Mahmood Ali v. State of Uttar Pradesh and Others

High Court of Allahabad · 08 Aug 2023
B. R. Gavai; J. B. Pardiwala
Criminal Appeal No 2338 of 2023 @ Special Leave Petition No 9729 of 2018
criminal appeal_dismissed

AI Summary

The Supreme Court dismissed the appeal against the High Court's refusal to quash the FIR under the Gangsters Act and IPC, upholding the acceptance of the final report by the trial court.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपील क्षेत्राति कार
आपराति क अपील संख्या 2338/2023
(विवशेष अनुमति याति(का (आपराति क) संख्या 9729/2018 से उत्पन्न)
महमूद अली .....अपीलार्थी5(गण)
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य ......प्रत्यर्थी5 (गण)
विनण<य
न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला
JUDGMENT

1. अनुमति प्रदान की गई।

2. यह अपील अपीलार्थी5 द्वारा दायर आपराति क प्रकीण< रिरट याति(का संख्या 28080/2018 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आदेश 05.10.2018 विदनांविक से उत्पन्न हुई है, जिजसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने रिरट याति(का को खारिरज कर विदया और इस रह र्थीाना विमर्ज़ाा<पुर, जिजला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश राज्य में पंजीक ृ प्रार्थीविमकी (एफआईआर) संख्या 165/2018 विदनांक 22.07.2018 को उत्तर प्रदेश विगरोहबन्द और असामाजिजक विQयाकलाप (रोकर्थीाम) अति विनयम, 1986 की ारा 2 और 3 क े ह दंडनीय अपरा ों क े लिलए रद्द करने से इनकार कर विदया। अस्वीकरण: “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनण<य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबZति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण<य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विQयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" थ्यात्मक विबन्दु

3. विदनांक 22.07.2018 की प्रार्थीविमकी इस प्रकार हैः- "णिशकाय क ा< ने मौलिखक बयान विदया विक आज विदनांक 22.07.2018 को मैं लोक व्यवस्र्थीा को बनाये रखने हे ु कांस्टेबल 1852 योगेश शमा<, जीप (ालक अंक ु श क ु मार, कांस्टेबल 1877 नवीन क ु मार क े सार्थी गश् क े दौरान प ा (ला विक र्थीाना क्षेत्र क े अं ग<, अणिभयुक्त हाजी इकबाल उफ < बलाल पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद विनवासी ग्राम -विमजा<पुरपोल, र्थीाना मीरजापुर, जिजला सहारनपुर ने एक संयुक्त मजबू विगरोह बनाया है। उसक े विगरोह में महमूद अली पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद, अब्दुल वाजिजद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला और जावेद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला विनवासी ग्राम-विमजा<पुरपोल, र्थीाना मीरजापुर, जिजला सहारनपुर क े सविQय सदस्य हैं।इस विगरोह ने दहश फ ै लाकर और जन ा में भय पैदा करक े जमीनों पर अवै कब्जा कर लिलया है और जान से मारने की मकी दी है।जन ा में इन लोगों का इ ना खौफ है विक आम ौर पर कोई इनक े लिखलाफ र्थीाने में रिरपोट< करने और गवाही देने की विहम्म नहीं जुटा पा ा।आरोपी आईपीसी क े अध्याय 5 ए, 17 और 22 क े ह अपरा कर े हैं। प्राप्त सू(ना क े आ ार पर र्थीा विगरोह क े सरगना इकबाल उफ < बलाल र्थीा सदस्यों क े आपराति क इति हास क े आ ार पर गैंग(ाट< ैयार कर जिजला मजिजस्ट्रेट, सहारनपुर को अनुमोदन हे ु भेजा गया, जिजसकी स्वीक ृ ति बाद में प्राप्त हो गयी।अणिभयुक्त का आपराति क इति हास विनम्नानुसार है।1. हाजी इकबाल उफ < बाला पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद (उपरोक्त),1. मुकदमा अपरा संख्या 65/18 भा.दं.सं. की ारा 447,506 और 120 बी,2. मुकदमा अपरा संख्या 196/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 420,406 और 506, 2- महमूद अली पुत्र मोहम्मद अब्दुल वाविहद (उपरोक्त), 1-मुकदमा अस्वीकरण: अपरा संख्या 65/18 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447, 504 और 120B, 3-अब्दुल वाजिजद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त), 1-मुकदमा अपरा संख्या 196/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 420,406,506, 2-मुकदमा अपरा संख्या 318/17 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447, 4-जावेद पुत्र हाजी इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त), 1-मुकदमा अपरा संख्या 65/18 भार ीय दण्ड संविह ा की ारा 447,506,120B। अणिभयुक्तों की आपराति क गति विवति यों पर विनयंत्रण रखने र्थीा गैंग लीडर इकबाल उफ < बाला (उपरोक्त) र्थीा गैंग क े सदस्य महमूद अली, अब्दुल वाजिजद र्थीा जावेद (उपरोक्त) क े विवरूद्ध जन ा में भयमुक्त वा ावरण बनाने हे ु विगरोहबन्द अति विनयम की ारा 2/3 क े ह अपरा पंजीक ृ कराया जा रहा है।"

