Full Text
भारत क
े सव ायालय म
आपरािधक अपीलीय ायपािलका
आपरािधक अपील सं. 1793 ऑफ 2023
[िवशेष अनुमित यािचका (ि िम.) सं.8146 2023 से उ होने वाली]
[िवशेष अनुमित यािचका (ि िम.) डी.सं.20936 ऑफ 2022 से उ होने वाली]
ितभा मनचंदा और अ अपीलकतागण
बनाम
ह रयाणा रा और अ ितवादीगण
िनणय
सूयकांत, जे.
JUDGMENT
1. एस.एल.पी दा खल करने की अनुमित मांगने वाले आवेदन की अनुमित है।अनुमित दान की जाती है।
2. त ाल अपील पंजाब और ह रयाणा उ ायालय चंडीगढ़ (इसक े बाद, 'उ ायालय') क े एक फ ै सले से उ होती है, िजसक े तहत िदनांक 31.05.2022 को ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 1 उ ायालय ने दंड ि या संिहता, 1973 (इसक े बाद, 'Cr.P.C') की धारा 438 क े तहत दायर यािचका को मंजूरी दी और भारतीय दंड संिहता, 1860 (इसक े बाद, 'आईपीसी') की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी क े तहत गु ाम िजले क े पीएस बादशाहपुर म िदनांक 16.03.2022 को पंजीक ृ त 2022 की ाथिमकी सं ा 113 म ितवादी सं ा 2 को अि म जमानत दे दी। ए. त
3. उपरो एफ.आई.आर ितवादी सं ा 2 और अ सह-अिभयु यों, शेल नारंग, भीम िसंह और िवनोद क े खलाफ अपीलकताओं ारा दज की गई थी।एफ.आई.आर की साम ी क े अनुसार, अपीलकतागण व र नाग रक ह जो मािलक थे और िजनक े पास 30 वष की अविध क े िलए भूिम मु नं. 55, िकला नं. 3/1 (7-9), 4/1 (7-13), माप 15 कनाल 2 मरला, थत गाँव बेगमपुर खटोला, तहसील कादीपुर, िजला गु ाम (इसक े बाद, 'िवषय भूिम') की राज संपदा क े भीतर अिधकार था। अपीलकताओं का दावा है िक उ ोंने कभी भी िकसी को िवषय भूिम नहीं बेची और न ही उ ोंने कभी िकसी तीसरे प क े प म कोई पावर ऑफ अटॉन (इसक े बाद, 'जी.पी.ए') िन ािदत िकया है।यह े, घटनाओं क े उनक े सं रण म, हमेशा प से उनक े क े म रहा है और कभी भी िकसी भी प या फ ै शन म प रवार क े बाहर क े लोगों को नहीं िदया गया है। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 2
4. 28.02.2022 को, अपीलकता सं ा 2, िवषय भूिम क े िलए राज कागजात ा करने क े िलए पटवार भवन, गु ाम गये।उ वहां पता चला िक भीम िसंह राठी नाम क े एक ने उपरो भूिम क े इंतकाल को मंजूरी देने क े िलए ह ा पटवा रयों से संपक िकया था।अपीलकतागण क े अनुसार, इंतकाल क े िलए आवेदन एक जाली और मनगढ़ंत िब ी िवलेख वािसका सं ा 11493 िदनांक 24.02.2022 (इसक े बाद, '2022 िब ी िवलेख') पर आधा रत था। मामले को आगे देखने क े बाद, अपीलकता सं ा 2 को पता चला िक उ िब ी िवलेख उप-पंजीयक कादीपुर, िजला गु ाम क े कायालय म पंजीक ृ त था और ितवादी सं ा 2 ारा िन ािदत िकया गया था। िवचाराधीन िन ादन एक अ, किथत प से जाली और मनगढ़ंत जी.पी.ए पर आधा रत था, िजस पर वािसका सं ा 13907 िदनांक 18.09.1996 (इसक े बाद, '1996 जी.पी.ए') था, जो उप-पंजीयक वी., दि ण पूव िद ी क े कायालय म पंजीक ृ त था।
5. अपीलकताओ ने, जैसा िक पहले उ ेख िकया गया है, यह ख अपनाया है िक उ ोंने कभी भी ितवादी सं ा 2 क े प म कोई जी.पी.ए िन ािदत या पंजीक ृ त नहीं िकया है, और न ही वे िकसी भी प या तरीक े से उससे प रिचत ह।इसक े बजाय, '1996 जी.पी.ए' और 2022 क े िब ी िवलेख दोनो ं उप-पंजीयक क े कायालय म अ अिधका रयों क े साथ िमलीभगत म ितवादी सं ा 2 और ाथिमकी म नािमत शेष सह- अिभयु ों ारा बनाए गए पूरी तरह से धोखाधड़ी वाले द ावेज थे। ये कारवाई पूरी तरह से छलपूवक और अपीलािथयों की िकसी भी भागीदारी क े िबना की गई थी। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 3
