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समक: भभारति कभा उच्चतिम न्यभायभालय
ससतवल अपपीलपीय असधिकभाररतिभा
ससतवल अपपील ससख्यभा ...10811/ 2018
एस. एल. पपी. (सपी.) ससख्यभा 9716/2018 सवे उदभभूति
कल्पनभा व्यभास ...... अपपीलभारर
बनभाम
रभाज क
क मभार रभावण ...... प्रत्यरर
तनणरय
न्यभायमभूततिर शपी अभय मननोहर सप्रवे
JUDGMENT
1. अनकमतति प्रदभान कक गई ।
2. यह अपपील रभाजस्रभान उच्च न्यभायभालय कक जयपकर खसडपपीठ दभारभा एस. बपी. ससतवल ररट यभातचकभा ससख्यभा 5403/2015 मम पभाररति असततिम तनणरय और आदवेश तदनभासक 02.01.2018 क वे तवरुद तनदरतशति हह सजसमवे उच्च न्यभायभालय नवे इस प्रत्यरर दभारभा दभासखल ररट यभातचकभा कनो अनकजभाति तकयभा हह । 2018 INSC 1012
3. अपपील मम शभातमल मकदभा छनोटभा हह क्ययोंतक मभामलवे क वे तिथ्यनोय एक ससककणर दभायरवे तिक तनतहति हह जनो तक नपीचवे क वे करननो सवे स्पस्ट हनोगभा।
4. अपपीलभारर, प्रभारर हह जबतक प्रत्यरर तकरभायभा तनयसत्रण न्यभायभासधिकरण, रभाजस्रभान क वे समक अपपीलभारर दभारभा प्रत्यरर क वे तवरुद दभासखल तनष्कभासन यभातचकभा मम गहर-आववेदक हह सजससवे यह अपपील उदभभूति हनोतिपी हह।
5. अपपीलभारर वभाद-पररसर क वे एक मकभान मभालतकन हह सजसनवे तकरभायभा असधिकरण, कनोटभा ( 84/2005) R क वे समक रभाजस्रभान तकरभायभा तनयसत्रण असधितनयम (ससतकप नभाम "असधितनयम") कक धिभारभा 9 क वे तिहति वभाद-पररसर क वे प्रत्यरर-तकरभायवेदभार क वे तवरुद, वभाद-पररसर सवे प्रत्यरर (तकरभायदभार) क वे तनष्कभासन कक प्रभाररनभा करतिवे हहए, तनष्कभासन यभातचकभा दभायर कक रपी। 6 अपपीलभारर नवे वभाद-पररसर सवे प्रत्यरर क वे तनष्कभासन कभा दभावभा अपनवे वभास्तितवक व्यतक्तिगति जरुरति क वे आधिभार पर तकयभा तक वभाद-पररसर मम तनमभारण कनो बढभानवे कक जरूरति हह, सजसकभा उपयनोग उसक वे बच्चयों क वे सलए और वभाद-पररसर मम अपपीलभारर क वे मवेहमभान क वे ठहरनवे क वे सलए हनोगभा।
7. प्रत्यरर नवे अपपीलभारर कक आवश्यकतिभा कनो इनकभार कर तदयभा और, अन्य बभातियों क वे सभार, यह तिक र तदयभा तक अपपीलभारर क वे पभास शहर मम एक वहकलल्पक आवभास हह और इससलए तनष्कभासन यभातचकभा मम उसकक कसरति जरूरति कक पभूततिर शहर मम उपलब्धि वहकलल्पक आवभास कभा उपयनोग करक वे पभूरपी कक जभा सकतिपी हह।
8. तकरभायभा असधिकरण, आदवेश तदनभासतकति 8.2.2011 क वे दभारभा, अपपीलभारर कक तनष्कभासन यभातचकभा कनो खभाररज कर तदयभा तक अपपीलभारर कक जरूरति कनो शहर मम उसक वे पभास उपलब्धि वहकलल्पक स्रभान सवे पभूरभा तकयभा जभा सकतिभा हह।
9. अपपीलभारर (मकभान मभालतकन) नवे व्यसरति महसभूस तकयभा और अपपीलपीय असधिकरण क वे समक अपपील (144/2014) दभायर कक। 12.2.2015 क वे आदवेश दभारभा अपपीलपीय असधिकरण नवे अपपील अनकजभाति तकयभा और तकरभायभा असधिकरण क वे आदवेश कनो अपभास्ति तकयभा और वभाद-पररसर क वे ससबसधि मम प्रत्यरर क वे सखलभाफ तनष्कभासन तडकक पभाररति कर तदयभा।
