Full Text
भारतीय सव च यायालय
िस वल अपीलीय े ािधकार
िस वल अपील सं. 4208/2023
( व.अनु.या(िस.) सं. 7137/2016 से उ प न)
रमेश चंद ...अपीलाथ
बनाम
द ली प रवहन िनगम बंधन ... यथ
िनणय
या., अभय एस. ओका
त या मक पहलू
अनुमित दािनत।
JUDGMENT
1. अपीलाथ को दनांक 22 जून 1985 को क ं ड टर क े प म यथ - द ली प रवहन िनगम ारा िनयु कया गया था| यथ ारा अपीलाथ को 8 िसतंबर 1992 को आरोप-प दया गया था जसम आरोप लगाया गया क एक विश ट पर क ं ड टर क े प म कत य का िनवहन करते हुए उ ह ने दो या य से 4 पए क रािश ा क ले कन उ ह टकट जार करने म वफल रहे। जांच क े बाद यथ ने अपीलाथ को दनांक 14 जून 1996 से सेवा से हटाने का आदेश पा रत कया।
2. यथ ने म यायालय क े सम एक औ ोिगक ववाद उठाया और जांच व उसक े प रणाम व प सेवा से हटाने क े आदेश को चुनौती द है। म यायालय प कार को सुनने क े प ात इस िन कष पर पहुंचा क जांच अवैध थी। इसिलए म यायालय ने यथ को सा य एक त करने क अनुमित द । अिधिनणय दनां कत 17 माच 2009 ारा म यायालय इस िन कष पर पहुंचा क यथ ारा अपीलाथ क े खलाफ आरोप था पत नह ं कया गया था। तदनुसार, उ अिधिनणय ारा म यायालय ने अपीलाथ को सेवा म बहाल करने का आदेश पा रत कया। म यायालय का यह वचार था क अपीलाथ ने यह सा बत करने क े दािय व का िनवहन नह ं कया है क वह सेवा से हटाए जाने क तार ख से लाभ द प से िनयु नह ं था। इसिलए, म यायालय ने बकाया वेतन देने से इनकार कर दया।
3. यथ ने म यायालय क े अिधिनणय को वीकार कया था। बकाया वेतन देने से इनकार करने से यिथत होकर अपीलाथ ने माननीय द ली उ च यायालय क े व ान एकल यायाधीश क े सम एक रट यािचका दायर क थी। रट यािचका खा रज कर द गई थी। रट यािचका क े खा रज होने से यिथत होकर अपीलाथ ने माननीय द ली उ च यायालय क खंडपीठ क े सम अपील दायर क थी। दनांक 11 दसंबर 2015 क े आ े पत िनणय म खंडपीठ ारा बकाया वेतन देने से इनकार को बरकरार रखा गया है।
4. इस यायालय ारा दनांक 18 माच 2016 को नो टस जार कया गया था। हम यहां नोट कर सकते ह क म यायालय क े अिधिनणय क े संदभ म जसे यथ ारा चुनौती नह ं द गई थी, अपीलाथ को दनांक 23 जुलाई 2009 से सेवा म बहाल कया गया था। वह दनांक 31 माच 2020 को सेवािनवृ हुए थे। तुितयाँ
5. अपीलाथ क ओर से पेश हुए व ान व र अिधव ा ने आ ह कया क म यायालय क े सम दायर दावे क े ववरण म भी अपीलाथ ने वशेष प से अनुरोध कया था क वह उनक े सेवा से हटाए जाने क तार ख से बेरोजगार थे। उ ह ने तुत कया क म यायालय क े सम अपीलाथ को यथ क े अिधव ा ारा इस पहलू पर ितपर ा क े अधीन कया गया था। इसिलए वह तुत करते ह क मामले क े त य म अपीलाथ ने यह सा बत करक े उस पर दािय व का िनवहन कया क यथ ारा सेवा से हटाए जाने क े बाद उसक े पास कोई रोजगार नह ं था। उ ह ने तुत कया क इसक े वपर त कोई सबूत नह ं है और इसिलए अपीलाथ पूण बकाया वेतन का हकदार है।