6. अपीलािथयों का दावा है िक उनक े पास िवषय भूिम क े िलए मूल िब ी िवलेख है और इसकी एक वा िवक ित िशकायत क े साथ संल की गई थी। 2022 क े िब ी िवलेख की जांच करने पर, उ यह था िक आरोपी पैन सं ा दान करने म िवफल रहा था, जो एक वैध िब ी िवलेख क े िलए अिनवाय प से आव क है।इसक े अलावा, ोत पर कर कटौती की 1 ितशत रािश (इसक े बाद, 'टीडीएस') जमा िकए जाने का कोई उ ेख नहीं था, जो िब ी िवलेख क े िन ादन और पंजीकरण की आव कताओं का भी िह ा है।
7. िशकायत म यह भी उ ेख िकया गया है िक अपीलकताओ की भूिम का वतमान बाजार मू, िजसका माप 15 कनाल 2 मरला है, लगभग 50 करोड़ से कम नहीं है। हालाँिक, 2022 क े िब ी िवलेख म, िव य-िवचार को 6,60,62,500/- पये की ब त कम और अ रािश क े प म िदखाया गया था, जो इसक े वा िवक पूछ मू से काफी कम था। इसक े अलावा, अपीलकताओं को यह छोटी रािश भी नहीं िमली थी, भले ही 2022 क े िब ी िवलेख को का िनक प से वैध माना गया हो।इस कार, यह द ावेज़ प से ितवादी सं ा 2 और सह-अिभयु ारा गवाहों, लेखक और उप-पंजीयक तहसील कादीपुर, िजला गु ाम क े अिधका रयों क े साथ िमलकर िशकायतकताओं से संपि को हटाने और इसे अिभयु क े क े म रखने क े अपिव इरादे से बनाया गया था। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 4
8. तदनुसार, थम सूचना रपोट पुिलस ेशन, बादशाहपुर, गु ाम म दज की गई और जांच शु की गई। ितवादी सं ा 2, िगर ारी क े डर से अगर उसे जांच अिधकारी क े सामने पेश होने क े िलए कहा जाता है, तो उसने अित र स ायाधीश, गु ाम क े सम अि म जमानत क े िलए आवेदन दायर िकया।
9. अित र स ायाधीश, गु ाम ने 23.05.2022 िदनांिकत आदेश म अि म जमानत क े िलए ितवादी सं ा 2 क े आवेदन को खा रज कर िदया, यह देखते ए िकः i. ितवादी सं ा 2 पर किथत प से जी.पी.ए बनाने और 2022 िब ी िवलेख को िन ािदत करने का आरोप लगाया गया था।1996 का मूल जी.पी.ए अभी भी पुिलस ारा बरामद िकया जाना बाकी था। 1996 क े जी.पी.ए क े िठकाने, िब ी िवलेख क े िन ादन, िव य-िवचार क े भुगतान, इंतकाल की मंजूरी और ितवादी सं ा 2 और अपीलकतागण क े बीच संबंध से संबंिधत कई ों का पता लगाया जाना था। ii. ितवादी सं ा 2 क े खलाफ आरोप गंभीर थे, और दीवानी मुकदमा दायर करने से उ आपरािधक दािय से मु नहीं िकया गया।अि म जमानत क े वल असाधारण प र थितयों म दी जानी थी, ोंिक पूव िगर ारी जमानत क े तहत एक सीआरपीसी की धारा 438 क े ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 5 तहत दान की गई सुर ा क े कारण पूछताछ क े तहत सभी ासंिगक त ों का खुलासा नही ं कर सकता है। ितवादी सं ा 2 की अिभर ा पूछताछ पूरी तरह से जांच क े िलए आव क थी, जांच क े सभी बकाया िबंदुओं को देखते ए जो लंिबत थे।
10. पीिड़त, ितवादी सं ा 2 ने उ ायालय क े सम अि म जमानत क े िलए एक आवेदन दायर िकया।उ ायालय ने िदनांक 31.05.2022 क े आ ेिपत आदेश क े मा म से आवेदन को ीकार कर िलया और उसे अि म जमानत दे दी।उ ायालय ने अ बातों क े साथ-साथ यह देखा: i. इस िववाद म 1996 क े जी.पी.ए की वैधता और किथत िब ी िवचार का दु पयोग शािमल है।संपि क े ािम और क े क े संबंध म पहले से ही दीवानी मुकदमे दायर िकए गए ह और ह ा रों की ामािणकता िनधा रत करने म एक ह लेखन िवशेष की रपोट मह पूण थी; ii. उ ायालय ने चल रहे दीवानी मुकदमों क े लंिबत होने को ीकार िकया और सुझाव िदया िक 1996 क े जी.