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भारतीय सव च यायालय
िस वल अपीलीय े ािधकार
िस वल यािचका सं. 3834-3838/2023
मैसस संवीरा इंड ज. ...अपीलाथ (गण)
बनाम ... यथ (गण)
क
े साथ
िस वल यािचका सं. 3834-3838/2023
िनणय
या., एस. रवीं भ ट
JUDGMENT
1. इन अपील म, आर. पी. सी. क मा ा का आवंटन, जो क चे पेट-कोक का सं ेपा र है, पे ोिलयम उ पाद और रेत क े क चे तेल क े साथ-साथ अ य भार तेल क े प र करण से बचे हुए अवशेष का मु ा है। पेट-कोक स ता होता है और कोयले क तुलना म अिधक गम जलता है और इसिलए इसका उपयोग कई औ ोिगक उपयोग क े िलए धन क े प म कया जाता है। हालां क, रेन सी. आई. आई. काबन ( वजाग) िलिमटेड और अ य एस. आयाितत पेट-कोक और क चे कोक पर कए गए पर ण से पता चलता है क उनक े अ यिधक हािनकारक भाव होते ह य क वायुमंडल म फक े गए उनक े अवशेष म स फर क े साथ-साथ हािनकारक कण भी होते ह।
2. अपील म से एक म अपीलाथ मैसस संवीरा इंड ज (इसक े बाद "संवीरा") है। यह द ली उ च यायालय 1 क े फ ै सले से यिथत है, जसने ह त ेप कया और बैठक क े कायवृ क े साथ-साथ क सरकार क े पेट-कोक आवं टत करने क े िनणय को अपा त कर दया।
3. आव यक त य यह है क वदेश यापार महािनदेशक (ड. जी. एफ. ट.) ने आयाितत क चे पेट-कोक (आर. पी. सी.) क े आवंटन क े िलए मानदंड िनधा रत कए और विभ न सं थाओं क े बीच आयाितत आर. पी. सी. आवं टत कए। क य पयावरण, वन और जलवायु प रवतन मं ालय ("एम. ओ. ई. एफ".), एन. सी. आर. क े िलए पयावरण दूषण (रोकथाम और िनयं ण) ािधकरण और पे ोिलयम और ाकृ ितक गैस मं ालय ("एम. पी. एन. जी".) क े अिधका रय ने सै ांितक प से िनणय िलया क पेट-कोक का आयात क े वल उन उ ोग तक ह सीिमत होना चा हए जो इसे फ ड टॉक क े प म या अपनी िनमाण या क े ह से क े प म उपयोग करते ह न क धन क े प म। इस यायालय ने - एम. सी. मेहता बनाम भारत संघ [ड यू. पी. सं. 13029/1985] (इसक े बाद "एम. सी. मेहता मामला") म जन हत यािचका ("पी. आई. एल".) को हण कया और अपने दनांक 26.07.2018 क े आदेश ारा 18.07.2018 क बैठक क े कायवृ को लागू करने का िनदश दया। एम. ओ. ई. एफ. ने आर. पी. सी. क े आयात क े विनयमन और िनगरानी क े िलए दशािनदश िनधा रत करते हुए इस यायालय क े दनांक 10.09.2018 क े आदेश क े िलए एक कायालय ापन जार कया। आयातक संबंिधत रा य दूषण बोड या दूषण िनयं ण सिमित ( मशः "एस. पी. बी". और "पी. सी. सी".) ारा जार सहमित और पंजीकरण ा करने क े िलए बा य थे। संवीरा ने पयावरण दूषण िनयं ण ािधकरण (इसक े बाद "ई. पी. सी. ए".) को अपनी क ै सनर क उ पादन मता क े बारे सूिचत करते हुए िलखा क इसक मता 2,00,000 एम. ट. थी। ई. पी. सी. ए. ने दनांक 06.10.2018 पर आर. पी. सी. क े आयात पर लगाए गए ितबंध क े संदभ म ए यूमीिनयम, क ै सनर और इ पात उ ोग क े िलए आर. पी. सी. क े आयात क े संबंध म इस यायालय क े सम एक रपोट दायर क । यह एम. सी. मेहता मामले म मुकदमे क े अनुसार था। ई. पी. सी. ए. ने िसफा रश क क आर. पी. सी. क क ु ल आयात आव यकता 14 लाख टन ित वष ("एम. ट. पी. ए".) थी और संवीरा क मता को 2,00,000 एम. ट. पी. ए. क े प म िलया गया था। ई. पी. सी. ए. क रपोट म अ य बात क े साथ साथ इस कार कहा गया हैः " क. 1.[1] क ै सनर यह उ ोग विभ न े णय क े पेट कोक को आयात करता है और फर नमी, अ थर पदाथ को हटाकर और टलीय संरचना को बदलकर क ै सनेट पेट कोक को उ पादन करने क े िलए इस उ पाद को उ नयन करता है। पेट कोक का उपयोग विनमाण या म फ ड टॉक क े प म कया जाता है और धन क े प म नह ं। क ै लिसन पेट-कोक को गलाने क या म फ ड टॉक क े िलए ए यूमीिनयम उ ोग को बेचा जाता है। देश म 28 क ै सनर ह, जनम से 6 बंदरगाह आधा रत ह और पूर तरह से आयाितत क चे पेट-कोक पर िनभर ह। ये 6 क ै सनर देश म उ पा दत क ै सन वाले पेट कोक का 72 ितशत उ पादन करते ह। ये 6 क ं पिनयाँ इस कार ह:
1. रेन सी. आई. आई. काबन, वशाखाप टनम, आं देश म थत संयं ।
2. संवीरा इंड ज, वशाखाप टनम, आं देश म थत संयं
3. गोवा काबन, गोवा, पाराद प (उड़ सा) और बलासपुर (छ ीसगढ़) म संयं क े साथ।
4. किलंगा क ै सनस ाइवेट िलिमटेड, पाराद प (उड़ सा) म थत संयं
5. इं डया काबन िलिमटेड, बज बज, प म बंगाल म थत संयं
6. पे ो काबन एन क े िमक स ाइवेट िलिमटेड प म बंगाल क े ह दया म पौधा। उ ोग उस ेड क े प म घरेलू पेट-कोक का उपयोग नह ं कर सकता है जसे एनोड ेड कहा जाता है।- आसानी से उपल ध नह ं है। भारत म पेट कोक क संरचना अलग है इसिलए आयात आव यक हो जाता है। उ ोग ने ई. पी. सी. ए. को उ ोग ारा आव यक मा ा का ववरण भी दान कया (संल नक 1 देख)। इस अनुमान क े अनुसार, 11.[7] लाख टन क संयु उ पादन मता वाले 6 उ ोग को सालाना 10 लाख टन क ै सन पेट कोक का उ पादन करने क े िलए 13.[6] लाख टन आयाितत पेटकोक क आव यकता होती है। उ ोग ने ई. पी. सी. ए. को यह भी सूिचत कया है क यह सी. पी. सी. बी. ारा िनधा रत एस.ओ[2], एन. ओ. ए स और वशेष उ सजन मानक को पूरा करता है। क. 1.[2] क ै सनर उ ोग पर ई. पी. सी. ए. अनुशंसा। क ै सनर उ ोग को पेट कोक का आयात करने क अनुमित द जानी चा हए य क इसका उ ोग इसका उपयोग धन क े िलए नह ं ब क फ ड टॉक क े िलए करता है। यह आयात आव यक है य क एनोड ेड पेटकोक देश म पया मा ा म उपल ध नह ं है।"
4. दनांक 09.10.2018 पर, ई.पी.सी.ए. रपोट क े आधार पर, इस यायालय ने एक आदेश दया जसम िनदश दया गया क आर. पी. सी. आयात 1.41 एम. एम. ट. पी. ए. से अिधक नह ं हो सकता है और इसका उपयोग सी. पी. सी. क े उ पादन क े िलए फ ड टॉक क े प म कया जा सकता है। 1. 4 एम. एम. ट. पी. ए. का आंकड़ा उनम से येक ारा द गई क ै सनर क उ पादन मता पर आधा रत था। यह इस यायालय ारा दनां कत 09.10.2018 क े आदेश का आधार बन गया। प रणाम व प, उसी दन, आर. पी. सी. क े आयात क े संबंध म वदेश यापार नीित म संशोधन करते हुए ड. जी. एफ. ट. ारा एक अिधसूचना 2 जार क गई थी। संशोधन ने सीमट, क ै शयम काबाइड, गैसीकरण, चूने क े भ ट और ेफाइट उ ोग क े िलए आर. पी. सी. क े आयात को फ ड टॉक क े प म या वा त वक उपयोगकता आधार पर िनमाण या म उपयोग करने क अनुमित द । इन आयात क े विनयमन और िनगरानी दशािनदश क े आधार पर देख-रेख क जानी थी जो एमओईएफ ारा दनांक 10.09.2018 पर जार कया गया। इसक े बाद ड. जी. एफ. ट. ने 14 लाख मी क टन क क ु ल आयात मा ा म से आर. पी. सी. क विश मा ा आवं टत करने क े िलए आगे बढ़े, जसे वा त वक उ पादन मता क े आधार पर येक क ै लिसनर ारा आयात कया जाना था।
