Dev Gupta v. PEC University of Technology

High Court of Punjab and Haryana · 14 Jul 2023
S. Ravindra Bhat
SLP (Civil) No. 15774 of 2023
administrative appeal_dismissed Significant

AI Summary

The court upheld the validity of a 75% minimum academic eligibility criterion for admission under the sports quota, dismissing the appellant's challenge as constitutionally permissible and non-arbitrary.

Full Text
Translation output
रपोटयो
भारत क
े सव ायालय म
िसिवल अपीलीय ायपािलका
िसिवल अपीलीय सं ा (एस) ऑफ________________ 2023
[एसएलपी (िसिवल) नंबर (स).15774 ऑफ 2023 से उ पन होती ई।
देव गु ा .........अपीलकता(गण)
बनाम
पीईसी ौ ोिगकी िव िव ालय और अ ..... उ रदातागण (गण)
िनणय
S.RAVINDRA BHAT,J.
JUDGMENT

1. िवशेष अनुमित दान करी गयी। यह अपील पंजाब और ह रयाणा उ ायालय 1 क े एक आदेश को चुनौती देती है। उ ायालय ने अपीलकता की रट यािचका को खा रज कर िदया िजसम एक उ ीदवार को 2 ितशत खेल कोटे क े तहत इंजीिनय रंग पा मों म वेश का दावा करने म स म बनाने क े िलए पा ता शत (यो ता परी ा म) क े प म ूनतम 75 ितशत क ु ल अंकों को लागू करने पर सवाल उठाया गया था।अपीलकता ने तक िदया था िक इस तरह की पा ता शत क े अचानक लागू होने से कोटा का उ े ही िवफल हो गया और प रणाम प यह मनमाना था।हालाँिक, उ ायालय ने उस यािचका को खा रज कर िदया िजसम अिधका रयों को एक मु े पर िवचार करने की आव कता थी। 1 िदनांिकत 14.07.2023 म सी.ड ू.पी सं ा 14594 ऑफ 2023

2. तकनीकी िश ा सिचव, चंडीगढ़ शासन (इसक े बाद "यूटीसी") ने िदनांक 07.01.2016 क े प ारा ितवादी िव िव ालय (इसक े बाद "िव िव ालय") को 2016-2017 (इसक े बाद "जोसा" क े प म संदिभत) से रा ीय र पर क ीय परामश णाली क े मा म से छा ों को वेश देने की मंजूरी दी। क शािसत देश ने लगातार इस ि या का पालन िकया था और चंडीगढ़ क े भीतर सं थानों म वेश इसक े िनयमों ारा िविनयिमत िकया जाता था। "जोसा" क े िलए वतमान शै िणक वष 2023-24 क े िनयम 07.06.2023 को एक िववरिणका क े मा म से जारी िकए गए थे।वे िनयम क शािसत देशों क े सं थानों पर लागू होते ह, िजनम ितवादी भी शािमल ह-िजनक े नाम का उ ेख म सं ा 25 म िमलता है।

3. इंजीिनय रंग पा मों म वेश क े िलए दान की गई पा ता मानदंड और वही नीचे िदया गया हैः "1. बारहवीं क ा (या समक ) बोड परी ा म कम से कम 75 ितशत क ु ल अंक ा िकए होने चािहए।एससी, एसटी और पीड ूडी उ ीदवारों क े िलए क ु ल अंक कम से कम 65 ितशत होने चािहए।" ितवादी ने चार आरि त ेिणयों क े िलए शै िणक वष 2023-24 क े िलए वेश िववरिणका जारी की।खेल उ ीदवारों क े िलए लागू पा ता मानदंड का उ ेख खंड 1 (बी) म िकया गया था िजसे नीचे िनकाला गया हैः "बी. उ ीदवार ने संबंिधत ीम और बोड की बारहवीं क ा (या समक ) परी ा म ूनतम 75 ितशत अंक ा िकए ह।"

