशक्त धकसपी अधधिकभारपी कर भकेज धदयभा गयभा हहै, रहभामां उपधिभारभा (1) ममें धनधदर्वोषटि अधधिकभारपी ऐसपी स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांधतकरत पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमांटि कपी एक तभाधलकभा तहैयभार करकेगभा धजसममें उनक के ररर्वोन, क्रभाधलटिपी, पधरमभार, पहैक करनके क के ढमांग, धचह्निभामांकन, समांख्यभामांक यभा ऐसके स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांf=r पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमांटि यभा पहैधक मां ग कपी, धजनममें रके पहैक धकए गए हसैं, पहचभान करभानके रभालपी अन्य धरधशधषटियभामां, उद्भर कभा दकेश और अन्य धरधशधषटियरमां सके समांबमांधधित ऐसके अन्य ब्यमौरके धदए गए हरमां, धजन्हमें उपधिभारभा (1) ममें धनधदर्वोषटि अधधिकभारपी, इस अधधिधनयम क के अधिपीन धकन्हपीमां कभायर्वोरभाधहयरमां ममें ऐसपी स्रभापक औषधधियरमां यभा मननç भभारपी पदभारर्शों यभा धनयमांधतकरत पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमांटि कपी पहचभान क के धलए सससमांगत समझके और धकसपी eftLVªsV कर धनम्नधलधखत ç यरजन क के धलए आरकेदन करकेगभा अरभार्वोतक:- (क) ऐसके तहैयभार कपी गई तभाधलकभा कभा सहपी हरनभा ç मभाधरत करनके क के धलए; यभा (ख) ऐसके eftLVªsV कपी उपधस्रधत ममें ऐसपी औषधधियरमां यभा पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमां क के फरटिरधच= लकेनके औरके ऐसके फरटिरधच=ksa कभा सहपी हरनभा ç मभाधरत करनके क के धलए; यभा (ग) ऐसके eftLVªsV कपी उपधस्रधत ममें ऐसपी औषधधियरमां यभा पदभारर्शों क के ç धतधनधधि नमलनके धलए जभानके कपी अनसजभा दकेनके क के धलए और ऐसके धलए गए नमलनरमां कपी धकसपी सलचपी कभा सहपी हरनभा ç मभाधरत करनके क के धलए । (3) जहभामां उपधिभारभा (2) क के अधिपीन करई आरकेदन धकयभा जभातभा हहै रहभामां ऐसभा eftLVªsV यरभाशक्य शपी?kz ऐसभा आरकेदन ममांजलर करकेगभा । (4) भभारतपीय सभाक्ष्य अधधिधनयम, 1872 (1872 कभा 1) यभा दमांड çfdz;k समांधहतभा, 1973 (1974 कभा 2) ममें धकसपी बभात क के हरतके हसए भपी, इस अधधिधनयम क के अधिपीन धकसपी अपरभाधि कभा धरचभारर करनके रभालभा ç त्यकेक न्यभायभालय उपधिभारभा (2) क के अधिपीन तहैयभार कपी गई और eftLVªsV दभारभा पकरमभाधरत तभाधलकभा, स्रभापक औषधधियरमां, मननç भभारपी पदभारर्शों, धनयमांf=r पदभारर्शों यभा हस्तभामांतरररमां क के फरटिरधच=ksa और नमलनरमां कपी सलचपी कर, ऐसके अपरभाधि क के समांबमांधि ममें, çk रधमक सभाक्ष्य मभानकेगभा ।

4. एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए कपी उपधिभारभा (1) क में nz सरकभार कर जब्त धकए गए मभादक पदभारर्वो क के धनपटिभान क के धलए एक तरपीकभा धनधिभार्वोधरत करनके कपी ससधरधिभा दकेतपी हहै। धरचभार यह हहै धक धरशकेष मभामलके सके धनपटिनके क के उदकेश्य सके और उसक के बभाद धकसपी भपी अरहैधि उदकेश्य क के धलए इस्तकेमभाल धकए जभा रहके ç धतबमांधधित पदभारर्वो कपी ससरकभा क के धलए इस तरह क के धलए एक स्पषटि तमां= बनभायभा जभाए।

5. एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए कपी उपधिभारभा (2) एक सकम अधधिकभारपी कर पयभार्वोप्त धरररर क के सभार ऐसपी मभादक दरभाओमां कपी एक सलचपी तहैयभार करनके कभा आदकेश दकेतपी हहै इसक के बभाद सलचपी कपी शसद्धतभा कर ç मभाधरत करनके, उसकपी उपधस्रधत ममें çk समांधगक तस्रपीरमें लकेनके और उन्हमें सहपी ç मभाधरत करनके यभा उधचत ç मभारपीकरर क के सभार उसकपी उपधस्रधत ममें नमलनके लकेनके क के उदकेश्य सके, समांबमांधधित eftLVªsV कर, एक उधचत आरकेदन करक के उसकभा पभालन करनभा हरगभा। ऐसभा आरकेदन उपररक्त तपीनरमां ममें सके धकसपी भपी उदकेश्य क के धलए दभायर धकयभा जभा सकतभा हहै. इस çk रधिभान क के पपीछके कभा उदकेश्य जब्त धकए गए ç धतबमांधधित पदभारर्वो क के धनपटिभान पर eftLVªsV दभारभा पयर्वोरकेकर कभा एक तत्र रखनभा हहै। ऐसपी सलचपी, तस्रपीरमें और eftLVªsV दभारभा ç मभारपीकरर क के सभार तहैयभार धकए गए नमलनरमां कपी सलचपी çk रधमक çk क्ष्य क के रूप ममें गधठित कपी जभाएगपी। इसधलए, जब एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए कभा अनसपभालन नहपीमां हरतभा हहै, जहभामां eftLVªsV क के ç मभारपीकरर ममें धकसपी भपी सलचपी, तस्रपीर यभा नमलनरमां कपी सलचपी कपी कमपी हरतपी हहै, तर यह çk रधमक सभाक्ष्य नहपीमांहरगभा।

6. इस çk रधिभान क के पपीछके स्पषटि कभारर जभामांच कपी ç धक क रयभा ममें धनषपकतभा लभानभा हहै। एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए सभाक्ष्य कभा एक अधनरभायर्वो धनयम हहै धजसक के धलए एक eftLVªsV कपी भमौधतक उपधस्रधत कपी आरश्यकतभा हरतपी हहै, धजसक के बभाद एक सलचपी कर ç मभाधरत करनके क के धलए यभा धलयके गए नमलनरमां कपी सलचपी सके अलग लपी गई तस्रपीर क के धलए उसकपी ममांजलरपी कपी ससधरधिभा क के धलए एक आदकेश धदयभा जभातभा हहै। एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए(1) क के उधचत अनसपभालन ममें धरत ममां=k लय (रभाजस्र धरभभाग) नके एक अधधिसलचनभा समांख्यभा जपी.एस.आर 339(ई). धदनभामांक 10.05.2007 जभारपी कपी, जर नषटिपीकरर ç मभार प= क के सभार समभाप्त हरनके रभालके MªXl क के धनपटिभान कभा एक धरस्तमत ढमांग और तरपीकभा ç स्तसत करतभा हहै:

