Sunil Kumar v. State of Uttar Pradesh & Anr.

High Court of Allahabad · 03 Aug 2023
Sanjeev Vanna; Bela M. Vivedi
Appeal No. 2255 of 2023 (@ Special Permission Petition (Criminal) No. 4405/2018)
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The court quashed prolonged criminal proceedings arising from a minor office dispute to prevent harassment and abuse of the legal process.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपीलीय संख्या 2255 वर्ष 2023
(@ विवशेर्ष अनुमति याति(का (आपराति क) संख्या 4405/2018)
सुनील क
ु मार ...... अपीलक ा
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य और एक अन्य ..... प्रत्यर्थी8गण
विनणय
न्यायमूर्ति बेला एम. वि=वेदी,
JUDGMENT

1. अनुमति प्रदान की गयी।

2. व मान अपील मुख्य न्यातियक मजिBस्ट्रेट, फ़ ेहपुर (उ.प्र.) की अदाल में लंविब प्रकरण संख्या 3354/2015 क े संबं में आरोप प= क े सार्थी- अस्वीकरण: “क्षे=ीय भार्षा में अनुवाविद विनणय वादी क े अपनी भार्षा में समझने हे ु विनबNति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया Bा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणय का अंग्रेBी संस्करण प्रामाणिणक माना Bाएगा र्थीा विनष्पादन और विYयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" सार्थी संपूण कायवाही को रद्द करने की मांग कर े हुए अपीलक ा-आवेदक द्वारा दालि\ल प्रार्थीना प= संख्या 31175/2015 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 13.03.2018 क े विनणय और आदेश क े लि\लाफ दायर की गयी है, जिBसक े ह उच्च न्यायालय ने उक्त प्रार्थीना -प= को \ारिरB कर विदया है।

3. अपीलक ा उत्तर प्रदेश विवद्यु विनगम लिलविमटेड में सहायक अणिभयं ा क े रूप में काम कर रहा र्थीा और प्रत्यर्थी8 संख्या 2 याति(काक ा क े उक्त कायालय में (परासी क े रूप में काम कर रहा र्थीा। 11.09.2014 को अपीलक ा ने प्रभारी विनरीक्षक, को वाली सदर, जिBला फ ेहपुर क े समक्ष एक प्रार्थीविमकी दB कराई Bो प्रार्थीविमकी संख्या 509/2014 र्थीी। जिBसमें अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी यह आरोप लगाया गया र्थीा विक उनक े और प्रत्यर्थी8 सं. 2 क े बी( स्टोर से एक उपभोक्ता को दी Bाने वाली कु छ वस् ुओं क े संबं में झगड़ा हुआ र्थीा और प्रत्यर्थी8 संख्या 2 अ(ानक नाराB हो गया और अपीलक ा को गाली देना और मकी देना शुरू कर विदया और अपनी (प्पल से उस पर हमला करने की भी कोणिशश की। अगले विदन यानी 12.09.2014 को, प्रत्यर्थी8 संख्या 2 ने उक्त घटना क े संबं में उक्त पुलिलस स्टेशन क े समक्ष अपीलक ा क े लि\लाफ भी परिरवाद दB कराया और आरोप लगाया विक अपीलक ा ने उस पर हमला विकया, गालिलयां दी और उसे Bान से मारने की मकी भी दी।विववे(ना क े बाद, विववे(क ने ारा 323, 504 और 506 क े ह अपरा क े लिलए प्रार्थीविमकी संख्या 255/2014 क े संबं में अपीलक ा क े लि\लाफ आरोप प= प्रस् ु विकया। इसलिलए अपीलक ा ने उक्त कायवाही को रद्द करने क े लिलए उच्च न्यायालय अस्वीकरण: क े समक्ष प्रार्थीना -प= संख्या 31175/2015 दालि\ल विकया, जिBसे आक्षेविप आदेश क े माध्यम से \ारिरB कर विदया गया है।

4. अपीलक ा और प्रत्यर्थी8 संख्या 1- उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से विवद्वान अति वक्ता को सुना। प्रत्यर्थी8 संख्या 2 की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ है। यद्यविप विवति व ामील की गई र्थीी। संभव ः उनक े पास कहने और आपलित्त करने क े लिलए क ु छ नहीं है।

5. पक्षकारों क े विवद्वान अति वक्ताओं द्वारा दी गई दलीलों और अणिभले\ पर मौBूद दस् ावेBों को ध्यान में र\ े हुए, विवशेर्ष रूप से अपीलक ा और प्रत्यर्थी8 संख्या 2 द्वारा एक-दूसरे क े लि\लाफ दायर Yॉस परिरवादों को ध्यान में र\ े हुए, ऐसा प्र ी हो ा है विक कणिर्थी घटना अपीलक ा क े कायालय में 11.09.2014 को हुई र्थीी और प्रत्यर्थी8 संख्या 2 द्वारा दायर परिरवाद क े संबं में अपीलक ा क े लि\लाफ मुख्य न्यातियक मजिBस्ट्रेट फ ेहपुर (उ.प्र.) क े न्यायालय में आरोप प= दायर विकया गया र्थीा। उक्त मामला 2015 से उक्त न्यायालय में विबना विव(ारण क े लंविब है।

6. अपीलक ा क े लि\लाफ आरोपों की प्रक ृ ति को ध्यान में र\ े हुए Bो बहु ुच्छ प्रक ृ ति की हैं और इस थ्य पर विव(ार कर े हुए विक वर्ष 2015 में अपीलक ा क े लि\लाफ आरोप प= दायर विकए Bाने क े बाद से कायवाही में कोई प्रगति नहीं हुई है, न्यायालय की राय है विक कायवाही Bारी र\ना अपीलक ा क े लिलए अत्या(ार और उत्पीड़न होगा। उनक े कायालय में हुई इस रह की एक छोटी सी घटना को पक्षकारों द्वारा उस विदन ही हल विकया Bाना (ाविहए र्थीा, न विक इसे अब क बढ़ाया Bाना (ाविहए र्थीा। अस्वीकरण:

7. मामले क े उस दृविvकोंण में, अपीलक ा क े लि\लाफ मुख्य न्यातियक मजिBस्ट्रेट, फ ेहपुर (उ.प्र.) की अदाल में लंविब प्रकरण संख्या 3354/2014 की कायवाही को रद्द और अपास् विकया Bा ा है। अपील को अनुमति प्रदान की Bा ी है।.......................................... [न्यायमूर्ति संBीव \न्ना].......................................... [न्यायमूर्ति बेला एम. वि=वेदी] नई विदल्ली; 03.08.2023 अस्वीकरण: