Ramesh Kumar v. NCT of Delhi

Supreme Court of India · 04 Jul 2023 · 2023 INSC 596
S. Ravindra Bhatt; Pankaj Mittal
Criminal Appeal No. 1741 of 2023
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court set aside the High Court's revocation of anticipatory bail and excessive bond condition in a cheating case, emphasizing the discretionary nature of bail and the need for reasonable conditions aligned with the evidence and nature of the offense.

Full Text
Translation output
प्रतिवेद्य
भारिीय सवोच्च न्यायाऱय
आपराधिक अपीऱीय अधिकाररिा
आपराधिक अपीऱ सं. 1741/2023
[वव.अ.य़ा. (आप.) 2358/2023 से उत्पन्न]
रमेश क
ु मार ....अपीऱार्थी(गण)
बनाम
एन. सी. टी. दिल्ऱी राज्य ....प्रत्यर्थी(गण)
तनणणय
िीपांकर ित्ता, न्या.
JUDGMENT

1. अनुभति प्रदान की गई।

2. पऩछरे क ु छ वषों भें उबयने वारी एक ऩयेशान कयने वारी प्रवृपि, जजसने हार क े ददनों भें गति ऩकड़ी है, इस याम को आवश्मक फनाि़ी है। पऩछरे कई भहीनों भें हभाये द्वाया कई भाभरों भें मह ऩामा गमा है कक बायि़ीम दॊड सॊदहिा, 1860 (आई. ऩ़ी. स़ी., इसक े फाद) की धाया 420 क े िहि प्रथभ सूचना रयऩोर्ट दजट ककए जाने ऩय, धोखाधड़ी क े आयोऩ़ी व्मजतिमों द्वाया आऩयाधधक प्रकिमा सॊदहिा, 1973 की धाया 438 (आई. ऩ़ी. स़ी.) क े िहि आदेश प्राप्ि कयने क े लरए न्मातमक कामटवाही शुरू की गई। (आई.ऩ़ी.स़ी., "इसक े फाद) को अनजाने भें 2023 INSC 596 कधथि रूऩ से ठगे गए धन की भात्रा की वसूरी क े लरए प्रकिमाओॊ भें ऩरयवतिटि ककमा जा यहा है औय अदारिें ऩूवट -धगयफ्िायी जभानि देने क े लरए ऩूवट - आवश्मकिा क े रूऩ भें जभा /बुगिान क े लरए शिें रगाने क े लरए प्रेरयि हैं। विटभान भाभरा दूसयों से अरग नहीॊ है औय उच्च न्मामारमों औय सत्र न्मामारमों को मह माद ददराना उधचि सभझा जािा है कक वे स़ीआयऩ़ीस़ी की धाया 438 क े िहि जभानि भाॊगिे सभम ककस़ी ब़ी यालश को जभा कयने/चुकाने क े वचन की प्रकृ ति भें आयोऩ़ी की ओय से वकीर द्वाया दी गई प्रस्िुतिमों से अनावश्मक रूऩ से प्रबापवि न हों। औय जभानि देने क े लरए एक ऩूवट - आवश्मकिा क े रूऩ भें जभा /बुगिान क े लरए उस सॊफॊध भें एक शिट शालभर कयना।

3. ददल्री उच्च न्मामारम क े पववाददि प ै सरे से एकत्र ककए गए इस अऩ़ीर ऩय तनर्टम क े लरए प्रासॊधगक स्ऩष्र् िथ्म मे हैं। हभाये सभऺ अऩ़ीरकिाट अचर सॊऩपि का स्वाभ़ी है। इसे कपय से पवकलसि कयने क े इयादे से, उन्होंने 10 औय 19 ददसॊफय, 2018 औय 30 जनवयी, 2019 को अश्वऩी क ु भाय ("बफल्डय", इसक े फाद) क े साथ ि़ीन सभझौिे ककए थे। 19 ददसॊफय, 2018 क े सभझौिे क े सॊदबट भें, बफल्डय को एक फहुभॊजजरा इभायि का तनभाटर् कयने की आवश्मकिा थ़ी, जजसभें अऩ़ीरकिाट को ि़ीसयी भॊजजर औय ऊऩयी भॊजजर क े सॊफॊध भें स्वालभत्व अधधकाय होंगे, इसक े अरावा बफल्डय द्वाया उसे 50,00,000/- (ऩचास राख रुऩमे) का बुगिान ककमा जाएगा, जफकक बफल्डय को ऩहरी औय दूसयी भॊजजर क े साथ अन्म अधधकायों क े साथ काभ कयने का अधधकाय होगा, जैसा कक उसभें वर्र्टि है। उऩयोति सभझौिे क े अनुसयर् भें, बफल्डय ने प्रस्िापवि बवन की दूसयी भॊजजर (छि क े अधधकायों क े बफना) क े सॊफॊध भें पवनम क ु भाय औय सॊदीऩ क ु भाय ("लशकामिकिाट", इसक े फाद) क े साथ 14 ददसॊफय, 2018 को फेचने औय खयीदने/ब्माना क े लरए एक सभझौिा ककमा, रेककन इसभें वर्र्टि अन्म अधधकायों क े लरए रु 60,00,000 (साठ राख रुऩमे)। लशकामिकिाटओॊ ने कधथि िौय ऩय बफल्डय को रुऩमे का बुगिान ककमा था। 11,00,000 (ग्मायह राख रुऩमे) [रु 1,00,000 (एक राख रुऩमे) र्ोकन यालश क े रूऩ भें औय रु 14 ददसॊफय, 2018 क े तनष्ऩादन क े सभम 10,00,000 (दस राख रुऩमे) फकामा यालश क े रूऩ भें। इसक े फाद, बफल्डय क े तनदेश ऩय, लशकामिकिाटओॊ ने अरग-अरग िायीखों ऩय कधथि िौय ऩय अऩ़ीरकिाट क े साथ-साथ बफल्डय को नकद क े साथ-साथ चेक द्वाया अतिरयति यालश का बुगिान ककमा, जो क ु र रु 35,00,000 (ऩैंि़ीस राख रुऩमे)।

4. कधथि िौय ऩय, लशकामिकिाट 14 ददसॊफय, 2018 क े तनमभों औय शिों का ऩारन कयने भें पवपर यहे, जजससे बफल्डय द्वाया लशकामिकिाटओॊ क े र्खराप एक दीवाऩी भुकदभा दामय ककमा गमा, जजसभें इस ियह क े सभझौिे को यद्द कयने औय 13,00,000 (िेयह राख रुऩमे) रुऩमे की यालश को जब्ि कयने की भाॊग की गई थ़ी। मह कधथि रूऩ से उति सभझौिे क े खॊड 8 क े आह्वान ऩय ककमा गमा था। मह ब़ी रयकॉडट की फाि है कक बफल्डय ने 10 औय 19 ददसॊफय, 2018 क े सभझौिों क े पवलशष्र् प्रदशटन क े लरए भुकदभा अऩ़ीरकिाट क े र्खराप अन्म फािों क े साथ-साथ एक औय दीवाऩी भुकदभा दामय ककमा है। हाराॉकक, अलबरेख ऩय भौजूद साभग्ऱी से, हभ दीवाऩी भुकदभों की स्थाऩना की िायीखों का ऩिा रगाने भें पवपर यहे हैं।