4. धनपटिभान कभा तरपीकभा

1) जहभामां करई नशपीलपी दरभा यभा मन:ç भभारपी पदभारर्वो जब्त धकयभा गयभा हहै और धनकटितम पसधलस स्टिकेशन क के ç भभारपी अधधिकभारपी यभा अधधिधनयम कपी धिभारभा 53 क के तहत सशक्त अधधिकभारपी कर भकेज धदयभा गयभा हहै, यभा यधद इसके ऐसके अधधिकभारपी दभारभा स्रयमां जब्त धकयभा गयभा हहै, रह इस अधधिसलचनभा क के अनसबमांधि 1 क के अनससभार ऐसपी मभादक दरभाओमां यभा मनरदहैधहक पदभारर्शों कपी एक सलचपी तहैयभार करकेगभा और इस अधधिसलचनभा क के अनसबमांधि 2 क के अनससभार धिभारभा 52 ए कपी उपधिभारभा (2) क के तहत धकसपी भपी eftLVªsV कर आरकेदन करकेगभा।

2) eftLVªsV दभारभा धिभारभा 52 ए कपी उपधिभारभा (3) क के तहत आरकेदन कपी अनसमधत दकेनके क के बभाद, उपररक्त खमांड (1) ममें उधल्लधखत अधधिकभारपी मभामलके क के çk रधमक सभाक्ष्य क के रूप ममें eftLVªsV कपी उपधस्रधत ममें लपी गई ç मभाधरत सलचपी, तस्रपीरमें और नमलनरमां कर समांरधकत करकेगभा और जमभा करकेगभा। धनपटिभान पर सधमधत दभारभा धनरर्वोय क के धलए डकरग धडस्परजल कमकेटिपी क के अध्यक कर डकरग खकेप कभा धरररर। अधधिकभारपी MªXl कपी खकेप क के सभार धरररर कपी एक ç धत गरदभाम क के ç भभारपी अधधिकभारपी कर भकेजकेगभा। 4.[2] MªXl क के धनपटिभान कपी धरधधि. (i) अफपीम, मरॉफरन, करडपीन और रकेबभाइन कभा धनपटिभान मसख्य कभारखभानभा धनयमां=क क के अधिपीन सरकभारपी अफपीम और अल्कलरॉइड रक्सर्वो कर हस्तभामांतधरत करक के धकयभा जभाएगभा। (ii) खमांड (i) ममें उधल्लधखत डकरग्स क के अलभारभा अन्य MªXl क के मभामलके ममें, धनपटिभान क के धलए तहैयभार डकरग खकेप कभा धरररर उपलब्धि समांचभार क के सबसके तकेज मभाध्यम सके फ है क्टिकरपी क के मसख्य धनयमां=क कर सलधचत धकयभा जभाएगभा। (iii) फ है DVªh कभा मसख्य धनयमां=क, धनयम 67 बपी क के तहत नमलनके क के रूप ममें आपलधतर्वो करनके क के धलए आरश्यक MªXl कपी मभा=k, यधद करई हर, कभा समांक के त दकेतके हसए समांचभार çk प्त हरनके कपी तभारपीख सके 15 धदनरमां क के भपीतर। (iv) खमांड (iii) क के तहत फ है DVªh क के मसख्य धनयमां=क दभारभा अपकेधकत MªXl कपी इतनपी मभा=k, यधद करई हर, उसके हस्तभामांतधरत कर दपी जभाएगपी और MªXl कपी शकेष मभा=k पहैरभा 4.1.[2] ममें उधल्लधखत çfdz;k क के अनससभार नषटि कर दपी जभाएगपी । (v) उधचत रभायस ç दलषर धनयमां=र उपकरररमां सके सससधजजत भस्मक ममें जलभाकर नषटि धकयभा जभाएगभा, जर उत्सजर्वोन मभानदमांडरमां कभा अनसपभालन करतभा हहै। ऐसभा भस्मपीकरर उन्हपीमां स्रभानरमां पर धकयभा जभा सकतभा हहै जहभामां पयभार्वोप्त ससधरधिभाएमां एरमां ससरकभा व्यरस्रभा ममौजलद हर। यह ससधनधश्चत करनके क के धलए धक इस तरह कभा भस्मपीकरर स्रभास्थ्य क के धलए खतरभा यभा ç दलषरकभारपी न बनके, रभाजय ç दलषर धनयमां=र बरडर्वो यभा ç दलषर धनयमां=र सधमधत, जहैसभा भपी मभामलभा हर, कपी सहमधत çk प्त कपी जभानपी चभाधहए। MªXl धनस्तभारर सधमधत क के सदस्यरमां कपी ममौजलदगपी ममें नषटिपीकरर धकयभा जभाएगभा । 4.[4] नषटिपीकरर कभा ç मभार प=. नषटिपीकरर कभा एक ç मभार प= (तपीन पकरधतयरमां ममें) धजसममें गरदभाम पकरधरधषटि dzekad, जब्त कपी गई MªXl कभा सकल और शसद्ध रजन इत्यभाधद जहैसके सभपी çk समांधगक डकेटिभा शभाधमल हरमांगके, अनसलग्नक-3 क के çk रूप क के अनससभार MªXl धडस्परजल कधमटिपी क के अध्यक और सदस्यरमां दभारभा तहैयभार और हस्तभाकधरत धकयभा जभाएगभा। इस आशय कपी आरश्यक ç धरधषटियभाय करनके क के बभाद मलल पकरधत कर गरदभाम रधजस्टिर ममें धचपकभायभा जभाएगभा, डसधप्लक के टि कर जब्तपी मभामलके कपी फभाइल ममें रखभा जभाएगभा और तपीन ç धतयरमां कर डकररग धडस्परजल कधमटिपी क के पभास रखभा जभाएगभा। डकररग्स क के धनपटिभान कभा धरररर मभाधसक मभास्टिर धरपरटिर्वो ममें नभारकरधटिक्स क मां Vªksy ब्यलरर कर सलधचत धकयभा जभाएगभा।

7. ध्यभान दकेनके यरग्य बभात यह हहै धक उपररक्त अधधिसलचनभा ममौजलदभा मभामलके ममें कधरत अपरभाधि क के घधटित हरनके क के समय अधस्तत्र ममें रपी, अधधिसलचनभा dzekad जपी.एस.आर.899(ई) क के तहत 23.12.2022 सके धनरस्त कर दपी गई। धकसपी भपी धस्रधत ममें एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए कपी उप-धिभारभा (1) क के तहत ç दत शधक्तयरमां ममें जभारपी अधधिसलचनभा कभपी भपी मसख्य çko/kku, धरशकेष रूप सके उप- धिभारभा (2) कभा खमांडन नहपीमां कर सकतपी हहै। हभालभायधक, एनडपीपपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए क के अनसरूप अधधिसलचनभा क के मभाध्यम सके जभारपी धकसपी भपी धदशभाधनदर्देश कभा अधनरभायर्वो रूप सके पभालन करनभा हरगभा।