पी.ए क े िन ादन की वैधता दीवानी अदालत ारा िनधा रत की जा सकती है, और अि म जमानत क े िलए कायवाही म एक िनधारक कारक होने की आव कता नहीं है। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 6 iii. थम या, ऐसा तीत होता है िक अपीलकताओं ारा शु की गई आपरािधक ाय णाली की भागीदारी क ु छ लेन-देनों को िनपटाने और उनक े बीच चल रहे िववादों को हल करने का यास हो सकता है।इस पृ भूिम म, यह सुिनि त करने क े िलए िक अपीलकताओं और ितवादी सं ा 2 दोनों क े िलए ाय िकया गया था, उ अपने नमूना ह ा र दान करने क े िलए िनदश जारी िकए गए थे। ह ा र िवशेष को लेखन और ह ा रों की समानता का आकलन करने क े िलए उनकी तुलना करने का काम सौंपा गया था।"
11. उ ायालय ने आदेश िदया िक ितवादी सं ा 2 की िगर ारी तब तक नहीं की जाएगी जब तक िक वह जांच अिधकारी की संतुि पर 2 लाख पये क े गत और जमानत बांड दान करता है। इन सुर ाओं का िव ार करते समय, ितवादी सं ा 2 को यह भी िनदश िदया गया था िक जब भी आव कता हो वह जांच म सहयोग कर और अिभयोजन प क े सा क े साथ छे ड़छाड़ से बचने या िकसी भी गवाह को भािवत करने क े िलए वचन द।इसक े अलावा, 1.[5] करोड़ पये की जमा रािश संबंिधत मिज ेट क े सम जमा िकए जाने थे जो पीिड़त मुआवजे क े प म काम करेगा और मुकदमे क े प रणाम क े आधार पर िवत रत िकया जाएगा।
12. अि म जमानत िदए जाने से िथत अपीलकता हमारे सामने ह। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 7 बी. िववाद
13. अपीलकताओं क े िव ान अिधव ा ी साक े त सीकरी ने जोरदार तक िदया िक उ ायालय ने इस गलत धारणा पर काम िकया िक ितवादी सं ा 2 क े प म किथत 1996 जी.पी.ए वा िवक है। 1996 जी.पी.ए की मूल ित पुिलस ारा आज तक बरामद नहीं की गई है, और इसिलए, िहरासत म पूछताछ की आव कता है।इसक े अलावा, उ ायालय इस बात पर िवचार करने म िवफल रहा िक 1996 क े जी.पी.ए को ितवादी सं ा 2 क े प म िन ािदत िकए जाने क े बावजूद, उ ोंने इसकी मािणत ित क े िलए क े वल फरवरी 2022 म आवेदन िकया, यानी 26 साल बाद, जबिक उनक े पास पहले से ही मूल होना चािहए था यिद उनका दावा ामािणक होना है।वतमान मामला यह है िक िजसम ितवादी सं ा 2 ने अ अिभयु यों क े साथ िमलकर अपीलकताओं क े खलाफ एक िव ृत धोखाधड़ी की है, जो अपनी उ और एनआरआई थित क े कारण असुरि त ह।इसक े अित र, 1990-2000 क े बीच की अविध क े दौरान अपीलकता सं ा 2 ारा उपयोग िकए गए ह ा र किथत जी.पी.ए िदनांक 18.09.1996 पर अंिकत ह ा रों से िभ, समान और गैर-समान ह। इसक े अलावा, किथत िब ी िवलेख पर ितफल रािश 6.60 करोड़ पये िवषय भूिम क े बाजार मू से ब त कम है, जो 50 करोड़ पये बताया गया है।
14. ितवादी सं ा 1-ह रयाणा रा की ओर से उप थत अित र महािधव ा सु ी बांसुरी राज ने ितवादी सं ा 2 को अि म जमानत देने का पुरजोर िवरोध िकया और ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 8 अपीलकताओं ारा िलए गए ख का समथन िकया।यह तक िदया गया िक ितवादी सं ा 2 क े खलाफ एक मजबूत थम या मामला बनाया गया है, और बड़ी सािजश का पता लगाने क े उ े क े िलए उसकी िहरासत म पूछताछ मह पूण है।