5. जब क, वा ण य और उ ोग मं ालय ारा एक सावजिनक सूचना 3 दनांक 26.11.2018 को जार क गई थी, जसम तर का िनधा रत कया जसम ड.जी.एफ.ट. द गई अिधकतम सीमा क े भीतर पा सी.पी.सी. विनमाण इकाइय को आरपीसी का कोटा आवं टत करेगा। इसक े अनुसार, कोटा का लाभ उठाने क इ छा रखने वाली पा इकाइय को आयात लाइसस क े िलए आवेदन करना पड़ता था इसक े साथ ड.जी.एफ.ट. क े े ािधकार वाले े ीय ािधकार को एक ित भी हो साथ म एक इकाई क मता क े साथ-साथ औ ोिगक इकाई उपयोगकता क े नाम पर रा य दूषण िनयं ण बोड से सहमित माण प जसम आयात और इसक े उपयोग क े िलए अनुमत मा ा को दशाती थी| दनांक 27.12.2018 को ड. जी. एफ. ट. ने पहली सावजिनक सूचना को आगे बढ़ाते हुए आर. पी. सी. आवं टत करने क या शु क । इसका आवंटन संवीरा क े साथ-साथ इन कायवाह म चुनाव लड़ने वाले यथ रेन सी. आई. आई. ारा ववाद का वषय बन गया। संवीरा ने तक दया क इसक उ पादन मता 330,000 एम. ट. पी. ए. थी जसे आवंटन दान करते समय यान म नह ं रखा गया था। सिमित ने अनुरोध नह ं वीकार करते हुए इन सभी अ यावेदन का िनपटारा कर दया। पी ड़त, संवीरा ने इस यायालय क े सम एम. सी. मेहता क े मामले म कायवाह म आई. ए. सं. 12291/2019 क े प म एक आवेदन दायर कया। आवेदन म वशेष प से कहा गया है क िसतंबर 2017 म, संवीरा ने 2,00,000 एम. ट. पी. ए. से 330,000 एम. ट. पी. ए. मता का व तार करने क े िलए चरण-2 का व तार शु कया और चरण-2 का व तार अ टूबर 2018 म पूरा कया गया और आं देश दूषण िनयं ण बोड से संचालन क े िलए सहमित दनांक 29.11.2018 ा हुई।
6. दनांक 28.01.2019 को, इस यायालय ने एम. सी. मेहता यािचका म आई. ए. सं या 12291/2019 को खा रज कर दया। ित पधा करने वाले यथ (रेन सी. आई. आई.) स हत अ य लोग क ओर से भी इसी तरह क े आवेदन दायर कए गए थे। सभी आवेदन िनर त कर दए गए। आदेश क े ासंिगक भाग को नीचे पुनः तुत कया गया हैः "प क े िलए व ान अिधव ा को सुना। आई. ए. सं या 168838 और 2018 का 164302 (अिभयोग क े िलए आवेदन) खा रज कर दए जाते ह। इस यायालय ारा पा रत दनांक 09.10.2018 का आदेश प है। इस यायालय ने क चे पेट कोक क े आयात क बाहर सीमा िनधा रत क है जो क ु ल िमलाकर ित वष 1.[4] एम्. ट. से अिधक नह ं हो सकती है। उपरो को यान म रखते हुए, व तार आ द क े आधार पर क जाने वाली ाथनाएँ पूर तरह से गलत ह और उन पर वचार नह ं कया जा सकता है। इन आई. ए. यानी आई. ए. सं या 168847/2018,1451/2019 और 1847/2019 [रेन सी. आई. आई. काबन ( वजाग) िलिमटेड क ओर से दायर], आई. ए. सं या 164303 (साक े त अ वाल क ओर से दायर), आई. ए. सं या 12291/2019 (संवीरा इंड ज िलिमटेड क ओर से दायर) और आई. ए. सं या 13210/2019 (गोवा काबन िलिमटेड क ओर से दायर) पर आगे कोई आदेश पा रत करने क आव यकता नह ं है। इनको इसक े ारा खा रज कर दए जाते ह। "
7. दनांक 22.03.2019 पर, आवंटन क े संबंध म एक दूसरा सावजिनक नो टस जार कया गया था। संवीरा ने 1,30,000 एम. ट. पी. ए. क सीमा तक बढ़ हुई मता क े अपने दावे क े आधार पर इसक े िलए आवंटन बढ़ाने का अनुरोध कया था। वृ क े िलए इस आवेदन को ड. जी. एफ. ट. ारा खा रज कर दया गया था, जसम ितयोगी यथ, रेन सी. आई. आई. ारा मता बढ़ाने क े िलए इसी तरह क े आवेदन को भी खा रज कर दया था। अ वीकृ ित आदेश का ासंिगक भाग, दनांक 22.04.2019 का नीचे दया गया हैः "7. सिमित ने यह भी पाया क मेसस रेन (सी. आई. आई.) ने ड. जी. एफ. ट. क े कायालय ापन सं या 1/93/180/03/एम.-1 ओ/पी. सी.-2 (ए)/पी-12485 दनांक 5 दसंबर, 2018 क ओर यान आक षत कया है। सिमित ने िनणय िलया क माननीय सव च यायालय क े दनांक 28.1.2019 क े आदेश को यान म रखते हुए (जैसा क इस िमनट म पैरा 5 म व तृत है।), उपरो 5 दसंबर, 2018 का उपरो संचार िन फल है।
8. मेसस संवीरा इंड ज िलिमटेड क े मामले म भी, सिमित ने नोट कया क कायालय रकॉड क े अनुसार माननीय सव च यायालय क े आदेश दनांक 9.10.2018 क े बाद 1,30,000 एम. ट. क अित र मता बनाई गई थी। इसिलए, नई मता क े िलए अित र मा ा क े अनुरोध को सिमित ारा अ वीकार कर दया गया।"
8. मता म वृ नह ं करने क े िनणय को दनांक 22.04.2019 को द ली उ च यायालय क े सम रट कायवाह म संवीरा ारा रट या. (िस) सं या 4485/2019 क े मा यम से चुनौती द गई थी। दनांक 29.04.2019 को संवीरा क े अनुरोध पर, रट यािचका को इस यायालय से आव यक प ीकरण ा करने म स म बनाने क े िलए थिगत कर दया गया था। इस उ े य क े िलए, संवीरा ने एक और आवेदन आइ.ए. 73242/2019 दायर कया जसम दोहराया गया क इसक मता को गलत तर क े से 200,000 एम. ट. पी. ए. क े प म दज कया गया था, जब क यह 330,000 एम. ट. पी. ए. होना चा हए। उस आवेदन म यह तक दया गया था कः (xiii) यह अ यंत वन ता से तुत कया जाता है क इस माननीय यायालय ारा पा रत दनांक 0910.2018 का आदेश से पहले आवेदक ारा सी. पी. सी. क 330,000 एम. ट. पी. ए. क क ु ल उ पादन मता था पत क गई थी। इसको 2019 क े आवेदक क े आइए सं.12291 म इस माननीय यायालय क े सम अनुरोध नह ं कया गया य क इस तरह का ववाद पहले कभी भी ड. जी. एफ. ट. ारा नह ं उठाया गया था।
9. दनांक 08.07.2019 पर, इस यायालय ने संवीरा क े आवेदन (आई.ए. सं. 73242/2019) को िन निल खत श द म खा रज कर दयाः " अंतवत आवेदन सं. 73242/2019 (आवेदन बी/0 सां वरा इंड ज िलिमटेड पर िनदश क े िलए) हमारा आदेश प है। अिधक प ीकरण क आव यकता नह ं है। इस आवेदन का िनपटारा कर दया गया है।"
