Raghubir Singh v. Rajasthan State

Supreme Court of India · 26 Oct 2018
Abhay Manohar Sapre; Indu Malhotra
Civil Appeal No 10781 of 2018 @ SLP (C) No 26294 of 2018
civil appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court set aside the Rajasthan High Court's summary dismissal of an intra-court appeal challenging land acquisition notifications and remanded the matter for fresh consideration of all issues.

Full Text
Translation output
भारत का सर्वोच्च न्यायालय
सिविल अपीलीय क्षेत्राधिकार
सिविल अपील संख्या 10781/2018
(एसएलपी (सी) संख्या 26294/ 2018 से उत्पन्न)
रघुबीर सिंह अपीलार्थी (गण)
बनाम
राजस्थान राज्य और अन्य प्रतिवादी (गण)
निर्णय
न्यायाधीश, अभय मनोहर सप्रे
JUDGMENT

1. अनुमति प्रदान की गई।

2. यह अपील डीबी विशेष अपील रिट संख्या 1598/2017 में राजस्थान उच्च न्यायालय क े दिनांक 04.12.2017 क े अंतिम निर्णय और आदेश क े विरुद्घ निर्देशित है, जिसमें उच्च न्यायालय ने विद्वत एकल न्यायाधीश द्वारा पारित अंतिम आदेश और फ ै सले को बरकरार रखते हुए अपीलकर्ता द्वारा दायर की गई याचिका का निस्तारण किया।

3. इस अपील क े निस्तारण क े लिए क ु छ तथ्यों का उल्लेख किए जाने की आवश्यकता है, जिसमें एक संक्षिप्त बिंदु शामिल है।

4. विवाद, जो इस अपील का विषय है, भूमि अधिग्रहण अधिनियम (संक्षेप में अधिनियम कहा जाता है) क े प्रावधानों क े तहत भूमि क े अधिग्रहण से संबंधित है।

5. अपीलकर्ता (रिट याचिकाकर्ता) द्वारा धारा 4 अधिसूचना जारी करने और बाद में कई तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर अधिनियम क े तहत जारी की गई अधिसूचनाओं को उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करक े चुनौती दी गई थी।

6. विद्वान एकल न्यायाधीश ने रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिस पर खण्ड पीठ क े समक्ष रिट याचिकाकर्ता द्वारा अंतर्न्यायालय अपील दायर की गई। आक्षेपित आदेश द्वारा, खण्ड पीठ ने अपील को खारिज कर दिया और विद्वत एकल न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा, जिस पर इस न्यायालय में अपील करने क े लिए विशेष अनुमति दाखिल की गई है ।

7. पक्षकारों क े विद्वान अधिवक्ता को सुनने क े बाद और मामले क े अभिलेख क े परिशीलन पर, हम अपील को मंजूर करने क े लिए विवश हैं और आक्षेपित आदेश को अपास्त करते हुए, विधि क े अनुसार गुणागुण क े आधार पर नए सिरे से निपटान क े लिए उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ को अंतर्न्यायालय अपील को प्रतिप्रेषित करते हैं।

8. हमारे सुविचारित विचार में, गुण-दोष क े आधार पर नए सिरे से अपने निर्णय क े लिए अपील को खंडपीठ में भेजने की आवश्यकता अन्य बातों क े साथ-साथ इस कारण से हुई है कि इसमें मामले में उत्पन्न होने वाले किसी भी मुद्दे पर विचार नहीं किया है और न ही ऐसा प्रतीत हुआ पार्टियों द्वारा आग्रह किए गए किसी भी प्रस्तुतीकरण और विशेष रूप से अपीलकर्ता द्वारा आग्रह किए गए प्रस्तुतीकरणों पर विचार किया है।

9. हमारी सुविचारित राय में, अंतर्न्यायालय अपील में तथ्यात्मक और विधिक मुद्दे शामिल थे, जिनका निर्णय एकल न्यायाधीश द्वारा किया गया था, इसलिए, एक बार जब उन्हें एक व्यथित पक्ष द्वारा अंतर-न्यायालय अपील में ले जाया गया और एकल न्यायाधीश क े आदेश की आलोचना करते हुए सेवा में लगाया गया, तो यह खण्ड पीठ क े लिए सभी मुद्दों पर कार्रवाई करने और मुद्दों को लागू कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपने निष्कर्षों को रिकॉर्ड करने का आग्रह किया गया।

10. तथापि, यह खण्ड पीठ द्वारा नहीं किया गया था और सरसरी तरीक े से, खण्ड पीठ ने अपील का निपटान किया, जिसक े परिणामस्वरूप उसे खारिज किया गया ।

11. हम इस तरह क े निपटान से सहमत होने में असमर्थ हैं और कानून क े अनुसार योग्यता क े आधार पर नए सिरे से अपील का निर्णय करने क े अनुरोध क े साथ आक्षेपित आदेश को दरकिनार करने और मामले को उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ को भेजने क े लिए इच्छ ु क हैं।

12. ऊपर वर्णित हमारे तर्क क े आलोक में मामले को प्रतिप्रेषित करने क े लिए एक राय बनाने क े बाद, हम मामले क े गुण-दोषों पर विचार करना उचित नहीं समझते हैं और, इसलिए, गुणदोष क े आधार पर अपने निर्णय क े लिए सभी मुद्दों को खण्ड पीठ द्वारा निपटाए जाने क े लिए छोड़ देते हैं।

13. पूर्वगामी चर्चा को ध्यान में रखते हुए, अपील सफल होती है और तदनुसार स्वीकार की जाती है। आक्षेपित आदेश को रद्द कर दिया जाता है। यह मामला (इंट्रा कोर्ट अपील) इस आदेश में हमारी किसी भी टिप्पणी से अप्रभावित गुणों पर अपने निर्णय क े लिए उच्च न्यायालय की खंडपीठ को भेजा जाता है। हम उच्च न्यायालय से अनुरोध करते हैं कि वह अपील को यथाशीघ्र अधिमानतः 6 महीने क े भीतर निस्तारित कर दे।

14. लंबित आवेदन (आवेदनों), यदि कोई हो, का निस्तारण किया जाता है। न्यायाधीश [अभय मनोहर सप्रे] न्यायाधीश [इंदु मल्होत्रा] नई दिल्ली, 26 अक्टूबर, 2018 यह अनुवाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल 'सुवास' क े जरिए अनुवादक की सहायता से किया गया है। अस्वीकरण: यह निर्णय पक्षकार को उसकी भाषा में समझाने क े सीमित उपयोग क े लिए स्थानीय भाषा में अनुवादित किया गया है और किसी अन्य उद्देश्य क े लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। सभी व्यावहारिक और आधिकारिक उद्देश्यों क े लिए, निर्णय का अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक होगा और निष्पादन और कार्यान्वयन क े उद्देश्य से भी अंग्रेजी संस्करण ही मान्य होगा।