4. स ह (17) सीट खेल ेणी (2 ितशत कोटे क े तहत) क े िलए िनधा रत की गई थीं। िव िव ालय को क ु ल 34 आवेदन ा ए-िजनम से 28 आवेदकों ने 75 ितशत और उससे अिधक अंक ा करने क े िलए पा ता मानदंड को पूरा िकया।शेष छह आवेदनों म अपीलकता क े आवेदन शािमल थे िज ोंने मूल 75 ितशत अंक ा नहीं िकए थे।इसक े अलावा, खेल ेणी की क ु ल 17 सीटों म से 16 सीट पहले ही यो उ ीदवारों को आवंिटत की जा चुकी ह और साम ी और धातुकम इंजीिनय रंग शाखा म आज की तारीख तक क े वल 1 सीट खाली ई है, िजसक े िलए 10.08.2023 को काउंसिलंग आयोिजत िकया जाना है।यह ीकार िकया जाता है िक क शािसत देश क े िलए लागू खेल नीित पहले कािशत की गई थी।

5. वेश क े उ े ों क े िलए उ ीदवारों को क ै से वग क ृ त िकया जाना था, यह इंिगत करने क े िलए िववरिणका म कई ेिणयों को सूचीब िकया गया था।इसम खेल कोटा क े उ ीदवार शािमल नहीं थे।वा व म, क शािसत देश चंडीगढ़ ने वेश क े िलए जोसा का पालन िकया; हालाँिक, खेल कोटा ेणी को जोसा काय म से बाहर रखा गया था। इसी तरह तीन अ ेिणयों यानी क ीरी वािसयों, बेटों/बेिटयों/सै /अधसैिनक किमयों क े जीवनसाथी और तं ता सेनािनयों क े ब ों और पोते-पोितयों क े िलए अलग से कोटा िनधा रत िकया गया था।

6. 24.06.2023 पर िववरिणका क े काशन क े बाद, ितवादी ने एक िव ापन जारी कर यो उ ीदवारों से आवेदन करने का आ ान िकया।अपीलकता ने अिधका रयों क े सम िशकायत की िक 27.06.2023 को पा ता की शत अवा िवक प से अिधक थी।कोई जवाब नहीं िमलने पर, उ ोंने एक रट यािचका दायर की, िजसे आ ेिपत आदेश ारा खा रज कर िदया गया।

7. ी पी.एस पटवािलया, िव ान व र अिधव ा ारा यह तक िदया जाता है िक 75 ितशत अंक ा करने की ूनतम पा शत, खेल कोटा दान करने क े उ े को िवफल कर देती है ोंिक यह मानता है िक अ सामा उ ीदवारों की तरह खलािड़यों क े पास भी शै िणक उ ृ ता की िड ी होगी जो सभी उ ीदवारों क े िलए आव क है।यह ुत िकया गया था िक खेलों म भाग लेने वालों क े साथ अलग वहार िकया जाना चािहए और 2 ितशत कोटा िवशेष प से इस उ े क े िलए बनाया गया था।इस संदभ म, यह बताया गया है िक जहां तक खेल कोटा उ ीदवारों का संबंध है, िववरिणका यं एक अंतर बताती है ोंिक ऐसे उ ीदवार जो ऊ ाधर आर ण क े िलए आवेदन करने क े यो ह; अनुसूिचत जाित और अनुसूिचत जनजाित (एससी/एसटी) को पा माने जाने क े िलए 65 ितशत अंक होने चािहए। यह ुत िकया गया था िक अतीत म भी, क शािसत देश ने परी ा म अहता ा करने क े िलए खेल कोटे म वेश पाने वाले उ ीदवारों क े िलए उ मानदंड नहीं लगाए थे।

8. िव ान अिधव ा ने यह भी बताया िक अतीत म, खेल कोटा िदशािनदशों म िनधा रत िकया गया था िक अंतर-से रिक ं ग िनधा रत करने क े उ े से िकन िनिद खेलों का वग करण िकया जाएगा और इसक े अलावा, आयोजनों क े कार, और पा ता और मू ांकन मानदंड का मागदशन करने वाली शत (जैसे िक संबंिधत खेलों म ितभािगयों की ूनतम सं ा, भागीदारी का र, यानी संबंिधत िनयामक बोड या संगठन/महासंघ, आिद ारा आयोिजत िजला, रा, रा ीय और अंतरा ीय काय म)। ये खेल उ ीदवारों की अंतर- ेणी रिक ं ग क े िनधारण दोनों का मागदशन और िविनयमन करते ह, तािक यह सुिनि त िकया जा सक े िक जो लोग शै िणक यो ता क े बजाय संबंिधत खेलों म उ द ता ा करते ह, उ िविधवत समायोिजत िकया जाए।