8. धकसपी भपी ç स्तभाधरत धनपटिभान/नषटिपीकरर सके पहलके एनपपीडपीएस अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए क के आदकेश कभा उस आशय क के एक आरकेदन क के सभार शसरू करक के धरधधिरत अनसपभालन धकयभा जभानभा आरश्यक हहै। मभामलके कभा धनरर्वोय करतके समय न्यभायभालय कर इस तरह क के अनसपभालन सके समांतसषटि हरनभा चभाधहए। धकसपी धदए गए मभामलके ममें जब ऐसभा करई मसदभा धरचभार क के धलए उठितभा हहै तर अदभालत कर समांतसषटि करनके कभा दभाधयत्र पलरपी तरह सके अधभयरजन पक पर हरतभा हहै। जब्त कपी गई सभाम xzh कभा उत्पभादन जब्तपी और उसक के बभाद बरभामदगपी स्रभाधपत करनके कभा एक कभारक हहै। यह यभाद रखनके यरग्य हहै धक एनडपीपपीएस अधधिधनयम क के çk रधिभान कठिरर और सख्त दरनरमां हसैं और इसधलए अधभयरजन पक पर भभारपी बरझ पडतभा हहै। भमौधतक सभाक्ष्य कर ç स्तसत न करनके सके भभारतपीय सभाक्ष्य अधधिधनयम, 1872 (इसक के बभाद सभाक्ष्य अधधिधनयम क के रूप ममें समांदधभर्वोत) कपी धिभारभा 114(जपी) क के अरर्वो ममें नकभारभात्मक धनषकषर्वो धनकलकेगभा। अधधिसलचनभा क के मभाध्यम सके धरचभार कपी गई çfdz;k ममें धनषपकतभा कभा एक तत्र हहै जहैसके धक सपील जमभा करनभा, क मां टिकेनररमां कर क क रमभानससभार dzekafdr करनभा और नमलनके लकेनके कपी çfdz;k क के अनसपभालन सके पहलके उन्हमें लरॉटि ममें रखनभा। कभानलन क के पलररर्वोक्त धसद्धभामांतरमां कर नलर आगभा बनभाम पमांजभाब रभाजय, (2008) 16 एससपीसपी 417 ममें धरस्तभार सके डपील धकयभा गयभा हहै: “89. जभारपी धकए गए धदशभाधनदर्देशरमां कभा न क के रल पयभार्वोप्त रूप सके अनसपभालन धकयभा जभानभा चभाधहए, बधल्क धरभभागपीय कभायर्वोरभाहपी कपी तसलनभा ममें दमांडभात्मक कभायर्वोरभाहपी सके जसडके मभामलके ममें, ऐसके धदशभाधनदर्देशरमां कपी कठिररतभा पर जरर धदयभा जभा सकतभा हहै। एक और महत्रपलरर्वो कभारक धजसके ध्यभान ममें रखभा जभानभा चभाधहए । यह जभाननभा जरूरपी हहै धक क्यभा ऐसके धनदर्देश कभानलन क के çk रधिभानरमां क के अनससभार जभारपी धकए गए हसैं यभा नहपीमां। जब धरधधिक मभान्यतभाizkIr çk धधिकभारपी दभारभा धनदर्देश जभारपी धकए जभातके हसैं, तर अधिपीनस्र çk धधिकभाधरयरमां क के धलए इसकभा अनसपभालन करनभा अधनरभायर्वो हर जभातभा हहै।

90. हभाल हपी ममें, क के रल रभाजय बनभाम कस धरयन अबकरभाहम (पपी) धलधमटिकेड [(2008) 3 एससपीसपी582] ममें इस न्यभायभालय नके, भभारत समांघ बनभाम आजभादपी बचभाओ आमांदरलन [(2004) 10 एससपीसपी 1] ममें इस न्यभायभालय क के पहलके क के फ है सलके कभा पभालन करतके हसए यह मभानभा धक रहैधिभाधनक धनदर्देश अधनरभायर्वो हसैं।

91. इन चचभार्वोओमां कभा तभाधक र्वो क पधररभाम यह हहै धक स्रभायपी आदकेश ममें ममौजलद धदशभाधनदर्देशरमां कभा स्पषटि रूप सके उल्लमांघन नहपीमां धकयभा जभा सकतभा हहै और इसक के पयभार्वोप्त अनसपभालन पर जरर धदयभा जभानभा चभाधहए तभाधक ऐसके मभामलरमां ममें भमौधतक सभाक्ष्य कपी पधर=rk बनपी रहके। स्पषटि रूप सके, जभामांच çk धधिकभारपी दभारभा इन धदशभाधनदर्देशरमां कभा करई पयभार्वोप्त अनसपभालन नहपीमां धकयभा गयभा हहै, धजसक के पधररभामस्ररूप उनक के धखलभाफ ç धतक ल ल धनषकषर्वो धनकभालभा गयभा हहै धक यधद ऐसके सभाक्ष्य ç स्तसत धकए गए हरतके, तर रके अधभयरजन पक क के धखलभाफ जभातके।

92. अधभयरजन पक कपी ओर सके इस समांबमांधि ममें सभाक्ष्य ç स्तसत करनके ममें चलक कर भमौधतक सभाक्ष्य क के दलसरके महत्रपलरर्वो टिसकडके सके जरडभा जभानभा चभाधहए धक कधरत तमौर पर धनधरर्वोरभाद रूप सके बरभामद कपी गई भभारपी मभा=k ममें हकेररइन कर भपी अदभालत ममें पकेश नहपीमांधकयभा गयभा हहै। उतरदभातभाओमां नके तक र्वो धदयभा धक उसके नषटि कर धदयभा गयभा रभा। हभालभायधक, यह धकस अधधिकभार सके धकयभा गयभा यह स्पषटि नहपीमां हहै। कभानलन कपी आरश्यकतभा हहै धक ऐसभा अधधिकभार eftLVªsV दभारभा पभाधरत आदकेश सके पकरभाप्त हरनभा चभाधहए। ऐसभा आदकेश धजस पर धनभर्वोरतभा रखपी गई हहै रह ç दशर्वो पपीजके हहै; इसकभा अरलरकन मभा=k करनके पर, यह स्पषटि हहै धक धकसपी भपी समय करई çk रर्वोनभा नहपीमां कपी गई रपी उक्त मभाल कर नषटि करनके यभा उसक के अन्यरभा धनपटिभान क के धलए बनभायभा गयभा। 1962 अधधिधनयम कपी धिभारभा 110(1-बपी) क के तहत पधरकधल्पत ç मभारपतकर आरश्यक रभा। ç मभारपीकरर, इन्रमेंटिकरपी इत्यभाधद पकरदभान करनके रभालके उपररक्त çk रधिभान क के तहत एक आदकेश पभाधरत करनभा आरश्यक रभा। इसक के आदकेश ममें नषटिपीकरर क के समांबमांधि ममें करई धनदर्देश शभाधमल नहपीमांहहै।