10. उपरो आदेश क े बाद, संवीरा ने द ली उ च यायालय (ड यू. पी. सं. 4485/2019) क े सम अपनी लं बत रट यािचका दायर क । उ च यायालय ने संवीरा क दलील को खा रज करते हुए इस यायालय क े आदेश पर यान दया। रट कायवाह अथात ड. जी. एफ. ट. म यथ को द ली उ च यायालय क े आदेश ( दनांक 06.12.2019) क े अनुसार संवीरा क े ितिनिध व पर वचार करने और एक तकपूण आदेश पा रत करने क आव यकता थी। इसिलए संवीरा क रट यािचका का िनपटारा कर दया गया। दनांक 13.02.2020 पर, क य वा ण य मं ालय ने बैठक क े कायवृ म दज अपने िनणय ारा, अ य बात क े साथ साथ साथ-साथ, संवीरा क े अनुरोध को यह कहते हुए खा रज कर दया कः "6.[..] सिमित ने पाया क मैसस संवीरा इंड ज िलिमटेड का यह तक क माननीय सव च यायालय क े दनांक 28.01.2019 क े आदेश म क े वल यह कहा गया है क आर. पी. सी. क े आयात क े िलए बाहर सीमा पहले ह िनधा रत क जा चुक है और उस सीमा को बढ़ाने क मांग करने वाले कसी भी अनुरोध पर वचार नह ं कया जा सकता है और उ आदेश म इस बारे म कोई ट पणी नह ं क गई है क मौजूदा क ै सनर क बढ़ हुई उ पादन मता पर वचार कया जाना है या नह ं, यह िनराधार है। सिमित का वचार था क माननीय सव च यायालय क े सम अनुरोध (पैरा 1 क े अनुसार)" आवेदक क एस. ई. जेड. इकाई म सी. पी. सी. क े िनमाण क े िलए आर. पी. सी. क 14 लाख एम. ट. क आयात सीमा को ित वष 488,000 एम. ट. क अित र रािश से बढ़ाना था और तदनुसार ड. जी. एफ. ट. और वा ण य मं ालय स हत अ य ािधकरण को आवेदक को इस अित र आर. पी. सी. को आवं टत करने का िनदश देना था। जस पर माननीय सव च यायालय ने अपने दनां कत 28.01.2019 आदेश म िनदश दया क "इस यायालय ारा पा रत आदेश प है। इस यायालय ने क चे पेट कोक क े आयात क बाहर सीमा िनधा रत क है जो क ु ल िमलाकर ित वष 1.[4] मी क टन से अिधक नह ं हो सकती है। उपरो को यान म रखते हुए, व तार आ द क े आधार पर क जाने वाली ाथनाएँ पूर तरह से गलत ह और उन पर वचार नह ं कया जा सकता है। इन आई. ए. पर आगे कोई आदेश पा रत करने क आव यकता नह ं है। इसको यहाँ खा रज कर दए जाता ह। "मेसस रेन सी. एल. एल. ( वजाग) िलिमटेड ने माननीय उ चतम यायालय क े सम ाथना क थी क न तो 1.[4] मी क टन क सीमा बढ़ाई जा सकती है और न ह क ै लिसनर ारा मता का व तार कया जा सकता है। इसिलए सिमित ने मेसस संवीरा इंड ज क े िनवेदन को मंजूर नह ं द, जो 1,30,000 एम. ट. क अपनी अित र मता क े िलए आवंटन क मांग कर रहा था।
7. सिमित ने मेसस संवीरा इंड ज िलिमटेड क तुित पर वचार करते हुए यह वचार य कया क येक आवेदक क मता का िनणय माननीय सव च यायालय ारा 1985 क े रट या. सं.13029 म दनां कत 09.10.2018 आदेश पा रत करने क दनांक को फम क े पास उपल ध संचालन माण प क सहमित क े आधार पर कया गया था। फम क े पास अपने संयं क े िलए दनांक 09.10.2018 पर काम करने क सहमित नह ं थी और तदनुसार सिमित ारा इस पर वचार नह ं कया गया था जसने सभी यो य आवेदक क े बीच पेट कोक क े आवंटन का िनणय िलया था।
8. मेसस संवीरा इंड ज िलिमटेड ने द ली उ च यायालय क े सम रट या. (िस) 4485/2019 और सी. एम. सं. 31904/2019 दा खल करने क े बाद, आर. पी. सी. क े आवंटन क े संबंध अ य बात क े साथ साथ दनां कत 22.04.2019 क बैठक क े कायवृ को चुनौती देने का अनुरोध करते हुए, माननीय सव च यायालय क े सम आइ.ए सं.73242/2019 दायर कया। उ आवेदन का िनपटारा माननीय सव च यायालय ने यह देखते हुए कया क "हमारा आदेश प है। अिधक प ीकरण क आव यकता नह ं है। इस आवेदन का िनपटारा कर दया गया है। माननीय सव च यायालय क े उपरो िनदश को यान म रखते हुए, जहां बैठक क दनांक 22.04.2019 को क ै लिसनर ारा पहले चुनौती द गई है, माननीय सव च यायालय ने दोहराया है क आगे कसी प ीकरण क आव यकता नह ं है। इसिलए, ई. एफ. सी. ने िनणय िलया क आर. पी. सी. क अित र मता क े आवंटन क े िलए यािचकाकता क े अनुरोध को वीकार नह ं कया जा सकता है।
9. मेसस संवीरा इंड ज िलिमटेड क े िनवेदन पर वचार करते हुए सिमित का वचार था क i. येक आवेदक क मता का िनणय उस दनांक को फम क े साथ उपल ध संचालन क सहमित क े आधार पर कया गया था, जस दन माननीय सव च यायालय ने आदेश पा रत कया था। फम क े पास दनांक 09.10.2018 पर काम करने क सहमित नह ं थी। मता तय करने क े िलए कोई भी अ य मानदंड एक अ यिधक ववादा पद मु ा होगा और अंतह न या याओं से भरा होगा। ii. फम ने माननीय सव च यायालय म आर. पी. सी. क े आवंटन क े संबंध म दनांक 22.04.2019 क बैठक क े कायवृ को चुनौती द थी और माननीय सव च यायालय ारा आवेदन का िनपटारा करते हुए कहा गया था-"हमारा आदेश प है। अिधक प ीकरण क आव यकता नह ं है।इस आवेदन का िनपटारा कर दया गया है।
10. उपरो को यान म रखते हुए, सिमित ने दनांक े बाद फम ारा जोड़ गई नई मता क े िलए आर. पी. सी. क अित र मा ा आवं टत करने क े िलए आवेदक ारा क गई तुित को अ वीकार करने का िनणय िलया।"
11. द ली उ च यायालय क े सम रट. या.सं. 1858/2020 दा खल करक े संवीरा ारा इस िनणय को फर से चुनौती द गई। दनांक 17.04.2020 पर, ड जीएफट ने एक सावजिनक सूचना जार क थी, जसम पेट-कोक (आरपीसी और सीपीसी) क े आयात क े िलए कोटा क े आवंटन क या का संक े त दया गया था; इसम अ य बात क े साथ साथ कहा गया था कः ii. "आयात म वा षक मा ा सीमा व ीय वष क े आधार पर संचािलत क जाएगी। तदनुसार, माननीय सव च यायालय ारा ित वष आयात क े िलए अनुमत और आयात क े िलए उपल ध क ु ल मा ा है (i) ए यूमीिनयम उ ोग म क ै लिसनेट पेट कोक क े प म उपयोग क े िलए क ै लिसनेट पेट कोक 0.[5] लाख मी क टन है और (ii) सी. पी. सी. विनमाण उ ोग क े िलए क चा पेट कोक 14 लाख मी क टन है। यह यािचकाकताओं स हत इन दोन े क सभी औ ोिगक इकाइय क े िलए उपल ध है। iii. जैसा क ऊपर उ लेख कया गया है, कोटा ा करने क इ छा रखने वाली सभी पा सं थाएं, रा य दूषण िनयं ण बोड माण प (एस. पी. सी. बी.)/ दूषण िनयं ण सिमित (पी. सी. सी.) क े साथ 15 माच, 2019 क यापार सूचना सं या 49 म उ ल खत या क े अनुसार आयात लाइसस क े िलए आवेदन कर सकती ह, जो दनांक 9.10.2018 ( रट यािचका सं या 13029/1985 म माननीय सव च यायालय का आदेश) पर इकाई क मता को दशाता है और एस. पी. सी. बी. / पी. सी. सी. से वैध सहमित माण प भी, उपयोगकता औ ोिगक इकाइय क े नाम पर, जो मािसक और वा षक आधार पर आयात और इसक े उपयोग क े िलए अनुमत मा ा को दशाता है। iv. ऑनलाइन आवेदन और ऊपर (iii) म उ ल खत द तावेज को 5 मई 2020 को या उससे पहले पहुंचना चा हए। आवेदन शु क का भुगतान प रिश और आयत िनयत प क े प रिश 2 ट क े अनुसार या क े अनुसार कया जाएगा और आवेदन क े साथ ऑनलाइन जमा कया जाएगा। v. य द ा द तावेज़ यव था म पाए जाते ह, तो आवेदन पर ए ज़म फ ै िसिलटेशन कमेट म वचार कया जाएगा। (ई. एफ. सी.) ितबंिधत व तुओं क े आयात क े िलए और संबंिधत े ािधकार आर. ए. अनुमित दान करेगा। आयात लाइसस / अनुमित क े वल आयात क े उ े य क े िलए दनांक 31.03.2021 तक मा य होगा। vi. य द, अनुमित/लाइसस ा करने क े बाद, आयातक उस पूर मा ा का उपयोग/आयात नह ं कर सका है जसक े िलए लाइसस जार कया गया है, तो आवेदक अ य आवेदक ज ह ने आरंभ म आवेदन कया को अ यु कोटा क े वतरण क सु वधा देने क े िलए यह दनांक 31.12.2020 तक या उससे पहले petcokeimport-dgft@gov.in and import-dgft@nic.in पर इसक ड. जी. एफ. ट. को यह सूिचत करेगा।.." संवीरा ने दनांक 21.04.2020 पर आवेदन करक े सावजिनक सूचना का जवाब देते हुए कहा क िसतंबर, 2018 म इसक उ पादन मता बढ़कर 3,30,000 एम. ट. हो गई थी। संवीरा ने एक आवेदन [ रट या. (िस) सं. 1858/2020 म सीएम आवेदन सं. 10528/2020] भी दायर कया िनदश क मांग करते हुए क इसे 3,30,000 एम. ट. क मता को यान म रखते हुए आर. पी. सी. क आनुपाितक मा ा आवं टत क जानी चा हए। उ च यायालय ने यह देखते हुए आवेदन को खा रज कर दया क इस तरह क राहत का दावा कसी आवेदन ारा इसक े दनांक 02.05.2020 क े आदेश ारा नह ं कया जा सकता है। यायालय ने इस तरह क राहत देने पर संघ क आप भी दज क; संघ ने तक दया था क वृ क े िलए बार-बार अनुरोध यायालय क या का दु पयोग था।