15. ितवादी सं ा 2 का ितिनिध करने वाले िव ान व र अिधव ा ी मिनंदर िसंह ने उ ायालय क े ि कोण का पुरजोर बचाव िकया और जोर देकर कहा िक अपीलकताओं ारा लगाए गए ेक आरोप, तक और ुत करना त ा क और कानूनी प से गलत था।िव ान व र अिधव ा ने तक िदया िक ितवादी सं ा 2 ने मूल प से वष 1996 म अपीलकताओं से िवचाराधीन भूिम खरीदी थी। हालाँिक, उस समय, भूिम पर एक तीसरे प का प ा मौजूद था।इसे संबोिधत करने क े िलए, अपीलकताओं ने 1996 जी.पी.ए को िन ािदत िकया, जो िक उप-पंजीयक, कालकाजी, िद ी क े कायालय म िविधवत पंजीक ृ त था।इस जी.पी.ए को िकसी भी अदालत म िववािदत नहीं िकया गया है और दीवानी मुकदमे दायर िकए जाने तक अपीलकताओं ारा चुनौती नहीं दी गई है, जो प से दशाता है िक इसकी वैधता का िवरोध क े वल एक िवचार क े बाद था। ितवादी सं ा 2 क े पास 1996 जी.पी.ए क े मा म से िवचाराधीन संपि क े िलए पंजीक ृ त क ेयंस डीड को िन ािदत करने और इसक े िलए ितफल ा करने क े िलए पूण ािधकरण था। 24.02.2022 को, ितवादी सं ा 2 ने 1996 जी.पी.ए क े आधार पर अपने पास िनिहत श क े योग क े मा म से भूिम बेच दी। हालाँिक, खरीदारों को इस ायालय क े सम प कारों क े प म शािमल नहीं िकया गया है। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 9 जी.पी.ए की ामािणकता का स ापन उप-पंजीयक, कालकाजी, िदनांक 13.02.2022 की रपोट क े अनुसार िकया गया था और भूिम की िब ी स ापन रपोट ा होने क े बाद ही ई थी।इसक े बाद ही अपीलकताओं ने ितवादी सं ा 2 और खरीदारों को धमकी देना शु िकया और बाद म जी.पी.ए की वैधता को चुनौती देते ए दीवानी मुकदमे दायर िकए। इसक े अलावा, उ ायालय ने ितवादी सं ा 2 को अि म जमानत दे दी है, जो जांच अिधकारी को नमूना ह ा र दान करने और 1.[5] करोड़ पये जमा करने जैसी स शत क े अधीन है। पुिलस ने उप-पंजीयक क े कायालय से भी अिभलेख ा िकए ह और ितवादी सं ा 2 ने उ ायालय ारा उस पर लगाई गई सभी शत का पालन िकया है। सी. िव ेषण
16. यह कहने की ज रत नहीं है िक करोड़ों पये की भूिम क े ािम को ह ांत रत करने क े िलए जाली द ावेजों क े किथत अपराध गंभीर क ृ ित क े ह।इसिलए, जबिक िकसी की गत तं ता की र ा करना अ ंत मह पूण है, अपराध की गंभीरता का िव ेषण करना और यह िनधा रत करना भी उतना ही बराबर का हमारे ऊपर आव क है िक िहरासत म पूछताछ की आव कता है या नहीं। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 10
17. िस राम सतिलंग ा मे े बनाम महारा रा 1 म, इस ायालय ने गुरब िसंह िसिबया बनाम पंजाब रा 2 मामले म संिवधान बच ारा थािपत िस ांतों पर सावधानीपूवक िवचार िकया। गहन िवचार-िवमश क े बाद, यह ायालय िन िल खत िन ष पर प ंचाः "112. अि म जमानत से िनपटने क े दौरान िन िल खत कारकों और मापदंडों को ान म रखा जा सकता हैः (i) िगर ारी से पहले आरोप की क ृ ित और गंभीरता और अिभयु की सटीक भूिमका को ठीक से समझा जाना चािहए; (ii) आवेदक का पूववृ इस त सिहत िक ा अिभयु ने पहले िकसी सं ेय अपराध क े संबंध म अदालत ारा दोषी ठहराए जाने पर कारावास का सामना िकया है; (iii) आवेदक क े ाय से भागने की संभावना; (iv) अिभयु क े समान या अ अपराधों को दोहराने की संभावना; ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 11 (v) जहां आरोप क े वल आवेदक को िगर ार करक े उसे घायल करने या अपमािनत करने क े उ े से लगाए गए ह; (vi) अि म जमानत देने का भाव, िवशेष प से बड़ी सं ा म लोगों को भािवत करने वाले मामलों म। XX X X XX "