9. ितवादी की ओर से पेश ए ी संचार आनंद ने इस अदालत से ह ेप नहीं करने का आ ह िकया और कहा िक एडिमशन लगभग पूरी हो चुकी है।उ ोंने बताया िक इससे पहले भी, क शािसत देश ने यो ता परी ा म 75 ितशत ूनतम कट-ऑफ क े ासंिगक मानदंड पर जोर िदया था और खेल कोटे क े िलए 75 ितशत ूनतम मानदंड को उिचत ठहराते ए उ ायालय को ुत िकए गए एक नोट की ओर इशारा िकया था।यह तक िदया गया िक 2017-18 क े िलए, खेल ेणी क े उ ीदवारों क े िलए आव क ूनतम यो ता अंक 60 ितशत थे, इसे 2018-19 और 2019-20 वष क े िलए बढ़ाकर 75 ितशत कर िदया गया था। इसिलए, िव ान अिधव ा ने आ ह िकया िक इस तरह क े मानदंड क े आ ह म ाभािवक प से मनमाना या भेदभावपूण क ु छ भी नहीं है।उ ोंने दोहराया िक वतमान मामले म भी ा 34 आवेदनों म से 28 ने 75 ितशत की सीमा को पूरा िकया और एक (17 म से) को छोड़कर सभी सीट उनक े ारा भरी गई थीं।

10. िव ान अिधव ा ने आगे कहा िक खेल कोटे म आवंटन क े िलए ूनतम सीमा शैि क यो ता िवकिसत करना अिनवाय प से एक नीितगत मामला था िजसे क शािसत देश ने वतमान मामले म वैध प से योग िकया।उ ोंने ुत िकया िक इस ायालय क े ह ेप क े प रणाम प आज तक िकए गए आवंटन म बड़े पैमाने पर वधान होगा और ह ेप करना थ होगा ोंिक कई अ उ ीदवार िज ोंने आवेदन नहीं िकया होगा और जो अपीलकता से बेहतर हो सकते ह, उ िवचार से बाहर रखा जाएगा। िव ेषण और िन ष

11. िववरिणका क े अलावा, िजसक े ासंिगक उ रण ासंिगक ुितयों पर चचा करने से पहले िनधा रत िकए गए थे, चिलत खेल कोटे (नीित[2] म सि िहत) क े ासंिगक ावधानों का सं ेप म वणन करना आव क है। नीित क े पैरा 2 म कहा गया है िक इस खेल ेणी का लाभ उन लोगों क े िलए उपल होगा जो "चंडीगढ़ शासन ारा मा ता ा ू लों/कॉलेजों से अपनी यो ता परी ा उ ीण करते ह और िज ोंने ातक माण प क े िलए आवेदन करने से पहले कम से कम दो साल तक चंडीगढ़ क े ू लों या कॉलेजों म अ यन िकया है।" नीित म आगे यह िनधा रत िकया गया िक माण प ों की यो ता, यानी खेल माण प ों को ए, बी, सी और डी क े प म और अवरोही म म उिचत प से वग क ृ त िकया जाएगा। ेड ए म अंतररा ीय र क े खलाड़ी शािमल होते ह, िज ोंने देश का ितिनिध िकया या िज ोंने ओलंिपक खेलों, िव कप, टू नामट और उ तम र पर अंतरा ीय महासंघों ारा आयोिजत चिपयनिशप और रा मंडल खेलों म भारत का ितिनिध िकया। ेड बी म ऐसे खलाड़ी शािमल होते ह, िज ोंने िव िव िव ालय/अंतरा ीय ितयोिगताओं और ेड ए क े अलावा अ खेलों म भाग िलया, िजसम एिशयाई फ े डरेशन कप सिहत कम से कम 10 टीमों ने भाग िलया; ू ल गे या मा ता ा रा ीय चिपयनिशप, अंतरा ीय चिपयनिशप, रा महासंघ, अ खल भारतीय 2 िदनांिकत 05.05.2003 क शािसत देश चंडीगढ़ ारा जारी िकया गया। संयु िव िव ालय टीम आिद म पहले तीन थान ा िकए। ेड सी ने व र नाग रकों/अंतर-िव िव ालय ितयोिगताओं/महासंघ कप म भागीदारी को सूचीब िकया; जूिनयर रा ीय महासंघ अथात रा ीय िव ालय खेल, रा ीय िव ालय खेल म भाग लेने वाली क े वीएस टीम; मा ता ा चंडीगढ़ िव ालय खेल म पहले तीन थान (बशत कम से कम 7 टीमों ने भाग िलया हो) और ऐसी कई अ खेल ितयोिगताओं और काय मों म भाग िलया। ेड डी ने मा ता ा जूिनयर चिपयनिशप म व र रा ीय चिपयनिशप/रा ीय खेलों म भागीदारी; रा ीय िव ालय खेलों म भागीदारी आिद को सूचीब िकया।