95. उच्च न्यभायभालय इस आधिभार पर आगके बढभा धक भमौधतक सभाक्ष्य ç स्तसत न करनभा अधभयरजन मभामलके क के धलए घभातक नहपीमां हहै, लकेधकन तथ्य यह हहै धक भमौधतक सभाक्ष्य ममें धरसमांगधतयरमां क के समांबमांधि ममें एक समांचयपी दमधषटिकरर एक व्यभापक धनषकषर्वो बनभातभा हहै जर अधभयरजन कपी धरश्रसनपीयतभा कर नसकसभान पहसमांचभातभा हहै। यहभामां तक धक उक्त उदकेश्य क के धलए अधभयसक्त कपी ओर सके रभापस लपी गई स्रपीकभाररधक्त कभा भपी सहभारभा नहपीमांधलयभा जभा सकतभा रभा ।

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96. अमांत ममें, हकेररइन कपी बडपी मभातकरभा सके धलए गए तपीन नमलनरमां सके समांबमांधधित भमौधतक ç मभार भपी ç स्तसत नहपीमां धकए गए रके। भलके हपी तभाधक र्वो क रूप सके यह स्रपीकभार धकयभा जभातभा हहै धक ररक मभातकरभा कर नषटि कर धदयभा गयभा रभा, लकेधकन अधधिधनयम कपी धिभारभा 52-ए क के अमांतगर्वोत, पधरकधल्पत हकेररइन कपी बरभामदगपी क के तथ्य कर स्रभाधपत करनके क के उदकेश्य सके, नमलनरमां कर ç स्तसत करनभा और çk रधमक सभाक्ष्य क के रूप ममें सभाधबत करनभा आरश्यक रभा। XXX XXX XXX

100. इस ç क म धत क के मभामलके क के भमौधतक सभाक्ष्य कर, न्यभायभालय कपी समांपधत हरनके क के कभारर, रकरपीय मभानभा जभानभा चभाधहए। धजसक के अ ç स्तसधतकरर सके, सभाक्ष्य अधधिधनयम कपी धिभारभा ११४(जपी) क के अमांतगर्वोत, एक नकभारभात्मक धनषकषर्वो धनकभालनभा आरश्यक हरगभा। तब जबधक इतनपी बडपी समांख्यभा ममें धरसमांगधतयभामां हसैं, यधद इसक के समांचयपी ç भभार कर ध्यभान ममें रखभा जभातभा हहै, तर अनसमकेय धनषकषर्वो यह हरगभा धक अपपीलकतभार्वो दभारभा ç धतबमांधधित सभामगकरपी क के कब्जके क के तथ्य कर सभाधबत करनके क के अधभयरजन पक क के ç यभास क के समांबमांधि ममें गमांभपीर समांदकेह पहैदभा हरतके हसैं। मभामलके क के इस पहलल पर इस न्यभायभालय दभारभा, धजतमेंदकर बनभाम मध्य पकरदकेश रभाजय [(2004) 10 एससपीसपी 562: 2004 एस. सपी. सपी. (सपी. आर. आई.) 2028] ममें, धनम्नधलधखत शब्दरमां ममें धरचभार धकयभा गयभा हहै:- (एस. सपी. सपी. पपी. 565, पहैरभा 6) "6.... रभाद ममें अधभयरजन पक क के धलए ठिरस ç मभार दभारभा यह स्रभाधपत करनभा आरश्यक रभा धक आररपपी क के कब्जके सके कधरत मभातकरभा ममें चरस और गभामांजभा जब्त धकयभा गयभा रभा। सबसके अच्छभा ç मभार जब्त कपी गई सभाम xzh हरतपी, धजसके रभाद क के दमौरभान पकेश धकयभा जभानभा चभाधहए रभा और भमौधतक रस्तसओमां क के रूप ममें धचधह्नित धकयभा जभानभा चभाधहए रभा।उन्हमें ç स्तसत करनके ममें इस धरफलतभा क के धलए करई स्पषटिपीकरर नहपीमां हहै। उनकपी धरशकेषतभाओमां क के बभारके ममें क के रल ममौधखक सभाक्ष्य और पमांचनभामभा पकेश करनके मभा= सके, अधभयरजन पक पर पडनके रभालके भभारपी बरझ कभा धनरर्वोहन नहपीमां हरतभा हहै, धरशकेष रूप सके जहभामां अपरभाधि एनडपीपपीएस अधधिधनयम क के तहत कडपी सजभा क के सभार दमांडनपीय हहै।

9. eftLVªsV कपी उपधस्रधत ममें जब्तपी क के मसदके पर, हम इस न्यभायभालय क के धनरर्वोय भभारत समांघ बनभाम मरहनलभाल, (2016) 3 एस. सपी. सपी. 379, पर भररसभा करनभा चभाहतके हसैं:- "16. धिभारभा 52-ए कपी उपधिभारभा (3) ममें यह अपकेधकत हहै धक eftLVªsV, धजतनपी जल्दपी हर सक के, आरकेदन कपी अनसमधत दकेगभा । इसकभा तभात्पयर्वो हहै धक जहैसके हपी जब्तपी कपी जभातपी हहै और ç धतबमांधधित सभामगकरपी आरकपी क में nz क के ç भभारपी अधधिकभारपी यभा अधधिक म त अधधिकभारपी कर भकेजपी जभातपी हहै, समांबमांधधित अधधिकभारपी, उपररक्त रधरर्वोत उदकेश्यरमां हकेतस अपनपी उपधस्रधत ममें ç धतधनधधिक ç दशर्शों कर लकेनके हकेतस अनसमधत दकेनके सधहत, eftLVªsV सके समांपक र्वो करनके क के धलए धरधधिक रूप सके कतर्वोव्यबद्ध हहै। तत्पश्चभात, इस ç कभार पमरक ç दशर्वो सलचपीबद्ध धकयके जभायमेंगके, र ç दशर्शों कपी सलचपी कपी शसद्धतभा eftLVªsV दभारभा ç मभाधरत कपी जभाएगपी। अन्य शब्दरमां ममें, ç दशर्वो लकेनके कपी çfdz;k eftLVªsV कपी उपधस्रधत र धनरपीकर ममें कपी जभाएगपी एरमां सम्पलरर्वो çfdz;k कपी सत्यतभा उसक के दभारभा सत्यभाधपत कपी जभाएगपी।