5. लशकामिकिाटओॊ को दूसयी भॊजजर का कब्जा नहीॊ सौंऩा गमा था जजसे वे खयीदना चाहिे थे। 18 नवॊफय, 2021 िक लशकामिकिाटओॊ ने ददल्री क े ऩुलरस स्र्ेशन गुराफ़ी फाग क े स्र्ेशन हाउस ऑकपसय क े ऩास लशकामि दजट कयाकय जाॊच िॊत्र को सकिम कयने की भाॊग की। उति लशकामि बा.दॊ.सॊ. की धाया 420/406/34 क े िहि 2021 की एप.आई.आय सॊ.322 क े रूऩ भें दजट की गई थ़ी। इसभें अऩ़ीरकिाट, बफल्डय औय एक दरार को आयोऩ़ी क े रूऩ भें ददखामा गमा था।

6. एप.आई.आय. से मह ध्मान देने मोग्म है कक बफल्डय औय लशकामिकिाटओॊ क े फ़ीच पविम सभझौिा होने क े फावजूद, लशकामिकिाटओॊ ने रु 17,00,000- (सत्रह राख रुऩमे) कधथि रूऩ से बफल्डय क े तनदेश ऩय अऩ़ीरकिाट क े ऩऺ भें चेक जायी ककए।

7. चूॊकक लशकामिकिाटओॊ ने अऩ़ीरकिाट को ऩमाटप्ि यालश का बुगिान ककमा था औय बफल्डय प्रस्िापवि इभायि की दूसयी भॊजजर का कब्जा देने भें पवपर यहा था, इसलरए लशकामिकिाटओॊ ने ठगा हुआ भहसूस ककमा औय ऩुलरस से अऩ़ीरकिाट औय बफल्डय द्वाया ककए गए अऩयाध की जाॊच कयने का आग्रह ककमा।

8. धगयफ्िायी की आशॊका भें, अऩ़ीरकिाट ने दॊड प्रकिमा सॊदहिा की धाया 438 क े िहि आदेश की भाॊग कयिे हुए प्रायॊब भें सॊफॊधधि आऩयाधधक अदारि [एभ. ए. स़ी. र्ी.-02 (क े द्रीम) का रुख ककमा। 30 नवॊफय, 2011 को ऩ़ीठास़ीन अधधकायी ने अऩ़ीरकिाट को धगयफ्िायी से अॊिरयभ सुयऺा प्रदान की, फशिे कक वह जाॊच एजेंस़ी क े साथ सहमोग कये, जफ जाॊच अधधकायी द्वाया सूधचि ककमा गमा कक अऩ़ीरकिाट औय लशकामिकिाटओॊ क े फ़ीच कोई सभझौिा नहीॊ हुआ था। हाराॉकक, 18 जनवयी, 2022 क े फाद क े आदेश भें ददए गए कायर्ों क े कायर्, ऩ़ीठास़ीन अधधकायी द्वाया आवेदन को खारयज कय ददमा गमा था औय अऩ़ीरकिाट को ऩहरे ददए गए अॊिरयभ सॊयऺर् को वाऩस रे लरमा गमा था।

9. उऩयोति िथ्मों औय ऩरयजस्थतिमों की ऩृष्ठबूलभ भें, अऩ़ीरकिाट ने दॊड प्रकिमा सॊदहिा की धाया 438 क े िहि आदेश की भाॊग कयिे हुए उच्च न्मामारम का दयवाजा खर्खर्ामा। बफल्डय द्वाया ब़ी ऐसा ही दृजष्र्कोर् अऩनामा गमा था। उच्च न्मामारम ने 24 नवॊफय, 2022 क े अऩने साभान्म आदेश द्वाया जभानि दे दी। जभानि देने क े लरए उच्च न्मामारम द्वाया रगाई गई शिों भें से एक इस प्रकाय है् "(ई) जैसा कक ददमा गमा है, पवद्वि तनचरी अदारि क े साथ, 4 सप्िाह क े ब़ीिय एक स्वचालरि नव़ीकयर् खॊड क े साथ शुरू भें एक वषट की अवधध क े लरए न्मामारम क े नाभ ऩय एप.ड़ी. आय. क े रूऩ भें माधचकाकिाट/बफल्डय अजश्वऩी क ु भाय रुऩमे 13,00,000 (रु. क े वर िेयह राख) की यालश जभा कयेंगे। औय भालरक यभेश क ु भाय 22,00,000 (रु. फाईस राख) रुऩमे की यालश जभा कयेंगे।" उऩयोति उद्धयर् भें तनददटष्र् वचन का ऩिा पववाददि तनर्टम क े ऩैयाग्राप 6 से रगामा जा सकिा है, जजसे इस प्रकाय ऩढा जा सकिा है्

6. खॊडन भें, माधचकाकिाटओॊ क े पवद्वान अधधवतिा ने कहा कक माधचकाकिाट जाॊच भें शालभर होने औय स्ऩष्र्ीकयर् देने क े लरए िैमाय हैं। पवद्वान अधधवतिा ने मह ब़ी प्रस्िुि ककमा कक उनक े सॊफॊधधि अधधकायों औय दरीरों क े प्रति ऩूवाटग्रह क े बफना, बफल्डय 8 सप्िाह क े ब़ीिय 13 राख औय भालरक यभेश क ु भाय न्मामारम क े सभऺ 22 राख रुऩमे की यालश जभा कयने क े लरए िैमाय हैं।

10. 22,00,000 (फाईस राख रुऩमे) जभा कयने क े लरए धन की व्मवस्था कयने भें अऩऩी कदठनाई व्मति कयिे हुए। अऩ़ीरकिाट ने दॊड प्रकिमा सॊदहिा की धाया 482 क े िहि उच्च न्मामारम क े सभऺ आवेदन ककमा था। जजसभें अऩेक्षऺि जभा कयने क े लरए सभम फढाने की भाॊग की गई थ़ी। 8 पयवयी, 2023 क े एक आदेश द्वाया, उति आवेदन को उच्च न्मामारम द्वाया 3 (ि़ीन) ददनों क े लरए सभम फढाने की अनुभति देिे हुए तनऩर्ामा गमा था, जजसभें पवपर यहने ऩय मह तनदेश ददमा गमा था कक अऩ़ीरकिाट को दी गई अधग्रभ जभानि अऩने आऩ यद्द हो जाएग़ी।