18. सुशीला अ वाल बनाम रा (एन.सी.टी ऑफ िद ी)3 म, संिवधान पीठ ने िफर से पुि की िक अि म जमानत क े िलए आवेदनों पर िवचार करते समय, अदालतों को अपराधों की क ृ ित और गंभीरता, आवेदक की भूिमका और मामले क े िविश त ों जैसे कारकों पर िवचार करना चािहए।
19. अि म जमानत की राहत का उ े गत अिधकारों की र ा करना है।जबिक यह िगर ारी की श क े दु पयोग को रोकने क े िलए एक मह पूण उपकरण क े प म काय करता है और िनद ष यों को उ ीड़न से बचाता है, यह गत अिधकारों और ाय क े िहतों क े बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखने म भी चुनौितयों का सामना करता है। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 12 गत अिधकारों की र ा और सावजिनक िहत की र ा क े बीच संतुलन बनाने म हम िजस कसकर र ी पर चलना चािहए, वह िनिहत है।जबिक तं ता का अिधकार और िनद षता का अनुमान मह पूण है, अदालत को अपराध की गंभीरता, समाज पर भाव और एक िन और तं जांच की आव कता पर भी िवचार करना चािहए। ेक गत मामले क े त ों और प र थितयों म इन िहतों को तौलने म अदालत का िववेकािधकार एक ायपूण प रणाम सुिनि त करने क े िलए मह पूण हो जाता है।
20. इस मामले म क ु छ िनिववाद त ों को ान म रखते ए, यह है िक 1996 का जी.पी.ए अभी तक काश म नहीं आया है।मूल द ावेज़ क े थान क े बारे म हमारे सामने कोई संक े त नहीं रखा गया है। ितवादी सं ा 2 क े यं क े िववाद क े आलोक म, 1996 म जी.पी.ए क े मा म से िवषय भूिम की िब ी ई। अदालत म ुत किथत 1996 जी.पी.ए की एक ित की समी ा करने पर, अपीलकताओं ने िवषय भूिम से संबंिधत सभी मह पूण अिधकारों को ाग िदया।इन अिधकारों म भूिम का क ा, पानी, सीवर, िबजली, िबजली कने न और संपि से संबंिधत अ सेवाओं को संभालना, प े क े भुगतान और अ बकाया का भुगतान करना, आव क अनुमितयों क े साथ मौजूदा संरचना म प रवधन या संशोधन करना, भूिम िकराए पर लेना, रसीद जारी करना और िकरायेदार से संबंिधत मामलों का बंधन करना शािमल है। इसक े अलावा, अपीलकताओं ने भूिम को बेचने, िनपटाने या ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 13 थानांत रत करने, समझौतों म वेश करने और मूलधन की ओर से िवचार ा करने का अिधकार दान िकया। हालाँिक, िवषय भूिम पर सभी अिधकार ा करने क े बावजूद, ितवादी सं ा 2 ने कभी भी राज / थानीय अिधका रयों को सूिचत नहीं िकया िक उसने जी. पी. ए. क े मा म से िवषय भूिम को किथत प से 'खरीदा' था। राज अिभलेख म भूिम का ािम हमेशा अपीलकताओं क े नाम पर रहता था और दू सरे ितवादी ारा इंतकाल आिद क े प रवतन क े िलए कोई आवेदन नहीं िदया गया था। हम सूिचत िकया जाता है िक ब त देर से, किथत 1996 जी.पी.ए क े िन ादन क े बाद, सरकार ारा िवषय भूिम का एक िह ा अिध िहत िकया गया था और इस संबंध म मुआवजे का भुगतान अपीलकताओं को िकया गया था। ितवादी सं ा 2 ने न तो इस तरह क े मुआवजे क े भुगतान पर आपि जताई और न ही भूिम पर अपने अिधकार का दावा िकया, जो वह आम तौर पर करता अगर उसे उस पर कोई अिधकार होता।क े वल पावर ऑफ अटॉन क े िन ादन पर िकसी अचल संपि म ािम अिधकारों क े ह ांतरण को ीकार करना असंगत होगा।