17. जब्तपी क के समय नमलनके लकेनके कभा सरभाल, जर अक्सर eftLVªsV कपी अनसपधस्रधत ममें हरतभा हहै, उपररक्त चपीजरमां कपी यरजनभा ममें नहपीमां उठितभा हहै। ऐसभा धरशकेष रूप सके तब हरतभा हहै, जब अधधिधनयम कपी धिभारभा 52-ए(4) क के अनससभार, उपररक्त धिभारभा 52-ए कपी उप-धिभारभा (2) और (3) क के अनसपभालन ममें eftLVªsV दभारभा धलए गए और ç मभाधरत धकए गए नमलनके, रभाद क के उदकेश्य क के धलए çk रधमक सभाक्ष्य बनतके हसैं। इतनभा कहनभा पयभार्वोप्त हहै धक अधधिधनयम ममें ऐसभा करई çk रधिभान नहपीमां हहै, जर जब्तपी क के समय ç दशर्वो लकेनभा अधनरभायर्वो करमें। शभायद इसपीधलए, करई भपी रभाजय जब्तपी क के समय नमलनके लकेनके कभा दभारभा नहपीमांकरतभा।

18. जर भपी हर, ç दशर्वो समांxzg.k कर धनयमांधतकरत करनके रभालके रहैधिभाधनक çk रधिभान और क में nz सरकभार दभारभा जभारपी स्रभायपी आदकेश क के बपीच धरररधिभाभभास तब स्पषटि हरतभा हहै, जब दरनरमां कर एक सभार रखभा जभातभा हहै। इस बभात कभा करई लभाभ नहपीमां हहै धक इस तरह क के समांघषर्वो कर व्यभाख्यभा क के पहलके धसद्धभामांतरमां पर अधधिधनयम पक ममें हल करनभा हरगभा, लकेधकन रहैधिभाधनक अधधिसलचनभा कर अपनके रतर्वोमभान रूप ममें जभारपी रखनके सके, समांबमांधधित अधधिकभाधरयरमां क के मन ममें भकरम पहैदभा हरगभा, न धक उन्हमें अपनके कतर्वोव्यरमां क के धनरर्वोहन ममें सहभायतभा धमलकेगपी। इसधलए क में nz सरकभार इस मभामलके कपी धफर सके जभामांच करके और उपररक्त धदशभा ममें उधचत कदम उठिभाए ।" तथ्य और धररकेचनभा:

10. हमनके अपपीलकतभार्वो कपी ओर सके धरदभान अधधिरक्तभा और रभाजय कपी ओर सके उपधस्रत धरदभान अधधिरक्तभा कपी दलपीलमें ससनपी हसैं। ç समांगरश हमनके पलरके अधभलकेख कर पढभा।

11. पपी-3 क के तहत ç दधशर्वोत मसखधबर कपी जभानकभारपी कभा जभापन, दर गरभाहरमां, पपी डब्लल 2 और पपी डब्लल 6, क के हस्तभाकर कर इमांधगत करतभा हहै, दरनरमां पक nzksgh हर गए। हभालभायधक उन्हरमांनके अपनके हस्तभाकर कर स्रपीकभार धकयभा, लकेधकन यह स्पषटि रूप सके ç मभाधरत रभा धक रके घटिनभा स्रल पर ममौजलद नहपीमां रके। हमभारके ससधरचभाधरत धरचभार ममें, अधिपीनस्र न्यभायभालय नके ç मभार कपी =qfViw.kZ धररकेचनभा कपी हहै, रभास्तर ममें यके दरनरमां गरभाह 13 तक क के अधधिकभामांश ç दशर्वोनरमां ममें पककभार रके। ç दशर्वो पपी-4 क के तहत तलभाशपी रभारमांटि इस तथ्य कर स्रपीकभार करतभा हहै धक एनडपीपपीएस अधधिधनयम क के अमांतगर्वोत अनसध्यभात ç धक क रयभा कभा पभालन नहपीमां धकयभा गयभा हहै। जहैसभा धक उल्लकेख धकयभा गयभा हहै, जब्तपी जभापन क के गरभाहरमां ममें सके एक सके पलछतभाछ नहपीमां कपी गई हहै जबधक दलसरभा मसकर गयभा हहै। धगरफ्तभारपी जभापन क के दरनरमां गरभाहरमां सके पलछतभाछ नहपीमां कपी गई हहै। मभादक पदभारर्वो कपी अनसपलब्धितभा और पमांच गरभाहरमां क के पक nzksgh हरनके क के मसदके पर, हम इस न्यभायभालय क के धनरर्वोय धजतमेंnz बनभाम स्टिकेटि ऑफ M.P, (2004) 10 SCC 562 कर दरहरभाएय चभाहतके हसैं: "5. यह सभाधबत करनके क के धलए धक, आररपपी क के कब्जके सके चरस और गभामांजभा बरभामद धकयभा गयभा रभा, पसधलस अधधिकभाधरयरमां और पमांच गरभाहरमां क के çek.k शभाधमल रके। पमांच गरभाह मसकर गए। इस ç कभार, हम पभातके हसैं धक रभाजमेंnz पभाठिक (पपीडब्लल 7), अमांगद धसमांह (पपीडब्लल 8) और सब-इमांस्पकेक्टिर डपी जके रभाय (पपीडब्लल 6), कपी गरभाहपी क के अधतधरक्त, आररपपी क के कब्जके सके मभादक पदभारर्शों कपी बरभामदगपी क के बभारके ममें करई स्रतमां= गरभाह नहपीमां हहै। आररपपी क के कब्जके सके कधरत रूप सके जब्त धकए गए चरस और गभामांजके कर अधिपीनस्र न्यभायभालय ममें पकेश भपी नहपीमां धकयभा गयभा रभा, तभाधक उन्हमें फररमेंधसक धरजभान ç यरगशभालभा ममें भकेजके गए नमलनरमां सके जरडभा जभा सक के । रभाद ममें, पसधलस अधधिकभाधरयरमां कपी अनसरक्त गरभाहपी क के अधतधरक्त, यह ç दधशर्वोत करनके क के धलए करई सभाम xzh ç स्तसत नहपीमां कपी गई हहै धक चरस और गभामांजभा आररपपी क के कब्जके सके जब्त धकए गए रके यभा धरधधिधरजभान ç यरगशभालभा ममें भकेजके गए नमलनके, आररपपी क के कब्जके सके जब्त कपी गई Mª ग्स सके धलए गए रके। यद्यधप उच्च न्यभायभालय नके इस तथ्य पर ध्यभान धदयभा धक आररपपी कपी अधभरकभा सके कधरत रूप सके जब्त धकए गए चरस और गभामांजभा कर न तर न्यभायभालय ममें पकेश धकयभा गयभा रभा, और न हपी उन रस्तसओमां क के रूप ममें धचधह्नित धकयभा गयभा रभा, धजन्हमें धकयभा जभानभा चभाधहए रभा, उच्च न्यभायभालय नके इस तक र्वो कर यह कहतके हसए खभाधरज कर धदयभा धक यह दरषधसधद्ध कर दलधषत नहपीमां करकेगभा, क्यरमांधक यह सभाधबत हर चसकभा रभा धक नमलनरमां कर अच्छपी तरह सके सपीलबमांद धस्रधत ममें रभासभायधनक परपीकक कर भकेजभा गयभा रभा और रके चरस और गभामांजभा पभाए गए । उच्च न्यभायभालय नके कहभा, "न्यभायभालय क के समक इन रस्तसओमां कपी ç स्तसधत न करनभा अधभयरजन पक क के धलए घभातक नहपीमां हहै। बचभार पक नके भपी रभाद क के दमौरभान इस बभात पर जरर नहपीमां धदयभा धक इन रस्तसओमां कर ç स्तसत धकयभा जभानभा चभाधहए। उच्च न्यभायभालय नके यह अधभधनधिभार्वोधरत करनके क के धलए दमांड çfdz यभा समांधहतभा कपी धिभारभा ४६५ पर भररसभा धकयभा धक भमौधतक रस्तस कर ç स्तसत न करनभा, क के रल एक ç धक क रयभात्मक अधनयधमततभा रपी और यह आररपपी क के धलए पलरभार्वोxz ह कभा कभारर नहपीमांरपी।