6. यथ क ओर से उप थत व ान अिधव ा ने बताया क अपीलाथ ारा म यायालय क े सम दनांक 18 जुलाई 2008 को एक शपथ-प दायर कया गया था जसम एक दावा कया गया था क अपीलाथ अपनी सेवा क समाि क तार ख से बेरोजगार था और कसी भी रोजगार को सुर त करने म स म नह ं हो पाया था। हालां क, उ शपथ-प को वापस ले िलया गया और एक नया शपथ- प दायर कया गया जसम ऐसा कोई विश दावा शािमल नह ं कया गया था। इसिलए, व ान अिधव ा यह तुत करगे क अपीलाथ ने सेवा क समाि क तार ख से बेरोजगार होने क े मामले को था पत करने क े उसक े दािय व का िनवहन नह ं कया है। जैसा क इस यायालय ारा िनदिशत कया गया है, उ ह ने अपीलाथ को भुगतान कए गए सेवािनवृ बकाए को दशाने वाले द तावेज को अिभलेख पर रखा है और एक ववरण जसमे उस वेतन को शािमल कया है जो वह अपनी सेवा क समाि क तार ख से अपनी बहाली क तार ख तक ले सकता था। हमारा वचार
7. हमारे सामने एकमा यह है क या म यायालय का बकाया वेतन देने से इनकार करना उिचत था। रा ीय गांधी सं हालय बनाम सुधीर शमा क े मामले म इस यायालय ने कहा क यह त य क सेवा से बखा तगी क े बाद कोई कमचार लाभ द प से िनयु था या नह ं यह उसक े वशेष ान म है। भारतीय सा य अिधिनयम, 1872 क धारा 106 म शािमल िस ांत को यान म रखते हुए ारंिभक दािय व कमचार पर है क वह इस मामले क े साथ सामने आए क वह सेवा क समाि क े आदेश क े बाद लाभ द प से िनयु नह ं था। यह एक नकारा मक दािय व है। हालां क, कमचार कस तरह से उ दािय व का िनवहन कर सकता है यह येक मामले क े विश त य और प र थितय पर िनभर करेगा। यह सब अिभलेख पर मौजूद अिभवचन और सबूत पर िनभर करता है। चूं क दए गए मामले म यह एक नकारा मक दािय व है, कमचार ारा शपथ पर दावा करना क वह बेरोजगार था, िनयो ा ारा अिभलेख पर लाई गई कसी भी सकारा मक साम ी क े अभाव क े अनु प हो सकता है।
8. अब, मामले क े त य पर गौर करते हुए हम पाते ह क अपीलाथ ारा दनांक 8 अग त 1997 को म यायालय क े सम दायर दावा ववरण जो उनक े ारा विधवत ह ता रत और स या पत कया गया था जसमे एक विश ववाद उठाया गया था क वह अभी भी बेरोजगार ह और कोई नौकर नह ं कर रहे ह। इसिलए, ववरण क े अनु छेद 9 म एक ववाद उठाया गया था क अपीलाथ बकाया वेतन का हकदार था। इसिलए, 8 अग त 1997 को कम से कम अपीलाथ ारा एक विश मामला बनाया गया है क वह लाभ द प से िनयु नह ं था। अपीलाथ ने दनांक 18 जुलाई 2008 को एक शपथ- प दायर कया था जसमे म यायालय क े सम उ ह ने तक दया क वह बखा तगी क तार ख से बेरोजगार थे और गंभीर आिथक क ठनाई का सामना कर रहे थे। हालां क, उ शपथ-प वापस ले िलया गया था और अपीलाथ ारा 4 िसतंबर 2008 को सा य का एक नया शपथ-प दायर कया गया था जसम रोजगार ा करने म वफलता क े बारे म एक विश दावे को शािमल नह ं कया गया था। हालां क, बंधन क े अिधव ा ारा म यायालय क े सम इस पहलू पर उनक ितपर ा यह सुझाव देते हुए क गई थी क अपीलाथ अपने प रवार का भरण-पोषण करने क े िलए पया रािश कमा रहे थे। हालां क, अपीलाथ ने उ सुझाव क स यता से इनकार कर दया। इसिलए, सेवा से समाि क े तेरह मह ने बाद दायर दावा ववरण म अपीलाथ ारा एक विश दावा कया गया था क वह बेरोजगार था। यथ ारा अिभलेख पर न तो कोई साम ी रखी गई है जो यह दशाती है क अपीलाथ क े पास आय का ोत था और न ह यथ ारा ितपर ा क े समय क ु छ भी साम ी ा क गई है।