12. नीित म आगे यह ावधान िकया गया है िक संबंिधत सं थान ारा रा रिक ं ग पर िवचार िकया जाएगा और मानदंडों को िन िल खत म म सूचीब िकया जाएगाः िकसी भी ितयोिगता म रकॉड धारक; िवजेता; उपिवजेता; तीसरा थान धारक; भाग लेने की सं ा; भाग लेने वाले िवषयों की सं ा)।अ मानदंड भी िलखे गए थे। नीित क े अनुसार, खेल ेणीकरण म उप-किन ेणी ितयोिगताओं म भाग लेने वालों को शािमल नहीं िकया गया है और यह िक रा /व र /किन /अंतर-महािव ालय ितयोिगता या अंतरा ीय ितयोिगताओं आिद म सात या उससे अिधक ितभािगयों क े साथ या रा ीय र पर कम से कम दस रा िव िव ालयों, यानी व र, किन और सभी िव िव ालय ितयोिगताओं म सात या उससे अिधक ितभािगयों क े साथ हािसल िकए जाने पर ही ा िकए गए थान होंगे।इसक े अलावा, नीित म यह िनधा रत िकया गया था िक आवेदकों का सा ा ार िलया जाएगा और संबंिधत िवषय म फी टे भी िदए जाएं गे, तािक वे अपने दावों क े समथन म ुत िकए गए शंसाप ों/ माणप ों की वा िवकता का आकलन कर सक।

13. वतमान मामले म 75 ितशत ूनतम यो ता मानदंड को उिचत ठहराते ए उस नोट को पुनः ुत करना भी आव क होगा िजसे चंडीगढ़ शासन ारा अनुमोिदत उ ायालय क े सम रखा गया था।क शािसत देश चंडीगढ़ की शत क े आधार पर ितवादी की वेश नीित से िनपटने क े िलए, नोट म अ बातों क े साथ-साथ इस कार कहा गया हैः -- "पी.ई.सी वष 2017 तक संयु वेश सिमित (जे. ए. सी.) चंडीगढ़ म भाग ले रहा था। सामा और खेल ेणी क े िलए जे.ए.सी 2017 की पा ता मानदंड समान था यानी 12 वीं क ा म कम से कम 60 ितशत अंक।तैयार संदभ क े िलए ितिलिप संल कर। -- क ीर घाटी म रहने वाले क ीरी वािसयों और क ीरी पंिडतों/क ीरी िहंदू प रवारों (गैर- वासी), खलािड़यों, बेटों/बेिटयों/सै /अधसैिनक किमयों क े जीवनसाथी, तं ता सेनािनयों क े ब ों/पोते-पोितयों क े िलए पी. ई. सी. ारा पालन िकए जाने वाले पा ता मानदंड इस कार ह- वेश का वष मा म से वेश वेश एजसी ारा थािपत 10+2 क े ासंिगक मानदंड पी.ई.सी ारा अनुसरण िकए जाने वाले 10+2 क े ासंिगक मानदंड िट िणयां 2017-18 जे.ए.सी चंडीगढ़ >= 60 ितशत > =60 ितशत वेश एजसी क े समान 2018-19 जोसा/सी.एस.ए.बी > =75 % > =75 % वेश एजसी क े समान 2019-20 जोसा/सी.एस.ए.बी > =75% >= 75 % वेश एजसी क े समान 2020-21 जोसा/सी.एस.ए.बी 10+2 उ ीण 10+2 उ ीण वेश एजसी क े समान 2021-22 जोसा/सी.एस.ए.बी 10+2 उ ीण 10+2 उ ीण वेश एजसी क े समान 2022-23 जोसा/सी.एस.ए.बी 10+2 उ ीण 10+2 उ ीण वेश एजसी क े समान 2023-24 जोसा/सी.एस.ए.बी > =75 % > =75% वेश एजसी क े समान  वेश ि या शु हो गई है और क ीरी घाटी म रहने वाले क ीरी वािसयों और क ीरी पंिडतों/क ीरी िहंदू प रवारों (गैर- वासी), खलािड़यों, बेटों/बेिटयों/सै /अधसैिनक किमयों क े जीवनसाथी, तं ता सेनािनयों क े ब ों/पोते-पोितयों की परामश क े िलए आवेदन करने की अंितम ितिथ 10.07.2023 थी और आगे की ि या जारी है। िक त ाल रट यािचका क े वल 13.07.2023 पर ारंिभक सुनवाई क े िलए आ रही है, जब वेश ि या पहले से ही चल रही है और इस कार, यािचका पर रोक लगा दी गई है। िक िववरण पि का पु मय है और इस र पर, यिद मानदंड बदल िदए जाते ह, तो पूरी वेश ि या म देरी हो जाएगी और यह पटरी से उतर जाएगी। शै िणक स 31.07.2023 से शु होने वाला है और उ ीदवारों को परी ा म बैठने क े िलए पा होने क े िलए कम से कम 75 ितशत ा ानों म भाग लेना होगा।"