11. अऩ़ीराथी उच्च न्मामारम द्वाया अधधयोपऩि उऩयोति शिट [आऺेपऩि तनर्टम औय आदेश क े अनुच्छेद 9 का खॊड (ई)] से व्मधथि है औय अफ हभाये सभऺ आदेश क े दूसये बाग को फनाए यखने का आग्रह कयिे हुए इसे तनयस्ि कयने की भाॊग कय यहा है।

12. अऩ़ीराथी क े वकीर क े अनुसाय, रगाई गई शिट बायी है औय ऩैयाग्राप 8 भें उच्च न्मामारम द्वाया दजट की गई सॊिुजष्र् को ध्मान भें यखिे हुए मह नहीॊ कहा गमा है कक अऩ़ीराथी जाॊच भें शालभर हो गमा है औय अऩ़ीराथी औय बफल्डय दोनों जाॊच ऩूयी कयने क े उद्देश्म से कोई ब़ी स्ऩष्र्ीकयर् /स्ऩष्र्ीकयर् देने क े लरए िैमाय हैं। अऩ़ीराथी की ओय से आगे मह िक ट ददमा जािा है कक वह बफल्डय औय लशकामिकिाटओॊ द्वाया औय उनक े फ़ीच यच़ी गई साजजश का लशकाय है, जजसक े ऩरयर्ाभस्वरूऩ वह अब़ी ब़ी अऩऩी सॊऩपि का आनॊद रेने भें असभथट है, जजसे बफल्डय द्वाया प्रासॊधगक सभझौिे भें तनधाटरयि सभम क े ब़ीिय ऩुनपवटकास कयने की आवश्मकिा थ़ी। अॊि भें, अऩ़ीरकिाट की ओय से मह िक ट ददमा गमा है कक इस न्मामारम क े तनर्टम को ध्मान भें यखिे हुए मुनीश भसीन बनाम राज्य (एन. सी. टी. दिल्ऱी) 1 में, वववादिि स्थर्थति तनचरी अदारि भें एप. ड़ी. आय. क े रूऩ भें 22,00,000/- (फाईस राख रुऩमे) जभा कयने की आवश्मकिा वारी जभानि देने क े लरए रगामा गमा जुभाटना कानूऩी रूऩ से गरि है औय इसे दयककनाय ककमा जा सकिा है।

13. याज्म क े वकीर ने अऩ़ीर का पवयोध ककमा है। उनक े अनुसाय, पववाददि शिट इसलरए रगाई गई थ़ी तमोंकक अऩ़ीरकिाट ने अऩने वकीर भाध्मभ से स्वेच्छा से रु 22,00,000 (फाईस राख रुऩमे) उनक े अधधकायों औय पववादों क े प्रति ऩूवाटग्रह क े बफना। अफ जफ उच्च न्मामारम इस ियह क े वचन क े आधाय ऩय अऩना आदेश देने क े लरए आगे फढा था औय मह ब़ी कक अऩ़ीरकिाट ने सभम फढाने क े लरए आवेदन ककमा था जो ददमा गमा था, मह एक उधचि भाभरा नहीॊ है जहाॊ इस न्मामारम को अऩऩी अधधकारयिा ऺेत्र भें हस्िऺेऩ कयना चादहए।

14. ऩऺकायों को सुनने क े फाद औय अलबरेख ऩय साभग्ऱी क े अवरोकन ऩय, इसभें कोई सॊदेह नहीॊ है कक अऩ़ीराथी ने स्वेच्छा से रु। 22,00,000-(फाईस राख रुऩमे) अऩने अधधकायों औय दरीरों क े प्रति ऩूवाटग्रह क े बफना औय मह कक उन्होंने ऐस़ी जभा यालश जभा कयने क े लरए सभम फढाने क े लरए ब़ी आवेदन ककमा था, जजसे ब़ी भॊजूयी दी गई थ़ी; रेककन ऩमाटप्ि धन की व्मवस्था कयने भें पवपर यहने क े कायर्, वह धगयफ्िायी-ऩूवट जभानि देने क े लरए उच्च न्मामारम द्वाया रगाई गई शिट ऩय सवार उठा यहे हैं।

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15. उच्च न्मामारम क े सभऺ सुनवाई क े दौयान, जाॊच की प्रगति क े सॊफॊध भें एक जस्थति रयऩोर्ट प्रस्िुि की गई थ़ी। इस ियह की रयऩोर्ट से ऩिा चरा कक प्रस्िापवि बवन का तनभाटर् क े वर ऩहरी भॊजजर िक ही आगे फढा था औय जादहय है, इसलरए दूसयी औय ि़ीसयी भॊजजर अब़ी ब़ी अजस्ित्व भें नहीॊ थ़ी। इस ियह की जस्थति रयऩोर्ट से, इसलरए मह स्ऩष्र् है कक न िो वह भॊजजर थ़ी जजसे लशकामिकिाटओॊ ने खयीदने का इयादा ककमा था औय न ही वे भॊजजरें थ़ीॊ जजनक े सॊफॊध भें अऩ़ीरकिाट अऩने अधधकायों का प्रमोग कय सकिा था।

16. इस भाभरे की एक उल्रेखऩीम पवशेषिा मह है कक मद्मपऩ अऩ़ीरकिाट ने अऩने वकीर क े भाध्मभ से तनचरी अदारि भें 22,00,000/- रुऩमे (फाईस राख रुऩमे) की यालश जभा कयने का वचन ददमा था, एपआईआय सॊस्कयर् मह है कक अऩ़ीरकिाट को 20 ददसॊफय को 17,00,000/- रुऩमे (सत्रह राख रुऩमे ) [5,00,000/- रुऩमे (ऩाॊच राख रुऩमे ) की क ु र यालश क े लरए उसक े नाभ ऩय अरग-अरग चेक प्राप्ि हुए थे। 2018, 28 ददसॊफय, 2018 को 2,00,000 रुऩमे (दो राख रुऩमे), 28 ददसॊफय, 2018 को 4,00,000 रुऩमे (चाय राख रुऩमे), 28 ददसॊफय, 2018 को 1,00,000 रुऩमे (एक राख रुऩमे ) औय 21 पयवयी, 2019 को 5,00,000 रुऩमे (ऩाॊच राख रुऩमे ) लभरेंगे। 18 जनवयी, 2022 क े आदेश द्वाया अऩ़ीरकिाट क े आवेदन को खारयज कयिे हुए ऩ़ीठास़ीन अधधकायी ने चेक क े भाध्मभ से क ु र 17,00,000 रुऩमे (सत्रह राख रुऩमे ) की यालश प्राप्ि की थ़ी। हाराॊकक, इसभें कोई सॊदेह नहीॊ हो सकिा है कक अऩ़ीरकिाट की ओय से वकीर ने उच्च न्मामारम क े सभऺ प्रस्िुि ककमा था कक वह 22,00,000 रुऩमे (फाईस राख रुऩमे ) की यालश जभा कयने क े लरए िैमाय था, जो प्रथभ दृष्र्मा बफल्डय क े तनदेश ऩय अऩने ऩऺ भें तनकारे गए चेक द्वाया लशकामिकिाटओॊ से प्राप्ि यालश से अधधक है। हभ इस स्िय ऩय लशकामिकिाटओॊ द्वाया बफल्डय को ककए गए कधथि बुगिान से धचॊतिि नहीॊ हैं।