12. 04.05.2020 पर, आं देश एस. पी. सी. बी. ने एक प जार कया जसम कहा गया है क उसक े रकॉड क े अनुसार, संवीरा क इकाई क े िनर ण क े आधार पर, बाद क मता क ै सीनेटेड पे ोिलयम कोक का िनमाण ित वष 3,30,000 मी क टन था और बजली उ पादन मता 16 मेगावाट थी। ड. जी. एफ. ट. ने दनां कत 17.04.2020 क े सावजिनक नो टस क े अनुसार सी. पी. सी. और आर. पी. सी. क े आवंटन क मा ा को अंितम प देने क े िलए एक बैठक दनांक 03.06.2020 क थी। मता म वृ क े अपने दावे क े आधार पर आवंटन बढ़ाने क े िलए रेन सी. आई. आई. क े अनुरोध पर भी वचार कया गया। उस दन दज क गई बैठक क े कायवृ, यानी दनांक 03.06.2020 क े इस कार ह: "4. मेसस रेन सी. आई. आई. काबन ( वजाग) िलिमटेड, एस. ई. जेड. इकाई ने ड. ट. ए. इकाई क े िलए एक आवेदन क े अलावा आर. पी. सी. क 4,88,000 एम. ट. क मा ा क े िलए एक आवेदन तुत कया है। यह नोट कया गया क आं देश दूषण िनयं ण बोड से सीट ओ को उनक े सहमित प दनांक 6.3.2020 क े मा यम से ा कया गया था। सिमित ने नोट कया क चूं क सीट ओ 9 अ टूबर 2018 को था पत मता िन द नह ं करता है, इसिलए सिमित ने तदनुसार कोटा क े आवंटन क े अनुरोध पर वचार नह ं करने का िनणय िलया। X X X
6. सिमित ने आर. पी. सी. आयात क े िलए सभी आवेदक क े एस. पी. सी. बी. माणप क जांच क । जाँच पर सिमित ने पाया क एस. पी. सी. बी. ने सी. पी. सी. क े उ पादन क े िलए आर. पी. सी. क आव यकता क गणना क े िलए अलग-अलग पांतरण दर को अपनाया है। अपने सी. ट. ओ. माणप म, सिमित ने यह भी नोट कया क सभी फम क े एस. पी. सी. बी. माणप म खपत क आव यकता का संक े त नह ं दया गया है। एक पता लाने क े िलए सिमित ने िन निल खत मानदंड को अपनाते हुए आर. पी. सी. आवं टत करने का िनणय िलयाः i. आवेदक क उ पादन मता क गणना वा षक आधार पर क जानी है। जहाँ भी एस. पी. सी. बी. माण प ट. पी. ड. म उ पादन क े आंकड़े दखाते ह, वहाँ एक पता लाने क े िलए मता को 350 दन ( इकाई क े िलए औसत प रचालन दन) क े साथ गुणा करक े वा षक उ पादन मता का पता लगाया जाना है। ii. येक आवेदक क े िलए उ पादन मता को उ ोग क औसत पांतरण दर यानी 1: 1: 36 लेते हुए इनपुट / क चे माल क आव यकता म प रवितत कया जाना हैः (जैसा ई. पी. सी. ए. रपोट म उ लेख कया गया है)। iii. माननीय सव च यायालय क े दनांक 9.10.2018 क े आदेश क े बाद आवेदक ारा जोड़ गई अित र मता पर वचार नह ं कया जाता है; iv. कोटा को िन निल खत सू क े अनुसार आनुपाितक आधार पर वभा जत कया जाना चा हएः- आवं टत कोटा = आवंटन क े िलए उपल ध क ु ल कोटा को आवेदक क मांग से गुणा करक े सभी आवेदक क क ु ल मांग से वभा जत कया जाता है। v. ऐसे मामल म जहां अनुरोिधत मा ा यो य मा ा से कम है, उनक े शीष पर अिधशेष को आनुपाितक प से अ य क े बीच पुन वत रत कया जाता है।"
13. रेन सी. आई. आई. ने अपनी रट यािचका म संवीरा क े बढ़े हुए आवंटन को चुनौती द । व ान एकल यायाधीश ने प कार क दलील और तुितय पर वचार करने क े बाद, भारत सरकार ारा जार कए गए विभ न सावजिनक नो टस म अंतर करने क मांग क, और उनक राय थी क इस यायालय क े आदेश विभ न मा ा क े आवंटन को बािधत नह ं करते ह। जैसा क आदेश क े वल क ु ल मा ा को दखाता थे ज ह आयात कया जा सकता था। एकल यायाधीश ने सिमित क े पछले आदेश पर वचार कया और कहा क उसने इस यायालय क े आदेश पर भरोसा कया और यह भी प कया क उ पादन मता का िनधारण "संचालन क े िलए सहमित" क े आधार पर कया गया था य क " मता तय करने क े िलए कोई भी अ य मानदंड अ यिधक ववादा पद मु ा होगा और अंतह न या या से भरा होगा"। यायालय ने यह भी कहा क दनां कत 17.04.2020 का सावजिनक सूचना को रेन सी. आई. आई. ारा चुनौती नह ं द गई थी और इस तरह क चुनौती क अनुप थित म, यह िनणय लेना यायालय का काम नह ं था क या ए. पी. पी. सी. बी. ारा जार कया गया एक माण प जो मैसस. संवीरा इंड ज क उ पादन मता को मा णत करता है, दनांक 09.10.2018 तक संचालन करने क सहमित क अनुप थित म उसक े प म आर. पी. सी. का आवंटन करने क े िलए पया होगा। यायालय ने यह भी माना क मैसस संवीरा इंड ज क उ पादन मता को दनांक 09.10.2018 तक मा णत करने वाले एपीपीसीबी क वैधता को चुनौती नह ं द गई थी। इन सभी तक क े आधार पर, रेन सी. आई. आई. क यािचका खा रज कर द गई।
14. रेन सी. आई. आई. ने एकल यायाधीश क े फ ै सले को चुनौती देते हुए और दनां कत 17.04.2020 का आ े पत सावजिनक नो टस को भी चुनौती देते हुए द ली उ च यायालय 4 क ख ड यायपीठ म अपील और रट यािचकाओं को दज कर द । ख ड यायपीठ ने अपने आ े पत फ ै सले म कहा क दनांक 09.10.2018 पर, जब इस यायालय ने आदेश पा रत कया, तो येक क ै लिसनर ने अपनी मता दान क थी। सभी क ै लिसनर क क ु ल मता एक साथ 11,72,750 एम. ट. पी. ए. आ गई और उ पादन और क ु ल आयात जो क ै लिसनर क े िलए क चे पेट कोक से पेट कोक का उ पादन जार रखने क े िलए आव यक था, का आकलन 1.[4] एम. एम. ट. पी. ए. क े प म कया गया। यह पूर तरह से क ु ल उ पादन मता पर आधा रत था। दनांक 09.10.2018 पर, अपनी मता को 2,00,000 मी क टन से 3,30,000 एम. ट. तक बढ़ाने क े िलए संवीरा क मा यता नह ं द गई थी, ब क दनां कत 22.04.2017 क े संचालन क सहमित ने संवीरा को क े वल 200000 एम. ट. पेट कोक का उ पादन करने क े िलए ितबंिधत कर दया था। आ े पत िनणय म कहा गया क संवीरा क बढ़ हुई मता (1,30,000 एमट ) क े वल दनांक 29.11.2018 पर एपीपीसीबी क े सम रखे गए एजडे क े आधार पर द गई थी और यह क हालां क संवीरा 3,30,000 मी क टन का उ पादन कर सकता था, ले कन इससे वतः यह िन कष नह ं िनकला क वे इस यायालय क े दनां कत े आदेश ारा अनुमत क ु ल आयात म अपने ह से म वृ क े हकदार थे। यायालय ने यह भी कहा क ित वष 1.