6. हमभारके धरचभार ममें, उच्च न्यभायभालय दभारभा धलयभा गयभा दमधषटिकरर अरकरपीय हहै। रभाद ममें अधभयरजन पक क के धलए ठिरस ç मभार दभारभा यह स्रभाधपत करनभा आरश्यक रभा धक आररपपी क के कब्जके सके कधरत मभा= ममें चरस और गभामांजभा जब्त धकयभा गयभा रभा। सबसके अच्छभा ç मभार जब्त कपी गई सभाम xzh हरतपी धजसके रभाद क के दमौरभान ç स्तसत धकयभा जभानभा चभाधहए रभा और भमौधतक रस्तसओमां क के रूप ममें धचधह्नित धकयभा जभानभा चभाधहए रभा। उन्हमें ç स्तसत करनके ममें इस धरफलतभा क के धलए करई स्पषटिपीकरर नहपीमां हहै। उनकपी धरशकेषतभाओमां क के बभारके ममें क के रल ममौधखक सभाक्ष्य और पमांचनभामके कर पकेश करनके सके अधभयरजन पक पर पडनके रभालके भभारपी बरझ कभा धनरर्वोहन नहपीमां हरतभा हहै, धरशकेष रूप सके जहभामां अपरभाधि एन. डपी. पपी. एस. अधधिधनयम क के तहत कडपी सजभा क के सभार दमांडनपीय हहै। इस मभामलके ममें, हम दकेखतके हसैं धक पमांच पक nzksgh हर गए हसैं, इसधलए पमांचनभामभा कस छ और नहपीमां, बधल्क समांबमांधधित पसधलस अधधिकभारपी दभारभा धलखभा गयभा एक दस्तभारकेज हहै। ç धतपरपीकर ममें बचभार पक दभारभा धदयभा गयभा ससझभार ध्यभान दकेनके यरग्य हहै। अधभयरजन पक क के गरभाहरमां कर यह ससझभार धदयभा गयभा रभा धक घर कपी मकभान मभालधकन नके, पसधलस क के सभार धमलपीभगत करक के, क के रल उस घर सके, धजसममें रके रह रहके रके, आररपपी कर बकेदखल करनके क के धलए, झलठिभा मभामलभा दजर्वो धकयभा रभा । अमांत ममें, हम दकेखतके हसैं धक अन्रकेषर अधधिकभारपी सके भपी पलछतभाछ नहपीमां कपी गई रपी। इस पमषठिभलधम ममें, यह कहनभा धक पमांच गरभाहरमां क के मसकर जभानके, जभामांच अधधिकभारपी सके पलछतभाछ न करनके और जब्त मभादक पदभारर्शों कर पकेश न करनके क के बभारजलद, एन. डपी. पपी. एस. अधधिधनयम क के तहत दरषधसधद्ध अभपी भपी धनरमांतर रखपी जभा सकतपी हहै, बहसत दलर कपी बभात हहै।" (जरर धदयभा गयभा)

12. हम आगके पभातके हसैं धक अधधिधनयम कपी धिभारभा २७ क के अमांतगर्वोत जभापन, धजसके दर गरभाहरमां दभारभा दकेखभा गयभा, कभा सबलत ममें करई मलल्य नहपीमां हरगभा, क्यरमांधक इसममें शभाधमल नए तथ्य कपी करई खरज नहपीमां हहै। जर भपी हर, यके गरभाह भपी मसकर गए। अधभलकेख सके यह भपी समांक के त धमलतभा हहै धक धरचभारर न्यभायभाधिपीश दभारभा एक आदकेश पभाधरत धकयभा गयभा रभा, धजसममें अधभयरजन पक कर जब्त कपी गई सभाम xzh कर पसधलस रभानके क के भपीतर रखनके कपी अनसमधत दपी गई रपी, धजसके बभाद ममें पकेश धकयभा जभाएगभा। यह अपनके आप ममें एक पयभार्वोप्त समांक के त हहै धक धिभारभा 52 ए क के आदकेश कभा पभालन नहपीमां धकयभा गयभा हहै। जब्त कपी गई सभाम xzh कभा ç स्तसधत न करनके यभा उन्हमें धनपटिभानके क के तरपीक के क के बभारके ममें करई स्पषटिपीकरर नहपीमां हहै। एन. डपी. पपी. एस. अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए क के तहत दभायर आरकेदन, यधद करई हर, कर अनसमधत दकेनके रभालभा करई आदकेश मधजसकVªsV टि दभारभा पभाधरत नहपीमां धकयभा गयभा। P.W.10 कभायर्वोकभारपी मधजLVªsV, नके इस तथ्य पर गरभाहपी दपी हहै धक उन्हरमांनके कधरत रूप सके जब्त धकए गए मभादक पदभारर्वो क के धलए करई आदकेश पभाधरत नहपीमां धकयभा रभा। इसपी तरह P.W.12 मभालखभानभा क के ç भभारपी कर भपी यभाद नहपीमां धक ऐसभा करई आदकेश पभाधरत धकयभा गयभा रभा। मभादक पदभारर्वो क के धनपटिभारके क के मसदके पर, एन. डपी. पपी. एस. अधधिधनयम कपी धिभारभा 52 ए ममें धनधहत अनसपभालन क के अपमभान ममें, इस न्यभायभालय नके, भभारत समांघ बनभाम जभाररपरम, (2018) 4 एस. सपी. सपी. 334 ममें, धनम्नधलधखत धनरर्वोय धदयभा हहै: "8. उपयसर्वोक्त पहैरभाxzk फ सके जर पतभा चलतभा हहै रह यह हहै धक ç त्यकेक 30 xzk म क के दर नमलनके लकेनके क के बभाद, कभायर्वोकभारपी मधजLVªsV नके जब्त कपी गई पलरपी शकेष समांपधत जभामांच अधधिकभारपी पपीडब्लल 6 कर रभापस कर दपी। इसके और ससधनधश्चत करनके हकेतस, हमनके कभायर्वोकभारपी मधजLVªsV धसमांगरलपी टिप्पभा दभारभा दजर्वो कपी गई कभायर्वोरभाहपी धदनभामांधकत 14-10-2004 (अनसलग्नक पपी-5) कपी, सटिपीक सभाम xzh कभा भपी सभारधिभानपीपलरर्वोक अध्ययन धकयभा हहै। जहभाय तक ç धतरभादपी कभा समांबमांधि हहै, दजर्वो कपी गई कभायर्वोरभाधहयरमां कर इस ç कभार पढभा जभाएन ककाररवकाहहीरकाय 14-10-2004: मभामलभा ç स्तसत धकयभा गयभा। शकरपी हरधरमांदर धसमांह, धनरपीकक (जभामांच अधधिकभारपी), नभारकरधटिक्स ब्यलरर, धसमांगरलपी नके, एन. डपी. पपी. एस. अधधिधनयम, 1985 कपी धिभारभा 8/18 और 8/29 क के तहत, 2004 क के अपरभाधि समांख्यभा 01, ममें जब्त सभामभान क के तपीन सपीलबमांद पहैक के टि जमभा धकए हसैं। इन पहैक के टिरमां कर ए, बपी और सपी धचधह्नित धकयभा गयभा रभा और धरररर नपीचके धदए गए हसैं: 1-एन "ए" धचधह्नित पहैक के टि पर यह धचधह्नित धकयभा गयभा रभा धक पहैक के टि ममें 7.200 धकलरxzke अफपीम हहै, जर जभाररç म पस= गमांगभा रभाम धबश्नरई सके जब्त कपी गई रपी। पहैक के टि खरलतके हपी पभारदशर परॉलपीरपीन बहैग धमलभा, धजसममें धफर सके दर परॉलपीरपीन पहैक के टि धमलके। एक परॉधलरपीन नके dz मशन 4.000 धकलरगकरभाम और दलसरके नके 3.200 धकलरxzke अफपीम धचधह्नित धदयभा। दरनरमां पहैक के टिरमां ममें सके ç त्यकेक सके 30-30 xzke कभा एक समांयसक्त नमलनभा धलयभा गयभा हहै और एक छरटिके प्लभाधस्टिक परॉधलरपीन ममें रखभा गयभा हहै और ए-3 और ए-4 कर धचधह्नित धकयभा गयभा हहै और सपील कर धदयभा गयभा हहै। जब्त धकए गए शकेष सभामभान और नमलनरमां कर, हमकेशभा कपी तरह सपील धकयभा गयभा र ç स्तसतकतभार्वो अधधिकभारपी Jh हरधरमांदर धसमांह, धनरपीकक कर समौमांप धदयभा गयभा हहै।