17. पववाददि जस्थति की वैधिा वही है जजसकी जाॉच कयने औय तनर्टम रेने का काभ अफ हभें सौंऩा गमा है।

18. इस स्िय ऩय अधग्रभ जभानि देने क े लरए न्मामारमों क े पववेकाधधकाय को तनमॊबत्रि कयने वारे ऺेत्र भें क ु छ ऩूवट तनर्टम ऩय ध्मान देंना उधचि होगा।

19. हभ गुरबख्श ससंह ससबबया और अन्य बनाम पंजाब राज्य से शुरू कयिे हैं।, जो इस न्मामारम क े एक सॊपवधान ऩ़ीठ का तनर्टम है । मह वहाॉ इस प्रकाय आमोजजि ककमा गमा था् "26. हभ श्ऱी िायक ुॊ डे क े तनवेदन भें फहुि साय ऩािे हैं कक चूॊकक जभानि से इनकाय कयना व्मजतिगि स्विॊत्रिा से वॊधचि कयने क े फयाफय है, इसलरए अदारि को धाया 438 क े दामये ऩय अनावश्मक प्रतिफॊध रगाने क े र्खराप झुकना चादहए, पवशेष रूऩ से जफ उस धाया क े सॊदबट भें पवधातमका द्वाया ऐसा कोई प्रतिफॊध नहीॊ रगामा गमा है। धाया 438 एक प्रकिमात्भक प्रावधान है जो उस व्मजति की व्मजतिगि स्विॊत्रिा से सॊफॊधधि है, जो तनदोष होने क े अनुभान का राब ऩाने का हकदाय है, तमोंकक वह अधग्रभ जभानि क े लरए अऩने आवेदन की िायीख को उस अऩयाध क े लरए दोष़ी नहीॊ है, जजसक े सॊफॊध भें वह जभानि भाॊगिा है। फाधाओॊ औय शिों का अत्मधधक उदाय तनवेश जो धाया 438 भें नहीॊ ऩाए जािे हैं, इसक े प्रावधानों को सॊवैधातनक रूऩ से कभजोय फना सकिा है तमोंकक व्मजतिगि स्विॊत्रिा क े अधधकाय को अनुधचि प्रतिफॊधों क े अनुऩारन ऩय तनबटय नहीॊ ककमा जा सकिा है। धाया 438 भें तनदहि राबकायी प्रावधान को सुयक्षऺि यखा जाना चादहए, न कक हर्ा ददमा जाना चादहए। इसभें कोई सॊदेह नहीॊ है कक भेनका गाॊध़ी [भेनका गाॊध़ी फनाभ बायि सॊघ, (1978) 1 एस.स़ी.स़ी. 248] क े प ै सरे क े फाद, कक सॊपवधान क े अनुच्छेद 21 की चुनौि़ी का साभना कयने क े लरए, ककस़ी व्मजति को उसकी स्विॊत्रिा से वॊधचि कयने क े लरए कानून द्वाया स्थापऩि प्रकिमा तनष्ऩऺ, न्मामसॊगि औय उधचि होऩी चादहए। धाया 438, जजस रूऩ भें पवधातमका द्वाया इसकी कल्ऩना की गई है, इस आधाय ऩय कोई अऩवाद नहीॊ है कक मह एक ऐस़ी प्रकिमा तनधाटरयि कयि़ी है जो अन्मामऩूर्ट मा अनुधचि है। हभें, ककस़ी ब़ी कीभि ऩय, उसभें ऩाए जाने वारे शब्दों को ऩढकय इसे एक सॊवैधातनक चुनौि़ी क े लरए खुरा छोडने से फचना चादहए।

20. भहेश चॊद्र फनाभ उिय प्रदेश याज्म क े भाभरे भें मह अदारि एक ऐसे भाभरे ऩय पवचाय कय यही थ़ी जजसभें सॊफॊधधि उच्च न्मामारम ने अधग्रभ जभानि देने की शिट क े रूऩ भें ऩ़ीडडि (फहू) को 2,000/- रुऩमे (दो हजाय रुऩमे) का बुगिान कयने का तनदेश ददमा था। इस न्मामारम द्वाया तनम्नलरर्खि तनर्टम ददमा गमा था। "3. अधग्रभ जभानि देने की शिट क े रूऩ भें, उच्च न्मामारम ने माधचकाकिाटओॊ का ऩ़ीडडि फहू को प्रति भाह 2000 रुऩमे का बुगिान कयने का वचन ऩत्र दजट ककमा है औय ऐसा कयने भें पवपर यहने ऩय जभानि देने क े आदेश को यद्द कय ददमा जाएगा। हभ मह सभझने भें पवपर हैं कक ऩ़ीडडि क े यखयखाव क े लरए उन्हें प्रति भाह 2000 रुऩमे जभा कयने क े लरए क ै से उियदाम़ी फनामा जा सकिा है। इसक े अरावा, जभानि आवेदन ऩय तनर्टम रेिे सभम, दीवाऩी पववादों ऩय तनर्टम रेना अदारि का अधधकाय ऺेत्र नहीॊ है जैसा कक ऩऺों क े फ़ीच होिा है। इसलरए हभ भाभरे को उच्च न्मामारम को बेजिे हैं कक वह जभानि आवेदन ऩय मोग्मिा क े आधाय ऩय नए लसये से पवचाय कये औय पववाददि आदेश द्वाया रगाई गई प्रकृ ति की ककस़ी ब़ी शिट को रागू ककए बफना एक उधचि आदेश ऩारयि कये।