[4] एमएमट का िनधारण येक क ै लिसनर क क ु ल मता क े आधार पर कया जाता है। यह अिभिनधा रत कया गया क ई. पी. सी. ए. रपोट क े तहत द गई मता को भा वत कए बना क चे पेट कोक का एक ह सा ा करने क े िलए मामूली समायोजन या क ु छ और य य को अनुमित द गई थी, इसका मतलब यह नह ं था क क ु ल अनुमेय मता इस कारण से प रवतनशील थी क अंतर आवंटन क े वल छह क ै सनर पर अिनवाय प से मता क े आवंटन पर कया गया था। एकल यायाधीश क े िनणय म यह तक दया गया क दनांक 17.04.2020 सावजिनक सूचना पहले भाग म माण प और दूसरे भाग म काम करने क सहमित क े बीच अंतर करती है और य द माण प और काम करने क सहमित दोन एक ह द तावेज थे, तो सावजिनक सूचना क े दोन भाग म दोन का उ लेख करने क आव यकता नह ं थी और इस कार ए. पी. पी. सी. बी. ारा माण प देना उिचत था, इस यायालय ारा प रक पत पूर योजना क े वपर त माना गया था। 1. 4 एम. एम. ट. पी. ए. क े आयात क क ु ल सीमा दनांक 09.10.2018 पर क ु ल उ पादन मता पर आधा रत थी जसे यायालय ारा वयं क ै सनर ारा कट क गई मता क े आधार पर तय कया गया था।
15. संवीरा और भारत सरकार, जो अपील म ह, क ओर से वशेष अनुमित ारा यह तक दया जाता है क आ े पत िनणय ु टपूण है और एकल यायाधीश का िनणय सह है। यह तक दया जाता है क भारत सरकार ारा जार दनां कत 17.04.2020 का सावजिनक सूचना म अपनाए गए मानदंड म बदलाव कया गया था। इकाई ारा उ पादन मता क े माण प क पहले क आव यकता क े वपर त, दनां कत 17.04.2020 का सावजिनक सूचना क े िलए एस. पी. सी. बी. ारा माण प क आव यकता थी। इस मामले म, ए. पी. पी. सी. बी. ने संवीरा क उ पादन मता को दनांक 09.10.2018 पर 3,30,000 एम. ट. क े प म मा णत कया और उसक े प म आर. पी. सी. का आवंटन करते समय उस आंकड़े पर सह प से वचार कया गया।
16. यह आ ह कया गया क संवीरा क उ पादन मता (09.10.2018 पर 3,30,000 एम. ट. क े प म) क े संबंध म दनां कत 17.04.2020 सावजिनक सूचना या एपीपीसीबी ारा जार माण प को कसी भी चुनौती क अनुप थित म, रेन सी. आई. आई. ारा चुनौती असमथनीय था और अ वीकार कए जाने यो य थी। यह तक दया जाता है क इस यायालय क े दनांक 28.01.2019 और 08.07.2019 आदेश म क े वल यह प कया गया है क आर. पी. सी. का सम आयात 1.41 एम. एम. ट. पी. ए. तक सीिमत होना चा हए। इस यायालय ने संवीरा क े इस दावे पर वचार नह ं कया क दनांक 09.10.2018 पर इसक उ पादन मता वा तव म 3 लाख 30 हजार मी क टन थी।
17. जवाब म रेन सी. आई. आई. ने तक दया क सिमित ने शु से ह आवंटन बढ़ाने क े अनुरोध को इस आधार पर खा रज कर दया था क दनांक े बाद कसी भी मता वृ पर वचार नह ं कया जाएगा। यह सुसंगत ख दनांक 03.06.2020 से पहले ई. पी. सी. ए. क बैठक क े कायवृ म ित बं बत हुआ था। वा तव म, यहां तक क भारत सरकार ने भी आ े पत आवंटन से बमु कल पाँच स ाह पहले उ च यायालय क े सम यह तक देते हुए क संवीरा क े बार-बार उसी राहत का अनुरोध करक े याियक या का दु पयोग कर रह थी, संवीरा क े अनुरोध क अ वीकृ ित का बचाव कया। इन त य को यान म रखते हुए, प र थितय म कोई बदलाव नह ं हुआ है-बहुत कम नए वकास या नए त य जो एकल यायाधीश ारा माना गया क सिमित को राजी कर सकते थे। वा तव म मानदंड म कोई बदलाव नह ं कया गया था। रेन सी. आई. आई. क ओर से इस बात पर काश डाला गया क सी. ट. ओ. क े जार होने से पहले यानी दनांक 09.10.2018 मता म किथत वृ से संबंिधत सभी त य, यह त य क संवीरा क े लेनदार यानी भारतीय टेट बक ारा दनांक 28.09.2018 को जाँच क गई था, सभी ने वृ क े िलए पछले अनुरोध म उ लेख कया और यहां तक क इस यायालय क े सम दायर दो आवेदन म भी कया गया था। इन सभी प र थितय को यान म रखते हुए, एपीपीसीबी ारा दनांक 09.10.2018 क े लगभग दो साल बाद माण प या प जार करना, यह मा णत करना क संवीरा क े व तार क े दूसरे चरण ने अपनी मता म 1,30,000 एमट क वृ क थी, कोई नया बदलाव नह ं था। इन प र थितय म ख ड यायपीठ ारा आ े पत आदेश म य कया गया वचार उिचत था।
18. त य से पता चलता है क इस यायालय क े आदेश ने आर. पी. सी. क े आयात क बाहर सीमा 14 लाख टन ित वष िनधा रत क थी। यह ई. पी. सी. ए. ारा कए गए मू यांकन पर आधा रत था, जसम विभ न व तुओं और क चे माल (जैसे इ पात, ए यूमीिनयम, सीमट, लंकर और क ै सनर) क े उ पादन म लगे विभ न उ ोग और इकाइय क आव यकताओं का मू यांकन कया गया था। ईपीसीए ने उपयु ेणी क े घरेलू पेट-कोक क उपल धता, पयावरण और जलवायु पर सम भाव, इस व तृत पर ा पर इस तरह क े अिनवाय प से दूषण करने वाले बंध क े आधार पर इस यायालय को सूिचत कया गया क आयाितत आर. पी. सी. क े िलए 1.[4] एमएम. ट. क सीमा होनी चा हए।
19. ई. पी. सी. ए. जसने इस मु े क जांच क, ने इस यायालय को अपनी रपोट (सं या 91) म इस िचंता को उठाया क आर. पी. सी. एक अ यिधक दूषणकार धन हैः "ई.पी.सी.ए. क िचंता यह है क पेट कोक एक अ यिधक दूषणकार धन है और इसिलए, मह न क े वचार- वमश क े बाद इस धन क े आयात को िनयं त करने क े िलए एक समझौता हुआ है। उ ोग को द गई छ ू ट देश म इस धन क े उपयोग को िनयं त करने क े िलए कए जा रहे यास को नकारना नह ं चा हए। यह और भी मह वपूण है य क यह सुिन त करना मु कल है क उ ोग दहन क े िलए धन का उपयोग न कर या पेट कोक क े उपयोग से िनकलने वाला उ सजन क े कारण दूषण न हो।" उसी रपोट म ई.पी.सी.ए. क िसफा रश इस कार ह: क. 1.[2] का सनेर उ ोग पर ई.पी.सी.ए. क िसफा रश क ै लिसनर उ ोग को पेट कोक आयात करने क अनुमित द जानी चा हए य क इसका उ ोग इसका उपयोग धन क े िलए नह ं ब क फ ड टॉक क े िलए करता है। यह आयात आव यक है य क एनोड ेड पेट कोक देश म पया मा ा म उपल ध नह ं है।"
