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दािक ण्डिक अपीलीय क्षेत्रािधिकार
दािक ण्डिक अपील सर्ंख्या 1791 वषर 2011
मध्य प्रदेश राज्य
बनाम
शबाना बी.
िनणरय
आर. बानुमथी, न्यायमूर्तितर - भा.द.सर्ं. की धिारा 302 क
े अधिीन अपराधि क
े िलए
प्रत्युत्तरदाता अिभयुक को दोषिसर्िद क
े पलटने द्वारा व्यिथत होकर मध्य प्रदेश राज्य
ने यह अपील दािखिल की है।
JUDGMENT
2. प्रत्युत्तरदाता-अिभयुक और मृतका फरीदा पडिोसर्ी थे । घटना की तारीखि िदनांक 19.4.2004 को प्रत्युत्तरदाता-अिभयुक ने मृतका फरीदा पर क े रोिसर्न उड़ेला और उसर्े आग लगाया। प्रत्युत्तरदाता का िवचारण भा.द.सर्ं. की धिारा 302 क े तहत अपराधि क े िलए िकया गया ।
3. कायरपालक मिजिस्टरेट, तहसर्ीलदार (अ.सर्ा.13) द्वारा िलिखित मृतका का मृत्युकािलक कथन (प्र.पी-25) क े आधिार पर, िवचारण न्यायालय ने प्रत्युत्तरदाता को भा.द.सर्ं. की धिारा 302 क े अधिीन दोषिसर्द िकया और उसर्े आजिीवन कारावासर् सर्े दिक ण्डित िकया । अपील मे, उच्च न्यायालय ने िनिदरष िकया िक डिॉ. राक े श चौकसर्े(अ.सर्ा.9) द्वारा, िजिसर्क े सर्मक्ष मृतका बयान िदया िक उसर्े उसर्क े पडिोसर्ी शबाना(प्रत्युत्तरदाता) और नूर्तराफ्जिा द्वारा जिलाया गया, जिो माता और पुत्री थी, इसर्का अिभिलिखित प्रथम मृत्युकािलक कथन क े बीच असर्ंगित है, जिबिक कायरपालक मिजिस्टरेट, तहसर्ीलदार (अ. सर्ा.13) क े सर्मक्ष, िजिसर्ने 18.4.2004 को मृतका का मृत्युकािलक कथन अिभिलिखित िकया था, िजिसर्क े सर्मक्ष मृतका ने कहा था िक उसर्े शबाना (प्रत्युत्तरदाता) ने आग लगायी गयी थी। उच्च न्यायालय ने िनधिारिरत िकया है िक डिॉ. राक े श चौकसर्े (अ.सर्ा.9) क े सर्मक्ष मृतका क े कथन और तहसर्ीलदार(अ.सर्ा.13) द्वारा िलिखित मृत्युकािलक कथन (प्र.पी -25) क े बीच असर्ंगितयाँ है और सर्ंदेह का लाभ प्रत्युत्तरदाता-अिभयुक को िदया जिाएगा। जिब दो युिकयुक मत है और उच्च न्यायालय ने एक ऐसर्ा मत अपनाया है, जिो सर्त्य मत है, तब हम दोषमुिक क े आदेश मे हस्तक्षेप की उपेक्षा करते हुए कोई सर्ारभूर्तत आधिार नही पाते।
4. अपील तदनुसर्ार खिािरजि की जिाती है । आर. बानुमथी, न्यायमूर्तितर िवनीत सर्रन, न्यायमूर्तितर नई िदल्ली 29 अगस्त, 2018