21. अऩ़ीरकिाट क े वकीर द्वाया सॊदलबटि मुनीश भसीन (उऩयोति) भाभरे भें इस न्मामारम को तनम्नलरर्खि रूऩ भें अवरोकन कयने का अवसय लभरा था् "10. मह अच्छी ियह से िम ककमा गमा है कक सॊदहिा की धाया 438 क े िहि एक आयोऩ़ी को रयहा कयने क े लरए पववेकाधधकाय का प्रमोग कयिे हुए न िो उच्च न्मामारम औय न ही सत्र न्मामारम अज़ीफ शिों को रागू कयने भें उधचि होगा। इसभें कोई सॊदेह नहीॊ है कक अदारि भाभरे क े िथ्मों औय ऩरयजस्थतिमों को ध्मान भें यखिे हुए सॊदहिा की धाया 438 क े िहि जभानि ऩय एक आयोऩ़ी को फढािे हुए आवश्मक, न्मामसॊगि औय प्रबाव़ी शिें रगा सकि़ी है। हाराॉकक, अलबमुति को ककस़ी ब़ी अप्रासॊधगक शिट क े अध़ीन नहीॊ ककमा जा सकिा है। * * *

12. सॊदहिा की धाया 438 क े िहि अदारि का दयवाजा खर्खर्ाने वारे आयोऩ़ी ऩय शिें रगािे सभम, अदारि को शिों को रागू कयने भें फेहद सावधाऩी फयिऩी चादहए औय उन शिों को रागू कयक े अऩने अधधकाय ऺेत्र मा शजति का उल्रॊघन नहीॊ कयना चादहए जो बफल्क ु र ब़ी आवश्मक नहीॊ हैं। इसभें कोई सॊदेह नहीॊ है कक सॊदहिा की धाया 438 क े िहि रगाई जाने वारी शिें कठोय, कदठन मा अत्मधधक नहीॊ हो सकि़ी हैं िाकक सॊदहिा की े िहि अधग्रभ जभानि देने क े उद्देश्म को ही पवपर ककमा जा सक े ।

13. ित्कार भाभरे भें, अदारि क े सभऺ सवार मह था कक तमा सुश्ऱी येर्ुका द्वाया अऩऩी लशकामि भें ककए गए कथनों को ध्मान भें यखिे हुए, अऩ़ीरकिाट औय उसक े भािा-पऩिा सॊदहिा की े िहि जभानि क े हकदाय थे। जफ उच्च न्मामारम ने ऩामा कक धाया 438 क े िहि जभानि देने का भाभरा फनामा गमा था। अदारि ने अऩ़ीरकिाट को पऩछरे गुजाया बिा क े लरए 3,00,000 रुऩमे औय बपवष्म क े बयर्-ऩोषर् क े रूऩ भें 12,500 रुऩमे प्रति भाह की यालश का बुगिान कयने का तनदेश नहीॊ ददमा था। सॊदहिा की धाया 438 क े िहि कामटवाही भें, अदारि को ऩत्ऩी औय फच्चे को गुजाया बिा देने भें उधचि नहीॊ ठहयामा जाएगा।

22. सुसमि मेहिा बनाम राज्य (एन. सी. टी. दिल्ऱी) 4 उच्च न्मामारम क े अधग्रभ जभानि देने क े तनर्टम से उत्ऩन्न होिा है, रेककन अन्म फािों क े साथ- साथ इस शिट ऩय कक अऩ़ीराथी, आई.ऩ़ी.स़ी की धाया 471 क े िहि दॊडऩीम अऩयाध कयने का आयोऩ़ी, लशकामिकिाट क े नाभ ऩय सावधध जभा भें रु. 1,000/- (एक कयोड रुऩमे) की यालश जभा कयिा है। जजस बफॊदु ऩय पवचाय ककमा जाना चादहए, उसे ऩैयाग्राप भें दजट ककमा गमा है। "6. इस अऩ़ीर भें पवचाय कयने का एकभात्र बफॊदु मह है कक तमा अधग्रभ जभानि क े लरए सावधध जभा भें 1,000 रुऩमे की यालश जभा कयने की शिट कानूऩी रूऩ से दर्काऊ/दीघटकालरक है औय तमा ऐस़ी शिट सॊदहिा की धाया 438 क े दामये से फाहय है?" ऩऺकायों को सुनने क े फाद, इस न्मामारम ने तनम्नलरर्खि प्रासॊधगक दर्प्ऩर्र्माॊ कीॊ: "11. सॊदहिा की धाया 438 क े िहि शजति का प्रमोग कयिे हुए, अदारि व्मजति की तनज़ी स्विॊत्रिा क े अधधकाय औय ऩुलरस की जाॊच क े अधधकाय क े फ़ीच सॊिुरन फनाने क े लरए किटव्मफद्ध है। उस़ी क े लरए, धाया 438 (1) क े िहि याहि देिे सभम, धाया 438 (2) क े िहि उधचि शिें यख़ी जा सकि़ी हैं िाकक एक तनफाटध जाॊच सुतनजश्चि की जा सक े । ऐस़ी शिें यखने का उद्देश्म जाॊच भें फाधा डारने वारे व्मजति की सॊबावना से फचना है/ चादहए। इस प्रकाय, कोई ब़ी शिट, जजसभें जाॊच मा भुकदभे की तनष्ऩऺिा मा औधचत्म का कोई सॊदबट नहीॊ है, को कानून क े िहि अनुभेम नहीॊ भाना जा सकिा है। इसलरए, शिों को रागू कयिे सभम अदारि क े पववेक का अत्मधधक सॊमभ क े साथ प्रमोग ककमा जाना चादहए।

12. कानून एक आयोऩ़ी को िफ िक तनदोष भानिा है जफ िक कक उसका अऩयाध साबफि नहीॊ हो जािा। सॊबवि् एक तनदोष व्मजति क े रूऩ भें, वह सॊपवधान क े अनुच्छेद 21 क े िहि गायॊर्ीकृ ि स्विॊत्रिा क े अधधकाय सदहि सब़ी भूर अधधकाय का हकदाय है।

13. हभ मह ब़ी स्ऩष्र् कयिे हैं कक अधग्रभ जभानि देिे सभम, अदारिों से अऩेऺा की जाि़ी है कक वे आयोऩ की प्रकृ ति औय गॊब़ीयिा, आवेदक क े ऩूवटवृि, अथाटि्, इस ियह क े अऩयाध भें उसकी पऩछरी सॊलरप्ििा औय आवेदक क े न्मातमक प्रककमा से बागने की सॊबावना ऩय पवचाय कयें औय उसे ध्मान भें यखें। अदारि का मह ब़ी किटव्म है कक वह मह ऩिा रगाए कक तमा आयोऩ उसे धगयफ्िाय कयक े उसे घामर कयने मा अऩभातनि कयने क े उद्देश्म से रगामा गमा है। मह उल्रेख कयने की आवश्मकिा नहीॊ है कक न्मामारम सॊदहिा की धाया 438 की उऩ-खॊड (2) क े िहि प्रदान की गई उधचि शिों को रागू कयने क े लरए किटव्मफद्ध हैं।