4. अपीलक ा< की ओर से विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री जिसद्धार्थी< दवे ने मुकदमा अपरा संख्या 165/2018 में कहा विक जां( पूरी होने पर जां( अति कारी ने विवशेष न्याया ीश (विगरोगबन्द अति विनयम)/अपर सत्र न्याया ीश, कक्ष संख्या 8, सहारनपुर क े समक्ष प्रकीण< मामले (अंति म रिरपोट<) संख्या 1/2019 में एक अंति म रिरपोट< विदनांक 08.05.2019 और एक अन्य अंति म रिरपोट< विदनांक 04.09.2020 की पूरक रिरपोट< क े आ ार पर दायर की, उन्होंने आगे कहा विक आदेश 23.12.2020 विदनांविक क े ह, अपर सत्र न्याया ीश ने मुकदमा अपरा संख्या 165/2018 में जां( अति कारी द्वारा दायर अंति म रिरपोट< को स्वीकार कर लिलया और काय<वाही बंद कर दी। अपीलक ा< की ओर से यह हमारे संज्ञान में लाया गया है विक अंति म रिरपोट< को मूल प्रर्थीम सू(नादा ा द्वारा (ुनौ ी नहीं दी गई है।

5. इस प्रकार, ऐसा प्र ी हो ा है विक उच्च न्यायालय द्वारा अपीलक ा< द्वारा दायर आपराति क प्रकीण< रिरट याति(का संख्या 28080/2018 को खारिरज करने क े अस्वीकरण: बाद, विववे(क द्वारा अंति म रिरपोट< दायर की गई र्थीी जिजसमें कहा गया र्थीा विक कणिर्थी अपरा ों क े लिलए अपीलार्थी5 क े लिखलाफ आगे बढ़ने क े लिलए कोई मामला नहीं बनाया गया र्थीा। उक्त अंति म रिरपोट< को अपर सत्र न्याया ीश द्वारा आदेश 23.12.2020 विदनांविक क े ह स्वीकार कर लिलया गया है, व <मान मामले में और क ु छ भी विनण<य लेने की आवश्यक ा नहीं है।

6. उपरोक्त को ध्यान में रख े हुए, इस अपील का विनस् ारण विकया जा ा है।

7. यह स्पष्ट करने की आवश्यक ा नहीं है विक इस विनण<य में की गई विटप्पणिणयाँ क े वल संबंति प्रार्थीविमकी और परिरणामी आपराति क काय<वाही क े उद्देश्य से प्रासंविगक हैं।इन विटप्पणिणयों में से विकसी का भी विकसी भी लंविब आपराति क अणिभयोजन या विकसी अन्य काय<वाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।....………………………… ( न्यायमूर्ति बी. आर. गवई)....………………………… (न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला) नई विदल्ली 08 अगस्, 2023 अस्वीकरण: