Mai Ahuja Dhaba v. Amrik Singh Ahuja

Supreme Court of India · 24 Jan 2019
R. Bhanumati; R. Subhash Reddy
Civil Appeal No. 1163 of 2007
property appeal_dismissed

AI Summary

The Supreme Court dismissed the appeal, upholding the Delhi Development Authority's lawful ownership and possession of the disputed property transferred from the Delhi Improvement Trust.

Full Text
Translation output
भारतीय सर्वोच्च न्यायालय
ससवर्वल अपीलीय अधिकाररता
सिविल अपील िं. 1163/2007
मै. आहुजा ढाबा अपीलार्थी(यों)
द्र्वारा अमरीक ससिंह आहुजा
बनाम
दिल्ली वर्वकास प्राधिकरण
द्र्वारा इसक
े उपाध्यक्ष एर्विं अन्य प्रत्यर्थी(यों)
आदेश
JUDGMENT

(1) हमने अपीलार्थी की ओर से उपस्थर्थत वर्वद्र्वान अधिर्वक्ता श्री चिंद्र शेखर तर्था प्रततर्वािी सिं. 1 दि.वर्व.प्रा. की ओर से उपस्थर्थत वर्वद्र्वान अधिर्वक्ता श्री वर्वष्णु बी. सहयय को सुन सलया है | हमने अधिर्वक्ताओिं द्र्वारा दिए गए तकों पर वर्वचार ककया है तर्था आक्षेवपत तनणयय तर्था असभलेख पर उपलब्ि अन्य तथ्यों को भी िेख सलया है | (2) र्वािी का मुकद्िमा यह है कक र्वह खसरा सिं. 958/29 में वर्वर्वादित सिंपवि क े दहथसे पर अब भी काबबज़ है, जो कक उसक े अनुसार अभी तक तनष््ािंत सिंपवि है | श्री सहयय ने इस तक य का खिंडन ककया और तनर्वेिन ककया कक वर्वर्वादित भूसम दिल्ली वर्वकास प्राधिकरण को उसक े पूर्वयर्वती दिल्ली सुिार ट्रथट द्र्वारा हथतािंतररत की गयी है | ऐसा बयान ककया गया है कक दि.वर्व.प्रा., दिल्ली सुिार न्यास का उिरर्वती तनकाय होने क े नाते अब वर्वर्वादित सिंपवि का थर्वामी (मासलक) है | (3) अधिर्वक्तागण क े तनर्वेिन पर वर्वचार करते हुए तर्था आक्षेवपत तनणयय र्व असभलेख पर अन्य तथ्यों को िेखते हुए, हमें उच्च न्यायालय क े आक्षेवपत आिेश में िखल िेने की आर्वश्यकता नज़र नहीिं आती | (4) तिनुसार अपील खाररज की जाती है | (5) इस आपील का खाररज होना, र्वािी को उसक े सलए क़ानून क े अिंतगयत ककसी अन्य उपाय, यदि कोई उपलब्ि हो, ढूूँढने में रुकार्वट नहीिं होगा | (6) लिंबबत आर्वेिन, यदि कोई हो, को भी तनपटाया जाता है |............. न्यायािीश (आर. भानुमती)............. न्यायािीश (आर. सुभाष रेड्डी) नई दिल्ली, 24 जनर्वरी, 2019 अथर्वीकरण: िेशी भाषा में तनणयय का अनुर्वाि मुकद्द्मेबाज़ क े सीसमत प्रयोग हेतु ककया गया है ताकक र्वो अपनी भाषा में इसे समझ सक ें एर्विं यह ककसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोग नहीिं ककया जाएगा| समथत कायायलयी एर्विं व्यार्वहाररक प्रयोजनों हेतु तनणयय का अिंग्रेज़ी थर्वरूप ही असभप्रमाणणत माना जाएगा और कायायन्र्वयन तर्था लागू ककए जाने हेतु उसे ही र्वरीयता िी जाएगी|