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भारिीय सवोच्च न्यायालय
दाांडिक अपीलीय अधिकाररिा
दाांडिक अपील सां. 601/2009
क
े .अ.ब्यूरो ..............अपीलार्थी(यों)
बनाम
प्रताप चन्द्र रेड्डी .................प्रत्यर्थी(यों)
तिर्णय
अभय मिोहर सप्रे, न्यायािीश
JUDGMENT
1. यह अपील दिल्ली उच्च न्द्यायालय क े द्वारा िाांडडक पुनरीक्षण याचचका सां. 115/1999 में दिनाांक 04.10.2006 को पाररत ननणणय और आिेश क े खिलाफ़ िायर की गई है, जिससे उच्च न्द्यायालय ने प्रत्यर्थी द्वारा िायर पुनरीक्षण याचचका को इसक े सार्थ-सार्थ मांिूर ककया है |
2. इस न्द्यायालय ने अपने दिनाांक 26.03.2007 क े आिेश में उच्च न्द्यायालय क े आिेश की सटीकता क े प्रश्न तक ही सीममत होते हुए नोदटस िारी ककया है क्योंकक यह वविेशी अांशिान (ववननयमन) अचिननयम 1976 (इसमें इसक े पश्चात् से एफसीआरए (FCRA) कहा िायेगा) की अनुप्रयोचगता से सांबचित हैं |
3. हमने पादटणयों क े अचिवक्ताओां को सुना और प्रत्यर्थी द्वारा िायर मलखित कर्थनों को भी पढ़ा है |
4. इसमें कोई सांशय नहीां है कक यह मामला मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क े न्द्यायालय में, शीर्णक “क े.अ.ब्यूरो बनाम नेमी चांि िैन एवां अन्द्य” क े तहत ववचारािीन और लजबबत है, िो प्रत्यर्थी द्वारा ककये गए क ु छ आरोवपत िोर्ों से सांबांचित है िोकक भारतीय िण्ड सांदहता 1860 (इसमें इसक े पश्चात् से आईपीसी (IPC) कहा िायेगा) और एफसीआरए (FCRA) क े अिीन िांडनीय है |
5. हमारे अनुसार, प्रस्ट्तुत मामले में एफसीआरए (FCRA) क े उपबांिों क े उपयोिन से सांबांचित को तभी ननखणणत ककया िा सकता है, िब अमभयोिन, साक्ष्य और साम्रगी को, यदि कोई हो, मामले में अपीलार्थी क े ववरुि साक्ष्य क े रूप में प्रस्ट्तुत करेंगे |
6. इस मामले की शुरुआती कायणवादहयों क े स्ट्तर पर, यर्थोचचत सामग्री की कमी क े कारण, इस मुद्िे की िााँच और गुणागुणों क े आिार पर एक-पक्षीय ननणणय लेना उचचत या सांभव नहीां लगता है | इसी कारण से, हम, मुद्िे को, कायणवादहयों क े इस स्ट्तर पर परीक्षण करने से इांकार करते है और पाटी को यह हक़ िेते है कक वे इस याचचका को तब िायर करें िब अमभयोिन गुणागुणों क े आिार पर साक्ष्य प्रिान कर लें | रायल कोटण तब इस तथ्य को क े स का ननपटान करते हुए, ववचिनुसार ररकॉडण करेगा |
7. चूाँकक मुकद्िमा काफ़ी समय से लजबबत है, हम सांबचित मजिस्ट्रेट को मामले में ववचिनुसार आगे बढ़ने और इसको, इस आिेश क े िारी होने क े एक वर्ण क े भीतर, उच्च न्द्यायालय द्वारा आक्षेवपत आिेश और इस आिेश में िी गई ककसी भी दटपण्णी से प्रभाववत हुए बबना, ननपटान करने का आिेश िेते हैं | बजल्क, हम पूवण मलखित क े आलोक में, प्रत्यर्थी क े अचिवक्ता द्वारा िायर मलखित कर्थनों क े ववमभन्द्न तकों पर ज़ोर िेने पर भी, ककसी भी ववचार को ररकॉडण करने से, िुि को रोकते हैं |
8. इन्द्हीां ववचारों क े सार्थ, अपील का ननपटान ककया िाता है | अभय मनोहर सप्रे न्द्यायािीश इांिु मल्होत्रा न्द्यायािीश नई दिल्ली: 11 दिसबबर, 2018 अस्वीकरर्: िेशी भार्ा में ननणणय का अनुवाि मुकद्द्मेबाज़ क े सीममत प्रयोग हेतु ककया गया है ताकक वो अपनी भार्ा में इसे समझ सक ें एवां यह ककसी अन्द्य प्रयोिन हेतु प्रयोग नहीां ककया िाएगा| समस्ट्त कायाणलयी एवां व्यावहाररक प्रयोिनों हेतु ननणणय का अांग्रेज़ी स्ट्वरूप ही अमभप्रमाखणत माना िाएगा और कायाणन्द्वयन तर्था लागू ककए िाने हेतु उसे ही वरीयता िी िाएगी |