21. हम यह ान रखना चािहए िक िवषय भूिम रा ीय राजधानी े म थत एक मुख संपि है।वष 1996 म भी इसका मू काफी मह पूण रहा होगा।ि तीय ितवादी अब तक वष 1996 म अपीलकताओं को िकसी भी ितफल का भुगतान नहीं िदखा पाया है।मूल जी.पी.ए, जैसा िक हमने कई अवसरों पर उ ेख िकया है, इसकी अनुप थित से िविश है। कहा जाता है िक िववािदत िब ी िवलेख को िन ािदत करने क े िलए इस जी.पी.ए की एक ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 14 मािणत ित पर भरोसा िकया गया था।हम यह समझने या जानने म िवफल ह िक क ै से एक ामािणक खरीदार एक ऐसे को िब ी ितफल क े प म करोड़ों पये का भुगतान कर सकता है िजसक े पास न तो ािम और ािम िदखाने वाले द ावेज ह और न ही बेचे जा रहे संपि क े वा िवक मािलक (ओं) का मूल जी.पी.ए है।यह त िक िब ी िवलेख को किथत प से पैन सं ा का उ ेख िकए िबना या टीडीएस घटाए िबना िन ािदत िकया गया था, इस लेनदेन की संिद क ृ ित को रेखांिकत करता है।हम पंजीकरण ािधकरणों क े वहार और इन औपचा रकताओं क े पूरा होने क े अभाव म क ेयंस डीड की उनकी ीक ृ ित पर समान प से िचंितत ह।उप-पंजीयक और उनक े अिधकारी िब ी िवलेख क े पंजीकरण से पहले ािम अिधकारों का स ापन करने क े िलए बा थे।अपीलकताओं क े दावे क े अनुसार, भूिम क े पूव मूल िब ी िवलेख अभी भी उनक े क े म ह। िब ी िवलेख। यह त िक िव े ता मूल अिभलेख ा िकए िबना ितवादी सं ा 2 को इतनी बड़ी रािश का भुगतान करने क े िलए सहमत आ, लेन-देन की वैधता पर एक छाया डालता है।
22. यहाँ यह उ ेख करना आव क है िक अपीलकतागण बुजुग दंपित ह।एनआरआई होने क े नाते, उनका अिधकांश समय िवदेश म तीत आ है।उ ोंने कहा है िक िववािदत िब ी िवलेख क े समय वे भारत म नहीं थे।अपीलकताओं का दावा है िक भूिम का बाजार मू 50 करोड़ पये से कम नहीं है, हालांिक अभी तक मू ांकन एक िवशेष ारा स ािपत नहीं िकया गया है, लेिकन यह ल से ब त दू र नहीं लगता है।किथत प से ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 15 धोखाधड़ी वाले िब ी िवलेख क े समय भूिम क े कम मू ांकन का गंभीर आरोप है। यह तक िक 6.60 करोड़ पये का ितफल िवषय भूिम क े बाजार मू से ब त कम है, इसिलए इसकी गहन जांच की भी आव कता है।
23. हम इस त से अनजान नहीं ह िक कहा जाता है िक ितवादी सं ा 2 ने 1996 जी.पी.ए क े 26 वष की अविध क े बाद फरवरी, 2022 म इसकी मािणत ित क े िलए आवेदन िकया था। यह भी नहीं है िक ों, जब िवषय भूिम गु ाम िजले म थत है, तो संपि क े संबंध म जी.पी.ए कालकाजी, नई िद ी म पंजीक ृ त था।यह जी.पी.ए की वा िवकता क े बारे म क ु छ संदेह पैदा करता है। इस कार, यह इंिगत करने क े िलए भारी और थम या सबूत ह िक ितवादी सं ा 2, संपि क े खरीदारों और उप-पंजीयक ारा दान की गई घटनाओं क े सं रण को संदेह क े साथ देखा जाना चािहए। थम या, ये प एक-दू सरे क े साथ िमलकर काम करते तीत होते ह और अनुप थत भूिम मािलकों को धोखा देने क े गु उ े से हाथ िमला सकते ह। इस कोण पर जांच अिधका रयों ारा गहन िवचार की आव कता है।अपीलकतागण तीत होता है िक उनकी अ िधक मू वान संपि को लूटने क े िलए रची गई एक सुिनयोिजत सािजश का िशकार हो गए ह। ऐसे मामलों म जहां अपराध क े पीिड़त, अपनी वृ ाव था और भौगोिलक दू री क े कारण, अपने दम पर ाय ा करने म असमथ ह, यह ायालयों और रा पर पड़ता है िक वे अ ाय को दू र करने और कानून क े शासन म सभी क े िव ास को बहाल करने क े अपने गंभीर कत का पालन कर। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 16