20. वीकाय प से, आयाितत आर. पी. सी. क मता और उपयोग क े संबंध म अनुमान उ ोग ारा दान कए गए आंकड़ पर आधा रत था। ई. पी. सी. ए. क रपोट म प प से कहा गया है क क ु ल मता 11.[7] लाख टन थी; इस आंकड़े पर पहुंचने पर ई. पी. सी. ए. ने संबंिधत दूषण िनयं ण बोड ारा जार संचालन क े िलए सहमित (सी. ट. ओ.) क े आधार पर मता पर यान दया। रेन सी. आई. आई. क े मामले म, मता 500,000 एम. ट. पी. ए. दज क गई, और संवीरा क े मामले म 2,00,000 एम. ट. पी. ए.। आयाितत पेट कोक क े िलए दशा-िनदश 10 िसतंबर 2018 को एक कायालय ापन ारा-एमओईएफ, भारत सरकार ारा से जार कए गए थे। संबंिधत दशा-िनदश नीचे दए गए ह "1. भारत म आयाितत पेटकोक क े िलए दशािनदश वदेश यापार महािनदेशक (ड. जी. एफ. ट.) दनांक 17.08.2018 क अिधसूचना क े अनुसार, धन क े प म उपयोग क े िलए पेटकोक का आयात िन ष है। हालां क, पेटकोक क े आयात क अनुमित िन निल खत उ ोग क े िलए द गई है, जैसे क सीमट, चूने का भ ठा, क ै शयम काबाइड और गैसीकरण, एक फ ड टॉक क े उपयोग क े िलए या क े वल िनमाण या म वा त वक उपयोगकता आधार पर नीचे द गई शत क े अनुसारः (1) पेटकोक आयात करने वाले उ ोग जैसे सीमट, जैसे चूने का भ ठा, क ै शयम काबाइड और गैसीकरण संबंिधत रा य दूषण िनयं ण बोड (एस. पी. सी. बी.)/ दूषण िनयं ण सिमितय (पी. सी. सी.) क सहमित और पंजीकरण ा करगे। (2) संबंिधत एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. ारा जार सहमित प प से ित माह और ित वष आधार पर आयात और इसक े उपयोग क े िलए अनुमत मा ा को िन द करेगी। (3) खंड (1) क े अनुसार एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. से वैध सहमित क े साथ क े वल पंजीकृ त औ ोिगक इकाइय को सीधे पेट कोक आयात करने क अनुमित द जाएगी और खेप क े वल अपने उपयोग क े िलए उपयोगकता औ ोिगक इकाइय क े नाम पर होगी। (4) यापार क े उ े य से पेट कोक क े आयात क अनुमित नह ं होगी। (5) पेटकोक क े अिधकृ त आयातक ितमाह आधार पर संबंिधत एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. को आयाितत पेटकोक का खोलते और बंद करते टॉक तुत करगे।"
21. जैसा क देखा जा सकता है, संबंिधत एस. पी. सी. बी. या पी. सी. सी. ारा जार सहमित म प प से यह बताना था क संबंिधत इकाई ारा आयात क े िलए कतनी मता या मा ा क अनुमित द गई थी। वतमान मामले म, यह ववा दत नह ं है क एपीपीसीबी ारा संवीरा क े प म जार सहमित (सीट ओ) ने क ु ल मता 2,00,000 ट पीए दज क । इस सी. ट. ओ. क दनां कत 24.04.2017 क ित अिभलेख पर रखी गई है, जसम िन नानुसार कहा गया हैः एस. न उ पाद मा ा
1. क ै सी ड पे ोिलयम कोक T P A 2,00,000
2. बजली का उ पादन 08 मेगावाट दलच प बात यह है क वह सीट ओ िन निल खत प म भी दज करता हैः "10. उ ोग इस आदेश म उ ल खत अनुमत मता से अिधक मता म वृ नह ं करेगा।"
22. य द कोई इन त य क े संदभ म ववाद को देखता है, तो जो प है वह यह है क सीट ओ ने 2,00,000 ट पीए पर संवीरा क मता का उ लेख कया है। संवीरा क थित यह है क एक अित र 1,30,000 ट पीए क े िलए सीट ओ को दनांक 29.11.2018 पर मंजूर द गई थी और इस तरह क मता क े िलए आवेदन 29.10.2018 पर कया गया था। इसने सबसे लंबे समय तक तक दया (असफल प से) क हालां क बढ़ हुई मता क े िलए सीट ओ दनांक 29.11.2018 पर जार कया गया था, वह मता वा तव म उस दनांक से पहले मौजूद थी। यह अपने लेनदार-भारतीय टेट बक ारा िनर ण रपोट और एपीपीसीबी क े िनर ण अिधकार क दनांक 03.10.2018 क रपोट पर बहुत अिधक िनभर था। इन त य का बार-बार उ लेख कया गया और इस यायालय क े सम दायर दो आवेदन स हत कई अवसर पर आ ह कया गया। हालाँ क इस यायालय का आदेश सामा य श द म दया गया है, ले कन त य यह है क बढ़ हुई मता का एक प संदभ दनांक 08.07.2019 पर दया गया था जसने प ीकरण क े दावे को खा रज कर दया था। प ीकरण क े िलए वह दावा अपनी उ पादन मता को 3,30,000 ट पीए तक बढ़ाने क े संबंध म संवीरा क यािचका पर आधा रत था। अपने आवेदन आई.ए. सं. 73242/2019 म, संवीरा ने इस कार तक दयाः "(ए) िसतंबर 2017 म आवेदक ने मता वृ क शु आत 200,000 से 330,000 एम. ट. पी. ए. तक क, जसम लगभग 40,000 एम. ट. पी. क. क मता वाली येक भ टयां शािमल ह और पावर वाइंट मता का व तार 8 मेगावाट से 16 मेगावाट तक कया गया है। (ख) आवेदक ारा क गई मता वृ क क ु ल लागत 75 करोड़. है जसम से ए जम बक से ऋण ारा से 50 करोड़ पये जुटाए गए ह। ए जम बक ारा जार कए गए ऋण मंजूर प क ित यहाँ संल न क गई है और इसे संल नक क-4 (पृ 30-56) क े प म िच त कया गया है। (ग) माच 2018 तक, आवेदक ने 40,000 ट. पी. ए. क पहली भ ट था पत कर ली थी और इसक क ु ल था पत मता 240,000 एम. ट. पी. ए. थी। दनांक 05.05.2018 और 13.08.2018 क बक बैठक क े संघ क े कायवृ ने यान दया ह क 240,000 एम. ट. पी. ए. मता दनांक 01.08.2018 से चालू थी यहाँ संल न कया गया है और संल नक क-ध (पृ 57-6) और संल नक क-6 (पृ 62-67) क े प म िच त कया गया है। बक क ं सो टयम ारा िनयु ऋणदाता इंजीिनयर क दनां कत 17.04.2018 क रपोट जसम कहा गया है क आवेदक ने 28.02.2018 तक 40,000 मी क टन क अित र सी. पी. सी. मता था पत और चालू क थी, यहाँ संल नक ए-7 (पृ 68-71) क े प म िच त है। (घ) जून 2018 तक, आवेदक क े पास क ु ल 330,000 एम. ट. पी. ए. क था पत उ पादन मता थी, जसने भ टय क थापना पूर कर ली थी ( जसम सी. पी. सी. उ पादन सु वधा शािमल है)। बजली संयं से संबंिधत काय पूरा होने क े अंितम चरण म थे। आवेदक ारा ऋणदाताओं को तुत क गई गित रपोट दनांक 30.06.2018 को यहाँ संल न कया गया है और संल नक क-8 क े प म िच त कया गया है (पृ 72-75)। रपोट म यह भी संक े त दया गया है क आवेदक ने 50 करोड़ पये क पूर वीकृ त ऋण रािश दनांक 30.06.2018 तक खच कर द थी। (ड) िसतंबर 2018 तक, आवेदक ने बजली संयं का व तार भी पूरा कर िलया था (टरबाइन थापना को छोड़कर)। टबाइन और ए. सी. सी. पूरा होने क े अंितम चरण थे, गित रपोट दनांक 30.09.2018 क तुत क गई आवेदक ारा ऋणदाताओं को यहाँ संल न कया गया है संल नक क-9 (पृ 76-79) क े प म िच त कया गया है। भारतीय टेट बक क 200,000 एम. ट. पी. ए. से 330,000 एम. ट. पी. ए. तक मता वृ क गित क सूचना देने वाली थल िनर ण रपोट दनांक 28.09.2018 को यहां संल न क गई है और संल नक क-10 (पृ 80-82) क े प म िच त क गई है। (च) दनांक 27.11.2018 पर एपीपीसीबी ने अित र मता क े संचालन क े िलए सहमित जार क । एपीपीसीबी ारा जार सहमित आदेश क ित दनांक 29.11.2018 को यहाँ संल नक क-11 (पृ 83-87) क े प म संल न कया गया है।"
23. यह रकॉड क बात है क एपीपीसीबी ने सीट ओ को क े वल 3,30,000 ट पीए क मा ा क े िलए 23.12.2019 को जार कया, संबंिधत आदेश एपीपीसीबी/वीएसपी/वीएसपी/305/एचओ/सीएफओ/2019। सीट ओ ( दनां कत 26.12.2019) का ासंिगक भाग इस कार हैः "यह सहमित आदेश क े वल इंिगत मा ा क े साथ िन निल खत उ पाद क े िनमाण क े िलए मा य हैः.सं. उ पाद मा ा
1. क ै सी ड पे ोिलयम कोक 3,30,000 टन/वा षक