9. उपररक्त कभायर्वोरभाहपी सके यह स्पषटि हहै धक जब्त धकए गए शकेष सभाम xzh कभा कभायर्वोकभारपी मधजLVªsV दभारभा धनपटिभान नहपीमां धकयभा गयभा रभा। ç धतबमांधधित सभामगकरपी क के सभार-सभार हमकेशभा कपी तरह सपील धकए गए नमलनरमां कर जभामांच अधधिकभारपी परधरमांदर धसमांह (पपीडब्लल 6) कर समौमांप धदयभा गयभा। सभार हपी अधिपीनस्र न्यभायभालय नके अपनके धनरर्वोय ममें धरशकेष रूप सके जब्त कपी गयपी समांपधत और मभामलके क के अधभलकेख कर ससरधकत अधभरकभा ममें रखनके क के धनदर्देश धदए, क्यरमांधक सह-आररपपी भमांररलभाल फरभार रभा। अधिपीनस्र न्यभायभालय नके, धरधनधदर्वोषटि रूप सके अधभलकेख कपी ससरधकत अधभरकभा क के धलए, उसक के पहलके पन्नके पर, लभाल स्यभाहपी सके टिपीप लगभानके हकेतस धनदर्देधशत धकयभा। ऐसपी धस्रधत ममें, यह महत्रपलरर्वो मभानभा जभातभा हहै धक यह धदखभानके क के धलए धक ç धतबमांधधित पदभारर्वो कपी शकेष धरपसल मभा=k कभा क्यभा हसआ, अधभलकेख पर कस छ भपी नहपीमां रभा। अधभयरजन पक क के उधचत स्पषटिपीकरर कपी अनसपधस्रधत ममें, उसक के मभामलके कर कभाफपी कमजरर करतपी हहै और गरभाहरमां दभारभा धदए गए बयभानरमां क के सभाक्ष्य मलल्य कर कम करतपी हहै।

10. अधभयरजन पक कपी ओर सके, जब्त अफपीम कपी बडपी मभा=k कर पकेश करनके ममें चलक सके, न्यभायभालय क के धरचभार ममें कधरत रूप सके जब्त धकए गए ç धतबमांधधित पदभारर्वो सके धलए गए और ए, बपी, सपी, डपी, ई, एफ क के रूप ममें धचधह्नित नमलनरमां कपी रभास्तधरकतभा पर समांदकेह पहैदभा हरगभा। हभालभायधक, इस सरल तक र्वो कर स्रपीकभार नहपीमां धकयभा जभा सकतभा हहै धक इसके नषटि कर धदयभा गयभा रभा, क्यरमांधक यह स्पषटि नहपीमां हहै धक यह धकस अधधिकभार सके धकयभा गयभा रभा। धरधधि क के अनससभार ऐसभा çk धधिकभार मधजLVªsV दभारभा पभाधरत आदकेश सके ç रभाधहत हरनभा चभाधहए। अधभलकेख क के धसमांहभारलरकन पर, यह स्पषटि हहै धक धकसपी भपी समय अधभयरजन पक दभारभा उक्त अफपीम कर नषटि करनके यभा अन्यरभा उसक के धलए करई çk रर्वोनभा नहपीमां कपी गई रपी। अधभयरजन पक कर इसक के धलए कभारर्वोरभाई कभा एकमभा= तरपीकभा मधजLVªsV कपी सकम अदभालत सके आदकेश çk प्त करनभा चभाधहए, जहैसभा धक अधधिधनयम कपी धिभारभा 52-ए क के तहत पधरकधल्पत हहै। अधधिधनयम क के तहत यह स्पषटि रूप सके कहभा गयभा हहै धक जब भपी ऐसभा आरकेदन धकयभा जभातभा हहै, मधजLVªsV जल्द सके जल्द आरकेदन कपी अनसमधत दके सकतभा हहै (दकेखमें नलर आगभा बनभाम पमांजभाब रभाजय, (2008) 16 एस. सपी. सपी. 417 भपी): (2010) 3 एस. सपी. सपी. (धक क र) 748) ।