24. ये सभी भौितक त जो मामले की जड़ तक जाते ह, दुभा से उ ायालय क े ान म नहीं लाए गए।यिद उिचत सहायता दी जाती, तो उ ायालय जांच एजसी को ितवादी सं ा 2, िव े ताओं, उप-पंजीयक और पंजीकरण ािधकरण क े अ अिधका रयों की भूिमका की जांच करने क े िलए भी खुली छ ू ट देता, तािक अपीलकताओं की कीमत पर धोखाधड़ी करने क े िलए रची गई िमलीभगत, िमलीभगत और सािजश, यिद कोई हो, का खुलासा िकया जा सक े ।
25. भारत म भूिम घोटाले एक िनरंतर मु ा रहे ह, िजसम भूिम अिध हण, ािम और लेनदेन से संबंिधत धोखाधड़ी थाए ं और अवैध गितिविधयाँ शािमल ह।घोटालेबाज अ र नकली भूिम अिधकार बनाते ह, िब ी िवलेख बनाते ह, या झूठे ािम या बोझ मु थित िदखाने क े िलए भूिम रकॉड म हेरफ े र करते ह।संगिठत आपरािधक नेटवक अ र इन जिटल घोटालों की योजना बनाते ह और उ अंजाम देते ह, कमजोर यों और समुदायों का शोषण करते ह, और उ अपनी संपि यों को खाली करने क े िलए मजबूर करने क े िलए धमकी या धमकी का सहारा लेते ह।इन भूिम घोटालों क े प रणाम प न क े वल यों और िनवेशकों को िव ीय नुकसान होता है, ब िवकास प रयोजनाओं को भी बािधत करता है, जनता का िव ास कम होता है और सामािजक-आिथक गित म बाधा आती है। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 17
26. हालांिक हम इस मु े पर आगे कोई िट णी नहीं करना चाहते ह, हमारा मानना है िक भूिम मािफया ारा िकए गए संगिठत अपराध क े िकसी भी िनशान को एक िनबाध और अबािधत जांच क े मा म से िवफल करना आव क है।
27. यह िनिववाद है िक जमानत को र करना क े वल ठोस और स ोहक कारणों से िकया जाना चािहए, हालांिक, एक गलत जमानत आदेश को र करना जमानत को र करने से पूरी तरह से अलग है।यह ायालय िकसी अिभयु को मानक वहार क े प म जमानत देने म उ ायालय ारा योग िकए गए ाियक िववेक म ह ेप करने का इरादा नहीं रखता है।तथािप, यह सुिनि त करना आव क है िक सभी भौितक त ों को अिभलेख पर लाया जाए और उसक े बाद इस ायालय ारा समय क े साथ िविभ िनणयों म िनधा रत अि म जमानत क े मौिलक िस ांतों क े अनुसार क े वल िववेकाधीन अिधकार े का योग िकया जाए।
28. यह कोई मायने नहीं रखता िक 1996 क े जी.पी.ए की वा िवकता पहले से ही प ों क े बीच लंिबत दीवानी मुकदमों म दीवानी ायालय क े सम िवचाराधीन है।अपीलािथयों से, उनकी आयु और आवासीय थित क े कारण, इन दीवानी कायवाही क े प रणाम क े िलए अिनि त काल तक ती ा करने की उ ीद नहीं की जा सकती है।इसक े बावजूद, इन मामलों की लंिबतता आपरािधक जांच क े दौरान िवचार िकए जा रहे जालसाजी और मनगढ़ंत ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 18 मु ों को नहीं रोकती है।मामले क े त खुद क े िलए बोलते ह और इस र पर आपरािधकता क े एक त से इनकार नहीं िकया जा सकता है।एक तं, िन, िनबाध और िन जाँच ारा भावी प से िनधा रत िकया जा सकता है िक किथत अपराध ितवादी सं ा 2 और उसक े सह-अिभयु ों ारा एक दू सरे क े साथ सि य िमलीभगत से िकए गए थे या नहीं। इस मामले क े िविश त ों और प र थितयों म, न क े वल ितवादी सं ा 2 ब अ सभी संिद ों से िहरासत म पूछताछ, इसिलए, स ाई का पता लगाने क े िलए अिनवाय है। िगर ारी पूव जमानत ारा दान की गई सुर ा क छतरी क े साथ जांच म शािमल होने से ऐसे मामले म स ाई का पता लगाने की कवायद अ भावी हो जाएगी।हम, जैसा िक उ ेख िकया गया है, उप-पंजीयक, कालकाजी, नई िद ी ारा की गई 1996 जी.पी.ए की स ापन ि या क े बारे म भी संदेहपूण, संिद और अिव सनीय ह।इसिलए, जांच को उसक े तािकक िन ष पर ले जाने क े िलए उपिनवेशक कायालय, कालकाजी, नई िद ी क े अिधका रयों क े आचरण की भी जांच की जानी चािहए।.