9. कानून सु था पत है। यहां तक क अगर यायालय सेवा म बहाली का आदेश पा रत करता है तो बकाया वेतन क े भुगतान का आदेश वतः नह ं होगा। यह सब मामले क े त य और प र थितय पर िनभर करता है। यह सच है क अपीलाथ ारा 18 जुलाई, 2008 को म यायालय क े सम दायर शपथ-प म शपथ लेकर प बयान दया गया था क उ ह बखा तगी क तार ख क े प ात नौकर नह ं िमली थी को वापस ले िलया गया और सा य क े प म दायर नए शपथ-प म इस तरह का कोई विश ववाद नह ं उठाया गया था। ले कन अपीलाथ क े प म दो कारक ह। दावा ववरण म यह वशेष प से कहा गया है क अग त 1997 तक जब दावा ववरण दायर कया गया था, अपीलकता को रोजगार िमलना मु कल था और वा तव म वह बेरोजगार था। दूसरा पहलू यह है क यथ क े अिधव ा ारा इस मु े पर अपीलाथ क ितपर ा क गई है और ितपर ा म अपीलाथ ने इनकार कर दया क उसक े पास अपने प रवार क देखभाल क े िलए आय का पया ोत है। हालां क, पहले से दायर शपथ-प को वापस लेने और नए शपथ-प म बेरोजगार क े तक को नह ं उ ल खत करने क े अपीलाथ क े आचरण को यान म रखते हुए अपीलाथ को सेवा समाि क तार ख से बहाली तक क पूर अविध क े िलए बकाया वेतन का लाभ नह ं दया जा सकता है। यह वीकार करना संभव नह ं है क तेरह वष क पूर अविध क े िलए अपीलाथ क े पास आय का कोई ोत नह ं था। हालां क, यथ इस मामले क े साथ सामने नह ं आया है क सेवा से हटाए जाने क तार ख से अपीलाथ क े पास आय का दूसरा ोत था। इस कार अपीलाथ ने यह था पत करक े अपने दािय व का िनवहन कया क वह कम से कम अग त 1997 तक बेरोजगार था। यथ क ओर से पेश अिधव ा ारा अिभलेख पर तुत चाट से हम पाते ह क बहाली क तार ख पर अपीलाथ का सकल वेतन 18,830/- पए था। हटाए जाने क तार ख को, उनका वेतन लगभग 4,000/- पये ित माह था।
10. हमारा वचार है क मामले क े त य पर वचार करते हुए, यह उिचत होगा क अपीलाथ को बकाया वेतन क े बदले 3 लाख पए क रािश का भुगतान करने का आदेश दया जाए। उस हद तक, अपील सफल होनी चा हए।
11. तदनुसार, म यायालय का दनांक 17 माच, 2009 का अिधिनणय और उ च यायालय क े आ े पत िनणय को संशोिधत कया गया है। हम यथ को आज से दो मह ने क अविध क े भीतर अपीलाथ को बकाए वेतन क े प म 3 लाख पए क रािश का भुगतान करने का िनदश देते ह। अपीलाथ को अपने खाते का ववरण और अपने खाते क े र चेक क एक ित यथ क े अिधव ा को देनी होगी। यथ ारा दो मह ने क े िनधा रत समय क े भीतर अपीलाथ क े बक खाते म रािश ह तांत रत क जाएगी। अपीलकता ारा आज से एक मह ने क अविध क े भीतर यथ क े अिधव ा को अपने बक खाते का ववरण और र चेक क एक ित तुत करने म वफल रहने क थित म, यथ क े िलए म यायालय म रािश जमा करने का वक प खुला रहेगा। म यायालय अपीलाथ को रािश वापस लेने क अनुमित देगा। य द यथ आज से दो मह ने क े भीतर 3 लाख पए क रािश का भुगतान या जमा करने म वफल रहता है तो उ रािश पर सेवा म बहाली क तार ख से 9% ित वष क दर से याज लगेगा। उपरो शत पर अपील को आंिशक प से अनुमित द जाती है।............... या. (अभय एस. ओका).................. या. (राजेश बंदल) नई द ली; 5 जुलाई, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।