Delhi Vikas Aadhikaran v. Tham Yath

Delhi High Court · 13 Jul 2023
Abhay S. Oka; Sanjay Karol
Civil Appeal No. 4335/2023
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that Section 24(2) of the 2013 Land Acquisition Act does not apply where possession was taken before its commencement and condoned delay in appeal with penalty.

Full Text
Translation output
पृ सं. 1
अ ितवे
भारतीय सव च यायालय
िस वल अपीलीय अिधका रता
िस वल अपील सं. 4335/2023
द ली वकास ािधकरण ....अपीलाथ
बनाम
जगन िसंह व अ य .... यथ (गण)
िनणय
या.,अभय एस. ओका
अंतवत आवेदन सं. 37319/2022
JUDGMENT

1. हमने मु य िनणय म वलंब को माफ करने क े कारण दज कए ह। त या मक पहलू

2. थम यथ ने रट यािचका क े भूिम अिध हण वषय पर उठाने क े िलए द ली उ च यायालय क े सम भारत क े सं वधान क े अनु छेद 226 क े तहत एक रट यािचका दायर क । यह अिध हण भूिम अजन अिधिनयम, 1894 (सं ेप म, '1894 का अिधिनयम') क े ावधान क े तहत कया गया था। 1894 क े अिधिनयम क धारा 4 क उप-धरा (1) क े तहत अिधसूचना दनांक 23 जून 1989 को जार क गई थी, जो 1894 क े अिधिनयम क धारा 11 क े तहत एक अिधिनणय क े प म समा हुआ जो दनांक 18 जून 1992 को दया गया था। इस बीच, वष 1990 म, थम यथ ने अिध हण क पृ सं. 2 कायवाह को चुनौती देते हुए एक रट यािचका दायर क, जसे दनांक 20 मई 2005 को खा रज कर दया गया था। दनांक 19 जनवर 2006 को, अपीलाथ ने अिध हत भूिम पर क जा कर िलया। दनांक 1 जनवर 2014 से, 1894 क े अिधिनयम को िनर त कर दया गया और भूिम अजन, पुनवासन और पुन यव थापन म उिचत ितकर और पारदिशता अिधकार अिधिनयम, 2013 (सं ेप म, '2013 का अिधिनयम') क े ावधान को लागू कया गया। दनांक 25 मई 2015 को, थम यथ ने एक रट यािचका दायर क जसम ित वरोध कया गया क 2013 क े अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) को देखते हुए, अिध हण को यपगत माना जाएगा। दनांक 11 अग त 2016 क े आ े पत िनणय और आदेश ारा, पुणे नगर िनगम व अ य बनाम हरकचंद िमिसर मल सोलंक व अ य क े मामले म इस यायालय क े िनणय पर भरोसा जता कर, उ च यायालय ने अिभिनधा रत कया क 2013 क े अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) लागू होगी य क थम यथ को मुआवजे का भुगतान नह ं कया गया है हालां क अपीलाथ ारा अिध हत भूिम का भौितक क जा कर िलया गया है। हालाँ क, उ च यायालय ने अपीलाथ को 2013 क े अिधिनयम क े अनुसार थम यथ को मुआवजा देने का िनदश दया।

3. दनांक 6 माच 2020 को, इस यायालय क एक सं वधान पीठ ने इंदौर वकास ािधकरण बनाम मनोहरलाल व अ य क े मामले म पुणे नगर िनगम व अ य क े मामले म अपने पहले क े िनणय और उ िनणय पर आधा रत अ य पृ सं. 3 सभी िनणय को प प से उलट दया। सं वधान पीठ ने यह अिभिनधा रत कया क ी बालाजी नगर आवासीय संघ बनाम तिमलनाडु रा य व अ य क े मामले म इस यायालय का एक और िनणय सह नह ं है। यहां तक क आ े पत िनणय म भी इस िनणय पर भरोसा जताया गया था।