10. प्रत्यरर (तकरभायवेदभार) नवे तवककब्धि महसभूस तकयभा और रभाजस्रभान उच्च न्यभायभालय (जयपकर) क वे समक ररट यभातचकभा दभायर कक। आकवेतपति आदवेश क वे दभारभा, तवदभान न्यभायभाधिपीश कक एकल पपीठ नवे प्रत्यरर कक ररट यभातचकभा कनो अनकजभाति तकयभा और अपपीलपीय असधिकरण क वे आदवेश कनो अपभास्ति कर तदयभा और तकरभायभा असधिकरण क वे आदवेश कनो बहभाल कर तदयभा सजससवे मकभान मभालतकन दभारभा इस अदभालति मम अपपील दभासखल यह तवशवेष अनकमतति यभातचकभा( ) SLP कनो उदभूति हह।
11. अतित लघक प्रश्न जनो इस अपपील मम तवचभार करनवे क वे सलए यह उठतिभा हह तक क्यभा उच्च न्यभायभालय प्रत्यरर (तकरभायवेदभार) कक ररट यभातचकभा कनो अनकजभाति करनवे मम न्यभायनोतचति रभा, सजसमवे तकरभायभा अपपीलपीय न्यभायभासधिकरण क वे अपपीलपीय आदवेश कनो अपभास्ति तकयभा और तकरभायभा असधिकरण कनो सहपी ठहरभायभा ।
12. डड. मनपीष सससघवपी, अपपीलभारर कक ओर सवे असधिवक्तिभा और शपी पकरतवश सजतिमद मलकभान, प्रत्यरर कक ओर सवे असधिवक्तिभा कनो सकनभा।
13. पककभारयों क वे असधिवक्तिभागण कनो सकननवे क वे बभाद और मभामलवे क वे अतभलवेख क वे अवलनोकन क वे बभाद, हम अपपील कनो अनकजभाति करनवे क वे सलए इच्छ क क हह, और आकवेतपति आदवेश कनो ससशनोसधिति करतिवे हह और मभामलवे कनो पकनत गकण दनोष क वे आधिभार पर नए ससरवे सवे तनणरय करनवे क वे सलए तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण क वे पभास भवेजतिवे हह (144/2014)।
14. हमभारपी रभाय मम, यह मभामलभा तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण कनो वभापस करनवे कक आवश्यकतिभा हह क्यनोतक उच्च न्यभायभालय नवे प्रत्यरर कक ररट यभातचकभा कनो अनकजभाति करतिवे समय तनष्कषर तनकभालभा और तिदनकसभार यह धिभाररति तकयभा हह तक तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण नवे अपपीलभारर कक (मकभान मभालतकन) अपपील कनो एक आकलस्मक दृतष्टिकनोण क वे सभार अनकजभाति तकयभा और वभास्तितवक जरुरति क वे अतभवभाक पर स्पष्टि तनणरय सलखनवे मम तवफल रहभा हह, उच्च न्यभायभालय क वे आदवेश कभा प्रभभावपी असश तनम्नभानकसभार हह: - "उपरनोक्ति तिथ्य कनो ध्यभान मम रखतिवे हहए, मकझवे तकरभायभा असधिकरण क वे आदवेश कनो अपभास्ति करनवे क वे सलए, तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण क वे पभास कनोई कभारण नहह तमलतिभा हह । आकवेतपति आदवेश क वे अवलनोकन यह दशभारतिभा हह तक तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण नवे तकरभायभा असधिकरण क वे तनणरय कनो पलटनवे क वे सलए ससयनोतगक दृलश्टकनोण अपनभायभा हह और वनो भपी वभास्तितवक व्यतक्तिगति जरूरति क वे मकदभा कनो तबनभा ध्यभान मम रखवे हहए । तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण सवे पहलवे इस मकदवे क वे बभारवे मम तनणरय लवेनवे कक अपवेकभा रपी तक क्यभा प्रत्यरर कनो वभास्तितवक व्यतक्तिगति आवश्यकतिभा हह यभा नहह। तिदनकसभार, तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण दभारभा पभाररति आदवेश कनो अपभास्ति तकयभा जभातिभा हह" (जनोर तदयभा)