2. बजली उ पादन 16 मेगावाट उ ोग को क ै सी ड पे ोिलयम 3,30,000 टन / वा षक उ पादन क े िलए फ़ ड टॉक क े प म पेट कोक क िन निल खत मा ा का उपयोग करने क अनुमित हैः पेट कोक मा ा 1 दन पेटकोक मा ा/मह ना पेटकोक मा ा/वष 1246.[7] टन 37400 टन 4,48,800 टन यह आदेश 'अिधिनयम ' और िनयम ' क े ावधान और उसक े तहत कए गए आदेश क े अधीन है और आगे इस आदेश से संल न अनुसूची क, ख और ग म शािमल िनयम और शत क े अधीन है।"
24. भारत सरकार क सुसंगत थित यह है क आर. पी. सी. का आवंटन करते समय इस यायालय क े दनांक 09.10.2018 क े आदेश क े बाद याओं ारा जोड़ गई कसी भी मता को यान म नह ं रखा जाएगा। यह दनांक 13.02.2020 पर कए गए आदेश क े कथन से प है जो िन नानुसार दज हैः (iii) सी. पी. सी. विनमाण उ ोग क े िलए क चे पेट कोक क े आयात क े िलए कोटा क े आवंटन क या को सावजिनक सूचना सं या 81/2015-20 दनां कत 23.03.2019 ारा अिधसूिचत कया गया था। सावजिनक सूचना क े अनुसार ड. जी. एफ. ट. म ई. एफ. सी. को आवेदक क े बीच कोटा का मू यांकन और आवंटन करना होता है। (iv) तदनुसार, ईएफसी क एक बैठक दनांक 05.04.2019 पर आयो जत क गई थी। आर. पी. सी. क े आवंटन म एक पता लाने क े िलए आनुपाितक आधार पर उ पादन मता क े अनुसार आवंटन आदेश का िनणय िलया गया। सिमित ारा अपनाए गए मानदंड म से एक यह था क आर. पी. सी. आवं टत करते समय उ चतम यायालय क े दनांक 09.10.2018 क े आदेश क े बाद आवेदक ारा जोड़ गई अित र मता पर वचार नह ं कया जाएगा। 14 लाख मी क टन क चे पेट कोक क े आवंटन पर वचार करने क े िलए दनांक 05.04.2019 पर आयो जत बैठक म सिमित ने पाया क मेसस रेन सी. आई. आई. काबन ( वजाग) िलिमटेड और मेसस संवीरा इंड ज िलिमटेड ने आर. पी. सी. क 4,88,000 एम. ट. और 1,30,000 एम. ट. क अित र आव यकता तुत क थी। सिमित ने आगे कहा क मैसस रेन सी. आई. आई. काबन ( वजाग) िलिमटेड और मैसस संवीरा इंड ज िलिमटेड भी 2019 क े आइए सं या 1451 और रट या. (िस) 13029/1985 म भारत क े सव च यायालय क े सम यािचकाकता थे, जहां माननीय सव च यायालय क े सम अनुरोध था - क. आवेदक क एस. ई. जेड. इकाई म सी. पी. सी. क े िनमाण क े िलए आर. पी. सी. क 14 लाख एम. ट. क आयात सीमा को ित वष 488,000 एम. ट. क अित र रािश से यादा/बढ़ाना और तदनुसार ड. जी. एफ. ट. और वा ण य मं ालय स हत अ य ािधकरण को यह अित र आर. पी. सी. आवेदक को आवं टत करने का िनदश देना। ख. आवेदक क एस. ई. जेड. इकाई क े िलए स म ण उ े य क े िलए सी. पी. सी. क 0.[5] लाख एम. ट. क आयात सीमा को 3,70,000 एम. ट. ित वष क अित र रािश से यादा/बढ़ाना, इस शत क े अधीन क आवेदक अपने सी. पी. सी. आयात क समक गुणव ा क े सी. पी. सी. का िनयात करता है और तदनुसार ड. जी. एफ. ट. और वा ण य मं ालय स हत अ य ािधकरण को आवेदक को यह अित र सी. पी. सी. आवं टत करने का िनदश देता है; और ग. वकास आयु, ए. पी. एस. ई. जेड. को आं देश वशेष आिथक े म आवेदक ारा था पत क जा रह एस. ई. जेड. इकाई क े िलए अनुमोदन प का व तार करने का िनदश देना, जो आवेदक ारा दनांक 31 अ टूबर, 2018 क े प /आवेदन क े मा यम से मांगा गया था; और घ. इस मामले क े त य और प र थितय म ऐसे आगे/आदेश पा रत करना उपयु और उिचत समझा जाए। () माननीय सु ीम यायालय ने अपने दनांक 28.01.2019 क े आदेश म आई.ए. सं या 168847/2018, 145112019 और 1847/2019 (रेन काबन क ओर से दायर), आईए सं. 12291/2019 (संवीरा इंड. िलिमटेड क ओर से दायर) और आईए नंबर 164303 (साक े त अगरवाल क ओर से दायर) और आई.ए. सं या 13210/2019 (गोवा काबन िलमटेड क ओर से दयार) का िनपटारा करते हुए आदेश दया था। क "इस यायालय ारा पा रत आदेश प है। इस यायालय ने क चे पेट कोक क े आयात क बाहर सीमा िनधा रत क है जो क ु ल िमलाकर ित वष 1.[4] मी क टन से अिधक नह ं हो सकती है। उपरो को यान म रखते हुए, व तार आ द क े आधार पर क जाने वाली ाथनाएँ पूर तरह से गलत ह और उन पर वचार नह ं कया जा सकता है। इन एल. ए. पर आगे कोई आदेश पा रत करने क आव यकता नह ं है। इ ह एत ारा खा रज कर दया जाता है। (vi) सिमित ने यह यान म रखते हुए क इन दोन आवेदक ारा आर. पी. सी. क अित र आव यकता क े अनुरोध को माननीय सव च यायालय ारा दर कनार कर दया गया है, िनणय िलया क वह माननीय सव च यायालय क े आदेश दनांक 09.10.2018 क े बाद इन दोन फम ारा जोड़ गई नई मता क े आधार पर कोई अित र गुणव ा दान नह ं कर सकती है। सिमित ने ई. पी. सी. बैठक क े कायवृ का ा प ( दनांक 05.04.2019 पर आयो जत) ड. जी. एफ. ट. क वेबसाइट पर अपलोड कया ता क आवेदक दनांक 15.04.2019 तक ितिनिध व ारा अपनी िशकायत, य द कोई हो, को रख सक े और अ यावेदन क े आधार पर य द कोई हो, सिमित िनणय लेगी और अंितम मा ा आवं टत करेगी।" उ ह ं द तावेज यानी कायवृ म यह भी दज कया गया है क संवीरा क अित र मता इस यायालय क े दनांक 09.10.2018 क े आदेश क े बाद बनाई गई थी।
25. इन सभी त य से, यह प है क संवीरा यह तक देता रहा क इसक मता 3,30,000 एम ट पी ए थी। दनां कत 13.02.2020 क बैठक क े कायवृ, अिधक आवंटन को सुर त करने क े यास म दनांक 09.10.2018 पर अपनी मता बढ़ाने क े िलए संवीरा ारा पछले यास का भी संक े त देते ह। इन सभी दलील को खा रज कर दया गया। इस पृ भूिम म, एकल यायाधीश ारा य कया गया वचार, क आवंटन क े िस ांत को सावजिनक सूचना, दनांक 17.04.2020 म क ु छ हद तक बदल दया गया था, मा य नह ं है। उस सूचना का ासंिगक भाग इस कार हैः "जैसा क ऊपर उ लेख कया गया है, कोटा ा करने क इ छा रखने वाली सभी पा सं थाएं दनां कत 15 माच 2019 क े यापार सूचना सं या 49 म उ ल खत या क े अनुसार आयात लाइसस क े िलए आवेदन कर सकती ह, साथ ह रा य दूषण िनयं ण बोड माण प (एस. पी. सी. बी.) / दूषण िनयं ण सिमित (पी. सी. सी.) जो इकाई क मता को 09.10.2018 ( रट यािचका सं या म माननीय सव च यायालय का आदेश) तक दशाता है और एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. से वैध सहमित माण प, जो उपयोगकता औ ोिगक इकाइय क े नाम पर मािसक और वा षक आधार पर आयात और इसक े उपयोग क े िलए अनुमत मा ा को दशाता है।" दलच प बात यह है क उस दन यानी दनांक 17.04.2020 को भी एपीपीसीबी ारा इस बात क कोई पु नह ं क गई थी क संवीरा क इकाई क े पास वह मता थी जसका उसने दावा (3,30,000 मी क टन सालाना) कया था। उस मता क े िलए सीट ओ क े वल दनांक 26.12.2019 को जार कया गया था। उस दन तक, यह दखाने क े िलए क ु छ भी नह ं था क पहले सीट ओ को जार करने क तार ख (यानी दनांक 24.02.2017) या दनांक 09.10.2018 से पहले क कसी भी तार ख से संशोिधत कया गया था। ऐसी पृ भूिम म, संवीरा ने दनांक 21.04.2020 को एपीपीसीबी को " प ीकरण" मांगते हुए िलखा: "सेवा म। पयावरण अिभयंता आं देश दूषण िनयं ण बोड े ीय कायालय, वशाखाप नम आं देश य महोदय, 21.04.2020 वषय: दनांक 09.10.2018 तक संवीरा इंड ज िलिमटेड क था पत मता को मा णत करने का अनुरोध य क क ै लिसनड पे ोिलयम कोक संवीरा इंड ज िलिमटेड ने िसतंबर 2018 तक अपनी क ै लिसनड पे ोिलयम कोक (सी. पी. सी.) उ पादन सु वधा का लाइन-2 व तार (130,000 एम. ट. पी. ए.) पूरा कर िलया था, इस कार रकॉड क े अनुसार इसक क ु ल उ पादन मता 200,000 एम. ट. पी. ए. से 330,000 एम. ट. पी. ए. हो गई। व वष 2020-2021 क े िलए क चे पे ोिलयम कोक क े आवंटन क े िलए, ड. जी. एफ. ट. ने दनांक 17 अ ैल 2020 को सावजिनक सूचना सं या 04/2015.20 क े मा यम से कहा है क रा य दूषण िनयं ण बोड से दनांक 09.10.2018 तक इकाई क मता का संक े त देने वाला माण प आव यक है। ए.