14. इस प्रकाय, विटभान भाभरे भें, लशकामिकिाट क े नाभ ऩय छह भहीने की अवधध क े लरए 1,00,00,000 रुऩमे की सावधध जभा यालश औय अधग्रभ जभानि देने की ऩूवट शिट क े रूऩ भें एप.ड़ी.आय. को जाॊच अधधकायी क े ऩास यखना स्ऩष्र् रूऩ से कदठन औय अनुधचि है। मह माद यखना चादहए कक अदारि इस तनष्कषट ऩय ब़ी नहीॊ ऩहुॊच़ी है कक रगाए गए आयोऩ सही हैं मा नहीॊ, जजसका ऩिा भुकदभे क े ऩूया होने क े फाद ही रगामा जा सकिा है। तनजश्चि रूऩ से, हभ ककस़ी ब़ी शब्द भें मह सुझाव नहीॊ दे यहे हैं कक धोखाधड़ी, बफजरी की चोयी, सप े दऩोश अऩयाधों मा धचर् प ॊ ड घोर्ारों आदद क े भाभरों भें ब़ी इस ियह की शिट रगाने की शजति को ऩूयी ियह से फाहय यखा गमा है।

15. प्रावधान भें उऩमोग ककए गए 'कोई ब़ी शिट' शब्दों को ककस़ी ब़ी शिट को रागू कयने क े लरए अदारि को आत्मजन्िक शजति प्रदान कयने क े रूऩ भें नहीॊ भाना जाना चादहए। ककस़ी ब़ी शिट की व्माख्मा ऩरयजस्थतिमों भें स्व़ीकामट िथ्मों भें स्व़ीकामट औय व्मावहारयक अथों भें प्रबाव़ी एक उधचि शिट क े रूऩ भें की जाऩी चादहए औय जभानि देने क े आदेश को पवपर नहीॊ कयना चादहए। हभाया पवचाय है कक भाभरे क े विटभान िथ्म औय ऩरयजस्थतिमाॉ इस ियह की चयभ शिट को रागू कयने की गायॊर्ी नहीॊ देि़ी है।"

23. हभ आगे इस न्मामारम क े हार क े दो भूर प ै सरों ऩय ध्मान दें सकिे हैं।

24. दिऱीप ससंह बनाम मध्य प्रिेश राज्य[5] क े भाभरे भें, इस न्मामारम ने तनम्नलरर्खि शब्दों भें चेिावऩी दी: "3. 41 राख रुऩमे जभा कयने की शिट रगािे हुए, उच्च न्मामारम ने आऩयाधधक प्रकिमा सॊदहिा की धाया 438 क े िहि अधग्रभ जभानि क े लरए एक आवेदन भें, एक दीवाऩी भुकदभे भें वसूरी की प्रकृ ति भें तनदेश जायी ककए हैं।

4. इस न्मामारम क े कई प ै सरों से मह अच्छी ियह से िम हो गमा है कक आऩयाधधक कामटवाही पववाददि फकामा यालश की वसूरी क े लरए नहीॊ है। न्मामारम स्विॊत्र है पवशेष भाभरे क े िथ्मों औय ऩरयजस्थतिमों क े आधाय ऩय अधग्रभ जभानि क े लरए अनुयोध को स्व़ीकाय मा अस्व़ीकाय कयने क े लरए। आवेदन ऩय पवचाय कयिे सभम जजन कायकों ऩय पवचाय ककमा जाना चादहए, वे हैं आयोऩ की प्रकृ ति औय दोषलसद्धध क े भाभरे भें सजा की गॊब़ीयिा औय अलबमोजन ऩऺ द्वाया बयोसा की गई साभग्ऱी की प्रकृ ति; गवाहों क े साथ छेडछाड की उधचि आशॊका मा लशकामिकिाट मा गवाहों को खिये की आशॊका; भुकदभे क े सभम आयोऩ़ी की उऩजस्थति मा उसक े पयाय होने की सॊबावना को सुतनजश्चि कयने की उधचि सॊबावना; आयोऩ़ी का चरयत्र, व्मवहाय औय जस्थति; औय वे ऩरयजस्थतिमाॉ जो पवलशष्र् हैं मा आयोऩ़ी औय जनिा मा याज्म का व्माऩक दहि औय इस़ी ियह क े अन्म पवचाय, जभानि/अधग्रभ जभानि देने क े लरए अधधकाय ऺेत्र का प्रमोग कयने वारी आऩयाधधक अदारि से लशकामिकिाट की फकामा यालश का बुगिान कयने क े लरए वसूरी एजेंर् क े रूऩ भें कामट कयने की अऩेऺा नहीॊ की जाि़ी है, औय वह ब़ी बफना ककस़ी भुकदभे क े ।"

25. बबमऱा तिवारी बनाम बबहार राज्य मामऱे भें एक फाय कपय, अदारि ने मह कहा् "9. हभने एक से अधधक अवसयों ऩय सॊक े ि ददमा है कक आऩयाधधक कानून की प्रकिमा, पवशेष रूऩ से जभानि देने क े भाभरों भें, धन वसूरी की कामटवाही क े सभान नहीॊ है, रेककन विटभान भाभरे भें जो देखा गमा है, वह अऩऩी पवलशष्र्िाओॊ को दशाटिा है।

10. हभ दोहयािे हैं कक आऩयाधधक कानून की प्रकिमा का उऩमोग दफाव डारने औय धन की वसूरी क े लरए नहीॊ ककमा जा सकिा है, पवशेष रूऩ से जभानि की प्राथटना का पवयोध कयिे सभम। इस प्रश्न की जाॊच ककए जाने की आवश्मकिा है कक ककस़ी ददए गए भाभरे भें धगयफ्िायी से ऩहरे जभानि दी जाऩी है मा नहीॊ, मा उस भाभरे क े लरए तनमलभि जभानि दी जाऩी है मा नहीॊ, औय न्मामारम द्वाया रयकॉडट ऩय भौजूद साभग्ऱी औय जभानि क े पवचायों को तनमॊबत्रि कयने वारे भाऩदॊडों क े सॊदबट भें पववेकाधधकाय का उऩमोग ककमा जाना आवश्मक है। दूसये शब्दों भें कहें िो ककस़ी भाभरे भें धगयफ्िायी ऩूवट जभानि मा तनमलभि जभानि की रयमामि को अस्व़ीकाय ककमा जा सकिा है, बरे ही आयोऩ़ी ने इसभें शालभर धन का बुगिान ककमा हो मा कोई बुगिान कयने का प्रस्िाव ददमा हो। इसक े पवऩयीि, ककस़ी भाभरे भें, ककस़ी ब़ी बुगिान मा बुगिान क े ककस़ी ब़ी प्रस्िाव क े फावजूद धगयफ्िायी ऩूवट जभानि मा तनमलभि जभानि की रयमामि दी जा सकि़ी है।