29. यह िकया जाता है िक ऊपर की गई िट िणयां थम या क ृ ित की ह और इ अंितम िन ष क े प म नहीं िलया जाएगा। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 19 डी. िन ष
30. उपरो चचा क े आलोक म और मामले क े गुण-दोष पर कोई िवचार िकए िबना, अपील की अनुमित दी जाती है और ितवादी सं ा 2 को अि म जमानत देने वाले उ ायालय ारा 31 मई, 2022 को पा रत िकए गए आ ेिपत आदेश को इसक े ारा खा रज कर िदया जाता है।
31. इस मामले क े त ों और प र थितयों को देखते ए, हम इन कायवाही म जांच क े दायरे का िव ार करते ह और पुिलस आयु, गु ाम को एक िवशेष जांच दल (एस. आई. टी.) का गठन करने का िनदश देते ह, िजसका नेतृ उप-पुिलस आयु क े पद से कम क े अिधकारी ारा नहीं िकया जाएगा और साथ म दो िनरी कों क े साथ पुिलस अधी क। एस.आई.टी तुरंत जाँच अपने हाथ म लेगी।एस.आई.टी को कानून क े अनुसार स ी से एक िनि त िन ष पर प ंचने क े िलए ितवादी सं ा 2, िव े ता(गण), उप-पंजीयक/अिधका रयों या अ संिद ों से िहरासत म पूछताछ करने की तं ता होगी।
32. यिद ितवादी, पंजीकरण ािधकरण क े अिधका रयों/अिधका रयों ने स ायालय/उ ायालय से अि म जमानत ा कर ली है, तो एस. आई. टी. ऐसे आदेशों म उपयु संशोधन करने क े िलए तं होगी तािक िन और तं जांच करने म कोई बाधा न आए। ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 20
33. दीवानी अदालत ारा पा रत कोई भी अंतवत /अंत रम आदेश चल रही जांच म बाधा नहीं डालेगा।दीवानी ायालय, इस िबंदु से, लंिबत दीवानी मुकदमों म ऐसा कोई आदेश पा रत नहीं करेगा जो चल रहे जाँच म बाधा डाल सकता है।
34. एस.आई.टी इस आदेश की तारीख से दो महीने क े बाद िजतनी ज ी हो सक े जांच पूरी करेगी।
35. गु ाम क े पुिलस आयु िदन- ितिदन की जांच की िनगरानी क े िलए गत प से िज ेदार होंगे।
36. िद ी क े रा ीय राजधानी े क े अिधकारी वष 1996 म उप-पंजीयक, कालकाजी, नई िद ी क े कायालय म किथत प से पंजीक ृ त जी.पी.ए की वा िवकता क े स ापन क े मामले म पूरा सहयोग करगे।.................जे. [सूयकांत].........जे. [सी. टी. रिवक ु मार] नई िद ी; 07 जुलाई, 2023 ि िम. ए. 2023 का सं.___ @एसएलपी (ि िम.) डी. सं.2022 का 2093[6] 22 का पृ 21 अ ीकरणः थानीय भाषा म अनुवािदत िनणय वादी क े सीिमत उपयोग क े िलए है तािक वह अपनी भाषा म इसे समझ सक े और िकसी अ उ े क े िलए इसका उपयोग नहीं िकया जा सकता है ।सभी वहा रक और आिधका रक उ े ों क े िलए िनणय का अं ेजी सं रण ामािणक होगा और िन ादन और काया यन क े उ े क े िलए उपयु रहेगा ।