15. यह अवधिभाररति करनवे क वे बभाद, उच्च न्यभायभालय क वे पभास दनो तवकल्प रवे: पहलभा, यभा तिनो मभामलवे कनो तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण क वे पभास गकण दनोष क वे आधिभार पर कभानभून क वे मकतिभातवक नए ससरवे सवे तनणरय क वे सलए वभापस करतिभा, और दभूसरभा, मभामलवे पर गकण दनोष क वे आधिभार पर स्वयस तनणरय लवेतिभा।
16. चभूतक उच्च न्यभायभालय नवे ससतवधिभान क वे अनकच्छवेद 227 क वे तिहति अपनवे ररट कवेत्रभासधिकभार क वे तिहति इस मभामलवे कक सकनवभाई कक, और तिथ्यनोय कक तवस्तितृति जभासच जहसभा कक अपपीलपीय न्यभायभालय मम हनोतिभा हह, करनभा ससभव नहह रभा। इस कभारण सवे, हमभारपी रभाय मम, उच्च न्यभायभालय कनो पहलवे तवकल्प कभा सहभारभा लवेनभा चभातहए रभा और कभानभून क वे अनकसभार, गकण-दनोष क अपपील पर तनणरय क वे सलए मभामलवे कनो तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण कनो वभापस भवेज दवेनभा चभातहए रभा ।
17. अतित उच्च न्यभायभालय नवे तकसपी भपी तवकल्प कभा सहभारभा नहह लवेनवे कक त्रकतट कक और मभामलवे मम उत्पन मकदवे कनो गकणदनोष क वे आधिभार पर तनणरय तकए तबनभा, क वे वल तकरभायभा असधिकरण क वे आदवेश कनो बहभाल कर तदयभा।
18. उच्च न्यभायभालय क वे इस दृतष्टिकनोण सवे अपपीलभारर (मकभान मभालतकन) पर प्रततिक भू ल प्रभभाव पड़भा हह क्यनोतक वभास्तितवक जरुरति क वे सवभाल पर तिथ्यभात्मक तनष्कषर न तिनो प्ररम अपपीलपीय न्यभायभालय और न हपी उच्च न्यभायभालय क वे दभारभा तदयभा गयभा।
19. इस कभारण सवे हम उच्च न्यभायभालय क वे तनष्कषर कनो दृतष्टिकनोण और तिरपीकभा क वे ससबसधि मम सजसक वे दभारभा तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण नवे अपपीलभारर कक अपपील पर तनणरय तदयभा, बरकरभार रखतिवे हह, लवेतकन इस मभामलवे कनो तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण क वे पभास, गकणदनोष क कभानभून क वे अनकसभार तनणरय दवेनवे क वे सलए वभापस भवेजनवे क वे सलए उतचति और न्यभायससगति मभानतिवे हह।
20. पभूवर्वोक्ति चचभार क वे मदवेनजर, अपपील सफल हनोतिपी हह और अनकजभाति कक जभातिपी हह। आकवेतपति आदवेश कनो, मभामलवे कनो तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण क वे पभास वभापस भवेजनवे और अपपील कनो (ससख्यभा 144/2014) (पभूवर ससख्यभा 41/11) कभानभून और यनोग्यतिभा क वे आधिभार पर नए ससरवे सवे तनणरय लवेनवे क वे हद तिक, उपभासतिररति तकयभा जभातिभा हह।
21. चभूसतक मभामलभा वभास्तितवक जरूरति और तनष्कभासन सवे सम्बससधिति हह, इससलए तकरभायभा अपपीलपीय असधिकरण, इस अदभालति और उच्च न्यभायभालय दभारभा कक गई तकसपी भपी तटप्पतणययों सवे प्रभभातवति हहए तबनभा, कभानभून क वे अनकसभार छह महपीनवे क वे भपीतिर (एक बभाहरपी सपीमभा क वे रूप मम) अपपील पर तनणरय करवेगभा।
22. लसतबति आववेदन, यतद कनोई हनो, तनस्तिभाररति मभानपी जभाएगपी ।..................................... न्यभायमभूततिर अभय मननोहर सप्रवे,.................................... न्यभायमभूततिर इसदक मल्हनोत्रभा, नई तदलपी 29 अक्टभूबर, 2018