11. हभ आगे इस फाि ऩय जोय देंगे कक, आभ िौय ऩय, ऐसा ियीका अऩनाने का कोई औधचत्म नहीॊ है कक धगयफ्िायी से ऩहरे जभानि की रयमामि ददए जाने क े उद्देश्म से, धगयफ्िायी की आशॊका यखने वारे व्मजति को बुगिान कयना चादहए। धन की वसूरी अतनवामट रूऩ से दीवाऩी कामटवाही क े दामये भें है।"

26. दॊड प्रकिमा सॊदहिा की धाया 438 क े िहि जभानि क े लरए अनुयोध कयिे सभम पववेकाधधकाय क े प्रमोग से सॊफॊधधि कानून इस न्मामारम द्वाया अधधकृ ि रूऩ से तनधाटरयि ककमा गमा है, हभ चुनौि़ी क े िहि प्रकृ ति की शिट को रागू कयने को अस्व़ीकाय नहीॊ कय सकिे हैं। मह भानिे हुए कक लशकामिकिाटओॊ क े आयोऩ भें िथ्मात्भक है कक अऩ़ीरकिाट (मा िो बफल्डय क े साथ लभरीबगि से मा महाॊ िक कक ऐस़ी ककस़ी लभरीबगि क े अबाव भें ) ने लशकामिकिाटओॊ को धोखा ददमा है, जाॊच क े ऩरयर्ाभस्वरूऩ स़ीआयऩ़ीस़ी की धाया 173 (2) क े िहि आयोऩ-ऩत्र दामय ककमा जाना फाकी है, न कक स्थापऩि प्रकिमाओॊ औय रागू कानूनों क े अनुसाय सऺभ ट्रामर कोर्ट क े सभऺ कधथि अऩयाध साबफि होने की फाि कयना। स़ीआयऩ़ीस़ी की धाया 438 की उऩ-धाया (2) उच्च न्मामारम मा सत्र न्मामारम को उऩ -धाया (1) क े िहि तनदेश देिे सभम ऐस़ी शिों को रागू कयने का अधधकाय देि़ी है, जैसा कक वह पवशेष भाभरे क े िथ्मों क े प्रकाश भें उधचि सभझ सकिा है औय ऐसे तनदेश भें खॊड (i) से (iv) भें शिों को शालभर ककमा जा सकिा है। हाराॊकक, ऊऩय उजल्रर्खि इस न्मामारम द्वाया तनधाटरयि लभसारों को ऩढने से कानून की जस्थति स्ऩष्र् हो जाि़ी है कक रगाई जाने वारी शिें कदठन मा अनुधचि मा अत्मधधक नहीॊ होऩी चादहए। जभानि ददए जाने क े सॊदबट भें, ऐस़ी सब़ी शिें जो जाॊच अधधकायी /न्मामारम क े सभऺ अलबमुति की ऩेश़ी को सुपवधाजनक फनाि़ी हैं, जाॊच/पवचायर् को तनफाटध रूऩ से ऩूया कयना औय सभुदाम की सुयऺा प्रासॊधगक हो जाि़ी हैं। जभानि देने क े प्रावधानों का वास्िव भें मह उद्देश्म औय भॊशा नहीॊ है। हाराॊकक, मह नहीॊ सभझा जा सकिा है कक हभने मह कानून तनधाटरयि ककमा है कक ककस़ी ब़ी भाभरे भें जभानि क े लरए आदेश देने से ऩहरे आयोऩ़ी द्वाया बुगिान / जभा कयने की इच्छा ऩय पवचाय नहीॊ ककमा जाना चादहए। असाधायर् भाभरों भें जैसे कक जहाॊ अलबमुति द्वाया सावटजतनक धन क े दुरुऩमोग का आयोऩ रगामा जािा है औय अलबमुति अदारि से अनुयोध कयिे हुए कक स्वमॊसेवकों को उसक े द्वाया कधथि रूऩ से गफन ककए गए सावटजतनक धन क े ऩूये मा ककस़ी ब़ी दहस्से का दहसाफ देने क े लरए अऩऩी स्विॊत्रिा सुयक्षऺि /फहार की जाए, सॊफॊधधि अदारि क े लरए मह पवचाय कयने का पवकल्ऩ खुरा होगा कक तमा व्माऩक जनदहि भें गफन ककए गए धन को अधग्रभ जभानि /जभानि क े आवेदन से ऩहरे जभा कयने की अनुभति दी जाऩी चादहए। अॊतिभ पवचाय क े लरए लरमा जािा है। आर्खयकाय, ककस़ी ब़ी अदारि को सावटजतनक धन को लसस्र्भ भें वाऩस राने क े र्खराप नहीॊ होना चादहए मदद जस्थति इसक े लरए अनुक ू र है। हभ मह सोचने क े लरए उत्सुक हैं कक मह दृजष्र्कोर् सभुदाम क े व्माऩक दहि भें होगा। हाराॊकक, तनज़ी पववादों क े भाभरों भें इस ियह क े दृजष्र्कोर् की आवश्मकिा नहीॊ होग़ी, जहाॊ तनज़ी ऩऺ धोखाधड़ी क े अऩयाध भें अऩने धन क े शालभर होने की लशकामि कयिे हैं।

27. महाॉ िथ्मों की ओय रुख कयिे हुए, हभ ऩािे हैं कक एपआईआय का सॊस्कयर्, बरे ही अॊककि भूल्म ऩय लरमा गमा हो, अऩ़ीरकिाट क े नाभ ऩय 17,00,000/- रुऩमे (सत्रह राख रुऩमे ) क े चेक क े भाध्मभ से बुगिान का खुरासा कयिा है, न कक 22,00,000/- रुऩमे (फाईस राख रुऩमे)। हभ मह नहीॊ सभझ ऩाए हैं कक उच्च न्मामारम अऩ़ीरकिाट द्वाया देम फाद क े आॊकडे ऩय क ै से ऩहुॊचा औय अऩ़ीरकिाट क े वकीर ब़ी इस ियह क े आॊकडे से सहभि तमों थे। प्रथभ दृष्र्मा, ककस़ी प्रकाय की गर्ना त्रुदर् प्रि़ीि होि़ी है। इसक े अरावा, प्रथभ दृष्र्मा, बफना ककस़ी सभझौिे क े लशकामिकिाटओॊ से चेक प्राप्ि कयने भें अऩ़ीरकिाट क े आचयर् क े सॊफॊध भें क ु छ सॊदेह फना हुआ है। जो ब़ी हो, उच्च न्मामारम को मह भहसूस कयना चादहए था कक ऩऺकायों क े फ़ीच पववाद की प्रकृ ति को देखिे हुए, जो भुख्म रूऩ से लसपवर प्रकृ ति का है, लसपवर पववाद को सुरझाने क े लरए आऩयाधधक कानून की प्रकिमा को सेवा भें नहीॊ यखा जा सकिा है। महाॊ िक कक अगय अऩ़ीरकिाट ने बुगिान कयने का काभ ककमा था, जजसे हभ अऩऩी स्विॊत्रिा खोने से फचने क े लरए अॊतिभ प्रमास भानिे हैं, िो इस ियह क े वचन को अधग्रभ जभानि देने क े सवार ऩय प ै सरा कयने क े लरए े ददभाग भें नहीॊ यखा जा सकिा था। अधग्रभ जभानि प्रदान कयने क े लरए ऩयीऺर् को अच्छी ियह से धचबत्रि ककमा गमा है औय सभम फ़ीिने क े साथ भान्मिा प्राप्ि है। उच्च न्मामारम को मह जाॊचने की सराह दी जाि़ी कक तमा अऩ़ीरकिाट को ऐसे ककस़ी ब़ी ऩयीऺर् को ऩूया कयने भें पवपर यहने ऩय अधग्रभ जभानि से इनकाय ककमा जाना था। ऐसा रगिा है कक उच्च न्मामारम क े सभऺ अऩ़ीरकिाट की ओय से वकीर द्वाया की गई प्रस्िुति का अऩना प्रबाव था, हाराॊकक मह जभानि देने क े उद्देश्म से प्रासॊधगक पवचाय से फहुि दूय था।