पी.पी.सी.बी. ने ताज़ा उ साह क े साथ जवाब दया, दनांक 04.05.2020 पर, अ य बात क े साथ साथ, यह प करते हुए कः "उपरो प क े संदभ म, इस कायालय क े अिभलेख और िनर ण क े दौरान उपल ध अ य ासंिगक जानकार क जांच करने पर यह मा णत करते है क मैसस संवीरा इंड ज, चटमे टा गांव, वशाखाप नम जले क था पत मता दनांक 09.10.2018 पर क ै सी ड पे ोिलयम कोक क े िनमाण क े िलए 3,30,000 मी क टन ित वष थी और बजली उ पादन मता 16 मेगावाट थी।”
26. यह प व तुतः आवंटन क पूर णाली क समी ा क े िलए वेश ार बन गया। प प से, भारत सरकार ने पांच स ाह क े भीतर अपनी थित बदल द थी, य क लं बत रट यािचका म संवीरा ारा दायर एक आवेदन म दनांक 02.05.2020 क े आदेश म, अपने अिधव ा क े बयान क े मा यम से इसक थित यह थी क दनांक 17.04.2020 क े सावजिनक नो टस ारा आवंटन प ित म कोई बदलाव नह ं कया गया था: "4. सु ी मिनंदर आचाय, व ान ए. एस. जी. ने तुत कया क बार-बार आवेदक/यािचकाकता उसी राहत क मांग कर रहा है जसे सव च यायालय ने अ वीकार कर दया था और न क े वल त काल आवेदन ब क रट यािचका वयं यायालय क या का दु पयोग थी। व ान ए. एस. जी. ने तुत कया क क े वल इसिलए क एक सावजिनक नो टस जार कया गया था, आवेदक/यािचकाकता क े प म वाद हेतुक कोई नया कारण नह ं बनता और उसक िशकायत, य द कोई हो, का िनवारण क े वल सव च यायालय का दरवाजा खटखटाकर कया जा सकता है।
27. उपरो कथन क े बावजूद, बैठक क े कायवृ दनांक 03.06.2020 ने दनांक 04.05.2020 (ए.पी.पी.सी.बी ारा) क े प को ऐसा माना जैसे क संवीरा क मूल मता 3,30,000 एम. ट. पी. ए थी, सुसंगत थित क अनदेखी करते हुए, जसक े तहत उस भाव क े िलए इसक े दाव को पहले लगभग पांच बार खा रज कर दया गया था। इस पृ भूिम को यान म रखते हुए, एकल यायाधीश ने इस कार िन कष िनकालाः "37. उपरो सावजिनक सूचनाओं को पढ़ने से पता चलेगा क दनां कत 17.04.2020 सावजिनक सूचना म या संक े त दया गया है। जब क दनांक 26.11.2018 और 22.03.2019 क सावजिनक सूचनाओं क े संदभ म, पा सं थाओं को "इकाई क मता और एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. से एक वैध सहमित माण प " तुत करना था, दनां कत 17.04.2020 क सावजिनक सूचना क े संदभ म, पा सं थाओं को "रा य दूषण िनयं ण बोड माण प जो 09.10.2018 तक इकाई क मता को दशाता है और एस. पी. सी. बी./पी. सी. सी. से वैध सहमित माण प भी" तुत करना था। इसिलए, जब क दनांक 26.11.2018 और 22.03.2019 क े सावजिनक सूचनाओं म, आवेदक को अपनी उ पादन मता दखाने वाले द तावेज तुत करने थे, दनां कत 17.04.2020 सावजिनक सूचना म, क े वल रा य दूषण िनयं ण बोड से एक माण प जो दनांक 09.10.2018 पर इकाई क मता दशाता है, पया हो सकता है। दनांक 09.10.2018 पर उ पादन मता क े दावे का समथन करने क े िलए कसी अ य द तावेज़ को दनां कत 17.04.2020 क सावजिनक सूचना क े संदभ म यान म नह ं रखा जा सकता था।"
28. आ े पत िनणय का तक यह है क पहले भाग म माण प और दूसरे भाग म काम करने क सहमित क े बीच दनां कत सावजिनक सूचना क े संबंध म कोई अंतर (एकल यायाधीश क े िन कष क े वपर त) नह ं था। ख ड यायपीठ ने सह ढंग से नोट कया क 14 लाख मी क टन क े आयात क वा षक क ु ल सीमा दनांक 09.10.2018 तक क ु ल उ पादन मता पर आधा रत थी जो इस यायालय ारा सभी क ै लिसनर ारा कट क गई मता क े आधार पर तय क गई थी। यह भी देखा गया क एक एस. पी. सी. बी. क ै सन पे ोिलयम कोक क े उ पादन क अनुमित सीमा का संक े त दे सकता है। संवीरा क े िलए यह 2,00,000 एम. ट. पी. ए. था; कोक क े 3,30,000 एम. ट. पी. ए. क े उ पादन क सहमित 29 नवंबर 2018 क े बाद ह द गई थी। इसिलए, यायालय ारा इस पर वचार नह ं कया जा सकता था। ए. पी. पी. सी. बी. ारा जार कए गए दनां कत 04.05.2020 माण प ने क े वल यह मा णत कया क सी. ट. ओ. क े संदभ म संवीरा क था पत मता, 09.10.2018 पर, क ै सन पे ोिलयम कोक क े िनमाण क े िलए, 3,30,000 मी क टन ित वष थी। आर. पी. सी. का क ु ल आंकड़ा 14 लाख मी क टन का 09.10.2018 पर अनुमेय मता पर आधा रत था। इसिलए ख ड यायपीठ ने िन कष िनकाला क य द उ पादन मता म वृ हुई है, तो आनुपाितक ह सा इस यायालय ारा मंजूर क े बाद दया जाना था।
29. इस यायालय क यह सु वचा रत राय है क आ े पत िनणय ारा य कया गया कोण सह है। इस त य को छोड़कर क एपीपीसीबी ारा दनांक 04.05.2020 पर प ीकरण जार कया गया था, प र थितय म कोई बदलाव नह ं आया था; जस साम ी द तावेज पर वचार कया जाना था, वह सीट ओ था, जो संवीरा क े िलए ासंिगक अविध (यानी 09.10.2018 पर) 2,00,000 एमट ित वष था। इसक े अनुसार भी, वृ का दावा बाद म कया गया था, और बढ़ हुई मता क े िलए सीट ओ को 26.12.2019 पर जार कया गया था। इन प र थितय म, ए. पी. पी. सी. बी. का प ीकरण, क एक वशेष ितिथ पर, उ पादन मता 3,30,000 एम. ट. पी. ए. थी, का कोई प रणाम नह ं था, य क यह सी. ट. ओ. ह था जस पर पछली सभी बैठक म वचार कया गया था। इसिलए, ख ड यायपीठ क े जाँच प रणाम और िन कष को गलत नह ं ठहराया जा सकता है।
30. उपरो कारण से, यह अिभिनधा रत कया जाता है क आ े पत िनणय म ख ड यायपीठ क े जाँच प रणाम और िन कष म कोई कमी नह ं है। अपील वफल हो जाती ह, और तदनुसार, लागत पर आदेश क े बना खा रज कर द जाती ह।............................. या. [एस. रवीं भ ट]............................. या. [द पांकर द ] नई द ली 3 जुलाई, 2023 Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया गया है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।