14. अब यह हमारे संवैधािनक ायशा म िनिहत है िक समानता क े िस ांत क े िविभ और रत आयाम ह, िजनम से एक यह है िक अनु े द 14 क े तहत, "समान लोगों क े साथ समान वहार िकया जाना चािहए। असमानताओं क े साथ समान वहार नहीं िकया जाना चािहए।उिचत वग करण का गठन ेक मामले क े त ों, कानून ारा दान िकए गए संदभ, बोधग अंतर क े अ पर िनभर करना चािहए िजसक े कारण यों या चीजों को एक वग क े प म समूहीक ृ त िकया गया है और उन लोगों को छोड़ िदया गया है जो बोधग अंतर को साझा नहीं करते ह।इसम कोई संदेह नहीं है िक इसे ा करने क े साथ तकसंगत संबंध होना चािहए।"(संदभ मनीष क ु मार बनाम भारत संघ (यू.ओ.आई) और अ 3 )

15. इस अदालत ने आशुतोष गु ा बनाम राज थान रा 4 म बताया िक उिचत वग करण को क ै से लागू िकया जाना चािहएः 3 2021 (14) एससीआर 895 4 2002 (2) एससीआर 649 "6. कानून क े सम समानता की अवधारणा म सभी क े बीच पूण समानता का िवचार शािमल नहीं है, जो एक भौितक असंभवता हो सकती है।अनु े द 14 जो क ु छ भी गारंटी देता है वह उपचार की समानता है न िक समान उपचार की।समान कानूनों क े संर ण का मतलब यह नहीं है िक सभी कानून समान होने चािहए।कानून क े सम समानता का अथ है िक समान लोगों क े बीच कानून समान होना चािहए और समान प से शािसत होना चािहए और समान लोगों क े साथ समान वहार िकया जाना चािहए। कानून क े सामने समानता का मतलब यह नहीं है िक जो चीज अलग ह, उनक े साथ ऐसा वहार िकया जाएगा जैसे वे समान हों।यह सच है िक अनु े द 14 म आदेश िदया गया है िक समान प से थत लोगों क े साथ समान वहार िकया जाना चािहए, लेिकन िकतनी असमानता लोगों को समान प से वहार करने क े िलए अयो बनाएगी, यह एक िववादा द शन है।एक िवधाियका, िजसे मानव संबंधों की अनंत िविवधता से उ होने वाली िविवध सम ाओं से िनपटना होता है, क े पास िवशेष उ े ों को ा करने क े िलए िवशेष कानून बनाने की श होनी चािहए और उस उ े क े िलए उसक े पास यों और चीजों क े चयन या वग करण की बड़ी श यां होनी चािहए िजन पर ऐसे कानून काम करते ह। क े वल भेदभाव या वहार की असमानता समान संर ण खंड क े अवरोध क े भीतर भेदभाव क े बराबर नहीं है।रा क े पास हमेशा उस िवशेष िवषय क े िलए ासंिगक तकसंगत भेद क े आधार पर वग करण करने की श होती है िजससे िनपटा जाना है।अनुमेय वग करण की परी ा म उ ीण होने क े िलए, दो शत को पूरा िकया जाना चािहए, अथात्, (i) वग करण को एक बोधग अंतर पर आधा रत होना चािहए जो उन यों या चीजों को अलग करता है जो समूह से बाहर रह गए ह और (ii) उस अंतर का अिधिनयम ारा ा िकए जाने वाले उ े क े साथ एक तकसंगत संबंध होना चािहए। आव क बात यह है िक वग करण क े आधार और अिधिनयम क े उ े क े बीच एक संबंध होना चािहए। जब िकसी कानून को अनु े द 14 क े उ ंघन क े प म चुनौती दी जाती है, तो सबसे पहले क़ानून म अंतिनिहत नीित और उसक े ारा ा िकए जाने वाले उ े का पता लगाना आव क है।