4. इंदौर वकास ािधकरण क े मामले म सं वधान पीठ ने 2013 अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) क या या क । 2013 क े अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) इस कार हैः "24. 1894 क े अिधिनयम सं.[1] क े तहत भूिम अिध हण या को कितपय मामल म यपगत माना जाएगा।- (1)................... (2) उप-धारा (1) म कसी बात क े होते हुए भी, भूिम अिध हण अिधिनयम, 1894 (1894 का 1) क े तहत शु क गई भूिम अिध हण कायवाह क े मामले म, जहां उ धारा 11 क े तहत अिधिनणय इस अिधिनयम क े ारंभ से पांच वष या उससे अिधक समय पहले कया गया है, ले कन भूिम का भौितक क जा नह ं िलया गया है या मुआवजे का भुगतान नह ं कया गया है, उ कायवाह को यपगत माना जाएगा और उपयु सरकार, य द वह ऐसा चाहती है, तो इस अिधिनयम क े ावधान क े अनुसार ऐसे भूिम अिध हण क कायवाह नए िसरे से शु करेगी। बशत क जहां अिधिनणय दया गया है और अिधकांश भूिम जोत क े संबंध म मुआवजा लाभािथय क े खाते म जमा नह ं कया गया है, तो उ भूिम अजन अिधिनयम क धारा 4 क े तहत अिध हण क े िलए अिधसूचना म िन द सभी लाभाथ पृ सं. 4 इस अिधिनयम क े ावधान क े अनुसार मुआवजे क े हकदार ह गे।” (जोर दया गया)

5. सं वधान पीठ क े िनणय क े अनु छेद 366.[3] म इंदौर वकास ािधकरण क े मामले म इस कार यह अिभिनधा रत कया गया: "366. उपरो चचा को यान म रखते हुए, हम िन निल खत का िन नानुसार उ र देते ह: 366.1............................. 366.2............................. 366.[3] धारा 24(2) म क जा और मुआवजे क े बीच उपयोग कए गए श द "या" को "न" या "और" क े प म पढ़ा जाना चा हए। 2013 क े अिधिनयम क धारा 24(2) क े तहत भूिम अिध हण कायवाह तब यपगत मानी जाती है उ अिधिनयम क े ारंभ से पहले पांच साल या उससे अिधक समय तक अिधका रय क िन यता क े कारण, भूिम का क जा नह ं िलया गया है और न ह मुआवजे का भुगतान कया गया है। दूसरे श द म, य द क जा ले िलया गया है, मुआवजे का भुगतान नह ं कया गया है तो कोई यपगमन नह ं है। इसी तरह, अगर मुआवजे का भुगतान कया गया है, क जा नह ं िलया गया है तो कोई यपगमन नह ं है। 366.4...................................................................” (जोर दया गया)

6. वतमान मामले म, जैसा क आ े पत िनणय म दज कया गया है, इस बात पर कोई ववाद नह ं है क अिध हत भूिम का क जा दनांक 19 जनवर पृ सं. 5 2006 को ले िलया गया था। इसिलए, इंदौर वकास ािधकरण क े मामले म सं वधान पीठ क े िनणय क े संदभ म, 2013 अिधिनयम क धारा 24 क उप- धारा (2) का कोई उपयोग नह ं होगा, भले ह मुआवजे का भुगतान नह ं कया गया हो।

7. अब, हम वल ब को माफ करने क े कारण को दज करना ता वत करते ह। अहम सवाल यह है क या इस यायालय का दरवाजा खटखटाने म 1231 दन क देर को माफ कया जाना चा हए। त या मक पहलुओं पर, यह यान दया जाना चा हए क आ े पत िनणय क े पैरा 2 म दज है क अिध हत भूिम का उपयोग तृतीय यथ - द ली मे ो रेल कॉप रेशन (ड एमआरसी) क े एमआरट एस प रयोजना (चरण III) क े तहत कािलंद क ुं ज म कार मटेनस डपो क े िलए कया गया है। दनांक 17 फरवर 2023 क े आदेश ारा, इस यायालय ने अपीलाथ को अिध हत भूिम क वतमान थित को अिभलेख पर दज करने का िनदश दया। दनांक 13 अ ैल 2023 को दायर शपथ प क े साथ, त वीर अिभलेख पर रखी गई ह जो थम यथ क ओर से उप थत व ान अिधव ा ारा ववा दत नह ं ह। इसिलए, हम इस आधार पर आगे बढ़ सकते ह क अिध हत भूिम का उपयोग ड एमआरसी ारा मे ो डपो क े िलए सावजिनक उ े य क े िलए कया गया है जैसा क आ े पत िनणय क े पैरा 2 म सह ढंग से दज कया गया है। तुितयाँ पृ सं. 6

8. अपीलाथ क े िलए व ान अिधव ा का िनवेदन है क अिध हत भूिम को पहले ह सावजिनक उ े य क े िलए उपयोग म लाया जा चुका है। उ ह ने आ ह कया क अब अिध हण को एक िनणय क े आधार पर यपगत घो षत नह ं कया जा सकता है जसे प प से उलट दया गया है। उ ह ने आ ह कया क देर क े कारण को ठ क से समझाया गया है।