11. इस तथ्य सके करई ç त्यभाख्यभान नहपीमां हहै धक अधभयरजन पक नके कधरत रूप सके जब्त कपी गई भभारपी मभा=k ममें ç धतबमांधधित सभाम xzh क के धनपटिभान / धरनभाश क के धलए ऐसभा करई आरकेदन दभायर नहपीमां धकयभा हहै और न हपी मधजLVªsV दभारभा ऐसभा करई आदकेश पभाधरत धकयभा गयभा हहै। यहभाय तक धक इस तरह क के कधरत धरनभाश / धनपटिभान सके पहलके आररपपी कर करई नरधटिस भपी नहपीमां धदयभा गयभा हहै। यहभामां यह उल्लकेख करनभा भपी उधचत हहै धक ऐसभा ç तपीत हरतभा हहै धक अधिपीनस्र न्यभायभालय नके अधभयरजन पक कपी कहभानपी कर जल्दबभाजपी ममें मभानभा और ç धतरभादपी कर भभारपी मभा=k ममें ç धतबमांधधित पदभारर्वो क के ç स्तसधत कपी गभारमांटिपी धदए धबनभा दरषधसधद्ध ç दत कपी। लकेधकन, उच्च न्यभायभालय नके मभामलके क के इस पहलल सके धनपटिनके ममें करई गलतपी नहपीमांकपी और इस धनषकषर्वो पर पहसयचकर अधभयरजन पक कपी कहभानपी पर धरश्रभास नहपीमां धकयभा धक रभाद ममें ç मभार ç स्तसत करतके समय गरभाहरमां कर भभारपी मभा+=k ममें ç धतबमांधधित पदभारर्वो नहपीमांधदखभायभा गयभा रभा।

12. अधभयरजन पक क के मभामलके ममें अन्य धरसमांगधतयरमां कपी ओर रुख करतके हसए, पपीडब्लल 1 और 2 अधभयरजन पक दभारभा आलकेधखत स्रतमां= सभाकपी पक nzksgh हर गए हसैं और इसक के मभामलके कभा समरर्वोन नहपीमां धकयभा हहै। अधभलकेख सके यह स्पषटि हहै धक उन्हरमांनके क के रल जभामांच एजमेंसपी कपी मजर सके कभागजरमां पर अपनके हस्तभाकर धकए रके। एक अन्य पहलल जर आररपपी पक ममें जभातभा हहै, रह यह हहै धक अधभयरजन क के समांस्करर पर, धक ç धतरभादपी नके स्रकेच्छभा सके इकबभाधलयभा बयभान धदयभा रभा; अधभयरजन पक क के एक ç मसख गरभाह मभादक पदभारर्वो अधधिकभारपी (पपीडब्लल 5) कपी समांस्रपीक म धत; धक अधधिधनयम कपी धिभारभा ६७ क के अमांतगर्वोत ç धतरभादपी-आररपपी कभा बयभान दजर्वो धकयभा गयभा रभा; जब रह धहरभासत ममें रभा और बयभानरमां ममें समय कभा उल्लकेख नहपीमां धकयभा गयभा रभा; क के ç कभाश ममें धरश्रभास नहपीमां धकयभा जभा सकतभा हहै। इस तथ्य कपी पसधषटि पपीडब्लल 6 क के बयभान सके भपी हरतपी हहै धक आररपपी कभा बयभान धगरफ्तभारपी क के बभाद और धहरभासत ममें रहतके हसए दजर्वो धकयभा गयभा रभा। अतन यह नहपीमां कहभा जभा सकतभा हहै धक अपरभाधि स्रपीकभार करनके रभालके आररपपी कभा बयभान, अधधिधनयम क के çk रधिभानरमां क के तहत स्रकेच्छभा सके धदयभा गयभा रभा। (जरर धदयभा गयभा)

13. जब्तपी क के समांबमांधि ममें एक गमांभपीर समांदकेह हहै। P.W. 5 जर स्रयमां एक पसधलस अधधिकभारपी रके, उन्हरमांनके घटिनभा सके पहलके भपी रहपी जब्त कपी गई सभाम xzh क के अधस्तत्र पर बयभान धदयभा रभा। अधभयरजन पक क के मभामलके क के आधिभार कर नषटि करनके रभालपी इस गरभाहपी कर चसनमौतपी भपी नहपीमांदपी गई हहै।

14. दरनरमां न्यभायभालयरमां नके, P.W.11 क के करन कर सत्य क के रूप ममें लकेतके हसए, यभामांf=z क रूप सके एफ. एस. एल. धरपरटिर्वो पर धनभर्वोरतभा रखपी हहै। उनक के दभारभा व्यक्त धकए गए धरचभाररमां कर कम सके कम कस छ पहलसओमां पर रभाय क के रूप ममें धलयभा जभा सकतभा हहै। बहसत सभारपी तभाधत्रक अधनयधमततभाएय हसैं, जर अधभयरजन पक क के रभाद पर हपी गमांभपीर समांदकेह पहैदभा करतपी हसैं । एक उधचत धरश्लकेषर पश्चभात, हममें यह अधभधनधिभार्वोधरत करनके ममें करई समांशय नहपीमां हहै धक धररभाधदत धनरर्वोयरमां कर दरधकनभार धकयभा जभानभा चभाधहए और अपपीलकतभार्वो कर समांदकेह कभा लभाभ दकेकर, दरषमसक्त धकयभा जभानभा चभाधहए।

15. पधररभामस्ररूप अपपील अनसमधतत। अधतधरक्त स= न्यभायभाधिपीश, धरशकेष न्यभायभालय एन. डपी. पपी. एस., जभाररभा, धजलभा रतलभाम मध्य ç दकेश दभारभा, धरशकेष l= समां. 19/2010 ममें ç दत दरषधसधद्ध र दमांडभादकेश, धजसके मध्य ç दकेश उच्च न्यभायभालय दभारभा, २०१७ कपी दभाधणडक अपपील dzekad ६१६३ ममें पसषटि धकयभा गयभा, धनरस्त धकयभा जभातभा हहै। अपपीलकतभार्वो कर सभपी आररपरमां सके दरषमसक्त धकयभा जभातभा हहै। बमांधिप=, यधद करई हर तर, धनषपभाधदत मभानभा जभायकेगभा।................... न्यभायभाधिपीश (ए. एस. बरपन्नभा)................... न्यभायभाधिपीश (एम. एम. ससमांदरकेश) नई धदल्लपी; 12 जसलभाई, 2023 The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of litigant to understand it in his / her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. स्रभानपीय भभाषभा ममें अनसरभाधदत धनरर्वोय रभादपी कर अपनपी भभाषभा ममें समझनके क के धलए सपीधमत उपयरग क के धलए हहै और इसकभा उपयरग धकसपी अन्य उदकेश्य क के धलए नहपीमां धकयभा जभा सकतभा हहै। सभपी व्यभारहभाधरक और आधधिकभाधरक उदकेश्यरमां क के धलए, धनरर्वोय कभा अमांxzs जपी समांस्करर çk मभाधरक हरगभा और धनषपभादन और कभायभार्वोन्रयन क के उदकेश्य क के धलए उपयसक्त हरगभा।