28. अलबरेख भें उऩरब्ध साभग्ऱी से मह ब़ी प्रि़ीि नहीॊ होिा है कक लशकामिकिाटओॊ ने अऩ़ीरकिाट को कधथि भुकदभा से बुगिान ककए गए धन की वसूरी क े लरए कोई दीवाऩी भुकदभा दामय ककमा है। मदद अऩ़ीरकिाट क े र्खराप कधथि अऩयाध साबफि हो जािा है जजसक े ऩरयर्ाभस्वरूऩ उसे दोष़ी ठहयामा जािा है, िो वह दॊडात्भक ऩरयर्ाभ बुगिने क े लरए फाध्म होगा, रेककन इस ियह की दोषलसद्धध क े फावजूद वह लशकामिकिाटओॊ से कधथि रूऩ से प्राप्ि यालश को चुकाने क े लरए फाध्म नहीॊ हो सकिा है। मह ब़ी एक ऐसा ऩहरू है जजसे स़ीआयऩ़ीस़ी की धाया 438 क े िहि अधधकाय ऺेत्र का प्रमोग कयने वारे उच्च न्मामारम ने ध्मान भें नहीॊ यखा।

29. इन ऩरयजस्थतिमों भें, हभ भानिे हैं कक उच्च न्मामारम ने अऩ़ीरकिाट क े वचन क े आधाय ऩय कामटवाही कयने औय जभानि देने क े लरए एक शिट क े रूऩ भें 22,00,000/- (फाईस राख रुऩमे) का बुगिान कयने भें गॊब़ीय त्रुदर् की है।

30. हभ इस िथ्म से फेखफय नहीॊ हैं कक उच्च न्मामारम का नेिृत्व स्वमॊ अऩ़ीरकिाट ने ककमा था औय उसने पववाददि शिट क े साथ जभानि देने का आदेश ददमा था; इसलरए, हभ महेश चंद्र (उऩयोति) भें इस न्मामारम द्वाया अऩनाए गए दृजष्र्कोर् क े अनुरूऩ भाभरे को उच्च न्मामारम को बेजने क े लरए इच्छ ु क हैं औय धगयफ्िायी से ऩहरे जभानि क े लरए आवेदन ऩय ऩुनपवटचाय कयने औय इसभें की गई दर्प्ऩर्र्मों क े आरोक भें अऩने स्वमॊ क े गुर्-दोष ऩय तनर्टम रेने क े लरए तनदेश देिे हैं, रेककन अधधभानि् 31 अगस्ि, 2023 क े ब़ीिय इसे िदनुसाय आदेश ददमा जािा है।

31. जफ िक उच्च न्मामारम द्वाया आगे क े आदेश ऩारयि नहीॊ ककए जािे हैं, िफ िक जाॊच अधधकायी द्वाया अऩ़ीराथी की स्विॊत्रिा का उल्रॊघन नहीॊ ककमा जाएगा। हाराॉकक, इस फ़ीच, अऩ़ीरकिाट जाॉच अधधकायी क े साथ सहमोग कयने क े लरए फाध्म होगा, जफ ब़ी उसे ऐसा कयने क े लरए फुरामा जािा है।

32. सभाऩन से ऩहरे, हभें 2023 क े आइ ए 94276 का तनऩर्ान कयने की आवश्मकिा है। मह लशकामिकिाटओॊ क े कहने ऩय हस्िऺेऩ क े लरए एक आवेदन है, जो इस आधाय ऩय न्मामारम की सहामिा कयना चाहिे हैं कक उन्हें सुनवाई का अवसय ददए बफना अऩ़ीर ऩय ऩारयि कोई ब़ी आदेश गॊब़ीय ऩूवाटग्रह ऩैदा कयेगा।

33. हभ भानिे हैं कक इस स्िय ऩय, लशकामिकिाटओॊ को अऩ़ीरकिाट द्वाया ककए गए कधथि अऩयाध की प्रकृ ति क े सॊफॊध भें इस न्मामारम मा महाॊ िक कक े सभऺ सुनवाई का कोई अधधकाय नहीॊ है, जफ िक कक तनजश्चि रूऩ से, अदारि की अनुभति से बा.दॊ.सॊ की धाया 420 क े िहि अऩयाध को कभ कयने की जस्थति उत्ऩन्न न हो।

34. उऩयोति शिों ऩय अऩ़ीर का तनऩर्ाया ककमा जािा है। हस्िऺेऩ क े लरए आवेदन खारयज कय ददमा जािा है।

35. रागि क े फाये भें कोई आदेश नहीॊ होगा।.............................न्या. [एस. रवींद्र भट्ट].............................न्या. [िीपांकर ित्ता] नई दिल्ऱी; 04 जुऱाई, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी भाषा में निणणय का अिुवाद मुकद्द्मेबाज़ के सीनमत प्रयोग हेतु ककया गया है ताकक वो अपिी भाषा में इसे समझ सकें एवं यह ककसी अन्य प्रयोजि हेतु प्रयोग िहीं ककया जाएगा | समस्त कायाणलयी एवं व्यावहाररक प्रयोजिों हेतु निणणय का अंग्रेज़ी स्वरूप ही अनभप्रमानणत मािा जाएगा और कायाणन्वयि तथा लागू ककए जािे हेतु उसे ही वरीयता दी जाएगी। Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his /her language and may not be used for any other purpose for all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.