9. देर क माफ क े िलए आवेदन का थम यथ ारा कड़ा वरोध सबसे पहले इस आधार पर है क 1231 दन क लंबी देर क े िलए पूण प से कोई प ीकरण नह ं है। उनका िनवेदन है क वा तव म, अपीलाथ क े साथ-साथ रा.रा. े द ली सरकार का आचरण दशाता है क उ ह ने आ े पत िनणय को वीकार कर िलया था। उ ह ने तुत कया क प रसीमा अिधिनयम, 1963 क धारा 5 क े तहत आवेदन पर वचार करते समय, यायालय इस त य से अनजान नह ं हो सकता है क सफल वादकार ने िनणय क े आधार पर मू यवान अिधकार ा कए ह जो चुनौती का वषय है। उ ह ने तुत कया क यह सु था पत है क यायालय रा य या उसक े अिभकरण और प रकरण ारा कये गए वलंब को माफ करने क े आवेदन पर वचार करते समय एक अलग कोण नह ं अपना सकते ह और उनक े साथ अ य वा दय क े समान यवहार कया जाना चा हए। उ ह ने तुत कया क क े वल इसिलए क पुणे नगर िनगम व अ य क े मामले म िनणय को सं वधान पीठ क े बाद क े िनणय ारा उलट दया गया था, अपीलाथ तब तक सफल नह ं हो सकता जब तक क ल बे वलंब को पया कारण दखा कर समझाया नह ं जाए। पृ सं. 7

10. थम यथ क ओर से उप थत व ान अिधव ा ने अपीलाथ क े 22 दसंबर 2017 क े आदेश पर भरोसा कया है जसम एक नीित है जो नई अिध हण कायवाह शु करने क े से संबंिधत है जहां अिध हण को 2013 अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) क े तहत यपगत घो षत कया गया है। उ ह ने तुत कया क नीित को यान म रखते हुए और चूं क अिध हत भूिम का उपयोग पहले से ह सावजिनक उ े य क े िलए कया जा चुका है, इसिलए 2013 क े अनुसार थम यथ को मुआवजा देने क े आ े पत िनणय म उ च यायालय क े िनदश को बरकरार रखने क आव यकता है। हमारा कोण

11. थम यथ क ओर से उप थत व ान अिधव ा ारा चा रत विध क ितपादना क े बारे म कोई ववाद नह ं हो सकता है। हालाँ क, यह तय करने क े िलए कोई कठोर व अप रवतनीय िनयम नह ं हो सकता है क या पया हेतुक मौजूद है। यह सब येक य गत मामले क े त य और प र थितय पर िनभर करता है।

12. कई वष से, इस यायालय ने बारंबार अिभिनधा रत कया है क वलंब को माफ करने क े मामल म एक उदार और याय उ मुख कोण अपनाने क आव यकता है ता क प कार क े मूल अिधकार क े वल देर क े आधार पर परा जत न ह । प रसीमा अिधिनयम, 1963 क धारा 5 क े तहत श का पृ सं. 8 योग बहुत साथक तर क े से कया जाना चा हए जो याय क े उ े य को पूण करेगा।

13. यह स य है क यह त य क िनणय जस पर आ े पत िनणय आधा रत है, उसे उलट दया गया है, अपने आप म ह लंबे वलंब को माफ करने क े िलए आधार नह ं है। इस मामले क े त य म, यह सच है क इंदौर वकास ािधकरण क े मामले म सं वधान पीठ क े िनणय क तार ख क े दो साल और तीन दन बाद वशेष अनुमित यािचका दायर क गई है।

14. इस मामले म, वीकाय प से, अिध हत भूिम का उपयोग ड एमआरसी ारा मे ो डपो क े िलए कया गया है और अिध हत भूिम पर मे ो डपो मौजूद है जैसा क आ े पत िनणय म उ लेख कया गया है। इस कार, जब 2013 अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) का अवलंब लेते हुए रट यािचका दायर क गई थी, तो अिध हत भूिम को पहले से ह मे ो डपो क े एक मह वपूण सावजिनक उ े य क े िलए उपयोग म लाया जा चुका था। पछले कई वष से सावजिनक उ े य क े िलए भूिम का उपयोग िन त प से देर को माफ करने क ाथना पर वचार करते हुए एक उदार कोण अपनाने क े िलए एक ासंिगक कारक है। हम यहां यह भी यान दे सकते ह क 2013 अिधिनयम क धारा 24 क उप-धारा (2) का अवलंब लेने वाली यािचका अपीलाथ ारा 2013 अिधिनयम क े लागू होने क े लगभग स ह मह ने बाद दायर क गई थी। ऐसे मामले म जहां भूिम का उपयोग सावजिनक उ े य क े पृ सं. 9 िलए नह ं कया गया था, ऐसे मामले म लंबी देर क माफ क े िलए आवेदन पर िनणय लेते समय इस यायालय का कोण अलग होता।

