K. A. Bureau v. Pratap Chandra Reddy

Supreme Court of India · 11 Dec 2018
Abhay Manohar Sapre; Anju Malhotra
Criminal Appeal No. 601 of 2009
criminal appeal_dismissed

AI Summary

The Supreme Court dismissed the appeal and remanded the case to the trial court for expeditious adjudication based on evidence, emphasizing that no conclusive decision can be taken without sufficient material under IPC and FCRA.

Full Text
Translation output
प्रतिवेद्य
भारिीय सवोच्च न्यायालय
दाांडिक अपीलीय अधिकाररिा
दाांडिक अपील सां. 601/2009

े .अ.ब्यूरो ..............अपीलार्थी(यों)
बनाम
प्रताप चन्द्र रेड्डी .................प्रत्यर्थी(यों)
तिर्णय
अभय मिोहर सप्रे, न्यायािीश
JUDGMENT

1. यह अपील दिल्ली उच्च न्द्यायालय क े द्वारा िाांडडक पुनरीक्षण याचचका सां. 115/1999 में दिनाांक 04.10.2006 को पाररत ननणणय और आिेश क े खिलाफ़ िायर की गई है, जिससे उच्च न्द्यायालय ने प्रत्यर्थी द्वारा िायर पुनरीक्षण याचचका को इसक े सार्थ-सार्थ मांिूर ककया है |

2. इस न्द्यायालय ने अपने दिनाांक 26.03.2007 क े आिेश में उच्च न्द्यायालय क े आिेश की सटीकता क े प्रश्न तक ही सीममत होते हुए नोदटस िारी ककया है क्योंकक यह वविेशी अांशिान (ववननयमन) अचिननयम 1976 (इसमें इसक े पश्चात् से एफसीआरए (FCRA) कहा िायेगा) की अनुप्रयोचगता से सांबचित हैं |

3. हमने पादटणयों क े अचिवक्ताओां को सुना और प्रत्यर्थी द्वारा िायर मलखित कर्थनों को भी पढ़ा है |

4. इसमें कोई सांशय नहीां है कक यह मामला मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क े न्द्यायालय में, शीर्णक “क े.अ.ब्यूरो बनाम नेमी चांि िैन एवां अन्द्य” क े तहत ववचारािीन और लजबबत है, िो प्रत्यर्थी द्वारा ककये गए क ु छ आरोवपत िोर्ों से सांबांचित है िोकक भारतीय िण्ड सांदहता 1860 (इसमें इसक े पश्चात् से आईपीसी (IPC) कहा िायेगा) और एफसीआरए (FCRA) क े अिीन िांडनीय है |

5. हमारे अनुसार, प्रस्ट्तुत मामले में एफसीआरए (FCRA) क े उपबांिों क े उपयोिन से सांबांचित को तभी ननखणणत ककया िा सकता है, िब अमभयोिन, साक्ष्य और साम्रगी को, यदि कोई हो, मामले में अपीलार्थी क े ववरुि साक्ष्य क े रूप में प्रस्ट्तुत करेंगे |

6. इस मामले की शुरुआती कायणवादहयों क े स्ट्तर पर, यर्थोचचत सामग्री की कमी क े कारण, इस मुद्िे की िााँच और गुणागुणों क े आिार पर एक-पक्षीय ननणणय लेना उचचत या सांभव नहीां लगता है | इसी कारण से, हम, मुद्िे को, कायणवादहयों क े इस स्ट्तर पर परीक्षण करने से इांकार करते है और पाटी को यह हक़ िेते है कक वे इस याचचका को तब िायर करें िब अमभयोिन गुणागुणों क े आिार पर साक्ष्य प्रिान कर लें | रायल कोटण तब इस तथ्य को क े स का ननपटान करते हुए, ववचिनुसार ररकॉडण करेगा |

7. चूाँकक मुकद्िमा काफ़ी समय से लजबबत है, हम सांबचित मजिस्ट्रेट को मामले में ववचिनुसार आगे बढ़ने और इसको, इस आिेश क े िारी होने क े एक वर्ण क े भीतर, उच्च न्द्यायालय द्वारा आक्षेवपत आिेश और इस आिेश में िी गई ककसी भी दटपण्णी से प्रभाववत हुए बबना, ननपटान करने का आिेश िेते हैं | बजल्क, हम पूवण मलखित क े आलोक में, प्रत्यर्थी क े अचिवक्ता द्वारा िायर मलखित कर्थनों क े ववमभन्द्न तकों पर ज़ोर िेने पर भी, ककसी भी ववचार को ररकॉडण करने से, िुि को रोकते हैं |

8. इन्द्हीां ववचारों क े सार्थ, अपील का ननपटान ककया िाता है | अभय मनोहर सप्रे न्द्यायािीश इांिु मल्होत्रा न्द्यायािीश नई दिल्ली: 11 दिसबबर, 2018 अस्वीकरर्: िेशी भार्ा में ननणणय का अनुवाि मुकद्द्मेबाज़ क े सीममत प्रयोग हेतु ककया गया है ताकक वो अपनी भार्ा में इसे समझ सक ें एवां यह ककसी अन्द्य प्रयोिन हेतु प्रयोग नहीां ककया िाएगा| समस्ट्त कायाणलयी एवां व्यावहाररक प्रयोिनों हेतु ननणणय का अांग्रेज़ी स्ट्वरूप ही अमभप्रमाखणत माना िाएगा और कायाणन्द्वयन तर्था लागू ककए िाने हेतु उसे ही वरीयता िी िाएगी |