नीित और अिधिनयम क े उ े का पता लगाने क े बाद, अदालत को वैधता की जांच करने क े िलए एक दोहरी परी ा लागू करनी होगी, परी ण यह है िक ा वग करण तकसंगत है और एक बोधग अंतर पर आधा रत है जो यों या चीजों को एक साथ अलग करता है जो समूह से बाहर ह, और ा भेदभाव क े आधार का इसकी घोिषत नीित और उ े ों क े साथ कोई तकसंगत संबंध या संबंध है।इस अनु े द क े तहत िकसी कानून को िनर करने क े िलए, असमानता एक ही िवधान क े तहत या कानूनों क े एक ही समूह क े तहत उ होनी चािहए, िज एक साथ एक अिधिनयम क े प म माना जाना चािहए।एक ही िवषय क े संबंध म दो अलग-अलग ािधकरणों ारा िकए गए दो अलग-अलग अिधिनयमों क े प रणाम प असमानता अनु े द 14 क े तहत हमले क े िलए उ रदायी नहीं होगी। ज ू-क ीर रा बनाम ि लोकी नाथ खोसा5 म यह भी कहा गया है िक " ा िकया जाने वाला उ े " क े वल असमानताओं को अंधाधुंध प से थोपने का ढोंग नहीं होना चािहए और वग करण को "मनमाना या बेतुका" नहीं माना जाना चािहए।वकटे र िथएटर बनाम ए. पी.[6] रा म िनणय एक ऐसा िनणय है िजसम इस अदालत ने बताया िक भेदभाव क ै से उ होता है, यिद गैर-समान यों को समान माना जाता है, तो इस कारः "िजस तरह यों क े साथ समान प से वहार म अंतर भेदभाव की ओर ले जाता है, उसी तरह भेदभाव भी उ हो सकता है यिद असमान यों, यानी अलग थित वाले यों क े साथ समान वहार िकया जाए।.....असमान व ुओं, लेन-देन या यों क े साथ समान वहार का ावधान करने वाले कानून की भेदभावपूण क े प म िनंदा की जाएगी यिद कानून ारा ा िकए जाने वाले उ े क े साथ तकसंगत संबंध का अभाव है।

14,392 characters total

16. प चंद अदलखा बनाम िद ी िवकास ािधकरण 7 म िट िणयाँ ब त ही बोधग ह, और वतमान संदभ म ासंिगक ह; अदालत ने कहा था िक "वग करण की ि या अपने आप म असमानता का उ ादक है और उस अथ म समानता क े िवरोधी है। यह ि या संवैधािनक प से वैध होगी यिद यह पहले से मौजूद असमानता को पहचानती है और ऐसी पहले से मौजूद असमानता क े भावों को कम करने म सहायता करती है।लेिकन यह ि या अपने आप म असमानता को उ या बढ़ा नहीं सकती है "और चेतावनी दी िक वग करण क े िस ांत पर अ िधक जोर देना" या वग करण क े िलए क ु छ आधार खोजने का कोई भी िचंितत और िनरंतर यास धीरे-धीरे और अ प से लेख को इसकी ब मू साम ी से वंिचत कर सकता है और वग करण क े िस ांत ारा समानता क े िस ांत को बदलने म