15. अिधसूचना दनां कत 22 दसंबर 2017 म शािमल नीित उन मामल पर लागू होगी जहां अिध हण को वैध प से यपगत माना गया है। इसिलए, मामले क े त य म, उ नीित थम यथ क े िलए मददगार नह ं है।

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16. हम पाते ह क देर को माफ करने क े िलए आवेदन का मसौदा अपे ाकृ त आक मक प से तैयार कया गया है। हालाँ क, मामले क े विश त य पर वचार करते हुए, जनक हमने ऊपर चचा क है, याय उ मुख और उदार कोण अपनाकर, वलंब को माफ करना होगा।

17. उ च यायालय ने 2013 क े संदभ म थम यथ को मुआवजा देने का िनदश जार कया है। उ िनदश इस त य क े संदभ म जार कया गया था क यायालय अिध हण को इस त य क े अ यारोह यपगत घो षत कर रहा था क अिध हत भूिम का उपयोग पहले से ह एक मह वपूण सावजिनक उ े य क े िलए कया गया था। एक बार जब यह अिभिनधा रत कया जाता है क 1894 क े तहत अिध हण िनरंतर वैध बना रहता है, तो थम यथ को 2013 क े संदभ म देय मुआवजे का दावा करने का अिधकार नह ं है, जो अिध हण पर लागू नह ं था। हालाँ क, अपीलाथ को 1894 क े तहत दए गए अिधिनणय क े तहत पहले से ह िनधा रत मुआवजा ा करने का अिधकार है। पृ सं. 10

18. िनणय देने से पूव, अिध हत भूिम पर िनिमत मे ो डपो क त वीर को देखते हुए, जो दनांक 15 अ ैल 2023 क े एक शपथ प क े साथ तुत क गई ह, हमने देखा क मे ो डपो से सटा हुआ फ ु टपाथ का एक ह सा जो अिध हत भूिम का एक ह सा है, पहले से ह "कार लिनक" और अ य व े ताओं ारा क जा कर िलया गया है। एक नाग रक ने अिनवाय अिध हण क े मा यम से अपनी मू यवान संप खो द है। अिनवाय अिध हण एक सावजिनक उ े य क े िलए कया गया है और इसिलए, अपीलाथ और सभी संबंिधत ािधकरण इस पर लोग को चलने क अनुमित देने क े अित र कसी भी उ े य क े िलए फ ु टपाथ का उपयोग करने क अनुमित नह ं दे सकते ह। हम आशा और व ास करते ह क या तो अपीलाथ इस पर त काल कारवाई करे या विध क े अनुसार तुरंत आव यक कारवाई करने क े िलए सश ािधका रय से कारवाई करने क अपे ा करता है।

19. अपील सफल होती है, हालाँ क, अपीलाथ क े आचरण को देखते हुए, हम अपीलाथ पर ₹ 50,000/- का जुमाना लगाते ह।

20. तदनुसार, हम िन निल खत शत पर अपील क अनुमित देते ह: (क) हम 11 अग त, 2016 क े आ े पत िनणय व आदेश को अिभखं डत व दर कनार करते ह; (ख) द ली उ च यायालय क े सम थम यथ ारा दायर रट यािचका (िस) सं. 3819/2015 खा रज क जाती है; पृ सं. 11 (ग) हम अपीलाथ को आज से एक माह क अविध क े भीतर थम यथ को ₹ 50,000/- का िनधा रत जुमाने का भुगतान करने का िनदश देते ह; (घ) हम थम यथ को अपीलाथ क े अिधव ा को उ खाते क े र कए गए चेक क एक ित क े साथ अपने बक खाते क े ववरण तुत करने का िनदश देते ह। अपीलाथ जुमाने क रािश का ऑनलाइन भुगतान थम यथ क े खाते म ह तांत रत करेगा; (ङ) य द 1894 क े अिधिनयम क धारा 11 क े तहत दए गए अिधिनणय क े अनुसार िनधा रत मुआवजे का भुगतान अभी तक नह ं कया गया है, तो अपीलाथ और / या तीय यथ आज से एक मह ने क अविध क े भीतर धारा (घ) म दए गए तर क े से थम यथ को भुगतान करेगा।

21. हम आशा व व ास करते ह क अपीलाथ और अ य सभी संबंिधत ािधकरण उपरो पैरा 18 म हमारे ारा क गई ट प णय पर गंभीरता से यान दगे और विध क े अनुसार आव यक कारवाई करगे।............................. या. [अभय एस. ओका] पृ सं. 12............................. या. [संजय करोल] नई द ली; 13 जुलाई, 2023. (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।