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भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपील क्षेत्राति कार
आपराति क अपील संख्या 2338/2023
(विवशेष अनुमति याति(का (आपराति क) संख्या 9729/2018 से उत्पन्न)
महमूद अली .....अपीलार्थी5(गण)
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य ......प्रत्यर्थी5 (गण)
विनण<य
न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला
JUDGMENT
1. अनुमति प्रदान की गई।
2. यह अपील अपीलार्थी5 द्वारा दायर आपराति क प्रकीण< रिरट याति(का संख्या 28080/2018 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आदेश 05.10.2018 विदनांविक से उत्पन्न हुई है, जिजसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने रिरट याति(का को खारिरज कर विदया और इस रह र्थीाना विमर्ज़ाा<पुर, जिजला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश राज्य में पंजीक ृ प्रार्थीविमकी (एफआईआर) संख्या 165/2018 विदनांक 22.07.2018 को उत्तर प्रदेश विगरोहबन्द और असामाजिजक विQयाकलाप (रोकर्थीाम) अति विनयम, 1986 की ारा 2 और 3 क े ह दंडनीय अपरा ों क े लिलए रद्द करने से इनकार कर विदया। अस्वीकरण: “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण<य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबZति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण<य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विQयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" थ्यात्मक विबन्दु
3. विदनांक 22.07.2018 की प्रार्थीविमकी इस प्रकार हैः- "णिशकाय क ा< ने मौलिखक बयान विदया विक आज विदनांक 22.07.2018 को मैं लोक व्यवस्र्थीा को बनाये रखने हे ु कांस्टेबल 1852 योगेश शमा<, जीप (ालक अंक ु श क ु मार, कांस्टेबल 1877 नवीन क ु मार क े सार्थी गश् क े दौरान प ा (ला विक र्थीाना क्षेत्र क े अं ग<, अणिभयुक्त हाजी इकबाल उफ < बलाल पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद विनवासी ग्राम -विमजा<पुरपोल, र्थीाना मीरजापुर, जिजला सहारनपुर ने एक संयुक्त मजबू विगरोह बनाया है। उसक े विगरोह में महमूद अली पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद, अब्दुल वाजिजद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला और जावेद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला विनवासी ग्राम-विमजा<पुरपोल, र्थीाना मीरजापुर, जिजला सहारनपुर क े सविQय सदस्य हैं।इस विगरोह ने दहश फ ै लाकर और जन ा में भय पैदा करक े जमीनों पर अवै कब्जा कर लिलया है और जान से मारने की मकी दी है।जन ा में इन लोगों का इ ना खौफ है विक आम ौर पर कोई इनक े लिखलाफ र्थीाने में रिरपोट< करने और गवाही देने की विहम्म नहीं जुटा पा ा।आरोपी आईपीसी क े अध्याय 5 ए, 17 और 22 क े ह अपरा कर े हैं। प्राप्त सू(ना क े आ ार पर र्थीा विगरोह क े सरगना इकबाल उफ < बलाल र्थीा सदस्यों क े आपराति क इति हास क े आ ार पर गैंग(ाट< ैयार कर जिजला मजिजस्ट्रेट, सहारनपुर को अनुमोदन हे ु भेजा गया, जिजसकी स्वीक ृ ति बाद में प्राप्त हो गयी।अणिभयुक्त का आपराति क इति हास विनम्नानुसार है।1. हाजी इकबाल उफ < बाला पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद (उपरोक्त),1. मुकदमा अपरा संख्या 65/18 भा.दं.सं. की ारा 447,506 और 120 बी,2. मुकदमा अपरा संख्या 196/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 420,406 और 506, 2- महमूद अली पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद (उपरोक्त), 1-मुकदमा अस्वीकरण: अपरा संख्या 65/18 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447, 504 और 120B, 3-अब्दुल वाजिजद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त), 1-मुकदमा अपरा संख्या 196/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 420,406,506, 2-मुकदमा अपरा संख्या 318/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447, 4-जावेद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त), 1-मुकदमा अपरा संख्या 65/18 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447,506,120B। अणिभयुक्तों की आपराति क गति विवति यों पर विनयंत्रण रखने र्थीा गैंग लीडर इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त) र्थीा गैंग क े सदस्य महमूद अली, अब्दुल वाजिजद र्थीा जावेद (उपरोक्त) क े विवरूद्ध जन ा में भयमुक्त वा ावरण बनाने हे ु विगरोहबन्द अति विनयम की ारा 2/3 क े ह अपरा पंजीक ृ कराया जा रहा है।"
4. अपीलक ा< की ओर से विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री जिसद्धार्थी< दवे ने मुकदमा अपरा संख्या 165/2018 में कहा विक जां( पूरी होने पर जां( अति कारी ने विवशेष न्याया ीश (विगरोगबन्द अति विनयम)/अपर सत्र न्याया ीश, कक्ष संख्या 8, सहारनपुर क े समक्ष प्रकीण< मामले (अंति म रिरपोट<) संख्या 1/2019 में एक अंति म रिरपोट< विदनांक 08.05.2019 और एक अन्य अंति म रिरपोट< विदनांक 04.09.2020 की पूरक रिरपोट< क े आ ार पर दायर की, उन्होंने आगे कहा विक आदेश 23.12.2020 विदनांविक क े ह, अपर सत्र न्याया ीश ने मुकदमा अपरा संख्या 165/2018 में जां( अति कारी द्वारा दायर अंति म रिरपोट< को स्वीकार कर लिलया और काय<वाही बंद कर दी। अपीलक ा< की ओर से यह हमारे संज्ञान में लाया गया है विक अंति म रिरपोट< को मूल प्रर्थीम सू(नादा ा द्वारा (ुनौ ी नहीं दी गई है।
5. इस प्रकार, ऐसा प्र ी हो ा है विक उच्च न्यायालय द्वारा अपीलक ा< द्वारा दायर आपराति क प्रकीण< रिरट याति(का संख्या 28080/2018 को खारिरज करने क े अस्वीकरण: बाद, विववे(क द्वारा अंति म रिरपोट< दायर की गई र्थीी जिजसमें कहा गया र्थीा विक कणिर्थी अपरा ों क े लिलए अपीलार्थी5 क े लिखलाफ आगे बढ़ने क े लिलए कोई मामला नहीं बनाया गया र्थीा। उक्त अंति म रिरपोट< को अपर सत्र न्याया ीश द्वारा आदेश 23.12.2020 विदनांविक क े ह स्वीकार कर लिलया गया है, व <मान मामले में और क ु छ भी विनण<य लेने की आवश्यक ा नहीं है।
6. उपरोक्त को ध्यान में रख े हुए, इस अपील का विनस् ारण विकया जा ा है।
7. यह स्पष्ट करने की आवश्यक ा नहीं है विक इस विनण<य में की गई विटप्पणिणयाँ क े वल संबंति प्रार्थीविमकी और परिरणामी आपराति क काय<वाही क े उद्देश्य से प्रासंविगक हैं।इन विटप्पणिणयों में से विकसी का भी विकसी भी लंविब आपराति क अणिभयोजन या विकसी अन्य काय<वाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।....………………………… ( न्यायमूर्ति बी. आर. गवई)....………………………… (न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला) नई विदल्ली 08 अगस्, 2023 अस्वीकरण: